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सरकार ने कहा एयरपोर्ट में भीड़ और देरी की समस्या दस दिन के अंदर होगी ख़त्म

अरुणाचल प्रदेश के तवांग में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई झड़प को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में मंगलवार को बयान दिया. अब सोशल मीडिया पर उनके बयान का एक हिस्सा वायरल हो रहा है और लोग सवाल कर रहे हैं.

लाइव कवरेज

कीर्ति दुबे and शुभम किशोर

  1. भारत-चीन के सैनिकों में हुई झड़प पर क्या कह रहे हैं विदेशी जानकार

    सोमवार देर शाम ये ख़बर आई कि अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में भारत और चीनी सेना के बीच नौ दिसंबर को झड़प हुई थी और इसमें दोनों देशों के कुछ सैनिक ज़ख़्मी हुए थे.

    मंगलवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद के दोनों सदनों में इस घटना पर बयान दिया और बताया कि नौ दिसंबर को चीन के सैनिकों ने सीमा पर यथास्थिति बदलने की कोशिश की और भारतीय सैनिकों ने इसका दृढ़ता से जवाब दिया.

    चीन और भारत के बीच इस गतिरोध पर विदेशी जानकार और पत्रकार भी प्रतिक्रिया दे रहे हैं.

    डॉएचे वेले के इंटरनेशनल चीफ़ संवाददाता रिचर्ड वॉकर ने न्यूज़ चैनल पर एक प्रसारण के दौरान कहा, “इस गतिरोध की ख़ास बात ये है कि चीन और भारत के बीच सिर्फ़ सीमा पर विवाद नहीं है बल्कि चीन एक पूरे राज्य पर अपना दावा करता है.''

    ''चीन इसे दक्षिणी तिब्बत बताता है. अरुणाचल के तवांग की ख़ास अहमियत है. यहाँ पुरानी मॉनिस्ट्री है. रणनीतिक रूप से यह बेहद ख़ास इलाक़ा है.”

    “जानकार इस क्षेत्र को भारत और चीन के बीच संभावित रूप से सबसे ख़तरनाक फ्लैशपॉइंट बताते हैं. ये दुनिया के सबसे बड़े सीमा विवादों में से एक है. लद्दाख में 2020 में हुई झड़प से भारत-चीन संबंधों में बड़ी खटास थी.”

    डेरेक ग्रॉसमैन की पहचान इंडो पैसिफिक विश्लेषक के तौर पर है. उन्होंने कहा कि सर्दी आ गई है लेकिन सरहद पर तनाव कम नहीं हो रहा है.

    अमेरिका स्थित एशियन स्टडी सेंटर के निदेशक जेफ़ एम स्मिथ ने इस ममाले पर कहा है, “इंडो-पैसेफ़िक क्षेत्र में चल सीमा विवादों को दर्ज करने की ज़रूरत है. चीन-भारत, चीन-भूटान, चीन-ताइवान, चीन, फ़िलिपींस, चीन-वियतनाम, चीन-इंडोनेशिया इन सभी के साथ सीमा विवाद है. ”

    लंदन से निकलने वाले अख़बार फ़ाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट को टैग करते हुए लेखक विलियम डेलरिम्पल ने ट्वीट किया, “ ये एक रोचक और ज़रूरी लेख है. ”

    ये लेख 2020 में लद्दाख सीमा पर भार-चीन के बीच हुई झड़प के समय लिखा गया और इसमें भारत-चीन के बीच सैन्य क्षमता की तुलना की गई थी.

    अमेरिका स्थित थिंकटैंक माइकल कगेलमैन द विलसन सेंटर में दक्षिण एशिया के निदेशक लिखते हैं कि पिछले कुछ दिनों में, भारत-पाकिस्तान, भारत-चीन और विशेष रूप से अफ़ग़ानिस्तान-पाकिस्तान के बीच सीमा पर हिंसा हुई है, तालिबान के अधिग्रहण के बाद सबसे घातक हिंसा थी. ये सभी फ्लैशप्वाइंट भू-राजनीति से लेकर भू-अर्थशास्त्र में बदलाव की चुनौतियों को उजागर करते हैं.

  2. ब्रेकिंग न्यूज़, राजनाथ सिंह के बाद चीन ने भी तवांग में झड़प पर दिया जवाब

    अरुणाचल प्रदेश में तवांग सेक्टर के यांग्त्से इलाक़े में नौ दिसंबर को चीनी और भारतीय सैनिकों की झड़प को लेकर भारत के बाद चीन ने भी बयान जारी किया है. दोनों देशों के सैनिकों के बीच नौ दिसंबर को हाथापाई हुई थी.

    भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में कहा कि चीनी सैनिकों ने तवांग सेक्टर के यांग्त्से इलाक़े में, वास्तविक नियंत्रण रेखा पर अतिक्रमण कर यथास्थिति को एकतरफ़ बदलने का प्रयास किया था लेकिन भारतीय सैनिकों ने इसे नाकाम कर दिया था.

    राजनाथ सिंह ने कहा, ''चीन के इस प्रयास का हमारी सेना ने दृढ़ता के साथ सामना किया. इस तनातनी में हाथापाई हुई. भारतीय सेना ने बहादुरी से चीनी सैनिकों को हमारे इलाक़े में अतिक्रमण करने से रोका और उन्हें उनकी पोस्ट पर वापस जाने के लिए मजबूर कर दिया. इस झड़प में दोनों ओर के कुछ सैनिकों को चोटें आईं लेकिन किसी सैनिक की मौत नहीं हुई है.''

    समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार, चीन ने कहा है कि भारत से लगी सरहद पर हालात स्थिर हैं. चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने वांग वेनबिन ने कहा कि भारत से सैन्य और राजनयिक स्तर पर बात चल रही है.

    समाचार एजेंसी रॉयर्टस ने भी चीनी विदेश मंत्रालय के हवाले से लिखा है कि उसने अरुणाचल प्रदेश में एलएसी पर स्थिति नियंत्रण में बताया है.

  3. तंवाग में चीनी सैनिकों से झड़प पर विपक्ष हुआ आक्रामक तो अमित शाह ने दिया यह जवाब

    अरुणाचल प्रदेश में तवांग सेक्टर के यांग्त्से इलाक़े में भारत और चीन के सैनिकों की झड़प के बाद दो दिन तक मोदी सरकार की चुप्पी को लेकर विपक्ष सवाल उठा रहा है. लेकिन गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को जवाब देते हुए विपक्ष को ही घेरा है.

    अमित शाह ने कहा, ''विपक्ष ने अरुणाचल में घटी घटनाओं का हवाला देते हुए बहुमूल्य प्रश्नकाल को स्थगित करवा दिया. यह निंदनीय है. इसका कोई औचित्य नहीं था. जब रक्षा मंत्री ने इस विषय पर अपना बयान रखने की बात कर ही दी, तो इसका कोई औचित्य ही नहीं था. मुझे आश्चर्य लगा, लेकिन जब प्रश्नकाल के सूची को देखा तो 5 नंबर का प्रश्न देखकर मैं इनकी चिंता समझ गया.''

    गृह मंत्री ने कहा, ''प्रश्न है- राजीव गांधी फाउंडेशन के FCRA रजिस्ट्रेशन को रद्द करने के बारे में. राजीव गांधी फाउंडेशन को 2005-6 और 2006-7 के वित्तीय वर्ष में चीनी दूतावास से एक करोड़ 35 लाख रुपए का अनुदान प्राप्त हुआ था, जो FCRA क़ानून और उसकी मर्यादाओं के अनुरूप नहीं था. इस पर नोटिस देकर पूर्णतया क़ानूनी प्रक्रिया का अनुपालन करते हुए गृह मंत्रालय ने इसका रजिस्ट्रेशन रद्द किया. फाउंडेशन के अपना रजिस्ट्रेशन सामाजिक कार्यों के लिए करवाया था और राशि चीनी दूतावास से मिली, जो भारत-चीन संबंधों के विकास पर शोध करने के लिए ये पैसा दिया गया है. कांग्रेस पार्टी बताए कि इन्होंने शोध तो ज़रूर किया होगा.''

    अमित शाह ने कहा, ''क्या उनकी शोध में 1962 में भारत की हज़ारों हेक्टेयर भूमि चीन ने हड़प ली, वो शामिल था क्या? और शोध किया तो रिपोर्ट क्या आई है? नेहरू जी के प्रेम के कारण सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता बलि चढ़ गई. इस विषय को उन्होंने शोध का विषय बनाया था क्या? और अगर बनाया था तो इसका नतीजा क्या हुआ? जिस वक़्त गलवान के अंदर हमारे सेना के वीर जवान चीनीयों से भीड़ रहे थे, उस वक़्त चीनी दूतावास के अधिकारियों को कौन रात्रि भोज दे रहा था? वो उनकी शोध का विषय था क्या? अगर था तो उसका नतीजा क्या हुआ?''

    विपक्ष क्या कह रहा है?

    अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में भारत और चीन के सैनिकों की झड़प को लेकर विपक्ष संसद में सरकार को घेर रहा है. पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने सदन में इस विषय पर चर्चा की मांग की है. वहीं कई नेता चीन और भारत की सेना के बीच हुए इस हालिया गतिरोध पर केंद्र सरकार के रवैये को आड़े हाथों ले रहे हैं.

    मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने संसद में इस मुद्दे पर मोदी सरकार की चुप्पी को लेकर सवाल उठाया और कहा, “चीन ने हमारी सीमा में घुसपैठ की है. ये झड़प नौ दिसंबर को हुई और सरकार की तरफ़ से कोई जवाब नहीं आया.”

    एआईएमआईएम प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदउद्दीन ओवैसी ने कहा है कि हमें सरकार की तरफ से बयान नहीं बल्कि पूरे मामले पर चर्चा करनी चाहिए

    उन्होंने कहा, “आपको पता नहीं दे साल पहले प्रधानमंत्री ने कहा था ना कोई घुसा है ना कोई घुसेगा. पीएम ने सच नहीं बताया. अभी भी डेफ़सांग और डेमचांग चीन के कब्ज़े में है, अभी भी एक हज़ार वर्ग किलोमीटर चीन के पास है. आप चीन के लीडर से मिलते हैं, हाथ मिलाते हैं और अब देखें इसका नतीजा क्या निकला. देश जानना चाहता है कि आखिर क्यों प्रधानमंत्री चीन से डर रहे हैं.”

  4. अरुणाचल के तवांग में चीनी सैनिकों से झड़प पर राजनाथ ने दिया यह जवाब

    लोकसभा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अरुणाचल प्रदेश के तवांग में चीन और भारत के सैनिकों की झड़प पर सरकार का पक्ष रखा है.

    राजनाथ सिंह ने कहा, ''नौ दिसंबर 2022 को चीनी सैनिकों ने तवांग सेक्टर के यांग्त्से इलाक़े में, वास्तविक नियंत्रण रेखा पर अतिक्रमण कर यथास्थिति को एकतरफ़ बदलने का प्रयास किया. चीन के इस प्रयास का हमारी सेना ने दृढ़ता के साथ सामना किया. इस तनातनी में हाथापाई हुई. भारतीय सेना ने बहादुरी से चीनी सैनिकों को हमारे इलाक़े में अतिक्रमण करने से रोका और उन्हें उनकी पोस्ट पर वापस जाने के लिए मजबूर कर दिया. इस झड़प में दोनों ओर के कुछ सैनिकों को चोटें आईं.''

    रक्षा मंत्री ने कहा, ''मैं इस सदन को यह बताना चाहता हूँ, कि हमारे किसी भी सैनिक की मृत्यु नहीं हुई है, और न ही कोई गंभीर रूप से घायल हुआ है. चीनी पक्ष को इस तरह की कार्रवाई के लिए मना किया गया और सीमा पर शांति बनाए रखने के लिए कहा गया. इस मुद्दे को चीनी पक्ष के साथ कूटनीतिक स्तर पर भी उठाया गया है. भारतीय सेना कमांडर्स के वक़्त रहे हस्तक्षेप के कारण, चीनी सैनिक अपने इलाक़े में वापस चले गए. इस घटना के पश्चात इलाक़े के स्थानीय कमांडर ने 11 दिसंबर 2022 को, अपने चीनी समकक्षों के साथ स्थापित व्यवस्था के तहत एक फ्लैग मीटिंग की और इस घटना पर चर्चा की.''

    राजनाथ सिंह ने कहा, ''मैं इस सदन को आश्वस्त करना चाहता हूँ कि हमारी सेनाएँ हमारी संप्रभु अखंडता को सुरक्षित रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं और इसके ख़िलाफ़ किसी भी प्रयास को रोकने के लिए सदैव तत्पर हैं. मुझे विश्वास है कि यह सदन हमारी सेनाओं की वीरता और साहस को एक स्वर से समर्थन देगा.''

    लोकसभा में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के बयान के बाद विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया.

    विपक्ष सवाल पूछ रहा है कि घटना नौ दिसंबर की है तो सरकार तीन दिनों तक चुप क्यों रही.

  5. LIVE: अरुणाचल में भारत-चीन के सैनिकों की झड़प पर राजनाथ सिंह का बयान

    भारत-चीन सेना झड़प पर रक्षा मंत्री LIVE: अरुणाचल प्रदेश के तवांग में भारत और चीन के सैनिकों की आपस में झड़प. संसद में इस बारे में जानकारी दे रहे हैं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह. (सौजन्य: संसद टीवी)

  6. चीन ने पिछले साल ही अरुणाचल के 15 इलाक़ों का बदला था नाम

    अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में भारत और चीन के सैनिकों की झड़प के बाद एक बार फिर से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है. अरुणाचल प्रदेश को लेकर चीन पहले भी लगातार दावे करता रहा है और भारत हर बार उसका सख़्ती से खंडन करता रहा है.

    चीन अरुणाचल प्रदेश को अपनी ज़मीन बताता है और उसे दक्षिण तिब्बत कहता है. भारत और चीन के बीच लगभग 3,500 किलोमीटर लंबी सीमा को लेकर विवाद रहा है जिसे वास्तविक नियंत्रण रेखा या एलएसी कहा जाता है.

    पिछले साल दिसंबर महीने में चीन ने अरुणाचल प्रदेश के 15 स्थानों के लिए चीनी, तिब्बती और रोमन में नए नामों की लिस्ट जारी की थी. चीन के नागरिक मामलों के मंत्रालय ने घोषणा की थी कि उसने जांगनान (अरुणाचल प्रदेश का चीनी नाम) के 15 स्थानों के नामों को चीनी, तिब्बती और रोमन में जारी किया था.

    भारत के विदेश मंत्रालय ने अरुणाचल प्रदेश की कुछ जगहों का नया नाम रखने के चीन के क़दम पर सख़्त आपत्ति जताई थी और कहा था कि अरुणाचल प्रदेश हमेशा से भारत का अभिन्न अंग रहा है और आगे भी रहेगा.

    चीन सरकार ने 15 जगहों का नाम बदला था और उनका निश्चित अक्षांश और देशांतर बताया था. इनमें से 8 रिहाइशी स्थान हैं, 4 पहाड़, 2 नदियाँ और एक पहाड़ी दर्रा.

    ग्लोबल टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में बीजिंग स्थित चीन-तिब्बत रिसर्च सेंटर के एक विशेषज्ञ लिएन शियांगमिन को ये कहते हुए बताया था कि ये घोषणा इन जगहों के नामों के बारे में एक राष्ट्रीय सर्वेक्षण के बाद की गई है और ये नाम सैकड़ों सालों से चले आ रहे हैं.

    विशेषज्ञ ने ये भी कहा कि इन जगहों का मानक नाम रखना एक जायज़ क़दम है और आगे चलकर भी इस क्षेत्र में और जगहों के नाम रखे जाएँगे.

    तिब्बत और भारत के बीच 1912 तक कोई स्पष्ट सीमा रेखा नहीं खींची गई थी. इन इलाक़ों पर न तो मुग़लों का और न ही अंग्रेज़ों का नियंत्रण था. भारत और तिब्बत के लोग भी किसी स्पष्ट सीमा रेखा को लेकर निश्चित नहीं थे. ब्रितानी शासकों ने भी इसकी कोई जहमत नहीं उठाई. तवांग में जब बौद्ध मंदिर मिला तो सीमा रेखा का आकलन शुरू हुआ.

    1914 में शिमला में तिब्बत, चीन और ब्रिटिश भारत के प्रतिनिधियों की बैठक हुई और सीमा रेखा का निर्धारण हुआ. चीन ने तिब्बत को कभी स्वतंत्र देश नहीं माना. उसने 1914 के शिमला समझौते में भी ऐसा नहीं माना था.

    1950 में चीन ने तिब्बत को पूरी तरह से अपने क़ब्ज़े में ले लिया. चीन चाहता था कि तवांग उसका हिस्सा रहे जो कि तिब्बती बौद्धों के लिए काफ़ी अहम है.

  7. कश्मीर पर इस्लामिक देशों के संगठन ओआईसी की टिप्पणी से नाराज़ भारत ने दिया जवाब

    भारत ने इस्लामिक देशों के संगठन ऑर्गेनाइज़ेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपेरशन यानी ओआईसी को कश्मीर पर टिप्पणी करने के मामले में आड़े हाथों लिया है.

    ओआईसी प्रमुख हिसेन ब्राहिम ताहा पाकिस्तान के दौरे पर हैं और वहीं उन्होंने कहा है कि कश्मीरियों को आत्मनिर्णय का अधिकार मिलना चाहिए और इसका समाधान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के तहत होना चाहिए.

    भारत ने ओआईसी प्रमुख की इस टिप्पणी को ख़ारिज करते हुए कहा है कि उसके पास कश्मीर मुद्दे पर बात करने का कोई अधिकार नहीं है.

    भारतीय विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा है, “हम ओआईसी के महासचिव का पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर के दौरे में दिए गए बयान की निंदा करते हैं. ओआईसी के पास कश्मीर से जुड़े मुद्दे पर बात करने का कोई अधिकार नहीं है. जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है. ओआईसी और उनके महासचिव की ओर से भारत के आंतरिक मामले में किसी भी तरह का दख़ल स्वीकार नहीं किया जाएगा.”

    “इस मुद्दे पर पूर्ण रूप से सांप्रदायिक, पक्षपाती और तथ्यात्मक रूप से बिल्कुल ग़लत रवैया अपना कर पहले ही ओआईसी अपनी विश्वसनीयता खो चुका है. इसके महासचिव पाकिस्तान के मुखपत्र बन चुके हैं. उम्मीद है कि वह पाकिस्तान के अनैतिक एजेंडे से ख़ुद को दूर रखेंगे जिसके तहत पाकिस्तान सीमा-पार आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है, ख़ास कर जम्मू-कश्मीर में.''

    ओआईसी ने कश्मीर पर क्या बयान दिया

    ओआईसी के महासचिव हिसेन ब्राहिम ताहा ने पाकिस्तान दौरे के दौरान रविवार को कहा था, मुझे लगता है कि सबसे ज़रूरी है कि स्टेकहोल्डर्स (भारत-पाकिस्तान) के बीच बातचीत का चैनल खोजा जाए और हम पाकिस्तान सरकार और अन्य सदस्य देशों के साथ एक योजना पर काम कर रहे हैं ”

    “इसलिए ज़रूरी है कि हमें सदस्य देशों की सहमति मिले और हमें पता होना चाहिए कि कूटनीति की चर्चा सड़कों पर नहीं होती.”

    एक प्रतिनिधिमंडल के साथ ताहा ने पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर का दौरा किया.

    ताहा ने मीडिया को बताया कि उन्होंने विदेश मंत्रियों की परिषद (सीएफएम) के हाल के एक सत्र में लाए गए प्रस्ताव को लागू करने से पहले ये दौरा किया ताकि ज़मीन पर स्थिति समझी जा सके.

    उन्होंने कहा, “हम यहां अपनी एकजुटता, सहानुभूति और ओआईसी के दृढ़ संकल्प को व्यक्त करने आए हैं.हम, हमारे सहयोगियों, अंतरराष्ट्रीय समुदायों के साथ मिलकर भारत और पाकिस्तान के बीच इस लंबे संघर्ष (कश्मीर) का समाधान खोजना चाहते हैं.”

  8. तवांग में चीन और भारत के सैनिकों की झड़प पर विपक्ष आक्रामक, राजनाथ देंगे जवाब

    अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में चीन और भारत के सैनिकों की झड़प के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 12.30 बजे लोकसभा और दो बजे राज्यसभा में सरकार की ओर से बयान देंगे. सोमवार की शाम ख़बर आई थी कि चीनी सैनिकों और भारत के सैनिकों की बीच झड़प में दोनों देशों के कई सैनिक ज़ख़्मी हुए हैं.

    लोकसभा में कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाया है. विपक्ष के नेताओं ने संसद में मोदी सरकार को घेरते हुए कहा कि तवांग सेक्टर में झड़प नौ दिसंबर को हुई और सरकार की तरफ़ से कोई जवाब नहीं आया. संसद में इस मुद्दे को लेकर हंगामा मचा हुआ है. विपक्ष का कहना है कि सरकार तत्काल जवाब दे.

    अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में 9 दिसंबर को भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प हुई जिसमें दोनों पक्षों के कुछ सैनिक घायल हो गए.

    इस झड़प के मामले पर मंगलवार को संसद में जमकर हंगामे के आसार बने हुए हैं.

    कांग्रेस के राज्यसभा सांसद सैयद नासिर हुसैन ने चर्चा के लिए नोटिस दिया है. कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने इस पर चर्चा के लिए संसद के दोनों सदनों में स्थगन नोटिस दिया है.

    इस गतिरोध पर चर्चा के लिए कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने राज्यसभा में नियम 267 के तहत सस्पेंशन ऑफ बिजनेस नोटिस दिया.

    रिजिजू ने क्या कहा?

    पत्रकारों से बात करते हुए क़ानून मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, ''आज के दिन हम किसी देश में जाते हैं तो भारत से आए हैं, ये बताने से ही इज़्ज़त मिलती है. इसका कारण है कि भारत का इतिहास हम सामने लाए हैं. भारत एकजुट हो गया है. भारत जब एकजुट होता है तो ताक़तवर बन जाता है. प्रधानमंत्री जी की कल्पना है एक भारत, श्रेष्ठ भारत. इसमें भारत को एक सूत्र में बांधने का काम किया गया है.”

    तवांग में हुई झड़प पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा,“कई सारी चीज़ें जो हो रही हैं उसमें हम अपनी संस्कृति को बढ़ावा देना भूल जाते हैं. हमें अपनी संस्कृति को सेलिब्रेट करना चाहिए, उत्सव मनाना चाहिए. अतिक्रमण का जो विषय है उस पर आज नहीं बोलूंगा. आज भारत ताक़तवर देश है उसके पास विज़न है. अतिक्रमण पर बात करूंगा तो मुद्दा भटक जाएगा, इस मुद्दे पर बाद में बात करूंगा.”

  9. अरुणाचल में भारत-चीन सेना के बीच हुई झड़प, क्या बोले किरेन रिजिजू

    अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में भारतीय और चीनी सेना के बीच हुई झड़प को लेकर क़ानून मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि 'अतिक्रमण पर आज बात नहीं करूंगा, हमें अपनी संकृति को दोबारा जीवित करना है.'

    पत्रकारों से बात करते हुए रिजिजू ने कहा, ''आज के दिन हम किसी देश में जाते हैं तो भारत से आए हैं, ये बताने से ही इज़्ज़त मिलती है. इसका कारण है कि भारत का इतिहास हम सामने लाए हैं. भारत एकजुट हो गया है. भारत जब एकजुट होता है तो ताक़तवर बन जाता है. प्रधानमंत्री जी की कल्पना है एक भारत, श्रेष्ठ भारत. इसमें भारत को एक सूत्र में बांधने का काम किया गया है.”

    तवांग में हुई झड़प पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा,“कई सारी चीज़ें जो हो रही हैं उसमें हम अपनी संस्कृति को बढ़ावा देना भूल जाते हैं. हमें अपनी संस्कृति को सेलिब्रेट करना चाहिए, उत्सव मनाना चाहिए. अतिक्रमण का जो विषय है उस पर आज नहीं बोलूंगा. आज भारत ताक़तवर देश है उसके पास विज़न है. अतिक्रमण पर बात करूंगा तो मुद्दा भटक जाएगा, इस मुद्दे पर बाद में बात करूंगा.”

    उन्होंने संस्कृति पर बात करने को लेकर ज़ोर देते हुए कहा,“भारत आज दुनिया और पड़ोसी देशों के लिए प्रेरणा है. हम जी20 में भारतीय संस्कृति को भी दर्शाएंगे. मेरा उद्देश्य है कि हम उस मुद्दे को केंद्र में लाएं जो केंद्र में नहीं है. हमें मुद्दा डायवर्ट नहीं करना है.“

    उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्राचीन काल से भारत का अंग रहा है. पीएम मोदी ने सुंदर तरीके से इसे दर्शाया है.

    अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में 9 दिसंबर को भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प हुई जिसमें दोनों पक्षों के कुछ सैनिक घायल हो गए हैं. इस झड़प के मामले पर आज संसद में हंगामे के आसार बने हुए हैं. कांग्रेस के राज्यसभा सांसद सैयद नासिर हुसैन ने चर्चा के लिए नोटिस दिया है.

  10. पीएम मोदी को लेकर विवादित बयान देने वाले कांग्रेस नेता पटेरिया गिरफ़्तार

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर विवादास्पद टिप्पणी करने वाले मध्य प्रदेश कांग्रेस के नेता और पूर्व मंत्री राजा पटेरिया को पन्ना पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है.

    गिरफ़्तारी दमोह ज़िले में पटेरिया के आवास से की गई. सोमवार को पन्ना के पवई थाने में पटेरिया के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की गई थी.

    कांग्रेस ने ख़ुद को पटेरिया के इस बयान से पूरी तरह अलग कर लिया है और साथ ही ये भी कहा है कि ऐसे बयान स्वीकार नहीं किए जाएंगे.

    पन्ना पुलिस सुबह चार बजे पटेरिया के आवास पर पहुंची और लगभग साढ़े पांच बजे राजा पटेरिया को गिरफ़्तार कर लिया गया. उन्हें मंगलवार सुबह न्यायालय में पेश किया जाएगा.

    इससे पहले एक वीडियो सामने आया था जिसमें पटेरिया पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहते दिख रहे थे. उन्होंने कहा, “मोदी देश को धर्म, जाति, भाषा के आधार पर बांट देंगे जिससे दलित, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों की जिंदगी ख़तरे में होगी.”

  11. सियासी तनातनी के बीच राहुल गांधी ने कहा- मैंने नेताओं से कुछ कहा है..

    कांग्रेस की 'भारत जोड़ो यात्रा' इस वक्त राजस्थान से गुज़र रही है. सोमवार को यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने राजस्थान के सवाई माधोपुर के कुस्तला में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि 'मैंने कांग्रेस नेताओं से दो-तीन चीज़ें कही हैं, आपको नहीं बताऊंगा.'

    राहुल गांधी ने कहा कि “राजस्थान के कांग्रेस नेताओं को हमने दो-तीन चीजें बोली हैं, वो आपको नहीं बताऊंगा, लेकिन इनके लिए ठीक है. राजस्थान सरकार ने अब तक जो काम किए हैं वो ठीक हैं और आगे भी ऐसे ही काम करके दिखाएं.''

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने राजस्थान में कांग्रेस सरकार की कई महत्वाकांक्षी योजनाओं की सराहना की. साथ ही राहुल ने कहा कि वे पार्टी को संदेश देना चाहते हैं कि जो किया वो इतना ज़रूरी नहीं है, जो करने जा रहे हो वो और ज़रूरी है.

    अपने संबोधन के दौरान राहुल गांधी ने कहा, "अब दो-तीन चीज़ें राजस्थान की सरकार के बारे में कहना चाहता हूं. मैंने सुना अभी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने यह किया, वो किया. ये सब बातें ठीक हैं. जो काम कांग्रेस पार्टी ने राजस्थान में किया उसके बारे में मैं भी कहूंगा. मगर मैं कांग्रेस पार्टी को मैसेज देना चाहता हूं कि जो किया है वो इतना ज़रूरी नहीं है, जो करने जा रहे हो वो और ज़रूरी है."

    अक्टूबर में कांग्रेस के अध्यक्ष पद के चुनाव से पहले राजस्थान में भारी सियायी ड्रामा चला. राज्य में विधायक सचिन पायलट गुट और अशोक गहलोत गुट में बंट गए थे, एक वक़्त ऐसा आया जब लग रहा था कि राज्य में कांग्रेस की सरकार गिर जाएगी.

    हालांकि किसी तरह बातचीत के ज़रिए सरकार बचाई गई और अशोक गहलोत के पार्टी अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी का फ़ैसला वापस लिया गया. इसके बाद से ही अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच सियासी तनातनी चल रही है.

  12. राजस्थान: कोटा में एक ही कोचिंग सेंटर के तीन छात्रों ने की ख़ुदकुशी

      • Author, मोहर सिंह मीणा
      • पदनाम, जयपुर से, बीबीसी हिंदी के लिए

    राजस्थान के कोटा में सोमवार को तीन छात्रों की ख़ुदकुशी का मामला सामने आया है. इनमें से दो छात्र बिहार और एक मध्यप्रदेश से हैं.

    कोटा के पुलिस अधीक्षक केसर सिंह शेखावत ने बीबीसी को बताया कि "तीनों बच्चे एलन कोचिंग संस्थान के छात्र थे. दो छात्र कोटा के तलवंडी इलाके के एक पेइंग गेस्ट (पीजी) कृष्णा कुंज में रह रहे थे. कृष्णा कुंज के दो अलग कमरों में दो छात्रों ने ख़ुदकुशी की. इनमें से एक अंकुश आनंद है, जो बिहार के सुपौल ज़िले से हैं, और दूसरे छात्र हैं उज्ज्वल कुमार जो बिहार के गया ज़िले से हैं."

    “दोनों की उम्र लगभग सत्रह साल है.”

    एसपी ने बताया, "अंकुश नीट की तैयारी कर रहे थे जबकि उज्ज्वल कुमार इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहे थे."

    तीसरे छात्र की जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारी ने कहा, "कुन्हाड़ी इलाक़े के एक हॉस्टल में रहने वाले 17 साल के प्रणव वर्मा ने भी आत्महत्या की है. वह मध्यप्रदेश के शिवपुरी के रहने वाले हैं और कोटा में रहकर नीट की तैयारी कर रहे थे."

    एसपी ने बताया कि, "उज्ज्वल कुमार की दो बहनें भी कोटा में ही रहती हैं. जब उन्होंने उज्जवल से संपर्क करने की कोशिश की और संपर्क नहीं हुआ तो मामले का पता चला."

    "हमने मध्यप्रदेश के रहने वाले प्रवीण का शव उनके परिजनों को सुपुर्द कर दिया है. बिहार के दो मृतक बच्चों के परिजनों को सूचना दे दी गई है और उनके आने का इंतज़ार कर किया जा रहा है."

    कोटा के पुलिस अधिक्षक केसर सिंह शेखावत ने इस मामले में एक कमेटी का गठन किया है. कमेटी जांच करेगी कि कोचिंग संस्थान और पीजी या हॉस्टल में रह रहे बच्चों को किन स्थितियों से गुजरना पड़ रहा है. क्या कारण है कि बच्चे आत्महत्या कर रहे हैं.

    तीन छात्रों के एक दिन में खुदकुशी के मामले में संस्थान अभी बात करने से बच रहा है. हालांकि, संस्थान से जुड़े एक ज़िम्मेदार शख़्स ने नाम न बताने की शर्त पर बीबीसी को बताया, "अफ़सोस है बच्चों ने सुसाइड किया है. ये तीनों बच्चे हमारे संस्थान से हैं.कोटा में यदि दो लाख स्टूडेंट हैं तो डेढ़ लाख स्टूडेंट एलन संस्थान से ही हैं."

  13. ऑस्टेलिया में गोलीबारी, दो पुलिस अधिकारी सहित छह लोगों की मौत

    ऑस्टेलिया के सुदूरवर्ती इलाके में किए गए एक हमले में दो पुलिस अधिकारियों समेत छह लोगों की मौत हो गई है.

    पुलिस ने कहा कि उन पर गोलीबारी तब की गई जब वे क्वींसलैंड के ब्रिस्बेन से 270 किमी. पश्चिम में स्थित वेम्बिला में एक लापता व्यक्ति की तलाश कर रहे थे. ये हमला संदिग्ध रूप से घात लगा कर किया गया.

    लंबी घेराबंदी के बाद पुलिस ने तीन संदिग्धों को गोली मारी, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि अब तक हमले के पीछे की मंशा साफ़ नहीं हो पाई है.

    ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने इसे देश के लिए ‘दिल तोड़ने वाला दिन’ बताया है.

    पुलिस ने बताया कि सोमवार की दोपहर चार पुलिस अधिकारी वेम्बिला की एक प्रॉपर्टी पर एक लापता व्यक्ति की तलाश करने गए. जब वे आगे बढ़ रहे थे तभी उन पर हमला किया गया. 26 साल के कांस्टेबल मैथ्यू अरनॉल्ड और 29 साल की रेचल मैक्रो की गोली लगने से मौत हो गई. तीसरे पुलिस अधिकारी को गोली का छर्रा लगा और चौथे अधिकारी ने किसी तरह भाग कर अपनी जान बचाई.

    एक 58 वर्षीय व्यक्ति की भी इस हमले में मौत हो गई है, माना जा रहा है वह पड़ोस में ही रहता था. पुलिस ने अब तक हमलावरों की पहचान सर्वजनिक नहीं की है.

    क्वींसलैंड पुलिस आयुक्त कैटरीना कैरोल ने इसे 'अकल्पनीय त्रासदी' बताया और कहा कि कई सालों में ये पहली घटना है जब इतनी बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है.

  14. क्रिप्टो करेंसी एफ़टीएक्स के संस्थापक सैम बैंकमैन-फ्रायड बहामास में हुए गिरफ़्तार

    बहामास ने दिवालिया हो चुकी क्रिप्टो करेंसी एफ़टीएक्स के संस्थापक सैम बैंकमैन-फ्रायड को गिरफ़्तार कर लिया है. देश के अटॉर्नी जनरल ने इस बात की जानकारी दी है.

    बहामास ने कहा है कि उसे अमेरिका से सैम बैंकमैन के ख़िलाफ़ आपराधिक आरोपों की आधिकारिक सूचना मिली थी.

    बीते महीने एफ़टीएक्स ने अमेरिका में ख़ुद को दिवालिया घोषित किया था और इसके कई ग्राहक अपने पैसे तक नहीं निकाल पाए थे. ये दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टो करेंसी थी जो हर दिन 10 बिलियन क्रिप्टो क्वाइंस का व्यापार कर रही थी.

    अमेरिका के मैनहटन स्थित अटॉर्नी कार्यालय ने ट्वीट किया है, “अमेरिका के अनुरोध पर बहामास के अधिकारियों ने सैमुअल बैंकमैन-फ्राइड को गिरफ़्तार कर लिया है.सदर्न डिस्ट्रिक ऑफ़ न्यूयॉर्क की ओर से दायर एक सीलबंद अभियोग के आधार पर अमेरिका ने बहामास से ये गुज़ारिश की थी.”

    हाल ही में दिए गए कई इंटरव्यू में बैंकमैन ने माना था कि उनकी कंपनी से ग़लती हुई है, लेकिन उन्होंने ये मानने से इंकार कर दिया था कि किसी तरह की कोई ग़ैरकानूनी गतिविधि की गई है.

    उन्होंने न्यूयॉर्क टाइम्स के डीलबुक समिट में कहा था, "मैंने कभी धोखाधड़ी करने की कोशिश नहीं की."

    कैसे बर्बाद हुई एफ़टीएक्स

    दरअसल, एफ़टीएक्स की आर्थिक स्थिति तब बिगड़नी शुरू हुई जब क्रिप्टो न्यूज़ वेबसाइट क्वाइनडेस्क ने सैम की ट्रेडिंग कंपनी अलमीडा रिसर्च और एफ़टीएक्स के आपस में जुड़े होने का ज़िक्र किया और यह बताया कि दोनों स्वतंत्र कंपनियां नहीं हैं बल्कि एक फ़ाउंडेशन का हिस्सा हैं.

    इसके बाद एक और आरोप लगा कि अलमीडा ने एफ़टीएक्स के ग्राहकों का पैसा बतौर लोन इस्तेमाल किया है.

    इस रिपोर्ट के आने के बाद क्रिप्टो बाज़ार में सनसनी फैल गई. कंपनी के बुरे दौर की शुरुआत हो चुकी थी और इन आरोपों के कुछ दिन बाद ही एफ़टीएक्स की मुख्य प्रतिद्वंद्वी बाइनेंस ने एफ़टीएक्स से जुड़े अपने सारे क्रिप्टो टोकन बेच दिए.

    इसके बाद एफ़टीएक्स पर भूचाल आ गया. एक-एक कर ग्राहकों ने एफ़टीएक्स से अपना पैसा निकालना शुरू कर दिया. इसके बाद एफ़टीएक्स ने ख़ुद को दिवालिया घोषित कर दिया.

  15. नमस्कार, बीबीसी हिंदी के लाइव पेज में आपका स्वागत है. अभिवादन स्वीकार कीजिए.

    ये लाइव पेज 24 घंटे उपलब्ध रहेगा. 12 दिसंबर के अपडेट्स के लिए आपयहां क्लिककर सकते हैं.

    आज की अहम ख़बरें -

    • बहामास ने दिवालिया हो चुकी क्रिप्टो करेंसी एफ़टीएक्स के संस्थापक सैम बैंकमैन-फ्रायड को गिरफ़्तार कर लिया है. अमेरिका के अनुरोध पर बहामास ये गिरफ़्तारी की है.
    • अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में भारत और चीन के सैनिकों के बीच नौ दिसंबर को हुई झड़प है. दोनों पक्षों के कुछ सैनिकों को आई चोट- भारतीय सेना
    • अभिनेत्री नोरा फ़तेही ने अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस के ख़िलाफ़ 200 करोड़ की मानहानि का मुकदमा दायर किया है.
    • दिल्ली की एक अदालत ने जेएनयू के पूर्व छात्र और 2020 दिल्ली दंगा मामले में अभियुक्त उमर ख़ालिद को सात दिन की अंतरिम ज़मानत दी.