भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने अपने ऊपर लगे आरोपों और इस्तीफे की मांग पर अपना पक्ष रखा है.
बृजभूषण शरण सिंह ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा है, ‘‘इस्तीफ़ा उतनी बड़ी चीज़ नहीं है, लेकिन अपराधी बनकर इस्तीफ़ा नहीं दूंगा. मैं अपराधी नहीं हूं.’’
उन्होंने खिलाड़ियों पर लगातार डिमांड बदलने का आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘इनकी खिलाड़ियों की डिमांड लगातार बदलती है. अगर आप इनके पुराने बयान सुनेंगे, तो जनवरी में इनकी मांग निकलकर आई थी कि अपने पद से इस्तीफ़ा दें. मैंने उस समय कहा था कि पद से इस्तीफ़ा देने का मतलब है कि मैंने इनके आरोपों को स्वीकार कर लिया.’’
उनके अनुसार, ‘‘मेरा कार्यकाल लगभग पूरा हो चुका है, जब तक नई बाॅडी नहीं बन जाती और अभी सरकार ने आईओए भारतीय ओलंपिक संघ की एक कमेटी गठित की है, तीन लोगों की इस कमेटी की देखरेख में 45 दिनों के भीतर चुनाव संपन्न होना है. चुनाव संपन्न होते ही मेरा कार्यकाल स्वतः समाप्त हो जाएगा.’’
महिला पहलवानों के कथित यौन उत्पीड़न मामले में दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार की रात बृजभूषण शरण सिंह के ख़िलाफ़ यौन उत्पीड़न के आरोप में दो एफ़आईआर दर्ज की है.
भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफ़आई) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग को लेकर कई पहलवान सात दिन से जंतर-मंतर पर धरना दे रहे हैं.
शुक्रवार को ओलंपिक मेडल विजेता बजरंग पुनिया ने इंस्टाग्राम पर आरोप लगाते हुए लिखा था कि विरोध-प्रदर्शन स्थल पर बिजली का कनेक्शन काट दिया गया है. पुनिया ने आरोप लगाया था कि दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर खाना-पानी की आपूर्ति भी नहीं होने दे रही है.
पुनिया का कहना है कि पुलिस विरोध-प्रदर्शन रोकने के लिए दबाव बना रही है.
पुनिया ने कहा, ''पुलिस का कहना है कि अगर हम विरोध-प्रदर्शन जारी रखना चाहते हैं तो रोड पर सोना होगा. जिस तरह की समस्याओं से सामना करना पड़ रहा है, वैसी समस्याएं पहले नहीं थीं. सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का बाद से ऐसा हुआ है.''