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पहलवानों के हर के पौड़ी पहुँचने और बिना मेडल बहाए लौटने तक की कहानी तस्वीरों में

किसान नेता नरेश टिकैत के समझाने के बाद पहलवानों ने गंगा में मेडल बहाने के कार्यक्रम को पांच दिनों के लिए स्थगित कर दिया है.

लाइव कवरेज

प्रियंका झा

  1. पहलवानों के हर के पौड़ी पहुँचने और बिना मेडल बहाए लौटने तक की कहानी तस्वीरों में

  2. पहलवानों को समझाने के बाद क्या बोले किसान नेता नरेश टिकैत

    किसान नेता नरेश टिकैत के मनाने के बाद हरिद्वार में गंगा में अपने मेडल बहाने का कार्यक्रम पहलवानों ने 5 दिन के लिए टाल दिया है.

    पहलवानों को मनाने के बाद नरेश टिकैत ने कहा कि वो इन महिला पहलवानों की हिफ़ाज़त के लिए जो भी बन पड़ेगा, करेंगे.

    नरेश टिकैत ने न्यूज एजेंसी एएनआई से इस पूरे मसले पर बात की. उन्होंने पहलवानों के प्रदर्शन का समर्थन करते हुए कहा, ''जिस तरह से जंतर-मंतर में हमारी बेटियों के साथ व्यवहार हुआ है, इसे पूरा भारत बर्दाश्त नहीं करेगा. उन्हें जिस तरह से खींच-खींचकर वहां (जंतर-मंतर) से उठाया गया, उसे लेकर पूरे भारत में रोष है.''

    उन्होंने केंद्र सरकार पर भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को बचाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, ''एक आदमी को बचाने के लिए पूरी भारत सरकार लगी हुई है.''

    टिकैत ने कहा कि खिलाड़ियों ने पांच दिन का वक्त दिया. हम चुप नहीं बैठेंगे. उन्होंने खिलाड़ियों से हुई बातचीत के बारे में कहा, ''उन्हें हमने पूरा आश्वासन दिया है. हम उनका सर झुकने नहीं देंगे, उनके लिए जहां तक लड़ाई लड़नी पड़ेगी, हम लड़ेंगे.''

    दरअसल, साक्षी मलिक, विनेश फोगाट, बजरंग पुनिया समेत कई बड़े खिलाड़ियों ने भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ़ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है.

    सिंह के खिलाफ़ कार्रवाई की मांग को लेकर ये खिलाड़ी करीब एक महीने से दिल्ली के जंतर-मंतर धरने पर बैठे थे, जिन्हें 28 मई को पुलिस ने जबरन हटा दिया था. जिसके बाद इन खिलाड़ियों ने अपने सारे मेडल गंगा में बहाने का एलान किया था.

  3. आईपीएल 2023 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले शुभमन गिल ने कोहली के बारे में क्या कहा?

    आईपीएल 2023 में शानदार प्रदर्शन के दम पर ऑरेंज कैप हासिल करने वाले शुभमन गिल की हर ओर तारीफ़ हो रही है.

    अब शुभमन ने कहा कि 2011 का वर्ल्ड कप अगर भारत नहीं जीतता तो शायद मैं क्रिकेट को लेकर अभी जैसा प्रेरित नहीं होता.

    अब शुभमन गिल डॉन ब्रैडमैन, सुनील गावस्कर, सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली जैसे बेहतरीन क्रिकेटर्स के बीच तुलना को भी जायज नहीं मानते.

    न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए गिल ने कहा, ''जो भी क्रिकेटर अपने पीछे विरासत छोड़कर गए हैं, उनकी बात करें तो अकसर ये बहस होती है कि विराट कोहली, सचिन तेंदुलकर, सुनील गावस्कर और डॉन ब्रैडमैन में से कौन बेहतर है, लेकिन ये तुलना संभव ही नहीं है.''

    उन्होंने आगे कहा, ''सुनील गावस्कर की ही बात करें तो, अगर 1983 का वर्ल्ड कप हमने नहीं जीता होता तो शायद सचिन तेंदुलकर जैसे खिलाड़ी सामने नहीं आ पाते. अगर हम 2011 का वर्ल्ड कप नहीं जीतते तो शायद मेरे जैसा खिलाड़ी सामने नहीं आता.''

    शुभमन ने इन क्रिकेटर्स के बीच तुलना पर आगे कहा कि इन सभी खिलाड़ियों ने अलग-अलग पीढ़ियों को प्रेरित किया है. इन खिलाड़ियों की तुलना सही नहीं होगी.

    आईपीएल 2023 में गुजरात टाइटन के खिलाड़ी शुभमन गिल ने 17 मैचों 890 रन बनाकर ऑरेंज कैप हासिल की है. उनकी पारी में तीन शतक भी शामिल हैं.

  4. बिहार में पीएम नरेंद्र मोदी करेंगे जनसभा, क्या है राज्य में बीजेपी का एजेंडा?

      • Author, चंदन कुमार जजवाड़े
      • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, बिहार से

    एक तरफ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बीजेपी विरोधी दलों की एकता की कोशिश में लगे हैं, वहीं राज्य में विपक्षी बीजेपी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा की योजना बना रही है.

    बीजेपी ने 30 मई से 30 जून तक राज्य में केंद्र सरकार की नौ साल की उपलब्धियों पर कार्यक्रम कर रही है, इसके अलावा पार्टी की तरफ से जनसंपर्क अभियान भी चलाया जा रहा है.

    राज्य बीजेपी ने इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एक जनसभा करने का अनुरोध भी किया है. माना जा रहा है कि बिहार में मोदी की जनसभा 12 जून के बाद हो सकती है.

    राज्य बीजेपी ने इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एक जनसभा करने का अनुरोध भी किया है. माना जा रहा है कि बिहार में मोदी की जनसभा 12 जून के बाद हो सकती है.

    दरअसल बिहार की राजधानी पटना में 12 जून को विपक्षी दलों की एक बैठक की तैयारी चल रही है. विपक्षी एकता बनान के मुहिम में जुटे नीतीश कुमार को यह सलाह पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दी थी.

    बिहार में पिछले अगस्त 2022 में जेडीयू और बीजेपी के बीच रिश्ता टूटने के बाद से बीजेपी के कई नेता राज्य का दौरा कर चुके हैं, इनमें गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा भी शामिल हैं.

    साल 2024 के विधानसभा चुनावों के लिहाज से राज्य में बीजेपी पूरी ताक़त से तैयारी में लगी हुई है, हालांकि आंकड़ों के लिहाज से बीजेपी यहां महागठबंधन के मुक़ाबले कमज़ोर दिखती है.

    साल 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को राज्य की 17 सीटों पर जीत मिली थी, हालांकि उस वक़्त नीतीश कुमार की जेडीयू और बीजेपी एक साथ थी. राज्य में नरेंद्र मोदी की जनसभा से बीजेपी एक तरह से अपना शक्ति प्रदर्शन भी कर सकती है.

    वहीं पटना में विपक्षी नेताओं की बैठक में यह भी स्पष्ट हो सकता है कि नीतीश कुमार कितने दलों को साथ जोड़ने में सफल रहे हैं और किस पार्टी से किस क़द का नेता इस मीटिंग में शिरकत करता है. विपक्षी नेताओं की मीटिंग के बाद मोदी की जनसभा होने से बीजेपी को विपक्ष पर निशाना साधने का बड़ा मौक़ा भी मिल सकता है.

  5. हरिद्वार से LIVE: पहलवानों ने गंगा में मेडल बहाने का कार्यक्रम किया स्थगित, ज़्यादा जानकारी दे रहे हैं बीबीसी संवाददाता राघवेंद्र राव

  6. लेबनान से अगवा सऊदी नागरिक को सेना ने छुड़ाया

    लेबनान में अगवा किए गए एक सऊदी नागरिक को स्थानीय सुरक्षाबलों ने छुड़ा लिया है. समाचार एजेंसी एपी की रिपोर्ट के मुताबिक़ इस शख़्स को पिछले हफ़्ते फिरौती के लिए अगवा किया गया था.

    लेबनान की सेना ने अपने बयान में कहा है कि मुशारी अल-मुताइरी नाम के शख़्स को एक 'स्पेशल ऑपरेशन' के बाद छुड़ा लिया गया है.

    सेना ने कहा कि उन्हें लेबनान-सीरिया बॉर्डर पर बंधक बनाकर रखा गया था. फ़िलहाल इस ऑपरेशन के बारे में और ज़्यादा जानकारी सामने नहीं आई है.

    हालांकि लेबनान के स्थानीय मीडिया के अनुसार, उन्हें उत्तर-पूर्व के हर्मेल ज़िले से छुड़ाया गया है.

    एपी की रिपोर्ट के मुताबिक़ अल-मुताइरी को शनिवार की रात बेरूत से अगवा किया गया था. सऊदी के सरकार चैनल अल अखबरिया ने ख़बर दी है कि अपहरण करने वालों ने मुताइरी की रिहाई के लिए चार लाख डॉलर की फिरौती की मांगी थी. मुताइरी सऊदिया एयरलाइंस के लिए काम करते हैं.

    लेबनान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री नजीब मिकाती ने इस रिहाई के बाद बयान जारी करके कहा है कि उनकी सरकार विदेशी नागरिकों की सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्ध है. उन्होंने सफल कार्रवाई के लिए देश की सेना को भी बधाई दी है.

  7. दिनभर: मेडल बहाने हरिद्वार पहुंचे पहलवान, हंगामा जारी

  8. अनिल कुंबले आंदोलनकारी पहलवानों को लेकर खुलकर बोले

    भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार गेंदबाज़ रहे अनिल कुंबले ने ओलंपिक विजेता पहलवानों के साथ दिल्ली पुलिस के व्यवहार को लेकर दुख जताया है. अनिल कुंबले ने कहा कि इस विवाद का संवाद के ज़रिए समाधान होना चाहिए.

    भारत के दिग्गज क्रिकेटर रहे अनिल कुंबले ने अपने ट्वीट में लिखा है, ''28 मई को हमारे पहलवानों के साथ हाथापाई देखकर बहुत दुख हुआ. किसी भी समस्या का समाधान अच्छे संवाद से हो सकता है. हम जल्द से जल्द इसके समाधान की उम्मीद करते हैं.''

    इससे पहले सोमवार को ओलंपिक मेडल विजेता अभिनव बिंद्रा ने रविवार को दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे पहलवानों के ख़िलाफ़ कार्रवाई को लेकर नाराज़गी जताई थी.

    ये पहलवान क़रीब एक महीने से ज़्यादा वक़्त से भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ़ प्रदर्शन कर रहे हैं. महिला पहलवानों ने सिंह के खिलाफ़ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं.

    जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे पहलवानों को रविवार को पुलिस ने वहां से जबरन हटा दिया था. पुलिस ने विनेश फोगाट, साक्षी मलिक, बजरंग पुनिया और दूसरे पहलवानों को हिरासत में भी लिया था, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया.

    सोमवार को किए एक ट्वीट में अभिनव बिंद्रा ने कहा, ''बीती रात मैं सो नहीं पाया. मुझे प्रदर्शन कर रहे रेसलर्स की तस्वीरें परेशान करती रहीं. अब समय आ गया है कि सभी खेल संगठनों में स्वतंत्र रूप से सुरक्षा के एहतियाती क़दम उठाए जाएं.''

    बिंद्रा ने खिलाड़ियों के हितों पर बात करते हुए लिखा है, ''हमें ये सुनिश्चित करना होगा कि अगर इस तरह की परिस्थितियां आएं तो उनसे बेहद संवेदनशीलता के साथ निपटा जाए. हर एथलीट का ये हक़ है कि उसे सुरक्षित और सशक्त माहौल मिले.''

    इससे पहले रविवार को ओलंपिक मेडल विजेता नीरज चोपड़ा ने भी धरना दे रहे खिलाड़ियों का समर्थन करते हुए पुलिस कार्रवाई पर नाराज़गी जताई थी. चोपड़ा ने साक्षी मलिक के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए लिखा था- मुझे ये देखकर दुख हो रहा है. इस हालात से डील करने का कोई दूसरा संवेदनशील तरीक़ा हो सकता है.''

  9. रूस: मॉस्को के पॉश इलाक़ों में ड्रोन से हमला, पुतिन हुए और सक्रिय

    यूक्रेन की राजधानी कीएव में रात भर हुए ड्रोन हमलों के बाद अब मॉस्को की इमारतों पर ड्रोन अटैक हुए हैं. अधिकारियों के मुताबिक़, इन ड्रोन हमलों में कुछ इमारतों को नुकसान पहुंचा है. रूस ने इन ड्रोन हमलों के लिए यूक्रेन को ज़िम्मेदार ठहराया है. हालांकि यूक्रेन ने इस हमले में किसी तरह का हाथ होने से इनकार किया है.

    रूस की राजधानी मॉस्को में हुए हमलों को लेकर अब तक मिली जानकारी के अनुसार, किसी के गंभीर रूप से घायल या चोटिल होने की भी सूचना नहीं है.

    अधिकारियों ने कहा है कि एयर डिफ़ेंस सिस्टम ने रूस की राजधानी की ओर आ रहे कुछ ड्रोन मार गिराए हैं. क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव के अनुसार, इन हमलों के बारे में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को विस्तार से जानकारी दे दी गई है.

    रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक़ इन हमलों में मॉस्को के उन पॉश इलाक़ों को निशाना बनाना गया है, जहां राष्ट्रपति पुतिन समेत कई देश के अहम लोग रहते हैं.

    इन हमलों के बाद क्रेमलिन के प्रवक्ता पेस्कोव से कहा, ''निश्चित रूप ने आज राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने काफ़ी पहले काम करना शुरू कर दिया. उन्हें इस हमले के बारे में रक्षा मंत्रालय, अलग-अलग एजेंसियों, मॉस्को के मेयर और इलाक़े के गवर्नर और इमर्जेंसी मिनिस्ट्री के तरफ से जानकारी दी गई.''

    उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति पुतिन फ़िलहाल इस हमले को लेकर कोई बयान नहीं देंगे.

    मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने बताया कि स्थानीय समयानुसार सुबह साढ़े छह बजे के आसपास उन्होंने थोड़ी दूरी पर हुए धमाके की आवाज़ सुनी, इससे उनके घर की खिड़कियां तक हिल गईं. आधे घंटे बाद एक और धमाका हुआ. उन्होंने कहा कि यूक्रेन में जारी जंग कभी भी 'इतने क़रीब महसूस नहीं हुई थी.'

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा है, "आज सुबह कीएव सरकार ने मॉस्को में अपने लक्षित ठिकानों पर आतंकवादी ड्रोन हमला किया. इनमें से तीन अपने आप नष्ट हो गए. बाकी पाँच ड्रोन मॉस्को क्षेत्र में लगे मिसाइल सिस्टम ने मार गिराया."

    रूसी सेना के जनरल विक्टर सोबोलेव के मुताबिक मॉस्को में हुए हमलों में इस्तेमाल ड्रोन्स काफ़ी नीचे उड़ान भर रहे थे. इसी वजह से रडार उन्हें डिटेक्ट नहीं कर पाए.

    जनरल सोबोलेव ने कहा कि ऐसी घटनाएं आगे ना हो ये सुनिश्चित करने के लिए सिस्टम को आधुनिक बनाना होगा. जनरल सोबोलेव रूसी संसद की डिफेंस कमिटी के सदस्य भी हैं.

    वहीं, यूक्रेन में हवाई हमले से कम से कम एक की मौत हुई है. वहीं, यूक्रेन के अधिकारियों ने कहा है कि रातभर जारी रहे हमलों की वजह से कुछ इमारतों में आग लगई और 20 से अधिक रूसी ड्रोन नष्ट कर दिए गए हैं.

  10. ब्रेकिंग न्यूज़, गंगा में मेडल बहाने हरिद्वार पहुँचे आंदोलनकारी पहलवान हुए भावुक

    कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष और बीजेपी सांसद बृजभूषण सिंह के ख़िलाफ़ एक महीने से ज़्यादा वक़्त से दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना दे रहे ओलंपिक मेडल विजेता पहलवान अपना मेडल गंगा में प्रवाहित करने हरिद्वार पहुँच गए हैं.

    हरिद्वार पहुँचने के बाद साक्षी और विनेश भावुक हो गईं. वीडियो में दिख रहा है कि ये पूरी तरह से उदास हैं.

    मंगलवार को बजरंग पुनिया, साक्षी मलिक के अलावा विनेश फोगाट ने दिल्ली पुलिस और सरकार के रुख़ से नाराज़ होकर अपना मेडल गंगा में बहाने की घोषणा की थी.

    इन पहलवानों ने बृजभूषण सिंह पर महिला पहलवानों के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था. इनकी मांग थी कि बृजभूषण सिंह को गिरफ़्तार किया जाए.

    28 मई को दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर से इन पहलवानों के टेंट को जबरन हटा दिया था और उन्हें हिरासत में ले लिया था. दिल्ली पुलिस का कहना था कि ये अब जंतर मंतर पर धरना नहीं दे सकते हैं.

    पुलिस की इसी कार्रवाई के विरोध में इन पहलवानों ने अपना मेडल गंगा में बहाने की घोषणा की थी. इसी घोषणा के बाद मंगलवार शाम ये पहलवान हरिद्वार पहुँच गए हैं.

    इससे पहले हरिद्वार के एसएसपी ने कहा था कि वो इन पहलवानों को नहीं रोकेंगे. अंग्रेजी के अख़बार हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए हरिद्वार के एसएसपी अजय सिंह ने कहा, ''पहलवान कुछ भी करने के लिए स्वतंत्र हैं. अगर वो अपने मेडल गंगा में बहाने यहाँ आ रहे हैं तो हम उन्हें नहीं रोकेंगे. हमें अपने सीनियर अधिकारियों से भी ऐसा कुछ आदेश नहीं मिला है.''

  11. हरिद्वार एसएसपी ने पहलवानों के गंगा में मेडल बहाने से पहले कही ये बात

    कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष और बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह के ख़िलाफ क़रीब एक महीने से धरना दे रहे पहलवानों ने मंगलवार को उत्तराखंड के हरिद्वार में अपने मेडल गंगा में बहाने करने का ऐलान किया है. अब हरिद्वार के एसएसपी ने कहा है कि वो इन पहलवानों को नहीं रोकेंगे. वहीं कई हस्तियों ने इन पहलवानों से ऐसा ना करने की अपील की है.

    अंग्रेजी के अख़बार हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए हरिद्वार के एसएसपी अजय सिंह ने कहा, ''पहलवान कुछ भी करने के लिए स्वतंत्र हैं. अगर वो अपने मेडल गंगा में बहाने यहाँ आ रहे हैं तो हम उन्हें नहीं रोकेंगे. हमें अपने सीनियर अधिकारियों से भी ऐसा कुछ आदेश नहीं मिला है.''

    हरिद्वार एसएसपी ने आगे कहा, ''लोग गंगा में सोना, चांदी और अस्थियां विसर्जित करते हैं. रेसलर्स चाहें तो अपना मेडल विसर्जित कर सकते हैं. 15 लाख श्रद्धालु गंगा दशहरा के दिन हरिद्वार में स्नान करने आते हैं, पहलवानों का भी स्वागत है.''

    वहीं अब अलग-अलग हस्तियों ने इन खिलाड़ियों से मेडल विसर्जित नहीं करने की अपील की. कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा और भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने पहलवानों से ऐसा ना करने की अपील की है.

    दीपेंद्र हुडा ने खिलाड़ियों के समर्थन में ट्वीट करते हुए लिखा, ''देश का गौरव बढ़ाने वाले खिलाड़ियों से मेरी अपील है कि अपने मेडल गंगा में न बहाएं. आपको ये मेडल भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह की कृपा से नहीं मिले हैं बल्कि वर्षों के तप और साधना से मिले हैं.'' उन्होंने सरकार से खिलाड़ियों की बात सुनने का आग्रह भी किया.

    वहीं किसान नेता राकेश टिकैत ने खिलाड़ियों से आग्रह करते हुए लिखा, ''यह मेडल देश और तिरंगे की शान है. हमारा सभी पहलवानों से अनुरोध है कि ऐसा क़दम मत उठाओ. आपने अपने खेल से देश का सिर गर्व से ऊंचा किया है. हमारा राष्ट्रपति और प्रधानमंत्रीजी से अनुरोध है कि मामले को संज्ञान में लेकर पहलवानों से जल्द बातचीत करें.''

    कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के ख़िलाफ़ साक्षी मलिक, ओलंपिक मेडल विजेता बजरंग पुनिया और जानी-मानी महिला पहलवान विनेश फोगाट दिल्ली के जंतर मंतर पर एक महीने से ज़्यादा वक़्त से धरना कर रहे थे.

    28 मई को दिल्ली पुलिस ने जबरन इनका धरना ख़त्म करा दिया था और इन्हें हिरासत में ले लिया था. इन पहलवानों ने बयान जारी करके ऐलान किया है कि सरकार उनका शिकायतों को नहीं सुन रही है और उनके दुर्व्यवहार भी किया जा रहा है. इसलिए उनके पास मेडल गंगा में बहाने के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचा है. खिलाड़ियों ने ये भी कहा है कि मेडल विसर्जित करने के बाद वे दिल्ली में इंडिया गेट पर प्रदर्शन करेंगे.

  12. सचिन बोले- पिता ने कहा था, यह काम कभी मत करना और मैंने कभी नहीं किया

    महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने मंगलवार को कहा कि जीवन में लक्ष्य हासिल करने के लिए फिटनेस के प्रति जागरूकता और अनुशासन बहुत ज़रूरी है.

    सचिन ने कहा कि उन्हें तंबााकू से जुड़े कई उत्पादों के विज्ञापन के ऑफर मिलते थे लेकिन कभी स्वीकार नहीं किया. सचिन महाराष्ट्र सरकार के स्वच्छ मुख अभियान के एक कार्यक्रम में स्माइल ऐम्बैस्डर के तौर पर बोल रहे थे. स्वच्छ मुख मतलब मुँह के हाइजिन से जुड़ा अभियान है.

    इस अभियान की शुरुआत महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में हुई.

    सचिन ने इसी कार्यक्रम में कहा, ''स्कूल के बाद से ही मैंने भारत के लिए खेलना शुरू कर दिया था. मुझे इसके बाद विज्ञापन के कई ऑफर मिले थे लेकिन मेरे पिता ने कहा था कि तंबाकू से जुड़े किसी भी उत्पाद का विज्ञापन नहीं करना है. मैंने इसका पालन हमेशा किया. मुझे इस तरह के कई प्रस्ताव मिले लेकिन कभी स्वीकार नहीं किया.''

    सचिन ने कहा, ''मुँह की सेहत संपूर्ण सेहत के लिए बहुत ज़रूरी है. बिना फिटनेस के कोई भी मक़सद हासिल नहीं किया जा सकता है. मैंने अपने जीवन में फिटनेस को काफ़ी अहमियत दी है.''

  13. साक्षी मलिक ने दी धोनी को बधाई लेकिन अपना दुख भी यूं बताया

    ओलंपिक मेडल विजेता साक्षी मलिक ने महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में चेन्नई सुपरकिंग्स की जीत पर बधाई देते हुए अपना दुख ज़ाहिर किया है.

    साक्षी मलिक ने अपने ट्वीट में लिखा है, ''महेंद्र सिंह धोनी जी और चेन्नई सुपरकिंग्स को बधाई. हम इस बात से ख़ुश हैं कि कुछ खिलाड़ी जिस प्यार और आदर के हक़दार, वो उन्हें मिल रहा है. हमलोग के लिए इंसाफ़ की लड़ाई अब भी जारी है.''

    साक्षी मलिक के इस ट्वीट पर कई लोगों ने मिलजुली प्रतिक्रिया दी है. बीजेपी सांसद और कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण सिंह के ख़िलाफ़ साक्षी मलिक, ओलंपिक मेडल विजेता बजरंग पुनिया और जानी-मानी महिला पहलवान विनेश फोगाट दिल्ली के जंतर मंतर पर एक महीने से ज़्यादा वक़्त से धरना कर रहे थे.

    28 मई को दिल्ली पुलिस ने जबरन इनका धरना ख़त्म करा दिया था और इन्हें हिरासत में ले लिया था. दिल्ली पुलिस का कहना है कि जंतर मंतर के अलावा किसी जगह पर उन्हें धरना देने की अनुमति नहीं है.

    इस बीच मंगलवार को बजरंग पुनिया और साक्षी मलिक ने अपने मेडल हरिद्वार जाकर गंगा में प्रवाहित करने का ऐलान किया है. इनका कहना है कि दिल्ली पुलिस ने इनके साथ बर्बरता की है और अब उनके पास कोई और उपाय नहीं बचा है.

    इन पहलवानों की उम्मीद रही है कि देश जाने-माने खिलाड़ी उनके समर्थन में आएं. कुछ खिलाड़ियों ने ट्वीट करके समर्थन भी जताया लेकिन खुलकर जंतर मंतर बहुत कम ही लोग आए थे.

    पहलवानों ने बयान में कहा है, "28 मई को जो हुआ वो सबने देखा. पुलिस ने हमें बर्बरता से गिरफ़्तार किया. हम शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे थे. हमारे आंदोलन की जगह को भी पुलिस ने तहस-नहस कर के हमसे छीन लिया और अगले दिन गंभीर मामलों में हमारे ऊपर ही एफ़आईआर दर्ज कर दी गई. क्या महिला पहलवानों ने अपने साथ हुए यौन उत्पीड़न के लिए न्याय मांगकर कोई अपराध कर दिया है."

    इस बयान में आगे कहा गया है, "हम महिला पहलवान ऐसा महसूस कर रही हैं कि इस देश में हमारा कुछ नहीं बचा. हमें वो पल याद आ रहे हैं जब हमने ओलंपिक, वर्ल्ड चैंपियनशिप में मेडल जीते थे. अपने आत्म सम्मान के साथ समझौता करके भी क्या जीना. ये सवाल आया कि किसे लौटाएं. हमारी राष्ट्रपति जी को, जो सिर्फ़ दो किलोमीटर दूर बैठी सब देखती रहीं, लेकिन कुछ बोली नहीं. हमारे प्रधानमंत्री जी को, जो हमें अपने घर की बेटियां बताते थे और एक बार भी सुध-बुध नहीं ली."

  14. शाहबाद डेयरी मर्डर: साहिल का एक और वीडियो आया सामने

    20 साल के एसी मैकेनिक साहिल को दिल्ली के रोहिणी कोर्ट ने 16 साल की एक लड़की की चाकू से गोदकर हत्या के मामले में दो दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है.

    कहा जा रहा है कि लड़की साहिल की पूर्व प्रेमिका थी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ दिल्ली पुलिस ने बताया है कि जिस चाकू से साहिल ने लड़की की हत्या की है, उसे हरिद्वार से ख़रीदा था.

    हत्या का एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. इस वीडियो में लड़की को बेरहमी से चाकू मारते देखा जा सकता है. कहा जा रहा है कि जो चाकू मार रहा है, वही साहिल है. वीडियो में दिख रहा है कि युवक चाकू मारने के बाद लड़की के सिर पर पत्थर मार रहा है.

    साहिल से ही जुड़ा एक और वीडियो क्लिप सामने आया है. समाचार एजेंसी एनआई से इस वीडियो की पुष्टि दिल्ली पुलिस ने की है. इस वीडियो में दिख रहा है कि साहिल शाहबाद डेयरी इलाक़े स्थित घटनास्थल पर एक व्यक्ति से बात कर रहा है. कहा जा रहा है कि हत्या से ठीक 60 सेकंड पहले का वीडियो है.

    वहीं दिल्ली पुलिस ने कहा है कि इस हत्या में इस्तेमाल चाकू शुक्रवार को उत्तराखंड के हरिद्वार ख़रीदा गया था. पुलिस ने कहा है कि इस मामलें में अभियुक्त साहिल से पूछताछ जारी है. पुलिस अभियुक्त से ये पूछताछ कर रही है कि उसने किन परिस्थितियों में ये चाकू खरीदा था और क्या ये हत्या के इरादे ही खरीदा गया था? हालांकि पुलिस अब तक इस चाकू बरामद नहीं कर पाई है.

    सोमवार को साहिल को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से गिरफ़्तार करके दिल्ली लाया गया था. इस निर्मम हत्या की सीसीटीवी फ़ुटेज सोमवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गई था.

    दिल्ली पुलिस ने कहा है कि शुरुआती जांच में पता चला है कि लड़की ने साहिल के साथ रिश्ता तोड़ लिया था, जिसके बाद वो नाराज़ था. बीते गुरुवार को दोनों के बीच बहस भी हुई थी.

  15. जडेजा ने क्यों कहा- माही भाई आपके लिए तो कुछ भी

    महेंद्र सिंह धोनी की अगुआई वाली चेन्नई सुपर किंग्स ने बेहद रोमांचक मुकाबले में गुजरात टाइटंस को हराकर आईपीएल का खिताब जीत लिया है.

    इस जीत के हीरो रवींद्र जडेजा ने कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के लिए भावुक पोस्ट लिखी है.

    जाडेजा ने इस जीत को कप्तान धोनी को समर्पित किया है. मंगलवार को किए गए ट्वीट में रवींद्र जडेजा और उनकी पत्नी रिवाबा कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के साथ दिख रहे हैं.

    इन तस्वीरों के साथ लिखा है, ''हमने ये ट्रॉफी (जीत) केवल एक शख़्स के लिए जीती. एम एस धोनी के लिए. माही भाई, आपके लिए तो कुछ भी.''

    दरअसल, बारिश से बाधित फ़ाइनल मुकाबले में गुजरात टाइटंस ने पहले बल्लेबाज़ी करके 214 रन बनाए थे. इसके बाद डकवर्थ लुइस रूल के मुताबिक चेन्नई को 15 ओवर्स में 171 रनों का लक्ष्य दिया गया.

    अख़िरी कुछ ओवर्स में मुक़ाबला काफ़ी क़रीबी हो गया था. आख़िरी दो गेंदों में जीत के लिए चेन्नई को 10 रन बनाने थे. रवींद्र जडेजा ने इस लक्ष्य को एक छक्के और और एक चौके की मदद से पूरा कर लिया था. चेन्नई का ये पांचवा आईपीएल खिताब है.

  16. बजरंग पुनिया और साक्षी मलिक समेत धरना दे रहे पहलवान गंगा में बहाएंगे अपने मेडल

    कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण सिंह के ख़िलाफ़ राजधानी दिल्ली में एक महीने से भी ज़्यादा समय से धरने पर बैठे पहलवानों ने अपने मेडलों को गंगा नदी में बहाने की घोषणा की है.

    भारत के शीर्ष के कुश्ती पहलवान कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ़्तारी की मांग को लेकर जंतर मंतर पर धरना दे रहे थे. लेकिन 28 मई को दिल्ली पुलिस ने इनके अनशन को जबरन जंतर मंतर से हटा दिया था. पहलवानों ने बृजभूषण सिंह पर यौन शोषण का आरोप लगाया है.

    प्रदर्शन करने वाले पहलवानों में ओलंपिक पदक विजेता बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक भी शामिल हैं. इनके अलावा ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकीं विनेश फोगाट भी प्रदर्शन की चर्चित चेहरा हैं.

    28 मई को देश के नए संसद भवन का उद्घाटन हुआ था. बजरंग पुनिया, साक्षी मलिक और विनेश फोगाट इसी दिन नए संसद तक मार्च करना चाह रहे थे. इनका साथ किसान नेता भी दे रहे थे. लेकिन पुलिस ने इन्हें मार्च करने से रोक दिया था और हिरासत में ले लिया था. इसके अलावा जंतर मंतर पर लगे इनके टेंट को जबरन हटा दिया था.

    पुलिस की इस कार्रवाई के तीन दिन बाद बजरंग पूनिया और साक्षी मलिक ने मंगलवार को एक बयान जारी किया है.

    इसमें उन्होंने कहा है, "अब हमें ये मेडल नहीं चाहिए क्योंकि इन्हें पहनाकर हमें मुखौटा बनाकर ये तेज सफ़ेदी वाला तंत्र सिर्फ़ प्रचार करता है."

    पहलवानों ने बयान में कहा है, "28 मई को जो हुआ वो सबने देखा. पुलिस ने हमें बर्बरता से गिरफ़्तार किया. हम शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे थे. हमारे आंदोलन की जगह को भी पुलिस ने तहस-नहस कर के हमसे छीन लिया और अगले दिन गंभीर मामलों में हमारे ऊपर ही एफ़आईआर दर्ज कर दी गई. क्या महिला पहलवानों ने अपने साथ हुए यौन उत्पीड़न के लिए न्याय मांगकर कोई अपराध कर दिया है."

    "हम महिला पहलवान ऐसा महसूस कर रही हैं कि इस देश में हमारा कुछ नहीं बचा. हमें वो पल याद आ रहे हैं जब हमने ओलंपिक, वर्ल्ड चैंपियनशिप में मेडल जीते थे. अपने आत्म सम्मान के साथ समझौता करके भी क्या जीना. ये सवाल आया कि किसे लौटाएं. हमारी राष्ट्रपति जी को, जो सिर्फ़ दो किलोमीटर दूर बैठी सब देखती रहीं, लेकिन कुछ बोली नहीं. हमारे प्रधानमंत्री जी को, जो हमें अपने घर की बेटियां बताते थे और एक बार भी सुध-बुध नहीं ली."

    पहलवानों ने कहा, "इन मेडलों को हम गंगा में बहाने जा रहे हैं, क्योंकि वह गंगा मां हैं. जितना पवित्र हम गंगा को मानते हैं, उतनी ही पवित्रता से हमने मेहनत कर इन मेडलों को हासिल किया था."

  17. सऊदी अरब और रूस के बीच तनाव बढ़ने की रिपोर्ट क्यों आ रही है?

    ओपेक प्लस देशों की 4 जून को होने जा रही बैठक से पहले इस समूह के दो सबसे बड़े उत्पादक देश सऊदी अरब और रूस के बीच तनाव बढ़ता दिख रहा है.

    दरअसल, सऊदी अरब इसलिए रूस से नाराज़ है क्योंकि उसने सौदे के अनुरूप अपने तेल उत्पादन को नहीं घटाया. इससे सऊदी के कच्चे तेल के दामों को कम से कम 81 डॉलर प्रति बैरल रखने की कोशिश को झटका लग रहा है.

    इतनी क़ीमत रखने पर ही सऊदी की लागत और आमदनी बराबर रहेगी. अगर क़ीमत इससे कम होगी तो सऊदी को नुक़सान उठाना पड़ेगा.

    ओपेक के 13 देशों और प्लस समूह के 10 देशों जिसे मिलाकर ओपेक प्लस बनता है. ओपेक में प्लस देशों का नेतृत्व रूस करता है.

    वॉल स्ट्रीट जर्नल ने इस मामले से जुड़े कुछ सूत्रों के हवाले से बताया है कि सऊदी अरब के अधिकारियों ने अपनी नाराज़गी रूस से ज़ाहिर भी कर दी है. साथ ही रूस के अधिकारियों से कहा है कि वो प्रति दिन पाँच लाख बैरल तेल उत्पादन करने के अपने वादे पर बना रहे.

    ऑइल प्राइस नाम की वेबसाइट ने बताया है कि रूस अब भी इस बात पर ज़ोर दे रहा है कि वह योजना के अनुसार, अपने तेल उत्पादन में कटौती कर रहा है, लेकिन विश्लेषक इस तर्क को मान नहीं रहे हैं.

    रूस ने अपने तेल उत्पादन से जुड़ी औपचारिक रिपोर्टिंग पर रोक लगाई हुई है, इसलिए टैंकर ट्रैकिंग डेटा के आधार पर रूस के तेल उत्पादन का अनुमान लगाया जा रहा है.

    इस डेटा से ये संकेत मिलते हैं कि अगर रूस अपने वादे के अनुसार, तेल उत्पादन कम भी कर रहा है तो भी अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में उसकी ओर से तेल आपूर्ति में तेज़ी आई है. ख़ासतौर पर एशिया के बड़े बाज़ारों में, जहां अभी तक सऊदी अरब और अन्य मध्य पूर्वी देशों का दबदबा था.

    सस्ते कच्चे तेल की बदौलत रूस ने भारत और चीन जैसे दो बड़े एशियाई देशों में तेज़ी से विस्तार किया है.

    चीन में इसी साल की शुरुआत में सऊदी अरब को पछाड़कर रूस सबसे बड़ा तेल निर्यातक बना है. वहीं, भारत को रूस इतना तेल बेच रहा है, जितना सऊदी अरब और इराक को मिलाकर भी नहीं बेचा जा रहा.

  18. दीपक चाहर ने ऑटोग्राफ़ मांगा तो धोनी का यह रिएक्शन हुआ वायरल

    आईपीएल टीम चेन्नई सुपरकिंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी सोमवार को पाँचवीं बार खिताब जीतने के बाद मैदान में काफ़ी ख़ुश दिख रहे थे.

    सोमवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में कैमरे से एक ऐसा पल क़ैद हो गया, जिसका क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

    गेंदबाज़ दीपक चाहर धोनी से ऑटोग्राफ़ मांगने गए तो वह थोड़ा असहज दिखे और ऑटोग्राफ देने के मूड में नहीं दिख रहे थे.

    हालांकि बाद में धोनी ने चाहर की टीशर्ट पर ऑटोग्राफ़ दिया. धोनी जब चाहर को मना कर रहे थे तो साथ में बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला भी थे.

    राजीव शुक्ला से भी धोनी चाहर की ओर इशारा करते हुए कुछ कह रहे हैं. कई लोग इस वीडियो को शेयर करते हुए लिख रहे हैं कि चाहर के अनुरोध पर धोनी की प्रतिक्रिया देखने लायक है.

    गावस्कर ने भी सीने पर मांगा था ऑटोग्राफ़

    इसी तरह 14 मई को आईपीएल मैच के बाद मैदान में भारत के दिग्गज क्रिकेटर रहे सुनील गावस्कर ने धोनी से ऑटोग्राफ मांगा था. गावस्कर ने अपना सीना धोनी की ओर कर लिया था और धोनी ने उनकी शर्ट पर ऑटोग्राफ़ दिया था.

    ऐसा लग रहा था कि मानो सुनील गावस्कर की फ़रमाइश पर महेंद्र सिंह धोनी ने उनके दिल के क़रीब अपना नाम लिख दिया हो.

    धोनी को तो शायद अंदाज़ा भी नहीं रहा हो कि गावस्कर ऐसी कोई फ़रमाइश कर देंगे. उनके लिए तो ये अचानक से आया एक ऐसा लम्हा था जिसमें पल भर के लिए वो अचकचा से गए.

  19. दीपक चाहर ने बताया, कैसे कोच के फ़ैसले को पलट धोनी ने दी थी चेन्नई की टीम में जगह

    चेन्नई सुपर किंग्स ने महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में आईपीएल का ख़िताब पाँचवीं बार अपने नाम कर लिया है.

    टीम के मुख्य तेज़ गेंदबाज़ दीपक चाहर ने बताया है कि कैसे चेन्नई सुपर किंग्स में उनके बने रहने के पीछे महेंद्र सिंह धोनी का हाथ है.

    दीपक चाहर ने 'ब्रेकफास्ट विद चैंपियंस' शो में क्रिकेट प्रज़ेंटर गौरव कपूर को बताया कि महेंद्र सिंह धोनी ने चेन्नई सुपर किंग्स का माहौल इतना अच्छा बनाया हुआ है, जिसकी वजह से यहां किसी खिलाड़ी पर कोई दबाव नहीं है.

    चाहर ने बताया, "मैं पहली बार धोनी भाई से जब मिला, उस समय मैं राइज़िंग पुणे सुपरजायंट के लिए 2016 में बैटिंग कर रहा था. 2017 में जब टीम का आईपीएल में सफ़र ख़त्म हो गया तो चाहर को चेन्नई सुपर किंग्स में धोनी ने चुना."

    चाहर ने कहा कि उस समय कोच स्टीफ़न फ़्लेमिंग ने उन्हें गेंदबाज़ नहीं बल्कि बल्लेबाज़ के तौर पर सीएसके के लिए चुना था. चाहर ने बताया कि टी-20 में उनका बल्लेबाज़ी का औसल 53 का है.

    उन्होंने कहा, "2016 में प्रैक्टिस के दौरान जब मैं रन भागा तो मुझे हैमस्ट्रिंग इंजरी हो गई. फिर मैं पूरे सीज़न बाहर रहा. आईपीएल 2017 में चेन्नई की टीम का पूरा कॉम्बिनेशन सेट हो चुका था और मैं पूरे साल भर 12वां खिलाड़ी था. उस समय तैयारी आपको पूरी करनी थी, लेकिन मैदान पर पता चलता था कि मुझे खेलना है या नहीं."

    दीपक चाहर ने बताया कि धोनी को ऐसे खिलाड़ी पसंद हैं जो गेंदबाज़ी भी कर लें, बल्लेबाज़ी भी कर लें और फ़ील्डिंग भी अच्छी करते हों.

    उन्होंने कहा, "अगले साल (2018) में जब चेन्नई ने मुझे नीलामी में खरीदा तब पहले मैच में फ़्लेमिंग का ये कहना था कि इसको (चाहर) एक-दो मैच के बाद खिलाते हैं लेकिन उस समय माही भाई ने कहा कि ये तो 14 के 14 मैच खेलेगा ही खेलेगा, इसके अलावा कोई और बात करो. जब 2018 में टीम के सदस्यों के नाम लिखे गए तो सबसे पहले मेरा ही नाम लिखा गया."

  20. सुभाषचंद्र बोस क्या सावरकर से प्रेरणा लेते थे? नेताजी के पड़पोते ने दिया जवाब

    नेताजी सुभाषचंद्र बोस के पड़पोते चंद्र कुमार बोस ने बॉलीवुड अभिनेता रणदीप हुड्डा के उस दावे को सिरे से ख़ारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ने वाले क्रांतिकारी भगत सिंह और खुदीराम बोस हिन्दुत्व के झंडाबरदार विनायक दामोदर सावरकर से प्रभावित थे. रणदीप हुड्डा ने यह भी दावा किया है कि सुभाषचंद्र बोस भी सावरकर से प्रेरणा लेते थे.

    रणदीप हुड्डा अभिनीत 'स्वातंत्र्य वीर सावरकर' फ़िल्म आ रही है. इसमें हुड्डा सावरकर के किरदार में हैं. हाल में इस फ़िल्म की टीज़र रिलीज़ हुई है.

    इस मौक़े पर रणदीप हुड्डा ने ट्वीट करते हुए लिखा था, ''अंग्रेज़ों के लिए मोस्ट वॉन्टेड शख़्स. वैसी शख़्सियत जिससे नेताजी सुभाषचंद्र बोस, भगत सिंह और खुदीराम बोस प्रेरणा लेते थे. सावरकर कौन थे? इस कहानी को इसी साल 'स्वातंत्र्य वीर सावकर' फ़िल्म में देखिए.''

    रणदीप हुड्डा के इस दावे पर चंद्रकुमार बोस ने कहा कि नेताजी केवल स्वामी विवेकानंद से प्रेरणा लेते थे. उन्होंने कहा कि विवेकानंद ही उनके आध्यात्मिक गुरु थे. चंद्र कुमार बोस ने कहा कि सुभाषचंद्र बोस स्वतंत्रता सेनानी देशबंधु चितरंजन दास से प्रभावित थे और वही उनके राजनीतिक परामर्शदाता थे.

    चंद्रकुमार बोस ने इंडिया टुडे से कहा, ''नेताजी सुभाषचंद्र बोस केवल दो महान हस्तियों से प्रेरणा लेते थे. एक स्वामी विवेकानंद, जो कि उनके आध्यात्मिक गुरु थे और दूसरे स्वतंत्रता सेनानी देशबंधु चितरंजन दास थे, जिन्हें नेताजी राजनीतिक सलाहकार मानते थे. इन दोनों के अलावा मुझे नहीं लगता है कि नेताजी किसी से प्रेरणा लेते थे.''

    चंद्रकुमार बोस ने कहा, ''सावरकर महान शख़्सियत थे, स्वतंत्रता सेनानी थे लेकिन नेताजी और सावरकर की विचारधारा नाटकीय रूप से अलग थी. ऐसे में मुझे नहीं लगता है कि नेताजी सावरकर की विचारधारा और सिद्धांत से प्रेरणा लेते थे.''

    नेताजी सुभाषचंद्र बोस के पड़पोते ने कहा कि नेताजी के लेखन में स्पष्ट है कि वह सावरकर और मुहम्मद अली जिन्ना से ब्रिटिश साम्राज्यवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में कोई उम्मीद नहीं करते थे.

    चंद्र कुमार बोस ने कहा, ''भारत की आज़ादी की लड़ाई में हिन्दू महासभा और मोहम्मद अली जिन्ना से कुछ भी अपेक्षा नहीं की जा सकती थी. नेताजी सेक्युलर थे. उन्होंने सांप्रदायिकता का विरोध किया था. सांप्रदायिकता का दोनों भाइयों शरदचंद्र बोस और नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने विरोध किया था. ऐसे में आप यह कैसे दावा कर सकते हैं कि नेताजी सावरकर से प्रेरणा लेते थे. सेल्युलर जेल जाने से पहले सावरकर क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी थे. वह भारत की आज़ादी चाहते थे लेकिन बाद में बदल गए थे.''

    चंद्रकुमार बोस ने कहा कि फ़िल्मकारों की ओर से फ़ायदे के लिए ग़लत इतिहास पेश करना एक अपराध है और इसकी अनुमति नहीं मिलनी चाहिए.

    चंद्रकुमार बोस ने कहा, ''नेताजी की सावरकर से मुलाक़ात हुई थी. लेकिन वह मिलकर बहुत प्रभावित नहीं हुए थे. सावरकर मूलतः एक हिन्दू नेता थे जबकि नेताजी भारतीय नेता थे. वह किसी एक मज़हब के नेता नहीं थे. नेताजी की आज़ाद हिन्द फौज में सभी धर्म के लोग शामिल थे.''

    स्वातंत्र्य वीर सावरकर फ़िल्म की टीज़र सावरकर की 140वीं जयंती पर रिलीज़ हुई थी. इस फ़िल्म के निर्देशक भी ख़ुद हुड्डा ही हैं.