कांग्रेस के गंभीर आरोपों के बाद राम माधव ने कहा- 'मानहानि का केस करेंगे'
पार्टी का कहना है कि जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक के राम माधव पर भ्रष्टाचार में शामिल होने के आरोप के बाद सीबीआई या ईडी आरएसएस नेता राम माधव के दरवाजे पर क्यों नहीं दस्तक दे रही है.
लाइव कवरेज
प्रियंका झा and प्रेरणा
सुप्रीम कोर्ट ने आरएसएस के मार्च के ख़िलाफ़ तमिलनाडु सरकार की याचिका ख़ारिज की
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सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार की उस याचिका को ख़ारिज कर दिया है, जिसमें मद्रास हाई कोर्ट की ओर से आरएसएस को राज्य भर में मार्च करने की इजाज़त वाले आदेश को चुनौती दी गई थी.
बीते महीने सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में फ़ैसला सुरक्षित रख लिया था.
लाइव लॉ की ख़बर के अनुसार मद्रास हाई कोर्ट की सिंगल जज बेंच ने आरएसएस पर तमिलनाडु में रूट मार्च करने के लिए कई शर्तें लगाई थीं, जबकि उसी कोर्ट की दो जजों वाली एक अन्य बेंच ने बिना शर्त मार्च की इजाज़त दे दी थी.
पिछली सुनवाई में सरकार के फ़ैसले के बचाव में वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा था कि आरएसएस को सशर्त मार्च करने की अनुमति देने का फ़ैसला ख़ुफ़िया रिपोर्ट और ख़तरे की आशंका के आधार पर किया गया था.
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मद्रास हाई कोर्ट की सिंगल जज की बेंच ने मैदान और स्टेडियम जैसे परिसरों में मार्च न करने, लाठी या अन्य चोट लगने का कारण बनने वाले हथियार न लेजाने के निर्देश दिए थे.
हाई कोर्ट की दो जजों वाली बेंच ने इन शर्तों को ख़त्म कर दिया था. इसी को तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी.
सचिन पायलट की बग़ावत से नुक़सान किसका, कांग्रेस का या ख़ुद पायलट का?
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"मैं 11 अप्रैल को शहीद स्मारक पर एक दिन के अनशन पर बैठूंगा. वसुंधरा राजे की सरकार के भ्रष्टाचार के मामलों की जांच की मांग को लेकर अनशन पर बैठूंगा."
राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी ही सरकार के ख़िलाफ़ सवाल खड़े करते हुए एक दिन के अनशन का एलान किया.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सचिन पायलट ने कहा, "दिसंबर 2013 में हम चुनाव हार गए थे. तब मुझे सोनिया गांधी ने पार्टी की ज़िम्मेदारी दी. वसुंधरा राजे की सरकार की ग़लत नीतियों का हमने विरोध किया. ख़ास तौर पर हमने भ्रष्टाचार के मुद्दों को उठाया, जिसका परिणाम हुआ कि उनकी सरकार चली गई."
पायलट ने कहा, "हम विपक्ष में थे, उस समय हमने कहा था कि हम बीजेपी सरकार के भ्रष्टाचार की जांच करेंगे. मैंने 28 मार्च, 2022 को सीएम अशोक गहलोत को पहली चिठ्ठी लिखी थी. लेकिन, उसका कोई जवाब नहीं आया. दो नवंबर, 2022 को दूसरा पत्र लिखा. लेकिन, उसका जवाब भी हमें नहीं मिला."
सचिन पायलट ने रविवार को अपनी ही सरकार के ख़िलाफ़ एक दिन के अनशन का एलान किया है. कांग्रेस ने इस अनशन को पार्टी विरोधी कहा है. राजस्थान की लड़ाई क्या कांग्रेस पर भारी पड़ेगी?
लखनऊ से हार के बाद रॉयल चैलेंजर्स को एक और झटका, कप्तान डुप्लेसि पर लगा जुर्माना
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इमेज कैप्शन, मैच के दौरान फ़ाफ़ डुप्लेसिस और विराट कोहली
लखनऊ सुपर जायंट्स के साथ आख़िरी गेंद तक चले रोमांचक मैच में मिली हार के बाद रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (आरसीबी) को एक और झटका लगा है.
टीम पर धीमी ओवर गति रखने की वजह से जुर्माना लगाया गया है.
आईपीएल मीडिया एडवाइज़री में लिखा है कि आईपीएल 2023 के लखनऊ के ख़िलाफ़ चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए 15वें मुक़ाबले में स्लो ओवर रेट की वजह से आरसीबी पर जुर्माना लगाया गया है.
चूंकि आईपीएल के मौजूदा सीज़न में टीम ने पहली बार नियमों का उल्लंघन किया इसलिए कप्तान फ़ाफ़ डुप्लेसि पर महज़ 12 लाख़ रुपये का जुर्माना लगा है.
अगर टीम दूसरी बार दोषी पाई गई तो ये जुर्माना दोगुना हो जाएगा. साथ ही प्लेइंग इलेवन के ख़िलाड़ियों को भी जुर्माना राशि भरनी पड़ेगी.
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लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाड़ी आवेश ख़ान ने भी मैच में कोड ऑफ़ कंडक्ट का उल्लंघन किया है. आवेश ख़ान ने जीत के बाद अपना हेलमेट ज़मीन पर मारा था.
इस वजह से उन्हें आईपीएल कोड ऑफ़ कंडक्ट लेवल 1 ऑफेंस के अपराध 2.2 का दोषी पाया गया. हालांकि,
उन्हें कड़ी चेतावनी के बाद छोड़ दिया गया. लेवल 1 के नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामलों में मैच रेफ़री का फ़ैसला अंतिम होता है.
सोनिया गांधी मोदी सरकार पर जमकर बरसीं, अलग-अलग मुद्दों पर सरकार को घेरा
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कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा है कि बीते कुछ महीनों में पीएम मोदी और उनकी सरकार व्यवस्थित ढंग से भारत के लोकतंत्र के तीनों स्तंभों को ध्वस्त करती जा रही है.
संसद के बजट सत्र की कार्यवाही बाधित रहने पर सोनिया गांधी ने कहा कि चुप्पी से देश की समस्याएं हल नहीं होंगी.
पूर्व कांग्रेस प्रमुख ने अंग्रेज़ी अख़बार 'द हिंदू' के लिए लिखे एक लेख में ये बातें कही हैं.
सोनिया ने लिखा है, "संसद के बीते सत्र में हमने कार्यवाही बाधित करने की सरकार की रणनीति देखी, जिससे विपक्ष को बेरोज़गारी, महंगाई, सामाजिक विभाजन और अदानी स्कैम जैसे अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे उठाने से रोका जाए."
"दृढ़ विपक्ष का सामना होने पर नरेंद्र मोदी सरकार ने भाषण को कार्यवाही से हटाने, चर्चा रोकने, संसद के सदस्यों पर निशाना साधने जैसे कुछ अप्रत्याशित कदम उठाए. इसका परिणाम ये हुआ कि जनता के पैसों से बना 45 लाख करोड़ रुपये का बजट बिना चर्चा के ही पास हो गया. बल्कि लोकसभा में जब वित्त बिल लाया गया तो प्रधानमंत्री अपने चुनावी क्षेत्र में ख़ूब सारी मीडिया कवरेज के बीच परियोजनाओं का उद्घाटन करने में व्यस्त थे."
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इमेज कैप्शन, भारत जोड़ो यात्रा के दौरान सोनिया गांधी और राहुल गांधी
सोनिया गांधी ने लिखा है कि नरेंद्र मोदी सरकार की ओर से सीबीआई और ईडी का दुरुपयोग किसी से छिपा नहीं हैं. गांधी ने दावा किया है कि "95 फ़ीसदी के केवल विपक्षी पार्टियों के ख़िलाफ़ दर्ज किए गए और जिन लोगों ने भारतीय जनता पार्टी जॉइन कर ली उनके ख़िलाफ़ चमात्कारिक ढंग से मामले रफ़ा-दफ़ा हो गए."
कारोबारी गौतम अदानी का नाम लिए बगैर सोनिया ने कहा, "प्रधानमंत्री सच और न्याय के बारे में दिखावटी बयान देते हैं जबकि उनके चुने व्यवसायी पर वित्तीय धोखाधड़ी के आरोपों की अनदेखी की जाती है, इंटरपोल ने भगोड़े मेहुल चोकसी के ख़िलाफ़ नोटिस वापस ले लिया, बिलकिस बानो के बलात्कार के दोषियों को जेल से रिहा कर दिया जाता है और वो बीजेपी के नेताओं के साथ मंच पर दिखते हैं."
सोनिया गांधी ने इस लेख में क़ानून मंत्री की ओर से पूर्व जजों को लेकर दिए गए बयान का भी ज़िक्र किया है और कहा है कि न्यायपालिका की विश्वसनीयता कम करने के लिए व्यवस्थित तरीके से कोशिशें हो रही हैं. उन्होंने ये भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में ये स्पष्ट कर दिया था कि सरकार की आलोचना दंड का आधार नहीं हो सकती.
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सोनिया ने लिखा है कि चुप्पी थोपने से भारत की समस्याओं का हल नहीं होगा.
उन्होंने लिखा है, "प्रधानमंत्री लाखों-करोड़ों लोगों के जीवन को प्रभावित करने वाले अपनी सरकार के एक्शन पर उठते जायज़ सवालों पर चुप हैं. वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में बेरोज़गारी या महंगाई का ज़िक्र नहीं किया. ऐसा लगता है कि जैसे ये समस्याएं हैं ही नहीं."
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सोनिया गांधी ने लिखा है कि पीएम मोदी बीजेपी और आरएसएस के नेताओं की ओर से फ़ैलाई जा रही नफ़रत और हिंसा की अनदेखी कर रहे हैं. उन्होंने एक बार भी शांति और समृद्धि की बात नहीं की, न तो दोषियों को सज़ा ही दी. धार्मिक त्योहार अब दूसरों को उकसाने का मौका बन गए हैं. चीन के मुद्दे पर पीएम ये मानना ही नहीं चाहते कि पड़ोसी देश ने घुसपैठ की है.सरकार संसद में चर्चा रोकती है.
आख़िर में कांग्रेस नेता ने लिखा है कि "पीएम की भरसक कोशिशों के बावजूद भारत के लोगों को चुप नहीं कराया जा सकता है. अगले कुछ महीने हमारे देश की लोकतंत्र की परीक्षा के लिहाज से अहम हैं."
शेख़ हसीना ने संसद में मुस्लिम देशों का हवाला देकर अमेरिका पर जमकर हमला बोला
कांग्रेस ने उपराष्ट्रपति से कहा- हमेशा सरकार का गुणगान नहीं करना चाहिए
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कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के एक ट्वीट के जवाब में कहा है कि राज्यसभा के सभापति को हमेशा निष्पक्ष होना चाहिए.
दरअसल, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार को एक कार्यक्रम के दौरान ये कहा था कि "जब भी देश से बाहर जाएं अपने राजनीतिक चश्मे को यहीं छोड़ जाएं."
हालांकि, धनखड़ ने अपने बयान में किसी का नाम नहीं लिया लेकिन इस परोक्ष तौर पर राहुल गांधी पर हमला माना गया.
कुछ समय पहले ही कांग्रेस नेता राहुल गांधी लंदन के दौरे पर थे. वहां अलग-अलग कार्यक्रमों में उन्होंने ये दावा किया था कि भारत में लोकतंत्र ख़तरे में है और यहां संसद में विपक्षी नेताओं को बोलने नहीं दिया जाता.
धनखड़ ने विश्व होम्योपैथी दिवस 2023 के मौक़े पर एक सम्मेलन में कहा, "क्या कभी आपने देखा है कि भारत में जो विदेश से आता है या विदेश का कोई बड़ा व्यक्ति आता है तो उसने कभी अपने देश के बारे में बुरी बात कही है? नहीं कही है. चिंतन का विषय है कि हमारे कुछ लोग ऐसा क्यों करते हैं? एक सलाह है कि जब भी देश के बाहर जाएं अपने राजनीतिक चश्मे को यहीं छोड़ जाएं. इसमें देश का भी भला है और व्यक्ति का भी भला है."
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बाद में धनखड़ ने इसी लाइन को ट्वीट किया, जिसे कोट करते हुए जयराम रमेश ने उन पर तंज़ किया.
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कांग्रेस नेता ने लिखा, "पहले आप उनको ये सलाह दीजिए जिन्होंने इस प्रथा को 2015 में शुरू किया था. फिर प्रवचन दीजिए. दूसरी बात, सभापति महोदय को निष्पक्ष होना चाहिए, हमेशा सरकार का गुणगान नहीं करना चाहिए."
नोएडा: बार में रामायण के क्लिप के इस्तेमाल पर विवाद, FIR दर्ज, दो लोग गिरफ़्तार
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नोएडा के एक बार में बड़ी स्क्रीन पर धारावाहिक रामायण के संवाद को डब करके चलाने के मामले में पुलिस ने एफ़आईआर दर्ज कर ली है और दो लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.
इस बारे में नोएडा के अतिरिक्त डीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी ने सोमवार को बयान भी जारी किया है.
उन्होंने कहा, "सुबह से सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जो नोएडा के गार्डन गैलेरिया मॉल के लॉर्ड ऑफ़ ड्रिंक्स का बताया जा रहा है."
उन्होंने कहा, "इस वीडियो में धारावाहिक रामायण के कुछ पात्रों को दर्शाया गया है और बैकग्राउंड में गाने बज रहे हैं. इस पर संज्ञान लिया गया है. नोएडा सेक्टर 39 थाने में तीन अभियुक्तों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की जा चुकी है.
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दरअसल, सोशल मीडिया पर धारावाहिक के डब किए गए वीडियो की क्लिप सामने आने के बाद कई लोगों ने इस वीडियो पर नाराज़गी जताई थी. इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की.
इस वीडियो में धारावाहिक के राम और रावण के पात्र दिख रहे हैं और बैकग्राउंड में मॉडर्न गाने बजते सुनाई दे रहे हैं.
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समाचार एजेंसी पीटीआई ने अतिरिक्त डीसीपी (नोएडा) शक्ति मोहन अवस्थी के हवाले से बताया है कि बार के मालिक मीनांक कुमार और मैनेजर अभिषेक सोनी को गिरफ़्तार किया गया है. फ़िलहाल डीजे चलाने वाले शख़्स की तलाश की जा रही है.
पुलिस ने बताया कि इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 153ए (सद्भावना और सार्वजनकि शांति भंग करने वाला कृत्य) और 295 (किसी भी वर्ग के धर्म का अपमान करने के इरादे से पूजा स्थल को नुक़सान पहुंचाना या अपवित्र करना) के तहत एफ़आईआर दर्ज की गई है.
सऊदी अरब ने ईद से पहले लिया यह अहम फ़ैसला
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सऊदी अरब की सरकार ने नौकरीपेशा लोगों को ईद पर तोहफ़ा देने का एलान किया है.
दरअसल, सऊदी के मानव संसाधन और सामाजिक विकास मंत्रालय ने सोमवार को औपचारिक तौर पर ईद की लंबी छुट्टियों की घोषणा की है.
मंत्रालय ने एक ट्वीट में बताया है कि निजी और ग़ैर-लाभकारी क्षेत्रों में काम करने वाले लोग ईद पर चार दिनों की अतिरिक्त छुट्टी का आनंद उठा सकते हैं. ये छुट्टियां 20 अप्रैल को काम करने के तय घंटे ख़त्म होने के बाद से शुरू होंगी.
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यानी कर्मचारी अब शुक्रवार-शनिवार को मिलने वाले वीकेंड ऑफ़ के अलावा लंबी छुट्टी का फ़ायदा ले सकते हैं. कुछ दफ़्तरों में काम 27 अप्रैल को शुरू होगा.
इस साल 23 मार्च रमज़ान शुरू हुए थे. इसके करीब एक महीने बाद रमज़ान के आख़िरी दिन ईद-उल-फ़ितर मनाई जाएगी.
अशोक गहलोत के ख़िलाफ़ आज अनशन करेंगे सचिन पायलट, कांग्रेस ने कहा पार्टी विरोधी
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राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के आज होने जा रहे धरने पर कांग्रेस ने आपत्ति जताई है और कहा है कि इसे पार्टी विरोधी गतिविधि माना जाएगा.
सचिन पायलट ने राजस्थान के विधानसभा चुनावों से पहले अशोक गहलोत सरकार के ख़िलाफ़ एक बार फिर मोर्चा खोला है. पायलट ने कहा है कि वो राज्य की पिछली बीजेपी सरकार में कथित भ्रष्टाचार पर जांच की मांग को लेकर 11 अप्रैल को जयपुर में शहीद स्मारक पर एक दिन का अनशन करेंगे.
पायलट ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर ये दावा किया था कि उन्होंने वसुंधरा राजे की सरकार में हुए भ्रष्टाचार की जांच कराने के लिए सीएम अशोक गहलोत को दो बार चिट्ठी लिखी थी लेकिन इसका उन्हें कोई जवाब नहीं मिला.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार राजस्थान के कांग्रेस प्रभारी महासचिव सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा है कि उन्होंने पायलट से बात की है और उनसे अपनी ही सरकार के ख़िलाफ़ जनता के बीच जाने की बजाय पार्टी के मंच पर मुद्दों को उठाने के लिए कहा है.
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उन्होंने कहा है, "सचिन पायलट का एक दिन का अनशन पार्टी के हितों के ख़िलाफ़ और पार्टी-विरोधी गतिविधि है. अगर उनकी अपनी ही सरकार में कोई मसला है, तो इसे मीडिया और जनता के बीच ले जाने की बजाय पार्टी के मंचों पर उठाया जा सकता है. मैं पिछले पाँच महीनों से एआईसीसी का प्रभारी हूं और पायलट जी ने मुझसे कभी इस मुद्दे पर चर्चा नहीं की. मैं उनसे संपर्क में हूं और अभी भी उनसे यही अपील करूंगा कि वो शांति से बात करें क्योंकि इसमें शक नहीं कि वो पार्टी के लिए बहुमूल्य हैं. "
नमस्कार!
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