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रूस पहुंचा अफ़्रीकी नेताओं का प्रतिनिधिमंडल, पुतिन से पहले ज़ेलेंस्की से की थी मुलाकात

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सेंट पीटर्सबर्ग में अफ़्रीकी नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया है.

लाइव कवरेज

अभिनव गोयल and स्नेहा

  1. आदिपुरुष के वो डायलॉग जिन पर हो रहा है विवाद

      • Author, सुप्रिया सोगले
      • पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए, मुंबई से

    निर्देशक ओम राउत की रामायण पर बनी फ़िल्म आदिपुरुष रिलीज हो चुकी है.

    पौराणिक कथा पर आधारित इस फ़िल्म में प्रभास और कृति सेनन ने राघव और जानकी का किरदार निभाया है. वहीं, सैफ़ अली खान और देवदत्त नाग रावण और बजरंबली के क़िरदार में नज़र आए हैं.

    फ़िल्म दर्शकों को लुभाती हुई दिख रही है लेकिन कुछ विवाद भी हो रहे हैं.

    आदिपुरुष के डायलॉग को लेकर एक तबके के बीच नाराज़गी का माहौल है. फ़िल्म के डायलॉग की भारी आलोचना हो रही है.

    डायलॉग जिन पर विवाद हैं...

    • लंका दहन से पहले इंद्रजीत (वत्सल सेठ) बजरंगबली (देवदत्त नाग) की पूंछ में आग लगाने से पहले कहते हैं -"जली ना अब और जलेगी. .... बेचारा जिसकी जलती है वही जनता है." बजरंबली - "कपड़ा तेरे बाप का! तेल तेरे बाप का! जलेगी भी तेरे बाप की."
    • बजरंगबली जब सीता से मिलने अशोक वाटिका जाते हैं, वहाँ उन्हें लंका का एक राक्षसी सैनिक बजरंगबली से कहता है - "तेरी बुआ का बगीचा है क्या जो हवा खाने चला आया."
    • लंका दहन के बाद जब बजरंगबली राम सेना के पास पहुँचते हैं तो लंका में हुए दहन की व्याख्या में कहते हैं- "लंका में बोलकर आया हूँ कि जो हमारी बहनों को हाथ लगाएंगे, उनकी लंका लगा देंगे."
    • विभीषण (सिद्धार्थ कार्णिक) जब रावण को समझाने जाते हैं, तब कहते है - "भैया आप अपने काल के लिए कालीन बिछा रहे हैं..."
    • लक्ष्मण को मूर्छित करने के बाद इंद्रजीत कहते हैं - "मेरे एक सपोले ने तुम्हारे शेषनाग को लंबा कर दिया अभी तो पूरा पिटारा भरा पड़ा है."
    • रावण विभीषण से कहता है - "अयोध्या में तो वो रहता नहीं. रहता तो वो जंगल में है. और जंगल का राजा शेर होता है. तो वो कहां का राजा है रे..."
  2. मोदी अमेरिका के बाद करेंगे मिस्र का दौरा, अल-सीसी का देश भारत के लिए क्यों है अहम?

  3. असम के 11 जिलों में आई बाढ़, केंद्रीय जल आयोग ने दी ये चेतावनी

      • Author, दिलीप कुमार शर्मा
      • पदनाम, गुवाहाटी से, बीबीसी हिंदी के लिए

    असम में आई बाढ़ से 11 जिले प्रभावित हुए हैं. असम राज्य आपदा प्रबंधन विभाग की एक रिपोर्ट के अनुसार, बाढ़ की चपेट में आए 77 गांवों में 34 हजार 189 लोग प्रभावित हुए हैं.

    असम में 10 जून को मॉनसून की दस्तक के बाद मौसम विभाग ने शुक्रवार सुबह तक 24 घंटे में 41 मिमी औसत बारिश दर्ज की है.

    असम के लखीमपुर जिले में बाढ़ के कारण सबसे अधिक नुकसान हुआ है.

    दरअसल जिले में दो नदियों पर बनी बांध के टूटने से स्थिति ज्यादा बिगड़ गई.

    लखीमपुर जिले के 22 गांव पानी में डूब गए हैं और इससे 23,500 से ज़्यादा लोग प्रभावित हैं.

    जिला प्रशासन ने बेघर हुए लोगों के लिए आठ राहत शिविर बनाए हैं.

    जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि बाढ़ पीड़ितों के लिए चावल, दाल, तेल, शिशु आहार आदि के साथ ही सैनिटरी नैपकिन, पशु चारा जैसी अन्य महत्वपूर्ण राहत सामग्री के उपाय किए गए हैं.

    इस बीच केंद्रीय जल आयोग ने पुथीमारी नदी और ब्रह्मपुत्र के कारण कामरूप और जोरहाट जिले में गंभीर बाढ़ की स्थिति का सामना करने की चेतावनी दी है.

    वहीं, सिक्किम में अचानक आई बाढ़ के बाद हुए भूस्खलन के कारण 2017 पर्यटक फंसे हुए है.

    सिक्किम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निदेशक प्रभाकर राय ने फंसे हुए पर्यटकों के बारे में जानकारी देते हुए बीबीसी से कहा, "उत्तरी सिक्किम में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण कुल 2017 पर्यटक फंसे हुए है जिनमें 23 बांग्लादाशी, 10 अमेरिकी और तीन सिंगापुर के नागरिक है.सभी पर्यटक सुरक्षित है और अब तक किसी भी तरह की जान-माल की क्षति नहीं हुई है."

    उत्तरी सिक्किम में बाढ़ के कारण उत्पन्न स्थिति की जानकारी देते हुए निदेशक राय कहते है, "जिला मुख्यालय मंगन से चुंगथांग जाने वाली सड़क पर पेगोंग के पास एक बड़ा नाला भारी बारीश के कारण पूरी तरह बह गया जिसकी वजह से वहां यातायात ठप हो गए. इस नाले के आगे आईटीबीपी कैंप है और वहीं आगे चुंगथांग है जहां लाचेन और लाचुंग नामक दो पर्यटन स्थल है."

    वह आगे बताते है, "16 जून को जब यह घटना हुई थी उस दौरान किसी भी तरह की जान-माल की क्षति की कोई रिपोर्ट नहीं है. यातायात बाधित होने के कारण सभी पर्यटक लाचेन और लाचुंग की होटलों में ठहरें हुए है.''

    भारत मौसम विज्ञान विभाग ने असम में 170 प्रतिशत अधिक वर्षा, मेघालय में 134 प्रतिशत अधिक वर्षा, सिक्किम में 122 प्रतिशत अधिक वर्षा, अरुणाचल प्रदेश में 102 प्रतिशत अधिक वर्षा की सूचना दी थी और मणिपुर और त्रिपुरा में 20 प्रतिशत से अधिक बारिश हुई है.

  4. बिहार: गलवान में जान गंवाने वाले सैनिक के परिजन का अंतहीन इंतज़ार- ग्राउंड रिपोर्ट

  5. 'आदिपुरुष' ने पहले दिन कमाई का बनाया ये रिकॉर्ड

    फ़िल्म 'आदिपुरुष' ने दुनिया भर में पहले दिन 140 करोड़ रुपये की कमाई की है. फ़िल्म निर्माताओं ने शनिवार को यह जानकारी दी.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, प्रोडक्शन कंपनी टी-सिरीज ने बताया कि आदिपुरुष हिंदी में बनी किसी फ़िल्म के मुकाबले देश भर में पहले दिन सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली फ़िल्म' बन गई है.

    इस फ़िल्म में प्रभास ने राघव, कृति सेनन ने जानकी और सैफ़ अली ख़ान ने लंकेश की भूमिका निभाई है.

    हिंदी, तेलुगु, तमिल, कन्नड़ और मलयालम भाषा में फिल्म को 6 हजार से ज्यादा स्क्रीन पर रिलीज किया गया है.

    हिंदी फ़िल्म ‘आदिपुरुष’ के कई डायलॉग को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद छिड़ा हुआ है जबकि सीता के किरदार से जुड़े एक डायलॉग को लेकर नेपाल में विवाद खड़ा हो गया.

    इस फ़िल्म में सीता को ‘भारत की बेटी’ बताया गया है. नेपाल की राजधानी काठमांडु के मेयर ने इसी डायलॉग पर आपत्ति जताई है. बालेंद्र शाह 'बालेन' ने फिल्म निर्माताओं से कहा है कि वे अपनी फ़िल्म में से इस डायलॉग को हटा दें.

    फ़िल्म की एडवांस बुकिंग को देखते हुए फ़िल्म विश्लेषकों ने बताया था कि फ़िल्म पहले दिन 80 करोड़ से ज़्यादा कमाई करेगी. ऐसा बताया जा रहा है कि इस फ़िल्म को बनाने में 500 करोड़ रुपये का खर्चा आया है.

  6. आरबीआई के नए क़दम से क्या नीरव मोदी और विजय माल्या जैसे लोग बच जाएंगे?

  7. अशोक गहलोत ने बताया, सरकारें कैसे गिराई जाती हैं?

      • Author, मोहर सिंह मीणा
      • पदनाम, जयपुर से, बीबीसी हिंदी के लिए

    मुंबई में हो रहे राष्ट्रीय विधायक सम्मेलन 2023 को राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित किया.

    सीएम गहलोत ने अपने संबोधन में फिर एक बार हॉर्स ट्रेडिंग का ज़िक्र किया है.

    उन्होंने कहा, "आजकल हॉर्स ट्रेडिंग से सरकारें गिराई जाती हैं और विधायक उनमें भागीदार बनते हैं. यह देश के लिए चिंता का विषय होना चाहिए."

    उन्होंने कहा, "हॉर्स ट्रेडिंग होगी, सरकारें गिराई जाएंगी तो फिर लोकतंत्र के मायने क्या रह जाते हैं."

    इस सम्मेलन में देशभर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के विधायक और विधान परिषद के सदस्यों ने हिस्सा लिया.

    सभी को संबोधित करते हुए सीएम गहलोत ने कहा, "कई बार लोग लोभ लालच में पार्टी बदल लेते हैं. ऐसा नहीं होना चाहिए क्योंकि नई पीढ़ी को गलत संदेश जाता है."

    "हमारी विचारधारा की लड़ाई है. किसी के साथ दुश्मनी नहीं है. यह ज़रूरी है कि हम अपनी विचारधारा के लिए प्रतिबद्ध रहे."

    उन्होंने कहा, "पहले के जमाने में सुनते थे कि विधानसभा या संसद के अंदर कितनी ही गर्मागर्म बहस होती थी, आरोप लगते थे. लेकिन, बाहर निकलते थे लॉबी के अंदर तो वही पक्ष और विपक्ष के लोग प्यार, मोहब्बत, भाईचारे रखते थे, हंसी मज़ाक करते थे."

    "ये जो टेंडेंसी थी, आज उसे फिर से लाने की आवश्यकता है. आज धीरे धीरे दुश्मनी में बदलती जा रही है, इतना तनाव दिखता है पक्ष विपक्ष के अंदर, उसको समाप्त करने के लिए केंद्र और राज्यों में सत्ता दल की जिम्मेदारी है कि पहल करे."

    सीएम अशोक गहलोत ने पाकिस्तान का ज़िक्र करते हुए कहा, "देश की आज़ादी को 75 साल हो गए. 75 साल में देश में लोकतंत्र कायम और मज़बूत रहा है. पाकिस्तान हमारे साथ आज़ाद हुआ, बार-बार सैनिक शासन लगा. लोकतंत्र की हत्या हुई."

  8. अरब जगत में बढ़ता चीन का दबदबा भारत के लिए चिंता की बात?

  9. केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह में लगे सोने पर विवाद, आखिर सच क्या है?

    केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह में लगे सोने को लेकर जारी विवाद के बीच मंदिर समिति ने सफाई दी है.

    प्रेस नोट जारी कर केदारनाथ मंदिर समिति के कार्याधिकारी बद्रीनाथ ने बताया कि मंदिर के गर्भगृह में एक दानदाता ने करीब 23 किलो सोना लगाया था. इस सोने का वर्तमान मूल्य बाजार करीब 14.38 करोड़ रुपये है.

    मंदिर समिति का कहना है कि इस काम में कॉपर प्लेटों का भी इस्तेमाल किया गया था जिसका वजन करीब 1 हजार किलो है, जिसकी कीमत 29 लाख रुपये है.

    समिति ने उन खबरों को भ्रामक बताया है जिनमें ये दावा किया जा रहा था कि मंदिर के गर्भगृह में एक अरब पंद्रह करोड़ रुपये का सोना लगा हुआ है. मंदिर प्रशासन ने इसका खंडन किया है.

    साथ ही इस तरह की खबरों को फैलाने वालों के खिलाफ समिति कानूनी कार्रवाई भी करने जा रही है.

    दरअसल, चारधाम महापंचायत के उपाध्यक्ष आचार्य संतोष त्रिवेदी ने आरोप लगाया है कि मंदिर में सोने के नाम पर घोटाला हुआ है और मंदिर में लगा पीतल में बदल गया है.

    इन आरोपों के बाद केदारनाथ मंदिर समिति को अपनी सफाई देनी पड़ी.

  10. टीएन शेषन: राजीव गांधी के अलावा जिन्होंने हर नेता से ली टक्कर - विवेचना

  11. नितिन गडकरी को जब मिला था कांग्रेस में शामिल होने का ऑफर, तो उन्होंने क्या कहा था?

    केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता नितिन गडकरी ने कहा है कि कांग्रेस में शामिल होने की एक राजनेता की सलाह पर उन्होंने कहा था कि उस पार्टी में शामिल होने के बजाय वे कुएं में कूदना पसंद करेंगे.

    केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने ये भी दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार में पिछले नौ साल में देश में कांग्रेस के 60 साल की तुलना में दोगुना काम हुआ है.

    वे शुक्रवार को महाराष्ट्र के भंडारा में मोदी सरकार के नौ साल पूरे होने के मौके पर एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे.

    इस संबोधन में उन्होंने बीजेपी के साथ काम करने के शुरुआती दिनों को याद किया और पार्टी की यात्रा के बारे में बताया.

    कांग्रेस के दिवंगत नेता श्रीकांत जिचकर की एक सलाह का जिक्र करते हुए नितिन गडकरी ने कहा, "जिचकर ने एक बार मुझसे कहा था कि तुम एक अच्छे पार्टी कार्यकर्ता हो और नेता हो और अगर तुम कांग्रेस में शामिल हो जाओगे तो तुम्हारा भविष्य उज्ज्वल होगा."

    श्रीकांत जिचकर की इस सलाह पर गडकरी ने बताया कि उन्होंने तब ये जवाब दिया था, "लेकिन मैंने तब उनसे कहा कि मैं कांग्रेस में शामिल होने के बजाय कुएं में कूदना पसंद करूंगा क्योंकि मुझे भारतीय जनता पार्टी और उसकी विचारधारा पर बड़ा भरोसा है और मैं उसके लिए काम करता रहूंगा."

  12. मध्य प्रदेश: बजरंग दल कार्यकर्ताओं पर चलाईं लाठियां, 24 घंटे के अंदर पुलिस अफ़सरों का तबादला- प्रेस रिव्यू

  13. सिक्किम में बारिश का कहर, दो हजार से ज्यादा पर्यटक फंसे

    लगातार भारी बारिश के चलते उत्तरी सिक्किम में दो हजार से ज्यादा पर्यटकों के फंसे होने की खबर है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार से लगातार बारिश हो रहा है और सड़कों पर लंबा जाम लगा हुआ है.

    अधिकारियों का कहना है कि उत्तरी सिक्किम के जिला मुख्यालय मंगन से चुंगथांग जाने वाली सड़क पैंगोंग सप्लाई खोला में अवरुद्ध है, जिससे ट्रैफिक में दिक्कतें आ रही हैं.

    यही वजह है कि यहां 1975 घरेलू और 36 विदेशी पर्यटक लाचेन और लाचुंग क्षेत्रों के होटलों में फंसे हुए हैं.

    विदेशी पर्यटकों में से 23 बांग्लादेश, 10 अमेरिका और 3 सिंगापुर के रहने वाले हैं.

    इसके अलावा उत्तरी सिक्किम के अलग अलग इलाकों में 345 चारपहिया वाहन और 11 मोटर साइकिल भी फंसी हुई हैं.

    अधिकारियों का कहना है कि बारिश रुकने के बाद सड़कों की सफाई का काम शुरू हो जाएगा.

  14. मणिपुर में हिंसा क्यों नहीं रोक पा रही है मोदी सरकार?

  15. गुजरात के जूनागढ़ में दरगाह को लेकर हिंसा और आगजनी, एक की मौत

    गुजरात के जूनागढ़ ज़िले में एक दरगाह को लेकर हुए विवाद के बाद हिंसक झड़प हो गई, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हुई है और कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, जूनागढ़ ज़िला प्रशासन के अतिक्रमण हटाओ अभियान की जद में आई एक दरगाह को लेकर स्थानीय लोग नाराज़ थे जिसके बाद वहां हिंसा हुई.

    हिंसा में शामिल एक समूह की तरफ से हुई पत्थरबाज़ी में एक व्यक्ति की मौत हो गई और कम से कम पांच पुलिसवाले घायल हो गए हैं. भीड़ ने एक गाड़ी को भी आग के हवाले कर दिया.

    जूनागढ़ के मजेवड़ी दरवाजा के पास शुक्रवार रात को ये घटना हुई. पुलिस ने भीड़ पर काबू पाने के लिए आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया.

    पुलिस का कहना है कि जिस व्यक्ति की मौत हुई है, उसके मरने की वजह पोस्टमार्टम के बाद ही सामने आ पाएगी, लेकिन ऐसी आशंका है कि भीड़ की ओर से चलाए गए पत्थर से चोट लगने के कारण उसकी मौत हुई होगी.

    जूनागढ़ के एसपी रवि तेजा वासमशेट्टी ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, "14 जून को जूनागढ़ नगर निगम ने मजेवड़ी दरवाजा के पास की एक मस्जिद को नोटिस जारी किया था कि वो ज़मीन पर अपनी मिल्कियत साबित करने के लिए दस्तावेज़ पेश करे. इस नोटिस से नाराज़ होकर 500-600 लोगों की भीड़ दरगाह के पास इकट्ठा हो गई और शुक्रवार को उन्होंने रास्ता जाम कर दिया."

    उन्होंने बताया कि मौके पर मौजूद जूनागढ़ के डीएसपी और अन्य सरकारी कर्मचारियों ने वहां इकट्ठा लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन शांति पूर्ण हल के लिए घंटे भर की कोशिश के बाद जब वहां खड़ी भीड़ को हटाया जा रहा था तभी उनकी तरफ़ से पत्थरबाज़ी की गई. ये रात के सवा दस बजे के करीब की घटना है.

    एसपी के मुताबिक क्षेत्र में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए भारी पुलिसबल तैनात किया गया है.

  16. बिहार में झुलसती गर्मी से लोगों का बुरा हाल, कब तक मिलेगी राहत?

      • Author, सीटू तिवारी
      • पदनाम, पटना से, बीबीसी हिंदी के लिए

    बिहार में प्रचंड गर्मी ने जनजीवन बेहाल कर रखा है. राज्य में पारा कहीं-कहीं 44 डिग्री को छू रहा है.

    हालांकि मौसम विभाग के मुताबिक इस प्रचंड गर्मी से जल्द ही लोगों को थोड़ी राहत मिलने के आसार है.

    बीते दिन राज्य में सबसे ज़्यादा तापमान शेखपुरा जिले में 44.2 डिग्री, खगड़िया में 43.9 डिग्री, पटना में 43.6 डिग्री और जमुई में 43.2 डिग्री रिकॉर्ड किया है.

    राज्य के ज़्यादातर ज़िलों में तापमान 40 डिग्री से ऊपर ही रहा जबकि किशनगंज में सबसे कम 32 डिग्री रिकॉर्ड किया गया.

    राजधानी पटना में पड़ रही भीषण गर्मी के चलते ज़िलाधिकारी चंद्रशोखर सिंह ने वहां 12वीं तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को 24 जून तक बंद करने का आदेश दिया है.

    स्थानीय अखबारों में मुताबिक बीते कुछ दिनों में हीटवेव के चलते आठ लोगों की मौत हो चुकी है.

    20 जून से पूरे राज्य में गर्मी से राहत

    मौसम विज्ञान केन्द्र पटना के वरिष्ठ वैज्ञानिक आशीष कुमार ने बीबीसी हिंदी को बताया, "18 जून से हीट वेव की तीव्रता में कमी के आसार है. अभी राज्य के दक्षिण पश्चिम ज़िलों यानी औरंगाबाद, गया, रोहतास, कैमूर और बक्सर में हीट वेव का रेड अलर्ट है. वहीं इससे सटे हुए जिले पटना, गोपालगंज और जहानाबाद में हीटवेव का ऑरेंज अलर्ट है."

    मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक 18 जून के बाद हीट वेव की तीव्रता कम होने के बाद 19 जून को हीट वेव का असर औरंगाबाद, गया, रोहतास और कैमूर तक ही सीमित रहेगा.

    19 जून से ही राज्य के उत्तरी हिस्से में 'आइसोलेटड थंडरस्टॉर्म' यानी छिटपुट बादलों के गरजने के साथ बौछारों की स्थिति बनेगी. जो बाद में 20 जून तक राज्य के दक्षिण पूर्वी हिस्से यानी बांका और भागलपुर में विस्तार पाएगी.

    कुल मिलाकर 20 जून से पूरे राज्य को गर्मी से राहत मिलने का आसार है.

    खेती पर पड़ रहा है असर

    मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक सिर्फ़ किशनगंज ही ऐसा ज़िला है जहां प्री मॉनसून सामान्य बारिश हुई है.

    सुपौल, अररिया और कटिहार में छिटपुट बारिश और बाकी राज्य के सभी 34 ज़िलों में 'नो रेन' यानी बारिश एकदम नहीं हुई है.

    बारिश की कमी और प्रचंड गर्मी के चलते राज्य में 21 फीसद ही धान लग पाई है, जिसका सीधा असर धान के उत्पादन और फसल चक्र पर पड़ेगा.

    पटना शहर से सटे बिहटा के किसान अमरजीत बताते है, "बोरिंग के सहारे धान लगाई गई थी, लेकिन उसमें भी 50 परसेंट झुलस गई. कई बार पटवन किया लेकिन खेत में नमी ही नहीं ठहर रही. खेत में दरारें पड़ गई है."

    वहीं, कटिहार जहां बड़े पैमाने पर जूट की खेती होती है, वहां भी किसान बदहाल है. जिले में बारसोई प्रखंड के मौलानापुर गांव के मुन्नवर आलम ने एक एकड़ में जूट की खेती अप्रैल में शुरू की थी.

    वे बताते हैं, "अबकी बार 11 जून तक एकदम ही बारिश नहीं हुई. पहले पटवन मौसम की बारिश कर देती थी अबकी दफे बोरिंग से करवाई है. अब थोड़े समय बाद पता चलेगा कि कितना नुकसान हुआ है."

  17. फ़लस्तीनी युवाओं की नाराज़गी क्यों बढ़ रही है? देखिए यह रिपोर्ट

    पैलेस्टीनियन सेंटर फ़ॉर पॉलिसी एंड सर्वे रिसर्च ने क़रीब एक दशक तक 18 से 28 साल तक के नौजवानों की बदलती राय पर नज़र रखी है.

    इसका कहना है कि उनके रिसर्च से पता चलता है कि इस पीढ़ी के नौजवान जिन्हें फ़लस्तीनी अथॉरिटी के पक्ष या विरोध में वोट डालने का कभी मौक़ा नहीं मिला, वो अपने ही नेतृत्व को ख़त्म किए जाने का समर्थन करते हैं.

    बीबीसी संवाददाता नवाल अल-मक़फ़ी की यह ख़ास रिपोर्ट.

  18. नेहरू म्यूजियम का नाम बदलने पर बोले शिवसेना नेता संजय राउत- बीजेपी सरकार...

    नेहरू मेमोरियल म्यूजियम एवं लाइब्रेरी सोसाइटी का नाम बदलकर प्रधानमंत्री म्यूजियम एंड लाइब्रेरी सोसाइटी करने पर शिवसेना (उद्धव ठाकरे) के नेता संजय राउत ने प्रतिक्रिया दी है.

    उन्होंने कहा, "म्यूजियम का नाम चेंज करने की जरूरत नहीं है...पंडित नेहरू ऐसी शख्सियत हैं जिन्होंने आजादी की लड़ाई और उसके बाद देश को बनाने में पूरा, पूरी ताकत लगाई और अपना योगदान दिया."

    "नाम तो उनका ही होना चाहिए, लेकिन और भी प्रधानमंत्री इस देश में हुए हैं. लाल बहादुर शास्त्री, अटल जी, इंदिरा जी हों. इनका भी अपना अपना योगदान रहा. अगर आप सभी प्रधानमंत्रियों को स्थान देना चाहते हैं तो आपका स्वागत है."

    उन्होंने कहा कि केंद्र की बीजेपी सरकार पंडित नेहरू के नाम से नफरत करती है और इसलिए नाम बदला जा रहा है.

    कांग्रेस ने क्या कहा?

    कांग्रेस के कई नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं.

    कांग्रेस का कहना है कि नेहरू मेमोरियल का नाम बदलकर मोदी सरकार ने अपनी संकीर्ण मानसिकता का परिचय दिया है.

    कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, ''जिनका कोई इतिहास ही नहीं है, वो दूसरों के इतिहास को मिटाने चले हैं.''

    ''मोदी सरकार की बौनी सोच, 'हिन्द के जवाहर' का भारत के प्रति विशालकाय योगदान कम नहीं कर सकती!''

    वहीं, कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा, ''नेहरू मेमोरियल म्यूजियम एंड लाइब्रेरी इसका मूल नाम है लेकिन अब आप इसे बदलकर प्रधानमंत्री म्यूजियम एंड लाइब्रेरी सोसाइटी कर रहे हैं."

    उन्होंने कहा, ''चीजों को स्वीकार करने की भावना गायब है. यह सब सारी चीजों को ख़त्म करने के बारे में है.''

  19. तमिलनाडु बीजेपी के सचिव एसजी सूर्या गिरफ्तार, क्या है पूरा मामला

    तमिलनाडु में मदुरै ज़िले की साइबर अपराध पुलिस ने भाजपा के राज्य सचिव एसजी सूर्या को शुक्रवार रात गिरफ्तार किया है.

    कुछ दिन पहले उन्होंने मदुरै के सांसद एस वेंकटेशन के खिलाफ एक ट्वीट किया था जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है.

    ट्वीट में, सूर्या ने वेंकटेशन पर एक सफाई कर्मचारी की मौत के बाद कार्रवाई न करने का आरोप लगाया था.

    उन्होंने सांसद पर आरोप लगाते हुए लिखा था, "आपकी अलगाववाद की नकली राजनीति से नाले की बदतर बदबू आ रही है. एक इंसान के रूप में जीने का रास्ता खोजिए, दोस्त."

    सांसद वेंकटेशन को लिखे पत्र में सूर्या ने इस घटना की कड़ी आलोचना की थी. पत्र में सूर्या ने कम्युनिस्ट पार्टी के पार्षद विश्वनाथन पर आरोप लगाया था कि उन्होंने नाले की सफाई करने के लिए सफाई कर्मी को मजबूर किया था, जिसके चलते उनकी मौत हुई.

    गिरफ्तारी की निंदा करते हुए तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष के अन्नामलाई ने ट्वीट किया, “भाजपा के राज्य सचिव एसजी सूर्या की गिरफ्तारी बेहद निंदनीय है. उनकी एकमात्र गलती डीएमके के सहयोगी कम्युनिस्टों के घृणित दोहरे मानकों का पर्दाफाश करना था...ये गिरफ्तारियां हमें नहीं रोक सकतीं और हम सच सामने लाते रहेंगे."

    एसजी सूर्या की गिरफ्तारी को बदले की कार्रवाई के रूप में भी देखा जा रहा है. पिछले दिनों ईडी ने राज्य सरकार में मंत्री वी सेंथिल बालाजी को गिरफ्तार किया था.

  20. अमेरिका और मिस्र की यात्रा पर पीएम मोदी किस-किस से मिलेंगे?

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 से 25 जून तक अमेरिका और मिस्र की यात्रा करेंगे.

    इस दौरान उनके कार्यक्रमों को लेकर विदेश मंत्रालय ने एक प्रेस रिलीज़ जारी की है, जिसके मुताबिक़ अमेरिका की यह यात्रा पीएम मोदी न्यूयॉर्क से शुरू करेंगे.

    21 जून- न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह का पीएम मोदी नेतृत्व करेंगे. दिसंबर 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में घोषित किया था.

    22 जून- पीएम मोदी वॉशिंगटन में रहेंगे, जहां व्हाइट हाउस में उनका औपचारिक स्वागत किया जाएगा. यहां अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन से उनकी मुलाकात होगी. शाम में राष्ट्रपति बाइडन राजकीय रात्रिभोज की मेज़बानी करेंगे. इसके अलावा पीएम अमेरिकी कांग्रेस को संबोधित करेंगे.

    23 जून- अमेरिका की उप-राष्ट्रपति कमला हैरिस दोपहर को उन्हें लंच पर बुलाएंगी, जहां विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन भी मौजूद रहेंगे.

    इसके अलावा अमेरिका में पीएम सीईओ, प्रोफेशनल्स और दूसरे कई लोगों से मुलाकात करेंगे. वे प्रवासी भारतीयों से भी मिलेंगे.

    24-25 जून - मिस्र के राष्ट्रपति अब्दुल फ़तह अल-सीसी के निमंत्रण पर पीएम मोदी राजधानी काहिरा की यात्रा करेंगे.