अमृतपाल सिंह की गिरफ़्तारी के बाद पंजाब पुलिस ने कहा- उन्होंने सरेंडर नहीं किया

पंजाब पुलिस ने बताया है कि पिछले कई दिनों से फरार चल रहे अमृतपाल सिंह को रविवार की सुबह क़रीब 6.45 बजे मोगा ज़िले के रोडे गांव से गिरफ़्तार किया गया.
पंजाब पुलिस के महानिरीक्षक (मुख्यालय) सुखचैन सिंह गिल ने आज सुबह एक प्रेस काॅन्फ्रेन्स में यह भी बताया कि अमृतपाल सिंह को असम की डिब्रूगढ़ जेल भेज दिया गया है.
उन्होंने साफ़ किया कि अमृतपाल सिंह ने सरेंडर नहीं किया, बल्कि गिरफ़्तार किया गया है.
मोगा ज़िले का रोडे, ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान मारे गए जरनैल सिंह भिंडरांवाले का गाँव है. इसी गाँव में पिछले साल सितंबर में अमृतपाल को 'वारिस पंजाब दे' संगठन का मुखिया बनाया गया था.
उन्होंने बताया कि पुलिस ने रोडे गांव को पूरी तरह से घेर लिया था, उस वक्त अमृतपाल सिंह गुरुद्वारा साहिब के भीतर थे.
गिल ने कहा, ‘‘गुरुद्वारा साहिब की इज्ज़त सबसे ऊपर है और उसे बरक़रार रखते हुए उन्हें संदेश भेजा गया कि वे चारों तरफ से घिरे हुए हैं और अब उनके पास बचने का कोई रास्ता नहीं है."
उनके अनुसार, अमृतपाल सिंह के ख़िलाफ़ एनएसए के तहत जारी सभी वारंट आज सुबह तामील किए गए.
गिल के अनुसार, यह पंजाब पुलिस और पंजाब पुलिस की ख़ुफ़िया शाखा का संयुक्त अभियान था.
आईजी गिल ने इस दौरान पंजाब में शांति बनाए रखने के लिए राज्य के लोगों का शुक्रिया अदा किया है और राज्य का माहौल ख़राब करने वालों को चेतावनी भी दी है.






