चीन से लेकर जापान बढ़े कोविड के मामले, भारत में हालात का जायज़ा लेंगे स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया
जापान , दक्षिण कोरिया, ब्राज़ील, चीन और अमेरिका में कोविड-19 के मामले बढ़ने के बाद भारत में भी सतर्कता बढ़ गई है.
लाइव कवरेज
कीर्ति दुबे and शुभम किशोर
पाकिस्तान डिफॉल्ट होने की राह पर है: मिफ़्ताह इस्माइल
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पाकिस्तान के पूर्व वित्त मंत्री मिफ़्ताह इस्माइल ने कहा है कि आर्थिक मोर्चे पर पाकिस्तान जिस ओर बढ़ रहा है, उससे देश के डिफ़ॉल्ट होने का ख़तरा है. उन्होंने पाकिस्तान की मौजूदा सरकार से हालात से निबटने के लिए रचनात्मक क़दम उठाने की मांग की है.
पाकिस्तान की जीओ न्यूज़ से बात करते हुए उन्होंने कहा, "पाकिस्तान को डिफ़ॉल्ट नहीं करना चाहिए. लेकिन मुझे लगता है कि जिस राह पर हम हैं, हमारे सामने एक आर्थिक चैलेंज हैं और हमारे डिफ़ॉल्ट करने की आशंका है. इस ख़तरे से बचने के लिए हमें क़दम उठाने होंगे."
उन्होंने कहा कि डिफ़ॉल्ट का ख़तरा आईएमएफ़ की नौवें रिव्यू तक कायम रहेगा.
पाँच महीने तक पाकिस्तान के वित्त मंत्री रहे इस्माइल के मुताबिक़, "पाकिस्तान की हालत बहुत ख़राब है और जब तक आईएमएफ़ वापस नहीं आता है, ये डर बना रहेगा."
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की ये हालत पिछली सरकारों के कारण हैं और डिफ़ॉल्ट के क़रीब ले जाने वाले इमरान ख़ान हैं.
उन्होंने कहा, "जब हम पीएम शहबाज़ शरीफ़ के नेतृत्व में आईएमएफ़ के कार्यक्रम को वापस पटरी पर लाना चाहते थे, ख़ान ने उनसे किया अपना वादा तोड़ा."
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पाकिस्तान ने इस महीने की शुरुआत में ख़ुद को डिफ़ॉल्ट होने से बचाया जब स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (एसबीपी) ने सुकुक बॉन्ड के लिए एक अरब डॉलर का भुगतान किया.
लेकिन तब से, दो दिसंबर तक विदेशी मुद्रा भंडार 10.45% गिरकर 6,714.9 मिलियन डॉलर पर पहुंच गया है, जो कि चार साल में सबसे कम है.
चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में राजकोषीय घाटा जीडीपी के 1% तक पहुंच गया है, जबकि आईएमएफ के साथ सहमति के अनुसार इसे 0.7% होना चाहिए था.
हालांकि, जीओ न्यूज़ के मुताबिक वित्त और राजस्व मंत्री इशाक डार ने कहा कि पाकिस्तान डिफ़ॉल्ट नहीं करेगा क्योंकि यह सही दिशा में चल रहा था.
पठान फ़िल्म के गाने में दीपिका पादुकोण पर नरोत्तम मिश्रा की आपत्ति
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मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने शाहरुख़ ख़ान की आने
वाली फ़िल्म पठान की अभिनेत्री दीपिका पादुकोण के पहनावे पर आपत्ति जताई है. 12
दिसंबर को पठान फ़िल्म का एक गाना रिलीज किया गया था. गाने का टाइटल है- बेशर्म
रंग. इस गाने में दीपिका पादुकोण के पहनावे को लेकर सोशल मीडिया पर कई लोग सवाल
उठा रहे हैं. कई लोग इसे अभद्र बता रहे हैं.
अब मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने दीपिका पादुकोण को
कथित टुकड़े-टुकड़े गैंग का समर्थक बताया है. नरोत्तम मिश्रा ने लिखा है,
''फ़िल्म
पठान के गाने में टुकड़े-टुकड़े गैंग की समर्थक अभिनेत्री दीपिका पादुकोण की
वेशभूषा बेहद आपत्तिजनक है और गाना दूषित मानसिकता के साथ फ़िल्माया गया है. गाने
के दृश्यों और वेशभूषा को ठीक किया जाए अन्यथा फ़िल्म को मध्य प्रदेश में अनुमति
दी जाए या नहीं दी जाए, यह विचारणीय होगा.''
जनवरी 2020 में दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के परिसर में
कुछ नक़ाबपोश लोगों ने छात्रों और टीचर्स को निशाना बनाया था और तोड़फोड़ की थी.
इसके बाद दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में छात्रों और अन्य लोगों ने इस घटना की
निंदा करते हुए प्रदर्शन किए थे.
उस समय दीपिका पादुकोण भी जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी पहुंची थीं और
उन्होंने हमले के शिकार हुए छात्रों के प्रति समर्थन जताया था. दीपिका ने उस समय
स्टूडेंट्स यूनियन की अध्यक्ष आईशी घोष से भी मुलाक़ात की थी, जिन्हें
चोटें आई थीं.
हालांकि, दीपिका पादुकोण ने वहाँ जुटे लोगों को संबोधित नहीं किया था मगर कुछ
लोगों से बातचीत करने के बाद वह लौट गई थीं.
उस समय दीपिका पादुकोण की फ़िल्म 'छपाक' रिलीज़
होने वाली वाली थीं. लोगों ने उनके जेएनयू पहुंचने को फ़िल्म के प्रमोशन से जोड़ा
और छपाक के भी बहिष्कार की मांग उठने लगी थी.
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सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन ने अपने पहले रणजी मैच में जड़ा शतक
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सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर ने अपने पहले ही रणजी मैच में शतक जड़ा है. गोवा की तरफ़ से राजस्थान के ख़िलाफ खेलते हुए अर्जुन ने 177 गंदों में अपना शतक पूरा किया.
वो एस प्रभुदेसाई के साथ क्रीज़ पर टिके हुए हैं. दोनों की शानदार बल्लेबाज़ी की बदौलत गोवा ने 400 रन का आँकड़ा पार कर लिया है.
सचिन तेंदुलकर ने भी 1988 में अपने पहले रणजी में शतक लगाया था. सोशल मीडिया पर भी कई लोग अर्जुन की तुलना सचिन तेंदुलकर से कर रहे हैं.
अर्जुन ने इस साल की शुरुआत में गोवा की टीम के लिए खेलना शुरू किया था. मुंबई की टीम से उन्हें बहुत मौक़े नहीं मिले थे.
वो आइपीएल में मुंबई इंडियंस टीम का हिस्सा भी रहे हैं, लेकिन वो कभी प्लेयिंग इलेवन में नहीं आ पाए.
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रूस-यूक्रेन जंग: कीएव में फिर हुए धमाके, ड्रोन हमले में सरकारी इमारत को नुकसान
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यूक्रेन की राजधानी कीएव में बुधवार को कई धमाके होने की ख़बर है. शहर के मेयर ने इसकी जानकारी दी है.
उन्होंने कहा कि शेवेंचकिव्स्की ज़िले के केंद्र में धमाके हुए और इमर्जेंसी सेवाओं को मौक़े पर भेज दिया गया है.
बीबीसी के पत्रकारों नें तेज़ आवाज़ सुनी जिसके थोड़ी ही देर बाद एयर रेड साइरन बजने लगे. रूस कथित तौर पर अक्टूबर से यूक्रेन के एनर्जी इन्फ़्रास्ट्रक्चर पर मिलाइलों और ड्रोन से हमला कर रहा है.
राष्ट्रपति वोलोदोमीर ज़ेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन की सेना ने 13 ईरानी ड्रोन- शाहिद को मार गिराया है, जो रूस ने बुधवार को लॉन्च किए थे.
कीएव के मिलिट्री एडमिनिस्ट्रेशन ने कहा है कि ड्रोन का एक हिस्सा शहर के प्रशासनिक भवन पर गिरा. इसके अलावा चार रिहायशी इमारतों को भी नुक़सान हुआ है. हालांकि इमर्जेंसी सर्विस के प्रवक्ता ने मीडियो का बताया किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है.
कीएव के गवर्नर ओलेस्की कुलेबा ने कहा कि उनका एयर डिफेंस सिस्टम काम कर रहा है.
कुलेबा ने कहा, "एयर डिफेंस सिस्टम काम कर रहा है. अभी के लिए शेल्टर और सुरक्षित जगहों पर रहना ज़रूरी है. रूस हमारे देश के ख़िलाफ 'एनर्जी टेरर' को पर कायम है. लेकिन हम इनसे मज़बूती से लड़ रहे हैं."
ज़हरीली शराब से छह की मौत, नीतीश ने नेता प्रतिपक्ष को कहा- अरे तुम बोल रहे हो
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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बुधवार को विधानसभा में विपक्ष पर
बुरी तरह भड़कते दिखे.
विधानसभा में विपक्ष नीतीश कुमार की शराबबंदी की नीति पर सवाल उठा
रहा था और नीतीश कुमार को यह रास नहीं आया.
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा सारण ज़िले में
ज़हरीली शराब से हुई मौतों को लेकर सवाल उठा रहे थे. अब तक की ख़बर के मुताबिक़
सारण ज़िले में ज़हरीली शराब पीने से छह लोगों की मौत हुई है और कई लोगों को
अस्पताल में भर्ती किया गया है.
हिन्दुस्तान टाइम्स की ख़बर के अनुसार, सारण ज़िले के
डोयला गाँव में मंगलवार की शाम 15 से ज़्यादा लोगों ने शराब पी थी. कुछ ही घंटों
में इन्हें उल्टियां होने लगीं और बेहोश होने लगे. बाद में इन्हें अस्पताल में
भर्ती किया गया.
इसे लेकर बिहार विधानसभा में काफ़ी हंगामा हुआ. बीजेपी ने विधानसभा
में कहा कि नीतीश कुमार की शराबबंदी नीति बुरी तरह से नाकाम रही है. कांग्रेस ने
भी शराबबंदी की समीक्षा की मांग की है. विधानसभा में दिख रहा है कि नीतीश कुमार
विजय सिन्हा की तरफ़ उंगली उठाते हुए बोल रहे हैं- अरे तुम बोल रहे हो...
नीतीश कैबिनेट में मंत्री रहे और आरजेडी विधायक सुधाकर सिंह ने भी
शराबबंदी का विरोध किया है. उन्होंने कहा कि किसी भी खाद्य सामग्री और पेय पर
प्रतिबंध मानसिक दिवालियापन का सबूत है.
सुधाकर सिंह ने कहा, ''आप प्रतिबंध नहीं लगा सकते. आप
जागरूकता के ज़रिए लोगों को समझा सकते हैं कि शराब सेहत के लिए हानिकारक है.''
सुधाकर
सिंह कृषि मंत्री थे और उन्हें अपने बयान के कारण इस्तीफ़ा देना पड़ा था.
नीतीश कुमार का कहना था कि उन्होंने शराबबंदी का फ़ैसला बीजेपी के
साथ रहते हुए लिया था और अब बीजेपी वाले अलग होने के बाद विरोध कर रहे हैं.
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नीतीश कुमार का विधानसभा में ऐसा ग़ुस्सा देखा आपने
....में
Author, चंदन कुमार जाजवड़े
पदनाम, बीबीसी संवाददाता
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बिहार विधानसभा में शराबबंदी को लेकर मंगलवार को जमकर हंगामा हुआ है.
शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन सदन में छपरा में छह लोगों की मौत के मुद्दे को विपक्ष
ने उठाया और वेल में आकर शोर करने लगे.
उसके बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया. इस पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
ग़ुस्सा भी फूट पड़ा. नीतीश ने कहा कि जब शराबबंदी की थी तो सबलोग इस फ़ैसले के
साथ थे.
नीतीश कुमार ने विपक्ष यानी बीजेपी के सदस्यों की तरफ़ इशारा करते
हुए उबल पड़े और कहा, “तुम शराब के पक्ष में बोल रहे हो? शराबी हो क्या
तुमलोग? आज जो कर रहे हो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा? आज
साथ नहीं हो, पहले क्या बोलते थे.”
इस बीच विपक्ष की तरफ़ से लगातार शोर होता रहा और नीतीश कुमार
ग़ुस्से में बोलते रहे. सदन में विपक्ष के नेता और बीजेपी विधायक विजय सिन्हा ने
आरोप लगाया है कि सदन में मुख्यमंत्री का व्यवहार लोकतांत्रिक नहीं है. उन्होंने
आरोप लगाया है कि उन्हें बोलने नहीं दिया गया और जो बात उठाई उसे सदन के रिकॉर्ड
निकालने को कहा.”
बीजेपी ने इस मुद्दे पर नीतीश कुमार को अपने व्यवहार के लिए माफ़ी
मांगनी होगी नहीं तो सदन नहीं चलने दिया जाएगा. छपरा में कई लोगों की संदिग्ध मौत
को लेकर बिहार की राजनीति एक बार फिर से गर्म हो गई है. हालांकि अभी तक इनकी मौत
के सही कारण का पता नहीं चला है.
सारण के सिविल सर्जन डॉक्टर सागर दुलाल सिंहा ने बीबीसी को बताया,
“अब
तक छह लोगों का शव आ चुका है, इन्हें देखने पर पॉइज़निंग का मामला लग
रहा है. हम विसरा इकक्ठा कर रहे हैं. एसपी ऑफिस से इसकी जांच मुज़फ़्फ़रपुर लैब
में कराई जाएगी तभी मौत की सही वजह का पता चलेगा.”
लोक जनशक्ति पार्टी के नेता और लोकसभा सांसद चिराग पासवान नीतीश कुमार के ग़ुस्से का वीडियो शेयर करते हुए लिखा है, ''मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी, आपके राजनीतिक पतन का कारण बनेगी शराबबंदी.''
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तवांग विवाद: कारगिल युद्ध के दौरान भी चीनी सेना क्या अरुणाचल में ज़ोर आज़मा रही थी
मुख़्तार अंसारी को ईडी ने मनी लॉन्ड्रिग केस में रिमांड पर लिया
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की प्रयागराज यूनिट ने मनी लॉन्ड्रिग के एक
मामले में बाहुबली नेता मुख़्तार अंसारी को रिमांड पर लिया है.
उत्तर प्रदेश की एक स्थानीय अदालत ने उनके खिलाफ़ वॉरंट जारी किया था.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, 59
वर्षीय अंसारी
उत्तर प्रदेश के बांदा ज़िले की एक जेल में बंद है. ईडी ने पिछले साल इस मामले में
पूर्व विधायक से पूछताछ की थी.
इससे पहले ईडी के अधिकारियों ने मुख़्तार अंसारी के विधायक बेटे
अब्बास अंसारी और बहनोई आतिफ़ रज़ा को अंसारी को गिरफ़्तार किया था. उन पर अलग-अलग
बैंक खातों के ज़रिए कई करोड़ रुपये के नक़द लेनदेन का आरोप है.
मुख्तार अंसारी की पत्नी अफ़शां अंसारी भी ईडी की ओर से मनी
लॉन्ड्रिंग मामले में वॉन्टेड हैं और केंद्रीय एजेंसी ने उसके ख़िलाफ़ लुकआउट नोटिस
जारी किया है.
मुख़्तार अंसारी के ख़िलाफ़ कम से कम 49 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें जमीन हड़पने, हत्या और जबरन वसूली के मामले शामिल हैं. उस पर हत्या के प्रयास और
हत्या सहित कई मामलों में उत्तर प्रदेश में मुक़दमा चल रहा है.
तवांग झड़प से जोड़कर वायरल हो रहे वीडियो पर कौन क्या कह रहा
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अरुणाचल प्रदेश के तवांग में भारतीय
और चीनी सेना के बीच हुई झड़प के बाद हालात तनावपूर्ण हैं.
इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है. इस वीडियो में सैन्य यूनिफॉर्म में दो गुट आपस में लग रहे हैं. दोनों गुटों के बीच बाड़ है. कहा जा रहा है कि यह एलएसी का वीडियो है. यह भी कहा जा रहा है कि धक्कामुक्की कर रहे लोग भारत और चीन के सैनिक हैं. इस वीडियो में धक्कामुक्की के दौरान पंजाबी में गाली भी सुनी जा सकती है.
यह पुष्टि नहीं हो सकी है कि वीडियो कब का और कहाँ का है. बीबीसी भी इसकी प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है. लेकिन इस वीडियो पर सोशल मीडिया पर लोग ख़ूब
प्रतिक्रिया दे रहे हैं. लोग भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम की सराहना कर रहे हैं.
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सेना की
तारीफ़ करते हुए कहा, “ये वीडियो जब का भी है और जहां का भी है, हमें गर्व है कि हमारी सेना ने दुश्मन के छक्के छुड़ा दिए.जब हमारा राजनीतिक नेतृत्व कमर झुका कर और डाइनिंग टेबल
से उठ कर चीन के राष्ट्रपति के सामने मुख़ातिब होता है, तब भी हमारी सेना सीमा पर डट कर दुश्मन से दो-दो हाथ कर रही होती है.”
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बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव सीटी रवि ने वीडियो को ट्वीट करते हुए कहा, “लगभग 100 बहादुर भारतीय सैनिक बनाम 300 से अधिक चीनी सैनिक, तवांग ने भारतीय सेना का शौर्य देखा, इस तरह हमारे जांबाज जवानों ने चीनी सेना को पीछे धकेल दिया.”
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कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने भी इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा है, “मेरे मित्र और एक पूर्व फौजी ने मुझे ये वीडियो फॉरवर्ड किया है. उन्हें सेना का महावीर चक्र मिला है.नहीं कह सकता कि ये 9 दिसंबर का तवांग के यांग्त्से का वीडियो है लेकिन एक चीज़ साफ़ दिख रही है कि भारतीय सेना, चीनी सेना को सबक सीखा रही है. बहुत बेहतरीन भाइयों, देश आपके पीछे खड़ा है.”
मनीष तिवारी के इस ट्वीट के जवाब में जानी-मानी संपादक और प्रसार भारती की प्रमुख रहीं मृणाल पांडे ने लिखा है, ''एक बात कल से समझ में नहीं आ रही है. इन क्लिपिंग्स में दोनों ओर के सैनिकों की पोशाकें 17000 फ़ुट की ऊंचाई वाले इलाक़े में दिसंबर की हाड़ जमा देने वाली सर्दी के लिए क्या नाकाफ़ी नहीं लगती हैं?''
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भारतीय एथलीट और बीजेपी नेता सुरेंदर सिंह पुनिया ने, “भारतीय सेना बनाम चीनी सेना, चीनी सेना भाग रही है. राहुल गांधी को ये देख कर बहुत बुरा लगा रहा होगा.”
मोनिका वर्मा नाम की एक यूज़र लिखती हैं, “नौ दिसंबर का वीडियो नहीं है लेकिन क्या बेहतर डिफ़ेंस दिखाया है भारतीय सेना ने.”
नौ सेना के सेवानिवृत अधिकारी और लेखक हरिंदर एस सिक्का ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा है, “एक बार फिर भारतीय सेना ने तवांग में चीनी सौनिकों को सबक सिखाने के लिए सिख सैनिकों को कमान सौंपीं. ख़लिस्तान की मांग करने वालों को शर्म से सिर झुका लेना चाहिए. 'बोले सो निहाल, सत श्री अकाल.”
ख़ुद को बॉम्बे हाई कोर्ट का वकील बताने वाले आशुतोष दुबे कहते हैं, “बहुत खूब भाइयों.”
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ख़ुद को चीनी मामलों के जानकार बताने वाले एंड्रियू जे फेलान लिखते हैं, “लाठियों और पत्थरों से हड्डियां तोड़ी जाती हैं. अरुणाचल प्रदेश के तवांग क्षेत्र के वो दृश्य जो सीजीटीएन टीवी (चीन का सरकारी चैनल) पर नहीं दिखाया जाएगा. ये भारतीय सैनिक इसके अभ्यस्त हैं. यदि वे मारे जाते हैं तो उनके परिवारों की देखभाल की जाती है.”
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नौ दिसंबर को तवांग सेक्टर में भारतीय सेना और चीनी सेना के बीच झड़प हुई. इसमें सेना के कुछ जवानों को मामूली चोटें आई हैं.
राजनाथ सिंह का बयान
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को संसद के दोनों सदनों में बयान देते हुए कहा कि "9 दिसंबर 2022 को पीएलए सैनिकों ने तवांग सेक्टर के यांगत्से एरिया में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर अतिक्रमण कर यथास्थिति को एकतरफा बदलने का प्रयास किया. चीन के इस प्रयास का हमारी सेना ने दृढ़ता के साथ सामना किया है."
उन्होंने कहा, "इस फेस ऑफ में हाथापाई भी हुई है. भारतीय सेना ने पीएलए को उनकी पोस्ट पर वापस जाने के लिए मजबूर कर दिया."
राजनाथ सिंह ने कहा, "इस झड़प में दोनों ओर के सैनिकों को चोटें भी आई हैं. इस घटना में हमारे किसी भी सैनिक की न तो मृत्यु हुई है और न ही कोई गंभीर रूप से घायल हुआ है."
चीन और भारत ने लगाया एक-दूसरे पर आरोप
भारत और चीन के सैनिकों की झड़प पर चीनी मीडिया क्या कह रहा?
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पूर्वी लद्दाख के बाद अरुणाचल प्रदेश के तवांग में वास्तविक नियंत्रण
रेखा पर भारत और चीन के सैनिकों की झड़प को लेकर दोनों देश अलग-अलग बातें कह रहे
हैं.
नौ दिसंबर को हुई झड़प को लेकर चार दिनों तक दोनों देश चुप रहे लेकिन
भारतीय मीडिया में जब सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट आने लगी तो रक्षा मंत्री राजनाथ
सिंह ने मंगलवार को संसद में आधिकारिक बयान दिया. भारत के बयान के बाद चीन के
विदेश मंत्रालय ने भी अपना पक्ष रखा.
राजनाथ सिंह ने संसद में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर हुई झड़प की
जानकारी देते हुए कहा था, '''नौ दिसंबर 2022 को चीनी
सैनिकों ने तवांग सेक्टर के यांग्त्से इलाक़े में, वास्तविक
नियंत्रण रेखा पर अतिक्रमण कर यथास्थिति को एकतरफ़ बदलने का प्रयास किया. चीन के
इस प्रयास का हमारी सेना ने दृढ़ता के साथ सामना किया. इस तनातनी में हाथापाई हुई.
भारतीय सेना ने बहादुरी से चीनी सैनिकों को हमारे इलाक़े में अतिक्रमण करने से
रोका और उन्हें उनकी पोस्ट पर वापस जाने के लिए मजबूर कर दिया. इस झड़प में दोनों
ओर के कुछ सैनिकों को चोटें आईं.''
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चीनी के अंग्रेज़ी अख़बार ग्लोबल टाइम्स को वहाँ की सत्ताधारी
कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना का मुखपत्र माना जाता है. ग्लोबल टाइम्स के अनुसार,
पूरे
मामले पर चीन की सेना पीपल्स लिबरेशन आर्मी के वेस्टर्न थिएटर कमांड ने मंगलवार को
कहा कि चीनी सीमा सुरक्षा बल अपने क्षेत्र में एलएसी पर दैनिक पट्रोलिंग कर रहे थे
तभी भारतीय सैनिकों ने वास्तविक नियंत्रण रेखा पार कर चीनी सैनिकों को अवैध रूप से
रोका. स्थिति नियंत्रण में करने के लिए चीन के सैनिकों ने पेशेवर सेना की तरह जवाब
दिया.
ग्लोबल टाइम्स के अनुसार, पीएलए वेस्टर्न थिएटर कमांड के
प्रवक्ता कर्नल लोंग शाओहुआ ने कहा कि दोनों देशों के सैनिक अब अपने-अपने इलाक़े
में हैं.
उन्होंने कहा कि सीमा पर शांति के लिए भारत अपने सैनिकों को नियंत्रण
में रखे. चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने भी मंगलवार को कहा कि
अभी हालात नियंत्रण में हैं और उन्होंने भारत से आग्रह किया कि दोनों देशों के बीच
जो सीमा समझौते हैं, उनका पालन करे. वेनबिन ने कहा कि दोनों देश सैन्य और राजनियक स्तर पर
बातचीत कर रहे हैं.
ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है, ''चीन और भारत जून 2020 से सीमा पर जारी
गतिरोध को ख़त्म करने की कोशिश कर रहे हैं. 14 अक्टूबर को दोनों देशों के बीच
25वीं वार्ता हुई थी. इन बातचीत के दौरान पूर्वी लद्दाख में कुछ इलाक़ों से दोनों
देशों ने अपने सैनिकों को पीछे भी हटाए हैं.''
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ग्लोबल टाइम्स से इंस्टिट्यूट ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज ऑफ फुदान
यूनिवर्सिटी के एक प्रोफ़ेसर लिन मिनवांग ने कहा है, ''2020 में सीमा
पर हिंसक टकराव के बाद भारत और चीन ने सरहद पर इन्फ़्रास्ट्रक्चर बढ़ाने का काम
तेज़ कर दिए हैं. जिस आक्रामकता से दोनों देश आगे बढ़ रहे हैं, वैसे
में यह चौंकाने वाली बात नहीं है कि दोनों देशों के सैनिक ईस्टर्न सेक्शन में
भिड़े होंगे. हालाँकि दोनों देश अलग-अलग मोर्चों पर बातचीत कर रहे हैं. इससे पता
चलता है कि दोनों देशों के संबंध अभी स्थिर हैं.''
लिन ने कहा कि सर्दी के मौसम में दोनों देश सीमा पर शायद ही टकराते
हैं. ग्लोबल टाइम्स के अनुसार, चीन के विशेषज्ञों का मानना है कि संभव
है कि भारत टकराव शुरू करने के लिए यह वक़्त इसलिए चुना ताकि कुछ ख़ास संदेश दिया
जा सके. ग्लोबल टाइम्स के अनुसार, भारत शायद बाहर के देशों को यह संदेश
देने की कोशिश कर रहा है कि चीन के साथ संबंध तनावपूर्ण हैं. चीनी अख़बार ने लिखा
है कि भारत यह बात अमेरिका को बताना चाहता है. भारत अपनी रणनीति संतुलित रखना
चाहता है.
हालांकि यह भी माना जा रहा है कि इससे भारत और चीन के बीच सीमा पर
स्थिति नहीं बदलेगी. चीन के एक और रक्षा विशेषज्ञ क़िआन फेंग ने ग्लोबल टाइम्स से
कहा है कि नौ दिसंबर के टकराव से दोनों देशों के बीच स्थिति और जटिल हो सकती है.
भारत के जाने-माने सामरिक विशेषज्ञ ब्रह्मा चेलानी ने ट्वीट कर कहा
है, ''हालिया संघर्ष बताता है कि चीन को भारत अपनी ज़मीन हड़पने से रोकने
में नाकाम रहा है. क्या भारत ने संतोष कर लिया है? क्या रणनीतिक
ख़ुफ़िया कहीं न कहीं चूक रहा है? क्या भारत का सैन्य नेतृत्व चीन के
ख़तरे को हल्के में ले रहा है?''
हालाँकि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारत अपनी एक इंच
ज़मीन भी किसी को नहीं लेने देगा.
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वर्ल्ड कप सेमीफ़ाइनल से पहले मोरक्को के लिए सऊदी क्राउन प्रिंस का ये संदेश
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सऊदी
अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान
ने मोरक्को की फ़ुटबॉल टीम को सेमीफ़ाइनल में पहुंचने की बधाई दी है.
सऊदी
प्रेस एजेंसी के मुताबिक़ मंगलवार को सऊदी क्राउन प्रिंस ने मोरक्को के किंग को फ़ोन कर टीम की क्वार्टर फाइनल मैच में जीत की
बधाई दी.
बुधवार
को देर रात 12.30 बजे मोरक्को और फ्रांस के बीच क़तर के अल-बाइत स्टेडियम में सेमी
फ़ाइनल का मुक़ाबला होगा.
शनिवार
को मोरक्को की टीम ने क्वॉर्टर फ़ाइनल मुक़ाबले में पुर्तगाल की टीम को 1-0 से हाराया था. इसके साथ ही मोरक्को फ़ीफ़ा
विश्वकप में सेमीफ़ाइनल तक पहुँचने वाला पहला अफ़्रीकी, देश बन गया.
क्राउन
प्रिंस ने टीम को बधाई देते हुए कहा, “जो आपने हासिल किया है वह अरब देशों और लोगों के लिए गर्व की बात है और हम सभी टीम की सफलता की
कामना करते हैं.”
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शनिवार को मोरक्को की जीत के बाद अरब देशों, फ़लस्तीन और पाकिस्तान जीत का ज़ोरदार जश्न मनाया गया. कई लोग मोरक्को की जीत को इस्लाम की जीत से जोड़ रहे थे.
बुधवार को देर रात होने वाले दूसरे सेमीफ़ाइनल मुक़ाबले में ये तय होगा कि मोरक्को या फ्रांस में से कौन सी टीम फ़ीफ़ा के फ़ाइनल मुक़ाबले में अर्जेंटीना से भिड़ेगी.
मंगलवार की देर रात हुए पहले सेमीफ़ाइनल मैच में क्रोएशिया को 3-0 से हराकर अर्जेंटीना फ़ाइनल में पहुंच चुकी है. फाइनल का मुक़ाबला रविवार को होगा. अगर मोरक्को फ़्रांस को हरा देता है तो फ़ाइनल में अर्जेंटीना से भिड़ेगा और हारता है तो फ़्रांस और अर्जेंटीना के बीच फ़ाइनल मुक़ाबला होगा.
चीन और भारत के सैनिकों की झड़प पर अमेरिका ने किसका पक्ष लिया?
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अरुणाचल प्रदेश के तवांग
में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई झड़प पर अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत उसका महत्वपूर्ण कूटनीतिक साझेदार
है और वह सीमा पर किसी भी तरह के हमले या झड़प की निंदा करता है.
विदेश मंत्रालय के
प्रवक्ता नेड प्राइस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा,
“भारत क्वॉर्ड में अमेरिका का
द्विपक्षीय साझेदार है. हम हमेशा ही भारत
के साथ क़रीबी संपर्क रखते हैं. हम कूटनीतिक बातचीत तय चैनलों के ज़रिए जारी
रखेंगे.''
''लेकिन हम वास्तविक नियंत्रण रेखा पर सेना या आम लोगों की ओर से किए जा रहे
किसी भी तरह के हमले या झड़प की निंदा करते हैं.
हम चाहते हैं कि भारत और चीन बातचीत के लिए द्विपक्षीय चैनल का इस्तेमाल करें ”
संयुक्त राष्ट्र ने
प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि भारत-चीन सीमा पर तनाव कम करने की ज़रूरत है.
संयुक्त राष्ट्र के
महासचिव एंटोनियो गुटारेस
के प्रवक्ता स्टीफ़न दुजारिक ने मीडिया से पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा, “हाँ,हमने ये रिपोर्ट्स देखी हैं. हम दोनों
देशों से तनाव कम करने और यह सुनिश्चित करने की अपील करते हैं कि क्षेत्र में तनाव
न बढ़ने दिया जाए.”
इससे
पहले अमेरिका ने इस सैन्य झड़प पर प्रतिक्रिया दी. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव
कैरीन जीन पियरे ने
कहा, “हमें ख़ुशी है कि दोनों पक्षों ने जल्द ही इस बार टकराव को रोक दिया है. हम स्थिति पर बारीकी से नज़र बनाए हुए हैं, भारत और चीन को विवादित सीमाओं पर चर्चा करने के लिए मौजूदा द्विपक्षीय चैनलों
का उपयोग करना चाहिए.”
मेसी ने कहा- ये मेरा आख़िरी वर्ल्ड कप
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अर्जेंटीना के स्टार फ़ुटबॉल खिलाड़ी लियोनेल मेसी ने कहा है कि क़तर में चल रहा फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप उनका आख़िरी वर्ल्ड कप होगा.
पहले सेमी फ़ाइनल मैच में अर्जेंटीना ने क्रोएशिया को 3-0 से हराकर फ़ाइनल में जगह बना ली है.
फ़ाइनल रविवार 18 दिसंबर को खेला जाएगा.
दूसरा सेमी फ़ाइनल मोरक्को और मौजूदा चैम्पियन फ़्रांस के बीच खेला जाएगा. क्रोएशिया के ख़िलाफ़ मैच में मेसी ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया. उन्होंने पेनल्टी पर एक गोल किया और अल्वरेज़ के एक गोल में मदद भी की.
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मैच के बाद मेसी ने कहा- मैं काफ़ी ख़ुश हूँ कि मैं वर्ल्ड कप में अपना सफ़र फ़ाइनल मैच खेलकर ख़त्म कर रहा हूँ. ये वास्तव में काफ़ी सुखद है. इस वर्ल्ड कप में जो भी चीज़ हुई है, वो काफ़ी भावनात्मक रही है. साथ में ये देखना भी कि अर्जेंटीना में लोगों ने कितना इसका आनंद लिया है. अगले विश्व कप में अभी काफ़ी समय है. मुझे नहीं लगता है कि मैं उतना कर पाऊँगा. इस रूप में विश्व कप का सफ़र समाप्त करना शानदार है.
35 वर्षीय मेसी का ये पाँचवाँ विश्व कप है. मेसी का सफ़र शानदार रहा है और उन्होंने हर उपलब्धि हासिल की है. सिर्फ़ उनके खाते में विश्व कप नहीं है. मेसी को उम्मीद है कि वो इस विश्व कप में ख़िताब जीतकर ये सपना भी पूरा कर पाएँगे.
मेसी ने रिकॉर्ड सात बार दुनिया के सर्वश्रेष्ठ फ़ुटबॉल खिलाड़ी का अवॉर्ड जीता है. साथ ही एक बार उन्हें फ़ीफ़ा का सर्वश्रेष्ठ पुरुष खिलाड़ी का पुरस्कार भी जीता है. उन्होंने चार बार चैम्पियंस लीग का ख़िताब जीता है. पिछले साल कोपा अमेरिका का ख़िताब भी उन्होंने जीता.
भारत जोड़ो यात्रा में आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन हुए शामिल
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इमेज कैप्शन, भारत जोड़ो यात्रा में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन
भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर
रघुराम राजन बुधवार सुबह कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुए.
कांग्रेस पार्टी की ओर से जारी वीडियोज़ में रघुराम राजन राजस्थान में राहुल गांधी के साथ चलते हुए नज़र आ रहे हैं.
इस यात्रा में कांग्रेस के साथ कई नामचीन हस्तियां जुड़ चुकी है. इनमें अभिनेत्री
और फ़िल्म निर्देशक पूजा भट्ट, सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर, अभिनेत्री स्वरा भास्कर और बॉक्सर विजेंदर सिंह जैसी तमाम हस्तियां शामिल हैं.
भारत जोड़ो यात्रा का बुधवार को राजस्थान में
10वां दिन है. बुधवार को यात्रा सवाई माधोपुर के भाड़ोति से शुरू हुई और दौसा ज़िले
में प्रवेश करेगी.
16
दिसंबर को दौसा में यात्रा का 100वां दिन होगा. भारत जोड़ो यात्रा कश्मीर के श्रीनगर में जाकर पूरी होगी.
माना जा रहा है कि ये यात्रा अगले साल
गणतंत्र दिवस पर कश्मीर पहुंच सकती है.
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भारत बनाम बांग्लादेश: केएल राहुल ने टॉस जीतकर किया पहले बल्लेबाजी का फ़ैसला
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भारत और बांग्लादेश के बीच दो मैचों की टेस्ट सिरीज़ का पहला मैच बांग्लादेश के ज़ोहुर अहमद चौधरी स्टेडियम में बुधवार से शुरू हो रहा है.
भारतीय
कप्तान केएल राहुल ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फ़ैसला किया है.
उन्होंने
टॉस जीत कर कहा, “हम
पहले बल्लेबाजी करेंगे. यह एक अच्छा विकेट लग रहा है जिस पर रन बनाए जा सकते हैं.
कुछ खिलाड़ियों को चोट लगी हैं इसलिए ये बाकी
खिलाड़ियों के लिए ख़ुद को साबित करने का बेहतर मौका है. हम तीन स्पिनर, दो तेज
गेंदबाज और 7 बल्लेबाज के साथ मैदान में उतरे हैं.”
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भारतीय टीम के प्लेइंग इलेवन: शुभमन गिल, केएल राहुल, चेतेश्वर पुजारा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, ऋषभ पंत, अक्षर पटेल, रविचंद्रन अश्विन, कुलदीप यादव, उमेश यादव, मोहम्मद सिराज.
भारत और चीन की सेना के बीच हुई झड़प पर अमेरिका क्या बोला
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नौ दिसंबर को अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में चीनी
सैनिकों और भारतीय सैनिकों के बीच झड़प हुई. इस मामले में मंगलवार को रक्षा मंत्री राजनाथ
सिंह ने संसद के दोनों सदनों में बयान दिया.
अब अमेरिका ने भारत-चीन के बीच हुई सैन्य झड़प पर प्रतिक्रिया
दी है. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरीन जीन पियरे ने कहा कि 'अमेरिका स्थिति की
बारीक़ी से निगरानी कर रहा है और हम दोनों पक्षों को विवादित सीमाओं पर चर्चा करने
के लिए मौजूदा द्विपक्षीय चैनलों का इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं.'
एक पत्रकार के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, “हमें ख़ुशी है कि दोनों पक्षों ने जल्द ही इस बार तक़रार
को रोक दिया है. हम स्थिति पर बारीक़ी से नज़र बनाए हुए हैं, भारत और चीन को
विवादित सीमाओं पर चर्चा करने के लिए मौजूदा द्विपक्षीय चैनलों का उपयोग करना
चाहिए.”
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वहीं अमेरिका के रक्षा विभाग के मुख्यालय पेंटागन ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी है.
पेंटागन के प्रेस सचिव पैट राइडर ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “रक्षा विभाग वास्तविक नियंत्रण रेखा पर हो रहे घटनाक्रमों पर बारीक़ी से नज़र रख रहा है. हमने देखा है कि चीनी सेना एलएसी के पास सुरक्षा बल बढ़ा रही है और सैन्य बुनियादी ढांचे का निर्माण हो रहा है. यह चीन की अमेरिकी सहयोगियों और इंडो पैसिफ़िक में हमारे भागीदारों के प्रति उत्तेजक प्रवृत्ति को दर्शाता है.”
चीन के अस्पताल बढ़ते कोरोना संक्रमण के कारण ज़बर्दस्त दबाव में, टेस्टिंग किट की किल्लत
....में
Author, स्टीफ़न मैकडॉनल
पदनाम, बीबीसी न्यूज़ बीजिंग
चीन के अस्पतालों पर कोरोना से संक्रमित मरीज़ों की बड़ी
संख्या के कारण दबाव बढ़ रहा है. हालात ऐसे हैं कि जो डॉक्टर और अस्पताल के
कर्मचारी ड्यूटी कर रहे हैं, माना जा रहा है कि उनमें से कई संक्रमित हैं.
ऐसा मालूम होता है कि मेडिकल स्टाफ़ से कहा गया है कि
उन्हें अगर संक्रमण हो तो भी आना होना क्योंकि अस्पताल कर्मचारियों की कमी से जूझ
रहे हैं.
स्वास्थ्य नीति के जानकार और अमेरिका के येल विश्वविद्यालय
में पढ़ाने वाले चीनी प्रोफ़ेसर चेन शी चीन के इस संकट पर क़रीब से नज़र बनाए हुए
हैं.
वह बताते हैं कि वो चीन के अस्पतालों में डाक्टरों और कर्मचारियों
से लगातार बात कर रहे हैं. वह कहते हैं, “जो लोग संक्रमित हुए हैं उन्हें अस्पतालों में काम करना पड़ रहा है, इससे वहां वायरस के संक्रमण का और ज़्यादा माहौल बन रहा है.”
चीन के अस्पतालों ने मरीज़ों की भारी संख्या से निपटने के
लिए अपने बुखार वाले वॉर्ड की क्षमता में वृद्धि की है, लेकिन ये तेज़ी
से भर रहे हैं. आम लोगों को ये भी संदेश दिया
जा रहा है कि यदि उन्हें संक्रमण हो रहा है तो वे घर पर भी रह कर सकते हैं.
प्रोफ़ेसर चेन कहते हैं कि लोगों को यह समझाने के लिए अभी
बहुत कुछ किए जाने की ज़रूरत है.
वह कहते हैं, "
लोगों में मामूली लक्षणों के लिए घर पर रहने का चलन नहीं है, जब लोग हल्का बीमार महसूस करते हैं तो भी अस्पतालों जाते
हैं, इससे स्वास्थ्य प्रणाली के आसानी से ढह जाने का
ख़तरा बढ़ जाता है."
फ़ार्मेसियों में ज़बर्दस्त भीड़ लग रही है और सर्दी या फ़्लू
के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दवाओं की चीन भर में किल्लत हो गई है.
यहां तक कि कोविड-19 के लिए होम टेस्टिंग किट भी मुश्किल से
मिल पा रहे हैं.
एफ़टीएक्स के संस्थापक बैंकमैन-फ़्राइड की ज़मानत याचिका ख़ारिज
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बर्बाद हो चुके क्रिप्टोकरेंसी
एक्सचेंज एफ़टीएक्स के संस्थापक सैम बैंकमैन-फ़्राइड को बहामास की एक कोर्ट ने ज़मानत
देने से इनकार कर दिया है.
अमेरिकी अधिकारियों ने मंगलवार को बैंकमैन-फ़्राइड पर
"अमेरिकी इतिहास में सबसे बड़ी वित्तीय धोखाधड़ी में से एक को अंजाम"
देने का आरोप लगाया.
अमेरिका के सुरक्षा
और विनिमय आयोग (एसईसी) के अध्यक्ष गैरी जेन्स्लर ने कहा कि एफ़टीएक्स के पूर्व बॉस
ने "धोखे की नींव पर ताश के पत्तों का घर" बनाया.
बैंकमैन-फ़्राइड ने इस बात के संकेत दिए हैं कि वह ख़ुद को
अमेरिका को प्रत्यर्पित किए जाने के ख़िलाफ़ लड़ेंगे.
बहामास के मुख्य मजिस्ट्रेट जॉयअन फ़र्ग्यूसन-प्रैट ने बैंकमैन-फ़्राइड की ज़मानत याचिका यह कहते हुए ख़ारिज कर दी कि ज़मानत मिलने पर उनके देश छोड़ देने
का ख़तरा मंडराने लगेगा. इसके साथ ही आदेश दिया गया कि उन्हें 8 फ़रवरी तक रिमांड पर रखा जाए.
सोमवार को सैम बैंकमैन-फ़्राइड को बहामास में गिरफ़्तार किया गया.
बीते महीने एफ़टीएक्स ने अमेरिका में ख़ुद को दिवालिया
घोषित किया था और इसके कई ग्राहक अपने पैसे तक नहीं निकाल पाए थे. ये दुनिया की
दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टो करेंसी थी जो हर दिन 10 बिलियन क्रिप्टो क्वाइंस का
व्यापार कर रही थी.
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कैसे बर्बाद हुई एफ़टीएक्स
दरअसल, एफ़टीएक्स की आर्थिक स्थिति तब बिगड़नी शुरू हुई जब क्रिप्टो न्यूज़ वेबसाइट क्वाइनडेस्क ने सैम की ट्रेडिंग कंपनी अलमीडा रिसर्च और एफ़टीएक्स के आपस में जुड़े होने का ज़िक्र किया और यह बताया कि दोनों स्वतंत्र कंपनियां नहीं हैं बल्कि एक फ़ाउंडेशन का हिस्सा हैं.
इसके बाद एक और आरोप लगा कि अलमीडा ने एफ़टीएक्स के ग्राहकों का पैसा बतौर लोन इस्तेमाल किया है.
इस रिपोर्ट के आने के बाद क्रिप्टो बाज़ार में सनसनी फैल गई. कंपनी के बुरे दौर की शुरुआत हो चुकी थी और इन आरोपों के कुछ दिन बाद ही एफ़टीएक्स की मुख्य प्रतिद्वंद्वी बाइनेंस ने एफ़टीएक्स से जुड़े अपने सारे क्रिप्टो टोकन बेच दिए.
इसके बाद एफ़टीएक्स पर भूचाल आ गया. एक-एक कर ग्राहकों ने एफ़टीएक्स से अपना पैसा निकालना शुरू कर दिया. इसके बाद एफ़टीएक्स ने ख़ुद को दिवालिया घोषित कर दिया.
नमस्कार, बीबीसी हिंदी के लाइव पेज में आपका स्वागत है. अभिवादन स्वीकार कीजिए.
ये लाइव पेज 24 घंटे उपलब्ध रहेगा. 13 दिसंबर के अपडेट्स के लिए आपयहां क्लिककर सकते हैं.
आज की अहम ख़बरें -
बहामास ने दिवालिया हो चुकी क्रिप्टो करेंसी एफ़टीएक्स के संस्थापक सैम बैंकमैन-फ्रायड की ज़मानत याचिका ख़ारिज.
फ़ीफ़ा विश्वकप: फ़ाइनल में पहुंची अर्जेंटीना, क्रोएशिया को 3-0 से हराया. फ़्रांस और मोरक्को के बीच दूसरा सेमीफ़ाइनल मैच आज.
तवांग सेक्टर में चीन के साथ झड़प पर राजनाथ सिंह के 'छुट्टी थी...' वाले बयान को लेकर जमकर हो रही आलोचना.
फ़ोर्ब्स के अनुसार, फ़्रांस के बर्नार्ड अरनॉल्ट ने दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति के रूप में एलन मस्क को नंबर एक के पायदान से नीचे कर दिया है. बर्नार्ड अरनॉल्ट दुनिया के सबसे रईस व्यक्ति बन गए हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने भीमा कोरेगांव हिंसा में अभियुक्त गौतम नवलखा के हाउस अरेस्ट की अवधि को जनवरी के दूसरे सप्ताह तक के लिए बढ़ा दिया है.