चीन के संदिग्ध जासूसी गुब्बारे को गिराने के बाद अमेरिका ने की थी भारत से चर्चा

चीन के संदिग्ध जासूसी गुब्बारे को गिराने के हफ़्तों बाद अमेरिका ने भारत और अपने अन्य क़रीबी देशों के साथ बातचीत कर इसकी बारे में जानकारी दी.

लाइव कवरेज

अनंत प्रकाश and शुभम किशोर

  1. बीजेपी ने राहुल गांधी पर बोला हमला, पूछा - 'विदेश जाकर किससे मिलते हैं?'

    बीजेपी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद

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    इमेज कैप्शन, बीजेपी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी के विदेश दौरों पर पूर्व कांग्रेस नेता गुलाम नबी आज़ाद की ओर से की गई टिप्पणी को बीजेपी ने हाथों-हाथ लिया है.

    गुलाम नबी आज़ाद ने हाल ही में एक टीवी चैनल के साथ बात करते हुए आरोप लगाया था कि राहुल गांधी 'अपने विदेश दौरों पर अवांक्षनीय व्यापारियों से मिलते हैं.'

    इस पर बीजेपी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि गुलाम नबी आज़ाद ने गंभीर आरोप लगाए हैं.

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    उन्होंने कहा है, "जब भी राहुल गांधी विदेश जाते हैं तो वह अवांछनीय व्यवसायी से मिलते थे. राहुल गांधी किस-किस से मिलते हैं?

    उनके मिलने का एजेंडा क्या होता है? जब भी वे विदेश से लौटते हैं तो उनका हमला भारत, PM मोदी के ऊपर और तेज़ हो जाता है.

    क्या राहुल गांधी भारत विरोधी व्यवसायियों के साथ मिलकर देश को कमज़ोर करने का काम कर रहे हैं?"

  2. मक्का में उमरा के बीच भारी बारिश, देखें वीडियो

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    सऊदी अरब के मक्का में सोमवार को श्रद्धालुओं ने भारी बारिश के बीच उमरा किया.

    मक्का रीजन के आधिकारिक ट्विटर पेज पर इसका वीडियो जारी किया गया है. इसमें बारिश के बीच मुस्लिम श्रद्धालु रस्म पूरी करते नज़र आ रहे हैं.

    वीडियो में कई अन्य श्रद्धालु बारिश में खड़े नज़र आ रहे हैं. वो काबा के सामने इबादत कर रहे हैं. श्रद्धालु मक्का में उमरा के दौरान बारिश को एक अहम पल के तौर पर देख रहे हैं.

    बारिश के बीच सुरक्षा और दूसरी एजेंसियां भी सक्रिय नज़र आईं. अधिकारी इंतजाम को दुरुस्त करने में जुट गए ताकि बदले मौसम की वजह से कोई अप्रिय घटना न हो जाए.

    रमजान के मौके पर हज़ारों मुस्लिम श्रद्धालु उमरा के लिए मक्का पहुंचे हैं. इस साल रमजान की शुरुआत 23 मार्च से हुई है. रमजान का महीना 21 अप्रैल तक है.

  3. अफ़्रीकी देश चाड ने जर्मनी के राजदूत को बाहर निकाला, लेकिन क्यों?

    चाड में जर्मनी के राजदूत रहे गॉर्डन क्रिक

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    इमेज कैप्शन, चाड में जर्मनी के राजदूत रहे गॉर्डन क्रिक

    अफ़्रीकी देश चाड ने जर्मनी के राजदूत जान क्रिश्चियन गॉर्डन क्रिक को 'पर्सोना नॉन ग्राटा' (अवांछनीय व्यक्ति) करार दिया है.

    समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक़, क्रिक को 48 घंटों के अंदर चाड से बाहर निकलने का समय दिया गया था.

    चाड के विदेश मंत्री महामत सालेह अनादिफ़ ने कहा है कि ‘चाड में तैनात रहे जर्मनी के राजदूत जान क्रिश्चियन गॉर्डन क्रिक ने शनिवार रात एयर फ्रांस की फ़्लाइट ले ली है.”

    चाड से उनके निकलने की पुष्टि समाचार एजेंसी एएफ़पी की ओर से भी की गयी है.

    अधिकारियों ने अब तक आधिकारिक तौर पर उन्हें बाहर निकालने की वजह नहीं बताई है.

    लेकिन चाड सरकार के एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा है कि संबंधित राजदूत सरकार के काम में अत्यधिक दखल दे रहे थे.

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  4. सासाराम-बिहार शरीफ़ हिंसा मामले में अब तक 55 गिरफ़्तार, स्कूल-कॉलेज खुले

      • Author, विष्णु नारायण
      • पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए
    पोस्टर

    इमेज स्रोत, Vishnu Narayan/BBC

    बिहार के सासाराम और बिहार शरीफ़ में अब स्थितियां सामान्य हो रही हैं.

    ज़िला प्रशासन और शहर के अहम लोग शांति कायम करने की कोशिश में जुटे हैं.

    सासाराम और बिहार शरीफ़ में रामनवमी (31 मार्च) की शोभायात्रा के दौरान सांप्रदायिक हिंसा हुई थी. इस दौरान आगजनी भी हुई थी. प्रशासन के मुताबिक अब तक कुल 55 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. वहीं, 35 लोगों को संदेह के दायरे में रखकर छापेमारी की जा रही.

    बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने इस मामले में पांच लोगों को गिरफ़्तार किया है.

    स्कूल खुले

    अधिकारियों के मुताबिक सोमवार से स्कूल कॉलेज खोल दिए गए हैं. वहीं,हिंसा के रोज़ से इंटरनेट पर लगा प्रतिबंध बीती आठ अप्रैल (शनिवार) की सुबह ही हटा दिया गया था.

    नालंदा ज़िले के ज़िलाधिकारी शशांक शुभंकर ने पत्रकारों को बताया कि बिहार शरीफ़ में सोमवार से स्कूल और कॉलेज खोल दिए गए हैं.

    पुलिस

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    अधिकारियों के मुताबिक केंद्रीय सुरक्षा बलों की इलाक़े में तैनाती और फ़्लैग मार्च की वजह से दोनों शहर में स्थितियाँ सामान्य हो रही हैं.

    हालांकि, कोचिंग सस्थानों को अगले आदेश तक बंद रखने का आदेश दिया गया है.

    इस बीच, शहर के गणमान्य और सामान्य लोगों ने इस बीच सद्भावना मार्च निकाला. वहीं ज़िलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक की उपस्थिति में शांति समिति की बैठकें भी की गईं.

    निगरानी जारी

    सासाराम में हिंसा और आगजनी के केंद्र में रहे दोनों मोहल्लों शाहजल पीर और बाभन टोली में अब शांति है.

    प्रशासन का ये भी कहना है कि इंटरनेट की बहाली के बाद भी सोशल मीडिया की लगातार मॉनिटरिंग हो रही हैं.

    हालाँकि, सासाराम में धरपकड़ के दौरान किसी भी अभियुक्त पर कुर्की की कार्रवाई नहीं हुई है.

    स्थिति का जायजा लेने के लिए खुद एडीजी सासाराम पहुंचे थे.

    सासाराम के ज़िलाधिकारी धर्मेंद्र कुमार ने ज़िले के लोगों से अपील की है कि ‘लोग अफवाहों पर ध्यान न दें. प्रशासन मुस्तैद है.’

  5. एयर इंडिया के क्रू मेंबर से झगड़ने लगा यात्री, लंदन जा रहा विमान दिल्ली वापस लौटा

    विमान

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    एयर इंडिया के एक और विमान में एक यात्री के दुर्व्यवहार की ख़बर सामने आई है.

    समाचार एजेंसी एएनआई ने एयर इंडिया के हवाले से बताया है कि दिल्ली से लंदन जा रहे इस विमान को उड़ान भरने के कुछ देर बाद ही वापस लौटना पड़ा.

    एएनआई ने अधिकारियों के हवाले से बताया है कि ये यात्री क्रू मेंबर्स (विमान दल) के साथ लड़ने लगा.

    अधिकारियों के मुताबिक़ यात्री को उसके व्यवहार को लेकर चेतावनी भी दी गई लेकिन वो नहीं माने.

    एएनआई ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि यात्री ने केबिन क्रू के दो सदस्यों को शारीरिक चोट भी पहुंचाई.

    इस वजह से विमान को वापस दिल्ली एयरपोर्ट लौटना पड़ा.

    एयर इंडिया के अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि इस मामले में दिल्ली एयरपोर्ट पुलिस के सामने शिकायत दर्ज कराई गई है.

    यात्री के बारे में अभी ज़्यादा ब्योरा नहीं दिया गया है. एयर इंडिया में यात्रियों के दुर्व्यवहार की शिकायतें पहले भी मिली हैं.

    कुछ दिन पहले एक यात्री ने एक सहयात्री पर पेशाब कर दिया था. ये मामला लगातार चर्चा में रहा था.

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  6. यूक्रेन युद्ध से जुड़े कई अमेरिकी दस्तावेज़ हुए लीक, क्या पता चला?

    युद्ध की तस्वीर

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    रूस और यूक्रेन के बीच पिछले 14 महीनों से जारी युद्ध से जुड़े कुछ गुप्त अमेरिकी दस्तावेज़ इंटरनेट पर लीक हो गए हैं.

    इन दस्तावेज़ों में युद्ध से जुड़ी तस्वीरें, नक्शे और चार्ट आदि शामिल हैं.

    सोशल मीडिया पर इन दस्तावेज़ों को वायरल होते देखा जा सकता है.

    इनमें से कुछ दस्तावेज़ छह हफ़्ते पुराने भी हैं.

    पेंटागन अधिकारियों के हवाले से कहा जा रहा है कि ये दस्तावेज़ असली हैं.

    बीबीसी ने इनमें से बीस दस्तावेज़ देखे हैं.

    इनमें यूक्रेन को दिए गए हथियारों के साथ-साथ ट्रेनिंग आदि से जुड़ी विस्तृत जानकारियां शामिल हैं.

    इसमें ये भी शामिल है कि ब्रिगेड्स कब तक तैयार हो जाएंगी.

    इन ब्रिगेड्स में शामिल टैंकों, बख़्तरबंद वाहनों और गोला-बारूद की जानकारी है जो यूक्रेन को उसके पश्चिमी सहयोगियों की ओर से उपलब्ध कराए जा रहे हैं.

    इसके साथ ही इन दस्तावेज़ों में दोनों पक्षों को हुए जानमाल के नुकसान की जानकारी भी शामिल हैं.

    किसने जारी किए और कैसे सामने आए दस्तावेज़

    ओपन सोर्स इंटेलिजेंस ग्रुप बेलिंगकेट से जुड़े एरिक टोलर के मुताबिक़, ये दस्तावेज़ मैसेजिंग प्लेटफॉर्म डिस्कॉर्ड और 4chan पर नज़र आए हैं.

    टोलर ने बताया है कि अब तक पता नहीं चला है कि इस लीक का असली स्रोत कौन है. लेकिन ये डॉक्यूमेंट मार्च महीने की शुरुआत में गेमिंग प्लेटफॉर्म पर नज़र आए थे.

    बीती चार मार्च को कंप्यूटर गेम माइनक्राफ़्ट से जुड़े सर्वर पर कुछ गेमर्स के बीच यूक्रेन युद्ध को लेकर गरमागरम बहस जारी थी, इसी बीच एक यूज़र ने युद्ध से जुड़े दस दस्तावेज़ साझा कर लिए.

    ये काफ़ी दुर्लभ है लेकिन इससे पहले भी इस तरह दस्तावेज़ लीक होने की घटनाएं सामने आई हैं.

    साल 2019 में ब्रितानी आम चुनाव से पहले अमेरिका-ब्रिटेन के बीच व्यापारिक रिश्तों से जुड़े दस्तावेज़ रेडिट, 4चान समेत अन्य वेबसाइट्स पर नज़र आए थे.

  7. बीबीसी ने ट्विटर की ओर से ख़ुद को सरकार पोषित बताने पर आपत्ति जताई

    बीबीसी

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    ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन ने ट्विटर की ओर से ख़ुद को सरकारी वित्त पोषित बताए जाने पर आपत्ति जताई है.

    ट्विटर की ओर से बीबीसी के ट्विटर अकाउंट पर लिखा गया है – ‘सरकार द्वारा पोषित मीडिया’

    बीबीसी ने अपने बयान में कहा है, “बीबीसी हमेशा से स्वतंत्र रहा है. हम ब्रितानी जनता की ओर से दी जाने वाली लाइसेंस फीस से पोषित हैं.”

    बीबीसी से पहले ट्विटर ने अमेरिकी न्यूज़ समूह एनपीआर को भी सरकार द्वारा वित्त पोषित मीडिया की संज्ञा दी है.

    इस पर ट्विटर के बयान के लिए संपर्क किया गया है.

  8. सऊदी अरब का पाकिस्तान के लिए यह फ़ैसला

    पाकिस्तान, सऊदी अरब

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    सऊदी अरब ने बीते शुक्रवार पाकिस्तान में 230 मिलियन डॉलर (18 अरब से ज़्यादा रुपये) ख़र्च करके बांध बनाने की परियोजना पर हस्ताक्षर किए हैं.

    सऊदी प्रेस एजेंसी की ओर से जारी ख़बर में बताया गया है कि ये बांध पेशावर के उत्तर में स्वात नदी पर बनाए जाएगा.

    इस बांध से 800 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जाएगा और इसमें 1.6 मिलियन क्यूबिक मीटर जल संरक्षित किया जाएगा.

    पाकिस्तान की ओर से इस समझौते पर डॉ काज़िम नियाज़ ने हस्ताक्षर किए जो कि पाक वित्त मंत्रालय में अंडर सेक्रेटरी के पद पर आसीन है.

    सऊदी विकास कोष के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुल्दान अब्दुलरहमान अल-मार्शद ने कहा है कि ये परियोजना सऊदी अरब सरकार की ओर से पाकिस्तान को दी जा रही आर्थिक मदद का विस्तार है.

    इस कोष के ज़रिए 1.4 अरब डॉलर की कीमत पर 41 विकास परियोजनाओं का निर्माण किया जा रहा है.

    इसके अतिरिक्त पिछले चार सालों में ऑयल डेरिवेटिव्स पर भी 5.4 अरब डॉलर ख़र्च किया गया है.

  9. यूरोप को अमेरिका का पिछलग्गू बनने से ख़ुद को रोकना चाहिए: मैक्रों

  10. राहुल गांधी इतने बुद्धिमान हैं तो बताएं अदानी ने किया क्या है- अनिल विज

    हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज

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    इमेज कैप्शन, हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज

    हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने अदानी के मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी को घेरते हुए कहा है कि राहुल गांधी को अदानी फीवर हो गया है.

    उन्होंने कहा, “राहुल गांधी अगर इतने ही बुद्धिमान हैं तो बताएं कि अदानी ने किया क्या है? सारा दिन अदानी अदानी करते हैं, इसको तो अदानिया फीवर हो गया है....बोलने नहीं दिया तो क्या स्पीकर के ख़िलाफ़ रहेंगे? तुमने सदन नहीं चलने दिया.”

    विज ने मीडिया से बात करते हुए ये भी कहा कि 'सत्तारूढ़ दल क्यों चाहेगा कि कोई बोले. आप बोलो ना? लेकिन नारेबाजी करना तो बोलना नहीं है.'

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    राहुल गांधी पिछले कुछ हफ़्तों से लगातार अदानी समूह के मुद्दे पर पीएम मोदी और बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को घेर रहे हैं.

    कांग्रेस पार्टी भी लगातार मांग कर रही है कि इस मामले की जेपीसी बनाकर जांच की जानी चाहिए.

  11. ‘ये कोई मुद्दा है?’…डिग्री विवाद पर बोले शरद पवार, केजरीवाल को झटका

    एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार

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    एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने बीते रविवार पीएम नरेंद्र मोदी की डिग्री को लेकर आम आदमी पार्टी की ओर से चलाए जा रहे अभियान को राजनीतिक मुद्दा मानने से इनकार कर दिया है.

    शरद पवार ने बीती शाम मीडिया से बात करते हुए सवाल किया है कि क्या ये कोई मुद्दा है?

    उन्होंने कहा, “आज कॉलेज डिग्री को लेकर सवाल किए जा रहे हैं. आपकी डिग्री - मेरी डिग्री से क्या होता है. क्या ये राजनीतिक मुद्दे हैं? केंद्र सरकार की बेरोज़गारी, कानून-व्यवस्था, महंगाई जैसे मुद्दों पर आलोचना की जानी चाहिए. लोगों के बीच धर्म और जाति के नाम पर दरारें पैदा की जा रही हैं. बेमौसम बरसात ने महाराष्ट्र में फसल ख़राब कर दी है. हमें इन मुद्दें पर विचार – विमर्श करना चाहिए.”

    पवार की ओर से ये दूसरा बयान है जिसने विपक्षी एकता में फूट पड़ने से जुड़े कयासों को बल दिया है.

    इससे पहले पवार की ओर से अदानी मुद्दे पर जेपीसी के गठन की मांग को लेकर असहमति जताई गयी थी.

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    आम आदमी पार्टी पिछले कुछ हफ़्तों से पीएम मोदी पर सीधा निशाना साध रही है.

    पीएम मोदी की शैक्षणिक योग्यता पर सवाल उठाया जाना इसी अभियान में शामिल है.

    आप नेता केजरीवाल ने कुछ दिनों पहले कहा था कि "क्या देश को ये जानने का भी अधिकार नहीं है कि उनके PM कितना पढ़े हैं? कोर्ट में इन्होंने डिग्री दिखाए जाने का ज़बरदस्त विरोध किया. क्यों? और उनकी डिग्री देखने की माँग करने वालों पर जुर्माना लगा दिया जायेगा? ये क्या हो रहा है? अनपढ़ या कम पढ़े लिखे PM देश के लिए बेहद ख़तरनाक हैं."

    लेकिन शरद पवार से पहले अरविंद केजरीवाल को इस मामले में गुजरात हाई कोर्ट की ओर से निराशा हाथ लगी थी.

    हाई कोर्ट ने इस मामले में अरविंद केजरीवाल पर पच्चीस हज़ार रुपये का फाइन लगाया है.

  12. भारत और मलेशिया के बीच बनी इस सहमति की इतनी चर्चा क्यों

  13. अदानी मुद्दे पर राहुल गांधी और शरद पवार में मतभेद पर बोले कपिल सिब्बल

    पूर्व कांग्रेस नेता और राज्य सभा सांसद कपिल सिब्बल

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    पूर्व कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने बीते रविवार राहुल गांधी और शरद पवार के बीच अदानी समूह से जुड़े मतभेद पर टिप्पणी की है.

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी और उनकी पार्टी पिछले कई हफ़्तों से अदानी समूह से जुड़े विवाद पर संसद में जेपीसी बनाए जाने की मांग कर रही है.

    शरद पवार ने इस मुद्दे पर कहा है कि उनके मुताबिक इस मामले की जांच के लिए जेपीसी उचित नहीं है.

    इस मुद्दे पर खुलकर बयान सामने आने के बाद से विपक्षी एकता में दरार पड़ने से जुड़ी बातें सामने आ रही हैं.

    समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए कपिल सिब्बल ने कहा है कि अलग-अलग दलों को स्वतंत्र राय रखने का अधिकार होना चाहिए.

    उन्होंने कहा, "आपको अलग-अलग पार्टियों को अलग-अलग राय रखने का अधिकार देना चाहिए. हमें राहुल गांधी को किसी शख़्स विशेष को लेकर राय रखने का अधिकार देना चाहिए और शरद पवार को भी अपनी राय रखने की इजाज़त होनी चाहिए. इसे विपक्ष में फूट का उदाहरण नहीं होना चाहिए."

  14. हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में लगी भीषण आग, कई दुकानें जलकर राख

    हिमाचल प्रदेश के कुल्लू ज़िले में लगी आग की तस्वीर

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    हिमाचल प्रदेश के कुल्लू ज़िले में कुछ घंटे पहले आग लगने से कई दुकानें जलकर राख हो गई हैं.

    स्थानीय ज़िला प्रशासन ने इस बारे में जानकारी देकर बताया है कि ये आग सोमवार सुबह तड़के लगी है.

    हालांकि, इस अग्निकांड में अब तक किसी के जख़्मी होने की ख़बर नहीं आई है.

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    कुल्लू के उपायुक्त आशुतोष गर्ग ने बताया है कि 'बंजार के बाजार में रात करीब 2 से 2:30 बजे के बीच आग लगी थी. और आग पर काबू पा लिया गया है.

    उन्होंने ये भी कहा है, "इस अग्निकांड में 9 दुकानें और 4 छोटी आवासीय संरचनाएं पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई हैं. इसके अलावा 4-5 दुकानों में थोड़ा बहुत नुकसान हुआ है. किसी व्यक्ति की मृत्यु नहीं हुई है.'

  15. यरूशलम की अल-अक़्सा मस्जिद पहुंचे यहूदी धर्मार्थी, जानिए कल का हाल

    अल-अक़्सा मस्जिद में तैनात इसराइली पुलिसकर्मी

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    पिछले कुछ दिनों से जारी गंभीर तनाव के बाद बीते रविवार यरूशलम स्थित अल-अक़्सा मस्जिद में रमज़ान की नमाज़ और यहूदी श्रद्धालुओं के धार्मिक रीति-रिवाज़ शांतिपूर्वक संपन्न हुए.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक़, यहूदी श्रद्धालुओं का एक छोटा समूह भारी पुलिस सुरक्षा में मस्जिद परिसर में पहुंचा.

    यरूशलम स्थित इस परिसर को इस्लाम और यहूदी धर्म में पवित्र स्थान के रूप में देखा जाता है.

    मुसलमान इसे पवित्र अल-अक़्सा मस्जिद कहकर पुकारते हैं तो यहूदी समुदाय इसे टेंपल माउंट के रूप में देखता है.

    पिछले हफ़्ते इसी परिसर पर इसराइली पुलिस के छापे ने अरब दुनिया में अशांति की लहर पैदा कर दी थी.

    सोशल मीडिया पर वायरल हुए कुछ वीडियो में दिखा है कि इसराइली पुलिस के जवान फ़लस्तीनियों को पीट रहे हैं.

    इसराइली पुलिस का दावा था कि पटाखे, डंडे और पत्थरों से लैस होकर फ़लस्तीनी प्रदर्शनकारियों ने खुद को मस्जिद के भीतर बंद कर लिया था.

    वहीं, फ़लस्तीनियों ने कहा था कि इसराइली पुलिस की ओर से किए गए बल प्रयोग में दर्जन भर से ज़्यादा लोग घायल हुए.

    इन वीडियोज़ की वजह से पैदा हुए आक्रोश के चलते इसराइल और अरब देशों के बीच टकराव की स्थिति पैदा हुई.

    और फ़लस्तीन से जुड़े गुटों की ओर से रॉकेट दागे गए.

    इसके जवाब में इसराइल ने गज़ा, दक्षिणी लेबनान और सीरिया में कार्रवाई की.

  16. अशोक गहलोत के ख़िलाफ़ फिर बाग़ी हुए सचिन पायलट, कांग्रेस का यह जवाब

    अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के राजस्थान इंचार्ज सुखजिंदर सिंह रंधावा

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    इमेज कैप्शन, अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के राजस्थान इंचार्ज सुखजिंदर सिंह रंधावा

    अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के राजस्थान इंचार्ज सुखजिंदर सिंह रंधावा ने रविवार को सचिन पायलट की ओर से की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस को अनुचित बताया है.

    उन्होंने कहा है कि पिछले साल दिसंबर में पदभार संभालने के बाद से उनकी पायलट से बीस मुलाक़ातें हुई हैं.

    समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए उन्होंने कहा, “हमारी कई मुद्दों पर बात हुई लेकिन उन्होंने कभी ये मुद्दा नहीं उठाया और फिर सीधे प्रेस के सामने जाकर कह रहे हैं कि हम भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ क़दम नहीं उठा रहे हैं. हमने गजेंद्र सिंह शेखावत के ख़िलाफ़ कार्रवाई की है. उन्होंने मुख्यमंत्री के ख़िलाफ़ मानहानि का मामला भी दर्ज किया है.”

    रंधावा ने बताया है कि वह जयपुर जाकर पायलट और गहलोत से इस मुद्दे पर बात करेंगे.

    उन्होंने कहा, “पायलट ने दो पत्रों की बात की है. मुझे उस मामले को भी देखना है और दोनों से बात करनी है.”

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    राजस्थान के पूर्व उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने बीते रविवार ही प्रेस कॉन्फ्रेंस करके अपनी सरकार के ख़िलाफ़ सवाल खड़े किए थे.

    पायलट ने दावा किया है कि उन्होंने भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में कार्रवाई के लिए दो बार राजस्थान के मौजूदा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखा है लेकिन उन्हें किसी तरह का जवाब नहीं मिला.

    सचिन पायलट ने कहा, "हम विपक्ष में थे, उस समय हमने कहा था कि हम बीजेपी सरकार के भ्रष्टाचार की जांच करेंगे. मैंने सीएम अशोक गहलोत को पत्र लिखा. 28 मार्च, 2022 को पहली चिठ्ठी लिखी थी. लेकिन, उसका कोई जवाब नहीं आया."

    सचिन पायलट ने दावा किया है कि उन्होंने दो नवम्बर, 2022 को दूसरा पत्र लिखा. लेकिन, उसका जवाब भी हमें नहीं मिला.

    पायलट ने कहा, "हम चाहते थे कि हमारी कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं रहे. खनन, ज़मीन घोटाले सहित अन्य मामलों की मांग उठाई थी. लेकिन, उनका कोई जवाब हमें नहीं मिला."

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