कंझावला मामला: पीड़िता के साथ मौजूद होने का दावा करने वाली लड़की ने दी ये जानकारी
दिल्ली के कंझावला केस में एक नया मोड़ आया सामने आया है. खुद को हादसे का चश्मदीद बताने वाली एक लड़की सामने आईं और उन्होंने दावा किया जब गाड़ी ने स्कूटी को टक्कर मारी, तो पीड़िता के साथ वो भी स्कूटी पर बैठी थीं.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, लड़की ने कहा है कि, "वो (पीड़िता) ने शराब पी रखी थी लेकिन वो स्कूटी चलाने की ज़िद कर रही थी. जब गाड़ी ने टक्कर मारी तो वो गाड़ी ने नीचे आ गई, और घसीटती चली गई. मैं बहुत डर गई थी, मैंने किसी को नहीं बताया और वहां से भाग गई."
उन्होंने कहा, "जब गाड़ी ने टक्कर मारी, तो मैं एक तरफ़ गिर गई. मेरी दोस्त गाड़ी ने नीचे फंस गई. गाड़ी में सवार लोगों को पता था कि एक लड़की नीचे फंस गई है. एक्सीडेंट के बाद मैंने पुलिस को नहीं बताया."
इससे पहले पुलिस ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी थी कि एक लड़की पीड़ित के साथ मौजूद थी, उसे 'कोई चोट नहीं लगी.'
स्पेशल सीपी हुड्डा ने बताया, "जब घटना घटी तो वो (दूसरी लड़की) साथ थी. उसे चोट नहीं लगी. वो वहां से चली गई थी."
इस बीच पीड़िता की मां ने मांग की है कि पांचों अभियुक्तों को फांसी दी जाए.
समाचाए एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा, "हम चाहते हैं कि सभी पांच अभियुक्तों को फांसी दी जाए. सिर्फ़ इसलिए कि मेरी बेटी का अंतिम संस्कार कर दिया गया है, जनता चुप नहीं बैठेगी."
शाम को पुलिस की मौजूदगी में पीड़िता का अंतिम संस्कार किया गया था.
आज पुलिस ने पीड़िता के पोस्टमार्टम की प्रोविजनल रिपोर्ट भी जारी की. दिल्ली पुलिस के स्पेशल सीपी (कानून व्यवस्था) सागर प्रीत हुड्डा की ओर से जारी रिपोर्ट में मौत की वजह ‘शॉक और हैमरेज’ बताई गई है.
डॉक्टरों के मुताबिक ‘शॉक और हैमरेज’ की वजह मौत के पहले सिर, रीढ़ की हड्डी, बाईं जांघ की हड्डी और दोनों पैरों की निचली हड्डियों में लगी चोट है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक पीड़िता के शरीर पर ऐसी कोई चोट नहीं है, जिससे लगे कि 'यौन उत्पीड़न' हुआ था.
पीड़िता का पोस्टमार्टम तीन सदस्यीय मेडिकल बोर्ड ने मौलाना आज़ाद मेडिकल कॉलेज (MAMC) में किया.
बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट में बताया है, “सभी चोटों की वजह तेज़ी से हुई टक्कर है. संभव है कि किसी वाहन से टक्कर हुई हो और उसके साथ घसीटा गया हो.”
मेडिकल बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ऐसी 'कोई चोट नहीं है, जिससे लगे कि सेक्सुअल असॉल्ट (यौन उत्पीड़न) हुआ हो.'
पुलिस ने जानकारी दी है कि पोस्टमार्टम की फ़ाइनल रिपोर्ट बाद में आएगी.
दिल्ली पुलिस ने बताया था कि एक जनवरी को तड़के टक्कर के बाद पीड़ित युवती का जिस्म गाड़ी के साथ 10-12 किलोमीटर तक घिसटता रहा.