अभिनेता सुनील
शेट्टी ने फ़िल्मी हस्तियों के साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक कार्यक्रम में
फ़िल्मों के बायकॉट ट्रेंड पर बात की.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुंबई के दो दिन के दौरे पर हैं ताकि यूपी में निवेश को बढ़ावा
दे सकें. साथ ही यूपी को फ़िल्मों के लिए एक बेहतर विकल्प के तौर पर बढ़ावा दे
सकें.
उन्होंने बॉलीवुड का पक्ष रखते हुए कहा कि फ़िल्म उद्योग को लेकर बन रही गलत धारणाओं को ख़त्म करने और दर्शकों को थियेटर तक लाने की सख़्त ज़रूरत है.
सुनील शेट्टी ने कहा, ''कास्ट और सब्सिडी की नहीं बल्कि दर्शकों की तकलीफ़ हो रही है. दर्शकों को थियेटर में वापस बुलाना बहुत-बहुत ज़रूरी है. ये जो एक हैशटैग चल रहा है, हैशटैग बायकॉट बॉलीवुड, आपके कहने से ही ये रुक भी सकता है.''
''लोगों तक ये पहुंचाना बहुत ज़रूरी है कि हम अच्छा काम भी बहुत कर चुके हैं. एक गंदी मछली तो कहीं भी होती ही है लेकिन उसमें हम सबको नहीं गिन सकते. फिलहाल दर्शकों के दिमाग में यही है कि बॉलीवुड यानी हिंदी सिनेमा अच्छी जगह नहीं है.''
सुनील शेट्टी ने बॉलीवुड की अच्छाई पर ज़ोर डालते हुए कहा, ''हमने अच्छी-अच्छी फ़िल्में भी की हैं. मैं बॉर्डर जैसी फ़िल्म में भी था. और भी काफ़ी अच्छी फ़िल्मों में मैं रहा हूं. ये जो बायकॉट बॉलीवुड की धारणा चल रही है, उसे कैसे मिलकर हटाया जा सकता है, ये जो ट्विटर पर ट्रेंड चलता है उसे कैसे रोका जा सकता है, इस पर अगर ध्यान दें तो बिल्कुल यूपी जैसी जगह ही है, हिंदी सिनेमा का दिल.''
''मैं अगर सुनील शेट्टी बना तो सिर्फ़ और सिर्फ़ यूपी की वजह से. उसी फैंस की वजह से. शुक्रवार को जब थियेटर में लोग भरते थे तो बाकी का भारत बोलता था कि हां ये फ़िल्म चलेगी.
उन्होंने सीएम योगी से अनुरोध किया, ''अगर आप लीड लेंगे तो ये बिल्कुल हो सकता है. हमारे ऊपर कलंक लगा हुआ है, वो हटना बहुत ज़रूरी है. हम सभी इससे सहमत होंगे. मेरी इससे गहरी भावनाएं जुड़ी हुई हैं. बहुत दुख होता है. जबकि 99 प्रतिशत लोग ऐसे नहीं है.''
''हम दिन भर ड्रग्स नहीं लेते, दिन भर गलत काम नहीं करते. अच्छे काम से भी हमेशा जुड़े हैं. भारत को अगर बाहर के देशों से और भारतीयों से किसी ने जोड़ा तो वो है संगीत, हमारा संगीत और कहानियां. अगर उस पर हम ध्यान दें और आदरणीय प्रधानमंत्री जी से अगर आप ये कहें तो बहुत फर्क पड़ सकता है. बस मेरा यही कहना है.''
बॉलीवुड की कुछ फ़िल्मों को लेकर आजकल सोशल मीडिया पर बायकॉट ट्रेंड चलने लगा है. इस तरह के ट्रेंड में फ़िल्म को ना देखने के लिए लोगों से अपील की जाती है.