राजस्थान में जारी उठापटक के बीच कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने राज्य के दोनों शीर्ष नेताओं के साथ मैराथन बैठक की.
बैठक के बाद देर रात पार्टी ने कहा कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट आगामी विधानसभा चुनाव एकजुट होकर लड़ने पर सहमत हैं. दोनों नेताओं के बीच जो भी मुद्दे हैं, उनका समाधान आलाकमान करेगा.
समाचार एजेंसी पीटीआई की ख़बर के अनुसार पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि गहलोत और पायलट पार्टी के प्रस्ताव पर सहमत हो गए हैं.
खड़गे के आवास 10 राजाजी मार्ग पर हुई क़रीब चार घंटे की बैठक में गहलोत और पायलट अलग-अलग समय पर पहुंचे. गहलोत शाम क़रीब छह बजे खड़गे के आवास पर आए और उनके क़रीब दो घंटे बाद पायलट वहां पहुंचे.
गहलोत और पायलट कांग्रेस के संगठन महासचिव के साथ मीडिया से मुख़ातिब हुए. लंबे समय बाद दोनों नेता एक साथ मीडिया के सामने नज़र आए.
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, बैठक के बाद वेणुगोपाल ने मीडिया से कहा, "राजस्थान विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने अशोक गहलोत जी और सचिन पायलट जी के साथ मंत्रणा की. हमने फ़ैसला किया है कि कांग्रेस एकजुट होकर यह चुनाव लड़ेगी. दोनों (गहलोत और पायलट) सहमत हैं कि कांग्रेस को एकजुट होकर चुनाव मैदान में उतरना चाहिए और राजस्थान में हम निश्चित तौर पर चुनाव जीतेंगे."
वेणुगोपाल ने कहा, "राजस्थान कांग्रेस के लिए एक मज़बूत स्थिति वाला राज्य होगा. दोनों नेता प्रस्ताव पर सहमत हैं."
यह पूछे जाने पर कि यह प्रस्ताव क्या है, वेणुगोपाल ने कहा, "दोनों ने आलाकमान पर छोड़ दिया है. चुनाव में साथ जाने का फ़ैसला किया है और हम मिलकर लड़ेंगे और भाजपा के ख़िलाफ़ जीत दर्ज करेंगे."
सचिन पायलट ने साल 2020 से राज्य में अपनी ही सरकार के ख़िलाफ़ मोर्चा खोला हुआ है. इसी साल 15 मई को पायलट ने गहलोत सरकार को अल्टीमेटम तक दिया था. पायलट राज्य में पूर्व की बीजेपी सरकार पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच सहित कई अन्य मांगें कर रहे हैं.
पायलट ने चेतावनी दी थी कि अगर गहलोत सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो वो पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन करेंगे. राजस्थान में इसी साल के आख़िर में विधानसभा चुनाव होने हैं.