वागनर ग्रुप चीफ़ ने जारी किया ऑडियो, कहा- निशाने पर नहीं थे राष्ट्रपति पुतिन

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वागनर समूह के अध्यक्ष येवगेनी प्रिगोज़िन ने कहा है कि जब उन्होंने मॉस्को की तरफ़ मार्च का एलान किया था, तो उनका निशाना रूसी राष्ट्रपति पुतिन नहीं थे.
वागनर समूह का विरोध ख़त्म होने के बाद पहली बार उनका बयान आया है. 11 मिनट के एक ऑडियो में उन्होंने कहा, "मार्च का मक़सद वागनर को बर्बाद होने से बचाना और उन लोगों की जवाबदेही तय करना था जिनके उठाए गए ग़ैर-ज़िम्मेदाराना क़दम से कई ग़लतियां हुईं."
उन्होंने कहा कि वागनर को अफ़सोस है कि "उन्हें रूसी वायुसेना को निशाना बनाना पड़ा" और वो पीछे मुड़े क्योंकि वो "रूसी सैनिकों का खून नहीं बहाना चाहते थे."
उन्होंने कहा, "हम विरोध जताने के लिए मार्च कर रहे थे, सरकार गिराने के लिए नहीं."
वागनर विद्रोह को रोकने के लिए की गई डील की शर्तों के बारे में बोलते हुए, उन्होंने दावा किया कि समूह "1 जुलाई 2023 को वागनर को बंद करने और इसे रक्षा मंत्रालय में शामिल करने के निर्णय के स्पष्ट रूप से ख़िलाफ़ था."
उन्होंने कहा कि कमांडरों ने रूसी रक्षा मंत्रालय के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर करने के अनुरोध को स्वीकार करने से इनकार कर दिया. उनका दावा है उनके लगभग 30 लोग "रूसी हमलों में मारे गए" - बीबीसी ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है.
प्रिगोज़िन ने कहा कि बेलारूसी नेता अलेग्जेंडर लुकाशेंको ने डील में अहम भूमिका निभाई. उनके मुताबिक लुकाशेंको ने "अपना हाथ बढ़ाया और वागनर को अपना काम कानूनी रूप से जारी रखने के तरीके खोजने की पेशकश की." उन्होंने इससे जुड़ी ज़्यादा जानकारी नहीं दी.
प्रिगोज़िन ने टेलीग्राम पर शेयर किए गए ऑडियो संदेश में यह नहीं बताया कि वह कहां हैं. पहले ये बताया गया था कि डील के तहत प्रिगोज़िन बेलारूस जाने के लिए तैयार हो गए थे.

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पिछले हफ़्ते प्रिगोज़िन ने घोषणा की थी कि वो रूसी सेना के ख़िलाफ़ विद्रोह का रास्ता लेने जा रहे हैं.
येवगेनी प्रिगोज़िन की घोषणा से तिलमिलाए राष्ट्रपति पुतिन ने इसे ‘पीठ में छुरा घोंपने’ जैसा बताया था और रूस को ‘धोखा’ देने वालों को सज़ा देने की बात कही थी.
इसके बाद मॉस्को की ओर मार्च करने के लिए निकले प्रिगोज़िन ने वापस लौटने का फ़ैसला किया था.
वागनर ग्रुप भाड़े के लड़ाकों की एक प्राइवेट आर्मी है जो यूक्रेन में रूसी सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ती रही है. एक अनुमान के मुताबिक वहां वागनर ग्रुप के दसियों हज़ार लड़ाके मौजूद हैं.






















