ट्रंप कोर्ट रूम से बाहर निकले, घर की ओर होंगे रवाना

उम्मीद है कि वो जल्द ही अपने घर फ्लोरिडा पहुंच जाएंगे. वो वहां अपने समर्थकों और प्रेस को संबोधित करेंगे .

लाइव कवरेज

  1. पाकिस्तानी गेंदबाज़ नसीम शाह की शादी की ख़बरों पर सफ़ाई

    नसीम शाह

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    पाकिस्तान क्रिकेट टीम के तेज़ गेंदबाज़ नसीम शाह ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर की जिससे उनकी शादी को लेकर अटकलें लगाई जाने लगीं.

    20 साल के क्रिकेटर नसीम शाह ने इंस्टाग्राम पर एक स्टोरी शेयर की थी. इसमें वह अपने पिता और एक अन्य व्यक्ति के साथ बैठे हुए थे. इस तस्वीर में वो काली टीशर्ट पहने रहे हैं. वहीं उनके पिता पारंपरिक कपड़ों में दिख रहे थे. तस्वीर के साथ उन्होंने लिखा- अल्हम्दुलिल्लाह.

    नसीम शाह

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    इस तस्वीर के सामने आते ही अटकलों का बाज़ार गर्म हो गया कि शाह शादी करने वाले हैं.

    चर्चा तेज़ हुई तो उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक स्टोरी शेयर करते हुए बताया, “जो आखिरी तस्वीर मैंने शेयर की थी वो मेरी सगाई या निकाह को लेकर नहीं थी और ना ही मेरे किसी रिश्ते से जुड़ी थी.कृपया उसका ग़लत मतलब निकालना बंद कर दें. ये एक साधारण फ़ैमिली इफ़्तार की तस्वीर थी. उम्मीद है कि अब बात साफ़ हो गई है. ”

    नसीम शाह साल 2022 में एशिया कप में अपनी दमदार पारी से चर्चा में आए और तब से ही अपनी परफॉर्मेंस को लेकर चर्चा में बने रहते हैं.

    20 वर्षीय खिलाड़ी ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के दौरान 15 टेस्ट, पांच वनडे और 16 टी20 मैच खेले हैं और 74 विकेट लिए हैं.

  2. सऊदी अरब का यह फ़ैसला क्या उसके पूरी तरह से बदल जाने का संकेत है?

    सऊदी अरब

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    सऊदी अरब और उसके सहयोगी देशों ने अचानक तेल उत्पादन में कटौती का जो फ़ैसला किया है, उसे विशेषज्ञ कई तरह से देख रहे हैं.

    अमेरिकी अख़बार द वाल स्ट्रीट जर्नल ने लिखा है कि सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान अब अमेरिका की नहीं सुन रहे हैं और राष्ट्रवादी ऊर्जा नीति के तहत आगे बढ़ रहे हैं.

    डब्ल्यूएसजे ने लिखा है कि क्राउन प्रिंस सऊदी अरब की विदेश नीति को नई दिशा दे रहे हैं. सऊदी अरब के तेल में कटौती का फ़ैसला चौंकाने वाला है. रविवार को सऊदी अरब ने तेल उत्पादन में कटौती की घोषणा की तो सोमवार को एक ही दिन में कच्चे तेल की क़ीमत में 6.3 फ़ीसदी की बढ़ोतरी हुई और तेल की क़ीमत प्रति बैरल 84.93 डॉलर तक पहुँच गई.

    डब्ल्यूएसजे ने लिखा है कि छह महीने से कम समय में भी सऊदी अरब ने अमेरिकी चिंताओं की उपेक्षा दूसरी बार की है.

    अमेरिका इस बात की कोशिश लगातार करता रहा कि यूक्रेन युद्ध के कारण तेल की क़ीमत ना बढ़े और अगर बढ़ेगी तो इससे रूस को मदद मिलेगी. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन इसी सोच के साथ पिछले साल जुलाई में सऊदी अरब गए थे लेकिन सऊदी ने इस मामले में बिल्कुल साथ नहीं दिया.

    विशेषज्ञों का कहना है कि रविवार को तेल उत्पादन में कटौती का फ़ैसला कर सऊदी अरब ने संकेत दे दिया है कि तेल से मुनाफ़ा उठाने के लिए उसे जो भी करना होगा, वो करेगा.

    विश्लेषकों का कहना है कि क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान 'सऊदी फर्स्ट' की नीति पर चल रहे हैं. कहा जा रहा है कि मध्य-पूर्व से अमेरिका अपना बोरिया बिस्तर समेट रहा है इसलिए सऊदी ने अपनी सुरक्षा को लेकर ख़ुद ही चीज़ों को हैंडल करना शुरू कर दिया है.

    डब्ल्यूएसजे ने लिखा है, ''सऊदी अरब अब अमेरिका के तुष्टीकरण के लिए काम करने को तैयार नहीं है. अमेरिका अब कोई भी अनुरोध सऊदी अरब से करेगा तो वह अपने हितों की उपेक्षा नहीं करेगा. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि सऊदी अरब का फ़ैसला चौंकाने वाला नहीं है लेकिन इस फ़ैसले को जस्टीफ़ाई नहीं किया जा सकता. इसके बावजूद अमेरिका का कहना है कि सऊदी अरब अहम साझेदार है.''

    सऊदी अरब की कटौती की घोषणा के बाद इन्वेस्टमेंट बैंकिंग कंपनी गोल्डमैन सैक्स ने अनुमान लगाया है कि तेल की क़ीमत प्रति बैरल 100 डॉलर तक जा सकती है.

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  3. रमज़ान के महीने में सऊदी अरब के इस क़दम की इतनी चर्चा क्यों

    सऊदी अरब

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    सऊदी अरब ने एक व्यक्ति को रमज़ान के महीने में सज़ा-ए-मौत दी है. एक मानवाधिकार समूह का कहना है कि ऐसा सालों में पहली बार हुआ है.

    समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार, सऊदी अरब की आधिकारिक प्रेस एजेंसी एसपीए के मुताबिक़ 28 मार्च को शख़्स को मौत की सज़ा दी गई है. यानी रमज़ान का महीना शुरू होने के पांच दिन बाद. ये घटना मदीने की है जो इस्लाम में दूसरी सबसे पवित्र जगह मानी जाती है.

    जर्मनी स्थित यूरोपीय सऊदी ऑर्गेनाइजेशन फ़ोर ह्यूमन राइट्स (ईएसओएचआर) ने एक बयान जारी कर कहा है, “सऊदी अरब ने एक नागरिक को रमजान के महीने में मौत की सज़ा दी है. ”

    सऊदी गृह मंत्रालय के सज़ा-ए-मौत के आंकड़ों का हवाला देते हुए, समूह ने कहा कि राज्य में 2009 के बाद से " रमज़ान के दौरान कोई सज़ा नहीं दी गई थी."

    ईएसओएचआर ने कहा है कि रमज़ान में दी गई इस सज़ा को मिला दें तो इस साल 17 लोगों को सऊदी अरब में मौत की सज़ा दी गई है.

    समाचार एजेंसी एएफ़पी के आंकड़ों के मुताबिक़ सऊदी अरब ने 2022 में 147 लोगों को मौत की सज़ा दी थी वहीं 2021 के 69 लोगों को मौत की सज़ा दी गई थी.

    इस साल की शुरुआत में ब्रिटिश संस्था रेप्रीव और ईएसओएचआर की प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, 2015 में किंग सलमान के सत्ता संभालने के बाद से 1,000 से अधिक लोगों को मौत की सज़ा दी जा चुकी है.

    मार्च 2022 में क्राउन प्रिंस सलमान ने अटलांटिक मैगज़ीन को दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि "सऊदी अरब में मौत की सज़ा लगभग ख़त्म कर दी गई है. ये सज़ा तब दी जाती है जब कोई शख्स कई लोगों की जान के लिए ख़तरा बन जाए."

  4. एएमयू के वीसी और पीएमओ के पूर्व सचिव के बेटे को योगी सरकार ने बनाया एमएलसी

    योगी

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    अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर तारिक़ मंसूर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रमुख सचिव रहे नृपेंद्र मिश्रा के बेटे साकेत मिश्रा का नाम उन छह लोगों की लिस्ट में शामिल है जिन्हें यूपी सरकार ने यूपी विधान परिषद का सदस्य मनोनीत किया है.

    यूपी निर्वाचन विभाग ने सोमवार को एक अधिसूचना जारी कर इस बात की जानकारी दी है.

    इसमें रजनीकांत महेश्वरी, साकेत मिश्रा, लाल जी निर्मल, तारिक़ मंसूर, राम सूरत राजभर और हंसराज विश्वकर्मा समेत कुल छह लोगों के नाम शामिल हैं.

    तारिक मंसूर साल 2002 से 2013 तक लगातार 11 साल तक एएमयू में प्रोफेसर रहे. बाद में वह साल 2013 से 2017 तक मेडिकल के प्रिंसिपल और सीएमएस रहे. साल 2017 से अब तक वह एएमयू के कुलपति हैं.

    वहीं, साकेत मिश्रा के पिता नृपेंद्र मिश्रा पीएमओ के मुख्य सचिव रह चुके हैं और वर्तमान में वह श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट कमिटी में अध्यक्ष हैं.

    यह कमिटी यूपी सरकार ने बनाई है जो राम मंदिर बनने का काम देखती है.

  5. भारतीय आई ड्रॉप को लेकर अमेरिका की चेतावनी जारी, संक्रमण और अंधेपन के लिए बताया ज़िम्मेदार

    आई ड्रॉप

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    अमेरिकी फ़ूड एंड ड्रग ऐडमिनिस्ट्रेशन (एफ़डीए) ने भारत में बने आई ड्रॉप का उपयोग करने के ख़िलाफ़ चेतावनी जारी की है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़ अमेरिका में कम से कम 55 लोगों में संक्रमण, अंधेपन और कई समस्याओं के लिए ड्रॉप ज़िम्मेदार है, यहां तक कि इससे एक मौत भी हुई है.

    एफ़डीए ने गुरुवार को कहा कि आर्टिफ़िशिल टिअर्स आई ड्रॉप जिसे भारत की ग्लोबल फ़ार्मा हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड बनाती है, इससे बैक्टिरियल संक्रमण का ख़तरा है और इस कंपनी ने मैनुफ़ैक्चरिंग के मानकों का उल्लंघन किया है.

    चेन्नई स्थित कंपनी ग्लोबल फ़ार्मा हेल्थकेयर ने बुधवार को अमेरिका में उपभोक्ता स्तर पर आई ड्रॉप के बचे हुए स्टॉक को लेकर वॉलंटरी रिकॉल (वापस मांगना) जारी किया है. अमेरिका में इस आईड्रॉप के डिस्ट्रीब्यूटर एज़्रीकेयर एलएलसी और डेलसैम फ़ार्मा हैं.

    रॉयटर्स को भारत सरकार के एक सूत्र ने बताया कि केंद्र और राज्य दवा नियामकों ने ग्लोबल फ़ार्मा हेल्थकेयर के चेन्नई प्लांट में एक टीम भेजी है.

    बीते साल ऐसे ही एक भारतीय कफ़ सिरप से गांबिया में 70 बच्चों के मरने की घटना सामने आई थी.

  6. पश्चिम बंगाल: हुगली में फिर उपद्रव, तीन घंटे तक बंद रही रेल सेवा

      • Author, प्रभाकर मणि तिवारी
      • पदनाम, कोलकाता से, बीबीसी हिंदी के लिए
    हुगली

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    पश्चिम बंगाल के हुगली ज़िले के रिसड़ा इलाके में सोमवार रात फिर उपद्रव हुआ और बम फेंके गए.

    रविवार को रामनवमी के जुलूस पर कथित पथराव के बाद हिंसा और आगज़नी हुई थी.

    असामाजिक तत्वों के उपद्रव के कारण तीन घंटे से भी ज़्यादा समय तक रेल सेवाएं ठप रहीं.

    इस दौरान कई लोकल ट्रेनें रद्द कर दी गईं. लोकल ट्रेनें बंद होने के कारण हावड़ा से बर्धमान की ओर जाने वाले हज़ारों दैनिक यात्री भी मुसीबत में पड़ गए और उन्होंने स्टेशन पर विरोध प्रदर्शन किया.

    पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि “सोमवार रात को रिसड़ा स्टेशन के बाद एक बार फिर उपद्रव शुरू हो गया. वहां असामाजिक तत्व बम फेंकने लगे. इससे आम लोगों में भारी आतंक फैल गया. बाद में मौके पर पहुंची पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया. इस बवाल के कारण हावड़ा से अप और डाउन लाइनों में ट्रेनों की आवाजाही ठप हो गई.”

    रिसड़ा स्टेशन पर ट्रेन में फंसे यात्रियों ने बीबीसी को बताया कि उन लोगों ने डर के मारे कोच के दरवाजे और खिड़कियां भीतर से बंद कर लिये थे.

    हुगली

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    पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कौशिक मित्रा ने बताया, “प्रदर्शनकारी रिसड़ा स्टेशन के पास चार नंबर रेल गेट को बंद नहीं करने दे रहे थे. गेट बंद नहीं होने कारण ट्रेन सेवाएं रोकनी पड़ी थीं. पुलिस-प्रशासन को भी इसकी सूचना दे दी गई थी. आख़िरकार रात एक बजे के बाद ट्रेनों की आवाजाही दोबारा शुरू हुई.”

    चंदन नगर के पुलिस आयुक्त अमित जवालगी ने बताया कि अब हुगली में हालात नियंत्रण में है. घटना की जांच की जा रही है. इस मामले का रामनवमी के जुलूस के मुद्दे पर हुई हिंसा से कोई संबंध है या नहीं, पुलिस ने इस पर कोई टिप्पणी करने से इंकार कर दिया.

  7. बांग्लादेश: ढाका के बंग बाज़ार में लगी भीषण आग

    आग

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    बांग्लादेश के मुख्य कपड़ा बाज़ार बंगबाज़ार में भीषण आग लगी है.

    फ़र्स्ट सर्विस कंट्रोल रूम के ड्यूटी अधिकारी रफ़ी अल फ़ारूक़ ने कहा है कि आग लगने की ख़बर 6 बजकर 10 मिनट पर मिली. लेकिन ये अब तक पता नहीं है कि आग लगने की वजह क्या है.

    बंगबाज़ार के व्यापारियों का कहना है कि यहां क़रीब चार हज़ार दुकानें हैं.

    आग लगने की घटना के बाद ढाका और आसपास के ज़िलों की सभी दमकल गाड़ियों ने यहां आग बुझाने का काम शुरू कर दिया है. अब तक दमकल सेवा की 43 गाड़ियां आग बुझाने का काम कर रही हैं.

    बीबीसी बांग्ला सेवा के मुताबिक़, घटनास्थल पर मौजूद रिपोर्टर बता रहे हैं कि आग बंगबाज़ार और आस-पास के बाज़ारों में फैल गई है.

    बंगबाज़ार थोक और खुदरा कपड़ों के लिए बांग्लादेश के प्रमुख बाज़ारों में से एक है. इससे पहले बीते महीने, सात मार्च को ढाका के सिद्दीक़ी बाज़ार में विस्फोट और आग लगने से 19 लोगों की मौत हो गई थी.

  8. डोनाल्ड ट्रंप आपराधिक मामले में सुनवाई से पहले पहुंचे न्यूयॉर्क, सोशल मीडिया पर लिखा- विच हंट

    ट्रंप

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    पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप न्यूयॉर्क के ट्रंप टावर पहुंच गए हैं. मंगलवार को अपने खिलाफ़ आपराधिक मामले में सुनवाई से पहले वो सोमवार की रात यहीं बिताएंगे.

    मंगलवार को न्यूयॉर्क की ग्रैंड ज्यूरी एक पोर्न स्टार स्टॉर्मी डेनियल्स का कथित तौर पर मुंह बंद रखने के लिए ट्रंप की ओर से दिए गए पैसे के मामले में सुनवाई करेगी.

    उनके ख़िलाफ़ जो आरोप लगाए गए हैं, वो अभी सीलबंद हैं. मंगलवार को दो बजकर 15 मिनट पर (भारतीय समयानुसार रात 11.45 बजे) अदालती प्रक्रिया के दौरान औपचारिक तौर पर ट्रंप के खिलाफ़ आरोप सार्वजनिक किए जाएंगे.

    76 साल के ट्रंप अमेरिका के इतिहास में पहले ऐसे पूर्व राष्ट्रपति हैं जो आपराधिक केस का सामना करेंगे. हालांकि वह इस आरोप से इंकार करते रहे हैं.

    रिपब्लिकन नेता ने फ़्लोरिडा से न्यूयॉर्क की यात्रा करने से पहले अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रूथ सोशल पर लिखा- ‘विच-हंट’

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, ये मामला एक बिजनेस फ़्रॉड से जुड़ा है. आरोप के मुताबिक़ साल 2016 में ट्रंप की ओर से पॉर्न स्टार स्टॉर्मी डेनियल्स को 1 लाख 30 हज़ार डॉलर दिए गए थे ताकि वह ट्रंप के साथ अपने कथित अफ़ेयर को लेकर मुंह बंद रखें. इस मामले में ट्रंप पर 30 आरोप तय किए जाएंगे.

  9. जासूसी ग़ुब्बारा चीन को भेज रहा था रियल-टाइम डेटा: रिपोर्ट

    गुब्बारा

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    अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक़ इस साल की शुरुआत में अमेरिकी आसमान में उड़ने वाला चीन का जासूसी ग़ुब्बारा सैन्य बेस से इंटेलिजेंस जुटा रहा था.

    एनबीसी न्यूज़ ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट करते हुए कहा है कि ये ग़ुब्बारा चीन को रियल-टाइम डेटा भेज रहा था.

    न्यूज़ चैनल को एक अधिकारी ने बताया कि ये ग़ुब्बारा तस्वीर लेने के बजाय इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल जुटा रहा था.

    हालांकि व्हाइट हाउस ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है.

    अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि जब ग़ुब्बारा देश पर मंडरा रहा था तभी उन्होंने उसकी डेटा जुटाने की क्षमता को सीमित कर दिया था.

    अमेरिका रक्षा विभाग के एक प्रवक्ता ने सोमवार को कहा कि एफ़बीआई अभी भी ग़ुब्बारे के मलबे की जांच कर रही है.

    रक्षा विभाग की प्रवक्ता सबरीना सिंह ने कहा- “हम जानते हैं कि ग़ुब्बारे को चालाकी से और जान-बूझ कर चलाया जा रहा था.”

    हालांकि उन्होंने ये नहीं बताया कि आख़िर किस आर्मी बेस से ग़ुब्बारा डेटा जुटाने में सक्षम था.

    उन्होंने कहा, “हम अभी ये समझने की कोशिश कर रहे हैं कि किस तरह का इंटेलिजेंस चीन जुटा पा रहा था, हमें अभी उसकी जानकारी नहीं है. लेकिन हमने जिस तरह के क़दम उस वक़्त उठाए उससे हमने उनकी जानकारी जुटाने की क्षमता को कम ज़रूर कर दिया था.”

    गुब्बारा

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    ग़ुब्बारा कहां उड़ा

    अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने फ़रवरी की शुरुआत में अमेरिकी हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले अलास्का और कनाडा के ऊपर ग़ुब्बारे को ट्रैक किया था.

    लगभग 200 फ़ीट (60 मीटर) लंबे इस ग़ुब्बारे को 4 फ़रवरी को अमेरिकी लड़ाकू जेट ने दक्षिण कैरोलाइना के तट से मार गिराया था.

    अमेरिकी अधिकारियों ने बाद में कहा कि उन्होंने ग़ुब्बारे के अवशेष बरामद कर लिए हैं. वहीं, चीनी अधिकारियों का कहना था कि यह एक मौसमी ग़ुब्बारा था जिसका काम मौसम की जानकारी जुटाना था.

    अधिकारियों ने अमेरिकी मीडिया को बताया कि चीन ग़ुब्बारे को नियंत्रित कर रहा था और इसलिए वह सैन्य ठिकानों के ऊपर से कई बार गुज़र सकता था. इस ग़ुब्बारे का आकार ‘आठ (8)’ जैसा था.

    इस घटना ने दोनों देशों के बीच कूटनीतिक विवाद को जन्म दे दिया था. ग़ुब्बारे का पता लगने के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने चीन की यात्रा रद्द कर दी थी.

    इसके कुछ दिन बाद अमेरिका ने ग़ुब्बारे को मार गिराया. अमेरिकी अधिकारियों ने कहा था कि चीन दुनिया भर में ऐसे कई ग़ुब्बारे उड़ा रहा है.

  10. नमस्ते!

    आपका दिन शुभ हो.

    बीबीसी हिंदी के लाइव पेज में आपका स्वागत है.

    ये लाइव पेज 24 घंटे उपलब्ध रहेगा. 03 अप्रैल के अपडेट्स के लिए आपयहां क्लिककर सकते हैं.