अदानी एंटरप्राइज़ेज़ लिमिटेड के बोर्ड ने अपनी कंपनी के पूरी तरह से सब्सक्राइब हुए 20,000 करोड़ के फ़ॉलोऑन पब्लिक ऑफ़र (एफ़पीओ) को वापस लेने का
फ़ैसला लिया है.
अप्रत्याशित हालात
और बाज़ार की मौजूदा अस्थिरता का हवाला देते हुए
कंपनी ने निवेशक समुदाय के हितों को सुरक्षित रखने की बात कही है. इसके तहत, एफ़पीओ की प्रक्रिया वापस लेने और निवेशकों से लिए गए पूरे
पैसे लौटाने की बात कही गई है.
कंपनी ने एक बयान
में कहा कि निदेशक मंडल ने एक फ़रवरी (बुधवार) को हुई बैठक में एफ़पीओ वापस करने का
फ़ैसला किया है. सोमवार को एफ़पीओ की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हुई थी.
अदानी एंटरप्राइजेज़ के चेयरमैन गौतम अदानी ने कहा, “कंपनी का बोर्ड
एफ़पीओ को समर्थन देने और प्रतिबद्धता जताने के लिए अपने सभी निवेशकों का शुक्रिया अदा
करता है.''
उन्होंने कहा कि ''पिछले हफ़्ते शेयर बाज़ार की अस्थिरता के बावजूद कंपनी, इसके कारोबार और प्रबंधन पर आपका जताया भरोसा और विश्वास, बहुत सुखद और आश्वस्त करने वाला है. इसके लिए धन्यवाद.''
अदानी ने मंगलवार को बाज़ार के हालातों को अप्रत्याशित
क़रार देते हुए बताया कि कंपनी के शेयर की क़ीमतों में पूरे दिन उतार चढ़ाव आता
रहा.
उसके अनुसार, ''ऐसे अप्रत्याशित
हालात में कंपनी के बोर्ड ने महसूस किया कि एफ़पीओ की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना
नैतिक रूप से उचित नहीं होगा.''
उन्होंने बताया कि निवेशकों के हित सबसे अहम हैं, इसलिए उन्हें बड़े नुक़सान से बचाने के लिए बोर्ड ने एफ़पीओ की प्रक्रिया को आगे न बढ़ाने का फ़ैसला लिया है.
उनके अनुसार, ''निवेशकों के पैसे रिफ़ंड करने के लिए वह काम कर रही है. उसके अनुसार, कंपनी की बैलेंसशीट काफ़ी अच्छी दशा में है और उसके पास पयाप्त नकदी है.''
गौतम अदानी के अनुसार, '' मौजूदा गतिविधियों और आगे की योजनाओं पर इस फ़ैसले का कोई असर नहीं होगा. हमें लंबी अवधि के वैल्यू क्रिएशन पर ध्यान देना है. एक बार बाज़ार स्थिर हो जाए तो हम पूंजी बाज़ार की अपनी रणनीति की समीक्षा करेंगे. हमें पूरा भरोसा है कि आपका समर्थन मिलता रहेगा. हम पर भरोसा रखने के लिए आपका शुक्रिया.''
दरअसल हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट के बाद अदानी समूह के शेयर तेजी से गिरे हैं. गिरावट का यह सिलसिला बुधवार को भी जारी रहा. पिछले पांच कारोबारी सत्रों में समूहों की कंपनियों का मार्केट कैपिटलाइजेशन सात लाख करोड़ रुपये घट गया है.
शुरू में लड़खड़ाने के बाद मंगलवार को बाजार बंद होने तक अदानी इंटरप्राइजेज का एफ़पीओ पूरी तरह से सब्सक्राइब हो चुका था. एफपीओ को आखिरी दिन निवेशकों का समर्थन मिला जिनमें कुछ साथी उद्योगपतियों की पारिवारिक कंपनियां और गैर-रिटेल निवेशक शामिल हैं.
बुधवार को गौतम अदानी का नाम एशिया के सबसे अमीर शख़्स की फ़ेहरिस्त में नीचे खिसक गया और मुकेश अंबानी एक बार फिर एशिया के सबसे अमीर शख़्स बन गए.