चीन में अमेरिका के राजदूत से मिले चीनी विदेश मंत्री, क्या बहाल होगी द्विपक्षीय बातचीत

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चीन के विदेश मंत्री चिन गांग, देश में अमेरिका के राजदूत निकोलस बर्न्स से मिले हैं. इस दौरान उन्होंने अमेरिका की चीन के प्रति नीति की कड़ी आलोचना की है.
चीनी विदेश मंत्री विशेष तौर पर ताइवान पर अमेरिकी नीति से ख़ासे नाराज़ थे.
लेकिन साथ ही उन्होंने दोनों देशों के संबंधों को स्थिर बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि इनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है.
विदेश मंत्री बनने के बाद चिन गांग कि ये अमेरिकी राजदूत के साथ पहली मीटिंग थी. इस मीटिंग के बाद दोनों देशों के बीच बंद पड़ी वार्ताओं के बहाल होने की अटकलें तेज़ हो गईं हैं.
इसी वर्ष फ़रवरी में अमेरिका में एक चीनी ‘जासूसी’ ग़ुब्बारे को गिरा दिया गया था. उसके बाद दोनों देशों के संबंधों में तनाव आ गया था.
चीनी विदेश मंत्री ने कहा कि चीन और अमेरिका के बीच रिश्तों में गिरावट को रोकना होगा.
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उन्होंने कहा, “अमेरिका को वन-चाइना पॉलिसी के सिद्धांत का पालन करना चाहिए. साथ ही उसे स्वतंत्र ताइवान की अलगाववादी ताक़तों का समर्थन बंद कर देना चाहिए.”
चीन ताइवान को अपना एक विद्रोही राज्य मानता है, जिसका एक न एक दिन चीन के साथ विलय होना है. लेकिन हाल के दिनों में चीन की हवाई सेना ने इस द्वीप पर अपनी मिलिट्री हरकतें बढ़ा दी हैं.
उधर अमेरिकी राजदूत ने एक छोटे से ट्वीट में इस बातचीत का ज़िक्र करते हुए कहा, “मैं आज चीन के विदेश मंत्री चिन गांग से मिला. हमने अमेरिका-चीन संबंधों की चुनौतियों और उन्हें स्थिर बनाने की ज़रूरत पर बात की.”
इसके बाद राजदूत बर्न्स ने अमेरिकी न्यूज़ चैनल सीएनएन को बताया, "हम कभी भी वार्ताओं से पीछे नहीं हटे हैं. और उम्मीद है कि चीन इस दिशा में क़दम उठाएगा."



















