ओडिशा में रूसी राजनेता समेत दो यात्रियों की मौत के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने केस दर्ज किया है.
रूसी राजनेता पावेल एंटव की ओडिशा के एक होटल में हुई मौत पर कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने सवाल उठाए हैं.
मानवाधिकार कार्यकर्ता और सुप्रीम कोर्ट में वकील राधाकांत त्रिपाठी की याचिका पर आयोग ने केस दर्ज किया है.
बीबीसी से बात करते हुए त्रिपाठी ने कहा, "मैंने मानवाधिकार आयोग से अपील की है कि वो अधिकारियों और होटल के मालिक के भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कार्रवाई हो."
65 वर्षीय पावेल एंटव की बीते शनिवार ओडिशा के एक होटल में मौत हो गयी थी.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, रूसी सांसद एंटव अपने कुछ दोस्तों के साथ भारत आए हुए थे.
हाल ही में उन्होंने कथित रूप से यूक्रेन पर रूस के हमले की आलोचना की थी. हालांकि, कुछ समय बाद उन्होंने अपना बयान वापस ले लिया था. इस बयान को लेकर ही उन्हें पुतिन का आलोचक माना जाने लगा था.
एंटव बीती 21 दिसंबर से ओडिशा के रायगडा ज़िले के एक होटल में अपने कुछ दोस्तों के साथ ठहरे हुए थे.
पुलिस के मुताबिक़, शनिवार को एंटव को होटल के बाहर मृत पाया गया. इससे दो दिन पहले इसी होटल में उनके साथी व्लादिमीर बिदेनोव की मौत हो गयी थी.
वह होटल के पहली मंजिल पर बेहोश पाए गए थे और उनके आसपास वाइन की खाली बोतलें पाई गयी थीं.
इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया.
एक शीर्ष पुलिस अधिकारी ने कहा है कि रूसी राजनेता पावेल एंटव ने संभवत: आत्महत्या की है, वह अपने मित्र की मौत के बाद से काफ़ी परेशान चल रहे थे.’
हालांकि, पुलिस ने कहा है कि वह इस मामले की जांच सभी कोणों से कर रही है जिसमें दुर्घटनावश छत से गिरना भी शामिल है. 22 दिसंबर को रूसी यात्री व्लादिमीर बाइडानोव ने इसी होटल में कथिक तौर पर आत्महत्या कर ली थी.