कांग्रेस पर बरसीं ममता बनर्जी, बीजेपी से सांठ-गांठ का लगाया आरोप

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को कहा कि पंचायत चुनाव की नामांकन प्रक्रिया शांतिपूर्ण थी.

लाइव कवरेज

कीर्ति दुबे and स्नेहा

  1. केरल: अली अकबर से रामासिम्हन बने फिल्ममेकर ने बीजेपी छोड़ी

    रामासिम्हन अबूबकर

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    इमेज कैप्शन, रामासिम्हन अबूबकर

    केरल में मलयालम फिल्ममेकर और संघ परिवार से जुड़े रहे रामासिम्हन अबूबकर ने एलान किया है कि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी का साथ छोड़ दिया है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, रामासिम्हन ने साल 2021 के दिसंबर में इस्लाम धर्म छोड़ने का एलान किया था. उस वक़्त उन्होंने अपना नाम अली अकबर से रामासिम्हन अबूबकर कर लिया था.

    हालांकि उन्होंने ये भी कहा है कि बीजेपी छोड़ने की बात पर ज़्यादा हंगामे की ज़रूरत नहीं क्योंकि वे किसी राजनीतिक दल में शामिल नहीं होने जा रहे हैं.

    रामासिम्हन अबूबकर ने गुरुवार को फ़ेसबुक पर कहा कि वे अब सारी चीज़ों से मुक्त हो गए हैं और केवल धर्म के साथ हैं.

    केरल में पिछले दो हफ़्तों में बीजेपी छोड़ने वाले रामासिम्हन तीसरी फिल्मी हस्ती हैं. उनसे पहले मलयालम निर्देशक राजशेषण और एक्टर भीमन रघु ने बीजेपी छोड़ने का एलान किया था.

    राजशेषण और भीमन रघु ने कहा है कि वो सत्तारूढ़ माकपा के साथ काम करेंगे.

    बीजेपी ने इस घटनाक्रम पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

    रामासिम्हन ने बताया कि कुछ दिन पहले उन्होंने इस्तीफ़ा दिया है.

    अक्टूबर, 2021 में उन्होंने बीजेपी की सांगठनिक ज़िम्मेदारी से इस्तीफ़ा दिया था.

    पार्टी का पद छोड़ते वक़्त उन्होंने कहा था कि वे बीजेपी की केरल इकाई द्वारा एक मुस्लिम पार्टी नेता के साथ किए गए बर्ताव को लेकर आहत थे. हालांकि तब उन्होंने पार्टी के साथ बने रहने की बात कही थी.

  2. कर्नाटक: रेत माफिया ने ट्रैक्टर से पुलिसकर्मी को रौंदा

      • Author, इमरान क़ुरैशी
      • पदनाम, बेंगलुरु से, बीबीसी हिंदी के लिए
    सांकेतिक तस्वीर

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    कर्नाटक के कलबुर्गी ज़िले में रेत की चोरी के दौरान वहां तैनात एक हेड कॉन्स्टेबल को ट्रैक्टर से कुचल कर मार दिया गया.

    जिस जगह पर ये घटना हुई है, वहां ट्रैक्टर से रेत की चोरी की जा रही थी.

    लोक निर्माण विभाग की ओर रेत की चोरी को लेकर पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत के बाद 51 वर्षीय हेड कॉन्स्टेबल एम चौहान को वहां पर तैनात किया गया था.

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    कलबुर्गी की एसपी ईशा पंत ने बीबीसी हिंदी को बताया, "हमारे हेड कॉन्स्टेबल ने जब रेत ले जा रहे ट्रैक्टर को रोकने की कोशिश की तो उनकी मौत हो गई. घटना स्थल पर रेत की चोरी को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई थी जिसके बाद उन्हें वहां निगरानी के लिए तैनात किया गया था."

    कलबुर्गी के जेवारगी तालुक के नारायणपुर गांव में 9000 मिट्रिक टन रेत रखा गया है जिसमें 3000 मिट्रिक टन रेत लोक निर्माण विभाग का है और बाक़ी एक लीज़ होल्डर का.

    जिस रेत की चोरी की जा रही थी वो लोक निर्माण विभाग का था. पुलिस ने घटना में शामिल ट्रैक्टर के ड्राइवर को गिरफ़्तार कर लिया है.

  3. जब भारतीय सेना के बर्ताव के कायल हो गए थे पाकिस्तानी

    वीडियो कैप्शन, जब भारतीय सेना के बर्ताव के कायल हो गए थे पाकिस्तानी

    चीफ़ ऑफ़ आर्मी स्टाफ़ जनरल मनोज पांडे ने साल 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध का ज़िक्र किया.

    उन्होंने कहा, "1971 में भारत-पाकिस्तान की जंग के बाद 90 हज़ार युद्ध बंधक सेंट्रल कमांड के कैंप्स में रखा जाना था. इसके लिए फौरी तौर पर शेल्टर्स के निर्माण की ज़रूरत थी."

    "मूलभूत ज़रूरतों को यथास्थान मुहैया करवाने की ज़रूरत थी. सिक्योरिटी अरेंजमेंट्स को लेकर आश्वस्त करने की ज़रूरत थी और इन सबमें एक सामंजस्य की ज़रूरत थी."

    "जनरल भगत ने यह सुनिश्चित किया कि युद्ध बंधकों को आधिकारिक तौर पर जो कुछ भी मिलना चाहिए, मसलन कैंटीन, पोस्टल-सेवा और मेडिकल कवर उनके लिए उसी रूप में उपलब्ध हो, जैसे जेनेवा कंवेंशन में है."

  4. बृज भूषण शरण सिंह को पॉक्सो केस में दिल्ली पुलिस की क्लीन चीट पर क्या बोलीं साक्षी मलिक

    साक्षी मलिक

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    महिला खिलाड़ियों के यौन शोषण के आरोपों पर बृज भूषण शरण सिंह के ख़िलाफ़ दिल्ली पुलिस की चार्जशीट और पॉक्सो केस में उन्हें मिली क्लीन चिट पर कुश्ती खिलाड़ी साक्षी मलिक ने प्रतिक्रिया दी है.

    साक्षी मलिक ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "दिल्ली पुलिस की चार्जशीट में उनको दोषी करार दिया गया है. बाक़ी चीज़ें तब क्लियर होंगी... हमारी लीगल टीम ने एप्लिकेशन डाली है."

    "एक दो दिन में उनके हाथ में चार्जशीट आ जाएगी, तभी वे क्लियर बता पाएंगे कि क्या-क्या चार्जेज लगे हैं और आगे क्या-क्या प्रोसेस होने वाला है."

    साक्षी मलिक

    पॉक्सो अधिनियम की धाराएं हटाए जाने के सवाल पर साक्षी मलिक ने कहा, "ये धाराएं पुलिस ने हटाई है. जैसा कि हमने सुना है कि सुप्रीम कोर्ट ये डिसाइड करता है कि वो पहले वाले बयान को मानेगा या बाद वाले बयान को."

    "रही बात कि उनके (नाबालिग शिकायतकर्ता) के जो पिता हैं, उन पर दबाव है. उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा भी है कि डिप्रेशन में हूं, दबाव में हूं. इससे तो यही समझा जा सकता है कि उन्होंने दबाव के कारण ऐसा किया. वे टूट चुके हैं."

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    कुश्ती फेडरेशन के चुनावों पर साक्षी मलिक ने कहा, "हमारी मांग थी कि फेडरेशन में उसके (बृज भूषण शरण सिंह) के घर का कोई आदमी न हो."

    "दूर का भी कोई रिश्तेदार न हो क्योंकि हम चाहते हैं कि नई फेडरेशन का निर्माण हो जिसमें खिलाड़ी भी हो सकते हैं और फेडरेशन को अच्छा भी चला सकते हैं. कोई और अच्छे इंसान भी हो सकते हैं."

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    अगला कदम क्या होगा, इस सवाल पर साक्षी मलिक ने कहा, "मैं ये क्लियर कर दूं कि एक बार चार्जशीट हमें मिल जाए और दूसरा ये कि सरकार ने जो हमसे वादे किए थे, वो बाक़ी हैं."

    "और दो-तीन बातें थीं जो एक बार साफ़ हो जाएंगी तभी हम फ़ैसला कर पाएंगे कि हमारा अगला कदम क्या होगा."

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  5. भारत-पाकिस्तान के बंटवारे में बिछड़े भाई-बहन जब 75 साल बाद मिले

    वीडियो कैप्शन, भारत-पाकिस्तान के बंटवारे में बिछड़े भाई-बहन जब 75 साल बाद मिले

    ये दो तस्वीरें भारत पाकिस्तान के बीच हुए बंटवारे और भाई बहनों के बिछड़ने का दर्द दर्शाती हैं. भारत-पाकिस्तान के बंटवारे के चलते मोहिंदर कौर अपने भाई अब्दुल शेख़ अज़ीज़ से बिछड़ गई थीं.

    अब 75 साल बाद ये दोनों भाई-बहन करतारपुर साहिब में दोबारा मिले. देखिए वीडियो. रिपोर्ट: गगनदीप सिंह (पटियाला) और एम ए जर्राल (मुज़फ़्फ़राबाद)

  6. ब्रेकिंग न्यूज़, नेहरू मेमोरियल का नाम बदलकर प्रधानमंत्री मेमोरियल किया गया, कांग्रेस की तीखी प्रतिक्रिया

    नेहरू मेमोरियल

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    नेहरू मेमोरियल म्यूजियम एंड लाइब्रेरी सोसाइटी का नाम बदल कर अब प्रधानमंत्री म्यूजियम एंड लाइब्रेरी सोसाइटी कर दिया गया है.

    पीआईबी ने प्रेस रिलीज़ के ज़रिए इस बदलाव की जानकारी दी है.

    प्रेस रिलीज़ के मुताबिक़, "नेहरू मेमोरियल म्यूजियम एंड लाइब्रेरी सोसाइटी की एक विशेष बैठक में इसका नाम बदलकर प्रधानमंत्री म्यूजियम एंड लाइब्रेरी सोसाइटी करने का निर्णय लिया गया. विशेष बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की जो सोसायटी के उपाध्यक्ष हैं."

    नेहरू मेमोरियल

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    पीआईबी ने ये भी कहा है कि "प्रधानमंत्री ने तीन मूर्ति के प्रांगण में सभी प्रधानमंत्रियों को समर्पित एक म्यूज़ियम बनाने की सलाह दी थी. एग्ज़िक्यूटिव काउंसिल की 25 नवंबर, 2016 को हुई बैठक में इस सुझाव को मान लिया गया. 'प्रधानमंत्री संग्रहालय' 21 अप्रैल, 2022 को जनता के लिए खोल दिया गया था."

    कांग्रेस ने इस ममाले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि संकीर्णता और प्रतिशोध का दूसरा नाम मोदी है.

    उन्होंने ट्वीट किया, "संकीर्णता और प्रतिशोध का दूसरा नाम मोदी है. 59 वर्षों से अधिक समय से नेहरू स्मारक संग्रहालय और पुस्तकालय एक वैश्विक बौद्धिक ऐतिहासिक स्थल और पुस्तकों और अभिलेखों का खजाना रहा है."

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    "अब से इसे प्रधानमंत्री म्यूजियम और सोसायटी कहा जाएगा. पीएम मोदी भारतीय राष्ट्र-राज्य के शिल्पकार के नाम और विरासत को विकृत करने, नीचा दिखाने और नष्ट करने के लिए क्या नहीं करेंगे. अपनी असुरक्षाओं के बोझ तले दबा एक छोटे कद का व्यक्ति स्वघोषित विश्वगुरु बना फिर रहा है."

    दरअसल, तीन मूर्ति मार्ग पर बना ये म्यूज़ियम देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू का घर रहा था.

    प्रधानमंत्री बनने से लेकर अंतिम सांस लेने तक नेहरू वहीं रहे.

    उनके निधन के बाद उनकी याद को संजोने के लिए बाद की सरकार ने इस घर को मेमोरियल घोषित कर दिया और घर के अहाते में एक लाइब्रेरी बनाई गई.

  7. रूस पर वाक़ई यूक्रेन ने बढ़त बना ली है? देखिए यह रिपोर्ट

    वीडियो कैप्शन, COVER STORY: यूक्रेन का दावा, रूस को पीछे धकेला

    रूस-यूक्रेन जंग में बीते पंद्रह दिनों में काफ़ी नाटकीय मोड़ आए हैं.

    यूक्रेन ने कई मोर्चों पर ख़ुद को मज़बूत किया है और रूस के सैनिकों को पीछे धकेलने का दावा किया है.

    इस बीच ऐसे हज़ारों लोग यूक्रेन में वापसी कर रहे हैं, रूसी हमले के बाद देश छोड़कर चले गए थे.

    कवर स्टोरी में इसी बदलते मंज़र की बात.

  8. बिपरजोय तूफ़ान का पाकिस्तान में कितना है असर, तस्वीरों में देखें

      • Author, सहर बलोच
      • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, कराची से
    पाकिस्तान

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    पाकिस्तान की जलवायु परिवर्तन मंत्री शेरी रहमान ने कहा है कि बिपरजोय तूफ़ान गुजरात के तट से टकरा चुका है.

    उन्होंने कहा, "पाकिस्तान हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार था लेकिन हम इसके प्रकोप से बच गए. सिंध के तटीय इलाके जैसे सुजावल में तेज़ लहरें उठ रही हैं. समंदर का स्तर बढ़ा हुआ है. लेकिन लोगों को पहले ही सुरक्षित जगहों पर ले जाया जा चुका है."

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    राहत बचाव कार्य मुख्य रूप से दो ज़िलों बादिन और थंटा में किया गया.

    लगभग 61,000 लोगों को सरकारी कैंपों में सुरक्षित पहुंचाया गया है.

    कराची सहित सिंध प्रांत के तटीय इलाकों में ख़तरा ज्यादा है.

    पाकिस्तान

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    स्थानीय प्रशासन ने शहर से बड़े बिलबोर्ड हटा दिए हैं और 578 इमातरों की लिस्ट जारी की है जो कमज़ोर हैं और इन पर असर पड़ सकता है.

    चूंकि ये माना जा रहा है कि गुजरात के मुकाबले पाकिस्तान में इसका असर कम होगा.

    इसलिए पाकिस्तान प्रशासन उन लोगों पर फ़ोकस कर रहा है जिन्हें राहत बचाव ऑपरेशन में सुरक्षित जगहों पर रखा गया है.

    पाकिस्तान

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  9. बिपरजोय तूफ़ान गुजरात के तट से टकराने के बाद भारी बारिश का दौर, अब कैसे हैं हालात, द्वारकाधीश मंदिर के बाहर से बता रहे हैं बीबीसी संवाददाता तेजस वैद्य

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  10. कश्मीर: कुपवाड़ा में एलओसी के पास चल रही मुठभेड़ में पांच चरमपंथियों की मौत

      • Author, माजिद जहांगीर
      • पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए, श्रीनगर से
    कश्मीर

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    जम्मू और कश्मीर पुलिस ने दावा किया है कि उसने कुपवाड़ा में एक मुठभेड़ के दौरान पांच चरमपंथियों को मारा है.

    पुलिस ने गुरुवार देर रात एक ट्वीट कर बताया कि कुपवाड़ा की नियंत्रण रेखा के पास जूमगढ़ इलाके में सुरक्षाबलों और चरमपंथियों के बीच मुठभेड़ चल रही है.

    पुलिस ने ट्वीट किया, "कुपवाड़ा के जूमगढ़ में चरमपंथियों की मौजूदगी की जानकारी मिलने के बाद सेना और पुलिस की जॉइंट टीम और चरमपंथियों के बीच मुठभेड़ जारी है. इस ऑपरेशन की और जानकारी साझा की जाएगी."

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    शुक्रवार सुबह जम्मू और कश्मीर पुलिस के एडिश्नल डायरेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस (एडीजीपी) ने एक दूसरे ट्वीट के ज़रिए बताया, "कुपवाड़ा में नियंत्रण रेखा के पास जूमगढ़ इलाके में जारी मुठभेड़ में पांच विदेशी चरमपंथियों को मार दिया गया है और इलाके में तलाशी अभियान जारी है."

    पुलिस ने अब तक ये नहीं बताया है कि ये चरमपंथी किस संगठन से हैं.

    इससे पहले गुरुवार को सुरक्षा बलों ने जम्मू के पुंछ में घुसपैठ की एक कोशिश को नाकाम करने और भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद बरामद करने का दावा किया था.

  11. फ़लस्तीनी युवाओं की नाराज़गी क्यों बढ़ रही है? देखिए यह रिपोर्ट

    वीडियो कैप्शन, 'टू स्टेट' सोल्यूशन, राजनीतिक प्रक्रिया को लेकर क्यों बढ़ी फलस्तीनी युवाओं में मायूसी?

    पैलेस्टीनियन सेंटर फ़ॉर पॉलिसी एंड सर्वे रिसर्च ने क़रीब एक दशक तक 18 से 28 साल तक के नौजवानों की बदलती राय पर नज़र रखी है.

    इसका कहना है कि उनके रिसर्च से पता चलता है कि इस पीढ़ी के नौजवान जिन्हें फ़लस्तीनी अथॉरिटी के पक्ष या विरोध में वोट डालने का कभी मौक़ा नहीं मिला, वो अपने ही नेतृत्व को ख़त्म किए जाने का समर्थन करते हैं.

    बीबीसी संवाददाता नवाल अल-मक़फ़ी की यह ख़ास रिपोर्ट.

  12. आईफोन बनाने वाली कंपनी भारत में लगाएगी इलेक्ट्रिक कारों पर दांव

    फॉक्सॉन के चेयरमैन यंग लिउ
    इमेज कैप्शन, फॉक्सॉन के चेयरमैन यंग लिउ

    आईफोन बनाने वाली ताइवानी कंपनी फॉक्सॉन भारत में इलेक्ट्रिक कार बनाने की योजना पर काम कर रही है और माना जा रहा है कि अमेरिका और चीन के बिगड़ते रिश्तों के बीच वो सप्लाई चेन नेटवर्क के लिए चीन पर अपनी निर्भरता कम कर सकती है.

    फॉक्सॉन के चेयरमैन यंग लिउ ने कंपनी के भविष्य की योजनाओं पर बीबीसी से बातचीत की. उन्होंने कहा कि कंपनी की योजना में भारत में इलेक्ट्रिक कारों के निर्माण की है.

    उन्होंने बताया कि फॉक्सॉन अपने सप्लाई चेन नेटवर्क का कुछ हिस्सा चीन से हटा सकती है और आने वाले दशकों में इलेक्ट्रिक कारें कंपनी की तरक्की की दिशा तय करेगी.

    फॉक्सॉन के चेयरमैन यंग लिउ

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    अमेरिका-चीन के बिगड़ते संबंधों को लेकर यंग लिउ ने कहा कि कंपनी को बुरी स्थिति के लिए तैयार रहना पड़ सकता है.

    ताइवान की राजधानी ताइपेई स्थित अपने दफ़्तर में 67 वर्षीय यंग लिउ ने कहा, "हमें उम्मीद है कि दोनों देशों के नेता शांति और स्थिरता की बात ध्यान में रखेंगे. लेकिन कंपनी और सीईओ के तौर पर मुझे ये सोचना होता है कि सबसे बुरी स्थिति में हमें क्या करना होगा."

    ऐसी आशंकाएं जताई जाती रही हैं कि चीन ताइवान की नाकाबंदी कर सकता है. चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और ये भी कहा जाता है कि सबसे बुरी स्थिति तब पैदा हो सकती है कि चीन ताइवान पर हमला कर दे.

    फॉक्सॉन

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    यंग लिउ ने बताया कि बुरी स्थिति में कंपनी के कामकाज को जारी रखने के लिए योजना पर काम किया जा रहा है. इसके लिए फॉक्सॉन अपने प्रोडक्शन लाइन का कुछ हिस्सा पहले चीन से मेक्सिको और वियतनाम शिफ्ट कर चुका है.

    फॉक्सॉन जिसका आधिकारिक नाम होन हाई टेक्नोलॉजी ग्रुप है, की शुरुआत साल 1974 में हुई थी. इसकी शुरुआत टेलीविजन के लिए नॉब बनाने से हुई थी.

    आज की तारीख में ये कंपनी दुनिया की ताक़तवर टेक्नोलॉजी फर्म्स में गिनी जाती है जिसका सालाना राजस्व 200 अरब डॉलर है.

    एप्पल के आधे से अधिक उत्पादों का निर्माण फॉक्सॉन ही करती है. एप्पल के अलावा माइक्रोसॉफ्ट, सोनी, डेल और अमेज़न के लिए फॉक्सॉन प्रोडक्ट्स का उत्पादन करती है.

  13. बीबीसी डॉक्यूमेंट्री पर बैन से जुड़ी आरटीआई पर मोदी सरकार ने दिया जवाब

    बीबीसी डॉक्यूमेंट्री

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    बीबीसी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बनाई गई डॉक्यूमेंट्री को भारत सरकार की ओर से तमाम प्लेटफ़ॉर्म पर बैन करने को लेकर एक आरटीआई का केंद्र सरकार ने जवाब दिया है.

    ये आरटीआई तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता साकेत गोखले ने डाली थी. साकेत गोखले ने बीबीसी डॉक्यूमेंट्री बैन करने को लेकर केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय से सवाल पूछा था.

    इसके जवाब में मंत्रालय ने बताया है कि ‘आईटी नियम 2021 के नियम 16 के तहत अंतर विभागीय समिति के सुझाव पर’ डॉक्यूमेंट्री बैन की गई.

    साकेत गोखले ने एक आरटीआई दाख़िल करके केंद्र सरकार से पूछा था- “ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन (बीबीसी) की बनाई हुई डॉक्यूमेंट्री ‘इंडिया: द मोदी क्वेश्चन’ को किस आधार पर भारत में बैन किया गया. इस डॉक्यूमेंट्री को बैन करने को लेकर जो भी फ़ाइल, फ़ाइल की नोटिंग, पत्राचार और मेमो हैं, उन्हें साझा किया जाए.”

    सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने नौ जून को इस आरटीआई का जवाब दिया है.

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    अपने जवाब में मंत्रालय ने कहा है, “आईटी एक्ट 2000 के सेक्शन 69ए में डिजिटल न्यूज़ पर छपने वाली सामग्री को ब्लॉक करने के नियमों की जानकारी दी गई है. आईटी नियम 2021 के नियम 16 (इंटरमीडियरी गाइडलाइन एंड डिजिटल मीडिया एथिक कोड) के तहत कई मंत्रालय, विभाग, संस्थाओं, राज्यों, केंद्र शासित राज्यों और कई मंत्रालयों की अंतर विभागीय समिति के सुझाव पर डॉक्यूमेंट्री को बैन किया गया है. अंतर विभागीय समिति की कार्यवाही गोपनीय होती हैं और ये आरटीआई के सेक्शन 8 (1)(ए) के अंतर्गत आरटीआई के दायरे से बाहर होती हैं. ”

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    साकेत गोखले ने इस आरटीआई के बारे में जानकारी देते हुए कहा है, “सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने जिस नियम 16 के तहत डॉक्यूमेंट्री बैन करने की बात कही है वह मंत्रालय को ‘आपातकालीन परिस्थिति’ में ही कंटेंट ब्लॉक करने का अधिकार देता है. इसके बाद मंत्रालय को अंतर विभागीय समिति बनानी होती है ताकि वह इस बैन की समीक्षा कर सके. अंतर विभागीय समिति केवल सुझाव दे सकती है आदेश नहीं.”

    बीबीसी ने भारत में ये डॉक्यूमेंट्री आधिकारिक रूप से रिलीज़ नहीं की थी, लेकिन इसे कई सोशल मीडिया अकाउंट्स शेयर कर रहे थे. केंद्र सरकार के आदेश के बाद इन अकाउंट्स से डॉक्यूमेंट्री को हटा दिया गया था.

    दो एपिसोड की डॉक्यूमेंट्री

    बीबीसी ने दो एपिसोड की एक डॉक्यूमेंट्री बनाई जिसका नाम है - इंडिया: द मोदी क्वेश्चन. इसका पहला एपिसोड 17 जनवरी को ब्रिटेन में प्रसारित हुआ था. दूसरा एपिसोड 24 जनवरी को प्रसारित हुआ.

    पहले एपिसोड में नरेंद्र मोदी के शुरुआती राजनीतिक करियर को दिखाया गया है जिसमें वे भारतीय जनता पार्टी में आगे बढ़ते हुए, गुजरात के मुख्यमंत्री के पद पर पहुँचते हैं.

    ये डॉक्यूमेंट्री एक अप्रकाशित रिपोर्ट पर आधारित है जिसे बीबीसी ने ब्रिटिश फ़ॉरेन ऑफ़िस से हासिल किया है. इस डॉक्यूमेंट्री में नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री रहते हुए गुजरात में साल 2002 में हुई हिंसा में कम से कम 2000 लोगों की मौत पर सवाल उठाए गए हैं. रिपोर्ट का दावा है कि मोदी साल 2002 में गुजरात में हिंसा का माहौल बनाने के लिए 'प्रत्यक्ष रूप से ज़िम्मेदार' थे.

    भारत का सुप्रीम कोर्ट पहले ही प्रधानमंत्री मोदी को गुजरात हिंसा में किसी भी तरह की संलिप्तता से बरी कर चुक है.

  14. मणिपुर हिंसाः केंद्रीय मंत्री आरके रंजन के घर में भीड़ ने लगाई आग

      • Author, दिलीप कुमार शर्मा
      • पदनाम, इम्फ़ाल से
    मणिपुर

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    मणिपुर में फिर से तेज हुई हिंसा के बीच भीड़ ने गुरुवार की रात इंफ़ाल के कोंगबा में स्थित केंद्रीय मंत्री आरके रंजन सिंह के आवास को आग लगा दी.

    घटना के वक्त केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री अपने घर पर नहीं थे. इंफ़ाल में कर्फ़्यू में की गई सख़्ती के बावजूद सैकड़ों लोगों की भीड़ मंत्री के घर तक पहुंचने में कामयाब रही. घटना के समय मंत्री के आवास पर सुरक्षा एस्कॉर्ट कर्मी और सुरक्षा गार्ड समेत कई अतिरिक्त गार्ड ड्यूटी पर थे.

    घटना के वक़्त मंत्री के आवास पर मौजूद एक सुरक्षा गार्ड ने स्थानीय मीडिया से कहा, “हमले के दौरान भीड़ ने चारों तरफ़ से पेट्रोल बम फेंके.”

    मणिपुर में तीन मई से जारी हिंसा के बाद यह दूसरी बार है जब मंत्री के घर पर भीड़ ने हमला किया है. इससे पहले पिछले महीने मंत्री के घर पर हुए हमले के दौरान भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षाकर्मियों ने हवाई फ़ायरिंग की थीं.

    पिछले महीने आरके रंजन सिंह ने मणिपुर में शांति स्थापित करने को लेकर मैतेई और कुकी समुदायों के बुद्धिजीवियों के एक समूह के साथ बैठक की थी. उन्होंने मणिपुर के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है.

    दरअसल दो दिन पहले मंगलवार की रात कांगपोकपी ज़िले के एगेजांग गांव में संदिग्ध चरमपंथियों की गोलीबारी में नौ मैतेई लोगों की मौत हो गई थी. जिसके बाद से राज्य में फिर से हिंसा तेज हो गई है.

    इससे पहले सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी के बावजूद बुधवार शाम पश्चिम इंफाल के लाम्फेल में भीड़ ने राज्य सरकार में एक मात्र महिला मंत्री नेमचा किपगेन के सरकारी आवास में आग लगा दी थी.

    मणिपुर में बहुसंख्यक मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति यानी एसटी का दर्जा देने की मांग के विरोध में 3 मई को पहाड़ी जिलों में 'आदिवासी एकजुटता मार्च' का आयोजन किया गया था जिसेक बाद राज्य में हिंसा भड़क गई.

    मैतेई और कुकी समुदाय के बीच जारी इस हिंसा में अबतक 100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि 50 हजार से अधिक लोग विस्थापित हुए है.

  15. चीन नहीं बल्कि भारत यूक्रेन संकट के समाधान में अहम भूमिका निभा सकता है- अमेरिकी सांसद

    मोदी

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    अमेरिकी कांग्रेस के सदस्य एमी बेरा ने कहा है कि यूक्रेन युद्ध को हल करने में अग्रणी भूमिका निभाने के मामले में भारत चीन से बेहतर साबित हो सकता है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई से उन्होंने कहा कि रूस के साथ भारत के पुराने संबंध हैं जिसके कारण भारत चीन की तुलना में ज़्यादा बेहतर तरीके से ये काम कर सकता है.

    एमी बेरा ने कहा कि वह यूक्रेन में जारी संघर्ष को ख़त्म करने के लिए भारत को अपनी पूरी कूटनीतिक क्षमताओं का इस्तेमाल करते हुए देखना चाहेंगे.

    उन्होंने कहा, “मुझे इस बात की जानकारी नहीं है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के बीच अगले हफ्ते होने वाली मुलाकात में यूक्रेन युद्ध पर चर्चा होगी या नहीं. लेकिन मुझे यक़ीन है कि भारत रूस-यूक्रेन संकट में अग्रणी भूमिका निभा सकता है. भारत के रूस के साथ पुराने संबंध हैं.”

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 जून से 24 जून तक अमेरिका के आधिकारिक दौरे पर होंगे. इस यात्रा के दौरान 22 जून को पीएम मोदी के लिए व्हाइट हाउस में रात्रिभोज का आयोजन भी किया जाएगा.

    माना जा रहा है कि इस दौरे के दौरान रक्षा के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ सकता है.

  16. बिपरजोय तूफ़ान का असर, कच्छ में सात घंटे से बिजली गुल

    तूफ़ान बिपरजोय

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    तूफ़ान बिपरजोय के गुरुवार रात गुजरात के कच्छ ज़िले के जाखू बंदरगाह से टकराने के बाद कच्छ में तेज़ हवा और भारी बारिश अब भी जारी है.

    बीते सात घंटे से ज़िले में बिजली नहीं है.

    बिपरजोय तूफ़ान

    बीबीसी गुजराती सेवा से बात करते हुए कच्छ के कलेक्टर अमित अरोड़ा ने बताया, “तेज़ हवा चल रही है और बारिश हो रही है. इसलिए इलाके का सर्वे कर पाना संभव नहीं है. सबसे ज़्यादा हमें शिकायतें पेड़ों के गिरने और बिजली के खंभे उखड़ने की मिली हैं."

    "मांडवी के निचले इलाकों से कुछ लोगों को सुरक्षित जगहों पर ले जाया गया है. किसी के मारे जाने की अब तक कोई जानकारी नहीं है. ”

    बिपरजोय तूफ़ान

    जानिए कल रात से अब तक क्या हुआ

    • गुरुवार के जाखू तट से टकराते वक़्त हवा की गति 115 किमी प्रति घंटा से 125 किमी प्रतिघंटा के बीच थी.
    • प्रशासन के मुताबिक़ तूफ़ान से कम से कम 20 लोगों के घायल होने की ख़बर है. 23 पशुओं की मौत हुई है.
    • गुजरात के 940 गांवों में बिजली के खंभे तेज़ हवा के कारण उखड़ गए. कई इलाकों में बिजली नहीं है. रेलवे ने 70 से अधिक ट्रेनों को या तो रद्द कर दिया या उनका रास्ता बदल दिया गया.
    बिपरजोय तूफ़ान
    • मांडवी शहर में पूरी तरह से बिजली गुल रही. तेज़ हवाओं के कारण जाखू-मांडवी रोड के साथ-साथ मांडवी शहर में कई पेड़ उखड़ गए. जिला कलेक्टर अमित अरोड़ा ने कहा, "अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है."
    • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से फोन पर बात की और स्थिति की विस्तृत जानकारी ली. पीएम मोदी ने गुजरात के गिर जंगल में शेरों सहित जंगली जानवरों की सुरक्षा व्यवस्था के बारे में भी पूछा.
  17. सऊदी अरब के विदेश मंत्री जाएंगे ईरान: ईरानी मीडिया

    प्रिंस फ़ैसल बिन फ़रहान

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    सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फ़ैसल बिन फ़रहान शनिवार को ईरान का दौरा करेंगे. ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी तसनीम ने गुरुवार को ये जानकारी दी है.

    तसनीम समाचार एजेंसी ने बताया कि प्रिंस फ़ैसल "ईरान के अधिकारियों से मिलने और बातचीत करने के लिए 17 जून को तेहरान पहुंचेंगे."

    सऊदी अरब या ईरान की ओर से इस यात्रा के संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन ईरानी सरकार के प्रवक्ता अली बहादोरी-जहरोमी ने गुरुवार को ये ज़रूर कहा था कि प्रिंस फ़ैसल ईरान का दौरा करेंगे. हालांकि उन्होंने इसकी तारीख़ नहीं बतायी थी.

    उन्होंने कहा कि प्रिंस फ़ैसल की यात्रा के दौरान, ईरान में सऊदी अरब के दूतावास को फिर से खोलने को लेकर "कुछ कदम उठाए जाएंगे."

    बीते 7 जून को सऊदी अरब में ईरान ने अपना दूतावास दोबोरा खोला.

    इस साल मार्च में चीन की मध्यस्थता के बाद ईरान और सऊदी अरब के बीच दोबारा राजनयिक रिश्ते कायम होने की शुरुआत हुई थी.

    साल 2016 में सऊदी अरब में एक शिया धर्मगुरु को फांसी दिए जाने के बाद ईरानी प्रदर्शनकारी सऊदी अरब के दूतावास में घुस आए थे. इसके बाद दोनों देशों के राजनयिक रिश्ते टूट गए थे.

  18. बिपरजोय तूफ़ान से गुजरात में कितनी तबाही, जनिए पांच बातें

    बिपरजोय तूफ़ान

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    बिपरजोय तूफ़ान गुरुवार की रात गुजरात के कच्छ ज़िले के जाखू तट से टकराया और इसके साथ ही गुजरात के तटीय इलाकोंमें तेज़ हवा और भारी बारिश से तबाही हुई.

    कई बिजली के खंभे उखड़ गए, कई इलाकों में बिजली चली गई. कई लोग इस ‘बेहद गंभीर तूफ़ान’ में घायल हो गए.

    जानिए तूफ़ान के बाद गुजरात के इन इलाकों का हाल क्या है-

    • गुरुवार के जाखू तट से टकराते वक़्त हवा की गति 115 किमी प्रति घंटा से 125 किमी प्रतिघंटा के बीच थी.
    • प्रशासन के मुताबिक़ तूफ़ान से कम से कम 20 लोगों के घायल होने की ख़बर है. 23 पशुओं की मौत हुई है.
    • गुजरात के 940 गांवों में बिजली के खंभे तेज़ हवा के कारण उखड़ गए. कई इलाकों में बिजली नहीं है. रेलवे ने 70 से अधिक ट्रेनों को या तो रद्द कर दिया या उनका रास्ता बदल दिया गया.
    तूफ़ान

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    • मांडवी शहर में पूरी तरह से बिजली गुल रही. तेज़ हवाओं के कारण जाखू-मांडवी रोड के साथ-साथ मांडवी शहर में कई पेड़ उखड़ गए. जिला कलेक्टर अमित अरोड़ा ने कहा, "अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है."
    • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से फोन पर बात की और स्थिति की विस्तृत जानकारी ली. पीएम मोदी ने गुजरात के गिर जंगल में शेरों सहित जंगली जानवरों की सुरक्षा व्यवस्था के बारे में भी पूछा.
  19. बिपरजोय तूफ़ान की चपेट में गुजरात के तटीय इलाक़े, जानिए अब क्या है हाल

    गुजरात

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    तूफ़ान बिपरजोय गुरुवार रात गुजरात के कच्छ ज़िले के जाखू बंदरगाह से टकराया जिससे गुजरात के तटीय क्षेत्र में तेज हवाएं और भारी बारिश हो रही है.

    इस दौरान कई इलाकों में बिजली चली गई और कई बिजली के खंभे उखड़ गए हैं.

    गुजरात के राहत कार्यों के आयुक्त आलोक पांडे ने गुरुवार देर रात बताया, "कच्छ में हवा की गति करीब 108 किमी प्रति घंटा है."

    “गुजरात के 940 गांवों में बिजली के खंभे गिरने की सूचना मिली है.”

    प्रशासन के मुताबिक़ कल देर रात तक तूफ़ान से कम से कम 20 लोगों के घायल होने की ख़बर है.

    गुजरात सरकार ने शुक्रवार को स्कूलों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का फ़ैसला किया है. माना जा रहा है कि चक्रवाती तूफ़ान के बाद भारी बारिश होती रहेगी.

    तूफ़ान

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    गुरुवार-शुक्रवार की दरम्यानी रात को मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बिपरजोय तूफ़ान के बारे में जानकारी देते हुए कहा, “तूफ़ान के जमीन से टकराते ही इसकी तीव्रता भी कम हो गई है. यह अब ‘बहुत गंभीर चक्रवाती तूफ़ान’ से ‘गंभीर चक्रवाती तूफ़ान’ की श्रेणी में आ गया है. हवा की गति की बात करें तो अब इसकी गति 105 से 115 किमी प्रति घंटा रिकॉर्ड की गई है. इसकी तीव्रता कल सुबह तक और कम हो जाएगी और ये ‘चक्रवाती तूफ़ान’ की श्रेणी में चला जाएगा.”

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    “16 तारीख की शाम तक यह तूफ़ान डिप्रेशन में बदल जाएगा.”

    तेज हवाओं के कारण ओखा और जामनगर में कोयले के भंडार में आग लग गई, आग पर काबू पाने से स्टॉक जलकर खाक हो गया.

    रेलवे ने 70 से अधिक ट्रेनों को या तो रद्द कर दिया या उनका रास्ता बदल दिया गया.

  20. नमस्कार!

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