'कश्मीर फ़ाइल्स' विवाद: फ़िल्म फेस्टिवल के तीन जूरी सदस्यों ने कहा- हम लपिड से सहमत
बीते सप्ताह गोवा इंटरनेशनल फ़िल्म फ़ेस्टिवल के चीफ़ ज्यूरी नदाव लपिड ने प्रतियोगिता में शामिल फिल्म कश्मीर फ़ाइल्स को 'प्रपोगैंडा' और 'भद्दा' बताया था.
इस बयान पर विवाद के बीच जूरी बोर्ड के तीन सदस्यों ने कहा है कि वह लपिड के बयान से सहमत है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, इससे पहले इस जूरी में शामिल अकेले भारतीय फ़िल्मकार सुदीप्तो सेन ने कहा था कि नदाव लपिड ने मंच पर जो कहा था कि वो जूरी की राय नहीं थी.
हालांकि अब जूरी के तीन सदस्य- अमेरिकी निर्माता जिन्को गोतोह, फ़्रांसीसी फ़िल्म एडिटर पास्कल चावांस और फ़्रांसीसी डॉक्यूमेंट्री मेकर जेवियर अंगुलो बारतरेन ने साझा बयान जारी कर लपिड के बयान का समर्थन किया है.
इस सप्ताह की शुरुआत में लपिड के इस बयान से काफ़ी हंगामा मचा. ये विवाद इतना बड़ा हो गया कि नदाव लपिड की ओर से भारत में इसराइल के राजदूत नओर गिलोन ने भारत से माफ़ी मांगी है और कहा है कि भारत की मेज़बानी और दोस्ती के बदले लपिड के इस तरह का बयान देने पर मैं शर्मिंदा हूं.