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इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट ने रूसी राष्ट्रपति के ख़िलाफ़ अरेस्ट वॉरंट जारी किया

इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के खिलाफ़ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है.

लाइव कवरेज

कमलेश मठेनी and शुभम किशोर

  1. हार्दिक पंड्या ने टॉस जीतकर गेंदबाज़ी चुनी, केएल राहुल भी टीम में

    भारत के कप्तान हार्दिक पंड्या ने ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ पहले वनडे मैच में टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी करने का फ़ैसला किया है.

    तीन एक दिवसीय मैचों की सिरीज़ का पहला मैच मुंबई में खेला जा रहा है. भारत ने हाल ही में टेस्ट सिरीज़ में ऑस्ट्रेलिया को 2-1 से हराया था. इस वनडे में हार्दिक पंड्या भारत की कप्तानी कर रहे हैं, क्योंकि रोहित शर्मा इस मैच के लिए उपलब्ध नहीं थे.

    भारतीय टीम: हार्दिक पंड्या (कप्तान), ईशान किशन, केएल राहुल, शुभमन गिल, विराट कोहली, सूर्यकुमार यादव, रवींद्र जडेजा, शार्दुल ठाकुर, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज और मोहम्मद शमी.

    ऑस्ट्रेलियाई टीम: स्टीव स्मिथ (कप्तान), ट्रेविस हेड, मिचेल मार्श, मार्नस लबुशाने, जोश इंगलिस, कैमरून ग्रीन, ग्लेन मैक्सवेल, मार्कस स्टॉयनिस, मिचेल स्टार्क, एडम ज़ेम्पा और सॉन एबॉट

  2. राहुल गांधी के मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने दिया जेपी नड्डा को ये जवाब

    कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के राहुल गांधी पर लगाए आरोपों का जवाब दिया है.

    जेपी नेड्डा ने राहुल गांधी के विदेशी दौरे पर दिए गए बयानों को देश विरोधी कहा था और माफ़ी की मांग की थी.

    खड़गे ने कहा कि बीजेपी बेरोज़गारी और महंगाई के मुद्दे से ध्यान भटकाना चाहती है.

    उन्होंने कहा, ''वो (बीजेपी) ख़ुद देश विरोधी हैं. उन्होंने भारत के आज़ादी के आंदोलन में कभी हिस्सा नहीं लिया और वो दूसरों को देश विरोधी कह रहे हैं. वो बेरोज़गारी और महंगाई के मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए ऐसा कर रहे हैं."

    ''क्या राहुल गांधी कभी देश विरोधी हो सकते हैं? लोकतंत्र के बारे में बात करने वाले क्या देश विरोधी हैं? मैं जेपी नड्डा के बयान की निंदा करता हूँ. वो राहुल गांधी को संसद में बोलने का मौक़ा क्यों नहीं दे रहे हैं?''

    इससे पहले जेपी नड्डा ने शुक्रवार को कहा था कि राहुल गांधी ने देश के आंतरिक मामलों में विदेशी दखल की मांग करके भारत की संप्रभुता को ख़तरा में डाला है, जिसके लिए उन्हें माफ़ी मांगनी चाहिए.

  3. वरुण गांधी ने ऑक्सफ़ोर्ड का न्यौता किया अस्वीकार, बताई ये वजह

    बीजेपी सांसद वरुण गांधी ने बताया है कि उन्हें ऑक्सफोर्ड यूनियन से एक परिचर्चा में हिस्सा लेने के लिए निमंत्रण आया था, लेकिन वो इसमें नहीं जा रहे हैं.

    ये जानकारी देते हुए उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी तंज कसा है.

    राहुल गांधी हाल ही में एक विदेशी दौरे पर गए थे, जहाँ उनके दिए भाषण पर भारत में हंगामा हो रहा है. बीजेपी नेता उनकी कही गईं बातों को देश विरोधी बता रहे हैं और माफ़ी की मांग कर रहे हैं.

    वरुण गांधी ने लिखा, ''मैंने ऑक्सफ़ोर्ड यूनियन में एक परिचर्चा के लिए आए निमंत्रण को अस्वीकार कर दिया है. भारत की राजनीति नियमित रूप से हमें आलोचना और नीतियो में सुधार के लिए रचनात्मक सुझाव देने की जगह देती है.''

    ''भारत की पसंद और चुनौतियों को अंतरराष्ट्रीय समीक्षा के लिए रखना, मेरी नज़र में एक अपमानजनक कार्य है.''

  4. पाकिस्तानी जेल में मौत के साए में रहे थे शेख़ मुजीबुर रहमान

    क्या हुआ था जब बंगबंधु शेख़ मुजीबुर रहमान को पाकिस्तान की जेल में नौ महीने के लिए रखा गया था. उनकी 103वीं जयंती पर पढ़िए ये लेख.

  5. हिमंत बिस्व सरमा ने कहा- मैं 600 नहीं, बल्कि सभी मदरसों को बंद करना चाहता हूँ

    असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि वो असम में 600 नहीं, बल्कि सभी मदरसे बंद करना चाहते हैं क्योंकि देश में स्कूल, कॉलेज की ज़रूरत है.

    हिमंत बिस्व सरमा ने गुरुवार को कर्नाटक के बेलगावी में एक रैली के दौरान ये बातें कहीं.

    उन्होंने कहा, ''मैं असम जैसे प्रदेश से आया हूँ, जहाँ हर दिन बांग्लादेश से लोग आते हैं. हमारी सभ्यता और संस्कृति के ऊपर ख़तरा पैदा करते हैं. टीवी एंकर ने मुझे बोला कि आपने 600 मदरसे बंद कर दिए. आपका इरादा क्या है.''

    ''मैंने बोला कि मैंने अभी 600 मदरसे बंद किए हैं लेकिन मेरा इरादा सारे मदरसे बंद करने का है. उन्होंने कहा कि आप ऐसे कैसे बोल सकते हैं तो मैंने कहा कि हमें मदरसे की ज़रूरत नहीं है हमें डॉक्टर, इंजीनियर बनाने के लिए स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय की ज़रूरत है. नए भारत में मदरसे की ज़रूरत नहीं है.''

    इसके अलावा उन्होंने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा, ''एक समय हमारे दिल्ली के बादशाह ने मंदिर तोड़ने की बात की थी. आज पीएम मोदी के शासन में हम मंदिर निर्माण की बात कर रहे हैं.''

    ''ये नया भारत है जिसकी अर्थव्यवस्था ब्रिटेन से भी ताक़तवर है, जो अपनी वैक्सीन ख़ुद बना सकता है. आज कांग्रेस इस नए भारत को दुर्बल करने का काम कर रही है. पहले जैसे मुग़ल भारत को दुर्बल कर रहे थे, वैसे कांग्रेस आज की मुग़ल है.''

  6. राहुल गांधी देश विरोधी टूलकिट का स्थायी हिस्सा: बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी के विदेशी दौरे में दिए गए बयान को लेकर बीजेपी लगातार उन पर हमलावर है.

    अब बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने राहुल गांधी पर आंतरिक मामलों में विदेशी दखल की मांग करके भारत की संप्रभुता को ख़तरे में डालने का आरोप लगाया है.

    जेपी नड्डा ने कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए कहा, ''मज़बूत भारत, सशक्त लोकतंत्र और निर्णायक सरकार से भी भारत विरोधी लोगों को हमेशा तकलीफ़ रही है. दुर्भाग्य की बात यह है कि इन देश विरोधी गतिविधियों में देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस भी शामिल हो गई है. जनता द्वारा बार-बार नकार दिए जाने के बाद अब राहुल गांधी इस देश विरोध टूलकिट का स्थायी हिस्सा बन गए हैं."

    उन्होंने आगे कहा- एक ओर जहाँ भारत पीएम मोदी के नेतृत्व में दुनिया की पाँचवीं सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति बन रहा है, जी20 की बैठक आज भारत में हो रही है, वहीं राहुल गांधी विदेशी धरती पर देश का, सदन का, पूर्ण बहुमत की चुनी हुई सरकार और भारत की जनता का अपमान कर रहे हैं.

    नड्डा ने राहुल गांधी से माफ़ी मांगने की मांग करते हुए कहा, ''राहुल गांधी जी आपने विदेश की धरती पर कहा कि भारत में लोकतंत्र ख़त्म हो गया है और यूरोप और अमेरिका को इसमें दखल देना चाहिए. इससे शर्मनाक बात क्या हो सकती है. दूसरे देश से भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने की मांग करना, भारत की संप्रभुता पर ख़तरा है.''

    ''मैं राहुल गांधी जी से जानना चाहता हूँ कि यूरोप और अमेरिका को भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने के लिए उकसाने के पीछे उनकी मंशा क्या है. स्वतंत्र भारत के इतिहास में विषम से विषम स्थिति में भी आज तक किसी बड़े नेता ने विदेश में जाकर विदेशी ताक़तों से भारत सरकार के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने का आह्वान नहीं किया. आपको देश के ख़िलाफ़ इस पाप के लिए देश से माफ़ी मांगनी होगी.

    बीजेपी राहुल गांधी से विदेश में दिए अपने बयान पर माफ़ी मांगने की लगातार मांग कर रही है.

    वहीं, राहुल गांधी ने मीडिया से कहा कि उन्हें कोई देश विरोधी बयान नहीं दिया है और वो संसद में अपनी बात रखना चाहते हैं.

  7. पीएम मोदी के नोबेल पुरस्कार के दावेदार होने की ख़बर सच या फ़ेक, सामने आया वीडियो

    नॉर्वे की नोबल कमिटी के डिप्टी लीडर एस्ले टोजे का पीएम मोदी को नोबेल पुरस्कार का मज़बूत दावेदार बताने वाली ख़बर को लेकर एक वीडियो सामने आया है. इस वीडियो में एस्ले टोजे एक ख़बर को फ़र्ज़ी बताते हुए दिख रहे हैं. टोजे का कहना है कि उन्होंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया.

    कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने ये वीडियो डालते हुए लिखा है, ''नॉर्वे के नामी अकादमिक एस्ले टोजे भारत के दौरे पर हैं. मैं इस बात से थोड़ा उलझन में था कि उन्होंने कहा है कि पीएम मोदी नोबेल शांति पुरस्कार के मज़बूत दावेदार हैं. डॉक्टर टोजे ने इसे पूरी तरह ख़ारिज कर दिया है.''

    उन्होंने आरोप लगाया, ''उनका 'बयान' गोदी मीडिया में दिखाया गया था, लेकिन उसे ख़ारिज करना नहीं दिखाया गया.''

    इस वीडियो में एस्ले टोजे समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते दिख रहे हैं. वह कह रहे हैं, ''मैं भारत में नोर्वे नोबेल कमिटी के डिप्टी लीडर के तौर पर नहीं आया हूं. मैं यहां इंटरनेशनल पीस और अंडरस्टेंडिंग के डायरेक्टर और इंडिया सेंटर फ़ाउंडेशन के दोस्त के तौर पर यहां हूं.''

    ''मैं भारत में राजनीतिक और विकास को लेकर बात करने के लिए आया हूं. एक फ़र्ज़ी ट्वीट चल रहा है जिसे फ़र्ज़ी ख़बर ही मानना चाहिए. हमें इस पर ऊर्जा और समय नष्ट नहीं करना चाहिए. मैं साफ़तौर पर इसे ख़ारिज करता हूं कि उस ट्वीट में जो है मैंने उससे जुड़ा कुछ नहीं कहा.''

    हालांकि, एस्ले टोजे ने यूक्रेन-रूस मामले में पीएम मोदी के उस बयान की तारीफ़ की जिसमें उन्होंने रूसी राष्ट्रपति से कहा था कि ''ये युद्ध का समय नहीं है.''

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक एस्ले टोजे ने कहा था, ''पीएम मोदी का ये बयान उम्मीद की किरण है. भारत ने ये संकेत दिए हैं कि आज के समय में हमें विवादों को ऐसे नहीं सुलझाना चाहिए.''

    ''भारत चिल्लाकर नहीं बोलता और किसी को धमकी नहीं देता, वो दोस्ताना तरीक़े से अपनी बात रख देता है. भारत दुनिया की प्रमुख शक्तियों में से एक है.''

  8. पाकिस्तान के गृह मंत्री ने बताया, इमरान ख़ान के मामले में आगे क्या करेंगे

    पाकिस्तान के गृह मंत्री राणा सनाउल्लाह ने गुरुवार को कहा कि अगर पूर्व पीएम इमरान ख़ान अदालत के आदेश नहीं मानते हैं तो एक नई रणनीति बनाई जाएगी.

    उन्होंने एक निजी समाचार चैनल से बातचीत में कहा कि इमरान ख़ान को अदालत के आदेशों का सम्मान करना चाहिए और जनता का समय बर्बाद करने के तरीक़े नहीं अपनाने चाहिए.

    राणा सनाउल्लाह ने आरोप लगाया कि पीटीआई प्रमुख इमरान ख़ान देश में अशांति फ़ैलाकर राजनीतिक फ़ायदा उठा रहे हैं. वह ख़ुद और उनके समर्थनक क़ानून व्यवस्था का उल्लंघन करते पाए गए हैं.

    एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि इमरान ख़ान को गिरफ़्तार करना हमारी प्राथमिकता नहीं है, लेकिन उन्होंने देश में अव्यवस्था पैदा कर दी है. इमरान ख़ान के अदालत में पेश होने को लेकर दिए गए आदेश को हम लागू करेंगे.

    वहीं, इमरान ख़ान ने गुरुवार को दावा किया है कि सरकार उन्हें "पुलिस कस्टडी में रखकर उन पर अत्याचार करना और उनकी हत्या करना चाहती है."

    इमरान ख़ान को गिरफ़्तार करने के लिए गुरुवार को पुलिस उनके घर पहुंची थी, लेकिन उन्हें गिरफ़्तार नहीं कर सकी. इसके बाद पुलिस ने उनके ख़िलाफ़ नई एफ़आईआर दर्ज की है. इस नई एफ़आईआर के अनुसार, इमरान ख़ान पर पुलिस पर हमला करने के लिए लोगों को भड़काने का आरोप है.

    इमरान ख़ान के ख़िलाफ़ 83 एफ़आईआर दर्ज हैं. मौजूद हंगामा दो मामलों को लेकर हो रहा है, तोशाखाना और महिला न्यायाधीश के अपमान का मामला.

    इन दोनों में उनके ख़िलाफ़ गैर-जमानती वारंट जारी हुआ था. लेकिन, अब सिर्फ़ तोशाखान मामले में वारंट बचा हुआ है. न्यायाधीश ज़ेबा चौधरी के मामले में वारंट को गुरुवार दोपहर रद्द कर दिया गया. उन्हें सोमवार को अदालत में बुलाया गया है.

    तोशाख़ाना मामले को लेकर ही पुलिस इमरान ख़ान के घर के बाहर पहुंची थी.अब उन्हें 18 मार्च को इस्लामाबाद हाई कोर्ट पेश होना है.

  9. वेस्ट बैंक में इसराइली छापेमारी में चार फ़लस्तीनियों की मौत

    इसराइली बलों ने क़ब्ज़े वाले वेस्ट बैंक के जेनिन शहर में एक छापेमारी के दौरान चार फ़लस्तीनियों को मार दिया है. फ़लस्तीनी अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी है.

    इसराइली सेना का कहना है कि जिन लोगों को मारा गया है उनमें से दो की ''आतंकी गतिविधियों'' के मामले में तलाश थी और एक शख़्स ने उन पर हमला करने की कोशिश की थी. इस दौरान फ़ायरिंग भी हुई.

    फ़लस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक़, मारे गए लोगों में एक 16 साल का लड़का भी है.

    वहीं, छापेमारी में हुई फ़ायरिंग में 20 फ़लस्तीनी घायल हुए हैं जिनमें से चार की हालत गंभीर है.

    इसराइल के लोगों पर फ़लस्तीनी हमले बढ़ने के चलते इस साल की शुरुआत से वेस्ट बैंक में इसराइल की कार्रवाई और ज़्यादा घातक हो गई है. इस दौरान हमलावर और आम नागरिक दोनों की मौत हुई है.

    इसराइली बलों की कार्रवाई में 80 चरमपंथी और आम नागरिक मारे गए हैं और इसराइल में फ़लस्तीनी हमलों में 13 आम लोगों की मौत हुई है.

    जेनिन में हुई छापेमारी के दौरान इसराइल डिफ़ेंस फ़ोर्सेज़ (आईडीएफ़), शिन बेट सिक्योरिटी सर्विस और बॉर्डर पुलिस से विशेष बल गुरुवार दोपहर को शहर में पहुंचा था.

    अहमद ख़लाफ़ ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया, ''उन्होंने दरवाज़े खोले और उनमें से एक ने निदाल खज़ेम के सिर पर गोली मार दी. अल-क़ासम ब्रिगेड्स (हमास सैन्य ईकाई) से हमारे भाई यूसुफ श्रीम (हमास सैन्य इकाई से) ने भागने की कोशिश की, लेकिन विशेष बल उसके पीछे भागे और सड़क पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाने लगे. एक 16 साल के लड़के की मौत हो गई. वो इसमें शामिल नहीं था.''

    आईडीएफ़ का आरोप है कि खज़ेम और एक अन्य चरमपंथी यूसुफ़ अबु अशरीन ''अहम आतंकी गतिविधियों'' में शामिल थे. इन्हें छापेमारे में निशाना बनाया गया. ये साफ़ नहीं है कि यूसुफ़ अबु अशरीन और युसूफ़ श्रीम एक ही शख़्स हैं या नहीं.

  10. नमस्कार!

    बीबीसी हिंदी के लाइव पेज में आपका स्वागत है. अभिवादन स्वीकार कीजिए.

    ये लाइव पेज 24 घंटे उपलब्ध रहेगा. 16 मार्च के अपडेट्स के लिए आप यहां क्लिककर सकते हैं.