अमित शाह कैंपों में शरण लिए कुकी समुदाय से मिले, शांति बहाली का दिया आश्वासन

अमित शाह ने कांगपोकपी में स्थित कुकी समुदाय के राहत कैंप का दौरा किया. मणिपुर में हुई हिंसा के बाद राज्य के दौरे पर पहुंचे गृह मंत्री शाह ने वहां कई बैठकें भी कीं.

लाइव कवरेज

अनंत प्रकाश

  1. केंद्र सरकार ने 12वीं की किताब से खालिस्तान का ज़िक्र हटाया

    खालिस्तान

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    केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने बीते मंगलवार बताया कि एनसीईआरटी ने अपनी 12वीं कक्षा की किताब से खालिस्तान से जुड़ी पंक्तियों को हटा दिया है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति की ओर से इस बारे में केंद्र सरकार से संपर्क किया गया था.

    समिति ने केंद्र सरकार को लिखे पत्र में कहा था कि साल 1973 में पास हुए आनंदपुर साहिब प्रस्ताव की ग़लत ढंग से व्याख्या की गयी है.

    राजनीति शास्त्र की किताब का अंश जहां से खालिस्तान का ज़िक्र हटाया गया है

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    इसके बाद एनसीईआरटी ने इस मामले की जांच करने के लिए विशेषज्ञों की एक समिति बनाई.

    इस समिति ने सरकार को सुझाव दिया था कि किताब के सातवें अध्याय में से दो पंक्तियों को हटाया जा सकता है.

    ये पंक्तियां थीं – ‘लेकिन इसे एक अलग सिख मुल्क बनाने की मांग के रूप में भी समझा जा सकता है.’

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  2. राहुल गांधी ने अमेरिका में पहलवानों के मुद्दे पर कही ये बात?

    राहुल गांधी

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    कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को अमेरिका के कैलिफ़ोर्निया पहुंचकर भारत में विरोध प्रदर्शन कर रहे पहलवानों के मुद्दे पर बयान दिया है.

    सेंटा मोनिका में आयोजित किए गए इस कार्यक्रम के दौरान एक छात्रा ने उनसे पहलवानों के साथ पिछले दिनों हुए सलूक पर सवाल पूछा था.

    अमेरिका की यूसी बर्कले यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाली इस छात्रा ने राहुल गाँधी से सवाल किया कि ‘हम भारत वापस जाना चाहते हैं, अपने देश का प्रतिनिधित्व करना चाहते हैं, लेकिन जिस तरह खिलाड़ियों और युवाओं के साथ सलूक किया गया, वो काफ़ी असहज करने वाला था. ऐसे में आप हमसे ऐसा क्या कहेंगे ताकि हम वापस जाने की बात सोच सकें.’

    इस पर राहुल गांधी ने कहा, “आपको ये समझना होगा कि आप मीडिया में जो कुछ देख रहे हैं, वो सच नहीं है. और आपके देश को आप जैसे युवाओं की ज़रूरत है. आपकी योग्यता और ऊर्जा आपके देश के लिए बहुत उपयोगी होगी. ऐसे में अगर आप वापस जाना चाहती हैं तो वापस जाएं. और मदद करें.”

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    राहुल गांधी ने भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिकों की ओर से बढ़ती महंगाई, भारत में अलग-अलग समुदायों के बीच बढ़ते तनाव से लेकर लोकतंत्र जैसे मसलों पर पूछे गए सवालों के भी जवाब दिए.

    राहुल गांधी ने कहा है, “बीजेपी लोगों को डरा-धमका रही है. सरकारी संस्थाओं का ग़लत इस्तेमाल किया जा रहा है. भारत जोड़ो यात्रा इसीलिए शुरू करनी पड़ी क्योंकि हमें लोगों से जोड़ने वाले सारे माध्यमों पर बीजेपी और आरएसएस का नियंत्रण स्थापित हो गया है.”

    इसके साथ ही उन्होंने कहा कि “अगर आप क्रोध, नफ़रत और घमंड में यक़ीन रखते तो आप किसी बीजेपी की बैठक में बैठे होते. और मैं मन की बात कर रहा होता. ऐसे में अमेरिका में भारत का झंडा बुलंद रखने, अमेरिकी लोगों को भारतीय होने का मतलब समझाने के लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया.”

    राहुल गांधी तीन दिन के अमेरिका दौरे पर हैं.

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  3. हरिद्वार से लौटकर विनेश फोगाट ने लिखा – ‘हम इसलिए मरे कि...’

    विनेश फोगाट के साथ किसान नेता नरेश टिकैत

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    भारतीय पहलवान विनेश फोगाट ने हरिद्वार से लौटकर बुधवार सुबह अपने ट्विटर अकाउंट पर हिंदी के प्रतिष्ठित कवि मुक्तिबोध की एक कविता पोस्ट की है.

    विनेश फोगाट ने लिखा है – ‘लेकिन, हम इसलिए मरे कि ज़रूरत से ज़्यादा नहीं, बहुत-बहुत कम हम बागी थे!’

    ये हिंदी के प्रसिद्ध कवि मुक्तिबोध की कविता ‘एक भूतपूर्व विद्रोही का आत्मकथन’ का एक अंश है.

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    विनेश फोगाट समेत कई पहलवान बीते मंगलवार कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन के प्रतीक के रूप में अपने मेडल गंगा में प्रवाहित करने के लिए हरिद्वार पहुंचे थे.

    लेकिन मेडल बहाए जाने से ठीक पहले किसान नेता नरेश टिकैत उन्हें ऐसा करने से रोकने में कामयाब हो गए.

    टिकैत समेत कई प्रशंसकों की ओर से मेडल नहीं बहाने की अपील किए जाने के बाद पहलवानों ने अपने मेडल बहाने को पांच दिनों के लिए टाल दिया है.

  4. बिना मेडल बहाये वापस लौटे पहलवान, गुरुवार को होगी खाप पंचायत

    हरिद्वार स्थित हर की पौड़ी पर अपने पदकों के साथ भारतीय पहलवान

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    गंगा में मेडल बहाने हरिद्वार पहुंचे भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे पहलवानों ने सरकार को पांच दिनों का अल्टीमेटम दिया है.

    पहलवानों ने मंगलवार शाम अपने मेडल गंगा में विसर्जित नहीं किए और वो किसान नेता नरेश टिकैत के साथ मुज़फ़्फ़रनगर लौट आए.

    इसी बीच मुज़फ़्फ़रनगर के बुढ़ाना क्षेत्र के सोरम गांव में पहलवानों के समर्थन में खाप पंचायत बुलाई गई है.

    नरेश टिकैत के मुताबिक़ ये पंचायत गुरुवार को होगी और इसमें आम लोग हिस्सा नहीं लेंगे.

    मीडिया से बात करते हुए टिकैत ने बताया है कि इस पंचायत में अलग-अलग खापों के चौधरी शामिल होंगे और अन्य राज्य के खाप चौधरियों को भी आमंत्रित किया जाएगा.

    दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर से पहलवानों का धरना ख़त्म कर दिया है. मंगलवार को पहलवानों ने मेडल विसर्जित करने की घोषणा की थी और हरिद्वार पहुंचे थे.

    पांच दिन बाद पहलवानों का प्रदर्शन क्या रूप लेगा, ये अभी तय नहीं हुआ है.

    भारत सरकार की तरफ़ से इस मुद्दे पर कोई बयान नहीं आया है.

  5. समंदर में गिरा उत्तर कोरिया का सैटेलाइट, दक्षिण कोरिया में अफ़रा-तफ़री

    सोल के रेलवे स्टेशन पर गुजरती एक महिला

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    उत्तर कोरिया ने कहा है कि एक हादसे की वजह से उसकी अंतरिक्ष में पहली सैटेलाइट स्थापित करने की कोशिश नाकाम हो गई है. ये सैटेलाइट समंदर में क्रैश हो गया है.

    उत्तर कोरिया के रॉकेट लांच की वजह से जापान को ओकिनावा द्वीप के निवासियों को चेतावनी जारी करनी पड़ी थी. हालांकि जापान ने बाद में कहा कि उसके क्षेत्र को नुक़सान का ख़तरा नहीं है.

    उत्तर कोरिया ने कहा था कि अमेरिका की सैन्य गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए वो 11 जून से पहले सेटेलाइट लांच कर देगा.

    इस कोशिश के नाकाम होने के बाद उत्तर कोरिया ने कहा है कि वो जल्द ही सैटेलाइच लांच करने का दूसरा प्रयास करेगा.

    वहीं जापान के प्रधानमंतरी फ़ुमियो किशिदा ने कहा है कि ऐसा प्रतीत हो रहा है कि उत्तर कोरिया ने बैलिस्टिक मिसाइल लांच किया है. उन्होंने कहा कि जापान की सरकार डेटा का विश्लेषण कर रही है.

    उन्होंने कहा कि इस लांच की वजह से जापान के क्षेत्र को किसी नुक़सान की ख़बर नहीं है. इससे पहले जापान ने कहा था कि वो अपने क्षेत्र को ख़तरा पहुंचाने वाले किसी भी चीज़ को मार गिराने के लिए तैयार है.

    वहीं दक्षिण कोरिया की राजधानी सोल में बुधवार सुबह अफ़रा-तफ़री का माहौल रहा है. यहां हवाई हमलों की चेतावनी देने वाले सायरन बज गए और लोगों को आपात चेतावनी देने वाले संदेश भेज दिए गए. लोगों से कहा गया कि वो जगह खाली करने के लिए तैयार रहें. हालांकि बीस मिनट बाद ही दोबारा भेजे गए आपात संदेश में बताया गया कि पहला संदेश ग़लती से भेज दिया गया था.

    कोरियाई प्रायद्वीप में उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच पिछले 70 सालों से तनाव है. चेतावनी देने वाले अलार्म के ग़लती से बजने से यहां लोगों का इस चेतावनी व्यवस्था में भरोसा टूट सकता है.

    बुधवार को उत्तर कोरिया के सैटेलाइट लांच के प्रयास से पहले अमेरिका ने कहा था कि अगर उत्तर कोरिया कोई बैलिस्टिक मिसाइल लांच करता है तो ये संयुक्त राष्ट्र के की सुरक्षा परिषद के कई प्रस्तावों का उल्लंघन होगा.

  6. नमस्कार आपका दिन शुभ हो.

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