बीबीसी की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बनाई गई डॉक्यूमेंट्री को भारत सरकार की ओर से तमाम
प्लेटफ़ॉर्म पर बैन करने को लेकर एक आरटीआई का केंद्र सरकार ने जवाब दिया है.
ये आरटीआई तृणमूल कांग्रेस
के राष्ट्रीय प्रवक्ता साकेत गोखले ने डाली थी. साकेत गोखले ने बीबीसी
डॉक्यूमेंट्री बैन करने को लेकर केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय से सवाल पूछा
था.
इसके जवाब में
मंत्रालय ने बताया है कि ‘आईटी नियम 2021 के नियम 16 के तहत अंतर विभागीय समिति के
सुझाव पर’ डॉक्यूमेंट्री बैन की गई.
साकेत गोखले ने एक
आरटीआई दाख़िल करके केंद्र सरकार से पूछा था- “ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन
(बीबीसी) की बनाई हुई डॉक्यूमेंट्री
‘इंडिया: द मोदी क्वेश्चन’ को किस आधार पर
भारत में बैन किया गया. इस डॉक्यूमेंट्री को बैन करने को लेकर जो भी फ़ाइल,
फ़ाइल की नोटिंग, पत्राचार और मेमो हैं, उन्हें साझा किया
जाए.”
सूचना और प्रसारण
मंत्रालय ने नौ जून को इस आरटीआई का जवाब दिया है.
अपने जवाब में मंत्रालय ने कहा है, “आईटी एक्ट 2000 के सेक्शन 69ए में डिजिटल न्यूज़ पर छपने वाली सामग्री को ब्लॉक करने के नियमों की जानकारी दी गई है. आईटी नियम 2021 के नियम 16 (इंटरमीडियरी गाइडलाइन एंड डिजिटल मीडिया एथिक कोड) के तहत कई मंत्रालय, विभाग, संस्थाओं, राज्यों, केंद्र शासित राज्यों और कई मंत्रालयों की अंतर विभागीय समिति के सुझाव पर डॉक्यूमेंट्री को बैन किया गया है. अंतर विभागीय समिति की कार्यवाही गोपनीय होती हैं और ये आरटीआई के सेक्शन 8 (1)(ए) के अंतर्गत आरटीआई के दायरे से बाहर होती हैं. ”
साकेत गोखले ने इस आरटीआई के बारे में जानकारी देते हुए कहा है, “सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने जिस नियम 16 के तहत डॉक्यूमेंट्री बैन करने की बात कही है वह मंत्रालय को ‘आपातकालीन परिस्थिति’ में ही कंटेंट ब्लॉक करने का अधिकार देता है. इसके बाद मंत्रालय को अंतर विभागीय समिति बनानी होती है ताकि वह इस बैन की समीक्षा कर सके. अंतर विभागीय समिति केवल सुझाव दे सकती है आदेश नहीं.”
बीबीसी ने भारत में ये डॉक्यूमेंट्री आधिकारिक रूप से रिलीज़ नहीं की थी, लेकिन इसे कई सोशल मीडिया अकाउंट्स शेयर कर रहे थे. केंद्र सरकार के आदेश के बाद इन अकाउंट्स से डॉक्यूमेंट्री को हटा दिया गया था.
दो एपिसोड की डॉक्यूमेंट्री
बीबीसी ने दो एपिसोड की एक डॉक्यूमेंट्री बनाई जिसका नाम है - इंडिया: द मोदी क्वेश्चन. इसका पहला एपिसोड 17 जनवरी को ब्रिटेन में प्रसारित हुआ था. दूसरा एपिसोड 24 जनवरी को प्रसारित हुआ.
पहले एपिसोड में नरेंद्र मोदी के शुरुआती राजनीतिक करियर को दिखाया गया है जिसमें वे भारतीय जनता पार्टी में आगे बढ़ते हुए, गुजरात के मुख्यमंत्री के पद पर पहुँचते हैं.
ये डॉक्यूमेंट्री एक अप्रकाशित रिपोर्ट पर आधारित है जिसे बीबीसी ने ब्रिटिश फ़ॉरेन ऑफ़िस से हासिल किया है. इस डॉक्यूमेंट्री में नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री रहते हुए गुजरात में साल 2002 में हुई हिंसा में कम से कम 2000 लोगों की मौत पर सवाल उठाए गए हैं. रिपोर्ट का दावा है कि मोदी साल 2002 में गुजरात में हिंसा का माहौल बनाने के लिए 'प्रत्यक्ष रूप से ज़िम्मेदार' थे.
भारत का सुप्रीम कोर्ट पहले ही प्रधानमंत्री मोदी को गुजरात हिंसा में किसी भी तरह की संलिप्तता से बरी कर चुक है.