तुर्की-सीरिया भूकंपः मरने वालों की तादाद 37,000 पार, दोगुना हो सकता है आंकड़ा
संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि अब फ़ोकस मलबे में दबे हुए कुछ लोगों को बचाने के बजाए जो दसियों लाख लोग ज़िंदा बचे हैं उन्हें मदद पहुंचाने पर होगा.
लाइव कवरेज
विकास त्रिवेदी and दिलनवाज़ पाशा
न्यूज़ीलैंड में गैब्रिएल तूफ़ान, हज़ारों लोग यूं हुए प्रभावित
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न्यूज़ीलैंड के कई इलाकों में चक्रवाती तूफ़ान गैब्रिएल का असर दिखना शुरू हो गया है. अब तक मिली जानकारी के मुताबिक़, इस तूफ़ान की वजह से 58 हज़ार से ज़्यादा घरों की बिजली चली गई है.
अधिकारियों ने तेज़ हवाओं और बारिश की चेतावनी दी है. इस तूफ़ान को ध्यान में रखते हुए सैकड़ों उड़ानों को भी रद्द कर दिया गया है.
कुछ इलाक़ों में आपातकाल लगाने का एलान कर दिया गया है.
तूफ़ान न्यूज़ीलैंड के नॉर्थ आइलैंड के क़रीब पहुंच गया है.
ये तूफ़ान ऐसे वक़्त में आ रहा है, जब कुछ दिन पहले ऑकलैंड और आस-पास के इलाक़ों में तेज़ बारिश और बाढ़ आई थी और चार लोगों की मौत हो गई थी.
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न्यूज़ीलैंड की सरकार पूरे देश में इमरजेंसी लगाए जाने पर विचार कर रही है. अगर ऐसा हुआ तो ये तीसरी बार होगा, जब न्यूज़ीलैंड में इमरजेंसी लगाई जाएगी.
ये तूफ़ान फिलहाल भू-भाग से टकराया नहीं है लेकिन इसने तबाही मचानी शुरू कर दी है.
इसके चलते कई पेड़ उखड़ गए हैं, सड़कें टूट गई हैं और बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है.
तूफ़ान को ध्यान में रखते हुए स्कूल और स्थानीय सरकारी कार्यालय बंद कर दिए गए हैं.
माना जा रहा है कि मंगलवार तक हालात सामान्य होने की दिशा में बढ़ेंगे.
पीएम मोदी ने किया एयरो इंडिया शो का उद्घाटन, दिखे अद्भुत नज़ारे
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पीएम नरेंद्र मोदी ने एयरो इंडिया शो 2023 का उद्घाटन कर दिया है.
इस शो में लड़ाकू विमान समेत कई हेलिकॉप्टर्स ने करतब दिखाए. इसे भारत का सबसे बड़ा एयर शो माना जा रहा है.
पीएम मोदी ने इस मौक़े पर कहा, ''बेंगलुरु का आसमान आज इस बात की गवाही दे रहा है कि नई ऊंचाई नए भारत की सच्चाई है. मेरी कामना है आत्मनिर्भर भारत ऐसे ही बढ़ता रहे.''
पीएम मोदी बोले, ''आज भारत नई ऊंचाइयों को छू रहा है. ये शो भारत के बढ़ते सामर्थ्य को दिखाता है. 100 से ज़्यादा देश इसमें शामिल हो रहे हैं. इसने कई रिकॉर्ड्स तोड़ दिए हैं.''
पीएम ने कहा, ''एक समय था, जब इसे एक विंडो भर माना जाता था. बीते सालों में सोच बदली है. आज ये सिर्फ़ शो नहीं, बल्कि भारत की ताक़त भी है. आज ये भारत के आत्मविश्वास पर भी ध्यान देता है.''
पीएम मोदी ने इस मौक़े पर और क्या कहा?
अमृतकाल का भारत एक फाइटर प्लेन की तरह आगे बढ़ रहा है.
भारत की रफ्तार जितनी तेज़ हो या कितनी ऊंचाई पर हो... वो हमेशा जड़ों से जुड़ा रहेगा.
ये कार्यक्रम बेंगलुरू के एयरफ़ोर्स स्टेशन में आयोजित हो रहा है. शो पांच दिन तक चलेगा.
एयरो इंडिया शो की ख़ास बातें
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड पहली बार 'हिंदुस्तान लीड इन फ़ाइटर ट्रेनर' (एचएलएफटी-42) हेलिकॉप्टर के स्केल मॉडल को सामने रखेगा.
एचएएल के मुताबिक़, एचएलएफ़टी-42 अगली पीढ़ी का सुपरसोनिक ट्रेनर है जो इलेक्ट्रॉनिक वॉरफ़ेयर सूट, इन्फ़्रारेड सर्च जैसी क्षमताओं से लैस होगा.
शो में एचएएल 15 हेलिकॉप्टरों की 'आत्मनिर्भर फ़ॉर्मेशन' उड़ान भी प्रदर्शित करेगा जिसमें सभी तरह के लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर शामिल हैं.
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अदानी ने एफ़पीओ रद्द क्यों किया? निर्मला सीतारमण को दी जाएगी जानकारी
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भारतीय उद्योगपति गौतम अदानी ने कुछ दिन पहले अपना 20 हज़ार करोड़ रुपये का एफ़पीओ रद्द कर दिया था.
अब इस मामले में सिक्योरिटीज़ एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ़ इंडिया यानी सेबी अपनी जांच के बारे में जानकारी मुहैया करवाएगा.
इस मामले से जुड़े दो सूत्रों ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को ये बताया है.
अपनी पहचान छिपाए रखने की शर्त पर एक सूत्र ने रॉयटर्स को बताया कि सेबी बोर्ड 15 फ़रवरी को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाक़ात करेगा.
सेबी बोर्ड सीतारमण को अदानी से जुड़े हाल के घटनाक्रमों के बारे में भी जानकारी देगा.
गौतम अदानी 24 जनवरी के बाद से लगातार चर्चा में रहे हैं.
24 जनवरी को अमेरिकी रिसर्च कंपनी हिंडनबर्ग ने अदानी पर एक रिपोर्ट छापी थी और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे.
अदानी समूह ने इन आरोपों को ख़ारिज किया था. मगर रिपोर्ट आने के बाद से ही अदानी को बाज़ार से कई झटके लगे थे. इसी के चलते अदानी समूह ने अपना एफ़पीओ अचानक रद्द कर दिया था.
मार्च में तैयार मिलेंगी 22 स्मार्ट सिटी, लिस्ट में कौन-कौन से शहर?
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बीते कुछ सालों में अक्सर चर्चा में रहने वाली स्मार्ट सिटी परियोजना अब अपने अंतिम दौर में है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, अगले महीने यानी मार्च में भारत की पहली 22 स्मार्ट सिटी बनकर तैयार हो जाएंगी.
संसद में छह फरवरी को सरकार ने बताया था कि 27 जनवरी तक 7804 प्रोजेक्ट्स में से 5246 प्रोजेक्ट पूरे हो गए हैं.
इन प्रोजेक्ट्स को पूरा करने में लगभग 98 हज़ार करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं.
22 स्मार्ट सिटी में कौन-कौन से शहर?
भोपाल
इंदौर
आगरा
वाराणसी
भुवनेश्वर
चेन्नई
कोयंबतूर
इरोड
रांची
सालेम
सूरत
उदयपुर
विशाखापट्टनम
अहमदाबाद
काकीनाड़
पुणे
वेल्लोर
पींपरी
मदुरै
अमरावती
तिरुचिरापल्ली
तंजावूर
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'स्मार्ट सिटी' है क्या?
मोदी सरकार ने शहरों को स्मार्ट बनाने के लिए निवेश का ऐलान साल 2014 में लोकसभा चुनाव के प्रचार अभियान के दौरान किया था.
इसके बाद 'स्मार्ट सिटी योजना' अगले साल यानी 2015 में लॉन्च हुई.
सरकार ने ये साफ़ किया था कि स्मार्ट सिटी की कोई तय परिभाषा नहीं है. लेकिन इसने 100 चुने गए शहरों में रहने वाले लोगों की ज़िंदगी बेहतर बनाने के लिए फ़ंड देने का वादा किया था.
सरकार ने शहरों को स्मार्ट बनाने के लिए आधुनिक तकनीक और तौर-तरीकों के इस्तेमाल की बात कही थी.
सरकार का दावा था कि इन 100 शहरों में न सिर्फ़ बिजली और ऊर्जा की कमी पूरी करने वाली इमारतें होंगी बल्कि सीवेज के पानी कूड़े और ट्रैफ़िक जैसी तमाम बुनियादी समस्याओं से निबटने के लिए नई टेक्नॉलजी का इस्तेमाल भी होगा.
उद्धव ठाकरे बोले- तब मेरे पिताजी ने मोदी को बचाया था...
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हिंदुत्व के मुद्दे पर शिवसेना प्रमुख और बीजेपी के कभी सहयोगी रहे उद्धव ठाकरे ने पीएम नरेंद्र मोदी पर टिप्पणी की है.
ये टिप्पणी ऐसे वक़्त पर आई है, जब कुछ दिन पहले ही पीएम मोदी मुंबई गए थे और बोहरा समाज के मुसलमानों से मुलाक़ात की थी.
उद्धव ठाकरे ने इस मुलाक़ात के बाद अब हिंदुत्व पर बीजेपी को घेरा है.
उद्धव ठाकरे ने कहा, ''25-30 साल जिस पार्टी के साथ हमारा अपनापन था. क्या था- हिंदुत्व. वो जब ऊपर जाकर बैठ गए तो उनको लगा इनकी ज़रूरत नहीं है, इनको छोड़ दो. शिवसेना को छोड़ दो. अकाली को छोड़ दो. जितने सारे लोगों ने मिलकर हमें मंज़िल तक पहुंचाया, इनकी क्या आवश्यकता है.''
बीजेपी और शिवसेना पुराने सहयोगी थे और दोनों की राजनीति के केंद्र में हिंदुत्व रहा है.
इसी के चलते उद्धव ठाकरे ने कहा, ''आपको वो दौर याद होगा, जब बीजेपी और शिवसेना भारतीय राजनीति में अछूत थे. कोई हमारा साथ देने के लिए तैयार नहीं था. हाथ में हाथ मिलाने की तो बात छोड़ो, बगल में कोई आकर खड़े होने की हिम्मत नहीं करता था... क्योंकि ये सांप्रदायिक हैं.''
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बाला साहेब ठाकरे और अटल बिहारी वाजपेयी का ज़िक्र
उद्धव ठाकरे बोले, ''तब जब बुरे दिन थे, तब मेरे पिताजी ने... आज जो प्रधानमंत्री जी हैं, उनको बचाया था. तब अटलजी प्रधानमंत्री थे. वो निकले थे, राजधर्म का पालन करना ही चाहिए. अगर वो राजधर्म का पालन करते, तो आज वो (पीएम मोदी) जहां बैठे हैं वहां नहीं बैठे होते. लेकिन बाला साहेब ने परवाह नहीं की. बाला साहेब ने सीधा बोल दिया क्योंकि वो उस वक़्त की ज़रूरत थी.''
शिवसेना ने जब बीजेपी का साथ छोड़कर एनसीपी और कांग्रेस के साथ गठबंधन किया था, तब उनकी हिंदुत्व की राजनीति पर सवाल उठे थे.
साथ ही ठाकरे परिवार पर उत्तर भारतीयों और हिंदी भाषियों के साथ बुरे बर्ताव के आरोप भी लगते रहे हैं.
इस पर उद्धव ने कहा, ''बाला साहेब ने कभी ऐसी बात नहीं की जिसमें ये कहा गया हो कि हम हिंदू हैं और मुसलमानों से द्वेष करो. या हम मराठी हैं, हिंदीभाषियों से द्वेष करो. बाला साहेब की सोच थी कि अगर कोई हिंदू भी है और वो हमारे देश का द्रोही है तो उसको सज़ा मिलनी ही चाहिए. ये बाला साहेब की सोच थी और ये हिंदुत्व है.''
बीजेपी का साथ छोड़ने पर उद्धव बोले, ''हमने गठबंधन तोड़ा क्योंकि पहले उन्होंने 2014 में गठबंधन तोड़ा था. हम तब भी हिंदू थे, आज भी हिंदू हैं और कल भी हिंदू रहेंगे. हमने सिर्फ़ बीजेपी का साथ छोड़ा, हमने हिंदुत्व नहीं छोड़ा. बीजेपी मतलब हिंदुत्व नहीं है. वो जो हिंदुत्व चला रहे हैं, उसे मैं मानने के लिए तैयार नहीं हूं. एक-दूसरे को लड़ाते रहो और उसकी अनदेखी करते रहो, ये हमारा हिंदुत्व नहीं है.''
महिला 'आईपीएल' में आज होगी नीलामी, कितने रुपये का खेल?
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इंडियन प्रीमियर लीग की ही तरह आज यानी सोमवार को वीमेन प्रीमियर लीग में खिलाड़ियों की नीलामी होगी.
ये नीलामी मुंबई में होगी. वीमेन प्रीमियर लीग के मैच 4 से 26 मार्च के बीच खेले जाएंगे. ये पहली बार है, जब वीमेन प्रीमियर लीग हो रहा है.
जानिए इस नीलामी की कुछ ख़ास बातें
वीमेन प्रीमियर लीग में कुल पांच टीमें होंगी.
नीलामी में 1525 खिलाड़ियों का रजिस्ट्रेशन हुआ था जिसमें से 448 खिलाड़ी नीलामी का हिस्सा होंगी.
अधिकतम 90 खिलाड़ियों को ख़रीदा जाएगा.
हर टीम में लगभग 15 से 18 खिलाड़ी हो सकती हैं.
प्रत्येक टीम में छह विदेशी खिलाड़ी हो सकती हैं. ऐसे में पूरे टूर्नामेंट में लगभग 30 विदेशी महिला खिलाड़ी दिख सकती हैं.
टूर्नामेंट में कुल 22 मैच होंगे. हर टीम के लिए नीलामी का बजट 12 करोड़ रुपये है.
नीलामी में खिलाड़ियों को 20 लाख रुपये से 50 लाख रुपये तक में ख़रीदा जाएगा.
ईएसपीएन क्रिकइंफ़ो की ख़बर के मुताबिक़, नीलामी के टॉप ब्रैकेट यानी सबसे महंगे बिकने वाले खिलाड़ियों में 24 खिलाड़ी हो सकते हैं और इनमें 10 भारतीय खिलाड़ी शामिल हैं.
जिन भारतीय खिलाड़ियों पर नीलामी में नज़र रहेगी उनमें ये नाम शामिल हैं- हरमन प्रीत कौर, स्मृति मंधाना, दीप्ति शर्मा, रेणुका सिंह, जेमिमा, शेफ़ाली वर्मा, पूजा, ऋचा घोष, स्नेह राणा और मेघना सिंह.
वीमेन प्रीमियर लीग में सबसे युवा खिलाड़ियों में शबनम, विन्नी और सोनम यादव के नाम हैं. वहीं, सबसे वरिष्ठ खिलाड़ियों में 41 साल की लतिका कुमारी का नाम शामिल है.
चीन ने अपने बचाव दलों को सीरिया-तुर्की जाने से रोका, बताई ये वजह
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तुर्की और सीरिया में आए विनाशकारी भूकंप में अब तक 33 हज़ार से ज़्यादा लोगों की जान जा चुकी है.
भूकंप प्रभावित इन दोनों देशों की मदद के लिए कई देश आगे आए हैं. इन देशों में भारत, जर्मनी, ग्रीस, ईरान, इराक, इसराइल, मलेशिया, क़तर और चीन जैसे देश शामिल हैं.
भारत उन शुरुआती देशों में शामिल रहा है जिसने तुर्की की मदद के लिए राहत सामग्री भेजी थी.
भारत के इस क़दम की तुर्की के राजदूत ने तारीफ़ भी की थी.
मगर मदद करते देशों में से एक चीन ने अब अपने क़दम रोके हैं.
चीन ने भूकंप प्रभावित सीरिया में राहत सामग्री की दूसरी खेप रवाना कर दी है. लेकिन अपने बचाव दल के कर्मियों के दौरे रद्द कर दिए हैं.
चीन का कहना है कि ये क़दम रेस्क्यू ऑपरेशन पर बोझ कम करने और ख़राब मौसम को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है.
द चाइना एसोसिएशन फ़ॉर डिज़ास्टर प्रिवेंशन ने चीनी बचाव दलों से तुर्की और सीरिया के दौरे रद्द करने को कहा है ताकि भूकंप की मार झेल रहे इलाकों में बोझ ना बढ़े और ख़राब मौसम के जोख़िम से बचा जा सके.
चीनी मीडिया सीसीटीवी के मुताबिक़, चीन की रेड क्रॉस सोसाइटी ने सीरिया को कॉटन टेंट, फ़ैमिली किट, जैकेट और रोज़मर्रा की ज़रूरी चीज़ों समेत मेडिकल उपकरण मुहैया करवाए हैं.
चीन ने तुर्की और सीरिया की वित्तीय मदद भी की है और सरकार के 82 सदस्यों को भी इन दोनों देशों में भेजा था.
अमेरिका ने फिर मार गिराया फ़्लाइंग ऑब्जेक्ट
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अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने एक और फ़्लाइंग ऑब्जेक्ट यानी उड़न तश्तरी को अपने मुल्क की सरहदों में मार गिराया है.
बीते हफ़्ते में ये चौथी बार है जब अमेरिका ने देश के आसमान में दिखने वाले फ़्लाइंग ऑब्जेक्ट को मार गिराया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने इस बारे में आदेश दिया था, जिसके बाद लड़ाकू विमानों ने कनाडा बॉर्डर के पास लेक ह्यूरन में इस फ़्लाइंग ऑब्जेक्ट को सोमवार तड़के मार गिराया.
अमेरिका ने बताया कि 20 हज़ार फ़ीट पर उड़ रहा ये ऑब्जेक्ट कर्मशियल एयर ट्रैफ़िक में बाधा पैदा कर सकता था.
ऐसा ही एक ऑब्जेक्ट शनिवार को मोंटाना के पास भी दिखा था. रक्षा अधिकारियों के मुताबिक़, ये ऑब्जेक्ट मानवरहित था और इससे किसी तरह का कोई सैन्य ख़तरा नहीं था.
इस ऑब्जेक्ट को एफ़-16 लड़ाकू विमान ने मार गिराया है.
इससे पहले चार फ़रवरी को अमेरिका के आसमान में एक गुब्बारा दिखा था जिसे अमेरिकी सरकार ने चीन का जासूसी ग़ुब्बारा बताया था.
इस ग़ुब्बारे के बारे में चीन ने कहा था कि ये मौसम संबंधी जानकारी जुटाने के लिए भेजा गया एक ग़ुब्बारा है, जो अपना रास्ता भटक गया था.
ग़ुब्बारे के मुद्दे पर अमेरिका और चीन के बीच तनाव बढ़ा था और अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने अपना चीन दौरा तक रद्द कर दिया था.
शुरुआती निगरानी के बाद अमेरिका ने इस ग़ुब्बारे को भी निशाना लगाकर मार गिराया था.
इस घटना के सामने आने के बाद भी तीन ऐसे मौक़े और रहे, जब आसमान में दिख रहे ऑब्जेक्ट को अमेरिका ने अपने देश में मार गिराया था.
हालांकि अधिकारियों ने अभी तक ये नहीं बताया है कि ये ऑब्जेक्ट कहां से आए हैं और इनका मक़सद क्या था? इस बात का पता लगाने के लिए अमेरिका और कनाडा दोनों देश काम कर रहे हैं.
नमस्कार!
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