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अफ़ग़ानिस्तान: यूनिवर्सिटी में बैन के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रही महिलाएं गिरफ़्तार

तालिबान ने अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल में विरोध प्रदर्शन करने के आरोप में पांच महिलाओं को गिरफ़्तार किया है.

लाइव कवरेज

  1. कोरोना के नए ख़तरे पर हुई बैठक के बाद स्वास्थ्य मंत्री क्या बोले

    कोरोना वायरस के नए ख़तरे देखते हुए बुधवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ बैठक की.

    बैठक के बाद उन्होंने बताया कि कोरोना अभी ख़त्म नहीं हुआ है लेकिन देश हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है.

    मनसुख मांडविया ने कहा, ''कुछ देशों में कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए आज विशेषज्ञों और अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की. कोविड अभी ख़त्म नहीं हुआ है. मैंने सभी संबंधित पक्षों को सर्तक रहने और कड़ी निगरानी रखने के लिए निर्देश दिए हैं. हम किसी भी स्थिति को संभालने के लिए तैयार हैं. ''

    कुछ देशों में कोरोना वायरस के मामले बढ़ने के साथ भारत में भी कोविड को लेकर फिर से चिंताएं बढ़ गई हैं.

    चीन में कोविड-19 की बड़ी लहर आई है. वहाँ कोरोना संक्रमण अब तक की सबसे तेज़ रफ़्तार से बढ़ रहा है.

    चीन के अलावा जापान, दक्षिण कोरिया और ब्राज़ील में भी कोरोना संक्रमण के मामले काफ़ी तेज़ी से बढ़े हैं.

  2. चीन पर विपक्ष ने की संसद में चर्चा की मांग, सदन से किया वॉकआउट

    तवांग में भारत-चीन सैनिकों की झड़प के बाद चीन के साथ तनाव की स्थिति पर चर्चा को लेकर विपक्षी दलों ने संसद में विरोध प्रदर्शन किया.

    विपक्षी दलों ने बुधवार को इस मामले पर लोकसभा से वॉकआउट किया और सदन के बाहर विरोध प्रदर्शन करने लगे.

    जैसे ही लोकसभा में शन्यू काल के लिए सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो कांग्रेस और डीएमके के सदस्यों ने वॉकआउट कर दिया. इसके बाद टीएमसी और जदयू के सांसद भी बाहर चले गए.

    सदन में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला से मांग की कि भारत-चीन मसले पर सदन में चर्चा कराई जाए. ये विपक्ष का अधिकार है.

    उन्होंने कहा, ''हम सुबह से चीन के मसले पर चर्चा की मांग कर रहे हैं. टीवी पर, संसद के बाहर हर जगह चर्चा हो रही है. विपक्ष को भी चर्चा करने का मौका दें. ये हमारा अधिकार है.''

    टीएमसी के सुदीप बंदोपाध्याय ने भी चर्चा के लिए ज़ोर दिया.

    विपक्ष के वॉकआउट के बाद सदन को स्थगित कर दिया गया था. बाद में सदन को ड्रग्स के ख़तरे पर चर्चा के लिए फिर से शुरू किया गया.

    कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने कहा, ''हम चीन पर चर्चा चाहते हैं, हम गुप्त सैन्य जानकारियां नहीं मांग रहे हैं. चीन को भारत में घुसपैठ करने की हिम्मत कहां से मिलती है जबकि हमारा जवाब सिर्फ़ प्रतिक्रिया के तौर पर होता है. घुसपैठ को रोका क्यों नहीं जा रहा है?''

    ''हम सिर्फ़ ये जानना चाहते हैं कि किस स्तर की तैयारियां हैं. चीनी सेना के साथ 16 राउंड की बातचीत का क्या नतीजा निकला और पीएम मोदी की बाली में शी जिनपिंग से क्या बात हुई, अगर हुई है तो.''

    विपक्ष के विरोध पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस सरकार के दौरान चर्चा से इनकार होने का मामला उठाया.

    उन्होंने कहा, ''2005 में विपक्ष ने चीनी सीमा का मसला उठाया था. तब सदन के नेता प्रणब मुखर्जी और तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा था कि इस पर संसद में चर्चा की बजाए इसे आंतरिक तौर पर हल करना चाहिए क्योंकि ये संवेदनशील मसला है. इसके बाद हमने ये मसला नहीं उठाया.''

    ''कांग्रेस ये भूल रही है और एक संवदेनशील मसला उठा रही है जो ठीक नहीं है. वो कांग्रेस ही है जिसने सरहद पर बुनियादी ढांचा नहीं बनवाया.''

  3. अर्जेंटीना में जुटी लाखों की भीड़, विक्ट्री परेड भी पूरी नहीं कर सके फ़ुटबॉल खिलाड़ी

    अर्जेंटीना के फु़टबॉल विश्व कप जीतने के बाद पूरे देश में ज़बरदस्त जश्न का माहौल है.

    लोगों में उत्साह का आलम ये था कि लोगों की भीड़ के चलते टीम के खिलाड़ी विक्ट्री परेड भी पूरी नहीं कर सके और उन्हें हेलिकॉप्टर से ले जाना पड़ा.

    अर्जेंटीना के ख़िलाड़ियों को राजधानी वेयनोस सायरिस में मंगलावर को खुली बस में विश्व कप के साथ परेड निकालनी थी.

    लेकिन, खिलाड़ियों और कप की झलक पाने के लिए सड़कों पर लाखों का जनसैलाब इकट्ठा हो गया. ये संख्या इतनी ज़्यादा थी कि खिलाड़ियों की बस तय रास्ता तक पूरा नहीं कर पाई.

    भीड़ के कारण बस को चलने की जगह नहीं मिली और खिलाड़ियों को हेलिकॉप्टर में बैठाकर ले जाया गया.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने देश के स्थानीय मीडिया के हवाले से बताया है कि करीब 40 लाख लोग परेड के रास्ते पर इकट्ठा हो गए थे.

    सोशल मीडिया पर आए वीडियो में दिख रहा है कि जब बस पुल के नीचे से जा रही है तो कुछ फैंस बस पर चढ़ने की कोशिश भी कर रहे हैं.

    ऐसे में सुरक्षा कारणों से आठ घंटे के इस सफ़र को छोटा कर दिया गया.

    क़तर में हुए फ़ीफ़ा विश्व में अर्जेंटीना ने रविवार को फ़ाइनल में फ्रांस को हराकर विश्व कप हासिल किया है. अर्जेंटीना की फ़ुटबॉल टीम के कप्तान लियोनेल मैसी का ये आख़िरी विश्व कप भी बताया जा रहा है.

  4. गांबिया: समिति ने कफ़ सिरप से मौत के मामले में भारतीय कंपनी को ठहराया दोषी

    गांबिया में संसदीय समिति ने सिफारिश की है कि कफ़ सिरप से बच्चों की मौत के मामले में भारतीय दवा कंपनी पर मुक़दमा चलाया जाए.

    भारतीय कंपनी मेडन फार्मास्यूटिकल्स पर उसके बनाए चार कफ़ सिरप से 70 बच्चों की मौत होने का आरोप है.

    संसदीय समिति ने कहा कि इन मौतों के मामले में दूषित दवाएं निर्यात करने को लेकर मेडन फार्मास्यूटिकल्स को ज़िम्मेदार ठहराना चाहिए.

    विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अक्टूबर में एक अर्ल्ट जारी कर दवा नियामकों को सिरप की बिक्री रोकने के लिए गया था.

    हालांकि, मेडन फार्मास्यूटिकल्स ने इन आरोपों से इनकार किया था.

    भारत में भारतीय प्रयोगशालाओं ने कहा था कि सिरप की जांच के बाद पाया है कि उन्होंने

    भारत में सरकारी प्रयोगशालाओं ने कहा था कि सिरप की जांच में पाया गया कि वे "निर्देशों का अनुपालन" कर रहे थे. एक भारतीय अधिकारी ने पिछले हफ़्ते कहा था कि डब्ल्यूएचओ सिरप को दोष देने में जल्दबाज़ी में था.

    हफ़्तों की जांच के बाद संसदीय समिति ने अब सिफ़ारिश की है कि प्रशासन को सख़्त कदम उठाने चाहिए जिसमें मेडन फार्मास्यूटिकल्स के सभी उत्पादों पर प्रतिबंध लगाना और कंपनी के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई करना शामिल है.

    समिति ने कहा, ''वो मानती है कि मेडन फार्मास्यूटिकल्स दोषी है और दूषित दवाइयां निर्यात करने के लिए उसे ज़िम्मेदार ठहराना चाहिए.''

    संसदीय समिति ने भी पिछली रिपोर्ट की तरह पाया है कि चारों कफ़ सिरप में डाइथिलीन ग्लाइकोल और एथिलीन ग्लाइकोल की अनुचित मात्रा थी जिसके चलतें मौतें हुई थीं.

  5. एम्स के पूर्व निदेशक ने बताया कोरोना के नए ख़तरे का भारत पर क्या होगा असर

    एम्स के पूर्व निदेशक रणदीप गुलेरिया ने कोरोना महामारी के नए ख़तरे को लेकर कहा है कि भारत में महामारी के तीन सालों में स्थितियां काफ़ी बदली हैं.

    उन्होंने अंग्रेज़ी अख़बार हिंदुस्तान टाइम्स को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि कई देशों में बढ़ रहे कोरोना मामलों के बीच भारत के लिए कितना ख़तरा है और देश कितना तैयार है.

    भारत में कोविड को लेकर फिर से चिंता इसलिए बढ़ गई हैं क्योंकि पड़ोसी देश चीन में अब तक की सबसे बड़ी कोविड-19 की लहर आई है. वहाँ कोरोना संक्रमण अब तक की सबसे तेज़ रफ़्तार से बढ़ रहा है.

    चीन के अलावा जापान, दक्षिण कोरिया और ब्राज़ील में भी कोरोना संक्रमण के मामले काफ़ी तेज़ी से बढ़ रहे हैं.

    रणदीप गुलेरिया ने कहा, ''जब महामारी की शुरुआत हुई थी तो हमारे अंदर वायरस को लेकर कोई इम्यूनिटी नहीं थी जिससे कई लोगों में गंभीर संक्रमण हो गया था. लेकिन अब, महामारी के तीन सालों बाद हम ऐसी स्थिति में हैं जहां प्राकृतिक संक्रमण बड़ी संख्या में है और कई लोग कई बार संक्रमित हो चुके हैं. वहीं, वैक्सीन भी बड़ी आबादी तक पहुंच चुकी है.''

    ''हमारी प्रतिरक्षा क्षमता वायरस से लड़ने के लिए काफ़ी मजबूत है और इससे वायरस गंभीर रूस से बीमार नहीं कर सकता. पहले हमने अल्फ़ा, बीटा और डेल्टा वेरिएंट देखे थे लेकिन, पिछले एक साल में हमने लगातार ओमिक्रॉन वेरिएंट की अलग-अलग प्रकार देखे हैं. कोई वेरिएंट ऐसा नहीं जो पूरी तरह अलग हो.''

    उन्होंने कहा, ''हालांकि, हमें सतर्क रहने और सक्रियता के साथ निगरानी करने की ज़रूरत है क्योंकि हमने नहीं पता कि वायरस कैसे प्रतिक्रिया करेगा. लगता है कि वायरस स्थिर और हल्का हो गया है. लेकिन, हमें मौतें बढ़ने और लोगों के अस्पताल में भर्ती होने के कारणों को देखना होगा.''

    कोविड का समाना करने के लिए चुनौतियों के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, ''चीन और इटली में जैसी स्थितियां बनी थीं उसे देखकर लगता है कि कम तैयारी से बेहतर है ज़रूरत से ज़्यादा तैयारी रखना. ये तरीक़ा कारगर है क्योंकि वैज्ञानिक, क्लीनिक और नीति निर्माता आपस में जुड़े होते हैं.''

    गुलेरिया ने कहा, ''हमने पहले ही लॉकडाउन लगा दिया था, हालांकि कई लोगों को इस फर आपत्ति थी कि लॉकडाउन बहुत पहले ही लगा दिया गया. लेकिन, इससे जागरुकता फैलाने और तैयारी के लिए समय देने में मदद मिली. इस दौरान हमने मरीज़ों को संभालने के लिए बुनियादी ढांचा बदलने और तैयार करने के लिए बहुत काम किया. ये कांटो भरा रास्ता था लेकिन हमने कई पश्चिमी देशों से बेहतर प्रदर्शन किया.''

  6. रूसी हमले के बाद पहली बार अमेरिका जा सकते हैं यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की

    यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की बुधवार को अमेरिकी दौरे पर आ सकते हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक़ वो अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन से मुलाक़ात कर सकते हैं.

    फ़रवरी में यूक्रेन पर रूसी हमले के बाद से ये वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की का पहला विदेश दौरा है.

    अमेरिकी मीडिया को पहचान छुपाने की शर्त पर अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की इस दौरान कांग्रेस को संबोधित भी करेंगे. हालांकि, इस दौरे की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

    उनकी इस यात्रा के साथ सुरक्षा चिंताएं भी जुड़ी हैं. आख़िरी समय पर भी योजना में बदलाव आ सकता है.

    मंगलाव को एक पत्र में डेमोक्रेटिक हाउस स्पीकर नेंसी पेलोसी ने कांग्रेस सदस्यों से बुधवार को सदन में उपस्थित रहने के लिए कहा था.

    पत्र में ज़्यादा जानकारी दिए बिना लिखा था, ''लोकतंत्र पर विशेष ध्यान देने के लिए कृपया उपस्थित रहें.''

    पश्चिमी देशों के प्रमुख यूक्रेन का दौरा करते रहे हैं. वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की से उनकी मुलाक़ात हुई है. ज़ेलेंस्की ने वर्चुअल तरीक़े से यूएन में संबोधित भी किया है.

    वो वीडियो या टेलिफ़ोन पर वैश्विक नेताओं से बात भी करते रहे हैं. लेकिन, देश से बाहर राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की का पहला दौरान अमेरिका में होना अहम है.

    इससे दोनों देशों के रिश्तों के महत्व का पता चलता है. रूस के साथ संघर्ष शुरू होने के बाद से अमेरिका सैन्य सहयोग पर सीधे तौर पर 18.5 अरब डॉलर की प्रतिबद्धता जता चुका है.

  7. चीन में कोविड का कहर, 80 करोड़ लोग हो सकते हैं संक्रमित, भारत में भी बढ़ीं चिंताएं

    चीन में अब तक की सबसे बड़ी कोविड-19 की लहर आई है. वहाँ कोरोना संक्रमण अब तक की सबसे तेज़ रफ़्तार से बढ़ रहा है.

    चीन के स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि देश में आने वाले कुछ महीनों में कोविड 19 से 80 करोड़ लोग संक्रमित हो सकते है.

    एनपीआर कीरिपोर्टकहती है कि चीन में कोरोना से मरने वालों की संख्या 5 लाख हो सकती है, लेकिन चीन का मौजूदा आधिकारिक आँकड़ा इस संख्या से बेहद कम है.

    चीन से भारत की उड़ाने बंद करने की मांग की जा रही है. भारत सरकार ने राज्यों के लिए दिशा निर्देश जारी किया है और आज स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोविड को लेकर एक बैठक बुलाई है.

  8. यहाँ पड़ी हैं सैकड़ों लावारिस लाशें, भटक रहे परिवार

  9. राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में कोविड प्रोटोकॉल को लेकर मोदी सरकार के दिशानिर्देश

    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कांग्रेस की 'भारत जोड़ो यात्रा' में कोविड नियमों का पालन करने का अनुरोध किया है.

    उन्होंने कोविड नियमों का पालन ना करने की स्थिति में यात्रा को निलंबित करने की सलाह दी है.

    स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को ये चिट्ठी लिखी है.

    पत्र में लिखा है, ''राजस्थान के सांसदों पी.पी. चौधरी, निहाल चंद और देवजी पटेल ने एक पत्र के ज़रिए 'भारत जोड़ो यात्रा' से फैल रही कोविड महामारी को लेकर चिंता व्यक्त की थी. उन्होंने कोविड से राजस्थान और देश को बचाने के संदर्भ में दो बातों का अनुरोध किया है.''

    ''राजस्थान में 'भारत जोड़ो यात्रा' में कोविड दिशानिर्देशों का पालन हो, मास्क और सेनीटाइज़र का इस्तेमाल किया जाए और सिर्फ़ वैक्सीन लगा चुके लोग ही इस यात्रा में हिस्सा लें. यात्रा में जुड़ने से पहले और उसके बाद लोगों को आइसोलेट किया जाए.''

    ''अगर उपरोक्त कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना संभव नहीं है, तो पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी की स्थिति का ध्यान रखते हुए और देश को बचाने के लिए 'भारत जोड़ो यात्रा' को देशहित में स्थगित करने का अनुरोध है.''

    लेकिन, कांग्रेस ने इस सलाह को राजनीति से प्रेरित बताया है और बीजेपी से सवाल पूछा है.

    कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा, ''मैं बीजेपी से पूछना चाहता हूं कि क्या पीएम मोदी ने गुजरात चुनाव में कोविड दिशानिर्देशों का पालन किया था? मुझे लगता है कि मनसुख मांडविया को राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा पसंद नहीं है लेकिन लोग इसे पसंद कर रहे हैं और इससे जुड़ रहे हैं. मांडविया को लोगों का ध्यान भटकाने के लिए भेजा गया है.''

  10. शाहीन शाह अफ़रीदी ने कहा- बाबर आज़म पाकिस्तान की शान, जान और पहचान हैं

    इंग्लैंड के ख़िलाफ़ तीन टेस्ट मैचों की सिरीज़ में पाकिस्तान एक भी टेस्ट नहीं जीत पाया. इंग्लैंड ने इस सिरीज़ में क्लीन स्वीप किया. इंग्लैंड की 3-0 से जीत के बाद पाकिस्तान के कप्तान बाबर आज़म आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं.

    लेकिन पाकिस्तान के तेज़ गेंदबाज़ शाहीन शाह अफ़रीदी ने ट्वीट कर बाबर आज़म का समर्थन किया है.

    टी-20 वर्ल्ड कप के दौरान घायल हुए शाहीन शाह अफ़रीदी फ़िलहाल टीम से दूर हैं.

    बाबर आज़म ने तीसरे टेस्ट के बाद इस ओर भी इशारा किया था कि पाकिस्तान के कई नियमित गेंदबाज़ टीम से दूर थे.

    शाहीन शाह अफ़रीदी ने ट्वीट कर लिखा- बाबर आज़म हमारी और पाकिस्तान की शान, जान और पहचान हैं. वो हमारा कप्तान है और रहेगा. कुछ और सोचना भी मना है. कृपया टीम को सपोर्ट करें. यही टीम हमें जिताएगी भी. कहानी अभी ख़त्म नहीं हुई.

  11. रोहित शर्मा ने कहा कि तेरे बारे में अब मुझे कुछ नहीं बोलना: सूर्यकुमार यादव

    भारतीय क्रिकेटर सूर्यकुमार यादव ने एक साक्षात्कार में अपने शानदार प्रदर्शन, ज़िंदगी में हुए बदलाव, रोहित शर्मा और विराट कोहली के बारे में बात की.

    सूर्यकुमार यादव ने इंडियन एक्सप्रेस को दिए एक साक्षात्कार में बताया कि वो अपने शॉट्स देखकर ख़ुद ही हैरान हो गए थे. उन्होंने घरेलू मैच और आईपीएल में भी ऐसे शॉट मारे थे लेकिन किसी बड़े गेम में ऐसा नहीं हुआ था.

    उन्होंने बताया, ''मैंने अपने पिछले तीन महीनों के वीडियो देखे थे. तब मुझे लगा कि ये शॉट मैंने कैसे खेल दिया. मैंने ऐसा कैसे किया. मैंने सोशल मीडिया पर इसे देखा था और फिर बार-बार इसे देखता रहा.''

    सूर्यकुमार यादव ने टी20 विश्व कप के कई मैच में शानदार प्रदर्शन किया था. उन्होंने भारत-न्यूज़ीलैंड ट्वीट मैच में 51 गेंदों पर 111 रन बनाकर शतक जड़ा था जिसकी बहुत सराहना भी हुई थी.

    उनके प्रदर्शन पर टीम प्रतिक्रिया को लेकर सूर्यकुमार ने बताया, ''रोहित शर्मा ही मेरे प्रदर्शन की सराहना करते थे. लेकिन, इस सीज़न में उन्होंने मेरे कई शॉट देखे पर कुछ नहीं कहा. कुछ मैचों में उन्होंने कहा कि मुझे अब कुछ बोलना नहीं है, अभी तेरे बारे में.''

    ''एक बार जब मैं विराट भाई आए और उन्होंने कहा, ''तू वीडियो गेम खेल रहा है क्या. अलग चल रहा है तेरा भी.'' ऐसी बातें सुनना अच्छा लगता है.''

    सूर्यकुमार यादव ने रोहित शर्मा से जुड़ा एक और क़िस्सा बताया. रोहित शर्मा ने एक बार कहा था कि वो टीम में सबसे ज़्यादा सामान लाते हैं.

    इस पर सूर्यकुमार ने कहा, ''मेरी पत्नी मेरे साथ सफ़र करती हैं इसलिए कुछ सूटकेस और बढ़ जाते हैं. लेकिन, उनका मतलब ये था कि बल्लेबाज़ी करते हुए मैं अतिरिक्त बोझ लादकर चलता हूं.''

    ''मैंने उनसे कहा था कि योजनाओं से जुड़ा मेरा जो भी अतिरिक्त भार होता है, वो मैं ग्राउंड पर छोड़ देता हूं. जब मैं ग्राउंड पर होता हूं तो कुछ और नहीं सोचता. चाहे मैंने अच्छा खेला या नहीं पर जब तक टीम साथ नहीं बैठती मैं वापस लौटकर क्रिकेट पर किसी से बात नहीं करता.''

    उन्होंने बताया कि किसी उलझन की स्थिति में वो रोहित शर्मा से बात करते हैं.

    सूर्यकुमार यादव ने बताया, ''मैंने पहले राहुल (द्रविड़) भाई से भी बात की थी. जब उन्होंने मेरी ऐसी कई पारियां देखीं तो मुझसे बताया कि मैं जिस नंबर पर बल्लेबाज़ी कर रहा हूँ वहाँ से खेल बदल सकता हूँ. जब वो भारतीय टीम के कोच बने, तो मैंने उनके पास जाकर कहा कि जब मैच 7-14 ओवर के बीच हो तो मुझे भेजें. मैंने मुंबई इंडियंस के लिए ऐसी स्थिति में कई बार बल्लेबाज़ी की है. इस स्थिति में कैसे रन बनाने हैं मैं जानता हूँ. वो तैयार हो गए और मुझे भेज दिया.''

    सूर्यकुमार यादव ने बताया कि कैसे उनकी ज़िंदगी बदल गई है. अब लोग उन्हें पहचानकर रोकने लगे हैं. साथ ही अब उनकी व्यवस्तता भी काफ़ी बढ़ गई है और परिवार के लिए समय कुछ कम हुआ है.

    उन्होंने टेस्ट क्रिकेट भी खेलने की इच्छा जताई. सूर्यकुमार ने कहा, ''मैंने ये फॉर्मेैट खेला है. मुझे रेड बॉल क्रिकेट का अंदाज़ा है क्योंकि हम सब ने उसी से शुरुआत की थी. हां, स्थितियां चुनौतीपूर्ण होती हैं लेकिन अगर आप दिमाग का इस्तेमाल करें और खेल का तरीक़ा बदलें तो सफ़लता ज़रूर मिलेगी.''

  12. ब्रेकिंग न्यूज़, ट्विटर के सीईओ का पद छोड़ सकते हैं एलन मस्क, किया ट्वीट

    ट्विटर के नए सीईओ एलन मस्क ने कहा है कि वो ट्विटर के चीफ़ एग्ज़िक्यूटिव ऑफ़िसर (सीईओ) का पद छोड़ने वाले हैं.

    उन्होंने ट्वीट किया, ''इस काम के लिए जैसे ही मुझे कोई बेवकूफ मिल जाएगा मैं सीईओ के पद से इस्तीफ़ा दे दूंगा. इसके बाद मैं सिर्फ़ सॉफ़्टवेयर और सर्वर टीम के साथ काम करूंगा.''

    इससे पहले एलन मस्क ने ट्विटर पर एक पोल किया था कि उन्हें ट्विटर का सीईओ पद छोड़ देना चाहिए या नहीं. उन्होंने ये भी लिखा था कि जो भी नतीजे आएंगे वो उसे मानेंगे.

    इस पोल पर पद छोड़ने के समर्थन में 57.5 प्रतिशत और विरोध में 42.5 प्रतिशत नतीजे आए.

    एलन मस्क के ट्विटर को ख़रीदने के बाद से उनके लाए बदलावों की आलोचना हो रही है.

    वो अक्सर कुछ मामलों पर पोल डालकर लोगों से प्रतिक्रिया मांगते हैं और फिर फ़ैसले की घोषणा करते हैं.

    एलन मस्क टेस्ला और स्पेस एक्स के भी मालिक हैं.

  13. लड़कियों पर तालिबान के इस फ़ैसले से ग़ुस्सा और नाराज़गी

    अफ़ग़ानिस्तान में स्कूली शिक्षा के बाद अब लड़कियों के लिए उच्च शिक्षा पर भी रोक लगा दी गई है.

    अफ़ग़ानिस्तान में उच्च शिक्षा मंत्री के एक पत्र के मुताबिक़ तालिबान ने देश के विश्वविद्यालयों में लड़कियों की शिक्षा पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है.

    उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि अगली सूचना तक ये आदेश लागू रहेगा. इसे जल्द से जल्द लागू किया जाएगा.

    अफ़ग़ानिस्तान में महिलाओं पर पहले ही स्कूली शिक्षा पर रोक लगाई गई थी. अब उच्च शिक्षा तक भी उनकी पहुँच को बाधित कर दिया गया है.

    काबुल विश्वविद्यालय की एक छात्रा ने बताया कि वो ये ख़बर सुनने के बाद से लगातार रो रही हैं.

    तीन महीनों पहले अफ़गानिस्तान में लड़कियों और महिलाओं ने विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षा दी थी.

    लेकिन, लड़कियां जिन विषयों को पढ़ती थीं उन पर व्यापक प्रतिबंध लगाए गए थे. पशु चिकित्सा विज्ञान, इंजीनियरिंग, अर्थशास्त्र और पत्रकारिता जैसे विषयों पर तो कड़े प्रतिबंध लगे थे.

    पिछले साल अफ़गानिस्तान में तालिबान के शासन के बाद विश्वविद्यालयों में छात्र और छात्राओं के आने के लिए अलग-अलग प्रवेश और पढ़ने के लिए अलग-अलग कमरों की व्यवस्था लाई गई थी.

    छात्राओं को सिर्फ़ महिला या बुज़़ुर्ग प्रोफ़ेसर ही पढ़ा सकते थे.

    इस प्रतिबंध को लेकर विश्वविद्यालय की एक छात्रा ने बीबीसी से कहा कि उन्हें लगता है कि तालिबान महिलाओं और उनकी ताक़त से डरता है.

    छात्रा ने कहा, ''उन्होंने मुझे भविष्य से जोड़ने वाले एकमात्र रास्ते को ख़त्म कर दिया है.''

    तालिबान के इस आदेश का अमेरिका ने विरोध किया है. अफ़गानिस्तान में विशेष अमेरिकी राजदूत रीना अमीरी ने ट्वीट किया, ''तालिबान का लड़कियों और महिलाओं को स्कूली और विश्वविद्यालय की शिक्षा से वंचित करना और उन्हें लक्ष्य बनाकर जारी किए गए 16+ आदेशों के बाद कोई संदेह नहीं है कि तालिबान 90 के दशक की अतिवादी नीतियों पर वापस लौट रहे हैं. वो 50 प्रतिशत आबादी और स्थायित्व के लिए अफ़ग़ानिस्तान के उम्मीदों को ख़त्म कर रहे हैं.''

  14. नमस्कार, बीबीसी हिंदी के लाइव पेज में आपका स्वागत है. अभिवादन स्वीकार कीजिए.

    ये लाइव पेज 24 घंटे उपलब्ध रहेगा. 20 दिसंबर के अपडेट्स के लिए आप यहां क्लिककर सकते हैं.