पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर जिले में हावड़ा-पुरी एक्सप्रेस शनिवार देर रात एक बड़े हादसे से बच गई.
हावड़ा से पुरी के लिए रवाना हुई इस ट्रेन की कपलिंग खुल जाने के कारण आखिर के दो डिब्बे पश्चिम मेदिनीपुर जिले के नेकुरसेनी स्टेशन पर चलती ट्रेन से अलग हो गए.
यह हादसा रात करीब एक बजे हुआ. इन दोनों डिब्बों को छोड़ कर ट्रेन कुछ आगे बढ़ गई. झटके से नींद टूटने पर यात्रियों में आतंक फैल गया.
बाद में ट्रेन के गार्ड ने देखा कि आखिर के डिब्बे नहीं हैं तो उन्होंने फौरन उच्चाधिकारियों को इसकी जानकारी दी.
हादसे की खबर मिलते ही रेलवे अधिकारी और खड़गपुर मंडल के इंजीनियर तुरंत मौके पर पहुंच गए. रात से ही ट्रेन के कपलिंग की मरम्मत का काम शुरू हो गया.
हालांकि, काफी प्रयास के बाद भी कपलिंग नहीं जुड़ पाने के कारण रेलवे अधिकारियों ने वैकल्पिक व्यवस्था की. दो नए कोच नेकुरसेनी भेजे गए.
रेलवे ने इस घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं.
कुछ यात्रियों ने बताया कि हादसा रात एक बजे के बाद हुआ. उस समय ज्यादातर यात्री सो रहे थे. लेकिन नींद टूटने के बाद दहशत फैल गई.
यात्रियों को तुरंत दोनों खुले डिब्बों से नीचे उतारा गया. इसके बाद उनको नए डिब्बे में लाया गया.
उसके बाद यह ट्रेन करीब पांच घंटे देरी से सुबह छह बजे पुरी के लिए रवाना हुई.
एक यात्री ने बताया कि अगर जल्दी ही गार्ड की नजर इस पर नहीं पड़ती तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था.
दक्षिण पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी आदित्य चौधरी ने कहा, "यह घटना हावड़ा-पुरी एक्सप्रेस में रात करीब दो बजे हुई. किसी तरह कपलिंग टूटने से दो डिब्बे ट्रेन से अलग हो गए.लेकिन ट्रेन के सुरक्षा गार्ड ने इसे देख लिया."
उन्होंने कहा कि घटना के बाद रेलवे अधिकारी तुरंत मौके के लिए रवाना हो गए.
हालांकि, उन दो डिब्बों की मरम्मत संभव नहीं हो पाई. इसलिए खड़गपुर से नए कोच लाकर यात्रियों को उनमें रवाना किया गया.