बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद ने जंतर-मंतर पर पिछले पांच दिनों से प्रदर्शन कर रहे पहलवानों के समर्थन में एक ट्वीट किया है.
सोनू सूद ने ट्वीट करते हुए लिखा, "देश के खिलाड़ी अन्याय के ख़िलाफ़ कुश्ती की जंग जीतेंगे ज़रूर. जय हिन्द."
एक दिन पहले इंडियन एक्सप्रेस अखबार से बात करते हुए पहलवाल विनेग फोगाट ने क्रिकेटरों और दूसरे खिलाड़ियों की चुप्पी पर सवाल उठाए थे.
उन्होंने कहा था कि जब अमेरिका में ब्लैक लाइव्स मैटर्स आंदोलन चला तो खूब खिलाड़ियों ने आवाज उठाई लेकिन आज हमारी बारी जब आई तो कोई बोलने को तैयार नहीं है.
विनेग फोगाट के इस इंटरव्यू के बाद कई बड़े खिलाड़ी पहलवानों के समर्थन में सामने आए हैं, जिसमें ओलंपियन नीरज चोपड़ा, अभिनव बिंद्रा, कपिल देव जैसे नाम शामिल हैं.
18 जनवरी, 2023 को पहलवान विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पुनिया ने दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचकर रेसलिंग फेडरेशन के अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह पर कई गंभीर लगाए थे.
तब विनेश फोगाट ने रोते हुए कहा था कि बृजभूषण सिंह और कोच, नेशनल कैंप में महिला रेसलर्स का यौन उत्पीड़न करते हैं.
इसके बाद केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने खिलाड़ियों के साथ मुलाक़ात की और 23 जनवरी को आरोपों की जांच करने के लिए पांच सदस्यीय निरीक्षण समिति बनाई.
दिग्गज मुक्केबाज एमसी मेरीकॉम को इस समिति का अध्यक्ष चुना गया था.
समिति को चार हफ्तों के अंदर जांच पूरी करने को कहा गया था. समिति ने रिपोर्ट सरकार को दे दी है लेकिन रिपोर्ट का सार्वजनिक नहीं किया गया है.
महिला पहलवानों का कहना है कि 21 अप्रैल को कनॉट प्लेस थाने में बृजभूषण सिंह के खिलाफ शिकायत करने गए थे लेकिन पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की.
23 अप्रैल को दूसरी बार ओलंपिक पदक विजेता पहलवान बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक और विनेश फोगाट की अगुवाई में पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह के ख़िलाफ़ मोर्चा खोल दिया.
26 अप्रैल को दिल्ली पुलिस ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट से कहा कि बृजभूषण शरण सिंह के ख़िलाफ़ सात महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों पर प्राथमिकी दर्ज करने से पहले किसी तरह की प्रारंभिक जांच की ज़रूरत है.
दिल्ली पुलिस की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की पीठ से कहा कि अगर शीर्ष अदालत को लगता है कि सीधे प्राथमिकी दर्ज की जानी है तो ऐसा किया जा सकता है.
27 अप्रैल, शुक्रवार को धरना प्रदर्शन का छठा दिन है. एफआईआर न दर्ज होने पर ये यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है.