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लड़की की कुंडली जांचने के इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट का स्टे

सुप्रीम कोर्ट ने कहा इलाहाबाद हाई कोर्ट इस मामले में ज्योतिष के क्षेत्र में कैसे घुस सकता है?

लाइव कवरेज

विकास त्रिवेदी and दीपक मंडल

  1. ओडिशा: बालासोर ट्रेन हादसा, इस्तीफ़े की मांग पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दिया ये जवाब

    ओडिशा के बालासोर में शुक्रवार शाम हुए ट्रेन हादसे के बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव घटनास्थल पर पहुंचे.

    इस दौरान वैष्णव ने रेस्क्यू ऑपरेशन का जायज़ा लिया.

    अश्विनी वैष्णव ने मीडिया से बात करते हुए कहा, ''ये बड़ा हादसा है. सभी दिवंगत आत्माओं के साथ हमारी प्रार्थनाएं हैं. शुक्रवार रात से लगातार रेलवे, एनडीआरएफ, राज्य सरकार मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन कर रहे हैं. सब जगह से लोग बुलाए गए हैं ताकि इस तरह के बड़े हादसे में जिस तरह की कोशिशें होनी चाहिए, वो की जा रही हैं.''

    इस हादसे में 230 से ज़्यादा लोगों की मौत हुई है.

    वैष्णव बोले, ''जिन परिवारों ने अपने लोगों को खोया, उनके साथ मेरी संवेदनाएं हैं. जहां भी सबसे अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं हैं, वो दी जाएंगी. मुआवज़े का एलान शुक्रवार रात रेलवे की तरफ़ से कर दिया गया है.''

    वैष्णव से सवाल किया गया कि हादसे की वजह क्या रही? इस पर वो बोले, ''एक हाई लेवल कमेटी बना दी गई है. इस हादसे की जड़ में जाएंगे. हादसा क्यों हुआ, ये समझा जाएगा. किसी भी जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा. जांच होने दीजिए. अभी सारा ध्यान लोगों के इलाज और रेस्क्यू ऑपरेशन पर है.''

    ट्रेन हादसे के बाद टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने रेल मंत्री से इस्तीफ़े की मांग की.

    अश्विनी वैष्णव से भी यही सवाल पूछा गया कि आपके इस्तीफ़ें की मांग हो रही है, इस पर क्या कहेंगे?

    जवाब में अश्विनी वैष्णव बोले,''मैं यही कहूंगा कि सबसे पहला फोकस लोगों की जान बचाने और राहत कार्य पर रखें.''

    अश्विनी वैष्णव ने कहा, ''हादसे वाली जगह पर जैसे जैसे ही क्लीयरेंस मिलेगा, हम फिर से मरम्मत कार्य को शुरू करेंगे.''

  2. ओडिशा के बालासोर में ट्रेन हादसे के बाद की ये 10 तस्वीरें देखिए

    एक मालगाड़ी और दो यात्री ट्रेनें शुक्रवार शाम ओडिशा के बालासोर में जब हादसे का शिकार हुईं तो मरने वालों की संख्या 230 से ज़्यादा तक पहुंच गई.

    घायलों की संख्या भी एक हज़ार के क़रीब पहुंच गई है.

    हादसे की अगली सुबह शनिवार को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव घटनास्थल पहुंचे. वैष्णव ने अधिकारियों से बात की और हालात का जायज़ा लिया.

    हादसे वाली जगह से जिस तरह की तस्वीरें आ रही हैं, वो शायद कुछ लोगों को विचलित कर सकती हैं.

  3. बालासोर ट्रेन हादसे के वक़्त कितना ख़ौफ़नाक मंज़र था, चश्मदीदों ने बताया

    ओडिशा के बालासोर में हुए ट्रेन हादसे में अब तक 230 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई है और लगभग एक हज़ार लोग घायल हैं.

    पीएम मोदी ने हादसे के बाद ट्वीट कर दुख जताया.

    पीएम मोदी ने कहा, ''ओडिशा में हुए ट्रेन हादसे से व्यथित हूं. दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं परिवार के साथ हैं. हादसे में घायल लोग जल्द स्वस्थ हों. मैंने रेल मंत्री से बात की है और हालात के बारे में जानकारी ली है. बचावकार्य जारी है और प्रभावित लोगों की हर संभव मदद की जाएगी.''

    ट्रेन हादसा कैसे हुआ?

    जगह- ओडिशा का बालासोर ज़िला. शुक्रवार शाम के लगभग 7 बजे.

    कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, रेल के एक ट्रैक पर हावड़ा-चेन्नई कोरोमंडल एक्सप्रेस की मालगाड़ी से टक्कर हुई. इस टक्कर के कारण डिब्बे पटरी से उतरे.

    ये डिब्बे हादसे वाले ट्रैक से दूसरे ट्रैक पर जा पहुंचे.

    इस ट्रैक पर दूसरी ओर से यशवंतपुर-हावड़ा सुपरफास्ट रेल आ रही थी. ये रेल इन डिब्बों से टकराई और इस तरह से 2 जून की रात तीन ट्रेनें हादसे का शिकार हुईं.

    चश्मदीदों ने क्या देखा?

    समाचार एजेंसी एएनआई ने हादसे के चश्मदीदों से बात की है.

    कोरोमंडल एक्सप्रेस के एक यात्री ने बताया, ''मैं शालीमार से चेन्नई जा रहा था. जिस समय हादसा हुआ, मैं सोया हुआ था. हादसा हुआ तो बहुत ज़ोर से आवाज़ हुई. मेरी नींद खुली. ट्रेन नीचे की तरफ जा रही थी. मैं बोगी में लगा फैन पकड़कर बैठा था. मेरी सीट ऊपर वाली थी. जब ट्रेन रुकी तो हम लोग नीचे उतरे. सब इधर उधर भाग रहे थे. कह रहे थे कि मुझे बचाओ, मदद करो. पर आप किस किस की मदद कर सकते हैं. लेकिन तब तक ट्रेन की कैंटीन में आग लग गई तो हम भाग गए.''

    चश्मदीद बोले, ''किसी का हाथ नहीं था. किसी का पैर नहीं था.सब ऐसे पड़े हुए थे. जिस समय हादसा हुआ, तब कोई नहीं था. सब यात्रियों ने ही एक-दूसरे की मदद की. सब घबरा गए थे. उस समय बुद्धि भी काम नहीं कर रही थी कि किसको बचाएं.''

    ट्रेन हादसे के कारण कई जानें गईं पर चश्मदीदों की मानें तो कुछ चमत्कार भी देखने को मिले.

    एक चश्मदीद ने बताया, ''सबसे अच्छी बात रही कि हमारी सीट के नीचे दो साल का एक बच्चा था. वो बच गया. उसको और उसके परिवार को बाहर निकाला.''

    एक चश्मदीद ने बताया, ''हम एस-5 कोच में थे. इस कोच के लोगों को ज़्यादा चोट नहीं आई. हमें चेन्नई जाना था पर अब घर जाएंगे. पहले केरल जाना था.''

    हादसे के शिकार एक और चश्मदीद ने बताया, ''हादसा हुआ तो 10-15 लोग मेरे ऊपर आ गिरे. मैं जब उठा तो हाथ और गर्दन में चोट लग गई थी. ट्रेन से बाहर आया तो किसी के पैर कटे हुए थे तो किसी के हाथ. किसी का चेहरा खराब हो गया था.''

  4. नमस्कार

    आपका दिन शुभ हो.

    ये लाइव पेज 24 घंटे के लिए उपलब्ध रहेगा.

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