मणिपुर: हिंसा पर क़ाबू पाने के लिए अमित शाह ने की बैठक, पूर्व IPS कुलदीप सिंह को मिली ज़िम्मेदारी
इस बैठक में हिंसा पर क़ाबू पाने के लिए पड़ोसी राज्यों से अर्धसैनिक बलों को मणिपुर भेजने का फ़ैसला लिया गया है.
लाइव कवरेज
विकास त्रिवेदी and चंदन शर्मा
सुप्रीम कोर्ट में पहलवानों की याचिका की सुनवाई पूरी, कहा- मांगें पूरी हो गई हैं...
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सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की खंडपीठ ने पहलवानों की ओर से दाखि़ल अर्जी की सुनवाई अब बंद करने का फ़ैसला किया है.
बीबीसी के सहयोगी पत्रकार सुचित्र मोहंती के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि यह याचिका जिन मांगों के साथ दाख़िल हुई थी, अब वे मांगें पूरी हो गई हैं. ऐसे में इस अर्जी की सुनवाई अब बंद की जा रही है.
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मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डाॅ डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस जेबी पारदीवाला की तीन सदस्यीय खंडपीठ ने कहा, "इस याचिका का मकसद एफआईआर दर्ज कराना था, जो अब दर्ज हो चुकी है."
"एफआईआर दर्ज करने के अलावा इस अदालत ने निर्देश दिया था कि शिकायतकर्ता को सुरक्षा दी जाए. पुलिस ने बताया है कि नाबालिग शिकायकर्ताओं और अन्य को उचित सुरक्षा दी जा चुकी है. इसलिए हम इस याचिका की सुनवाई बंद कर रहे हैं."
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अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता यदि कुछ और चाहते हों या उन्हें कोई और मदद चाहिए तो वे मजिस्ट्रेट के पास या हाईकोर्ट जा सकते हैं.
हालांकि अदालत ने पहलवानों की वो मांग नामंजूर कर दी है कि उनके आरोपोें पर दर्ज मुक़दमे की जांच की निगरानी कोई रिटायर्ड जज करें.
दिल्ली पुलिस ने अदालत को यह बताया है कि नाबालिग सहित चार शिकायतकर्ताओं के बयान रिकाॅर्ड किए जा चुके हैं.
पहलवानों का प्रदर्शन: विनेश फोगाट ने जान पर ख़तरे का डर जताया
वीडियो कैप्शन, पहलवानों का प्रदर्शन: विनेश फोगाट ने जान पर ख़तरे का डर जताया
बीबीसी से बातचीत में पहलवान विनेश फोगाट ने दावा किया है कि 2021 टोक्यो ओलंपिक के बाद उन्होंने भाजपा सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह से जुड़ी शिकायतों का ज़िक्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से किया था.
हालांकि विनेश के मुताबिक़ उन्होंने इस बातचीत में कथित यौन शोषण की बात नहीं की थी.
बातचीत में विनेश ने जान पर ख़तरे का डर भी जताया.
वो कहती हैं, "हम पहलवानी कैसे कर सकते हैं, अगर वो (बृजभूषण शरण सिंह) बाहर हैं तो. हमने आवाज़ उठाई है ना. हमारे परिवार इतने परेशान हैं. उनके (बृजभूषण शरण सिंह के) ऊपर जो एक्ट लगे हैं, उसमें उनकी गिरफ़्तारी बनती है या नहीं बनती? अगर उसकी जगह कोई नॉर्मल इंसान होता, उसकी गिरफ़्तारी होती कि नहीं होती?"
ब्रेकिंग न्यूज़, बिहार में जारी जाति सर्वे पर पटना हाई कोर्ट ने लगाई अंतरिम रोक
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Author, विष्णु नारायण
पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए
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बिहार में जारी जाति आधारित सर्वे पर पटना हाई कोर्ट ने तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है.
पटना हाई कोर्ट के चीफ़ जस्टिस के विनोद चंद्रन और जस्टिस मधुरेश प्रसाद की खंडपीठ ने ये फ़ैसला सुनाया.
हाई कोर्ट का ये अंतरिम फ़ैसला है और इस मामले अंतिम निर्णय अभी आना बाक़ी है.
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पटना हाई कोर्ट में इस मामले को लेकर पिछले दो दिनों से बहस चल रही थी.
कोर्ट ने अब तक इकट्ठा की गई तमाम जानकारियों को सुरक्षित रखने को कहा है.
गौरतलब है कि बिहार में इन दिनों सर्वे के दूसरे चरण का काम चल रहा था.
खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने गृह ज़िले पहुँचकर तमाम जानकरियाँ साझा की थीं.
सरकार की ओर से महाधिवक्ता पी के शाही सरकार का पक्ष रख रहे थे.
उनका कहना रहा कि इस सर्वेक्षण के आधार पर सरकार बिहार की जनता के लिए नीतियाँ बनाएगी.
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वहीं, इसके ख़िलाफ़ दायर याचिकाकर्ताओं के वकील शाश्वत ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि जातीय सर्वे के ख़िलाफ़ बहस कर रहे वकीलों ने मुख्य न्यायाधीश के सामने यह बात रखी कि राज्य सरकार सर्वे की आड़ में जनगणना करा रही है जबकि यह अधिकार केंद्र सरकार के पास है.
उन्होंने आगे कहा कि इस बहस में यह बात भी रखी गई कि राज्य सरकार की ओर से की जा रही जातीय सर्वेक्षण 'निजता के अधिकार' का उल्लंघन है. साथ ही इकट्ठा की जा रही जानकारी के सुरक्षा का भी सवाल है.
उन्होंने कहा कि इसके साथ ही इस जनगणना में जिस तरह से ट्रांसजेंडर की पहचान को जातीय और लैंगिक पहचान को आपस में मिला दिया गया है, याचिका इस मसले को भी लेकर दायर की गई थी. हमें उम्मीद है कि अंतिम फ़ैसला भी हमारे पक्ष में होगा.
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इस आदेश को लेकर जनता दल यूनाइटेड के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा है कि यह हाई कोर्ट का अंतरिम फ़ैसला है, इसे अंतिम नहीं माना जाना चाहिए.
वहीं, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने कहा है कि नीतीश कुमार नहीं चाहते कि जातीय गणना हो. नीतीश कुमार की गलतियों की वजह से हाईकोर्ट ने इस पर रोक लगाई है.
बिलावल भुट्टो गोवा में, पढ़िए पाकिस्तानी विदेश मंत्री की पूरी कहानी
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1988 पाकिस्तानी राजनीति के लिए एक उथल पुथल वाला साल था. यह वो साल था जब पाकिस्तान के सबसे नापसंद सैन्य तानाशाह की एक विमान दुर्घटना में मौत हो गई थी. उनकी मौत के साथ ही 11 साल पुरानी तानाशाही शासन का अंत हो गया और फिर बेनज़ीर भुट्टो के नेतृत्व में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की सत्ता में वापसी हुई थी.
इसी साल बेनज़ीर के इकलौते बेटे और पाकिस्तान के मौजूदा विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ज़रदारी का जन्म हुआ था.
उनके जन्म की तारीख़ उस समय दुनिया की सबसे गोपनीय रखी जाने वाली राजनीतिक सूचना थी.
सैन्य शासन इसका इस्तेमाल पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के चुनाव अभियान को पटरी से उतारने के लिए करना चाहता था, जिसका नेतृत्व बेनज़ीर भुट्टो कर रही थीं.
सुप्रीम कोर्ट ने जब याचिकाकर्ता से कहा- 'हम केवल प्रभावित पक्ष की बात सुनेंगे...'
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सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को उस याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया जिसमें विधायकों और सांसदों के आपराधिक मामलों में कसूरवार ठहराए जाने की सूरत में उनकी सदस्यता समाप्त किए जाने के प्रावधान की वैधता को चुनौती दी गई थी.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सूरत की अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद ये याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई थी.
चीफ़ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस जेपी पार्दीवाला की बेंच ने इस याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया और याचिकाकर्ता को याचिका वापस लेने की इजाजत दे दी.
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बेंच ने कहा, "आप कैसे प्रभावित हुए हैं? जब आपको दोषी ठहराए जाने के कारण विधायिका की सदस्यता से अयोग्य करार दिया जाए तब आप यहां आए. अभी नहीं. या तो आप अपनी याचिका वापस ले लें या हम इसे खारिज कर दें. हम केवल प्रभावित पक्ष की बात सुनेंगे."
बीबीसी के सहयोगी पत्रकार सुचित्र मोहंती के मुताबिक़ इस जनहित याचिका में जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 8(3) की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई थी. इस प्रावधान के तहत दोषी करार दिए जाने के बाद किसी जनप्रतिनिधि की सदस्यता खुदबखुद ख़त्म हो जाती है.
'हमारे मेडल वापस ले लो, लेकिन न्याय दिलवा दो': जंतर मंतर की घटनाओं की आंखों देखी
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बुधवार को दिनभर बेमौसम बरसात दिल्ली को भिगोती रही. आसमान से बूंदें टपकनी बंद हुईं तो रात में महिला पहलवानों की आँखों से पानी बरसने लगा. धारासार और लगातार.
आंसुओं के साथ गुस्से, ग़म और शिकायतों का सैलाब भी बाहर आ रहा था.
जगह थी दिल्ली का जंतर मंतर. जहां बीते क़रीब 11 दिन से ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक, बजरंग पूनिया और कॉमनवेल्थ मेडल जीत चुकीं विनेश फोगाट की अगुवाई में कई चैंपियन पहलवान कुश्ती महासंघ के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के ख़िलाफ़ मोर्चा खोले हुए हैं.
ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक ने बीबीसी के कैमरे पर कहा, "देखो, आप हालत देखो, सारे दिन बारिश हुई है, हम (सोने के लिए) तख्ते ला रहे थे, पुलिस वालों ने मारपीट की, गाली गलौच की है."
गो फ़र्स्ट एयरलाइन: 9 मई तक की उड़ानें रद्द, 15 मई तक बुकिंग बंद
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गो फ़र्स्ट एयरलाइन ने 9 मई, 2023 तक की उड़ानें रद्द कर दी हैं. इसकी वजह परिचालन संबंधी परेशानियां बताया गया है.
समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, एयरलाइन ने कहा है कि ग्राहकों को उनकी बुकिंग का पूरा पैसा जल्द ही रिफंड किया जाएगा.
इसी बीच समाचार एजेंसी पीटीआई ने अपनी रिपोर्ट में डीजीसीए (नागर विमानन महानिदेशालय) के हवाले से कहा है कि गो फ़र्स्ट ने 15 मई तक अपने टिकटों की बिक्री भी बंद कर दी है.
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ग्राहकों को उनका पैसा वापस करने और भविष्य की बुकिंग्स के लिए फ़्लाइट के शेड्यूल में बदलाव की तैयारियां की जा रही हैं.
तीन मई को गो फ़र्स्ट एयरलाइन ने तीन दिनों के लिए अपनी उड़ानें रद्द करने का फ़ैसला किया था जिसके बाद नागर विमानन महानिदेशालय ने कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया था.
डीजीसीए ने एक बयान में कहा है कि "गो फ़र्स्ट ने हमें बताया है कि उन्होंने 15 मई, 2023 तक टिकटों की बुकिंग स्थगित कर दी है और पहले से बिके हुए टिकटों के रिफंड या फ़्लाइट्स रीशेड्यूल करने पर काम किया जा रहा है."
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सऊदी अरब को भारत ने तेल बेचने के मामले में कैसे पीछे छोड़ा
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यूक्रेन पर हमले के बाद से अमेरिका के नेतृत्व में पश्चिम ने रूस के ख़िलाफ़ कड़े प्रतिबंध लगाए थे. यहाँ तक कि जी-7 देशों ने रूसी तेल के आयात पर प्राइस कैप लगा दिया था. इसके बावजूद यूरोप रूसी तेल भारत के ज़रिए ख़रीद रहा है. कहा जा रहा है कि यूरोप रूस का तेल भारत के ज़रिए ख़रीद अपने ही प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहा है.
अंग्रेज़ी अख़बार द हिन्दू ने चार अप्रैल को अपनेओपिनियन पन्नेपर एक रिपोर्ट प्रकाशित की है और उसमें बताया है कि कैसे यूरोप भारत और चीन का इस्तेमाल कर रहा है.
आज की प्रेस रिव्यू में पहली ख़बर के रूप में यही रिपोर्ट पढ़िए.
यूक्रेन जंग के बाद से भारत का रूस से तेल आयात 1,350 फ़ीसदी बढ़ा है और भारत यूरोप का सबसे बड़ा ईंधन निर्यातक देश बन गया है.
भारत के लिए रवाना होने से पहले क्या बोले पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो
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इमेज कैप्शन, पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ज़रदारी
पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ज़रदारी शंघाई सहयोग संगठन के सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों की एक बैठक में शामिल होने भारत आ रहे हैं.
ये बैठक गोवा में हो रही है.
इस मीटिंग के लिए रवाना होने से पहले बिलावल भुट्टो ज़रदारी ने ट्वीट किया, "गोवा जाने के लिए निकल गया हूं. शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन के विदेश मंत्रियों की बैठक में पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहा हूं. इस मीटिंग में शामिल होने का मेरा फ़ैसला शंघाई सहयोग संगठन के चार्टर के प्रति पाकिस्तान की प्रतिबद्धता को दिखलाता है."
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बिलावल भुट्टो ज़रदारी ने अपने ट्वीट में ये भी साफ़ किया है कि उनका फोकस एससीओ की बैठक पर है.
उन्होंने ये भी कहा है, "मित्र देशों के अपने समकक्ष नेताओं के साथ सकारात्मक बातचीत को लेकर मैं उत्साहित हूं."
बिलावल भुट्टो ज़रदारी का भारत दौरा क्यों है ख़ास
वीडियो कैप्शन, बिलावल भुट्टो ज़रदारी का भारत दौरा क्यों है ख़ास
महीनों तक चर्चा और विचार-विमर्श के बाद पाकिस्तान ने विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ज़रदारी के भारत दौरे को हरी झंडी दे दी.
वो 4 और 5 मई को गोवा में होने जा रहे शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गेनाइज़ेशन यानी एससीओ के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेंगे.
उनका ये दौरा बेहद ख़ास है क्योंकि दोनों देशों के रिश्तों में लंबे वक्त से तनाव चल रहा है और 12 साल बाद पाकिस्तान का कोई विदेश मंत्री भारत की यात्रा पर आ रहा है. आख़िर क्या हैं इस दौरे के मायने बता रही हैं बीबीसी संवाददाता शुमाइला जाफ़री.
मणिपुर हिंसा पर मोदी सरकार से मैरी कॉम ने की अपील- 'मेरा राज्य जल रहा है...'
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बॉक्सिंग की जानीमानी खिलाड़ी मैरी कॉम ने गुरुवार को केंद्र सरकार से मणिपुर में हिंसा पर नियंत्रण स्थापित करने में मदद देने की अपील की है.
बुधवार को जनजातीय लोगों के एक प्रदर्शन के दौरान उत्तर पूर्वी राज्य मणिपुर में हिंसा भड़क गई थी जिसके बाद हालात पर काबू पाने के लिए सेना और असम राइफल्स के जवानों को तैनात किया गया.
गुरुवार सुबह वेटरन बॉक्सिंग खिलाड़ी मैरी कॉम ने मणिपुर हिंसा पर रोकथाम के लिए ट्विटर पर अपील की.
उन्होंने कहा, "मेरा राज्य मणिपुर जल रहा है, कृपया मदद करें."
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उन्होंने अपने ट्वीट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को टैग भी किया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया है कि सेना और असम राइफल्स को रात में तैनात किया गया है. साथ में राज्य पुलिस भी है. सुबह तक सुरक्षा बल हिंसा पर काबू पा लेंगे.
हिंसा प्रभावित क्षेत्रों से अभी तक चार हज़ार लोगों को हटाया जा चुका है. वहां से लोगों को सुरक्षित जगहों पर ले जाया जा रहा है.
शिशुओं के लिए कंगारू केयर के क्या हैं फ़ायदे
वीडियो कैप्शन, बच्चों के लिए कंगारू केयर के क्या हैं फ़ायदे
प्रीमैच्योर बेबी की देखभाल, उन्हें इंफ़ेक्शन से बचाना काफ़ी चुनौती भरा काम है.
अक्सर ऐसे बच्चों को अस्पताल में इंक्युबेटर में रखा जाता है. लेकिन इन्हें घर पर मां के क़रीब रख कर भी बेहतर तरीके से इनकी देखभाल हो सकती है.
इस तरीके की ताकीद वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइज़ेशन ने भी की है. ये तरीका है कंगारू केयर यानी जिस तरीके से कंगारू मां अपने बच्चे को ख़ुद से चिपका कर रखती है वैसे ही अगर मां ख़ुद से चिपका कर रखे तो बच्चे का विकास जल्द होता है.
इसके लिए मां के साथ-साथ किसी एक शख़्स के मदद की ज़रूरत होती है. इस तरीके को अब 50 देश आज़मा रहे हैं.
क्या है ये तरीका ये जानने के लिए कोलंबिया की राजधानी बगोटा पहुंची बीबीसी की टीम जहां इसे पहली बार इस्तेमाल किया गया था.
जंतर-मंतर पर धरना दे रहे पहलवानों ने की ये बड़ी अपील
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दिल्ली के
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे पहलवानों और दिल्ली पुलिस के बीच बुधवार रात धक्का-मुक्की
हुई है.
दिल्ली महिला
आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालिवाल ने बुधवार रात जब धरना स्थल जाने की कोशिश की थी
तो पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर मंदिर मार्ग थाने भेज दिया था.
इस धक्का-मुक्की
के बाद गुरुवार सुबह पहलवानों और स्वाति मालिवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की.
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विनेश फोगाट ने कहा, ''हमने सोने के लिए बेड मंगवाए थे. भले ही ये मान लिया जाए कि ये बेड सोमनाथ भारती ने भिजवाए थे या देश के प्रधानमंत्री ने भिजवाए थे, मानवता के आधार पर क्या हमें सोने का भी हक नहीं है? बेड लाकर हमने गुनाह कर दिया क्या? कोई बम या हथियार थोड़ी था. पुलिस का व्यवहार बहुत आक्रामक था.''
बजरंग पुनिया ने कहा, ''जो आरोप लगाए गए हैं, उन्हें राजनीति से क्यों जोड़कर देखा जा रहा है. लड़कियों का मुद्दा है. पर जनता को गुमराह किया जा रहा है. हर चीज़ में राजनीति घुसेड़ रहे हैं. जैसे ही एफआईआर हुई, ये लोग खिलाड़ियों को गाली देने लगे. अगर महिलाओं को न्याय मिल रहा है तो राजनीति अच्छी ही है. महिलाओं को सुरक्षा मिल रही है तो राजनीति ही कर लें. ये चाहते हैं कि धरने से हटाकर कैसे बृजभूषण को बचा सकें. हमारी लड़ाई सरकार से नहीं, बृजभूषण से है.''
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पहलवानों ने कहा- अवॉर्ड लौटा देंगे
पहलवानों ने बुधवार रात को हुई घटना की लिखित शिकायत भी की है.
बजरंग पुनिया ने कहा, ''अगर ऐसा ही सम्मान है मेडल का तो उस मेडल का हम क्या करेंगे. इससे अच्छा तो हम साधारण ज़िंदगी जी लेंगे. जो अवॉर्ड, मेडल हमने जीते हैं वो हम भारत सरकार को लौटा देंगे. जब पुलिस धक्का-मुक्की कर रही है तब नहीं दिख रहा कि ये पदमश्री भी हैं.''
विनेश फोगाट ने कहा कि 28 तारीख़ को एफ़आईआर हुई है, मगर अब तक लड़कियों के बयान पूरे ही नहीं हुए हैं.
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इमेज कैप्शन, स्वाति मालीवाल
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, दिल्ली पुलिस ने दिल्ली के सभी ज़िलों के डीसीपी को अलर्ट पर रहने के लिए कहा गया है. ख़ासकर बॉर्डर एरिया वाले ज़िलों पर ख़ास सावधानी बरती जा रही है. पुलिस ने सेंट्रल दिल्ली जाने वाली सड़कों पर बैरिकेट्स भी लगाए हैं.
एएनआई के ट्वीट में दिल्ली पुलिस के हवाले से कहा गया है कि ऐसे एनपुट मिले है कि पहलवानों का समर्थन करने भारी संख्या में लोग जंतर-मंतर पहुंच सकते हैं.
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स्वाति मालीवाल क्या बोलीं?
स्वाति मालीवाल ने कहा, ''जंतर मंतर आज छावनी बन गई है. जिन खिलाड़ियों ने देश को मेडल दिलाया है, देश का नाम रोशन किया है वो यहां सड़क पर बैठे हैं और बृज भूषण शरण सिंह एसी कमरे में बैठे हैं. दिल्ली पुलिस उन्हें गिरफ़्तार क्यों नहीं कर रही.''
मालीवाल बोलीं, ''मुझे घसीटकर पुलिस स्टेशन ले गए. खिलाड़ियों से मिलने नहीं दिया. एक गुंडे को बचाने के लिए पुलिस को लगाया जा रहा है और लड़कियों के बयान क्यों नहीं दर्ज किए गए.''
जंतर मंतर पर पहलवानों का प्रदर्शन: विनेश फोगाट के गंभीर आरोप
वीडियो कैप्शन, COVER STORY: विनेश फोगाट के गंभीर आरोप
भारतीय कुश्ती महासंघ की पिछले कुछ दिनों से काफ़ी चर्चा हो रही है क्योंकि पहलवान विनेश फोगाट समेत कुछ पहलवानों ने कुश्ती महासंघ के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
हालांकि बृजभूषण सिंह इन आरोपों को सिरे से ख़ारिज करते हैं. इस मामले ने पूरे भारत का ध्यान खींचा है और कई सवालों को जन्म भी दिया है. इसी की चर्चा कवर स्टोरी में.
शरद पवार के इस्तीफ़े के एलान पर शिवसेना ने अजित पवार को घेरा
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हाल ही में
एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार के इस्तीफ़े के एलान पर शिवसेना के सामना में संपादकीय
छपा है.
मंगलवार को
इस्तीफ़े के एलान के फ़ौरन बाद एनसीपी नेता और कार्यकर्ताओं ने शरद पवार से भावुक
अपील करते हुए अध्यक्ष पद पर बने रहने के लिए कहा था.
तब शरद पवार के
भतीजे अजित पवार ने कहा था कि शरद पवार अपने फ़ैसले पर दोबारा विचार करने के लिए
तैयार हो गए हैं.
हालांकि शरद पवार की
घोषणा के फ़ौरन बाद अजित पवार ने कहा था कि शरद पवार एक मई को ही इस्तीफ़ा देने
वाले थे, लेकिन महा विकास अघाड़ी की रैली के चलते उन्होंने अपना फ़ैसला टाल दिया
था.
अजित पवार ने
कहा था कि अगला अध्यक्ष शरद पवार के निर्देश में रहते हुए काम करेगा, लेकिन कुछ ही
घंटों के बाद अजित पवार के सुर बदल गए.
अब अजित पवार की
भूमिका पर शिवसेना के मुखपत्र सामना में संपादकीय छपा है. इस संपादकीय में अजित
पवार पर सवाल उठाए गए हैं.
सामना में क्या कुछ लिखा?
''अजित पवार और उनका गुट अलग भूमिका अपनाने की तैयारी में हैं, क्या उसे रोकने के लिए पवार ने यह क़दम उठाया है?
शरद पवार के इस्तीफ़ा देते ही उनको मनाने की कोशिश शुरू हो गई, यह स्पष्ट दिखाई दे रहा है. पवार इस्तीफ़ा वापस लें, ऐसी मांग नेता कर रहे हैं, लेकिन अजित पवार ने अलग भूमिका अपनाई.
तब अजित ने कहा था- 'पवार साहब ने इस्तीफ़ा दिया. वे वापस नहीं लेंगे. उनकी सहमति से दूसरा अध्यक्ष चुनेंगे.' यह दूसरा अध्यक्ष कौन?
अजित पवार की राजनीति का अंतिम उद्देश्य महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनना है.
शरद पवार ने पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा देकर सभी की पोल खोल दी.
आज जो पैर पर गिरे, वही कल पैर खींचनेवाले होंगे तो उनका मुखौटा खींचकर निकाल दिया.
भले ही ये राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का अंदरूनी मसला हो, फिर भी शरद पवार इस घटनाक्रम के नायक हैं. उनके इस्तीफ़े का फ़ैसला आने तक महाराष्ट्र में हलचलें जारी ही रहेंगी.
पवार राजनीति के भीष्म हैं, लेकिन भीष्म की तरह हम शैय्या पर पड़े नहीं, बल्कि हम सूत्रधार हैं, यह उन्होंने दिखा दिया है.''
पहले रूस बोला- यूक्रेन ने ड्रोन हमला किया, अब यूक्रेन में सुनाई दिए धमाके
इमेज कैप्शन, क्रेमलिन
यूक्रेन की राजधानी कीएव समेत कई शहरों में धमाकों की आवाज़ सुनाई दी है.
ये हमले तब हुए
हैं, जब एक दिन पहले ही रूस ने आरोप लगाया था कि
यूक्रेन ने क्रेमलिन पर ड्रोन हमले किए हैं. यूक्रेन ने क्रेमलिन पर हमले के
आरोपों को ख़ारिज किया है.
ये हमला ऐसे
वक़्त में हुआ था, जब यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की
अचानक नीदरलैंड्स के दौरे पर गए हैं.
ज़ेलेंस्की
इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट भी जाएंगे,
जहां यूक्रेन में वॉर क्राइम के आरोपों
को लेकर रूस पर जांच चल रही है.
एक दिन पहले रूस
ने आरोप लगाया था कि यूक्रेन ड्रोन हमले के ज़रिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन
की जान लेना चाहता था. रूस ने कहा है कि उसने क्रेमलिन को निशाना बनाने वाले दो
ड्रोन्स को इलेक्ट्रॉनिक रडार के ज़रिए निष्क्रिय कर दिया है.
रूस ने इस हमले
को चरपमंथी हमला बताया था.
यूक्रेन के
राष्ट्रपति वोलोदिमीर जे़लेंस्की के प्रवक्ता ने कहा था कि यूक्रेन का फ़ोकस रूसी
क़ब्ज़े से अपनी भूमि को छुड़ाना है.
एक अन्य
यूक्रेनी अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि रूस ने इस घटना की ज़िम्मेदारी यूक्रेन पर
डाली है ताकि वो बड़े स्तर पर हमले कर सके.
पीएम मोदी पर बीबीसी डॉक्यूमेंट्री: दिल्ली कोर्ट ने बीबीसी को भेजा समन
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बीबीसी के सहयोगी पत्रकार सुचित्र मोहंती
पीएम नरेंद्र
मोदी पर बीबीसी डॉक्यूमेंट्री को लेकर दिल्ली की रोहिणी कोर्ट ने बुधवार को बीबीसी
को समन भेजा है.
कोर्ट ने बीबीसी
को भेजे समन में 30 दिन के भीतर लिखित जवाब देने के लिए
कहा है. ये समन झारखंड से बीजेपी नेता बिनय कुमार सिंह की ओर से दाखिल मानहानि केस
की सुनवाई मामले में भेजा गया है.
मामले की अगली
सुनवाई 11 मई को होनी है. अदालत ने विकिपीडिया की
फ़ंडिंग करने वाले विकिमीडिया फ़ाउंडेशन और अमेरिका की डिजिटल लाइब्रेरी इंटरनेट
आर्काइव को भी नोटिस भेजा है.
कोर्ट के आदेश
में कहा गया है, ''बीबीसी समन जारी होने के 30 दिनों के भीतर अपना लिखित जवाब दाखिल करे.''
बिनय कुमार सिंह ने
कोर्ट का रुख़ करते हुए कहा था कि बीबीसी डॉक्यूमेंट्री के आने से राष्ट्रीय
स्वयंसेवक संघ और विश्व हिंदू परिषद की मानहानि हुई है.
भारतीय विदेश
मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री के बारे में कहा था, ''मुझे ये साफ़ करने दीजिए कि हमारी राय में ये एक प्रौपेगैंडा पीस है.
इसका मक़सद एक तरह के नैरेटिव को पेश करना है जिसे लोग पहले ही ख़ारिज कर चुके
हैं. इस फ़िल्म या डॉक्यूमेंट्री को बनाने वाली एजेंसी और व्यक्ति इसी नैरेटिव को
दोबारा चलाना चाह रहे हैं."
इस बारे में
बीबीसी ने कहाथा, "बीबीसी दुनिया भर के अहम मुद्दों पर प्रकाश
डालने के लिए प्रतिबद्ध है. ये डॉक्यूमेंट्री भारत के बहुसंख्यक हिंदुओं और
अल्पसंख्यक मुसलमानों के तनाव की पड़ताल करती है और इसी तनाव के मद्देनज़र
प्रधानमंत्री मोदी की राजनीति पर नज़र डालती है."
बीबीसी ने कहा, "इस डॉक्यूमेंट्री के लिए उच्चतम संपादकीय
मानकों का पालन करते हुए गहन रिसर्च की गई है. इसके लिए कई गवाहों, विश्लेषकों और आम लोगों से बात की गई है. इनमें बीजेपी के लोग भी
शामिल हैं. हमने भारत सरकार को इस डॉक्यूमेंट्री में उठे मुद्दों पर अपना पक्ष
रखने का अवसर दिया था लेकिन उसने जवाब देने से इंकार कर दिया."
स्कूली छात्रों पर चलाई गोलियां, 9 की मौत, हमलावर की उम्र-13 साल
इमेज कैप्शन, 13 साल के हमलावर
सर्बिया की
राजधानी बेलग्रेड में एक स्कूल में हुई गोलीबारी में नौ लोगों की मौत हो गई है.
मरने वालों में
आठ छात्र और एक सिक्योरिटी गार्ड शामिल है. हमलावर नाबालिग़ है और उसी स्कूल
में पढ़ता है जहां उसने गोलियां चलाई हैं.
पुलिस के
मुताबिक़, हमलावर कई हफ़्तों से इस हमले की योजना बना रहा
था और उसके पास एक 'किल लिस्ट' यानी किन लोगों को मारना है, इसकी सूची भी
थी.
पुलिस ने 13 साल
के इस हमलावर को गिरफ़्तार कर लिया है. ये हमला बेलग्रेड के एक प्राइमरी स्कूल में
हुआ था.
हमले में एक
टीचर के अलावा छह स्टूडेंट्स घायल हुए हैं. पुलिस ने कहा कि हमले की वजह जानने के लिए जांच जारी है.
कहा जा रहा है
कि हमलावर ने अपने पिता की लाइसेंसी बंदूक इस्तेमाल की. साथ ही इन हत्याओं से पहले
हमलावर अपने पिता के साथ एक से ज़्यादा बार शूटिंग रेंज में गया था.
हमलावर के माता-पिता को भी गिरफ़्तार कर लिया गया है.
देश के
राष्ट्रपति एलेक्ज़ेंडर वूसिक ने इसे आधुनिक इतिहास का सबसे मुश्किल दिन बताया.
हमले के बाद देश में तीन दिन के शोक का एलान किया गया है.
विराट कोहली से बहस के बाद गौतम गंभीर ने अब क्या कह दिया?
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इमेज कैप्शन, कोहली और गंभीर
आईपीएल मैच के
दौरान विराट कोहली और गौतम गंभीर की बहस अब तक चर्चा में बनी हुई है.
लखनऊ सुपर
जायटंस के नवीन-उल-हक़ को लेकर गंभीर और कोहली के बीच भिड़ंत हुई थी. इस भिड़ंत के
बाद कोहली और गंभीर पर पूरी मैच फ़ीस का जुर्माना लगा था और नवीन-उल-हक़ पर भी आधी
मैच फ़ीस का जुर्माना लगाया गया था.
इस वाकये के बाद
विराट कोहली ने दो सोशल मीडिया पोस्ट की. इन पोस्ट को फ़ैंस ने मैच में हुई घटना
से जोड़कर देखा. कोहली ने बुधवार को अनुष्का शर्मा के साथ हँसते हुए अपनी तस्वीर
भी साझा की.
कोहली के बाद अब
गौतम गंभीर भी मैच में हुई उस घटना के संदर्भ में सक्रिय हुए हैं.
गौतम गंभीर ने
बुधवार रात ट्वीट किया- ''दबाव की बात कर दिल्ली क्रिकेट से भागा
एक आदमी क्रिकेट की चिंता की आड़ में पेड पीआर बेचने के लिए आतुर है. यही कलयुग है
जहां 'भगोड़े' अपनी 'अदालत' चलाते हैं.''
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गंभीर ने इस ट्वीट में किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन कुछ सोशल मीडिया यूज़र्स ने नामी टीवी एंकर रजत शर्मा का एक क्लिप शेयर किया.
ये क्लिप उस न्यूज़ प्रोग्राम का है जो गंभीर और कोहली की बहस के बाद रजत शर्मा ने किया था.
गंभीर के ट्वीट पर जवाब देते हुए @Warlock_Shabby ने लिखा, ''गौतम गंभीर रजत शर्मा की इस न्यूज़ की बात कर रहे हैं.''
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रजत शर्मा ने शो में क्या कहा था?
रजत शर्मा इस कार्यक्रम में कहते सुनाई देते हैं, ''...गौतम गंभीर को मिर्ची लगी. चुनाव लड़कर, सांसद बनकर गंभीर का अहंकार और भी बढ़ गया. विराट की लोकप्रियता गंभीर को कितना परेशान करती है, ये फिर मैदान पर नज़र आया. विराट ऐसे खिलाड़ी हैं जो हमेशा आक्रामक रहते हैं. किसी तरह की नॉनसेंस को बर्दाश्त नहीं करते हैं. इसीलिए विराट ने गंभीर को बराबर का जवाब दिया. लेकिन गौतम गंभीर ने जो किया, वो खेल भावना के ख़िलाफ़ है. ये एक पूर्व खिलाड़ी और सांसद को शोभा नहीं देता है. ऐसी घटनाओं से क्रिकेट का नुक़सान होता है और ये नहीं होना चाहिए था.''
ये कार्यक्रम कोहली और गंभीर की बहस के बाद किया गया था.
अभिनव सिंह समेत कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने रजत शर्मा के इस क्लिप को साझा करते हुए लिखा कि गंभीर रजत शर्मा की बात कर रहे हैं.
रजत शर्मा सालों से एक मशहूर कार्यक्रम 'आप की अदालत' के होस्ट भी हैं. इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी से लेकर भारत की कई हस्तियां शामिल होती रही हैं.
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रजत शर्मा और क्रिकेट
रजत शर्मा एक न्यूज़ चैनल के मालिक हैं और दिल्ली एंड डिस्ट्रिक क्रिकेट एसोसिएशन यानी डीडीसीए के अध्यक्ष रह चुके हैं.
नवंबर 2019 में रजत शर्मा ने डीडीसीए अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा देते हुए कहा था, "ऐसा लगता है कि डीडीसीए में सच्चाई, ईमानदारी और पारदर्शिता के मेरे सिद्धांतों के साथ चलना संभव नहीं है, जिससे मैं किसी भी क़ीमत पर समझौता करने के लिए तैयार नहीं हूं."
डीडीसीए के अध्यक्ष पद पर रहते हुए रजत शर्मा ने फ़िरोजशाह कोटला मैदान का नाम बदलकर अरुण जेटली स्टेडियम रखने का प्रस्ताव दिया था, जिसके बाद स्टेडियम का नाम बदला भी गया.
रजत शर्मा और अरुण जेटली यूनिवर्सिटी के ज़माने से दोस्त थे.
कहा जाता है कि अरुण जेटली की वजह से ही वो क्रिकेट प्रशासन में शामिल हुए थे.
फ़िलहाल डीडीसीए के अध्यक्ष अरुण जेटली के बेटे रोहन जेटली हैं.
नमस्कार.
आपका दिन शुभ हो.
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