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भूटान के राजा से मिलकर एस जयशंकर ने क्या कहा?

शाम को भूटानी किंग से मुलाक़ात के बाद जयशंकर ने कहा कि 'यह दौरा भारत और भूटान की अनोखी साझेदारी को और मजबूत करेगा.'

लाइव कवरेज

कीर्ति दुबे

  1. आईपीएल 2023 : मोइन अली की शानदार गेंदबाज़ की बदौलत चेन्नई ने लखनऊ को हराया

    आईपीएल में सोमवार को खेले गए मुक़ाबले में चेन्नई सुपर किंग्स ने लखनऊ सुपर जाएंट्स को 12 रन से हरा दिया है.

    इस मुक़ाबले में जीत के लिए लखनऊ सुपर जाएंट्स को जीत के लिए 218 रन बनाने थे लेकिन टीम 20 ओवरों में सात विकेट पर 205 रन बना सकी.

    इससे पहले चेन्नई सुपर किंग्स की टीम ने 20 ओवरों में सात विकेट पर 217 रन बनाए थे.

    हालांकि एक समय लखनऊ के सलामी बल्लेबाज़ों के तूफ़ानी शुरुआत के चलते टीम की जीत निश्चित लग रही थी. लेकिन चेन्नई के मोइन अली के चार विकेटों की बदौलत चेन्नई ने मुक़ाबला जीत लिया.

  2. भूटान के राजा से मिलकर एस जयशंकर ने क्या कहा?

    भूटान के किंग जिग्मे खेसर नामग्येल वांगचुक दो दिवसीय दौरे पर भारत आए हैं.

    भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को दिल्ली एयरपोर्ट पर उनकी आगवानी की.

    शाम को भूटान के किंग से मुलाक़ात के बाद जयशंकर ने कहा, 'ये दौरा भारत और भूटान की अनोखी साझेदारी को और मजबूत करेगा.'

    भूटान भारत के लिए रणनीतिक महत्व वाला देश है और पिछले कुछ सालों में दोनों देशों के बीच रक्षा के मामले में काफ़ी नजदीकी आई है.

    हालांकि भूटान के प्रधानमंत्री लोटे छृंग के एक हालिया इंटरव्यू से विवाद खड़ा हो गया था जिसमें उन्होंने विदेशी अख़बार 'ला लेब्रे' को दिए इंटरव्यू में कहा था कि 'चीन ने जो गाँव बनाए हैं, वे भूटान के भीतर नहीं हैं.'

    हालांकि बाद में उन्होंने स्पष्टीकरण दिया कि डोकलाम को लेकर भूटान के रुख़ में कोई परिवर्तन नहीं आया है.

    गौरतलब है कि 2017 में डोकलाम क्षेत्र में चीनी और भारतीय सैनिकों के बीच झड़प हुई थी. इसके बाद भारत के लिए भूटान की अहमियत और बढ़ गई है.

  3. झारखंड: हनुमान मंदिर में तोड़फोड़ के बाद साहिबगंज में तनाव

    झारखंड के साहिबगंज स्थित एक हनुमान मंदिर में तोड़फोड़ के कारण तनाव बन गया है.

    ये मंदिर पटेल चौक के पास है. आसपास के इलाक़ों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है.

    साहिबगंज के डिप्टी कमिश्नर रामनिवास यादव ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा कि अराजक तत्वों की पहचान की जा रही है और उनके ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

    डिप्टी कमिश्नर के अनुसार, “पटेल चौक के पास हनुमान मंदिर है और कुछ असमाजिक तत्वों ने वहां शरारत की थी. हमने सीसीटीवी फ़ुटेज रिकवर किया है. हम उनकी जांच कर रहे हैं. कुछ लोगों की पहचान की गई है. उनसे पूछताछ की जाएगी.”

    गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल और बिहार के कुछ ज़िलों में रामनवमी पर निकले जुलूस के बाद साम्प्रदायिक तनाव की स्थिति बनी हुई है.

    साहिबगंज में हुई इस घटना के विरोध में हिंदूवादी संगठनों के सदस्य इकट्ठा होकर नारेबाज़ी करने लगे.

    अधिकारियों के मुताबिक हालात को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है.

  4. बॉम्बे हाई कोर्ट ने नवाज़ुद्दीन सिद्दीक़ी और उनकी पूर्व पत्नी आलिया को दी ये सलाह

      • Author, सुचित्र मोहंती, बीबीसी हिंदी के लिए

    बॉम्बे हाईकोर्ट ने नवाज़ुद्दीन सिद्दीक़ी और उनकी पूर्व पत्नी से बच्चों की शिक्षा के लिए मिल बैठकर रास्ता तलाशने की सलाह दी है.

    बॉलीवुड ऐक्टर नवाज़ुद्दीन और उनकी पूर्व पत्नी आलिया सिद्दीक़ी उर्फ अंजना पांडे के बीच तलाक़ को लेकर विवाद चल रहा है.

    नवाज़ुद्दीन के वकील अदनान शेख़ ने बीबीसी को बताया कि अदालत ने आपसी सहमति के आधार फैसला लेने को कहा ताकि उनके दो बच्चों की यूएई में पढ़ाई जारी रह सके.

    बॉम्बे हाईकोर्ट में दोनों पक्षों के बीच समझौते को लेकर सुनवाई चल रही है और कोर्ट ने आपसी सहमति पर पहुंचने की बात कही, जिसे दोनों पक्षों ने स्वीकार कर लिया.

    अधिवक्ता अदनान ने बीबीसी को बताया, “हमारे बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका में हाईकोर्ट ने आपसी सहमति से कोई तरीक़ा निकालने को कहा ताकि बच्चे यूएई में अपनी पढ़ाई जारी रख सकें.”

    बीते 30 मार्च को कोर्ट ने दोनों को अगली सुनवाई में अदालत में पेश होने को कहा था और दोनों इस सुनवाई के दौरान मौजूद रहे.

    बच्चों की जानकारी मांगी थी

    नवाज़ुद्दीन सिद्दीक़ी ने कोर्ट में हैबियस कॉर्पस (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिका दाख़िल कर अपनी पूर्व पत्नी द्वारा बच्चों की जानकारी मांगी थी.

    नवाज़ुद्दीन और आलिया के दो बच्चे हैं. बेटी 12 साल की है और बेटा सात साल का.

    कोर्ट ने दोनों पक्षों से कहा कि बच्चों की ख़ातिर वे मध्यस्थता की संभावना पर विचार करें.

    नवाज़ुद्दीन सिद्दीक़ी ने अपनी याचिका में दावा किया था कि उनकी पूर्व पत्नी बिना उन्हें बताए उनके बच्चों को दुबई से भारत ले आई थीं और इसकी वजह से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है.

    उन्होंने ये भी दावा किया उनकी पत्नी और बच्चे यूएई के नागरिक हैं और स्कूल की तरफ़ से भी उन्हें संदेश आ रहे हैं.

    दूसरी तरफ़ आलिया ने भी नवाज़ुद्दीन पर घरेलू हिंसा का मामला दर्ज कराया है.

    नवाज़ुद्दीन सिद्दीक़ी ने अपनी पूर्व पत्नी आलिया और अपने छोटे भाई शम्सुद्दीन के ख़िलाफ़ मानहानि का मामला भी दर्ज कराया है और इसके एवज में 100 करोड़ रुपये हर्जाने की मांग की है.

  5. इंद्रप्रस्थ कॉलेज में छात्राओं से बदसलूकी के ख़िलाफ़ प्रदर्शन, डीयू ने गठित की जांच समिति

    दिल्ली यूनिवर्सिटी की इंद्रप्रस्थ कॉलेज ऑफ़ वीमेन की छात्राओं ने सोमवार को अपने कॉलेज प्रिंसिपल के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया और उनके इस्तीफ़े की मांग की.

    प्रदर्शन के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी ने छात्राओं के उत्पीड़न के मामले की जांच के लिए एक पैनल गठित करने की घोषणा की.

    छात्रों के अनुसार, 28 मार्च को कॉलेज के 'श्रुति' फेस्टिवल के दौरान कुछ "अज्ञात" पुरुषों ने कथित तौर पर परिसर में प्रवेश किया.

    छात्रों का कहना है की उन पुरुषों ने उनके साथ बदसलूकी की और कैंपस में नारे लगाए.

    बीबीसी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रॉक्टर और इंद्रप्रस्थ कॉलेज के प्रिंसिपल दोनों से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन कोई जवाब नहीं मिला.

    प्रदर्शन मैं हिस्सा लेना वाले छात्रों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया.

  6. नेपाल के जनकपुर में सांप्रदायिक तनाव के बाद प्रशासन ने उठाया ये क़दम

    रामनवमी के मौके पर नेपाल के जनकपुर में हुई हिंसा के ख़िलाफ़ सोमवार को सभी सम्प्रदाय के प्रमुखों की ओर से एक सद्भावना रैली निकाली गई.

    रविवार को प्रशासन ने मुसलमान और हिंदू धर्मगुरुओं के साथ एक बैठक की थी और उसी में सद्भावना रैली निकालने का निर्णय लिया गया था.

    गुरुवार को नेपाल के जनकपुर में रामनवमी की शोभा यात्रा में शामिल लोगों ने मस्जिद के पास जाकर हंगामा किया.

    जनकपुर में जानकी मंदिर के पीछे एक मस्जिद है. इसी मस्जिद के पास शोभा यात्रा में शामिल दर्जनों भगवाधारियों ने जमकर हंगामा किया.

    जनकपुर के लोगों का कहना है कि यहाँ इस तरह की घटना पहली बार हुई है.

  7. पटना में एक इफ़्तार में शामिल हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को पटना के फुलवारीशरीफ़ स्थित इस्लामिया ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशन द्वारा आयोजित इफ़्तार पार्टी में हिस्सा लिया.

    इस मौके पर आयोजकों ने उन्हें आइकॉनिक गमछा देकर सम्मानित किया.

    इसे लेकर सोशल मीडिया पर कुछ लोग मुख्यमंत्री की आलोचना कर रहे हैं.

    रामनवमी के अवसर पर निकले जुलूस के बाद बिहार के सासाराम और नालंदा ज़िले के बिहारशरीफ़ में साम्प्रदायिक हिंसा भड़क उठी और वहां अभी भी निशेधाज्ञा लागू है.

    राज्य में क़ानून व्यवस्था को विपक्षी बीजेपी नीतीश सरकार पर हमलावर है.

    सासाराम में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की रैली होने वाली थी लेकिन तनाव की वजह से इसे रद्द करना पड़ा था.

    बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने सोमवार को कहा कि अमित शाह को बिहार जाने के लिए नीतीश कुमार से पासपोर्ट और वीज़ा लेने की ज़रूरत पड़ेगी क्या?

    उन्होंने कहा,“अमित शाह देश के गृहमंत्री हैं. वो दोबारा सासाराम जाएंगे. हमारा संकल्प है कि नीतीश कुमार को सत्ता छोड़ देनी चाहिए, उनसे बिहार नहीं संभल रहा है.”

    दो दिन पहले नीतीश कुमार ने कहा था कि शाह की रैली क्यों रद्द हुई इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है और राज्य सरकार केंद्रीय मंत्रियों के लिए सुरक्षा व्यवस्था के बंदोबस्त करती रही है.

    सांप्रदायिक हिंसा पर बिहार के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने रविवार को ट्वीट किया कि ‘बिहार में सद्भाव बिगाड़ने की संघी कोशिश पर बिहार सरकार की पैनी नज़र है. जिन राज्यों में बीजेपी कमजोर है वहाँ बौखलाई हुई है.एक-एक उपद्रवी को चिह्नित कर कठोरतम कारवाई की जा रही है. भाईचारे को तोड़ने के किसी भी भाजपाई 'प्रयोग' का हमने हमेशा माकूल जवाब दिया है और देते रहेंगे.

  8. दिनभर- पूरा दिन, पूरी ख़बर मोहम्मद शाहिद और इक़बाल अहमद के साथ

    बिहार और पश्चिम बंगाल में हिंसा के बाद राजनीतिक बयानबाज़ी तेज़, प्रशासन का दावा हालात हो रहे हैं सामान्य.

    बीजेपी जहां विपक्ष में होती है वहां हिंसा को हवा देती है, कांग्रेस के इस आरोप में कितना है दाम, जानेंगे वरिष्ठ पत्रकार मणिकांत ठाकुर से.

    तेल उत्पादक देशों के समूह ओपेक प्लस ने उत्पादन में कटौती का ऐलान किया, भारत का इस पर क्या होगा असर.

  9. एस जयशंकर से शशि थरूर का आग्रह- थोड़ा कूल रहें

    कांग्रेस के सीनियर नेता शशि थरूर ने सोमवार को भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से आग्रह किया उन्हें थोड़ा कूल रहना चाहिए.

    जयशंकर ने अभी पश्चिम की आलोचना करते हुए कहा था कि दूसरे देशों के मामले में पश्चिम को टिप्पणी करने की ख़राब आदत है.

    शशि थरूर ने कहा कि इतनी 'पतली चमड़ी' का होना हमारे लिए ठीक नहीं है. शशि थरूर ने सरकार को सलाह दी कि धैर्य के साथ चीज़ों को हैंडल करने की ज़रूरत है.

    शशि थरूर ने कहा, ''मैं जयशंकर को लंबे समय से जानता हूँ और उन्हें दोस्त की तरह देखता हूँ. लेकिन इस मामले में मुझे लगता है कि उन्हें इतनी पतली चमड़ी नहीं रखनी चाहिए. मुझे लगता है कि सरकार के लिए यह ज़रूरी होता है कि वह चीज़ों को धैर्य और शांति से देखे. अगर हम हर चीज़ पर प्रतिक्रिया देने लगेंगे तो ख़ुद का ही नुक़सान कर बैठेंगे.''

    शशि थरूर ने यह बात सोमवार को संसद परिसर में समाचार एजेंसी एएनआई से कही है. थरूर ने कहा, ''मैं अपने अच्छे दोस्त जयशंकर से आग्रह करता हूँ कि थोड़ा कूल रहें.''

    केरल के तिरुवनंतपुरम से लोकसभा सांसद शशि थरूर ने कहा कि आप पार्क में नौजवानों से ऐसी बातें करते हैं तो यह दूसरी बात है लेकिन आपकी यह बात पूरी दुनिया में जाती है तो इसका असर कुछ और होता है.''

    रविवार को एस जयशंकर ने कहा था कि पश्चिम की ख़राब आदत लंबे समय से है कि वे दूसरे देशों पर टिप्पणी करते हैं और उन्हें लगता है कि दूसरों के आतंरिक मामलों पर टिप्पणी करना ईश्वर का दिया अधिकार है.

    जयशंकर रविवार को बेंगलुरु में 500 युवाओं से एक पार्क में बात कर रहे थे, उसी दौरान एक सवाल के जवाब में उन्होंने यह बात कही थी.

    एस जयशंकर की पहचान एक तेज़-तर्रार डिप्लोमैट की रही है. नरेंद्र मोदी जब 2014 में प्रधानमंत्री चुने गए तो एस जयशंकर अमेरिका में भारत के राजदूत थे. नरेंद्र मोदी ने पहले कार्यकाल में सुषमा स्वराज को विदेश मंत्री बनाया था. मनमोहन सिंह के आख़िरी विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद थे और तब विदेश सचिव सुजाता सिंह थीं.

    प्रधानमंत्री बनने के बाद अमेरिका ने मोदी का स्वागत किया. पीएम बनने के बाद मोदी ने सितंबर 2014 में अमेरिका का पहला दौरा किया. तब जयशंकर ही अमेरिका में भारत के राजदूत थे. कहा जाता है कि जयशंकर ने जिस तरह से मोदी के दौरे की प्लानिंग की थी, उससे वह काफ़ी प्रभावित थे. तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने 2015 में 26 जनवरी को भारत का दौरा किया था. इसमें भी एस जयशंकर की भूमिका बड़ी मानी जाती है.

  10. रमज़ान में उपवास पर हेली और जस्टिन बीबर की टिप्पणी से भड़कीं गौहर ख़ान और आएशा उमर

    इस्लाम में रमज़ान का महीना बेहद पवित्र माना जाता है. रमज़ान के महीने में उपवास रखने को लेकर अमेरिकी मॉडल हेली बीबर और कनाडाई सिंगर जस्टिन बीबर की टिप्पणी पर हंगामा खड़ा हो गया है.

    ऑनलाइन इंटरव्यू के दौरान मशहूर बीबर दंपती की टिप्पणी को अभिनेत्री गौहर ख़ान ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में पोस्ट करते हुए तीखी आलोचना की और उन्हें 'मूर्ख' बताया.

    पाकिस्तानी एक्टर आएशा उमर ने बीबर जैसे लोगों की आलोचना करने की बजाय उन्हें इस बारे में शिक्षित करने की सलाह दी है.

    इंटरव्यू में जस्टिन और हेली ने रमज़ान में उपवास को ‘शरीर को पोषक तत्वों से महरूम करने वाला’ बताया था.

    इस इंटरव्यू का वीडियो सोशल मीडिया पर लोग साझा कर रहे हैंस जिसमें हेली बीबर कहती सुनाई देती हैं कि ‘उपवास मूर्खता’ है.

    ये वीडियो हिजाब मॉडर्न इंस्टाग्राम पेज पर भी साझा किया गया है.

    इंटरव्यू में जस्टिन कहते हैं, “मुझे इस पर गंभीरता से सोचने की ज़रूरत है क्योंकि मैंने ये पहले कभी नहीं किया. अगर थोड़ा सोचें तो मेरे हिसाब से हमारे शरीर को पोषक तत्वों की ज़रूरत होती है.” इसके बाद हेली कहती हैं कि उन्होंने वाक़ई कभी उपवास रखने के बारे में नहीं सोचा.

    हेली ने कहा, “अगर आप अपने फ़ोन या टीवी को बंद करना चाहते हैं बिल्कुल करिए. लेकिन जहां तक उपवास की बात है, मुझे इसका कोई मतलब समझ नहीं आता.”

    बीबर दंपती की इस बातचीत की गौहर ख़ान ने आलोचना की है, जो प्रेग्नेंट हैं और फिर भी रमज़ान में उपवास रख रही हैं.

    अपने इंस्टाग्राम पेज पर वो अक्सर रोज़ा रखने को लेकर अपने अनुभव साझा करती रहती हैं.

    आएशा उमर ने अपने इंस्टाग्राम पर कहा है कि बहुत कम जानकारी रखने वाले ऐसे लोगों को जानना चाहिए कि इसके मानसिक और भावनात्मक लाभ के अलावा दुनिया के शीर्ष वैज्ञानिक और डॉक्टर अब इसके अन्य फ़ायदों पर ज़ोर दे रहे हैं.

    वो आगे लिखती हैं, “अगर आपको पता नहीं है तो कोई बात नहीं, उन्हें शर्मिंदा करने की बजाय मुझे लगता है कि हमें उन्हें बताना चाहिए और उन्हें इस बारे में कुछ पढ़ने या देखने के लिए सामग्री भेजनी चाहिए.”

  11. मूसेवाला के घर पहुँचे नवजोत सिंह सिद्धू ने क्या कहा?

    कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू सोमवार को पंजाब के लोकप्रिय सिंगर रहे सिद्धू मूसेवाला के गाँव मानसा पहुँचे और मूसेवाला की सुरक्षा व्यवस्था को हटाने जाने को लेकर पंजाब सरकार पर निशाना साधा.

    मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “सिद्धू मूसेवाला पंजाब की शान थे, नौजवानों के लिए प्रेरणा और आइकन थे. उन्हें किसी छोटे दायरे के बीच नहीं देखना चाहिए.”

    मूसेवाला को लेकर हो रही चर्चा पर उन्होंने राजनीतिक साज़िश की आशंका जताते हुए कहा कि सरकारों का काम जान माल की रक्षा करना है या अपराध को अंजाम देना है?

    उन्होंने कहा, “दुनिया भर में मशहूर एक स्टार की सुरक्षा व्यवस्था क्यों कम की गई? क्या ऐसा कभी हुआ है कि जो सुरक्षा व्यवस्था को वापस करने के साथ ही इस बात को सार्वजनिक कर दिया गया हो. यही मेरे साथ हो रहा है.”

    गौरतलब है कि सिद्धू मूसेवाला की सुरक्षा व्यवस्था हटाए जाने के बाद ही उनकी हत्या कर दी गई थी.

    तीन दशक पुराने रोडरेज के मामले में क़रीब दस महीने तक जेल की सज़ा भुगतने के बाद नवजोत सिंह सिद्धू पटियाला जेल से रिहा होने के बाद मूसेवाला के घर जाने की इच्छा जताई थी.

    पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमिटी के पूर्व अध्यक्ष सिद्धू ने सिद्धू मूसेवाला के परिजनों से मुलाक़ात की.

    पंजाब के मशहूर सिंगर और कांग्रेस नेता सिद्धू मूसेवाला की पिछले साल 29 मई को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस वारदात को पंजाब के मानसा में जवाहरके गांव में अंजाम दिया गया था.

    हत्या के एक दिन पहले ही पंजाब सरकार ने 400 से अधिक लोगों को दी गई सुरक्षा को या तो वापस ले लिया था या कम कर दिया था. इनमें एक नाम सिद्धू मूसेवाला का भी था.

    इस मामले में 20 जून को दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने बताया था कि मूसेवाला पर सबसे पहले मनप्रीत मन्नू नाम के एक व्यक्ति ने गोली चलाई थी, जिसके बाद पांच और शूटरों ने मूसेवाला पर गोलियां चलाई थीं.

  12. अदानी के स्वामित्व वाले पोर्ट के चेयरमैन बने भारत में इसराइल के पूर्व राजदूत, महुआ मोइत्रा का ये तंज़

    अदानी ने अपने स्वामित्व वाले हाफ़िया पोर्ट का चेयरमैन भारत में इसराइल के राजदूत रहे रोन मल्का को बनाया है.

    रोन मल्का ने रविवार को ट्वीट कर कहा था कि उन्होंने हाफ़िया पोर्ट कंपनी के चेयरमैन की ज़िम्मेदारी ले ली है. इस पोर्ट का स्वामित्व अदानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकनॉमिक ज़ोन के पास है.

    रोन मल्का ने रविवार को अपने ट्वीट में कहा था, ''मैंने हाफ़िया पोर्ट कंपनी के एग्जेक्युटिव चेयरमैन की ज़िम्मेदारी आज से संभाल ली है. इस ज़िम्मेदारी से मैं काफ़ी सम्मानित महसूस कर रहा हूँ. अदानी और गौडोट के अनुभव और विशेषज्ञता से हाफ़िया पोर्ट को हम नई ऊंचाई पर ले जाएंगे. भारत और इसराइल की संपन्नता में इसकी अहम भूमिका होगी.''

    हिंडनबर्ग की रिपोर्ट आने के बाद से अदानी के कारोबार को गहरा झटका लगा था और उनके बिज़नेस पर कई तरह के सवाल उठ रहे थे.

    भारत के विपक्षी पार्टियों ने अदानी पर आरोप लगाए थे कि उनकी तरक्की का संबंध मोदी सरकार की क़रीबी से भी है.

    रोन मल्का को हाफ़िया पोर्ट का चेयरमैन बनाने पर तृणमूल कांग्रेस की लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा ने प्रतिक्रिया दी है.

    महुआ मोइत्रा ने ट्वीट कर कहा है, ''भारत में इसराइल के पूर्व राजदूत को अदानी के स्वामित्व वाले हाफ़िया पोर्ट का चेयरमैन बनाया गया है.ये आदमी ज़ोर ज़ोर से चिल्ला कर कह रहा था कि अदानी का इसराइली सौदा कितना साफ़ सुथरा है. बॉलीवुड की हिंदुत्व प्रोपेगैंडा फ़िल्म की आलोचना करने के लिए फ़िल्म निर्माता नादव लेपिड की निंदा की थी.अदानी हमाम में तो सारे नंगे हैं."

    गौरतलब है कि मल्का ने भारत में 2018 से 2021 तक इसराइली राजदूत का कार्य संभाला था.

    हाफ़िया पोर्ट इसराइल का दूसरा सबसे बड़ा बंदरगाह है. बीती जनवरी में अदानी ग्रुप ने आधिकारिक रूप से इस पोर्ट का अधिग्रहण किया था जिसमें इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू और शीर्ष अधिकारी शामिल हुए थे.

  13. ब्रेकिंग न्यूज़, राहुल गांधी की याचिका पर सूरत सेशन कोर्ट ने दिया ये आदेश

    सूरत के सेशन कोर्ट ने सोमवार को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को रेगुलर ज़मानत दे दी है.

    सज़ा पर रोक संबंधी याचिका पर सुनवाई की तारीख़ 13 अप्रैल तय की गई है.

    अदालत ने प्रतिवादी पुर्नेश मोदी को नोटिस जारी करते हुए अपना पक्ष 10 अप्रैल तक दाखिल करने को कहा है.

    अदालत ने यह भी कहा कि 13 अप्रैल की सुनवाई में राहुल गांधी को व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहना अनिवार्य नहीं है.

    राहुल गांधी ने 2019 के एक मानहानि केस में दोषी ठहराए जाने और दो साल की क़ैद की सज़ा के ख़िलाफ़ याचिका दायर की थी. यह मानहानि केस मोदी सरनेम से जुड़ा था.

    राहुल गांधी सोमवार को अपनी सज़ा और दोषी ठहराए जाने के फ़ैसले के ख़िलाफ़ याचिका दायर करने अपनी बहन और कांग्रेस के महासचिव प्रियंका गांधी समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के साथ सूरत पहुँचे थे.

    23 मार्च को कोर्ट ने राहुल गांधी को मानहानि के मामले में दोषी ठहराया था.

    कोर्ट ने 30 दिन के लिए सज़ा निलंबित की थी और इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील की अनुमति दी थी.

    कांग्रेस नेता, राज्यसभा सांसद और जाने-माने वकील अभिषेक मनु सिंघवी राहुल गांधी की क़ानूनी टीम की मदद कर रहे हैं.

    उन्होंने कहा, "हमें उम्मीद है कि अपील कोर्ट, ट्रायल कोर्ट की स्पष्ट ग़लतियों पर ग़ौर करेगी और इंसाफ़ देगी."

  14. मक्का में इस बार उमरा के लिए भारी भीड़ से कैसे निपटेंगे सुरक्षाकर्मी

    मक्का में तीर्थयात्रियों की संख्या पर पाबंदी ख़त्म होने के बाद पूरी दुनिया से भारी संख्या में लोग उमरा करने पहुंच रहे हैं.

    इस समय रमज़ान चल रहा है और निश्चित संख्या की पाबंदियां भी ख़त्म हो गई हैं, इसलिए भीड़ ज़्यादा है.

    ऐसे में पुलिस प्रशासन के सामने क़ानून व्यवस्था बनाए रखने की कड़ी चुनौती है.

    इतनी भारी संख्या में पहुंचे लोगों को नियंत्रित करने और भगदड़ की स्थिति से बचने के लिए प्रशासन ने ख़ास तैयारियां की हैं. अल-अरबिया के अनुसार, मक्का के पवित्र स्थल के चारों ओर विशेष पुलिस तैनात होगी, जो उमरा कर रही भीड़ को नियंत्रित करने में मदद करेंगे.

    इसके लिए आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस, सीसीटीवी कैमरा और जीपीएस ब्रेसलेट समेत कई तरह के उपाय किए गए हैं.

    तवाफ़ के दौरान मुसलमान श्रद्धालु काबा के चारो ओर परिक्रमा करते हैं और इस दौरान एक भीड़ के साथ चलना किसी के लिए भी मुश्किल हो सकता है.

    इस दौरान कैसे भीड़ को नियंत्रित किया जाए, इसकी ट्रेनिंग इन विशेष पुलिसकर्मियों को दिया जा रहा है.

    सऊदी अरब के डायरेक्टर ऑफ़ पब्लिक सिक्युरिटी लेफ्टनेंट जनरल मोहम्मद बिन अब्दुल्ला अल बसामी ने अल-अरबिया को बताया, उमरा सुरक्षा बल गृह मंत्रालय की योजना को लागू करते हुए भीड़ को नियंत्रित और व्यवस्थित करने, ट्रैफ़िक नियंत्रित करने, मानवीय सहायता देने और पुलिसकर्मियों को ट्रेनिंग देने में मदद करेंगे.

    सिविल डिफ़ेंस के डायरेक्टर जनरल मेजर जनरल हामूद बिन सुलेमान अल फराज ने बताया कि रमज़ान के दौरान भीड़ के बढ़ने की संभावना को देखते हुए सभी टीमें तैयार हैं.

    जहां भीड़ ज़्यादा होने की संभावना है, वहां के लिए विशेष योजना बनाई गई है.

    आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल परिसर में आने जाने वालों की संख्या को निर्धारित करने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा. इससे पता चल सकेगा कि किस क्षेत्र में किसी ख़ास मौके पर कितने लोग मौजूद हैं.

    इसके अलावा बच्चों की सुरक्षा के लिए उनके हाथ में जीपीएस ब्रेसलेट पहनाया जाएगा ताकि अगर भीड़ में वे खो जाते हैं तो उनके परिजनों का पहचना कर उनसे मिलाया जा सके.

  15. ब्रेकिंग न्यूज़, मनीष सिसोदिया की हिरासत 17 अप्रैल तक बढ़ी

    अदालत ने सोमवार को दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की न्यायिक हिरासत को 17 अप्रैल तक बढ़ा दिया है.

    इससे पहले 31 मार्च को अदालत ने सिसोदिया की ज़मानत याचिका ख़ारिज कर दी थी और आशंका जताई कि उनकी रिहाई से जांच प्रभावित हो सकती है.

    दिल्ली में आबकारी नीति में अनियमितता के आरोपों को लेकर सीबीआई ने सिसोदिया पर मामला दर्ज किया है.

    इसी मामले में सिसोदिया को बीते 26 फरवरी को सीबीआई ने गिरफ़्तार किया था. उन पर कई महीने से जांच चल रही थी.

    आम आदमी पार्टी ने सिसोदिया की गिरफ़्तारी को 'तानाशाही' कहा है और रविवार को 'लोकतंत्र के लिए काला दिन' कहा था.

    पार्टी ने आरोप लगाया था कि बीजेपी ने ये गिरफ़्तारी राजनीतिक द्वेष के चलते की.

    वहीं, बीजेपी ने सिसोदिया की गिरफ़्तारी को सही ठहराया था. और कांग्रेस ने भी सिसोदिया पर निशाना साधा था.

  16. भूटानी पीएम के बयान पर छिड़ी चर्चा के बीच किंग वांगचुक पहुँचे भारत

    भूटान के पाँचवें किंग जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक सोमवार को नई दिल्ली पहुँचे हैं. भूटान के किंग को भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने न्योता दिया था. किंग वांगचुक मंगलवार को भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाक़ात करेंगे. सबकी नज़र इस बात पर है कि किंग और पीएम मोदी के बीच चीन से लगी भूटान की सीमा क्या बात होती है.

    किंग वांगचुक से पीएम मोदी की मुलाक़ात पिछले साल सितंबर में हुई थी. तब भूटान के किंग ब्रिटेन की महारानी के निधन के बाद शोक संवेदना व्यक्त करने लंदन जा रहे थे. इसी दौरान किंग वांगचुक नई दिल्ली में रुके थे. भूटानी पीएम और भारतीय प्रधानमंत्री के बीच फ़ोन पर बात होती रही है लेकिन दोनों के बीच द्विपक्षीय वार्ता थिम्पू में अगस्त 2020 में हुई थी.

    अक्टूबर 2021 में भूटान और चीन के बीच 3-स्टेप रोडमैप को लेकर एक एमओयू पर हस्ताक्षर हुआ था. यह 3-स्टेप रोडमैप दोनों देशों के बीच सीमा विवाद सुलझाने के लिए है.

    दोनों देशों के बीच उत्तर और पश्चिमी भूटान में डोकलाम को लेकर विवाद है. डोकलाम भूटान, चीन और भारत के बीच ट्राइजंक्शन है. 2017 में यहाँ भारत और चीन के सैनिक आमने-सामने थे. दोनों देशों के बीच 73 दिनों तक विवाद चला था.

    इसी साल जनवरी महीने के दूसरे हफ़्ते में भूटानी और चीनी अधिकारी चीन के दक्षिणी-पश्चिमी शहर कुनमिंग में सीमा विवाद पर बातचीत के लिए मिले थे.

    सीमा विवाद को सुलझाने के लिए दोनों पक्षों के बीच थ्री स्टेप रोडमैप पर बात हुई थी. इस बैठक के बाद भूटान और चीन की ओर से संयुक्त बयान जारी किया गया था.

    इस बयान में कहा गया था, ''दोनों पक्षों के बीच सीमा विवाद पर गंभीरता से बात हुई. इसके तहत थ्री स्टेप रोडमैप से जुड़े एमओयू को लागू करने पर भी बात हुई है. इस दौरान दोनों पक्ष सकारात्मक सहमति पर पहुँचे हैं. दोनों पक्ष थ्री स्टेप रोडमैप लागू करने पर सहमत हैं. दोनों पक्ष इस बात पर भी सहमत हैं कि दोनों देशों के बीच विशेषज्ञ समूहों के बीच बैठकें बढ़नी चाहिए. दोनों देशों के बीच 25वीं सीमा वार्ता पारस्परिक सहमति की तारीख़ पर होगी.''

    पिछले महीने भूटान के प्रधानमंत्री लोटे छृंग ने बेल्जियम के अख़बार ला लेब्रे को दिए इंटरव्यू में कहा था कि चीन सीमा पर जो गांव बनाए हैं, वे उनकी ज़मीन पर है न कि भूटान की ज़मीन पर.

    2020 में ऐसी कई रिपोर्ट्स आई थीं, जिनमें बताया गया था कि भूटान के बॉर्डर के भीतर चीन गाँव बना रहा है. लेकिन अब ला लेब्रे को दिए इंटरव्यू में लोटे छृंग ने कहा है कि चीन ने जो गाँव बनाए हैं, वे भूटान के भीतर नहीं हैं.

    भूटान के प्रधानमंत्री ने हाल ही में बेल्जियम का दौरा किया था और उन्होंने वहीं यह इंटरव्यू दिया था.

    फ्रेंच भाषा के अख़बार ला लेब्रे को दिए इंटरव्यू में भूटानी प्रधानमंत्री ने कहा है, ''हमने स्पष्ट रूप से कहा है कि कोई अतिक्रमण नहीं हुआ है. यह एक अंतरराष्ट्रीय सीमा है और मुझे पता है कि हमारा हिस्सा कहाँ तक है. भूटान में चीनी निर्माण को लेकर मीडिया में कई तरह की बातें कही जा रही हैं. हमें इससे कोई मतलब नहीं है क्योंकि यह भूटान में नहीं है.''

    भूटानी प्रधानमंत्री के इस दावे को कई विशेषज्ञ सच नहीं मान रहे हैं और उनका कहना है कि उन्होंने चीन के दबाव में ऐसा बयान दिया है. रॉबर्ट बर्नेट तिब्बती इतिहास के विद्वान हैं और वह किंग्स कॉलेज लंदन में लाउ चाइना इंस्टिट्यूट से जुड़े हैं.

    उनका कहना है कि चीन ने जो गाँव बनाए हैं, वे भूटान में उत्तरी, पश्चिमी और उत्तर-पूर्वी सीमा के भीतर हैं. बेल्जियम के अख़बार को दिए इंटरव्यू में भूटानी प्रधानमंत्री ने यह भी कहा है कि डोकलाम मुद्दा केवल उनका नहीं है बल्कि इसमें चीन और भारत भी जुड़े हैं.

    भूटानी पीएम के इस बयान की चर्चा भारत में ख़ूब हुई और कई विशेषज्ञों ने कहा कि यह बयान बताता है कि भूटान और चीन के बीच क़रीबी बढ़ रही है. हालांकि बाद में भूटानी प्रधानमंत्री का स्पष्टीकरण आया और कहा कि डोकलाम पर भूटान का पुराना रुख़ कायम है और इसमें कोई परिवर्तन नहीं आया है.

  17. पश्चिम बंगाल: हुगली हिंसा में 12 लोग गिरफ़्तार, हाई कोर्ट ने मांगी रिपोर्ट

      • Author, प्रभाकर मणि तिवारी
      • पदनाम, कोलकाता से, बीबीसी हिंदी के लिए

    पश्चिम बंगाल के हुगली ज़िले के रिसड़ा में रविवार शाम को बीजेपी की शोभा यात्रा पर कथित पथराव के बाद हुई हिंसा और आगजनी के मामले में पुलिस ने अब तक 12 लोगों को गिरफ़्तार किया है.

    इस घटना में पूछताछ के लिए कई लोगों को हिरासत में लिया गया है.

    इलाक़े में धारा 144 लागू है और लोगों को बेवजह घर से नहीं निकलने की सलाह दी गई है.

    रिसड़ा जाने वाले तमाम रास्तों पर वाहनों की कड़ी चेकिंग की जा रही है. ज़िले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने इसकी जानकारी दी. इलाक़े में तनाव के बीच सोमवार को ज़्यादातर दुकानें और बाज़ार बंद हैं.

    इस बीच, कलकत्ता हाई कोर्ट ने हावड़ा, हुगली और उत्तर दिनाजपुर ज़िले में हाल में हुई हिंसा पर राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.

    हाई कोर्ट ने मांगी राज्य सरकार से रिपोर्ट

    विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी की ओर से दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश टी.एस. शिवज्ञानम और न्यायमूर्ति हिरण्मय भट्टाचार्य की खंडपीठ ने सरकार को यह रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज बुधवार तक अदालत में पेश करने का निर्देश दिया है.

    अदालत ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाया और पुलिस और अदालत को इस बात का ध्यान रखने को कहा है कि ऐसी घटना दोबारा ना हो और आम लोगों को कोई नुकसान ना पहुंचे.

    हावड़ा की हिंसा के बाद विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने कलकत्ता हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर कर हिंसा की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से कराने की मांग की थी.

    दूसरी ओर, भाजपा ने इस हमले के विरोध में राज्य के विभिन्न इलाक़ों में विरोध प्रदर्शन किया है.

    बीजेपी की शोभायात्रा पर कथित पथराव के बाद रविवार शाम हिंसा और आगज़नी हुई. बीजेपी का कहना है कि पार्टी के खानाकुल के विधायक विमान घोष इस हिंसा में घायल हुए हैं.

    उसके बाद इलाक़े में धारा 144 लागू कर इंटरनेट सेवाएं सोमवार रात 10 बजे तक सस्पेंड कर दी गई हैं.

    विधायक विमान घोष ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राज्यपाल सी.वी.आनंद बोस को भेजे पत्र में जुलूस पर हमले को सुनियोजित बताते हुए पुलिस पर निष्क्रियता का आरोप लगाया है.

    उन्होंने इलाक़े में केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की भी मांग की है. विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने आज सुबह उत्तरपाड़ा स्टेट जनरल अस्पताल जाकर घायल विधायक से मुलाकात की.

    राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने घटना की निंदा करते हुए कहा, "राज्य में गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और उपद्रवियों से कड़ाई से निपटा जाएगा. उन्होंने कहा कि किसी को भी लोकतंत्र को पटरी से उतारने की अनुमति नहीं दी जा सकती."

    हावड़ा के बाद हुगली में हुई हिंसा के बाद सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर एक बार फिर तेज हो गया है. भाजपा इसे राज्य सरकार की नाकामी बता रही है तो दूसरी तरफ तृणमूल ने हिंसा के पीछे भाजपा का हाथ बताया है.

    पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष, जो जुलूस में शामिल थे, ने कहा है कि राज्य में हिंदू डरे हुए हैं. उन पर दोबारा हमले हो सकते हैं. लेकिन तृणमूल कांग्रेस ने हिंसा और आगजनी को भाजपा की सुनियोजित साजिश करार दिया है.

    तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता जयप्रकाश मजूमदार ने सवाल किया है कि "आखिर रामनवमी के दो दिनों बाद शोभायात्रा निकालने की क्या जरूरत थी? दरअसल, भाजपा अपने सियासी हितों के लिए दंगे भड़का कर राज्य में अस्थिरता पैदा करना चाहती है."

  18. ईरान और सऊदी अरब के विदेश मंत्रियों ने फ़ोन पर क्या बात की

    सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फ़ैसल बिन फ़रहान और ईरान के विदेश मंत्री हुसैन आमिर अब्दुलाहयन के बीच रविवार को फ़ोन पर बात की.

    बात के दौरान, दोनों नेताओं ने आपसी हित के मुद्दों और 'हालिया त्रिपक्षीय समझौते' पर चर्चा की.

    बीते महीने ही दोनों देशों के बीच दोबारा राजनयिक रिश्ते कायम करने पर सहमति बनी थी और दोनों देशों ने कहा कि वह अगले दो महीने में अपने दूतावास खोलेंगे.

    ईरान के विदेश मंत्रालय ने इस बातचीत की जानकारी देते हुए लिखा, “ईरानी विदेश मंत्री हुसैन आमिर अब्दुलाहयन और सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फ़ैसल बिन फ़रहान ने संबंधों के सकारात्मक रुझान पर ख़ुशी व्यक्त की और पड़ोसी नीति का विस्तार करने के संकल्प को ज़ाहिर किया.”

    “दोनों शीर्ष राजनयिकों ने ईरान-सऊदी अरब समझौते की वर्तमान परिस्थिति और उनकी आगामी बैठक पर भी चर्चा की. बिन फ़रहान ने ईरानी और सऊदी अधिकारियों के संपर्क में रहने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया और दोनों पक्षों की मौजूदा कोशिशों को सकारात्मक और संतोषजनक बताया”

    चीन की मदद से 10 मार्च को दोनों देशों के बीच ये समझौता हुआ था. 2016 में सऊदी अरब में एक शिया धर्मगुरु को फांसी दिए जाने के बाद ईरानी प्रदर्शनकारी सऊदी अरब के दूतावास में घुस आए थे.

    इसके बाद दोनों देशों के राजनयिक रिश्ते टूट गए थे.

  19. राहुल अपनी सांसदी जाने के ख़िलाफ़ याचिका दायर करने जा रहे सूरत, किरेन रिजिजू ने बताया ड्रामा

    मोदी सरनेम मामले में मानहानि केस में सूरत कोर्ट ने 23 मार्च को राहुल गांधी को दोषी क़रार दिया था. अगले ही दिन यानी 24 मार्च को राहुल की लोकसभा सदस्यता भी रद्द कर दी गई थी.

    अब सोमवार को राहुल गांधी इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ सूरत के सेशन कोर्ट में याचिका दायर करने जा रहे हैं. अपने दिल्ली स्थित आवास से वह सूरत के लिए रवाना हो गए है.

    राहुल गांधी के साथ राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भी जा सूरत जा रहे हैं.

    राहुल गांधी को इस मामले में दो साल की जेल की सज़ा दी गई थी. राहुल को 30 दिन का समय दिया गया था ताकि वह इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील कर सकें. अगर राहुल गांधी को लेकर सुनाया गया फ़ैसला ऊपरी अदालत बरक़रार रखती हैं तो वह अगले आठ साल तक चुनाव नहीं लड़ सकेंगे.

    राहुल गांधी ने साल 2019 में मोदी सरनेम को लेकर कर्नाटक के कोलार में टिप्पणी की थी. इसके बाद बीजेपी विधायक पुर्णेश मोदी ने इसे लेकर केस दर्ज कराया था. जिस पर 23 मार्च को फ़ैसला सुनाया गया और राहुल गांधी दोषी क़रार दिए गए.

    संसद के एक नियम के अनुसार अगर कोई सांसद किसी मामले में दोषी पाया जाता है तो उसकी सदस्यता रद्द कर हो जाती है. जैसे ही कोर्ट ने राहुल गांधी को इस मामले में दोषी पाया उसके 24 घंटे के भीतर ही उन पर इस नियम के तहत कार्रवाई की गई.

    इसके कुछ दिन बाद राहुल गांधी को उनका आधिकारिक आवास 12, तुगलक रोड खाली करने का आदेश दिया गया.

    कांग्रेस का आरोप है कि राहुल गांधी को लेकर की गई ये कार्रवाई राजनीति से प्रेरित है क्योंकि वह लगातार संसद में व्यापारी गौतम अदानी और प्रधानमंत्री से उनके रिश्तों के लेकर सवाल पूछ रहे थे.

    इस मामले में आरएस चीमा राहुल गांधी के वकील होंगे.

    क़ानून मंत्री किरेन रिजिजू ने एक ट्विटर पर लिखा है, “राहुल गांधी कोर्ट के फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील डालने सूरत जा रहे हैं. किसी भी दोषी को अपील डालने के लिए कोर्ट जाने की ज़रूरत नहीं होती. आमतौर पर कोई भी दोषी कोर्ट जा कर अपील नहीं दायर करता.उनका इस तरह से नेताओं के समूह के साथ जाना केवल ड्रामा है. जो राहुल गांधी कर रहे हैं वह कोर्ट पर दबाव बनाने की एक बचकानी कोशिश है. देश की हर कोर्ट पर इस तरह की टैक्टिस का कोई असर नहीं होता. ”

  20. सऊदी अरब के एक फ़ैसले से दुनिया भर में असर

    तेल उत्पादक देशों के संगठन ओपेक और ओपेक प्लस के फ़ैसले से वैश्विक बाज़ार में तेल की क़ीमत बढ़ गई है.

    सोमवार सुबह एशियाई बाज़ार में तेल की क़ीमत क़रीब छह फ़ीसदी बढ़ गई. रविवार को सबसे पहले सऊदी अरब ने अचानक से तेल उत्पादन में हर दिन 10 लाख बैरल से ज़्यादा कटौती की घोषणा की थी.

    सऊदी अरब की इस घोषणा के बाद वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट कॉन्ट्रैक्ट में 5.74 फ़ीसदी यानी प्रति बैरल 80.01 डॉलर का उछाल आया है.

    वहीं ब्रेंट में 5.6 फ़ीसदी यानी प्रति बैरल 84.42 डॉलर का उछाल आया है. सऊदी अरब के साथ इराक़, यूएई, अल्जीरिया और ओमान ने फ़ैसला लिया है कि उत्पादन में कटौती अगले महीने मई से शुरू होगी और साल के अंत तक जारी रहेगी.

    पिछले साल अक्टूबर में ओपेक प्लस ने हर दिन तेल उत्पादन में 20 लाख बैरल की कटौती की घोषणा की थी.

    अमेरिका सऊदी अरब पर दबाव डालता रहा है कि वह तेल उत्पादन में कटौती ना करे लेकिन सऊदी अरब ने झुकने से इनकार कर दिया है.

    पिछले साल जुलाई में अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने सऊदी अरब का दौरा किया था. राष्ट्रपति बाइडन का मक़सद था कि वह क्राउन प्रिंस को तेल उत्पादन बढ़ाने पर राज़ी करें लेकिन सऊदी ने उनकी बात नहीं मानी थी.

    तेल उत्पादन में कटौती की घोषणा के बाद से वैश्विक महंगाई बढ़ने का ख़तरा मंडरा रहा है. दुनिया भर के केंद्रीय बैंक ब्याज़ दरों में बढ़ोतरी कर सकते हैं.

    क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान अमेरिका नीतियों को लगातार ख़ारिज कर रहे हैं और अपने हितों के हिसाब से फ़ैसले ले रहे हैं.

    क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने बाइडन के सऊदी दौरे से पहले अमेरिकी मैगज़ीन 'द अटलांटिक' को इंटरव्यू दिया था. इस इंटरव्यू में उन्होंने कहा था, ''दुनिया में हर देश की स्थापना अलग-अलग विचारों और मूल्यों के आधार पर हुई है. मिसाल के तौर पर अमेरिका लोकतंत्र, स्वतंत्रता और मुक्त अर्थव्यवस्था जैसे मूल्यों के आधार पर बना है. लोग इन्हीं मूल्यों के आधार पर एकजुट रहते हैं. लेकिन क्या सभी लोकतंत्र अच्छे हैं? क्या सभी लोकतंत्र ठीक से काम कर रहे हैं? निश्चित तौर पर नहीं.''

    क्राउन प्रिंस ने कहा था, ''''हमारा मुल्क इस्लाम के मूल्यों और विचारों की बुनियाद पर बना है. इसमें क़बाइली संस्कृति है, अरब की संस्कृति है. साथ ही सऊदी की संस्कृति और मान्यताएं हैं. यही हमारी आत्मा है. अगर हम इसे छोड़ देते हैं तो देश नष्ट हो जाएगा. हमारे लिए सवाल यह है कि सऊदी अरब को विकास और आधुनिकीकरण के सही रास्ते पर कैसे लाया जाए. इसी तरह के सवाल अमेरिका के लिए हैं कि कैसे लोकतंत्र, मुक्त बाज़ार और स्वतंत्रता को सही रास्ते पर रखा जाए. यह सवाल इसलिए ज़रूरी है क्योंकि ये ग़लत रास्ते पर जा सकते हैं.''

    उन्होंने कहा था, ''''इसलिए हम अपने मूल्यों से दूर नहीं होंगे क्योंकि यही हमारी आत्मा है. सऊदी अरब में पवित्र मस्जिदें हैं और इन्हें कोई हटा नहीं सकता. हमारी यह ज़िम्मेदारी है कि ये पवित्र मस्जिदें हमेशा रहें और हम मुल्क को सऊदी के लोगों के लिए, इस इलाक़े के लिए सही रास्ते रास्ते पर रखना चाहते हैं. शांति और सह-अस्तित्व के आधार पर हम चाहते हैं कि बाक़ी दुनिया में चीज़ों को जोड़ें.''