अमित शाह से मिले भगवंत मान, पंजाब के हालात पर क्या हुई बात
पंजाब के हालात पर चर्चा करने के लिए राज्य के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की.
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विकास त्रिवेदी and संदीप राय
ब्रेकिंग न्यूज़, अदानी-हिंडनबर्ग केस: सुप्रीम कोर्ट ने जांच कमिटी बनाने का आदेश दिया
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इमेज कैप्शन, गौतम अदानी और नेट एंडरसन
अदानी हिंडनबर्ग केस की जांच करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने कमिटी बनाने का आदेश दिया है.
इस कमिटी में छह सदस्य होंगे.
कमिटी में ओपी भट्ट, जस्टिस जेपी देवधर, केवी कामत, नंदन नीलेकणि और सोमशेखर सुंदरसन होंगे. कमिटी के अध्यक्ष रिटायर्ड जस्टिस अभय एम सप्रे होंगे.
सुप्रीम कोर्ट ने सेबी से भी दो महीने में जांच पूरी करने और रिपोर्ट जमा करने के लिए कहा है.
त्रिपुरा में लेफ्ट-कांग्रेस की स्थिति सुधरी, बीजेपी का क्या है हाल
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त्रिपुरा, नगालैंड और
मेघालय विधानसभा चुनाव में मतों की गिनती जारी है.
त्रिपुरा
त्रिपुरा में
शुरुआती घंटों में पीछे दिख रही सीपीआई (एम) और कांग्रेस गठबंधन अब अपेक्षाकृत
बेहतर स्थिति में है.
चुनाव आयोग के
मुताबिक़, गुरुवार सुबह 11 बजे तक सीपीआई (एम) 12 और कांग्रेस छह
सीटों पर आगे चल रही है. बीजेपी 26 सीटों के साथ अभी भी सबसे आगे चल रही
है.
नगालैंड
नगालैंड में
एनडीपीपी 18 और बीजेपी 7 सीटों पर आगे चल रही है. एनसीपी चार
सीटों पर आगे चल रही है.
बीजेपी एक सीट
पर जीत दर्ज कर चुकी है.
मेघालय
रुझानों में
एनपीपी 20 सीटों के साथ सबसे आगे चल रही है.
बीजेपी 6, एआईटीएमसी
5, कांग्रेस 4 और यूडीपी 7 सीटों पर आगे चल रही है.
नगालैंड, त्रिपुरा और
मेघालय में कुल 60 विधानसभा सीटें हैं.
G-20 बैठक में पीएम मोदी बोले, 'बाँटने नहीं, जोड़ने पर ध्यान दें'
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जी-20 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक दिल्ली में चल रही है.
इस मौक़े पर पीएम मोदी ने विदेश मंत्रियों को संबोधित किया.
पीएम मोदी ने कहा, ''आज जब आप गांधी और बुद्ध की धरती पर मिल रहे हैं, तब मैं प्रार्थना करता हूं कि आप भारतीय सभ्यता से प्रेरणा लेते हुए बाँटने पर नहीं बल्कि एकता पर ध्यान केंद्रित करें.''
पीएम मोदी की कही ख़ास बातें
आज सबसे ज़्यादा प्रभावित होने वाले लोगों को सुने बिना कोई संगठन वैश्विक नेतृत्व का दावा नहीं कर सकता.
बीते सालों में हमने सदी की सबसे विनाशकारी महामारी का सामना किया. हज़ारों लोगों की मौत प्राकृतिक आपदाओं के कारण हुई.
हमने आर्थिक चुनौतियों और संकट का सामना भी किया.
जी-20 देशों ने इन मुद्दों से निपटने में अहम भूमिका अदा की.
ऐसे में ये बैठक बेहद अहम है.
उम्मीद है कि इस बैठक से बेहतर परिणाम निकलेंगे.
बीते कुछ सालों के वित्तीय संकट, जलवायु परिवर्तन, महामारी, आतंकवाद और युद्ध के अनुभव साफ़ तौर पर ये बताते हैं कि वैश्विक व्यवस्था नाकाम साबित रही हैं.
हमें ये भी स्वीकार करना चाहिए कि इन सबका ख़ामियाज़ा सबसे ज़्यादा विकसित देशों को चुकाना पड़ा है.
त्रिपुरा में बीजेपी जीत की ओर, क्या है ताज़ा माहौल?
Live: त्रिपुरा में विधानसभा चुनावों की मतगणना जारी. ज़्यादा जानकारी के साथ अगरतला से बीबीसी संवाददाता राघवेंद्र राव (कैमरा- मनीष जालुई)
त्रिपुरा और नगालैंड में बीजेपी आगे, मेघालय का क्या हाल?
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पूर्वोत्तर भारत के तीन राज्यों के चुनाव परिणाम आने शुरू हो गए हैं.
अब तक आए नतीजों में बीजेपी बढ़त बनाए हुई है.
चुनाव आयोग की वेबसाइट के मुताबिक़,
त्रिपुरा में बीजेपी 7, कांग्रेस 2 और सीपीआई (एम) 1 सीट पर आगे चल रही है.
नगालैंड में बीजेपी दो सीट जीत चुकी है और एक पर आगे चल रही है. लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) एक सीट जीत चुकी है.
मेघालय में एनपीपी 4, यूडीपी 2, कांग्रेस और एआईटीएमसी एक-एक सीटों पर आगे चल रहे हैं.
चुनाव आयोग के ये परिणाम और रुझान गुरुवार सुबह 9.45 बजे तक के हैं.
नगालैंड, त्रिपुरा और मेघालय में कुल 60 विधानसभा सीटें हैं.
भीषण ट्रेन हादसे को प्रधानमंत्री ने बताया- मानवीय भूल
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ग्रीस में हुए
ट्रेन हादसे में अब तक 43 लोगों की मौत हो गई है.
हादसे के बाद कुछ जगहों पर विरोध प्रदर्शन भी हुए हैं.
ग्रीस के
प्रधानमंत्री क्यारीकोस मित्सोटाकिस ने इस हादसे को मानवीय भूल का नतीजा बताया है.
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इमेज कैप्शन, ग्रीस में हुए ट्रेन हादसे के बाद प्रदर्शन
प्रधानमंत्री ने बुधवार को घटनास्थल का दौरा किया था.
इस हादसे में एक मालगाड़ी और पैसेंजर ट्रेन आपस में टकरा गई थीं. हादसे के बाद ग्रीस के यातायात मंत्री ने इस्तीफ़ा दे दिया है.
स्थानीय स्टेशन मास्टर पर भी मुकदमा दर्ज किया गया है.
बचावदल अभी भी घायलों की तलाश कर रही हैं और कुछ का इलाज अस्पताल में चल रहा है.
हालांकि ये अभी तक साफ़ नहीं हो सका है कि दो ट्रेनें एक वक़्त पर एक ट्रैक पर आमने-सामने कैसे आ गईं.
सिग्नल देने के लिए ज़िम्मेदार स्टेशन मास्टर ने किसी तरह की ग़लती होने की बात को ख़ारिज किया है और हादसे के लिए तकनीकी कारणों को ज़िम्मेदार बताया है.
प्रधानमंत्री क्यारीकोस मित्सोटाकिस ने कहा, ''क़ानून अपना काम करेगा, जो लोग इसके लिए ज़िम्मेदार हैं उनको पकड़ा जाएगा. सरकार आम लोगों के साथ खड़ी है.''
मेघालय, त्रिपुरा और नगालैंड: कहां कौन आगे?
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मेघालय, त्रिपुरा और
नगालैंड विधानसभा चुनावों में वोटों की गिनती शुरू हो गई है.
चुनाव आयोग की
वेबसाइट के मुताबिक़, सुबह 9 बजे तक बीजेपी नगालैंड में एक सीट जीतने में सफ़ल रही है.
एनडीटीवी के
मुताबिक़,
मेघालय में
एनपीपी 22, बीजेपी 10, टीएमसी 10 सीटों पर आगे चल रही है.
नगालैंड में
बीजेपी एनडीपीपी गठबंधन 50 सीट और एनपीएफ़ 6 सीटों पर आगे चल रही है.
त्रिपुरा में
बीजेपी 39 और कांग्रेस-लेफ़्ट गठबंधन 15 सीटों पर आगे चल रहा है.
आज तक के
मुताबिक़,
नगालैंड में 34
से ज़्यादा सीटों पर बीजेपी-एनडीपीपी गठबंधन आगे चल रहा है.
मेघालय में
एनपीपी 25, बीजेपी 12 और कांग्रेस 6 सीटों पर आगे चल रही है.
त्रिपुरा में
बीजेपी 39, लेफ्ट कांग्रेस 6 और टीएमपी 5 सीटों पर आगे चल रही है.
नगालैंड, त्रिपुरा और
मेघालय में कुल 60 विधानसभा सीटें हैं.
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JNU में अब धरना दिया तो 20 हज़ार रुपये जुर्माना, ये हैं नए नियम
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इमेज कैप्शन, 2020 में जेएनयू स्टूडेंट्स पर हमला हुआ था, तब जेएनयू स्टूडेंट्स के समर्थन में आवाज़ उठाती मुंबई की एक स्टूडेंट.
दिल्ली की जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में नए नियम लागू हो गए हैं.
नए नियमों में
कई कड़े प्रावधान किए गए हैं. इन नियमों पर छात्रों की आपत्ति भी आ रही है.
जानिए क्या हैं
नए नियम...
धरना दिया, भूख हड़ताल की
तो 20 हज़ार रुपये का जुर्माना
हिंसा करने पर
दाखिला रद्द या फिर 30 हज़ार रुपये का जुर्माना
रास्ता रोकने, जुआ खेलने, अवैध रूप से
होस्टल में रहना, गाली देना या आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल को अपराध की श्रेणी में रखा
गया है.
किसी भी शिकायत की एक कॉपी मां-बाप को भी भेजी जाएगी.
जिन केस में
प्रोफ़ेसर और स्टूडेंट्स दोनों पक्ष होंगे, उनका निपटारा यूनिवर्सिटी की शिकायत
निवारण समिति से होगा
यौन उत्पीड़न, छेड़छाड़, रैगिंग के
मामलों का निपटारा चीफ़ प्रॉक्टर ऑफिस से होगा
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समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, नई नियमावली तीन फ़रवरी से लागू है और यूनिवर्सिटी की एग्जेक्यूटिव काउंसिल से इसे मंज़ूरी भी मिली है.
नए नियमों में धोखाधड़ी के मामलों से निपटने को भी जगह दी गई है.
हालांकि एग्जेक्यूटिव काउंसिल के सदस्यों ने पीटीआई को बताया कि ये मुद्दा बैठक में बाद में लाया गया था और कहा गया कि ये दस्तावेज़ अदालती मामलों के लिए तैयार किया जा रहा है.
जेएनयू में एबीवीपी के सेक्रेटरी विकास पटेल ने कहा कि ये नियम तुग़लकी हैं और पुराने नियम ही काफ़ी थी.
पटेल ने इन नियमों को वापस लेने की मांग की.
जेएनयू वाइंस चांसलर शांतिश्री डी पंडित से पीटीआई ने संपर्क करने की कोशिश की मगर उनकी ओर से किसी तरह की प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है.
नए नियम यूनिवर्सिटी के सभी छात्रों पर लागू होंगे, इनमें पार्ट- टाइम स्टूडेंट्स भी शामिल हैं.
स्टालिन ने बताया- बीजेपी को हराना है तो क्या करना होगा?
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तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन और डीएमके प्रमुख ने 2024 चुनावों के लिए विपक्ष के एकजुट होने की बात को दोहराया है.
स्टालिन ने कहा, ''एक जैसी पार्टियों का साथ आना ज़रूरी है. ये एक बेहतरीन जन्मदिन का तोहफ़ा है.''
ये बातें स्टालिन ने अपने 70वें जन्मदिन पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान जब कही, तब मंच पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी मौजूद थे.
खड़गे ने साफ़ किया, ''हम अभी इस बारे में बात नहीं कर रहे हैं कि प्रधानमंत्री कौन बनेगा?''
स्टालिन ने कहा, ''अगला आम चुनाव इस बारे में नहीं है कि सरकार कौन बनाएगा बल्कि इस बारे में ज़्यादा है कि कौन सत्ता में नहीं होना चाहिए.''
स्टालिन ने 2021 की एक रैली में राहुल गांधी की कही उस बात को दोहराया, जिसमें राहुल ने सभी राजनीतिक दलों को बीजेपी के ख़िलाफ़ साथ आने की बात कही थी.
2024 चुनाव के लिए तीसरे मोर्चे को बात को स्टालिन ने निरर्थक बताया और कहा- मैं सभी दलों से अपील करता हूं कि इस आसान से राजनीतिक गणित को समझें.
स्टालिन ने कहा कि चुनाव से पूर्व गठबंधन काम नहीं करेगा.
उन्होंने कहा, ''राजनीतिक दलों को अपने मतभेदों को भुलाकर 2024 चुनावों में बीजेपी के ख़िलाफ़ एक साथ आना चाहिए.''
तुर्की में भूकंप के बाद चुनाव को लेकर अर्दोआन ने क्या कहा
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तुर्की के
राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन ने संकेत दिए हैं कि 14 मई को देश में चुनाव हो
सकते हैं.
अर्दोआन चुनाव
करवाने के अपने पिछले इरादे पर कायम हैं. तुर्की में आए भूकंप के बाद नियत समय पर चुनाव कराने को लेकर कई तरह की आशंकाएं जताई जा रही थीं.
इस भीषण भूकंप
में 45 हज़ार लोगों की मौत हुई है.
अर्दोआन ने बुधवार
को इस बारे में कहा, ''जो ज़रूरी है, देश 14 मई को वो करेगा. इंशाअल्लाह.''
अर्दोआन ने कहा, ''जहाँ इमारतें गिरी हैं, वहाँ हम और बेहतर इमारतें बनाएंगे. हम लोगों के दिलों को जीतेंगे और
आवाम के लिए नया भविष्य रखेंगे.''
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ये बातें अर्दोआन ने संसद में अपनी पार्टी के सांसदों से बात करते हुए कही.
तुर्की में आगामी चुनावों को अर्दोआन का सबसे बड़ा राजनीतिक संकट माना जा रहा है.
भूकंप आने के बाद से ही कहा जा रहा था कि चुनाव साल के अंत तक के लिए टाले जा सकते हैं. पहले ये चुनाव तुर्की में 18 जून को होने थे.
भूकंप आने से पहले अर्दोआन की लोकप्रियता में लगातार कमी देखी गई है. इसकी वजह बढ़ती महंगाई, तुर्की की मुद्रा लीरा में गिरावट भी रही.
2018 के राष्ट्रपति चुनाव में 10 भूकंप ग्रस्त प्रांतों में अर्दोआन को 55 फ़ीसदी वोट मिले थे.
सत्ता में अर्दोआन का उदय 20 साल पहले हुआ था.
तत्कालीन सरकार को भी 1999 भूकंप के बाद के हालात, महंगाई और भ्रष्टाचार से निपटने के मुद्दे पर आलोचना का सामना करना पड़ा था.
नमस्ते!
आपका दिन शुभ हो.
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