महिला पहलवानों को हिरासत में लिए जाने पर प्रियंका गांधी और ममता बनर्जी ने क्या कहा
रविवार को नए संसद भवन की ओर मार्च करती हुई महिला पहलवानों को रोकने और हिरासत में लेने की कई नेताओं ने निंदा की है.
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया, "खिलाड़ियों की छाती पर लगे मेडल हमारे देश की शान होते हैं. उन मेडलों से, खिलाड़ियों की मेहनत से देश का मान बढ़ता है."
उन्होंने कहा है, "भाजपा सरकार का अहंकार इतना बढ़ गया है कि सरकार हमारी महिला खिलाड़ियों की आवाजों को निर्ममता के साथ बूटों तले रौंद रही है. ये एकदम गलत है. पूरा देश सरकार के अहंकार और इस अन्याय को देख रहा है."
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ट्वीट किया है, "जिस तरह से दिल्ली पुलिस ने साक्षी मलिक, विनेश फोगाट और अन्य पहलवानों के साथ धक्कामुक्की की है उसकी मैं कड़ी निंदा करती हूं. हमारे चैंपियन के साथ जिस तरह का बर्ताव हुआ है, वो शर्मनाक है."
उन्होंने लिखा है, "सहनशीलता में ही लोकतंत्र हैं लेकिन तानाशाही ताक़तें असहिष्णुता पर उतर आई हैं और असंतोष को दबा रही हैं. मैं मांग करती हूं कि पुलिस उन्हें तुरंत रिहा करे. मैं अपने पहलवानों के साथ खड़ी हूं."
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव ने भी सड़क पर गिरी महिला पहलवानों की एक तस्वीर साझा करते हुए ट्वीट किया है, "तर्क, निष्कर्ष और मंशा चाहे कुछ भी हो, यह दृश्य दुर्भाग्यपूर्ण है... तिरंगे के साथ देश की बेटियां."
राष्ट्रीय लोक दल ने कहा, "पहलवानों का साथ देने जा रहे राष्ट्रीय लोक दल के कार्यकर्ताओं एवं अन्य संगठन के कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की खबर मिल रही है, यह अंधी और बहरी सरकार फिर से सुन ले हम ना पहले डरे थे और ना ही अब डरेंगे. जय हिंद."