You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.

Take me to the main website

योगेश्वर दत्त ने कहा विपक्ष के बहकावे में आ गए थे जंतर मंतर पर धरने में बैठे पहलवान

बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह के ख़िलाफ़ दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना दे रहे पहलवानों को रविवार को पुलिस ने हटा दिया.

लाइव कवरेज

प्रियंका झा and अनुराग कुमार

  1. धोनी की चेन्नई सुपर किंग्स पांचवी बार आईपीएल चैंपियन, फ़ाइनल में गुजरात को हराया

  2. योगेश्वर दत्त ने कहा विपक्ष के बहकावे में आ गए थे जंतर मंतर पर धरने में बैठे पहलवान

    कुश्ती में ओलंपिक मेडल जीतने वाले हरियाणा के पहलवान योगेश्वर दत्त ने कहा है कि दिल्ली में धरने पर बैठने वाले पहलवान विपक्ष के बहकावे में आ गए थे.

    28 मई की घटनाओं पर बोलते हुए योगेश्वर दत्त ने कहा, "पहलवानों को नई संसद की तरफ़ जाने के लिए पुश किया गया. सब को पता है कि ऐसी जगह पर कोई नहीं जा सकता जहाँ पर प्रधानमंत्री कोई उद्घाटन करते हों. इसमें पूरा विपक्षी पार्टियों का हाथ है. विपक्षी दल पहले ही कह चुके थे कि वे बहिष्कार करेंगे. उन्होंने पहलवानों के कंधे पर रखकर बंदूक चलाई है."

    योगेश्वर दत्त ने सितंबर 2019 में बीजेपी जॉइन कर ली थी.

    योगेश्वर दत्त दो बार बीजेपी के टिकट पर हरियाणा विधानसभा का चुनाव लड़ चुके हैं.

    दोनों ही बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा है. 2019 के विधानसभा चुनाव में उन्हें कांग्रेस के कृष्ण हूडा से हराया था. और फिर 2020 में हुए एक उपचुनाव में वे फिर कांग्रेस उम्मीदवार से ही दस हज़ार से अधिक वोटों से हार गए थे.

    दिल्ली के जंतर मंतर पर भारतीय कुछ नामचीन पहलवान धरने पर बैठे थे. वे भारतीय कुश्ती संघ के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग कर रहे थे. पहलवानों ने कुश्ती संघ के प्रमुख पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे.

    इसके बाद बृजभूषण शरण सिंह के ख़िलाफ़ दिल्ली पुलिस ने एफ़आईआर भी की थी लेकिन पहलवान उनकी गिरफ़्तारी की मांग पर अड़े थे.

    रविवार को पहलवानों ने नए संसद भवन के उदघाटन के समय, उसके सामने एक पंचायत की घोषणा की थी. जब 28 मई सुबह दस बजे के आस-पास पहलवान और उनके समर्थकों ने संसद की ओर कूच करना चाहा तो पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया.

  3. राहुल गांधी का दावा- मध्य प्रदेश में कांग्रेस 150 सीटें जीतेगी, सीएम शिवराज बोले-हम 200 जीतेंगे

    कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीज़ों से उत्साहित कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश में इसी साल होने जा रहे विधानसभा चुनाव 150 सीटें जीतने का दावा किया. वहीं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस 'ख़्याली पुलाव' बताते हुए बीजेपी के 200 सीटें जीतने की बात कही.

    सोमवार को मध्य प्रदेश के शीर्ष नेताओं के साथ बैठक के बाद राहुल ने कांग्रेस की बड़ी जीत का दावा किया. इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और कांग्रेस के राज्य प्रभारी जेपी अग्रवाल जैसे वरिष्ठ नेता मौजूद रहे.

    बैठक के बाद राहुल गांधी ने कहा, ''हमने लंबी चर्चा की. हमारा आतंरिक आकलन है कि कर्नाटक में हमें 136 सीटें मिलीं है, अब मध्य प्रदेश में हम 150 सीटें जीतने जा रहे हैं. कर्नाटक के प्रदर्शन को हम मध्य प्रदेश में दोहराने जा रहे हैं.''

    कमलनाथ ने कहा, ''बैठक में चुनाव के मुद्दों और रणनीति को लेकर चर्चा हुई. सबकी राय थी कि हमें एकजुट होकर चुनाव लड़ना चाहिए.''

    वहीं राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राहुल गांधी के दावे को सिरे से ख़ारिज करते हुए कहा कि बीजेपी मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में 200 से ज़्यादा सीटें जीतने जा रही है.

    शिवराज ने शायराना अंदाज़ में कहा, ''मन को बहलाने को बाबा ख़्याल अच्छा है. भारतीय जनता पार्टी मध्य प्रदेश में 200 से ज़्यादा सीटें जीतेगी. उन्हें ख़्याली पुलाव पकाने हैं तो पकाते रहें.''

  4. खड़गे के घर राहुल गांधी की मौजूदगी में मिले अशोक गहलोत और सचिन पायलट, क्या हुई बात

    कांग्रेस राजस्थान में अपना 'घर दुरुस्त' करने यानी राज्य के दो सबसे बड़े नेताओं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच दरार पाटने की कोशिश लगातार कर रही है.

    क्या इस बार ये कोशिश परवान चढ़ेगी, ये सवाल राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर चर्चा का विषय है और इसकी वजह है कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के घर हुई बैठक.

    सोमवार को हुई इस बैठक में पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के अलावा गहलोत और पायलट भी मौजूद थे.

    पायलट लंबे समय से गहलोत के ख़िलाफ़ मोर्चा खोले हुए हैं. वो अलग अलग कार्यक्रमों के जरिए गहलोत और उनकी सरकार पर निशाना साधते रहे हैं.

    पार्टी ने कई बार दोनों नेताओं के बीच सुलह कराने की कोशिश की है लेकिन अब तक इसमें कामयाबी नहीं मिली है.

    राजस्थान में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं. कई विश्लेषकों की राय है कि अगर दोनों नेताओं के बीच मनमुटाव दूर नहीं हुआ तो कांग्रेस को नुक़सान हो सकता है.

    कर्नाटक में जीत हासिल करने के बाद कांग्रेस की नज़र राजस्थान पर है. ये एक बड़ा राज्य है, जहां कांग्रेस की सरकार है. लोकसभा सीटों के लिहाज से भी राजस्थान अहम राज्य है.

    मीटिंग के बारे में ज़्यादा ब्योरा सामने नहीं आया है. लेकिन कहा जा रहा है कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी अमेरिका दौरे पर जा रहे हैं और उसके पहले वो चाहते हैं कि राजस्थान में पार्टी के अंदर दिख रही दरारें दूर हों.

  5. इमरान ख़ान बोले-मुशर्रफ़ के शासन से भी ख़राब है शरीफ़ सरकार, तबाही की ओर पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था

    पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पीटीआई के प्रमुख इमरान ख़ान ने सोमवार को पीएमएल-एन के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने देश की सरकार पर कानून के राज को ख़त्म करने और अर्थव्यवस्था को तबाह करने का आरोप लगाया.

    इमरान ख़ान ने ट्विटर पर लिखा, ''पूरी तरह से कानून का साथ छोड़ चुकी ये सरकार एक ही एजेंडे पर काम कर रही है, जो है पाकिस्तान-तहरीक़-ए-इंसाफ़ को कुचलने का. ये सरकार जनरल मुशर्रफ़ के मार्शल लॉ के दौर से भी आगे निकल चुकी है.''

    इमरान ने अर्थव्यवस्था की ख़राब हालत के लिए देश की सरकार को ज़िम्मेदार ठहराते हुए कहा, ''देश की अर्थव्यवस्था औंधे मुंह गिरने के कगार पर है. ओपन मार्केट में एक डॉलर का रेट 315 रुपये है, वहीं जिनके पास आईडी कार्ड नहीं है उन्हें एक डॉलर 320-325 रुपये में मिल रहा है. डॉलर के आधिकारिक और ओपन मार्केट रेट में करीब 30 रुपये का अंतर है.''

    पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि जिस तरह से अर्थव्यवस्था का डॉलराइजेशन हो रहा है, उससे पता चलता है कि देश में देश में किसी भी तरह का निवेश नहीं आ रहा है. उन्होंने सत्ताधारी पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट गठबंधन के नेताओं पर अरबों डॉलर विदेशों में जमा करने का आरोप भी लगाया.

    उन्होंने सवाल पूछा कि आख़िर क्यों पाकिस्तानी संस्थान देश की अर्थव्यवस्था को तबाही की ओर बढ़ने से रोक नहीं रहे हैं.

    पिछले साल सत्ता से बाहर होने के वक्त से ही इमरान ख़ान लगातार शहबाज़ शरीफ़ के नेतृत्व वाले पीडीएम गठबंधन और देश की सेना पर निशाना साधते रहे हैं.

    इस साल नौ मई को इमरान ख़ान को अल कादिर ट्रस्ट से जुड़े मामले में गिरफ़्तार किया गया था. जिसके बाद उनके समर्थकों पर देशभर में हिंसा के आरोप लगे थे. इस हिंसा के दौरान सेना के खिलाफ़ भारी नाराज़गी देखी गई थी. हालांकि बाद में इस्लामाबाद हाई कोर्ट से उन्हें जमानत मिल गई थी.

  6. अर्दोआन की जीत से समर्थक खुश लेकिन तुर्की की मुद्रा लीरा में रिकॉर्ड गिरावट

    रेचेप तैय्यप आर्दोआन ने तुर्की के राष्ट्रपति चुनाव में प्रतिद्वंद्वी माल कलचदारलू को हराकर एकबार फिर जीत हासिल की.

    इस जीत से अर्दोआन के समर्थक खुश हैं लेकिन तुर्की की मुद्रा में लीरा में भारी गिरावट दर्ज की गई है. इस गिरावट के साथ लीरा ने रिकॉर्ड निचले स्तर को छू लिया है.

    न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, लीरा सोमवार को डॉलर के मुकाबले गिरकर 20.77 पर पहुंच गया, जो अब तक का सबसे निचला स्तर है. इस साल लीरा की वैल्यू में अब तक करीब सात फ़ीसदी की गिरावट दर्ज हो चुकी है.

    सोमवार को जहां तुर्की की मुद्रा में रिकॉर्ड गिरावट देखी गई, वहीं दूसरी ओर स्टॉक्स में तेज़ी देखी गई. देश के बेंचमार्क इंडेक्स एक्सयू100 में पांच फ़ीसदी जबकि बैंकिंग इंडेक्स में चार फ़ीसदी का उछाल देखा गया.

    महंगाई और दूसरे आर्थिक कारणों की वजह से पिछले दशक में लीरा की वैल्यू में 90 फीसदी की गिरावट हो चुकी है. एक्सपर्ट मानते हैं कि आने वाले समय में राष्ट्रपति अर्दोआन के लिए सबसे बड़ी चुनौती अर्थव्यवस्था ही साबित होने वाली है.

    कई सालों से तुर्की की अर्थव्यवस्था उतार-चढ़ाव के दौर से गुज़र रही है. विपक्ष इसके लिए अर्दोआन की गैर-परंपरागत आर्थिक नीतियों को ज़िम्मेदार मानता है. विपक्ष ने सत्ता में आने के बाद इन नीतियों को बदलने का वादा भी किया था.

  7. दिनभर: पुलिस कार्रवाई के बाद पहलवानों का अगला कदम

  8. आईपीएल फ़ाइनल 2023ः धोनी ने जीता टॉस, हार्दिक से पहले बल्लेबाज़ी करने को कहा

    आईपीएल 2023 के फ़ाइनल में महेंद्र सिंह धोनी ने टॉस जीत कर गुजरात टाइटंस के कप्तान हार्दिक पंड्या से पहले बल्लेबाज़ी करने को कहा है.

    धोनी ने टॉस जीतने के बाद कहा कि बारिश की संभावना दिख रही है इसलिए पहले गेंदबाज़ी का फ़ैसला लिया. हार्दिक ने भी कहा कि अगर वो टॉस जीतते तो पहले गेंदबाज़ी ही करते.

    दोनों टीमों के बीच आईपीएल 2023 का फ़ाइनल मुक़ाबला रविवार को खेला जाना था लेकिन अहमदाबाद में लगातार हो रही बारिश के बाद इसे रिज़र्व दिन सोमवार को खेले जाने का फ़ैसला किया गया था.

    अहमदाबाद में रविवार को लगातार हो रही मूसलाधार बारिश की वजह से टॉस भी नहीं किया जा सका. क़रीब 9 बजे के आस पास बारिश रुकी. पूरे मैदान को सुखा दिया गया और जब अंपायर और खिलाड़ी मैदान पर मुआयना करने पहुंचे तो बारिश फिर शुरू हो गई. फिर रात क़रीब 11 बजे ये फ़ैसला लिया गया कि यह मैच अब सोमवार को शाम 7.30 बजे खेला जाएगा.

    चेन्नई सुपर किंग्स vs गुजरात टाइटंस

    दोनों टीमों के बीच आईपीएल में अब तक चार मैच खेले गए हैं. इनमें से तीन में हार्दिक की टीम जीती है तो पांच दिन पहले दोनों टीमों के बीच खेला गया पहला क्वालिफ़ायर धोनी की चेन्नई सुपर किंग्स ने जीता था.

    धोनी और हार्दिक की टीमों के बीच पहले क्वालिफ़ायर में मुक़ाबला हुआ था जिसे 15 रन से जीत कर चेन्नई सुपर किंग्स फ़ाइनल में पहुंची थी.

    वहीं गुजरात टाइटंस ने दूसरे क्वालिफ़ायर में मुंबई इंडियंस पर 62 रन के अंतर से जीत हासिल कर फ़ाइनल में अपनी जगह बनाई.

    खिलाड़ियों का प्रदर्शन

    गुजरात टाइटंस के लिए शुभमन गिल बल्ले से गरज रहे हैं और इस सीज़न में सबसे अधिक रन (851 रन) भी उन्हीं के नाम हैं लिहाजा ऑरेंज कैप उनके सिर सजना तय है. दूसरी तरफ़ मोहम्मद शमी (28 विकेट) और राशिद ख़ान (27 विकेट) गेंदबाज़ी में कमाल कर रहे हैं और पर्पल कैप की रेस में शीर्ष दो गेंदबाज़ हैं.

    वहीं चेन्नई सुपर किंग्स के लिए डेवन कॉनवे ने सबसे अधिक 625 बनाए हैं तो टीम के दूसरे ओपनर ऋतुराज गायकवाड़ भी बहुत अच्छी लय में हैं और अब तक उनके बल्ले से 564 रन निकले हैं.

    शिवम दुबे इस मैच में अगर चार छक्के और लगाते हैं तो आईपीएल 2023 में सबसे अधिक छक्के जड़ने वाले क्रिकेटर बन जाएंगे. अब तक उन्होंने 33 छक्के लगाए हैं और सबसे अधिक छक्का जड़ने वाले बल्लेबाज़ों में फाफ डुप्लेसी (36 छक्के) के बाद दूसरे पायदान पर काबिज हैं.

    गेंदबाज़ी में तुषार देशपांडे सबसे अधिक 21 विकेट तो रवींद्र जडेजा 19 विकेट ले चुके हैं. इसके अलावा मथीशा पाथिराना ने भी 17 विकेट लिए हैं.

    चेन्नई सुपर किंग्स चार बार की आईपीएल चैंपियन है वहीं गुजरात टाइटंस वर्तमान चैंपियन हैं. अगर गुजरात की टीम यह ट्रॉफ़ी फिर से हासिल करती है, तो वो लगातार दूसरे साल आईपीएल चैंपियन बनने वाली पहली टीम बनेगी.

  9. पहलवानों की तस्वीर नींद उड़ाने वाली थी- अभिनव बिंद्रा

    ओलंपिक मेडल विजेता शूटर अभिनव बिंद्रा ने रविवार को दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे पहलवानों के ख़िलाफ़ कार्रवाई को लेकर नाराज़गी जताई है.

    ये पहलवान क़रीब एक महीने से भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ़ प्रदर्शन कर रहे हैं. महिला पहलवानों ने सिंह के खिलाफ़ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं.

    जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे पहलवानों को रविवार को पुलिस ने वहां से जबरन हटा दिया था. पुलिस ने विनेश फोगाट, साक्षी मलिक, बजरंग पुनिया और दूसरे पहलवानों को हिरासत में भी लिया था, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया.

    सोमवार को किए एक ट्वीट में अभिनव बिंद्रा ने कहा, ''बीती रात मैं सो नहीं पाया. मुझे प्रदर्शन कर रहे रेसलर्स की तस्वीरें परेशान करती रहीं. अब समय आ गया है कि सभी खेल संगठनों में स्वतंत्र रूप से सुरक्षा के एहतियाती क़दम उठाए जाएं.''

    बिंद्रा ने खिलाड़ियों के हितों पर बात करते हुए लिखा है, ''हमें ये सुनिश्चित करना होगा कि अगर इस तरह की परिस्थितियां आएं तो उनसे बेहद संवेदनशीलता के साथ निपटा जाए. हर एथलीट का ये हक़ है कि उसे सुरक्षित और सशक्त माहौल मिले.''

    इससे पहले रविवार को ओलंपिक मेडल विजेता नीरज चोपड़ा ने भी धरना दे रहे खिलाड़ियों का समर्थन करते हुए पुलिस कार्रवाई पर नाराज़गी जताई थी. चोपड़ा ने साक्षी मलिक के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए लिखा था- मुझे ये देखकर दुख हो रहा है. इस हालात से डील करने का कोई दूसरा संवेदनशील तरीक़ा हो सकता है.''

  10. शाहबाद डेयरी: साहिल के मकान मालिक ने उसके बारे में क्या कहा

    दिल्ली पुलिस ने सोमवार को बताया कि एक 16 साल की लड़की को उसके कथित बॉयफ्रेंड ने रविवार को चाकू गोदकर मार दिया था.

    हत्या के अभियुक्त साहिल को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से गिरफ़्तार किया है. कहा जा रहा है कि लड़की एक बर्थडे पार्टी में शामिल होने जा रही थी तभी साहिल ने बीच में रोककर चाकू गोदकर मार दिया. चाकू घोंपने के बाद उसने सिर पर पत्थर भी मारा था. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है.

    दिल्ली की डेप्युटी कमिशनर ऑफ पुलिस सुमन नालवा ने सोमवार को कहा, ''हमने अभियुक्त साहिल को बुलंदशहर से गिरफ़्तार कर लिया है. वह एसी और रेफ्रिजेरेटर्स बनाने का काम करता है. आगे की जांच जारी है. हमलोग इस बात को सुनिश्चित करेंगे कि अदालत इसे अधिकतम सज़ा दे.''

    साहिल प्रह्लादपुर के जैन कॉलोनी में रहता था. उसके मकान मालिक रामफूल ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, ''साहिल यहाँ अपनी तीन बहनों और माता-पिता के साथ पिछले दो सालों से रह रहा था. उसके पिता का नाम सरफ़राज़ है. पड़ोस में उसकी कभी किसी से लड़ाई नहीं हुई. मैंने घटना का वीडियो आज सुबह देखा है.''

    लड़की के पिता ने पूरे घटना पर बताया, ''मेरी बेटी की बहुत बुरी हालत थी. इतनी बार चाकू मारा था कि अंतड़ी बाहर आ गई थी. मेरी बेटी का किसी के साथ कोई विवाद नहीं था. बेटी की देखने लायक नहीं थी. मैं यही चाहता हूं कि जितनी बेरहमी से मेरी बेटी को मारा है, उसे भी वैसी ही सज़ा मिले.''

    लड़की की माँ ने कहा, ''मुझे नहीं पता है कि किस कारण से मेरी बेटी को मारा. मेरी बेटी काम करने दो दिन गई थी तो उसे नहीं जाने दिया था. मैंने कहा था कि तेरी माँ अभी ज़िंदा है, तुझे काम करने की ज़रूरत नहीं है. मेरी बेटी शौचालय गई थी और वहीं मार दिया. पता नहीं ये सब कैसे हुआ. आजकल तो रिश्वतखोरी चलती है. थाने में बंद रहेगा तो छूट जाएगा. मुझे तभी इंसाफ़ मिलेगा, जब जान के बदले जान ली जाएगी.''

  11. ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में कांग्रेस को फिर से ज़ीरो किया

      • Author, प्रभाकर मणि तिवारी
      • पदनाम, कोलकाता से, बीबीसी हिंदी के लिए

    पश्चिम बंगाल की अल्पसंख्यक-बहुल मुर्शिदाबाद ज़िले के सागरदीघी सीट पर हाल में हुए उपचुनाव में वाममोर्चा के समर्थन से तृणमूल कांग्रेस को हरा कर जीतने वाले कांग्रेस उम्मीदवार बायरन विश्वास सोमवार को तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए.

    इस उपचुनाव के नतीजे ने राज्य के राजनीतिक हलकों में नए समीकरण बनने का संकेत दिया था. अब अगले पंचायत और लोकसभा चुनाव से पहले सागरदीघी मॉडल की चर्चा होने लगी थी. साथ ही इससे तृणमूल कांग्रेस का अल्पसंख्यक वोट बैंक खिसकने की भी अटकलें लगाई जाने लगी थी.

    लेकिन विश्वास कांग्रेस-वाम गठबंधन को झटका देते हुए तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी की जनसंपर्क यात्रा के दौरान पश्चिम मेदिनीपुर के घाटाल में तृणमूल में शामिल हो गए. अभिषेक ने तृणमूल कांग्रेस का झंडा थमा कर पार्टी में उनका स्वागत किया.

    इससे पहले अब तक वर्ष 2021 में जीतने वाले भाजपा के कम से कम सात विधायक तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं.

    वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का खाता तक नहीं खुला था. बायरन उपचुनाव में जीत कर कांग्रेस के इकलौते विधायक बने थे. लेकिन उनके पार्टी छोड़ने के बाद अब सदन में कांग्रेस एक बार फिर शून्य पर पहुंच गई है.

    सागरदीघी सीट तृणमूल कांग्रेस लगातार तीन बार जीत चुकी थी. लेकिन 26 फ़रवरी को हुए उपचुनाव में उसके हाथों से यह सीट निकल गई थी. इस नतीजे से नाराज़ ममता बनर्जी ने कांग्रेस, भाजपा और वाममोर्चा पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए अगले लोकसभा चुनाव में अकेले लड़ने का ऐलान किया था.

    चुनाव का नतीजा घोषित होने के बाद बायरन के शपथ ग्रहण पर भी कयास लगते रहे. उन्होंने चुनाव जीतने के 20 दिनों बाद विधायक के तौर पर शपथ ली थी.

    कुछ दिनों पहले बायरन ने दावा किया था कि वे भाजपा नहीं बल्कि तृणमूल कांग्रेस की मदद से चुनाव जीते हैं. पार्टी एकमात्र विधायक होने के कारण दल-बदल क़ानून के दायरे में नहीं आएंगे. फ़िलहाल कांग्रेस ने इस बारे में अब तक कोई टिप्पणी नहीं की है.

  12. झारखंड में मलाला को लेकर विवाद क्यों हो गया?

      • Author, रवि प्रकाश
      • पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए, रांची से

    नोबेल पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफ़जई के पोस्टर को लेकर हुए विवाद के बाद झारखंड के एक स्कूल से उसे हटा दिया गया है.

    मलाला पाकिस्तान की हैं और स्कूल के दिनों में तालिबान चरमपंथियों ने उन पर जानलेवा हमला किया था.

    तालिबान चरमपंथियों ने 2012 में सिर में गोली मार दी थी, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए बर्मिंघम लाया गया था और तब से वो वहीं रह रही हैं.

    रामगढ़ जिले के कुजू स्थित पब्लिक हाई स्कूल में छात्राओं को प्रेरित करने के उद्देश्य से कुछ दिनों पहले वहां मलाला का पोस्टर लगवाया था. स्कूल के प्रधानाचार्य रवींद्न प्रसाद ने इसकी पुष्टि की है.

    उन्होंने मीडिया से कहा, ''मुखिया और कुछ ग्रामीणों के विरोध के बाद हमने वो पोस्टर हटाने का फ़ैसला किया. हमारी विज्ञान शिक्षिका मनीषा धवन ने छात्राओं को प्रेरित करने के उद्देश्य से कई महापुरुषों के पोस्टर मँगवाए थे.''

    ''इनमें एक पोस्टर मलाला यूसुफजई का भी था. वह पोस्टर स्कूल की पहली मंजिल की एक दीवार पर लगवाया गया था. बाकी महापुरुषों के पोस्टर गर्मी की छुट्टियों के बाद लगाए जाने थे. तभी स्थानीय मुखिया के नेतृत्व में कुछ ग्रामीणों ने स्कूल आकर उस पर आपत्ति जाहिर की. इसके बाद हमने विवाद ख़त्म करने के लिए वह पोस्टर हटाने का फ़ैसला लिया.''

    इससे पहले कुजू पश्चिमी पंचायत के मुखिया जयकुमार ओझा ने स्कूल आकर पोस्टर लगाने वाली शिक्षिका और स्कूल के प्रधानाचार्य से पोस्टर को हटाने की माँग की थी. एक वायरल वीडियो में उन्हें पोस्टर लगाने वाली शिक्षिका से बहस करते भी देखा गया. इसमें वे कहते दिख रहे हैं कि हमें पाकिस्तान के लोगों से सीखने की ज़रूरत नहीं है.''

    मुखिया जयकुमार ओझा ने कहा, ''हमारे देश में एक से बढ़कर एक महापुरुष हैं. उनका पोस्टर लगाकर भी बच्चों को प्रेरित किया जा सकता है. इसके लिए मलाला यूसुफजई का ही पोस्टर लगाना क़तई उचित नहीं है. इसलिए मैंने वह पोस्टर हटाने के लिए कहा था. हम जानते हैं कि पाकिस्तान हमारे ख़िलाफ़ ज़हर उगलता रहता है और भारत में आतंक फैलाता है. वहाँ के लोगों का फोटो हम क्यों लगाएँ.''

    वहीं इस पोस्टर को लगाने वाली शिक्षिका मनीषा धवन ने कहा कि उनका उद्देश्य बिल्कुल ग़लत नहीं था. उन्होंने कहा, ''मलाला यूसुफजई को नोबेल पुरस्कार मिला है. पूरी दुनिया में उनका नाम है. हमने उनकी तस्वीर सिर्फ़ इसलिए टंगवायी ताकि छात्राओं को प्रेरित कर सकें कि वे किसी भी परिस्थिति और कम संसाधनों में भी आगे बढ़ सकती हैं. हमें नहीं पता था कि इसको लेकर विवाद हो जाएगा.''

  13. धोनी की ही केवल बात क्यों कर रहे हैं: कपिलदेव

    क्या आईपीएल-2023 एक खिलाड़ी और कप्तान के तौर पर महेंद्र सिंह धोनी का आख़िरी आईपीएल साबित होगा? क्या सोमवार यानी आज चेन्नई सुपर किंग्स और गुजरात टाइटंस के बीच फ़ाइनल मैच धोनी का आख़िरी आईपीएल मैच होगा?

    फैन्स से लेकर क्रिकेट एक्सपर्ट्स के बीच अटकलों का दौर जारी है. सबकी नज़रें इस बात पर हैं कि धोनी फ़ाइनल मैच में आईपीएल में अपने भविष्य को लेकर कोई ऐलान करते हैं या नहीं.

    धोनी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी फॉर्मेट्स से पहले ही संन्यास ले चुके हैं, इसलिए उनके ज़्यादातर फ़ैन्स चाहते हैं कि उनका फेवरेट क्रिकेटर कम से आईपीएल में खेलता रहे. लेकिन भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव, धोनी के रिटायरमेंट की इतनी चर्चा से ख़ुश नहीं है. एक न्यूज़ चैनल से बातचीत के दौरान उन्होंने इसे लेकर अपनी नाराज़गी ज़ाहिर की है.

    28 मई को एबीपी न्यूज़ पर आईपीएल से जुड़े एक कार्यक्रम के दौरान कपिल देव ने कहा कि धोनी की रिटायरमेंट को लेकर इतनी चर्चा नहीं होनी चाहिए.

    उन्होंने कहा कि फ़ैन्स को इस बात का शुक्रगुज़ार होना चाहिए कि धोनी 15 सालों तक आईपीएल खेले हैं और अगर वो आईपीएल से रिटायरमेंट का ऐलान कर भी कर देते हैं तो ये समझना चाहिए कि वो बेहतर हालात में क्रिकेट को अलविदा कह रहे हैं.

    कपिल देव ने इस बातचीत में कहा,''वो 15 सालों से आईपीएल खेल रहे हैं. हम बस धोनी की ही बात क्यों कर रहे हैं. वो अपना काम कर चुके हैं. हम उनसे और क्या चाहते हैं? क्या हम चाहते हैं कि धोनी ज़िंदगीभर क्रिकेट खेलते रहें? वो 15 साल तक खेले इसके लिए हमें उनका शुक्रगुज़ार होना चाहिए.''

    भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान ने आगे कहा, ''वो आगे खेलें या नहीं, लेकिन अब तक वो बेहतरीन तरीके से खेले हैं. उन्होंने इस आईपीएल में बड़ा स्कोर नहीं किया है, लेकिन अपनी टीम को फ़ाइनल में पहुंचाया है. ये दिखाता है क्रिकेट में एक कप्तान की भूमिका कितनी अहम होती है.''

  14. कर्नाटक कांग्रेस में मंत्री पद को लेकर नाराज़गी, डीके शिवकुमार क्या बोले?

      • Author, इमरान क़ुरैशी
      • पदनाम, बेंगलुरु से, बीबीसी हिंदी के लिए

    कर्नाटक की नई सरकार में विभागों के बँटवारे और कई विधायकों को मंत्री पद नहीं मिलने से खुलकर नाराज़गी सामने आ रही है.

    रविवार को देर रात एक बजे के बाद मंत्रालयों के बँटवारे के औपचारिक एलान से पहले भी वरिष्ठ मंत्री विभागों पर नाराज़गी जताते रहे.

    इसी कड़ी में उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार भी रामालिंगा रेड्डी के घर पहुंचे. माना जा रहा है कि शिवकुमार रेड्डी को परिवहन विभाग स्वीकार करने के लिए मनाने गए थे.

    रेड्डी अहम माने जाने वाले बेंगलुरु डिवेलपमेंट विभाग पर अड़े हुए थे. ये विभाग अब डीके शिवकुमार को दिया गया है. साथ ही उन्हें सिंचाई विभाग भी मिला है.

    बेंगलुरु सिटी डिवेलपमेंट विभाग के तहत सिटी कॉर्पोरेशन, बेंगलुरु डिवेलपमेंट अथॉरिटी, वाटर सप्लाई और सीवरेज बोर्ड, मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन और बेंगलुरु मेट्रोपॉलिटन रीजन डिवेलपमेंट अथॉरिटी आते हैं.

    रेड्डी से मिलने के बाद डीके शिवकुमार ने मीडिया से कहा, "कर्नाटक में पार्टी अध्यक्ष होने के नाते मेरे और कार्यकारी अध्यक्ष के तौर पर रेड्डी के बीच पार्टी के मुद्दे पर चर्चा हुई. अगर हम किसी और पार्टी में गए होते तो हमें इससे बड़े पद मिलते. लेकिन हमने एक ज़िम्मेदार सिपाही की तरह पार्टी का साथ नहीं छोड़ा. हम पार्टी के फ़ैसले को लेकर प्रतिबद्ध हैं."

    रेड्डी के साथ ही एमबी पाटिल और जी परमेश्वर भी उन मंत्रियों में शामिल हैं, जिन्हें 2013-18 के समय कांग्रेस सरकार के दौरान मिले विभाग ही दोबारा दिए गए हैं. इन मंत्रियों ने इस पर नाख़ुशी ज़ाहिर की है.

    वहीं, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने वित्त, खुफ़िया, सूचना, आईटी और इन्फ़्रास्ट्रक्चर के साथ ही सभी अनावंटित विभाग अपने पास रखे हैं.

    विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष और 16 राज्यों में कांग्रेस के प्रभारी रह चुके बीके हरिप्रसाद को मंत्री पद नहीं दिया गया है.

  15. सहवाग ने बताया- धोनी पर इम्पैक्ट प्लेयर रूल काम करेगा या नहीं

    आईपीएल 2023 का फ़ाइनल आज यानी सोमवार को चेन्नई सुपर किंग्स और गुजरात टाइटंस के बीच होने जा रहा है.

    इसी के साथ ही आईपीएल के इस सीजन का समापन हो जाएगा. आईपीएल तो ख़त्म होने जा रहा है, लेकिन इस बात की चर्चा जोरों पर है कि क्या इस आईपीएल के बाद धोनी आगे चेन्नई सुपर किंग्स के लिए कप्तानी करते या खेलते दिखेंगे?

    ये बहस इसलिए भी हो रही है कि क्योंकि रोहित शर्मा या फाफ डुप्लेसी जैसे खिलाड़ियों ने इम्पैक्ट प्लेयर रूल का इस्तेमाल करके अपने करियर को विस्तार दिया है.

    क्या इस रूल का इस्तेमाल कर धोनी आईपीएल में कुछ और साल खेलेंगे? धोनी के लिए इम्पैक्ट प्लेयर रूल क्या काम आ सकता है, इसे लेकर अलग-अलग पूर्व क्रिकेटर्स की राय अलग-अलग है.

    ड्वेन ब्रावो का मानना है कि धोनी इस रूल को ज़रिए अपने करियर को कुछ साल बढ़ा पाएंगे, लेकिन वीरेंद्र सहवाग इससे इत्तेफ़ाक नहीं रखते.

    सहवाग ने क्रिकबज़ वेबसाइट के साथ बातचीत में कहा, ''अगर आप फ़िट हों तो 40 साल के आसपास की उम्र में भी आपके लिए क्रिकेट खेलना मुश्किल नहीं है. लेकिन इस आईपीएल में वो अधिकतर बार आख़िरी दो ओवरों में बैटिंग करने आए हैं. उन्होंने पूरे सीजन में क़रीब 40-50 गेंदें ही खेलीं हैं.''

    इम्पैक्ट प्लेयर रूल क्या धोनी के काम आ सकता है? इस सवाल पर सहवाग में कहा, ''उम्र में इम्पैक्ट प्लेयर का रूल धोनी के काम आए, ऐसा बेहद मुश्किल है. आम तौर पर ये ऐसे खिलाड़ियों के लिए होता है, जिन्हें फील्डिंग नहीं करनी होती. ऐसे खिलाड़ी बैटिंग या बॉलिंग करते हैं. लेकिन धोनी कप्तान हैं और उन्हें 20 ओवर्स फ़ील्ड पर रहना ही होगा, इसलिए ये उनके काम नहीं आएगा.''

    सहवाग ने कहा कि धोनी अगर कप्तान नहीं होंगे तो वे इम्पैक्ट प्लेयर बनकर भी नहीं खेलेंगे. वो आईपीएल के अगले सीजन में टीम के मेंटर, कोच या डायरेक्टर ऑफ़ क्रिकेट की भूमिका में नज़र आ सकते हैं.

    हालांकि धोनी की भूमिका आगे क्या होगी, इसे लेकर ड्वेन ब्रावो की राय अलग है. उन्होंने क्रिकबज़ से बातचीत में कहा, ''निश्चित तौर पर इम्पैक्ट प्लेयर रूल का इस्तेमाल करके वो 2024 के चुनाव में वापसी करेंगे.''.

  16. हरिवंश नारायण सिंह से क्यों नाराज़ हुई उनकी पार्टी जेडीयू

      • Author, चंदन कुमार जजवाड़े
      • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, बिहार से

    बिहार में सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह पर तीखा हमला बोला है.

    पार्टी ने आरोप लगाया है कि हरिवंश नारायण सिंह ने पद के लिए अपना ईमान बेच दिया है. हरिवंश 28 मई को नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह में शामिल हुए थे. हालांकि जेडीयू समेत कई विपक्षी दलों ने इस कार्यक्रम का बहिष्कार किया था.

    जेडीयू का आरोप है कि जब पार्टी ने तय किया था कि नए संसद के उद्घाटन का पार्टी बहिष्कार करेगी, वैसे समय में हरिवंश ने कार्यक्रम में शामिल होकर पार्टी की नीतियों से अलग काम किया है.

    जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने एक तस्वीर दिखाते हुए यह भी आरोप लगाया है कि सरकार की तरफ़ से हरिवंश को भी उचित सम्मान नहीं दिया गया और जिस कार्यक्रम में राज्यसभा के सभापति यानी उपराष्ट्रपति तक को नहीं बुलाया गया लेकिन हरिवंश ने बौद्धिकता का ईमान बेच दिया.

    नीरज कुमार का यह भी कहना है कि इस पर पार्टी कार्यवाई करेगी. पूर्व पत्रकार हरिवंश जेडीयू के राज्यसभा सांसद हैं. बीजेपी-जेडीयू गठबंधन के दौरान सितंबर 2020 में वो राज्यसभा के उपसभापति चुने गए थे.

  17. अर्दोआन की जीत पर इस्लामिक देशों की ये प्रतिक्रिया

    रेचेप तैय्यप अर्दोआन दो दशक तक तुर्की की सत्ता में रहने के बावजूद फिर से राष्ट्रपति चुनाव जीतने में कामयाब रहे हैं.

    इस मौक़े पर उन्हें दुनिया भर से बधाई संदेश मिल रहे हैं. क़तर, हंगरी, सोमालिया और पाकिस्तान, सऊदी अरब सबसे पहले शुभकामनाएं देने वाले देशों में शामिल हैं.

    अर्दोआन को बधाई संदेश देने में इस्लामिक देशों ने काफ़ी गर्मजोशी दिखाई है.

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने अर्दोआन को अपना भाई बताते हुए ट्वीट किया है, "अर्दोआन शोषित मुसलमानों के लिए मज़बूती से खड़े रहे हैं और उनके अधिकारों के लिए आवाज़ उठाते रहे हैं. राष्ट्रपति चुनाव में उनकी जीत ये दिखाती है कि तुर्की के नागरिकों का उनके नेतृत्व पर भरोसा है."

    आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे चरण में अर्दोआन को 52.1 फ़ीसदी वोट मिले हैं जबकि कलचदारलू के हिस्से में 47.9 फ़ीसदी वोट आए.

    सऊदी अरब के किंग सलमान और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने अर्दोआन को बधाई दी है और दोनों देशों के बीच रिश्तों को और ऊंचाइयों तक ले जाने की कामना की है.

    वहीं, संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख़ मोहम्मद बिन ज़ाएद ने ट्वीट किया, "फिर से तुर्की का राष्ट्रपति बनने पर अर्दोआन को बधाई. हम दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझीदारी बढ़ाने की आशा करते हैं और हम कामना करते हैं कि तुर्की और उसके लोगों की प्रगति और समृद्धि इसी तरह जारी रहे."

    ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी ने अर्दोआन की जीत को तुर्की के लोगों का उन पर बहुमूल्य भरोसा बताया है.

    क़तर की सरकारी समाचार एजेंसी क्यूएनए के अनुसार वहां के अमीर शेख़ तमीम बिन हमद ने अर्दोआन को उनकी जीत पर शुभकामनाएं देते हुए दोनों देशों के बीच रिश्तों को और मज़बूत बनाने की इच्छा ज़ाहिर की है.क़तर ने तो अर्दोआन को जीत के पहले ही बधाई दे दी थी.

  18. तुर्की: अर्दोआन ने अपनी जीत के बाद किसे आड़े हाथों लिया

    तुर्की के राष्ट्रपति चुनाव में अपनी जीत पर रेचेप तैय्यप अर्दोआन ने कहा है कि यह लोकतंत्र की जीत है.

    अंकारा में राष्ट्रपति भवन के बाहर अपने हज़ारों समर्थकों को संबोधित करते हुए अर्दोआन ने कहा, ''इस चुनाव में केवल मेरी जीत नहीं हुई है, बल्कि तुर्की और लोकतंत्र की भी जीत हुई है. कोई हारा नहीं है. तुर्की के सभी 8.5 करोड़ लोगों की जीत हुई है. अब हमें राष्ट्रीय लक्ष्य और सपने को लेकर एकजुट होने की ज़रूरत है.''

    अर्दोआन को 52.14 फ़ीसदी वोट मिला है और उनके विरोधी उम्मीदवार को 47.86 फ़ीसदी वोट मिले हैं.

    अर्दोआन ने अपनी जीत पर कहा, ''तुर्की की बहुदलीय व्यवस्था के अहम चुनाव में हमारे मुल्क के लोगों ने 'तुर्की की सदी होगी' के पक्ष में फ़ैसला दिया है.''

    अर्दोआन ने अपने समर्थकों से कहा कि यह चुनावी नतीजा आधुनिक युग में तुर्की के लिए बेहद ख़ास है. तुर्की के राष्ट्रपति ने कहा कि वह तुर्की के लोगों के लिए दिन रात काम करेंगे.

    अर्दोआन ने कहा कि उनकी प्राथमिकता भूकंप पीड़ितों को मुख्यधारा में लाना है और उनको हुए नुक़सान की भरपाई करनी है. अर्दोआन ने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए पश्चिम के मीडिया की भी जमकर आलोचना की.

    उन्होंने कहा कि पश्चिमी मीडिया का प्रॉपेगैंडा हारा है. अर्दोआन ने कहा कि उन्हें हराने के लिए पश्चिम के मीडिया ने ख़ूब ज़ोर लगाया लेकिन उन्हें मुँह की खानी पड़ी.

  19. वरुण गांधी की यह टिप्पणी क्या बताती है?

    उत्तर प्रदेश के पीलीभीत लोकसभा क्षेत्र से बीजेपी सांसद वरुण गांधी का हालिया ट्वीट उनके पहले के ट्वीट से बिल्कुल अलग है.

    अब तक के ट्वीट और अपने लेख में वरुण गांधी केंद्र की मोदी सरकार की कई नीतियों से खुलकर असहमति ज़ाहिर कर रहे थे. लेकिन रविवार को वह नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह में अपनी सांसद माँ मेनका गांधी के साथ शामिल हुए थे.

    वरुण गांधी के पिछले कई ट्वीट और लेख को मोदी सरकार की आलोचना करने वाले शेयर करते थे लेकिन वरुण रविवार को नई संसद के उद्घाटन समारोह में तब गए जब कई विपक्षी पार्टियों ने बहिष्कार किया था. मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने भी इस समारोह का बहिष्कार किया था.

    वरुण गांधी ने नई संसद में अपनी माँ के साथ एक सेल्फी ली है और इसे ट्वीट करते हुए लिखा है, ''नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह के ऐतिहासिक मौक़े पर मैंने वर्तमान लोकसभा की सबसे सीनियर सदस्य से सेल्फी के लिए अनुरोध किया.'' इस सेल्फी में वरुण और उनकी माँ मेनका दोनों ख़ुश दिख रहे हैं.

    ऐसा माना जा रहा है कि वर्तमान बीजेपी में वरुण गांधी और उनकी माँ मेनका गांधी दोनों उपेक्षा झेल रहे हैं. मेनका गांधी मोदी के पहले कार्यकाल में मंत्री थीं लेकिन 2019 में जब मोदी दोबारा चुनकर आए तो मेनका गांधी को मंत्री पद नहीं मिला था. मेनका गांधी तो चुप रहती हैं लेकिन वरुण गांधी कभी-कभार अपने ट्वीट और लेख के ज़रिए सरकार पर सवाल उठाते रहे हैं.

    वरुण गांधी बीजेपी में कभी आक्रामक युवा नेता के तौर पर आए थे लेकिन वक़्त के साथ उनका व्यक्तित्व पूरी तरह से बदला नज़र आया.

    2017 में वरुण गांधी जब 29 साल के थे तब वह एक रैली को संबोधित करते हुए बीजेपी नेता के रूप में 'विवादास्पद बयान' देकर सुर्खियों में आए थे. लेकिन इसके बाद धीरे-धीरे वरुण बीजेपी में हाशिए पर आते गए. जब तक बीजेपी की कमान राजनाथ के पास रही तब तक वरुण गांधी की पार्टी में सम्मानजनक हैसियत रही. वे पार्टी महासचिव रहे, पश्चिम बंगाल में पार्टी के प्रभारी भी रहे.

    आज की तारीख़ में वरुण गांधी के पास न तो पार्टी में कोई ज़िम्मेदारी है और न ही सरकार में.

  20. जंतर मंतर पर पहलवान अनशन कर पाएंगे या नहीं, दिल्ली पुलिस का यह फ़ैसला

    कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह के ख़िलाफ़ धरना दे रहे पहलवानों पर रविवार को हुई सख़्त कार्रवाई का दिल्ली पुलिस ने बचाव किया है.

    दिल्ली की डीसीपी सुमन नलवा ने कहा, "बीते 38 दिनों से दिल्ली पुलिस इन प्रदर्शनकारियों को बहुत सी ऐसी सुविधाएं दे रही है जो हम अन्य किसी प्रदर्शनकारियों को नहीं देते. इनके पास जेनसेट हैं, पानी की सुविधा थी. ये लगातार वहां बैठे भी नहीं थे. ये आते-जाते थे. जो ये कह रहे थे, हम वो सुविधा दे रहे थे."

    डीसीपी दिल्ली ने कहा, "23 मई को जब इन्होंने कैंडल मार्च का आह्वान किया, तो हमने इनसे काफ़ी बातचीत की और ये बताया कि ये हाई सिक्योरिटी ज़ोन है और यहां प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जा सकती, लेकिन इसके बाद भी ये अडिग रहे. हमने वो मार्च शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न करवाया. "

    "कल का दिन बहुत अहम था. कल नई संसद का उद्घाटन था. उसी समय पर इनके प्रदर्शन को कोई भी अनुमति नहीं दे सकता था. इनसे बातचीत हुई लेकिन इन्होंने कुछ भी सुनने से मना कर दिया. इसके बाद जब इन्होंने प्रदर्शन किया तो इन्हें हिरासत में लिया गया. हमारी महिला सिपाहियों ने इन्हें हिरासत में लिया और शाम तक इन्हें छोड़ दिया गया."

    डीसीपी नई दिल्ली के ट्विटर हैंडल से ये सूचना भी दी गई है कि जंतर मंतर पर चल रहे धरने को खत्म कर दिया गया है. साथ ही अब अगर फिर से पहलवान धरना प्रदर्शन की इजाज़त मांगते हैं तो उन्हें जंतर मंतर के अलावा किसी और जगह की अनुमति दी जाएगी.

    देश के शीर्ष पहलवानों ने 23 अप्रैल को भारतीय कुश्ती महासंघ के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह को गिरफ़्तार करने की मांग को लेकर अपना आंदोलन फिर से शुरू किया था.

    प्रदर्शनकारी पहलवानों ने बृजभूषण पर एक नाबालिग सहित कई महिला पहलवानों के यौन शोषण का आरोप लगाया है और उनकी गिरफ़्तारी की मांग कर रहे हैं.