मगरमच्छों की नीलामी क्यों कर रही है नामीबिया की सरकार

मगरमच्छों से क्यों परेशान है नामीबिया की सरकार

लाइव कवरेज

कीर्ति दुबे and प्रभात पांडेय

  1. पाकिस्तान: पर्वतारोहण की ट्रेनिंग देने वाले शख़्स से मिलिए

    वीडियो कैप्शन, पाकिस्तान: पर्वतारोहण की ट्रेनिंग देने वाले शख़्स से मिलिए

    माउंट एवरेस्ट, कंजनजंघा आदि दुनिया की सबसे ऊंची चोटियों में से है. इनकी चढ़ाई इतनी जोख़िम भरी है कि कई बार लोगों की जान तक चली जाती है.

    लेकिन इस पर फतह करने की ट्रेनिंग देते हैं, पाकिस्तान के क्वेटा के रहने वाले मुराद अली वो भी सेफ़्टी का पूरा ख़्याल रखते हुए. देखिए मुसा यावरी और अली सरवरी की रिपोर्ट.

  2. यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड पर राय मांगना मोदी सरकार के एजेंडे का हिस्सा- कांग्रेस

    यूनीफ़ॉर्म सिविल कोड

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    22वें विधि आयोग ने यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड के मुद्दे पर परामर्श प्रक्रिया को एक बार फिर शुरू करने का फ़ैसला किया है.

    इसके तहत आयोग ने आम लोगों और सरकारी मान्यता प्राप्त धार्मिक संस्थाओं के विचार मांगे हैं.

    इस मामले पर कांग्रेस ने बयान जारी कर कहा है कि ये हैरान करने वाली बात है कि जब 21वें विधि आयोग ने यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड पर निष्कर्ष पेपर छापा था तो आखिर 22वां विधि आयोग क्यों इस पर फिर राय मांग रहा है.

    कांग्रेस ने बयान में कहा है,“ विधि आयोग ने अपने प्रेस रिलीज़ में ये साफ़ नहीं किया है कि क्यों दोबारा से इस पर परामर्श किया जा रहा है. सही कारण ये है कि 21वें आयोग ने लंबी समीक्षा के बाद ये पाया था कि यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड की ‘अभी ना ही ज़रूरत है और ना ही वांछित है.’

    "ये नरेंद्र मोदी सरकार की उन कोशिशों का हिस्सा है जिसके तहत वह बांटने वाले अपने एजेंडे को जायज़ ठहराना चाहते है.”

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  3. गुजरात के द्वारका से LIVE

    बिपरजोय तूफ़ान के आज गुजरात के तट से टकराने की आशंका, क्या है माहौल, गोमती घाट से बता रहे हैं बीबीसी संवाददाता तेजस वैद्य.

    कैमरा: सचिन पीठवा

  4. पीएम मोदी के अमेरिका दौरे पर हो सकती है जेट इंजन को लेकर डील

    मोदी और बाइडन

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिकी दौरे के दौरान भारत और अमेरिका के बीच मिलकर फ़ाइटर जेट इंजन बनाने की योजना पर सहमति हो सकती है.

    अगले सप्ताह प्रधानमंत्री मोदी 21 से 14 जून तक अमेरिका के आधिकारिक दौरे पर होंगे.

    ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक़, इस मामले की जानकारी रखने वालों ने बताया है कि ये डील अपने अंतिम चरण में है. व्हाइट हाउस जनरल इलेक्ट्रिक के एक प्रस्ताव को अनुमति देने वाला है. जरनल इलेक्ट्रिक भारत की हिंदुस्तान एयरोस्पेस के साथ मिलकर तेजस जैसे एयरक्राफ़्ट के लिए इंजन बनाएगी.

    कहा जा रहा है कि ऐसा हुआ तो ये दोनों देशों के बीच बढ़ते सैन्य सहयोग का संकेत होगा.

    मोदी के दौरे पर अमेरिकी राजदूत ने क्या कहा

    भारत में अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी ने द हिंदू को दिए इंटरव्यू में कहा कि है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा ‘ऐतिहासिक’ है.

    "यह यात्रा न केवल दोनों देशों के संबंध महत्वपूर्ण हैं बल्कि दुनिया के लिए भी महत्वपूर्ण होगी. दोनों देश - शांति, समृद्धि, लोगों और धरती के लिए बात करते हैं."

    उन्होंने कहा, “हाल के समय में अमेरिका हर उस हर जगह भारत के साथ खड़ा रहा हैं जहां उसे हमारी ज़रूरत थी.”

  5. ग्रीस में बड़ा हादसा, प्रवासियों से भरी नाव पलटने से 79 की मौत

    ग्रीस

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    दक्षिणी ग्रीस के तट पर प्रवासियों से भरी मछली पकड़ने वाली नाव के पलट जाने से कम से कम 79 लोगों की मौत हो गई है. हादसे में अब तक 100 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया है.

    लेकिन इस हादसे में जिन लोगों को बचाया गया है उनका कहना है कि कम से कम 100 लोग और इस नाव पर मौजूद थे जिनका अब तक पता नहीं है.

    देश की सरकार का कहना है कि ये ग्रीस में हुई अब तक की सबसे बड़ी प्रवासी त्रासदियों में से एक है. ग्रीस में तीन दिन का शोक घोषित किया गया है.

    कोस्टगार्ड ने कहा है कि यूरोपीय संघ की सीमा एजेंसी फ्रोंटेक्स के एक विमान ने मंगलवार देर रात अंतर्राष्ट्रीय जलक्षेत्र में नाव देखी थी. नाव में बैठे किसी शख़्स ने लाइफ़ जैकेट नहीं पहनी थी.

    ग्रीस के सार्वजनिक प्रसारक ईआरटी ने बताया है कि अधिकारियों ने कई मौकों पर सैटेलाइट फ़ोन के माध्यम से नाव से संपर्क किया और मदद की पेशकश की, लेकिन बार-बार कहा गया- "हम इटली जाने के अलावा और कुछ नहीं चाहते हैं."

    कुछ घंटे बाद, लगभग 1 बजे (स्थानीय समयानुसार) नाव पर मौजूद किसी व्यक्ति ने कथित तौर पर ग्रीस के कोस्टगार्ड को सूचित किया कि जहाज का इंजन खराब हो गया है. इसके 10 से 15 मिनट के बाद ही नाव पूरी तरह डूब गया. राहत-बचाव काम शुरू किया गया लेकिन तेज़ हवा के कारण इसमें भी काफ़ी दिक्कतें आईं.

  6. अंबाती रायडू ने 2019 वर्ल्ड कप टीम में शामिल नहीं किए जाने और विजय शंकर पर तोड़ी चुप्पी

    अंबाती रायडू

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    इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल के 16वें सीज़न के बाद अंबाती रायडू ने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास ले लिया.

    रायडू की गिनती भारतीय टीम के मध्यक्रम के बेहतरीन बल्लेबाज़ों में की जाती रही है.

    साल 2019 के वनडे वर्ल्ड कप के लिए टीम में उनका चयन लगभग पक्का माना जा रहा था लेकिन जब टीम की घोषणा हुई और उसमें रायडू की जगह विजय शंकर का नाम था.

    अब अंबाती रायडू ने भी इस पूरे मुद्दे पर पहली बार अपनी चुप्पी को तोड़ी है.

    अंबाती रायडू ने टीवी9 तेलगू से बात करते हुए कहा कि उनसे साल 2018 में ही एक बीसीसीआई अधिकारी ने 2019 के वनडे वर्ल्ड कप के लिए तैयार रहने के लिए कहा था.

    लेकिन उन्होंने नाम लिये बिना इशारों में तत्कालीन मुख्य चयनकर्ता को अपने टीम में शामिल ना किए जाने का कारण बताया. उन्होंने कहा कि टीम मैनेजमेंट में एक ‘हैदराबादी शख़्स’ से उनके मतभेद थे.

    जब वनडे वर्ल्ड कप 2019 के लिए भारतीय टीम का चयन हुआ तो उस समय टीम के मुख्य चयनकर्ता के तौर पर एमएसके प्रसाद जिम्मेदारी निभा रहे थे.

    उन्होंने निजी चैनल से बात करते हुए कहा, “मैं उस दिन फ्लाइट में था. ऐसे संकेत मिल रहे थे कि मुझे नहीं चुना जाएगा, लेकिन तब तक मेरे पास पूरी तस्वीर नहीं थी. यह आईपीएल के दौरान की बात है और हम एक जगह से दूसरी जगह यात्रा कर रहे थे. जैसे ही मैं फ्लाइट से उतरा और फोन ऑन किया, मुझे कई मैसेज और न्यूज़ के ज़रिए पता चला कि मैं टीम में नहीं हूं. मैं स्टैंडबाय पर था और यह बहुत निराशाजनक था.”

    “मैं भारत के लिए खेलना चाहता था और खासकर उस विश्व कप में भाग लेना चाहता था.हर कोई चाहता है कि भारत जीते. उन्होंने मुझे किस कारण से नहीं चुना वो केवल वे वही जानते होंगे. लेकिन अगर आप मेरी जगह किसी और को ले रहे हैं तो वो टीम के भले के लिए होना चाहिए. इसी वजह से मुझमें गुस्सा था, मेरा गुस्सा विजय शंकर से नहीं था. वो क्या कर सकते थे? वो अपना क्रिकेट खेल रहे थे. मुझे टीम में ना लेने के पीछे क्या मंशा थी मुझे नहीं पता. मैं समझ नहीं पाया कि हम विश्वकप खेल रहे थे या लीग मैच.”

    “देखिए क्या उन्होंने रहाणे या किसी ऐसे खिलाड़ी को चुना होता जो अनुभवी और वरिष्ठ हो तो यह समझ में आता. ”

    रायडू ने 55 वनडे में 1694 रन बनाए हैं. जिनमें तीन शतक शामिल है. उनका एवरेज 47.05 था.

  7. बिपरजोय तूफ़ान की आज गुजरात में दस्तक, जानिए ज़रूरी बातें

    गुजरात

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    गुजरात के कच्छ ज़िले में जाखू बंदरगाह के पास गुरुवार को बिपरजोय तूफ़ान के टकराने की आशंका है.

    राज्य के तटीय ज़िलों में भारी बारिश होने की आशंका है और हवा की गति 120-130 किमी प्रति घंटे से बढ़कर 150 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है.

    भारतीय मौसम ने सौराष्ट्र और कच्छ के लिए रेड अलर्ट जारी किया है.

    यहां बहुत गंभीर तूफ़ान बिपरजोय का असर काफ़ी गंभीर होगा. जिससे यहां सड़कों, फसलों और घरों को नुकसान होने की पूरी आशंका है. साथ ही रेल मार्ग को भी नुकसान पहुंच सकता है.

    बिजली के खंभों के क्षतिग्रस्त होने की आशंका के साथ बिजली और संचार लाइनें भी बाधित हो सकती हैं.

    आइए जानते हैं इस तूफ़ान से जुड़े पांच सवाल और उनके जवाब.

    चक्रवाती तूफ़ान

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    कितना ख़तरनाक है ये तूफ़ान?

    चक्रवाती तूफ़ान उत्तर पूर्व दिशा में आगे बढ़ेगा और सौराष्ट्र, कच्छ और पाकिस्तान के तटीय इलाकों के ऊपर से गुजरेगा.

    मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 15 जून यानी गुरुवार को तूफ़ान मांडवी कराची और कच्छ के जाखू बंदरगाह से गुजरेगा.

    मौसम विभाग के मुताबिक़ इस तूफ़ान की रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच हो सकती है.

    हवा की की रफ़्तार 150 किलोमीटर प्रति घंटा तक बढ़ सकती है

    मौसम विभाग के मुताबिक, तूफ़ान 'बेहद गंभीर' है. तूफान को गंभीरता की कैटेगरी-2 में रखा गया है.

    गुजरात के कच्छ, द्वारका, जामनगर, पोरबंदर, राजकोट, मोरबी और जूनागढ़ में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है.

    चक्रवाती तूफ़ान

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    सरकार क्या तैयारी कर रही है?

    प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय 24 घंटे स्थिति की समीक्षा कर रहा है.

    एनडीआरएफ ने 12 टीमों को तैनात किया है. इसके अलावा 15 टीमों को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए स्टैंडबाय पर रखा गया है.

    कोस्ट गार्ड और नौसेना ने राहत और बचाव कार्यों के लिए जहाजों और हेलीकाप्टरों को तैनात किया है. आर्मी एयर फ़ोर्स और इंजीनियर टास्क फ़ोर्स की इकाइयाँ नावों और बचाव उपकरणों के साथ स्टैंडबाय पर हैं.

    तूफ़ान

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    सेना, नौसेना और कोस्ट गार्ड के आपदा राहत दल और चिकित्सा दल भी मदद के लिए तैयार हैं.

    सरकार के बयान के मुताबिक़, गुजरात में मुख्यमंत्री स्तर पर जिला प्रशासन के साथ समीक्षा बैठक हो चुकी है और पूरा राज्य प्रशासन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है.

    तूफ़ान से निपटने के लिए गुजरात सरकार द्वारा किए गए उपायों के बारे में भी प्रधानमंत्री को जानकारी दी गई है बैठक में गृह मंत्री, प्रधान मंत्री के प्रधान सचिव, कैबिनेट सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया.

    प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक के बाद एक ट्वीट में लिखा, "हमारी टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षित निकासी और आवश्यक सेवाओं के रखरखाव को सुनिश्चित कर रही हैं."

  8. कनाडा ने 700 भारतीय छात्रों को वापस भेजने के फ़ैसले पर लगाई रोक

    कनाडा

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    कनाडा ने कहा है कि वह सैकड़ों भारतीय छात्रों को वापस भेजने की प्रक्रिया फ़िलहाल रोकेगा.

    ये छात्र यूनिवर्सिटी के फ़र्जी लेटर लेकर कनाडा पहुंचे थे. इसके बाद से ही उन पर भारत वापस भेजे जाने का ख़तरा मंडरा रहा था.

    कनाडा के इमिग्रेशन मंत्री सीन फ्रेज़र ने बुधवार को ये जानकारी दी है कि कनाडा दर्जनों भारतीय छात्रों को वापस भेजने की योजना अभी के लिए रोक रहा है.

    सीबीसीन्यूज़ चैनल से बात करते हुए फ़्रेज़र ने कहा कि एक कथित इमिग्रेशन योजना में कनाडा में प्रवेश करने के लिए नक़ली दस्तावेजों का इस्तेमाल करने के कारण कई भारतीय छात्रों को डिपोर्ट करने के लिए पेपर भेजे गए थे.

    कनाडा पहुंचे 700 छात्रों पर वापस भेजे जाने का ख़तरा मंडरा रहा है. ये छात्र मुख्य रूप से पंजाब से हैं, जिन्हें कथित फ़र्जी एडमिशन ऑफर के कारण कनाडा ने वापस भारत भेजने का फ़ैसला किया था.

    सीबीएस की रिपोर्ट के मुताबिक़ यूनिवर्सिटी से जो एक्सेप्टेंस लेटर छात्रों को मिले थे, उन्हें लेकर कनाडा बॉर्डर एजेंसी ने बताया था कि ये दस्तावेज़ नक़ली हैं और वो अपने देश वापस भेजे जा सकते हैं.

    वहीं छात्रों का कहना है कि उन्हें नहीं पता था कि उन्हें मिले यूनिवर्सिटी के लेटर नकली थे. उन्होंने भारत के एक इमिग्रेशन-एजेंट पर आरोप लगाया, जिसने उन्हें यूनिवर्सिटी में आवेदन करवाया था.

    सीन फ्रेजर

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    फ्रेजर ने संवाददाताओं से कहा कि एक स्पेशल टास्क फ़ोर्स हर उन छात्रों के मामले को देखेगा, जिन्हें देश छोड़ने के लिए कहा गया था. उन्होंने ये नहीं बताया कि ठीक-ठीक कितने छात्रों को वापस भेजा जा रहा था.

    उन्होंने कहा, “लोगों को वापस भेजने की प्रक्रिया पर फ़िलहाल रोक लगाई जा रही है. ये अंतरिम फ़ैसला है. उन्हें कनाडा में रहने की अस्थायी इजाज़त है, तब तक जब तक कि इस मामले पर ठीक से विचार ना कर लिया जाए.”

    विदेश मंत्री ने कुछ दिन पहले क्या कहा था

    विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा था कि विदेश मंत्रालय और कनाडा में स्थित भारतीय उच्चायोग वहां 700 भारतीय छात्रों के मामले को हल करने के लिए काम कर रहे हैं.

    जयशंकर ने कहा था, "शुरुआत से ही, विदेश मंत्रालय और उच्चायोग ने छात्रों का मामला उठाया है. दोषियों को सज़ा मिलनी चाहिए. नई रिपोर्ट में पता चला है कि कनाडाई सरकार स्वीकार कर रही है कि यदि छात्र ने कोई ग़लत काम नहीं किया है तो डिपोर्ट करना उनके साथ ग़लत होगा.वे इस बात को भी स्वीकार करते हैं कि उन्हें इसका समाधान खोजना होगा. मुझे लगता है कि कनाडा का सिस्टम इस लिहाज से निष्पक्ष है. "

  9. नमस्कार!

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