पद्म पुरस्कारों का एलान, पढ़िए किस-किस का है सूची में नाम
केंद्र सरकार ने इस वर्ष के पद्म पुरस्कारों का ऐलान कर दिया है. इस वर्ष कुल 106 लोगों को ये सम्मान दिया गया है.
लाइव कवरेज
'हिंदू एकजुट, मुसलमानों में फूट', पसमांदा मुसलमानों को रिझाने की राजनीति
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"बिलकिस बानो पसमांदा समाज से ही संबंध रखती हैं, उनके बलात्कारियों और परिवार की हत्या करने वालों को बीजेपी ने टिकट देकर जिताया, मोदी चाहते हैं पसमांदा मसले का इस्तेमाल कर मुसलमानों को अगड़ों-पिछड़ों में बांटकर राजनीतिक लाभ लिया जाए."
पसमांदा मुस्लिम महाज़ के नेता और जनता दल यूनाइटेड के राज्यसभा सांसद रहे अली अनवर अंसारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर कुछ इस तरह की प्रतिक्रिया दी.
पिछले हफ़्ते हुई भारतीय जनता पार्टी की कार्यकारिणी की बैठक में प्रधानमंत्री ने बीजेपी कार्यकर्ताओं से कहा, "आप लोग पसमांदा मुसलमान, बोहरा समुदाय के लोगों और शिक्षित मुसलमानों से वोट की चिंता किए बिना मिलें."
बीजेपी और आरएसएस मुसलमानों में तथाकथित पिछड़ी जाति के लोगों को रिझाने की कोशिशें तेज़ कर रहे हैं, क्या हैं इसके मायने?
पाकिस्तान: तहरीक़-ए-इंसाफ़ के नेता फ़वाद चौधरी गिरफ़्तार
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पाकिस्तान के पूर्व
प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की पार्टी तहरीक़-ए-इंसाफ़ के नेता फ़वाद चौधरी को उनके घर से गिरफ़्तार किया गया, जिसके बाद उन्हें इस्लामाबाद स्थानांतरित करने के लिए लाहौर
की कोर्ट में पेश किया गया है.
न्यायिक
मजिस्ट्रेट राणा मुदस्सर फवाद चौधरी की रिमांड याचिका पर सुनवाई कर रहे हैं.
फ़वाद चौधरी पर 'संवैधानिक संस्था के ख़िलाफ़ लोगों को भड़काने की कोशिश' का आरोप है.
तहरीक़-ए-इंसाफ़ नेता शिरीन मजारी ने फवाद चौधरी की गिरफ़्तारी को शर्मनाक बताया और कहा कि फ़वाद
चौधरी को चुनाव आयोग के सचिव को 'मुंशी' कहने पर गिरफ़्तार किया गया था.
शिरीन
मजारी ने अपने ट्वीट में लिखा है कि " क्या फवाद चौधरी को लॉकअप में
रखने की इजाज़त है? आतंकवादी खुलेआम घूम रहे हैं लेकिन
राजनीतिक विरोधियों को गिरफ़्तार किया जा रहा है."
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तहरीक़-ए-इंसाफ़ के वरिष्ठ नेता शाह महमूद कुरैशी ने भी फ़वाद चौधरी की गिरफ़्तार की निंदा की है और कहा है कि ''फवाद चौधरी की सुबह-सुबह बिना वारंट के गिरफ़्तारी इस देश के लोकतंत्र और क़ानून के शासन पर करारा तमाचा है. ? उनका क्या दोष है ?"
इस्लामाबाद पुलिस ने फवाद चौधरी की गिरफ़्तारी को लेकर अपने बयान में कहा है कि संवैधानिक संस्था चुनाव आयोग की तहरीर पर पीटीआई नेता फ़वाद चौधरी के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया है.
इस्लामाबाद पुलिस प्रवक्ता की ओर से जारी बयान के मुताबिक, फवाद चौधरी के ख़िलाफ क़ानून के मुताबिक़ कार्रवाई की जा रही है.
पुलिस के मुताबिक चुनाव आयोग सचिव उमर हमीद की शिकायत पर कोहसर थाने में दर्ज किया गया है. पुलिस के मुताबिक, चुनाव आयोग के सचिव ने शिकायत में कहा है कि फ़वाद चौधरी ने मुख्य चुनाव आयुक्त और सदस्यों को उनके कर्तव्यों का पालन करने से रोकने की धमकी दी और संवैधानिक संस्थाओं के ख़िलाफ़ हिंसा करने और लोगों की भावनाओं को भड़काने की कोशिश की.
रामचरितमानस पर बयान को लेकर स्वामी प्रसाद मौर्य पर केस दर्ज
....में
Author, मोहम्मद सरताज आलम
पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए
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तुलसीदास की रामचरितमानस पर बिहार के शिक्षा मंत्री के बाद
उत्तरप्रदेश में सपा के वरिष्ठ नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने हाल ही में कहा था कि
इसे बैन कर देना चाहिए क्योंकि ये समाज के एक तबके की भावनाओं को आहत करता है.
इसे
लेकर मंगलवार की शाम सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य और बिहार के शिक्षा मंत्री
चंद्रशेखर के ख़िलाफ़ चित्रकूट ज़िले के राजापुर थाना में एफ़आईआर दर्ज हुई है.
अनुज
हनुमंत की तहरीर पर 153-A, 295-A व 505(2) जैसी गंभीर धाराओं में दर्ज हुई.
अनुज
हनुमंत कहते हैं कि “सपा नेता के नाम
में स्वामी व प्रसाद ऐसे शब्द हैं जो रामचरितमानस में दोहा
व चौपाई में प्रयोग हुए. फिर भी उन्होंने रामचरितमानस पर
गलत टिप्पणी की.”
“चित्रकूट गोस्वामी तुलसीदास की
जन्मस्थली है, इसलिए हम सभी चित्रकूट वासियों की
धार्मिक भावनाएं आहत हुईं. इसीलिएमैंने एफ़आईआर
दर्ज कराई.”
अनुज
का कहना है कि “ऐसे नेता लगातार बयान दे कर धार्मिक
भावनाएं आहत करने के बाद लोगों को जातिगत तौर पर बांटना चाहते हैं.”
22 जनवरी को स्वामी प्रसाद मौर्य ने निजी
चैनल पर रामचरितमानस की कुछ पंक्तियों का हवाला देते हुए कहा था, “सरकार को संज्ञान लेते हुए जो आपत्तिजनक अंश है उसे बाहर कर देना चाहिए या इसे
पूरी तरह बैन कर देना चाहिए, इससे बड़े पैमानों पर दलितों, आदिवासियों व पिछड़ों की भावनाएं आहत
हो रही हैं.'
इससे
पहले बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने रामचरितमानस को 12 जनवरी को कहा था, “मनुस्मृति ने समाज में नफ़रत का बीज
बोया. फिर उसके बाद रामचरित मानस ने समाज में नफ़रत पैदा की.”
मध्यप्रदेश के इंदौर में शाहरुख खान की फिल्म पठान के सुबह के शो को कैंसिल कर दिया गया है. शहर के सपना संगीता मल्टीप्लेक्स में पठान के पहले शो दिखाया जाना था लेकिन जब लोग एडवांस बुकिंग करवा चुके लोग शो देखने पहुंचे तो उन्हें हिंदी संगठनों के विरोध का सामना करना पड़ा.
जानकारी के मुताबिक़, हिंदू संगठन जिसमें बजरंग दल भी शामिल है उसके कार्यक्रता सिनेमा हाल के बाहर डंडे लेकर मौजूद थे. उन्होनें वहां पर जय श्री राम के नारे लगायें और लोगों को भगा दिया. पुलिस सिनमा हाल के बाहर मौजूद थी लेकिन उन्होंने किसी भी तरह से उन्हें नही रोका.
इसके बाद सुबह के पहले शो को कैंसिल करा दिया गया.
शाहरुख की इस फिल्म को लेकर विवाद की शुरुआत मध्यप्रदेश में तब हुई जब प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इस फिल्म के एक गाने बेशर्म रंग और दीपिका की केसरिया बिकनी को लेकन आपत्ति दर्ज कराई. हालांकि आपत्ति जनक सीन और गाने को हटा दिया गया है लेकिन हिंदू संगठन इस फिल्म को नही दिखाने देने के लिये अड़े हुये है.
बागेश्वर धाम, धीरेंद्र शास्त्री और विवाद की गाथा
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बागेश्वर बाबा धाम, जहाँ 26 साल के 'बाबा' धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री बैठते हैं.
धीरेंद्र शास्त्री फिर चर्चा में हैं. वजह- अंधविश्वास फ़ैलाने के आरोप, मीडिया कवरेज और आरोपों पर धीरेंद्र शास्त्री के जवाब.
ये पहली बार नहीं है, जब धीरेंद्र शास्त्री ख़बरों में हैं. ताली बजाते चुटीले अंदाज़, पर्चे पर भक्तों के सवाल, सनातन धर्म की बातें, चमत्कार, केंद्रीय मंत्रियों को आशीर्वाद, अजीब बर्ताव, विवादित बयान, ज़मीन पर क़ब्ज़े के आरोप... धीरेंद्र शास्त्री की शख़्सियत की कई परतें हैं.
हिंदू राष्ट्र बनाने की बात करने वाले धीरेंद्र शास्त्री जो करते हैं वो कैसे संभव है और उनके साम्राज्य के खड़े होने की पूरी कहानी.
ब्रेकिंग न्यूज़, आशीष मिश्रा को लखीमपुर खीरी हिंसा ममाले में सुप्रीम कोर्ट से मिली अंतरिम ज़मानत
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सुप्रीम कोर्ट ने लखीमपुर
खीरी हिंसा मामले में अभियुक्त आशीष मिश्रा को आठ सप्ताह की अंतरिम ज़मानत दी है.
सुप्रीम कोर्ट ने ज़मानत
देते हुए कहा है कि अगर आशीष मिश्रा और उनके परिवार ने गवाहों को प्रभावित करने या
ट्रायल में देरी करने की कोशिश की तो ज़मानत रद्द कर दी जाएगी.
इससे पहले फरवरी में आशीष
मिश्रा को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ज़मानत दी
थी जिसे सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया था.
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3 अक्तूबर, 2021 को उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के लखीमपुर खीरी ज़िले के दौरे के ख़िलाफ़ किसान प्रदर्शन कर रहे थे. इस दौरान प्रदर्शनकारी किसानों पर गाड़ी चढ़ा दी गई थी जिसमें चार किसान मारे गए थे. इसके बाद हुई हिंसा में बीजेपी के तीन कार्यकर्ता मारे गए थे. इस घटना में कुल मिलाकर आठ लोग मारे गए थे.
नवंबर 2021 में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की जांच की निगरानी करने के लिए पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस राकेश कुमार जैन को नियुक्त किया था.उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि राज्य सरकार ने गवाहों और पीड़ित परिवारों की सुरक्षा के लिए सभी तरह की कोशिशें की हैं.
ए.के एंटनी के बेटे अनिल एंटनी ने दिया कांग्रेस से इस्तीफ़ा
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कांग्रेस नेता एके एंटनी के बेटे अनिल एंटनी ने कांग्रेस से इस्तीफ़ा दे दिया है.
उन्होंने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है.
अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा है- मैंने कांग्रेस और केरल कांग्रेस में अपनी भूमिका से इस्तीफ़ा दे दिया है. जो लोग फ़्री स्पीच के लिए लड़ते हैं, वो मुझे अपने बयान वापस लेने के लिए कह रहे थे, मैंने इनकार कर दिया. जो लोग प्यार का समर्थन करते दिखते हैं वो फ़ेसबुक पर मुझ पर गालियाँ और नफ़रत बरसा रहे हैं. ये हिप्पोक्रेसी ही है. ज़िंदगी चलती रहती है. ये मेरा इस्तीफ़ा है.
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मंगलवार को अनिल एंटनी ने बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री को लेकर बयान दिया था और डॉक्यूमेंट्री का समर्थन करने वालों पर सवाल उठाए थे.
उनका बयान कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान की लाइन से बिलकुल अलग था.
राहुल गांधी ने इस डॉक्यूमेंट्री पर कहा था, “सच हमेशा सामने आता है, उसे प्रेस को बैन करके, ईडी या सीबीआई का इस्तेमाल करके रोका नहीं जा सकता, वह सामने आ कर रहेगा.”
पठान फ़िल्म का विरोध नहीं करेगा विश्व हिंदू परिषद
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लगभग चार साल बाद शाहरुख़ ख़ान बड़े परदे पर वापसी कर रहे
हैं. 25 जनवरी को उनकी फ़िल्म पठान सिनेमाघरों में रिलीज़ हो रही है.
इस फ़िल्म के गाने
‘बेशर्म रंग’ के रिलीज़ के समय से
ही इसका विरोध शुरू हुआ. कई हिंदू संगठनों ने फ़िल्म की रिलीज़ का भी विरोध करने की
भी बात कही थी.
लेकिन अब विश्व हिंदू परिषद ने कहा है कि वह फ़िल्म का बॉयकॉट नहीं
करेगी.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, विश्व हिंदू परिषद के
प्रवक्ता श्रीराज नायर ने कहा है, “फिलहाल वीएचपी फ़िल्म
पठान का विरोध नहीं करेगी. हमारी पहले की आपत्तियों को ध्यान में रखते हुए फ़िल्म
में किए गए बदलाव सही हैं. फिल्म देखने के बाद अगर हमें कुछ भी आपत्तिजनक लगता है
तो हम फ़िल्म का विरोध करने पर पुनर्विचार करेंगे.”
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फ़िल्म के गाने में दीपिका पादुकोण के कपड़े के रंग को लेकर विवाद शुरू हुआ था.
इस पर मध्यप्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा बजरंग दल और वीएचपी ने आपत्ति जताई थी.
इसके बाद सेंसर बोर्ड ने फ़िल्म में बदलाव के निर्देश दिए जिसके आधार पर बदलाव किया गया.
रोहित शर्मा ने ऑस्ट्रेलिया सिरीज़ में बुमराह के कमबैक को लेकर दिया बयान
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न्यूज़ीलैंड से सिरीज़ जीतने के बाद भारतीय
क्रिकेट कप्तान रोहित शर्मा ने गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के
कमबैक को लेकर बयान दिया है.
भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने कहा है
कि उम्मीद है कि तेज़ गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ अगले महीने
से शुरू होने वाली चार टेस्ट मैचों की सीरीज़ के आख़िरी दो मैच खेल सकेंगे.
बुमराह पीठ में चोट आने की वजह से पिछले साल सितंबर से कोई
अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेल सके हैं.
उन्हें ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ खेले जाने
वाले पहले दो टेस्ट मैचों के लिए टीम में नहीं चुना गया है लेकिन उन्होंने हाल में
राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में नेट पर गेंदबाजी की है.
इससे उम्मीद जताई जाने लगी कि
वह जल्द वापसी करने वाले हैं.
रोहित शर्मा ने न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ तीसरे वनडे में भारत की जीत के बाद कहा, ‘बुमराह को
लेकर बहुत अधिक सुनिश्चित नहीं हूं लेकिन मुझे उम्मीद है कि वह ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़
आखिरी दो टेस्ट मैचों में खेलेंगे.’
उन्होंने कहा, ‘हम किसी तरह का जोखिम नहीं
लेना चाहते हैं क्योंकि पीठ की चोट गंभीर होती है. चिकित्सा टीम उन्हें फिट होने के
लिए पूरा समय देगी. पहले दो टेस्ट में ज़ाहिर है कि वह नहीं खेल रहे हैं.
लेकिन मुझे
उम्मीद है कि आख़िरी दो मैच में वह खेल सकते हैं. हालांकि, मैं निश्चित तौर पर ये
नहीं कह सकता, बस उम्मीद ही जता सकता हूं.’
भारत-पाकिस्तान परमाणु युद्ध के बेहद क़रीब थे- पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री
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अमेरिका के पूर्व विदेश
मंत्री माइक पोम्पियो ने दावा किया है कि साल 2019 की फ़रवरी
में भारत के बालाकोट में सर्जिकल स्ट्राइक करने के बाद पाकिस्तान, हिंदुस्तान पर
परमाणु हमले की तैयारी कर रहा था.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, ट्रंप प्रशासन में अमेरिका के पूर्व विदेश
मंत्री माइक पोम्पियो ने अपनी किताब ‘नेवर गिव एन इंच: फ़ाइटिंग फ़ॉर अमेरिका आई लव’ में लिखा है कि परमाणु हमले को
लेकर यह जानकारी उन्हें भारत की तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने दी थी.
उन्होंने बताया कि “2019 में 27-28 फ़रवरी को जब यह घटना हुई तो वह हनोई में अमेरिका-उत्तर
कोरिया समिट के लिए गए हुए थे. इसके बाद उनकी टीम ने भारत और पाकिस्तान से बात की.
माइक पोम्पिओ ने कहा कि “मुझे
नहीं लगता कि दुनिया को इस बात का अंदाज़ा होगा कि भारत और पाकिस्तान की लड़ाई
परमाणु हमले के कितने क़रीब आ गई थी.”
फ़रवरी 2019 में कश्मीर के पुलवामा में चरमपंथी हमले में
सीआरपीएफ़ के 40 जवानों की
मौत हो गई थी. इसके बाद भारत ने बालाकोट में सर्जिकल स्ट्राइक की थी.
माइक पोम्पियो ने किताब में लिखा है कि वह उस रात को कभी नहीं भूल सकते जब वे
वियतनाम में थे.
उन्होंने लिखा है कि “हनोई की वो रात मैं कभी नहीं
भूलूंगा, ऐसा लग रहा था कि उत्तर कोरिया से परमाणु हथियार पर बातचीत करना हमारे लिए काफ़ी नहीं था, जो हमें ये देखना
पड़ रहा था. भारत-पाकिस्तान एक दूसरे को धमकियां दे रहे थे.”
उन्होंने लिखा है कि “भारत की
तत्कालीन विदेश मंत्री ने उन्हें बताया था
कि उनका मानना है कि पाकिस्तान परमाणु हमले की तैयारी कर रहा है.”
पोम्पियो ने कहा है कि भारत
में उनके जानने वाले एक इनसाइडर ने उन्हें बताया कि भारत भी अपनी तैयारी के विस्तार
पर विचार कर रहा है.
उन्होंने कहा, “मैंने उनसे कहा कि अभी कुछ
ना करें और हमें इस मामले को सुलझाने के लिए कुछ वक़्त दें.”
गुजरात: 2002 दंगों के मामले में 22 लोगों को कोर्ट ने किया बरी
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गुजरात के पंचमहल ज़िले की एक अदालत ने मंगलवार को 22 लोगों को सबूत के अभाव में बरी कर दिया.
इन पर गुजरात में 2002 के गोधरा कांड के बाद हुए सांप्रदायिक दंगे से जुड़े एक
मामले में दो बच्चों सहित अल्पसंख्यक समुदाय के 17 सदस्यों की हत्या का आरोप था.
बचाव पक्ष के वकील
गोपालसिंह सोलंकी ने कहा कि एडिशनल सेशन जज हर्ष त्रिवेदी की अदालत ने सभी 22 अभियुक्तों को बरी कर दिया जिनमें
से आठ की मामले की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी थी.
सोलंकी ने कहा कि ज़िले के
देलोल गांव में दो बच्चों समेत अल्पसंख्यक समुदाय के 17 लोगों की हत्या और दंगा
करने के मामले में अदालत ने सबूतों के अभाव में सभी अभियुक्तों को बरी किया है.
वहीं, अभियोजन पक्ष का
कहना है कि पीड़ितों
को 28 फ़रवरी, 2002 को मार दिया गया
था और सबूत नष्ट करने के इरादे से उनके शवों को जला दिया गया था.
पंचमहल ज़िले के गोधरा
कस्बे के पास 27 फ़रवरी, 2002 को
एक भीड़ ने साबरमती एक्सप्रेस की एक बोगी में आग लगा दी थी इसके एक दिन बाद राज्य
के अलग-अलग हिस्सों में सांप्रदायिक दंगे भड़क गए थे. बोगी जलाए जाने की घटना में
59 यात्रियों की मौत हो गई थी, जिनमें
से अधिकांश ‘कारसेवक’ थे और अयोध्या से लौट रहे थे.
लेकिन इसके बाद हुए
संप्रदायिक दंगों में एक अनुमान के मुताबिक़ 1000 से अधिक लोग मारे गए.
देलोल गांव में हिंसा के
बाद हत्या और दंगे से संबंधित आईपीसी की धाराओं के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी.
लेकिन एक अन्य पुलिस निरीक्षक ने घटना के लगभग दो साल बाद नए सिरे से मामला दर्ज
किया और दंगों में शामिल होने के आरोप में 22 लोगों को गिरफ़्तार किया था.
सोलंकी ने कहा कि अभियोजन
पक्ष अभियुक्तों के ख़िलाफ़ पर्याप्त सबूत इकट्ठा नहीं कर सका और यहां तक कि गवाह
भी मुकर गए.
बचाव पक्ष के वकील ने कहा
कि पीड़ितों के शव कभी नहीं मिले.
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