भारत की सूखी पिच, अश्विन, जडेजा और अक्षर पटेल जैसे तीन दिग्गज फिरकी गेंदबाज़ों की फौज, लेकिन मैदान मारा मेहमान टीम के एक स्पिन गेंदबाज़ ने. नैथन लायन.
कंगारू टीम का वो दिग्गज, जो तेज़ पिचों के लिए मशहूर ऑस्ट्रेलियाई पिचों पर भी हर मैच में खिलाया जाता है. फिर यहां तो मुकाबला भारतीय पिच पर खेला जा रहा था, जो स्पिनरों की मददगार थी.
और लायन ने वो कर दिखाया जिसके लिए वो जाने जाते हैं. उन्होंने अपने तरकश से ऐसे-ऐसे तीर निकाले कि भारतीय टीम के सारे बल्लेबाज़ नाचते नज़र आए.
भारतीय टीम टॉस जीतकर बल्लेबाज़ी करने उतरी थी और ऑस्ट्रेलिया के युवा स्पिन गेंदबाज़ मैथ्यू कुहनेमैन ने इस पारी में पांच विकेट झटके.
लेकिन मुसीबत में भारतीय टीम के सबसे काम आने वाले चेतेश्वर पुजारा को मात्र एक रन पर पवेलियन लौटाया लायन ने.
पुजारा के अलावा उन्होंने इस पारी में ख़तरनाक बल्लेबाज़ रवींद्र जडेजा और श्रीकर भरत का विकेट भी लिया. 11.2 ओवर में 35 रन देकर तीन विकेट. लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई थी.
लायन ने अपना असली खेल दिखाया भारतीय टीम की दूसरी पारी में. इस पारी में उन्होंने भारतीय टीम के आठ बल्लेबाज़ों को पिच से भगाया.
उनके शिकार के नाम पढ़ने पर समझ में आ जाता कि भारतीय टीम के बड़ी लीड लेने के बीच में लायन वाक़ई शेर बनकर खड़े हो गए.
लायन ने इस पारी में रोहित शर्मा, शुभमन गिल, चेतेश्वर पुजारा, रवींद्र जडेजा, श्रीकर भरत, रविचंद्रन अश्विन, उमेश यादव और मोहम्मद सिराज का शिकार किया. दूसरी पारी में लायन ने 23.3 ओवर में 64 रन देकर 8 विकेट झटके.
दोनों पारियों में लायन ने 11 विकेट लिए और भारतीय बल्लेबाज़ी की कमर तोड़ दी. लायन की कामयाबी का राज़ पिच से मिली मदद तो रही ही, साथ ही उनका अनुशासन गज़ब का है.
लाइन और लेंग्थ का ऐसा जाल कि बल्लेबाज़ को ना गेंद छोड़ते बने, ना खेलते.
मैच में शानदार जीत के बाद उन्होंने कहा कि उनके पास स्पिन गेंदबाज़ी से जुड़ी सारी बाज़ीगरी तो नहीं हैं, लेकिन उनकी पसंदीदा गेंद 'स्टॉक बॉल' बड़ा काम आई.
लायन ने कहा, 'मुझे अपनी स्टॉक बॉल में काफ़ी यक़ीन है. और मुझे लगता है कि इससे ही कामयाबी मिली. मुझे नहीं लगता कि मैं इसमें पारंगत हो गया हूं, लेकिन खुशकिस्मत हूं कि विराट कोहली और पुजारा जैसे दिग्गजों को चुनौती दे पा रहा हूं. मुझे खुद को चुनौती देना पसंद है.'
भारतीय टीम दो टेस्ट जीत चुकी है, इसलिए ट्रॉफी यही रहने वाली है. लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने साबित कर दिया है कि उन्हें चैम्पियन टीम क्यों कहा जाता है.
भारतीय पिच पर भारतीय टीम को उन्हीं के जाल में फंसाने वाली कंगारू टीम अहमदाबाद टेस्ट में अगर बाज़ी पलटने की उम्मीद कर रही होगी, तो लायन इस उम्मीद की सबसे चमकदार किरण हैं.