आम आदमी पार्टी के नेताओं को डिस्कॉम्स के बोर्ड से हटाने के एलजी के फ़ैसले पर पार्टी ने साधा निशाना

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आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना पर निशाना साधते हुए शनिवार को कहा कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के सारे आदेशों और संविधान का 'पूरा मज़ाक' बना दिया है.
पार्टी ने उपराज्यपाल के निजी बिजली वितरण कंपनियों के बोर्ड से दो 'सरकारी नॉमिनी' को हटाने के आदेश को 'अवैध' और 'असंवैधानिक' करार दिया है.
हटाए गए ये दोनों शख़्स आम आदमी पार्टी के नेता हैं. एक पार्टी के प्रवक्ता जैस्मीन शाह हैं और दूसरे पार्टी के सांसद एनडी गुप्ता के बेटे नवीन गुप्ता हैं.
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बताया जा रहा है कि पार्टी के नेता रहते हुए किसी कंपनी के लिए काम करने के कारण यह फ़ैसला लिया गया है.
उपराज्यपाल कार्यालय ने एक बयान जारी कर कहा है कि ये दोनों अवैध तरीक़े से इस पद पर बैठे हैं.
उन्होंने इन दोनों पदों पर सरकारी अधिकारियों को बिठाने का आदेश दिया है.
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इस पर आम आदमी पार्टी ने कहा है, ''जैस्मीन शाह और नवीन गुप्ता को बिजली वितरण कंपनियों के बोर्ड से हटाने का एलजी का आदेश अवैध और असंवैधानिक है. एलजी को ऐसे आदेश देने का अधिकार नहीं है.''
पार्टी के अनुसार, ''बिजली के मामले में ऐसे आदेश जारी करने का अधिकार केवल चुनी हुई सरकार का है. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के सारे आदेशों और संविधान का पूरा मज़ाक बना दिया है. वो खुलेआम घूमकर कह रहे हैं कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश उन पर लागू नहीं होते.''















