कांग्रेस के मीडिया प्रभारी और सांसद जयराम रमेश और बीजेपी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच ट्विटर पर ज़ुबानी जंग छिड़ गई.
दरअसल, जयराम रमेश ने कांग्रेस छोड़कर गए ग़ुलाम नबी आज़ाद और ज्योतिरादित्य सिंधिया पर निशाना साधा था और लिखा था कि ये दोनों अपना असल चरित्र अब दिखा रहे हैं.
जयराम रमेश ने लिखा, "ग़ुलाम नबी आज़ाद और ज्योतिरादित्य सिंधिया दोनों ही कांग्रेस सिस्टम और पार्टी नेतृत्व के बड़े लाभभोगी रहे हैं. लेकिन अब हर गुज़रते दिन के साथ, वे प्रमाण देते हैं कि इस उदारता के वे योग्य नहीं थे. वे अपना असली चरित्र दिखा रहे हैं, जिसे उन्होंने इतने लंबे समय तक छुपा कर रखा था."
कांग्रेस सांसद की इस टिप्पणी पर पलटवार करते हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस की मर्यादा और विचारधारा पर सवाल उठाए.
केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने ट्वीट किया, "मुंह में राम बगल में छुरी! आपके ऐसे वक्तव्य साफ़ दर्शाते हैं कि कितनी मर्यादा और विचारधारा कांग्रेस में बची है. वैसे भी आप केवल स्वयं के प्रति समर्पित हैं, इसी से आपकी राजनीति जीवित है. मैं और मेरा परिवार हमेशा जनता के प्रति जवाबदेह रहे हैं."
इससे पहले बुधवार को ग़ुलाम नबी आज़ाद ने एक पुस्तक विमोचन के कार्यक्रम में ये कहा था कि राहुल गांधी की वजह से वो और कई नेता आज कांग्रेस पार्टी छोड़ चुके हैं. आज़ाद ने ये भी कहा कि कांग्रेस पार्टी में बने रहने के लिए 'बिना रीढ़' के होना ज़रूरी है.
इसके बाद जयराम रमेश ने एक ख़बर को शेयर करते हुए फिर से ट्वीट किया और लिखा, "क्या वह झांसी की रानी पर रानी सुभद्रा कुमारी चौहान की अमर कविता भूल गए हैं? अंग्रेज़ों के मित्र सिंधिया ने छोड़ी राजधानी थी, बुंदेले हरबोलों के मुंह हमने सुनी कहानी थी, खूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी थी."
इस पर जवाब देते हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जवाहरलाल नेहरू की 'ग्लिम्पसेस ऑफ़ वर्ल्ड हिस्ट्री' किताब का एक अंश साझा किया और साथ में लिखा, "कविताएं कम और इतिहास ज़्यादा पढ़ें."
किताब के जिस अंश को सिंधिया ने ट्वीट किया है उसके मुताबिक़, "उन्होंने (मराठा) दिल्ली साम्राज्य को जीता, मराठा ब्रिटिश वर्चस्व को चुनौती देने के लिए बने रहे, लेकिन मराठा शक्ति ग्वालियर के महादजी सिंधिया के निधन के बाद कई हिस्सों में बंट गई. मराठों ने 1782 में दक्षिण में अंग्रेज़ों को हराया. उत्तर में ग्वालियर के सिंधिया का प्रभुत्व था और दिल्ली के ग़रीब असहाय सम्राट को नियंत्रित किया."