यूक्रेन के राष्ट्रपति के सलाहकार ने दिया इस्तीफ़ा, क्या है वजह

यूक्रेन के राष्ट्रपति के सलाहकार ओलेस्की अरेस्तोविच ने अपने एक बयान को लेकर माफी मांगी है और इस्तीफ़ा दे दिया है.

लाइव कवरेज

प्रियंका झा and वात्सल्य राय

  1. चीन की आबादी में साल 1961 के बाद पहली बार गिरावट दर्ज की गई

    चीन की आबादी

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    चीन की आबादी बीते 60 सालों में पहली बार घटी है. ताज़ा आंकड़ों के अनुसार चीन में जन्म दर प्रति हज़ार महिलाओं पर घटकर 6.77 पर आ गई है.

    चीन की जनसंख्या 2022 में 1.4118 अरब थी. साल 2021 की तुलना में इसमें 8,50,000 की गिरावट हुई है. चीन में जन्म दर सालों से गिर रही है, जिसकी वजह से देश में नीतिगत बदलाव करने पड़े.

    आबादी पर नकारात्मक असर देखते हुए चीन ने 'वन-चाइल्ड पॉलिसी' सात साल पहले ख़त्म कर दिया था.

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    चीन के नेशनल ब्यूरो ऑफ़ स्टैटिक्स के अनुसार, साल 2022 में यहां जन्म दर घटकर 7.52 हो गई थी.

    बीते साल चीन में जन्म लेने वालों की संख्या से अधिक मौत के आंकड़े थे.

    पिछले साल चीन ने 1976 के बाद अब तक की सबसे अधिक मृत्यु दर दर्ज की, जो प्रति एक हज़ार की आबादी पर 7.37 थी.

  2. पीएम मोदी को नुक़सान पहुंचाने के लिए विपक्ष ने चलाया नेगेटिव कैंपेन: बीजेपी

    मोदी

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    अंग्रेज़ी अख़बार द इंडियन एक्सप्रेस में छपी एक रिपोर्टके अनुसार, बीजेपी ने कहा है कि विपक्ष ने 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को व्यक्तिगत रूप से' नुक़सान पहुंचाने के लिए नकारात्मक अभियान चलाया, लेकिन उनकी कोशिशों को सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों ने बेअसर साबित किया.

    बीजेपी की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मीडिया को पार्टी के राजनीतिक संकल्प के बारे में बताया.

    उन्होंने कहा, "विपक्ष ने एक नकारात्मक अभियान चलाया था जिसमें व्यक्तिगत रूप से प्रधानमंत्री को नुक़सान पहुंचाने के लिए अपमानजनक भाषा और नकारात्मक लहजा इस्तेमाल किया गया.

    कई मामले सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचे और उन्होंने अपनी टिप्पणी से उन प्रयासों को नाकाम साबित किया- चाहे वो रफ़ाल का मुद्दा हो, नोटबंदी का मामला हो, सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट हो या फिर आर्थिक रूप से कमज़ोर लोगों को आरक्षण देने की बात हो."

  3. ब्रेकिंग न्यूज़, जम्मू और कश्मीर के बडगाम में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में एक चरमपंथी की मौत

    सांकेतिक तस्वीर

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    जम्मू और कश्मीर के बडगाम ज़िले में मंगलवार को सुरक्षा बलों के साथ हुई एक मुठभेड़ में एक चरमपंथी की मौत हो गई.

    समाचार एजेंसी पीटीआई ने सेना के अधिकारियों के हवाले से बताया कि बडगाम में चरमपंथियों की गतिविधियों के बारे में ख़बर मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने गाड़ियों की चेकिंग का अभियान चलाया था.

    अधिकारी ने बताया, "एक कैब को रोकने के लिए कहा गया लेकिन गाड़ी के भीतर बैठे चरमपंथियों ने सुरक्षा बलों पर खुलेआम फायरिंग की. इसके बाद सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई की."

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    सेना अधिकारी के मुताबिक़, इस मुठभेड़ में एक चरमरपंथी की मौत हो गई है. उस इलाके में सेना की कार्रवाई अभी भी जारी है.

    हालांकि प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि घटनास्थल पर दो शव देखे गए हैं लेकिन पुलिस ने इस पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. पुलिस ने कहा कि कार्रवाई ख़त्म होने के बाद बयान जारी किया जाएगा.

  4. पाकिस्तान को इस बार क्या सऊदी अरब और चीन भी नहीं बचा पाएंगे

    पाकिस्तान

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    पाकिस्तान चौतरफ़ा संकट से घिरता जा रहा है. पाकिस्तान पर नज़र रखने वाले विश्लेषकों का कहना है कि यह संकट संभवतः 1971 से भी ज़्यादा बदतर है.

    1971 में ही पाकिस्तान से बांग्लादेश अलग हुआ था. पिछले हफ़्ते पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ और आर्मी प्रमुख सैयद आसिम मुनीर यूएई गए थे और दोनों ने आर्थिक मदद की गुहार लगाई थी.

    शहबाज़ शरीफ़ ने बताया था कि यूएई ने दो अरब डॉलर के क़र्ज़ भुगतान की मियाद बढ़ाने और एक अरब डॉलर का अतिरिक्त क़र्ज़ देने का वादा किया है. पाकिस्तान ख़ुद को किसी भी तरह डिफ़ॉल्ट होने से बचाने की कोशिश कर रहा है.

    शहबाज़ शरीफ़ ने पिछले साल अप्रैल में प्रधानमंत्री बनने के बाद मिफ़्ताह इस्माइल को वित्त मंत्री बनाया था. अब पाकिस्तान के वित्त मंत्री शहबाज़ शरीफ़ के बड़े भाई नवाज़ शरीफ़ के वफ़ादार इशाक़ डार हैं.

  5. ह्यूमन राइट्स वॉच ने ICC से की अफ़ग़ानिस्तान क्रिकेट टीम पर बैन लगाने की मांग

    अफ़ग़ानिस्तान क्रिकेट

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    मानवाधिकारों की वक़ालत करने वाले अंतरराष्ट्रीय संगठन 'ह्यूमन राइट्स वॉच' ने आईसीसी से अफ़ग़ानिस्तान क्रिकेट टीम को बैन करने के लिए कहा है.

    एचआरडब्लू ने तालिबान के शासन में महिलाओं के साथ हो रहे भेदभाव के कारण अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद से अफ़ग़ानिस्तान क्रिकेट टीम की सदस्यता ख़त्म करने को कहा है.

    एचआरडब्लू की निदेशक मिंकी वर्डन ने कहा है कि जब तक अफ़ग़ानिस्तान में महिलाओं और बच्चियों को शिक्षा और खेल में भागीदारी का अधिकार नहीं मिलता तब तक अफ़ग़ानिस्तान क्रिकेट टीम को अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों से निलंबित कर देना चाहिए.

    इससे पहले ऑस्ट्रेलिया की नेशनल क्रिकेट टीम यूएई में अफ़ग़ानिस्तान के साथ होने वाले तीन एकदिवसीय मैचों की शृंखला से पीछे हट गई थी. क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के इस फ़ैसले से अफ़ग़ानिस्तान में काफ़ी नाराज़गी देखने को मिली.

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    अफ़ग़ानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने भी इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ऑस्ट्रेलिया के फ़ैसले को बेहद निराशाजनक बताया था.

    एचआरडब्लू की डायरेक्टर ने कहा है कि अपनी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को लेकर आईसीसी भेदभाव-रोधी नीति अपनाती है. इस नीति के तहत बिना भेदभाव हर खिलाड़ी को खेलने देने के लिए आईसीसी प्रतिबद्ध है. लेकिन तालिबान ने सत्ता में आने के बाद ऐसे कई नियम-कायदे बनाए हैं जो महिलाओं और बच्चियों को शिक्षा, खेल, स्वास्थ्य सेवाओं जैसे उनके मौलिक अधिकारों से वंचित करते हैं.

  6. पाकिस्तान के पीएम शाहबाज़ शरीफ़ ने भारत के साथ युद्ध पर क्या कहा?

    शाहबाज़ शरीफ़

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    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज़ शरीफ़ ने एक इंटरव्यू में कहा है कि भारत के साथ तीन युद्ध लड़कर पाकिस्तान को अपने सबक मिल चुके हैं. शाहबाज़ शरीफ़ ने ये भी कहा कि वो पीएम मोदी के साथ बैठकर शांतिपूर्ण तरीके से वार्ता करने के पक्ष में हैं.

    शाहबाज़ शरीफ़ ने यूएई दौरे पर अल-अरेबिया टीवी को ये इंटरव्यू दिया, जिसे पाकिस्तान मुस्लिम लीग़ (नवाज़) यानी पीएमएल-एन ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से शेयर किया है.

    शाहबाज़ शरीफ़ ने इस दौरान कहा, "भारत हमारा पड़ोसी देश है और बहुत साफ़ कहूं तो हम मर्ज़ी से पड़ोसी नहीं, लेकिन हमें रहना हमेशा एक साथ ही है. ये हम पर है कि कैसे शांतिपूर्ण तरीके से रहें. पाकिस्तान ने अपने सबक ले लिए हैं. हमने भारत के साथ तीन युद्ध लड़े."

    "ये युद्ध और दुर्गति, बेरोज़गारी, गरीबी लेकर आए. लाखों लोगों में असंतोष की भावना बढ़ी. हम भारत के साथ अपने असल समस्याओं को सुलझाते हुए शांतिपूर्ण तरीके से रहना चाहते हैं."

    शाहबाज़ शरीफ़ ने पीएम मोदी और भारत के नाम संदेश देते हुए कहा, "आइए बैठकर कश्मीर जैसे हमारे बीच के ज्वलंत मुद्दों को सुलझाने के लिए गंभीर वार्ता करते हैं."

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    शहबाज़ शरीफ़ ने ये भी आरोप लगाया कि भारत प्रशासित कश्मीर में हर दिन मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा है. अगस्त 2019 में कश्मीरियों को विशेषाधिकार देने वाले अनुच्छेद 370 को हटा दिया गया. शरीफ़ ने कहा कि ये सब रुकना चाहिए.

    पाकिस्तानी पीएम ने कहा, "हम अपने संसाधनों को बम और हथियार बनाने में बर्बाद नहीं करना चाहते. हम देश को समृद्ध बनाने में इनका इस्तेमाल करना चाहते हैं. मैं मोदी को यह संदेश देना चाहता हूं."

    पाकिस्तान को मिली आर्थिक मदद को लेकर शाहबाज़ शरीफ़ ने कहा, ''पाकिस्तान के लिहाज से ये अच्छा नहीं लगता कि वो हमेशा मदद मांगता रहे. पड़ोसी देश एक भाई की तरह हमारी मदद कर रहे हैं, लेकिन हम इसे कारोबार और निवेश के रूप में बदलना चाहते हैं. अपने पैरों पड़ खड़े होकर आमदनी बढ़ाना चाहते हैं.''

  7. चीन की अर्थव्यवस्था पर सख़्त कोविड नीतियों का असर, 2022 में तीन फ़ीसदी रही विकास दर

    चीन

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    लगभग आधी सदी में चीन की अर्थव्यवस्था पिछले साल दूसरी बार सबसे धीमी दर से बढ़ी. ये इस बात का संकेत है कि देश के सख़्त कोरोनावायरस नियमों ने कारोबार को कैसे प्रभावित किया है.

    आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था साल 2022 में तीन फ़ीसदी की दर से बढ़ी.

    ये चीन की सरकार के निर्धारित 5.5 फ़ीसदी के लक्ष्य से काफ़ी कम है. हालांकि, कई अर्थशास्त्रियों ने चीन के लिए इससे भी कम विकास दर का अनुमान लगाया था.

    बीते महीने चीन ने अपनी सख़्त ज़ीरो-कोविड नीति में नरमी दिखाई थी.

    चीन की इस नीति ने देश में आर्थिक गतिविधियों पर बड़ा असर डाला, लेकिन अचानक कोविड नियमों में ढील से कोरोना के मामले भी बढ़े. इसकी वजह से 2023 के शुरुआती महीनों में विकास दर को भी ख़तरा बढ़ा.

    बीते साल चीन की आर्थिक विकास दर साल 1976 से लेकर अब तक सबसे कमज़ोर रही.

    अर्थशास्त्री वैश्विक अर्थव्यवस्था की स्थिति को देखते हुए हाल के महीनों में चेतावनी दे चुके हैं.

    बीते सप्ताह विश्व बैंक ने कहा था कि वैश्विक अर्थव्यवस्था "चिंताजनक रूप से मंदी की ओर बढ़ रही है."

    इसके पीछे यूक्रेन में रूस की जंग और कोरोना महामारी के प्रभाव के साथ ही कई अन्य कारणों को ज़िम्मेदार बताया गया.

  8. बाइडन के निजी आवास से गोपनीय दस्तावेज़ मिलने के मामले पर व्हाइट हाउस का जवाब

    जो बाइडन

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    इमेज कैप्शन, व्हाइट हाउस नियमित तौर पर मेहमानों के नाम की सूची जारी करता है लेकिन राष्ट्रपति के निजी आवास में ऐसा कोई चलन नहीं है.

    व्हाइट हाउस ने कहा है कि राष्ट्रपति जो बाइडन के निजी आवास में आने-जाने वाले लोगों के बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है.

    अमेरिकी राज्य डेलवेयर में जो बाइडन के घर से गोपनीय दस्तावेज़ मिलने के बाद रिपब्लिकन पार्टी के सदस्य राष्ट्रपति के निजी आवास में आने-जाने वालों के ब्योरे की मांग कर रहे थे.

    सोमवार को व्हाइट हाउस काउंसिल के कार्यालय की ओर से कहा गया कि किसी राष्ट्रपति के निजी घर में आने-जाने वालों की निगरानी करना शिष्ट चलन नहीं है.

    बाइडन के घर और वॉशिंगटन में निजी दफ़्तर से कम से कम 20 गोपनीय दस्तावेज़ मिले थे.

    ये दस्तावेज़ ओबामा प्रशासन के दौरान उनके उप राष्ट्रपति रहने के वक़्त के हैं. सीबीएस न्यूज़ के अनुसार इनमें से कुछ 'टॉप सीक्रेट' दस्तावेज़ हैं.

    व्हाइट हाउस ने कहा कि बीते सप्ताहांत गोपनीय दस्तावज़ों के पांच नए पन्ने मिले हैं. क़ानून के अनुसार राष्ट्रपति कार्यकाल ख़त्म होने पर सभी दस्तावेज़ नेशनल आर्काइव्ज़ को सौंपा जाता है.

    जो बाइडन

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    व्हाइट हाउस की ओर से कहा गया है कि ये फ़ाइलें 'अनजाने में गलत जगह' रख दी गईं थीं और इस मामले में पूरा सहयोग दिया जा रहा है.

    रिपब्लिकन नेता और हाउस ओवरसाइट कमेटी के चेयरमैन जेम्स कॉमर ने व्हाइट हाउस के चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ रॉन क्लेन को इस संबंध में चिट्ठी लिखी है.

    उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति बाइडन की ओर से गोपनीय दस्तावेज़ों को ग़लत तरीके से रखने को लेकर ये सवाल खड़ा हो गया है कि क्या उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा को ख़तरे में डाला."

    उन्होंने ये भी मांग की है कि जब तक जो बाइडन के घर आने वालों के नाम की सूची जारी नहीं होती, तब तक अमेरिकियों को ये नहीं पता चलेगा कि ये संवेदनशील दस्तावेज़ किस-किस के हाथ लगे.

    लेकिन सोमवार को जारी एक बयान में व्हाइट हाउस काउंसिल के कार्यालय ने कहा कि घर पर आने वाले मेहमानों के नामों के बारे में ऐसी कोई सूची उपलब्ध नहीं है.

  9. पाकिस्तान के अब्दुल रहमान मक्की को यूएन ने 'वैश्विक आतंकवादी' घोषित किया

    अब्दुल रहमान मक्की

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    संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) ने सोमवार को पाकिस्तानी मूल के चरमपंथी अब्दुल रहमान मक्की को 'वैश्विक आतंकी' घोषित किया है. ये फ़ैसला यूएनएससी की आईएसआईएल (दाएश) और अल-क़ायदा प्रतिबंध समिति ने लिया है.

    बीते साल भारत लश्कर-ए-तैयबा के चरमपंथी अब्दुल रहमान मक्की को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र में प्रस्ताव लाया था, लेकिन चीन ने इसे रोक दिया था. इसके बाद भारत ने चीन पर कड़ी प्रतिक्रिया भी दी थी.

    अब्दुल रहमान मक्की जमात-उद-दावा के मुखिया हाफ़िज़ सईद के रिश्तेदार हैं, जिन्हें भारत में 26 नवंबर 2011 को हुए चरमपंथी हमलों का मास्टरमाइंड माना जाता है.

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    यूएन की ओर से जारी बयानके अनुसार, 16 जनवरी 2023 को सुरक्षा परिषद की आईएसआईएल (दाएश) और अल-क़ायदा समिति ने वैश्विक आतंकवादियों की सूची में अब्दुल रहमान मक्की का नाम शामिल किया है. इसके परिणामस्वरूप दुनियाभर में मक्की की संपत्ति को फ्रीज़ किया जा सकेगा, मक्की पर यात्रा सहित कई अन्य प्रतिबंध होंगे.

    समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, भारत और अमेरिका पहले ही अपने-अपने देश में अब्दुल रहमान मक्की को 'आतंकवादी' घोषित कर चुके हैं. मक्की पर युवाओं को कट्टरता की ओर उकसाने, भारत में हमलों की योजना बनाने, अवैध फ़ंड जुटाने सहित कई आरोप हैं.

  10. ट्विटर पर ब्लू टिक ख़रीद रहा तालिबान, अब्दीरहीम सईद, बीबीसी मॉनिटरिंग

    तालिबान

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    तालिबान ने ट्विटर को वेरिफ़िकेशन फ़ीचर के लिए भुगतान करना शुरू कर दिया है. इसका मतलब है कि अब कुछ तालिबान नेताओं के अकाउंट्स को ब्लू टिक मिलेंगे.

    इससे पहले ब्लू टिक ट्विटर पर सक्रिय, नामी-गिरामी और विश्वसनीय अकाउंट्स को दिया जाता था. इसे ख़रीदा नहीं जा सकता था.

    लेकिन अब यूज़र्स नई ट्विटर ब्लू सर्विस के ज़रिए इसे ख़रीद सकते हैं.

    कम से कम दो तालिबान अधिकारी और चार प्रमुख समर्थक अफ़ग़ानिस्तान में ब्लू टिक का इस्तेमाल फ़िलहाल कर रहे हैं.

    तालिबान के सूचना विभाग के प्रमुख हिदायतुल्लाह हिदायत के पास अब ब्लू टिक है. उनके ट्विटर पर 1 लाख 87 हज़ार फ़ॉलोअर्स हैं और वो रोज़ाना तालिबान प्रशासन से जुड़ी सूचनाएं साझा करते हैं.

    स्थानीय मीडिया के अनुसार, बीते महीने उनका पेड ब्लू टिक हटा दिया गया था, लेकिन अब ये फिर से दिख रहा है.

    अफ़ग़ानिस्तान के सूचना और संस्कृति मंत्रालय में मीडिया वॉचडॉग के प्रमुख अब्दुल हक़ हम्माद के पास भी अब ब्लू टिक है और इस प्लेटफ़ॉर्म पर उन्हें 1 लाख 70 हज़ार लोग फ़ॉलो कर रहे हैं. तालिबान के बड़े समर्थकों ने भी ब्लू टिक पा लिया है.

    ट्विटर ब्लू टिक

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    पहले तालिबान अधिकारी के तौर पर पहचाने जाने वाले मोहम्मद जलाल ने सोमवार को ट्विटर के नए मालिक की ख़ूब तारीफ़ की और कहा कि एलन मस्क 'ट्विटर को फिर से महान' बना रहे हैं.

    ट्विटर पर कट्टर इस्लामी लोगों की मौजूदगी कुछ समय से विवाद का विषय रही है.

    अक्टूबर 2021 में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस प्लेटफ़ॉर्म से सस्पेंड किए जाने के बाद कहा, "हम एक ऐसी दुनिया में रह रहे हैं जहां ट्विटर पर बड़ी संख्या में तालिबानी मौजूद हैं, लेकिन आपके पसंदीदा अमेरिकी राष्ट्रपति को चुप करा दिया गया है."

    "ये अस्वीकार्य है."

    ट्विटर ब्लू सर्विस बीते साल दिसंबर में आई थी. इसके तहत वेरिफ़िकेशन बैज पाने के लिए यूज़र्स को हर महीने 8 डॉलर का भुगतान करना होगा. अगर ट्विटर ऐप ऐप्पल के डिवाइस में इस्तेमाल हो रहा है तो वेरिफ़िकेशन की क़ीमत 11 डॉलर होगी.

    ट्विटर

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    ट्विटर ब्लू सर्विस आने से पहले किसी भी तालिबान अधिकारी के पास अकाउंट को वेरिफ़ाइड साबित करने वाला ब्लू टिक नहीं था. अगस्त 2021 में अफ़ग़ानिस्तान की सत्ता में लौटने के बाद तालिबान ने अफ़ग़ानिस्तान क्रिकेट बोर्ड सहित पिछली सरकार में चल रहे ट्विटर अकाउंट्स को ही आगे भी चलाया.

    ट्विटर ने इस मामले पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

  11. नमस्कार,बीबीसी हिंदी के लाइव पेज में आपका स्वागत है. अभिवादन स्वीकार कीजिए.

    ये लाइव पेज 24 घंटे उपलब्ध रहेगा. 16 जनवरी के अपडेट्स के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं.