पश्चिम बंगाल के हुगली ज़िले के रिसड़ा में रविवार शाम को बीजेपी
की शोभा यात्रा पर कथित पथराव के बाद हुई हिंसा और आगजनी के मामले में पुलिस ने अब
तक 12 लोगों को गिरफ़्तार किया है.
इस घटना में पूछताछ के लिए कई लोगों को हिरासत
में लिया गया है.
इलाक़े में धारा 144 लागू है और लोगों को बेवजह घर से नहीं निकलने की सलाह दी गई है.
रिसड़ा जाने वाले तमाम रास्तों पर वाहनों की कड़ी चेकिंग
की जा रही है. ज़िले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने इसकी जानकारी दी. इलाक़े में तनाव
के बीच सोमवार को ज़्यादातर दुकानें और बाज़ार बंद हैं.
इस बीच, कलकत्ता हाई कोर्ट ने हावड़ा, हुगली और उत्तर दिनाजपुर ज़िले में हाल में हुई
हिंसा पर राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.
हाई कोर्ट ने मांगी राज्य सरकार से रिपोर्ट
विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी की ओर से दायर एक जनहित
याचिका पर सुनवाई के बाद कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश टी.एस. शिवज्ञानम और न्यायमूर्ति
हिरण्मय भट्टाचार्य की खंडपीठ ने सरकार को यह रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज बुधवार तक
अदालत में पेश करने का निर्देश दिया है.
अदालत ने पुलिस की
भूमिका पर भी सवाल उठाया और पुलिस और अदालत को इस बात का ध्यान रखने को कहा है कि
ऐसी घटना दोबारा ना हो और आम लोगों को कोई नुकसान ना पहुंचे.
हावड़ा की हिंसा के बाद विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने
कलकत्ता हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर कर हिंसा की जांच राष्ट्रीय जांच
एजेंसी (एनआईए) से कराने की मांग की थी.
दूसरी ओर, भाजपा ने इस हमले के विरोध में राज्य के विभिन्न इलाक़ों में
विरोध प्रदर्शन किया है.
बीजेपी की शोभायात्रा पर कथित पथराव के बाद
रविवार शाम हिंसा और आगज़नी हुई. बीजेपी का कहना है कि पार्टी के खानाकुल के विधायक विमान घोष इस हिंसा में घायल हुए हैं.
उसके बाद इलाक़े में धारा 144 लागू
कर इंटरनेट सेवाएं सोमवार रात 10 बजे तक सस्पेंड कर दी गई हैं.
विधायक विमान घोष ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राज्यपाल सी.वी.आनंद बोस को भेजे पत्र में जुलूस पर हमले को सुनियोजित बताते हुए पुलिस पर निष्क्रियता का आरोप लगाया है.
उन्होंने इलाक़े में केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की भी मांग की है. विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने आज सुबह उत्तरपाड़ा स्टेट जनरल अस्पताल जाकर घायल विधायक से मुलाकात की.
राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने घटना की निंदा करते हुए कहा, "राज्य में गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और उपद्रवियों से कड़ाई से निपटा जाएगा. उन्होंने कहा कि किसी को भी लोकतंत्र को पटरी से उतारने की अनुमति नहीं दी जा सकती."
हावड़ा के बाद हुगली में हुई हिंसा के बाद सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर एक बार फिर तेज हो गया है. भाजपा इसे राज्य सरकार की नाकामी बता रही है तो दूसरी तरफ तृणमूल ने हिंसा के पीछे भाजपा का हाथ बताया है.
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष, जो जुलूस में शामिल थे, ने कहा है कि राज्य में हिंदू डरे हुए हैं. उन पर दोबारा हमले हो सकते हैं. लेकिन तृणमूल कांग्रेस ने हिंसा और आगजनी को भाजपा की सुनियोजित साजिश करार दिया है.
तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता जयप्रकाश मजूमदार ने सवाल किया है कि "आखिर रामनवमी के दो दिनों बाद शोभायात्रा निकालने की क्या जरूरत थी? दरअसल, भाजपा अपने सियासी हितों के लिए दंगे भड़का कर राज्य में अस्थिरता पैदा करना चाहती है."