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अमित शाह से मिले भगवंत मान, पंजाब के हालात पर क्या हुई बात

पंजाब के हालात पर चर्चा करने के लिए राज्य के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की.

लाइव कवरेज

विकास त्रिवेदी and संदीप राय

  1. बिहारी मज़दूरों पर हो रहे 'हमले' की ख़बर को तमिलनाडु पुलिस ने बताया झूठ

      • Author, चंदन कुमार जाजवड़े
      • पदनाम, बीबीसी संवाददाता

    तमिलनाडु में बिहार के प्रवासी मज़दूरों के साथ कथित हिंसा की घटना को तमिलनाडु पुलिस ने गलत करार दिया है.

    इससे पहले नीतीश कुमार ने इस संबंध में बिहार के मुख्य सचिव और डीजीपी को निर्देश दिया था कि वो तमिलनाडु सरकार के अधिकारियों से बात कर बिहारी मज़दूरी की सुरक्षा सुनिश्चित करें.

    इससे पहले यह मुद्दा बिहार विधानसभा में भी उठाया गया था. बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान विपक्षी दल बीजेपी ने यह मुद्दा उठाया है.

    ख़बरों के मुताबिक़ तमिलनाडु के कई इलाक़े में बिहार के मज़दूरों के साथ हिंसा हो रही है.

    पिछले कुछ समय में इस हिंसा में दो बिहारी मज़दूरों की मौत की ख़बर भी बिहार में चर्चा में रही है.

    उस घटना के बाद बिहारी मज़दूरों में डर का माहौल और बड़ी संख्या में बिहारी मज़दूरों के वहां से पलायन की ख़बरें भी आ रही हैं.

    बीबीसी ने इस मुद्दे पर त्रिपुर के एसपी जी शशांक साई से बात की तो उनका कहना है कि बिहारी मज़दूरों के साथ कोई हिंसा नहीं हुई है और जो भी ख़बरें दी जा रही हैं वो सब झूठी और भ्रामक हैं.

    उन्होंने प्रवासी मज़दूरों के पलायन की ख़बरों को भी अफ़वाह बताया है. इस मुद्दे पर तमिलनाडु पुलिस के महानिदेशक ने भी ट्विटर पर एक वीडियो संदेश जारी किया है.

    डीजीपी सी शैलेंद्र बाबू ने भी दावा किया है कि बिहार में किसी ने सोशल मीडिया पर एक झूठा और भ्रामक वीडियो पोस्ट किया है.

    उनका कहना है, "तमिलनाडु में बिहारी मज़दूरों के साथ कोई हिंसा नहीं हुई है. ये दोनों ही वीडियो पुराने हैं. एक वीडियो त्रिपुर का है जिसमें बिहारी मज़दूरों के दो गुटों के बीच आपस में लड़ाई हो रही है. जबकि दूसरा वीडियो कोयंबटूर का है और इसमें स्थानीय लोगों के बीच झगड़ा हो रहा है, इसका बिहारी मज़दूरों से कोई संबंध नहीं हैं."

    त्रिपुर पुलिस के मुताबिक़ पुलिस कोशिश कर रही है कि प्रवासी मज़दूरों को किसी बात का डर न हो और मज़दूरों के गुट में आपस में भी झगड़ा न हो.

    तिरुपुर के एसपी जी शशांक साई का कहना है, "मज़दूरों की सुरक्षा के लिए हम हम आज ही सारे उन ठेकेदारों के साथ मीटिंग कर रहे हैं, जिनके पास प्रवासी मज़दूर काम करते हैं. हमें सभी को प्रवासी मज़दूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी है. हमने इसके लिए कदम भी उठाए हैं और ऐसे मज़दूरों को सुरक्षा दे रहे हैं."

    दरअसल इसी साल 14 जनवरी को त्रिपुर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफ़ी चर्चा में था. दावा किया गया था कि इसमें तमलनाडु के स्थानीय लोग बिहार के प्रवासी मज़दूरों के साथ मारपीट कर रहे हैं.

    तमिलनाडु के डीजीपी ने इसे बिहारी मज़दूरों के दो गुटों की लड़ाई बताया है.

    वहीं कुछ ख़बरों में दावा किया जा रहा है कि हिंसा के डर से बिहार के लोग तमिलनाडु के अलग अलग जगहों से बिहार वापस आने की कोशिश कर रहे हैं. ख़बरों में ट्रेनों और स्टेशनों पर भारी भीड़ा होने का दावा भी किया जा रहा है.

    दक्षिण रेलवे के प्रवक्ता ने इस मुद्दे पर बीबीसी को बताया है कि तमिलनाडु के रेलवे स्टेशनों पर कोई असामान्य भीड़ नहीं है और ऐसी कोई ख़बर नहीं है कि स्टेशनों पर अफरा तफरी मची हो.

    इन दिनों होली का त्योहार भी काफ़ी क़रीब है और इस समय ट्रेनों में थोड़ी ज़्यादा भीड़ होना सामान्य सी बात है.

    एर्नाकुलम-पटना या बाक़ी जिन ट्रेनों में भीड़ की बात की जा रही है वो ट्रेनें पीछे से ही भरी हुई आ रही हैं.

    दक्षिण रेलवे के प्रवक्ता के मुताबिक़ ट्रेनें त्रिपुर से पहले केरल के इलाक़े से ही भरकर आ रही हैं. यानी इस समय सामान्य से ज़्यादा भीड़ हर जगह है.

    उनका कहना है कि हाल ही में ऐसा एक वीडियो मीडिया में भी आया है, जिसमें बिहार की तरफ जाने वाली ट्रेन में लोग रिज़र्वेशन क्लास के डब्बे में बिना रिज़र्वेशन के सफर कर रहे थे.

    लंबी दूरी की ट्रेनों में ज़्यादातर रिज़र्व क्लास के डब्बे होते हैं और कई बार भीड़ होने पर कुछ लोग सामान्य टिकट लेकर भी आरक्षित डब्बों में घुस जाते हैं.

  2. रूसी सेना को चुनौती देने वाले यूक्रेनी पायलटों की कहानी

    पूर्वी यूक्रेन में भीषण लड़ाई जारी है, रूसी सेना बख़मूत शहर को घेरने की कोशिश कर रही है. वहीं यूक्रेनी सेना ज़मीन से आसमान तक उन्हें रोक रही है.

    बीबीसी की टीम को उन पायलटों से मिलने का ख़ास मौक़ा मिला जो रूसी सेना को लगातार निशाना बना रहे हैं. देखिए बीबीसी संवाददाता ओर्ला ग्यूरिन की ये रिपोर्ट.

  3. उमेश पाल मर्डरः अतीक अहमद के एक और सहयोगी के घर पर चला बुलडोजर

    उत्तर प्रदेश की प्रयागराज पुलिस ने पूर्व सांसद और बाहुबली नेता अतीक़ अहमद के सहयोगियों पर कार्रवाई करते हुए गुरुवार को दूसरे दिन भी एक घर पर बुलडोजर चलाया गया है.

    अतीक अहमद के सहयोगी और कथित तौर पर हथियार डीलर सफ़दर अली के दो मंजिले के घर पर बुलडोज़र चलाया जा रहा है.

    गौरतलब है कि अतीक अहमद इस समय गुजरात की एक जेल में बंद हैं और हाल ही में उमेश पाल मर्डर मामले में उनपर मुकदमा दर्ज किया गया है.

    साल 2005 में बीएसपी एमएलए राजू पाल की हत्या के मामले में उमेश पाल मुख्य गवाह थे.

    प्रयागराज विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने दावा किया है कि धूमनगंज पुलिस थाने के अंतर्गत आने वाले इलाके में जिस इमारत पर बुलडोजर चलायाजा रहा है उसे अवैध रूप से बनाया गया था.

    उमेश पाल की हत्या के दौरान जिस पुलिसकर्मी राघवेंद्र सिंह को गोली लगी थी, उसकी मौत हो गई है.

    लखनऊ में पुलिस लाइन में राघवेंद्र सिंह के शव को लाया गया जहां श्रद्धांजलि दी गई.

  4. कर्नाटक विधानसभा चुनाव: क्या है मुस्लिम नेताओं की मांग?

    कर्नाटक सहित इस साल कुछ बड़े राज्यों में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं, जिनमें राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे अहम राज्य भी शामिल हैं.

    चुनावी सरगर्मी के बीच मुस्लिम नेताओं की अपनी पार्टियों से मांग सामने आई है कि उन्हें चुनावों में अधिक सीटें दी जाएँ.

    उनका दावा है कि राजनीति और समाज में उनका प्रतिनिधित्व घटता जा रहा है और मुस्लिम समुदाय हाशिए पर धकेला जा रहा है.

  5. जब चीफ़ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष को अदालत से जाने के लिए कहा

    गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट के चीफ़ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के प्रेसीडेंट विकास सिंह के बीच बहुत तीखी बहस हो गई और सीजेआई ने विकास सिंह को अपनी कोर्ट से चले जाने को कहा.

    ये मामला अप्पू घर की ज़मीन के एक हिस्से में लॉयर्स चैम्बर बनाने को लेकर सीजेई की बेंच के सामने पेश हुआ था.

    जब मुकदमों की लिस्टिंग हो रही थी, बार एसोसिएशन प्रेसीडेंट ने इस मामले को भी लिस्ट किए जाने की मांग की और कहा कि वे पिछले छह महीने से मामले को सुने जाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं.

    विकास सिंह ने कहा, "बार एसोसिएशन की याचिका पर अप्पू घर की ज़मीन सुप्रीम कोर्ट को मिली और बार को अनिच्छा के साथ एक ब्लॉक दिया गया. पूर्व सीजेआई एनवी रमन्ना के समय इस पर निर्माण होना था. हम पिछले छह महीने से इस मामले की सुनवाई के लिए कोशिश कर रहे हैं. मुझसे एक सामान्य याचिकाकर्ता की तरह बर्ताव करिए."

    सीजेआई ने कहा, "आप इस तरह कोई मांग नहीं कर सकते हैं. आप बताएं कि हम कब पूरा दिन खाली बैठे रहे."

    सिंह ने जवाब दिया, "मैं ये नहीं कह रहा कि आप पूरे दिन खाली बैठे हुए हैं. मैं केवल मामले को लिस्ट कराने की कोशिश कर रहा हूं. अगर ये नहीं होता है तो तो हमें मामले को आगे ले जाना पड़ेगा और आपके घर तक जाना पड़ेगा. मैं नहीं चाहता कि बार के साथ ऐसा सलूक किया जाए."

    इसके बाद जस्टिस चंद्रचूड़ गुस्सा गए और कहा, "आप चीफ़ जस्टिस को धमकी न दें. क्या व्यवहार का यही तरीका है? कृपया बैठ जाएं. ये इस तरह लिस्ट नहीं होगा. कृपया मेरी कोर्ट से चले जाएं. मैं इस तरह लिस्ट नहीं करूंगा. मैं आपके आगे झुकने वाला नहीं."

    उन्होंने विकास सिंह से आवाज़ नीचे करने को कहा, "प्रेसीडेंट होने के नाते आप को बार का अगुवा और नेता होना चाहिए. मुझे दुख है कि आप बातचीत का स्तर गिरा रहे हैं. आपने आर्टिकिल 32 याचिका दायर की है और मांग की है कि जो ज़मीन सुप्रीम कोर्ट को एलॉट की गई है उसे चैंबर बनाने के लिए बार को सौंप दी जाए. जब समय आएगा हम इसकी सुनवाई करेंगे. कृपया आप ज़बरदस्ती दबाव डालने की कोशिश न करें."

    इसके बाद उन्होंने कहा कि उन्होंने निर्णय ले लिया है और इस मामले की सुनवाई 17 मार्च को की जाएगी.

    सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन प्रेसीडेंट विकास सिंह ने कहा, "अगर आप इसे ख़ारिज करना चाहते हैं तो कृपया कर दें. लेकिन ऐसा न करें कि मामला लिस्ट नहीं हुआ है."

    सीजेआई ने कहा, "मैंने अपना फैसला सुना दिया है. इसे 17 मार्च को सुना जाएगा और ये सीरियल नंबर वन नहीं होगा."

    चीफ़ जस्टिस ने कहा, "मैं चीफ़ जस्टिस हूं. मैं यहां 29 मार्च 2000 से हूं. मैं इस प्रोफ़ेशन में 22 साल से हूं. मैंने किसी बार सदस्य, याचिकाकर्ता या किसी को भी अपने धौंस जमाने की इजाज़त नहीं दी. अब मैं अपने अंतिम दो साल के कार्यकाल में किसी को ऐसा करने की इजाजत नहीं दूंगा."

    विकास सिंह फिर भी चुप नहीं हुए और उन्होंने कहा कि ये व्यवहार उचित नहीं है. बार ने हमेशा कोर्ट का साथ दिया है, लेकिन इसका ये मतलब नहीं है कि उसे हल्के में लिया जाना चाहिए.

    समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, अंत में सीजेआई ने कहा, "कृपया कोर्ट के बाहर अपना एजेंडा हल करें."

  6. LIVE: चुनावी नतीजों के बाद क्या है त्रिपुरा विधानसभा की निर्णायक तस्वीर?, बता रहे हैं बीबीसी संवाददाता राघवेंद्र राव कैमरा- मनीष जालुई

  7. स्नेहा दीप्तिः दो साल के बच्चे की मां जो क्रिकेट के मैदान में वापसी कर रही हैं

    स्नेहा दीप्ति दो साल के बच्चे की मां हैं और महिला क्रिकेट सर्कल में इन दिनों उनकी काफ़ी चर्चा है. वो वुमन प्रीमियर लीग 2023 में खेलने वाली हैं.

    दिल्ली कैपिटल्स टीम ने उन्हें 30 लाख रुपए में अपनी टीम का हिस्सा बनाया है. देखिए स्नेहा दीप्ति की कहानी.

    वीडियोः अमरेंद्र यारलागड्डा और नवीन कुमार

  8. तमिलनाडु में बिहारी मजदूरों पर हुए 'हमलों' को लेकर नीतीश कुमार ने जताई चिंता

    मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तमिलनाडु में बिहारी मजदूरों पर हुए कथित हमलों को लेकर गुरुवार को चिंता जताई है.

    नीतीश कुमार ने ट्विटर पर कहा है कि उन्होंने अधिकारियों को तमिलनाडु के अफसरों से संपर्क करने के लिए कहा है ताकि बिहार के मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित कराई जा सके.

    उन्होंने कहा, "मुझे समाचार पत्रों के माध्यम से तमिलनाडु में काम कर रहे बिहार के मजदूरों पर हो रहे हमले की जानकारी मिली है. मैंने बिहार के मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक को तमिलनाडु सरकार के अधिकारियों से बात कर वहां रह रहे बिहार के मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निदेश दिया है."

    समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले दिनों तमिलनाडु में बिहार और अन्य हिंदी भाषी राज्यों के मजदूरों के साथ मारपीट की खबरें आई थीं.

    इनमें से कुछ घटनाओं से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुए थे जिनमें मजदूरों ने अपनी तकलीफों को बयान किया था.

  9. राजनीतिक दलों को मिले चंदे से किस पार्टी को हुई कितनी कमाई

    आठ राष्ट्रीय राजनीतिक दलों को वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान कुल 3289 करोड़ 34 लाख रुपये की आय हुई.

    इसमें आधे से अधिक चंदा बीजेपी को मिला है. बीजेपी को 1917 करोड़ रुपये की आय हुई है.

    चुनाव सुधार के लिए काम कर रहे प्रमुख संगठन एसोसिएशन फ़ॉर डेमोक्रेटिक रिफ़ॉर्म्स ने 1 मार्च को ये जानकारी दी.

    दूसरे स्थान पर ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस रही है, जिसने 545.745 करोड़ रुपये की आय घोषित की है.

    राजनीतिक दलों की अधिकतर आय चंदे से हुई है.

    बीजेपी को इस दौरान 1775 करोड़ रुपये और तृणमूल कांग्रेस को 528 करोड़ और कांग्रेस को 348 करोड़ रुपये का चंदा मिला.

  10. दिल्ली में गोहत्या पर काबू पाने से जुड़ी याचिका पर हाई कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब

    दिल्ली हाई कोर्ट ने राजधानी में गो हत्या के मामलों पर काबू पाने से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र और आम आदमी पार्टी की सरकार से जवाब मांगा है.

    याचिका में कोर्ट से दिल्ली के हर ज़िले के लिए अलग से गो रक्षक सेल बनाने के लिए दिशा-निर्देश देने की बात कही गई थी.

    इस याचिका पर सुनवाई करने के बाद हाईकोर्ट ने केंद्र, दिल्ली सरकार को दिल्ली पुलिस से छह हफ़्तों में जवाब मांगा है.

    मामले की अगली सुनवाई 17 मई को होगी.

    ये याचिका अजय गौतम ने दायर की थी और कहा था कि दिल्ली में इतनी भारी संख्या में पुलिसबल होने के बावजूद गोहत्या के मामले सामने आ रहे हैं.

  11. नगालैंड विधानसभा में पहली बार दिखेंगी महिला विधायक

    नगालैंड विधानसभा चुनाव में पहली बार किसी महिला ने जीत दर्ज की है.

    एनडीपीपी से हेकानी जखालु को विधानसभा चुनाव में जीत मिली है.

    हेकानी दीमापुर-3 सीट से मैदान में थीं.

    वहीं एनडीपीपी की उम्मीदवार एस क्रूसे भी वेस्टर्न अंगामी सीट से आगे चल रही हैं और जीत के क़रीब हैं.

    अगर क्रूसे भी जीतती हैं तो इस बार नगालैंड विधानसभा में दो महिला विधायक दिखेंगी.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, नगालैंड में कुल 13 लाख 17 हज़ार वोटर हैं.

    इनमें छह लाख 56 हज़ार वोटर हैं. यानी नगालैंड में महिला वोटर्स की संख्या 49.8 फ़ीसदी है

    इसके बावजूद 2023 से पहले के किसी चुनाव में नगालैंड विधानसभा में कोई महिला उम्मीदवार नहीं पहुंच सकी थी.

    इस बार के चुनावों में मैदान में कुल 183 उम्मीदवार थे, इनमें सिर्फ़ चार महिलाएं विधायकी का चुनाव लड़ रही थीं.

  12. चीफ़ इलेक्शन कमिश्नर और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति पर सुप्रीम कोर्ट ने अपने फ़ैसले में क्या-क्या कहा

      • Author, सुचित्र मोहंती, बीबीसी हिंदी के लिए

    सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक अहम फ़ैसले में कहा कि प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और चीफ़ जस्टिस की समिति की सिफारिश पर मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की जाएगी.

    जस्टिस केएम जोसेफ़ की अध्यक्षता वाली पांच जजों की संविधान पीठ ने अनुच्छेद 324 के तहत चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की प्रक्रिया में मौजूद खामियों की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि निर्वाचन आयोग को कार्यपालिका की किसी भी दखलंदाज़ी से अलग रहना चाहिए.

    इस मामले में याचिका दायर करने वाले अनूप बर्नवाल, अश्विनी कुमार उपाध्याय, गैरसरकारी संगठन एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स और डॉक्टर जया ठाकुर ने मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए स्वतंत्र प्रक्रिया की मांग की थी.

    सुप्रीम कोर्ट ने अपने फ़ैसले में कहा, "मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता/सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के नेता और प्रधान न्यायाधीश की समिति की सिफारिश पर की जाएगी और जब तक संसद इस पर कानून न बना दे, ये व्यवस्था चलती रहेगी."

    संविधान पीठ ने कहा, "एक कमजोर निर्वाचन आयोग घातक परिस्थिति पैदा कर देगा. लोकतंत्र तभी सफल हो सकता है जब सभी भागीदार चुनाव प्रक्रिया की शुचिता को बनाए रखने के लिए मिलकर काम करें ताकि लोगों की इच्छा सामने आ सके. सरकार के एहसान से दबा व्यक्ति कभी भी खुदमुख्तार होकर काम नहीं कर सकता."

    पांच जजों की संविधान पीठ में जस्टिस अजय रस्तोगी, जस्टिस अनिरुद्ध बोस, जस्टिस ऋषिकेश रॉय और जस्टिस सीटी रविकुमार ने आम असहमति से ये फ़ैसला दिया जबकि जस्टिस रस्तोगी ने अलग से फ़ैसला लिखा.

    जस्टिस रस्तोगी ने ये भी कहा है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त को हटाने की जो प्रक्रिया है, उसी तरीके से अन्य निर्वाचन आयुक्तों को हटाया जाना चाहिए. मुख्य निर्वाचन आयुक्त को केवल महाभियोग के जरिए हटाया जा सकता है.

  13. बॉलीवुड एक्टर अरशद वारसी पर सेबी ने रोक लगाई, जानिए क्या है वजह?

    फ़िल्म अभिनेता अरशद वारसी और उनकी पत्नी पर सिक्योरिटीज़ एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ़ इंडिया यानी सेबी ने रोक लगाई है.

    ये रोक शेयर पंप एंड डंप मामले से जुड़ी हुई है. 'शेयर पंप एंड डंप' यानी शेयर के दाम बढ़ाने या गिराने के मकसद से ग़लत जानकारियां देना.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, सेबी ने 31 कंपनियों और फर्म पर रोक लगाई है. इनमें अरशद वारसी, उनकी पत्नी मारिया गोरेटी और साधना ब्रॉडकास्ट से जुड़े प्रमोटर्स भी शामिल हैं.

    आरोप है कि इन लोगों ने यू-ट्यूब पर ग़लत जानकारियों वाले वीडियो अपलोड किए, जिससे निवेशक शेयर ख़रीद सकें.

    सेबी ने कहा है कि ऐसा करके अरशद वारसी ने लगभग 29 लाख और उनकी पत्नी ने 37 लाख रुपये मुनाफा कमाया.

    सेबी को इस बारे में कई शिकायतें मिली थीं. शिकायत में कहा गया था कि निवेशकों को लुभाने के लिए यू-ट्यूब पर ग़लत जानकारियोंवाले वीडियो अपलोड किए गए.

  14. त्रिपुरा, मेघालय और नगालैंड में मतगणना जारी, जानिए कौन आगे कौन पीछे

    पूर्वोत्तर भारत के तीन राज्यों त्रिपुरा, नगालैंड और मेघालय में बीते महीने हुए विधानसभा चुनावों के वोटों की गिनती जारी है.

    इन तीनों राज्यों में 60 सदस्यीय विधानसभाएं हैं. त्रिपुरा में 16 फ़रवरी को तो नगालैंड और मेघालय में 27 फ़रवरी को मतदान हुए थे.

    कहाँ किसकी सरकार

    तीनों राज्यों में बीजेपी या तो सत्ता में है या सरकार को समर्थन दे रही है. मेघालय में एनडीए की सरकार है.

    साल 2018 में बीजेपी ने नेशनल पीपल्स पार्टी के साथ मिलकर सरकार चलाने की पेशकश की थी.

  15. पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के रुझानों में कौन आगे, कौन पीछे?

    पूर्वोत्तर भारत के तीन राज्यों में विधानसभा चुनाव के रुझान और नतीजे आना जारी हैं. साथ ही पांच राज्यों में हुए उप-चुनाव के रुझान और नतीजे भी आ रहे हैं.

    दोपहर 12.40 तक चुनाव आयोग की वेबसाइट के मुताबिक़, हालात अभी कुछ ऐसे हैं...

    त्रिपुरा

    बीजेपी 32, सीपीआई (एम) 12, पीएमपी 10, कांग्रेस एक सीट पर आगे चल रही है.

    नगालैंड

    एनडीपीपी 22, बीजेपी 10, एनसीपी 5, कांग्रेस 2 सीटों पर आगे चल रही है.

    मेघालय

    एनपीपी 23, यूडीपी 7,बीजेपी 5, कांग्रेस 5, एआईटीएमसी 5 सीटों पर आगे चल रही है.

    उपचुनाव का क्या हाल

    विधानसभा चुनावों के साथ आज उप-चुनाव के नतीजे भी आ रहे हैं.

    • अरुणाचल प्रदेश में बीजेपी की जीत.
    • झारखंड में एजेएसयू आगे चल रही है.
    • महाराष्ट्र की दो सीटों में एक पर बीजेपी और दूसरी पर कांग्रेस आगे चल रही है.
    • तमिलनाडु पर कांग्रेस आगे चल रही है.
    • पश्चिम बंगाल में कांग्रेस आगे चल रही है.
  16. रूस और चीन के रुख़ से जी-20 की बैठक में भारत की बढ़ी टेंशन

    जी-20 देशों के वार्ताकारों ने बीती शाम एक बार फिर दिल्ली में मुलाक़ात करके उन मतभेदों को दूर करने की कोशिश की जिनके चलते गुरुवार शाम ख़त्म होने वाली विदेश मंत्री स्तर की बैठक का साझा बयान आना मुश्किल लग रहा है.

    बता दें कि यूक्रेन युद्ध को लेकर जी-20 देशों के बीच गंभीर मतभेद हैं, जिनकी वजह से साझा बयान जारी होने की संभावनाएं काफ़ी कम नज़र आ रही हैं.

    अंग्रेजी अख़बार द हिंदू मेंप्रकाशित ख़बरके मुताबिक़, सूत्रों ने बताया है कि साझा बयान जारी कराने की कोशिश करना अपने आपमें काफ़ी महत्वाकांक्षी प्रयास था क्योंकि पिछले हफ़्ते बेंगलुरु में हुई वित्त मंत्री और केंद्रीय बैंकों के गवर्नरों की बैठक के बाद साझा बयान जारी करने पर सहमति नहीं बन पाई थी.

    रूस और चीन ने अध्यक्षीय सारांश और आउटकम डॉक्यूमेंट के उन दो पैराग्राफ़ पर आपत्ति जताई थी, जिनमें यूक्रेन में जारी रूसी 'युद्ध' का ज़िक्र किया गया था.

  17. हिंडनबर्ग मामले में सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले पर गौतम अदानी ने क्या कहा

    हिंडनबर्ग मामले में जांच कमेटी गठित करने सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का उद्योगपति गौतम अदानी ने स्वागत किया है.

    गौतम अदानी के ट्विटर हैंडल से जारी एक संक्षिप्त बयान में कहा गया है, "अदानी ग्रुप माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश का स्वागत करता है. इससे इस मामले में एक समय सीमा के भीतर अंतिम फैसला होगा. सच्चाई की जीत होगी."

    गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने अदानी हिंडनबर्ग की जांच करने के लिए छह सदस्यीय कमेटी के गठन का आदेश दिया है.

    कमेटी में ओपी भट्ट, जस्टिस जेपी देवधर, केवी कामत, नंदन नीलेकणि और सोमशेखर सुंदरसन होंगे.

    कमेटी के अध्यक्ष रिटायर्ड जस्टिस अभय एम सप्रे होंगे.

    सुप्रीम कोर्ट ने सेबी से भी दो महीने में जांच पूरी करने और रिपोर्ट जमा करने के लिए कहा है.

  18. ब्रेकिंग न्यूज़, चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की मौजूदा व्यवस्था को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज किया

      • Author, सुचित्र मोहंती, बीबीसी हिंदी के लिए

    सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की मौजूदा व्यवस्था को खारिज कर दिया है.

    मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति अभी केंद्र सरकार करती है.

    सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अब ये नियुक्ति प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश की एक समिति की सिफारिश पर राष्ट्रपति करेंगे.

    जस्टिस केएम जोसेफ, जस्टिस अजय रस्तोगी, जस्टिस अनिरुद्ध बोस, जस्टिस ऋषिकेश रॉय और जस्टिस सीटी रविकुमार की संविधान पीठ ने कहा कि नियुक्ति की नई व्यवस्था तब तक जारी रहेगी, जब तक कि संसद इस पर क़ानून न बना दे.

  19. जापान के विदेश मंत्री जी-20 की बैठक में भारत क्यों नहीं आए

    जापान के विदेश मंत्री योशिम्सा हायाशी जी-20 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने भारत नहीं आए.

    जापान केविदेश मंत्रालयकी ओर से जारी बयान में कहा गया है कि नई दिल्ली में एक से तीन मार्च तक आयोजित इस बैठक में जूनियर मंत्री केंजी यामदा शरीक होंगे. केंजी जापान के विदेश राज्य मंत्री हैं.

    जापान ने अपने बयान में कहा है कि नई दिल्ली में आयोजित जी-20 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में वर्तमान अंतरराष्ट्रीय हालात, बहुध्रुवीय अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा के साथ विकास में आपसी सहयोग पर बात होनी है.

    जापान के पास अभी जी-7 की अध्यक्षता है और भारत के पास जी-20 की. जापान ने अपने विदेश मंत्री के बदले जूनियर मंत्री को भारत क्यों भेजा? यह सवाल कई तरह से उठाया जा रहा है.

  20. ब्रेकिंग न्यूज़, #IndvsAus: ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में बनाए 197 रन

    बॉर्डर-गावस्कर सिरीज़ के तीसरे टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 197 रन बनाए हैं.

    ऑस्ट्रेलिया को पहली पारी के आधार पर 88 रनों की बढ़त ली है.

    भारत की ओर से जडेजा ने चार, आर अश्विन और उमेश यादव ने तीन-तीन विकेट लिए.

    ऑस्ट्रेलिया की ओर से सबसे ज़्यादा 60 रन उस्मान ख्वाजा ने बनाए.

    भारत की पहली पारी 109 रनों पर सिमट गई थी. भारत की ओर से सबसे ज़्यादा 22 रन विराट कोहली ने बनाए थे.

    सिरीज़ में भारत 2-0 से आगे चल रहा है.