लाइव: भारी बर्फ़बारी के बीच राहुल गांधी का कश्मीर में भाषण
कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा कश्मीर में है. वहां इस यात्रा का समापन हो रहा है. कश्मीर में इस वक़्त भारी बर्फ़बारी हो रही है. इसी बर्फ़बारी के बीच राहुल गांधी क्या बोल रहे हैं, देखिए.
पाकिस्तान के पेशावर शहर की एक मस्जिद में हुए धमाके में कम से कम 47 लोग मारे गए हैं.
कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा कश्मीर में है. वहां इस यात्रा का समापन हो रहा है. कश्मीर में इस वक़्त भारी बर्फ़बारी हो रही है. इसी बर्फ़बारी के बीच राहुल गांधी क्या बोल रहे हैं, देखिए.
भारत के महिला अंडर-19 वर्ल्ड कप का ख़िताब जीतने में अहम योगदान देने वाली भारतीय बैटर श्वेता सहरावत के माता-पिता से बीबीसी से क्या बोले?
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श्रीनगर स्थित कांग्रेस दफ़्तर पर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की मौजूदगी में तिरंगा फहराया और राष्ट्रगान गाया.
इस दौरान भारी तादाद में समर्थक भी मौजूद रहे.
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श्रीनगर में कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा समाप्त हो रही है. सितंबर से शुरू हुई ये यात्रा पांच महीने बाद पूरी हो रही है. इसे कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कन्याकुमारी से शुरू किया था.
श्रीनगर में बीती रात भारी बर्फ़बारी हुई, राहुल गांधी झंडारोहण के कार्यक्रम में शामिल होने से पहले बहन और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी पर बर्फ़ फेंकते दिखे, बदले में प्रियंका गांधी ने भी उन पर बर्फ़ उछाली.
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सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बनी बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री के लिंक पर केंद्र सरकार की ओर से लगे प्रतिबंध को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर छह फ़रवरी को सुनवाई करेगा.
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा, “वह 6 फ़रवरी को पत्रकार एन राम और वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण और अन्य की ओर से बीबीसी डॉक्यूमेंट्री के लिंक के साथ उनके ट्वीट को हटाने के ख़िलाफ़ दायर याचिका पर सुनवाई करेगा.”
एन राम और प्रशांत भूषण की पैरवी कर रहे वरिष्ठ वकील चंदेर उदय सिंह ने इस मुद्दे को चीफ़ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच के सामने पेश किया और बताया कि कैसे पत्रकार एन राम और प्रशांत भूषण के ट्वीट आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए डिलीट किए गए.
इसके अलावा उन्होंने अजमेर के उन छात्रों का भी ज़िक्र किया जिन्हें डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग करने की कोशिश के कारण निलंबित किया गया.

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अमेरिकी अधिकारी ने कहा है कि रविवार देर रात ईरान की एक सैन्य फैक्ट्री पर हुए ड्रोन हमले के पीछे संभवत: इसराइल का हाथ है.
ईरान ने दावा किया कि उसने इस्फ़हान के शहर के पास सैन्य उद्योग को टारगेट करने वाले इस ड्रोन को इंटरसेप्ट कर लिया गया है, इस हमले में कोई हताहत या गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ है.
स्थानीय मीडिया के ज़रिए सामने आए फ़ुटेज में आसमान में एक फ्लैश नज़र आ रहा है और घटना स्थल पर कुछ इमरजेंसी गाड़िया दिख रही हैं.
इसराइल की ओर से अब तक इस पर कोई बयान नहीं आया है.
ईरान का धुर विरोधी इसराइल लंबे समय से कहता आ रहा है कि अगर कूटनीति तेहरान के परमाणु या मिसाइल कार्यक्रम पर अंकुश लगाने में नाकाम रहती है तो वह ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमला करने कर सकता है.
अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल पैट्रिक राइडर ने कहाहै कि ईरान पर हुए हमलों में अमेरिका कोई हाथ नहीं है.
समाचा एजेंसी रॉयटर्स से एक अमेरिकी अधिकारी ने नाम ना ज़ाहिर करने की शर्त पर बताया कि ऐसा माना जा रहा है कि ईरान पर हमले के पीछे इसराइलका हाथ है.

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बिहार बीजेपी के अध्यक्ष संजय जायसवाल ने कहा कि पार्टी नीतीश कुमार से अब कभी हाथ नहीं मिलाएगी.
संजय जायसवाल ने ये बयान दरगंभा में प्रदेश बीजेपी की दो दिवसीय राज्य कार्यकारिणी की बैठक में कहा. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू ने बीजेपी के साथ गठबंधन तोड़कर आरजेडी और कांग्रेस के साथ सरकार बनाई थी.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ संजय जायसवाल ने कहा कि “हमने नीतीश कुमार के साथ फिर से हाथ मिलाने को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच चल रही अफ़वाहों को ख़त्म करने की कोशिश की है. मुख्यमंत्री में पेंडुलम की तरह दोलन करने की प्रवृत्ति है, लेकिन हम उनके हाथों फिर से धोखा खाने वाले नहीं हैं.”
“नीतीश कुमार काफ़ी अप्रिय हैं. उनकी अलोकप्रियता की वजह से ही उनकी पार्टी जेडीयू ने 2020 के विधानसभा चुनाव में ख़राब प्रदर्शन किया था, जबकि हमारा प्रदर्शन बेहतर था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनाव से पहले किए गए वादे को पूरा करने का फ़ैसला कर उदारता दिखाई और नीतीश कुमार फिर से मुख्यमंत्री बने, लेकिन वह आदतन विश्वासघाती हैं.”
नीतीश कुमार ने गठबंधन से अलग होते हुए बीजेपी पर उनके पूर्व सहयोगी आरसीपी सिंह की मदद से जदयू को तोड़ने का आरोप लगाया था. जदयू ने बीजेपी पर यह भी आरोप लगाया था कि उसने विधानसभा चुनाव में जदयू को नुक़सान पहुंचाने की कोशिश की थी.

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अमेरिकी फॉरेंसिक फ़ाइनेंशियल कंपनी हिंडनबर्ग ने अदानी समूह की ओर से दिए गए 413 पन्नों के जवाब पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.
हिंडनबर्ग ने पिछले दिनों अदानी समूह पर वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े गंभीर आरोप लगाए थे.
इसके बाद अदानी समूह के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गयी थी.
अदानी समूह ने रविवार देर शाम इस मामले में अपना 413 पन्नों का जवाब दिया, जिसमें उन्होंने इसे ‘भारत पर हमला’ करार दिया है.
इसके बाद हिंडनबर्ग ने पलटवार करते हुए कहा है कि फ्रॉड को राष्ट्रवाद के पीछे नहीं छिपाया जा सकता.
हिंडनबर्ग ने अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित जवाब में लिखा है -
“अदानी समूह ने वास्तविक मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश करते हुए इस मामले को राष्ट्रवादी रंग देने की कोशिश की है और हमारी रिपोर्ट को 'भारत पर एक सोचा-समझा हमला बताया' है. संक्षेप में कहें तो अदानी समूह ने अपनी और अपने अध्यक्ष गौतम अदानी की संपत्ति में भारी वृद्धि को भारत की सफलता के साथ जोड़ने का प्रयास किया है."
"हम इससे असहमत हैं. स्पष्ट रूप से हम मानते हैं कि भारत एक समृद्ध लोकतंत्र होने के साथ-साथ बेहतर भविष्य के साथ उभरती हुई महाशक्ति है. हम ये भी मानते हैं कि अदानी समूह भारतीय झंडे की आड़ में भारत को लूट रहा है.”

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ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री नब किशोर दास को अंतिम श्रद्धांजलि दी. दास के शव को उनके आवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है.
ओडिशा के कोझारसुगुड़ा ज़िले में बीते रविवार एक पुलिसकर्मी ने उन्हें गोली मारी थी जिसके बाद निजी अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.
ये हमला तब हुआ था जब वो झारसुगुड़ा में एक सभा में शामिल होने के लिए जा रहे थे. अधिकारियों के मुताबिक, एक एएसआई ने उन पर हमला किया था.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, नब किशोर दास पर हुए हमले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है.
झारसुगुड़ा के ब्रजराजनगर के एसडीपीओ सर्बेस्वर भोई ने घटना के बाद बताया था, "ये हमला एक पुलिस एएसआई ने किया है. उस पुलिस अधिकारी को पूछताछ की जा रही है."
हालांकि, पुलिसकर्मी ने मंत्री की हत्या क्यों की? इस सवाल का अब तक कोई जवाब नहीं मिल सका है.
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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार के कहा कि विपक्ष के नेता जो दावा करते हैं कि हमारी ज़मीन चीन ने ली है, दरअसल वो 1962 में हुआ था.
1962 में जवाहर लाल नेहरू के प्रधानमंत्री रहते हुए भारत और चीन के बीच युद्ध हुआ था.
पुणे में अपनी बुक लॉन्च के लिए आयोजित एक समारोह में मीडिया से बात करते हुए जयशंकर ने कहा, “ वो चीन के बारे में ग़लत ख़बर क्यों फ़ैलाते हैं, मुझे पता है कि वह भी राजनीतिज्ञ हैं. वो कभी-कभी जान-बूझ कर ऐसी ख़बर फैलाते हैं, उन्हें पता है कि वो सच नहीं है.
“वो ज़मीन की बात करते हैं, लेकिन वो ज़मीन तो चीन ने 1962 में क़ब्ज़ा की है वो ये आपको नहीं बताते. ये ऐसे बताएंगे जैसे ये कल-परसों हुआ है. कभी-कभी लोग कहते हैं अरे, आपकी सोच में कमी है. हां, मेरी सोच में कमी हो सकती है, लेकिन अगर मेरी सोच में कमी है तो मुझे पता है कि कहां जाना है. मैं अपनी मिलिट्री लीडरशिप, फ़ौज, इंटेलिजेंस से बात करूंगा ना कि चीनी राजदूत के पास जाकर अपनी ख़बर लूंगा.”
दरअसल हाल ही में राहुल गांधी सहित विपक्ष के नेताओं ने एक रिपोर्ट शेयर की थी. इस रिपोर्ट में दावा किया गया था कि पूर्वी लद्दाख के 65 में से 26 पेट्रोलिंग प्वाइंट पर भारत की पहुंच बंद हो गई है.इस रिपोर्ट को इलाके के पुलिस अधिकारियों ने तैयार किया था,रिपोर्ट देश के टॉप पुलिस अधिकारियों के एक कॉन्फ़्रेंस में फ़ाइल की गई थी. इस कॉन्फ्रेंस में पीएम नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और एनएसए अजित डोवाल भी शामिल हुए थे.

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मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह ने अपनी पार्टी मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी के भीतर राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवारी के लिए होने वाला प्राथमिक चुनाव जीत लिया है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़ ये पहली बार है जब किसी राष्ट्रपति को पद पर रहते हुए, अगली उम्मीदवारी के लिए प्राथमिक चुनाव लड़ना पड़ा है.
लेकिन उनके प्रतिद्वंदी और पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने पार्टी की ओर से जारी किए गए इस नतीजे को मानने से इंकार कर दिया है. उनके कैंपेन में शामिल एक अधिकारी ने रॉयटर्स से कहा है कि शनिवार को सामने आए नतीजे सवालिया घेरे में हैं, क्योंकि कुछ बैलेट स्टेशन पर कुल योग्य वोटरों की संख्या और वोटरों की टैली मेल नहीं खा रही थी.
नशीद गुट ने इस चुनाव में धोखाधड़ी का आरोप लगाया है.
मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी ने कहा कि सोलिह ने 24,566 मतों के साथ 61% वोट हासिल किए और नशीद को 15,641 मतों से हराया. दोनों ने पिछले एक महीने में देश भर में कई चुनावी कैंपेन और यात्राएं की थीं.
पार्टी ने कहा कि 40,000 से अधिक पार्टी के सदस्यों ने मतदान किया.
स्थानीय मीडिया के मुताबिक़, शनिवार को सोलिह की जीत के बाद उनके समर्थक राजधानी माले में जश्न मनाने के लिए जुटे. अपने समर्थकों से सोलिह ने आगामी राष्ट्रपति चुनाव के लिए एकजुट होने की अपील की.

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यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने कहा है कि अगर रूस को 2024 में पेरिस में होने वाले ओलंपिक में हिस्सा लेने दिया जाता है तो इससे संदेश जाएगा कि ‘आतंकवाद को मंज़ूरी’ दी जा रही है.
उन्होंने कहा है कि वह इस मुद्दे को फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ उठा चुके हैं.
ज़ेलेंस्की ने कहा कि रूस को ओलंपिक जैसे मंच का इस्तेमाल प्रोपेगैंडा फ़ैलाने के लिए नहीं करने देना चाहिए.
अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) ने कहा है कि रूस और बेलारूस के एथलीट ओलंपिक में न्यूट्रल रूप में हिस्सा ले सकते है. जिसका मतलब है कि वह अपने देश का प्रतिनिधित्व नहीं करेंगे बल्कि सिर्फ़ बतौर एथलीट हिस्सा लेंगे.
लेकिन यूक्रेन ने कहा है कि अगर पेरिस ओलंपिक 2024 में रूस और बेलारूस के एथलीट हिस्सा लेंगे तो वह इस आयोजन का बायकॉट करेगा.
बीती रात एक वीडियो संबोधन में ज़ेलेंस्की ने कहा, “रूसी एथलीटों को ओलंपिक में हिस्सा लेने देना पूरी दुनिया को यह बताने का प्रयास होगा कि आतंक स्वीकार्य है.”

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“रूस को किसी भी तरह इस खेल या किसी अन्य खेल आयोजन के ज़रिए प्रोपेगैंडा, आक्रामकता या उसके राष्ट्रवाद को प्रचारित नहीं करने देना चाहिए.” आईओसी ने बीते सप्ताह कहा था कि रूस और बेलारूस के एथलीट "न्यूट्रल एथलीटों" के रूप में ओलंपिक में हिस्सा ले सकते हैं. संस्था का कहना है कि "किसी भी एथलीट को सिर्फ़ उनके पासपोर्ट की वजह से प्रतिस्पर्धा में शामिल होने से नहीं रोका जाना चाहिए."
हालांकि ज़ेलेंस्की का कहना है कि खेल में कोई भी न्यूट्रैलिटी नहीं हो सकती क्योंकि यूक्रेन के खिलाड़ी युद्ध के मैदान में जान गवां रहे हैं.
वहीं ब्रितानी सरकार ने भी रूस के एथलीटों को न्यूट्रैलिटी के तहत ओलंपिक में शामिल होने देने की योजना की निंदा की है.
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