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बिहारः पूजा कर रहे लोगों पर चढ़ा ट्रक, कम से कम 7 की मौत

बिहार के वैशाली ज़िले के मेहनार इलाक़े में सड़क किनारे पूजा कर रहे लोगों को अनियंत्रित ट्रक ने रौंद दिया है

लाइव कवरेज

दीपक मंडल and प्रेरणा .

  1. किसान आंदोलन: क्या अपनी शेष मांगों के लिए दोबारा प्रदर्शन करेंगे किसान?

    तीन कृषि-क़ानूनों के ख़िलाफ़ शुरू हुए किसान आंदोलन ने भारत ही नहीं बल्कि विदेशों में भी अपनी छाप छोड़ी.

    कड़ाके की ठंड, तेज़ हवा, भीषण गर्मी और भारी बारिश में भी किसान मोर्चों पर डटे रहे और प्रदर्शन के एक साल बाद सरकार ने किसानों की बात मान ली.

    ख़ुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे आकर कृषि कानून को वापस लेने का ऐलान किया. आज एक साल हो गया जब, केंद्र सरकार ने कृषि कानूनों को वापस लिया था और जिसके बाद किसानों ने अपना प्रदर्शन ख़त्म किया था.

    किसान आंदोलन, सरकार के रुख़ और आगामी रणनीति पर बीबीसी संवाददाता खुशहाल लाली ने किसान नेता दर्शनपाल सिंह से बात की.

  2. फ़ीफ़ा प्रमुख ने पश्चिमी देशों को बताया पाखंडी, कहा- क़तर पर सवाल उठाने से पहले अपनी हरकतों के लिए माफ़ी मांगे

    फीफा वर्ल्ड कप की शुरुआत आज से होने जा रही है.

    क़तर में विश्व कप की शुरुआत से पहले फीफा के प्रमुख ने मेज़बान देश की आलोचना करने के लिए पश्चिमी देशों को निशाने पर लिया है.

    फीफा के प्रमुख गियान्नी इन्फेंटिनो ने क़तर के मानवाधिकार रिकॉर्ड की आलोचना करने वाले पश्चिमी देशों पर पाखंडी होने का आरोप लगाया है.

    उन्होंने कहा कि यूरोपीय देशों को क़तर की नैतिकता पर सवाल उठाने से पहले अतीत में किए गए अपने कार्यों के लिए माफ़ी मांगनी चाहिए.

    फीफा के प्रमुख ने कहा, ''मैं यहां 6 सालों पहले आया था और मैंने प्रवासी मज़दूरों से जुड़े मुद्दे को अपनी पहली मीटिंग में उठाया था. इनमें से कितनी यूरोपीय या पश्चिमी व्यापारिक कंपनियां जो क़तर या अन्य देशों से करोड़ों कमाती हैं, हर साल अरबों, उनमें से कितनी ने प्रवासी श्रमिकों के अधिकारों के बारे में सोचा है? या किसी अधिकारी ने? मेरे पास जवाब है, इनमें से किसी ने भी नहीं क्योंकि नियमों में किसी भी तरह के बदलाव का मतलब है कम फायदा होना. यानी एक अरब के बजाय आप शायद केवल नब्बे करोड़ कमा सकते हैं. लेकिन हमने किया और फीफा कतर की इन कंपनियों में से किसी की तुलना में बहुत कम पैसे जेनरेट करता है."

    क्या है मामला?

    फ़रवरी 2021 में गार्डियन अख़बार में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक़ क़तर ने जब से वर्ल्ड कप के लिए बोली जीती थी तब से भारत, पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका के 6,500 प्रवासी कामगारों की क़तर में मौत हो चुकी है. वहीं यहां समलैंगिक संबंध अवैध हैं.

    कई प्रतिभागी देश प्रवासी मज़दूरों के साथ किए जा रहे बर्ताव और समलैंगिक अधिकारों को लेकर क़तर की आलोचना करते हैं.

  3. COVER STORY: क़तर में फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप और विवादों का साया

    20 नवंबर से क़तर में फ़ीफ़ा फुटब़ॉल वर्ल्ड कप शुरू हो रहा है.

    ये पहला मौका है जब किसी अरब देश को फुटबॉल वर्ल्ड कप की मेज़बानी मिली हो.

    मेज़बानी मिलने के बाद से ही क़तर विवादों में रहा है. इन विवाद की क्या रही हैं वजहें, इसी की बात आज कवर स्टोरी में.

  4. अमेरिकी रक्षा मंत्री ने चीन और रूस को लेकर दी चेतावनी

    अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने चेतावनी दी है कि चीन और रूस एक ऐसी दुनिया बनाने की कोशिश कर रहे हैं जहां सभी विवादों का हल, ताक़त के ज़ोर पर किया जा सके.

    रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन का कहना है कि रूस की तरह ही चीन भी उस दुनिया का हिमायती है जहां कमज़ोरों पर ताक़तवर की मर्ज़ी चलती है, जहां विवादों को बल से सुलझाया जाता है, और जहां निरंकुश मौलिक अधिकारों पर रोक लगा सकते हैं.

    रक्षा मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मंच को संबोधित करते हुए कहा कि यूक्रेन के भविष्य की रक्षा करने में विफलता एक "अत्याचारों और अशांति वाली दुनिया" को जन्म दे सकती है.

    लॉयड ऑस्टिन का बयान ऐसे व़क्त में आया है जब जी-20 सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और शी जिनपिंग की मुलाक़ात हुई थी.

  5. पाकिस्तान: क्यों विवादों में है फ़िल्म 'जॉयलैंड'?

    पाकिस्तान की ओर से ऑस्कर पुरस्कार के लिए नामित फ़िल्म जॉयलैंड को वहां के सेंसर बोर्ड की मंज़ूरी मिली हुई थी.

    इसे 18 नवंबर को रिलीज़ होना था, लेकिन पाकिस्तान के सूचना प्रसारण मंत्रालय ने इस फ़िल्म में आपत्तिजनक सामग्री होने का हवाला देते हुए सेंसर सर्टिफ़िकेट रद्द कर दिया है.

  6. ब्रेकिंग न्यूज़, COP27: ग़रीब देशों को हो रहे नुकसान की भरपाई के लिए फंड पर बनी सहमति

    मिस्र के शर्म-अल-शेख़ में चल रहे संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन में उस ऐतिहासिक समझौते पर सहमति बन गई है, जिसके तहत जलवायु परिवर्तन से होने वाले नुकसान के लिए ग़रीब देशों को भुगतान किया जाएगा.

    दो हफ़्ते की वार्ता के बाद आख़िरकार प्रतिनिधि देश ग़रीब देशों को "नुकसान और क्षति" की भुगतान के लिए एक फंड बनाने को तैयार हुए हैं.

    विकसित देश ऐतिहासिक रूप से जलवायु परिवर्तन के लिए प्रमुख तौर पर ज़िम्मेदार रहे हैं,और आने वाले समय में उन्हें इसका भुगतान करना होगा.

    इसी डर से अमीर देश अब तक इस फंड के गठन पर चर्चा के आयोजन का विरोध करते रहे हैं, लेकिन हाल के वर्षों में पाकिस्तान, नाइजीरिया और अन्य जगहों पर बाढ़ के प्रभावों ने जलवायु संतुलन को बुरी तरह प्रभावित किया है.

    वहीं मिस्र में बढ़ते तापमान के कारण होने वाले नुकसान और इससे जुड़े मुद्दे आख़िरकार बातचीत के एजेंडे में शामिल हो गए.

    COP27 की बैठक 6 नवंबर से 18 नवंबर तक चलनी थी लेकिन गरीब देशों के फंड को लेकर जारी वार्ता पर चर्चा पूरी करने और निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए इसे बढ़ाया गया.

    शिखर सम्मेलन के मेज़बान और COP27 के अध्यक्ष समेह शौकरी ने जैसे ही ग़रीब देशों के लिए इस ऐतिहासिक सौदे की घोषणा की, कमरे में तालियां बजने लगीं.

  7. वो कंटेनर्स जो आजकल हैं राहुल गांधी का 'घर'

    राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा हर रोज़ आगे बढ़ रही है.

    लेकिन अक्सर लोगों के मन में ये सवाल उठता है कि राहुल गांधी और यात्रा में शामिल लोग रुकते कहां हैं?

    दरअसल, इस यात्रा के लिए कांग्रेस ने व्यापक व्यवस्था की है.

    राहुल के काफ़िले के साथ कई कंटेनर्स चलते हैं जिनमें लोग रुकते और ठहरते हैं.

  8. पटना यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव में छात्र जेडीयू का दबदबा, अध्यक्ष पैनल समेत चार पदों पर कब्ज़ा

      • Author, विष्णु नारायण
      • पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए

    बिहार के भीतर पटना यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव के परिणाम घोषित हो चुके हैं.

    छात्र जद (यू) के उम्मीदवार आनंद मोहन को अध्यक्ष पद पर विजयी घोषित किया गया. तो वहीं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से सम्बद्ध विपुल महासचिव पद पर विजयी रहे.

    19 नवंबर के शाम से ही 'पटना आर्ट्स एंड क्राफ्ट कॉलेज' में हो रही काउंटिग के परिणाम आज (20 नवंबर) को तड़के आए.

    आनंद मोहन को कुल 3710 वोट मिले और दूसरे नंबर पर एनएसयूआई से सम्बद्ध शाश्वत शेखर रहे.

    शाश्वत को 2517 वोट मिले.

    तीसरे नंबर पर छात्र राजद से सम्बद्ध साकेत कुमार रहे. आइसा और छात्र राजद के साथ ही जन अधिकार छात्र परिषद जैसे छात्र संगठन सेंट्रल पैनल में जगह बनाने में असफल रहे.

    सेंट्रल पैनल के बाकी पद जैसे उपाध्यक्ष, संयुक्त सचिव और कोषाध्यक्ष पर भी छात्र जद (यू) के सिर ही जीत का सेहरा बंधा.

    हालांकि छात्र राजद और आइसा जैसे छात्र संगठनों ने पटना विश्वविद्यालय प्रशासन पर पक्षपात व सरकार के इशारे पर काम करने के आरोप लगाए हैं. वहीं काउंटिंग के दौरान काउंटिंग सेंटर पर जायजा लेने पहुंचे कुलपति गिरीश चौधरी की गाड़ी पर हमला भी हुआ.

    कुलपति के ख़िलाफ़ जमकर नारेबाजी हुई.

    इसके अलावा मतगणना की राउंड दर राउंड घोषणा न किए जाने को लेकर भी छात्र समुदाय में रोष देखा गया. छात्र राजद से सम्बद्ध भाग्य भारती और आइसा से सम्बद्ध आदित्य रंजन का कहना था कि ऐसा पहले कभी नहीं हुआ कि वोटों की गिनती की घोषणा न की जाए.

    छात्रों को यह पता न चल सके कि कौन आगे चल रहा है और कौन पीछे, जबकि तमाम विश्वविद्यालयों से लेकर मेनस्ट्रीम राजनीति में वोटिंग के रुझान के साथ ही शुरू से अंत तक हो रही गिनती के राउंड की घोषणा की जाती है. चाहे वो मुखिया या वार्ड काउंसलर का चुनाव हो या फिर विधायक या सांसद का चुनाव ही क्यों न हो?

    पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में इस वर्ष कुल 54.5 प्रतिशत मतदान हुआ है. सबसे अधिक वोट पटना वीमेंस कॉलेज में 68.75 प्रतिशत तक हुआ, वहीं सबसे कम वोटिंग प्रतिशत पटना लॉ कॉलेज का रहा. यहां महज 32.29 प्रतिशत वोट पड़े. तो वहीं बीते रोज मतदान के दौरान पटना कॉलेज कैंपस के भीतर हुई हिंसा और गोलीबारी के साथ ही पत्रकारों के साथ की गई मारपीट के मामले में अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ प्राथमिकी दर्ज की गई है.

    सूबे की राजनीति को संचालित करने वाले तमाम राजनीतिक दल पटना यूनिवर्सिटी के छात्र संघ चुनाव में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर दखल देते हैं. सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के कई ऐसे बड़े नेता हैं जो पटना यूनिवर्सिटी से छात्र राजनीति करते हुए ही मेनस्ट्रीम राजनीति में दाखिल हुए. चाहे राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद हों या फिर सीएम नीतीश कुमार. चाहे सुशील कुमार मोदी हों या फिर रविशंकर प्रसाद.

  9. पाकिस्तान का ये व्लॉगर भारत में इतना मशहूर कैसे हो गया?

    हाल ही में पाकिस्तान के एक व्लॉगर ताहिर ख़ान का वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वो भारत की दो जूनियर टेनिस-प्लेयर्स और उनके पिताओं के साथ नज़र आए.

    वो अपने रेस्तरां की ओर जा रहे थे और रास्ते में कुछ लोगों ने उनसे लिफ़्ट मांगी.

    उन्होंने कार रोकी और उसके बाद उन्हें पता चला कि जिन लोगों ने उनसे लिफ़्ट मांगी, वे हिंदुस्तान से हैं. बीबीसी ने ताहिर से भारत-पाकिस्तान के रिश्तों और उनके इस अनुभव के बारे में बात की.

  10. तुर्की ने सीरिया में कुर्द ठिकानों पर हवाई हमले किए

    तुर्की ने सीरिया में सीमा पार कुर्द ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं.

    ये हवाई हमले सीरिया के कोबाने शहर सहित उत्तरी सीरिया के दूसरे अन्य शहरों में हुए हैं.

    सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स मॉनिटर का कहना है कि हमले में अब तक कुर्द के नेतृत्व वाले सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेस (एसडीएफ) के कम से कम छह सदस्यों और सरकार समर्थक छह सैनिकों की मौत हो गई है.

    बीते 13 नवंबर को तुर्की के बड़े शहर इंस्ताबुल के एक व्यस्त शॉपिंग इलाके में बम धमाके हुए थे. धमाके में छह लोग मारे गए थे, वहीं 80 से अधिक लोग घायल हो गए थे.

    तुर्की के अधिकारियों ने इसके पीछे कुर्द आतंकवादी समूह, पीकेके का हाथ बताया है. तुर्की के अधिकारियों का कहना था कि बम रखने के संदेह में हिरासत में ली गई एक सीरियाई महिला ने इस बात के संकेच दिए थे कि से पीकेके उग्रवादियों द्वारा प्रशिक्षित किया गया था.

    हालांकि पीकेके बम धमाके में अपनी किसी भी भूमिका से इनकार करता है.

  11. गुजरात: आवारा पशु के हमले का एक और मामला, बुज़ुर्ग की मौत

    गुजरात के राजकोट में आवारा पशु के हमले का एक और मामला सामने आया है. यहां पर आवारा पशु के हमले में एक बुज़ुर्ग की मौत हो गई है. यह हादसा राजकोट के गोपाल चौक इलाक़े के पास हुआ.

    हादसा तड़के सुबह हुआ. जब रसिक भाई ठकरार दूध लेने जा रहे थे. उसी समय एक गाय ने उन पर हमला कर दिया. गाय ने उन्हें पहले दौड़ाया और जब वो गिर गए तब भी वो हमला करती रही.

    गाय उन्हें क़रीब 20 मिनट तक लात मारती रही. इस हमले में रसिक भाई की मौत हो गई.

  12. ब्रेकिंग न्यूज़, ट्विटर पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की वापसी

    अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म ट्विटर पर वापसी हो गई है.

    कंपनी ने उनके सस्पेंडेड अकाउंट को बहाल कर दिया है.

    इससे पहले कंपनी के नए प्रमुख एलन मस्क ने ट्विटर पर डोनाल्ड ट्रंप की वापसी से जुड़ा एक पोल किया था.

    पोल में यूजर्स को तय करना था कि सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म पर डोनाल्ड ट्रंप की वापसी होनी चाहिए या नहीं.

    इस पोल में ट्रंप को लगभग 52 प्रतिशत समर्थन के साथ पंद्रह मिलियन वोट मिले थे.

    एलन मस्क ने लोगों के फैसले का स्वागत किया है.

    हालांकि डोनाल्ड ट्रम्प का कहना है कि उन्हें ट्विटर पर लौटने में कोई दिलचस्पी नहीं है, इसके बजाय वह अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रहना पसंद करते हैं.

    पूर्व राष्ट्रपति को पिछले साल जनवरी में वाशिंगटन में कैपिटल बिल्डिंग पर हुए हमले के मद्देनजर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से प्रतिबंधित कर दिया गया था.

    जिसके बाद उन्होंने अपना एक निजी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' लॉन्च किया था.

  13. COVER STORY: COP 27 कितना असरदार?

    पिछले 27 सालों से, साल दर साल जलवायु परिवर्तन सम्मेलन हो रहे हैं और हर सम्मेलन के अंत में तमाम देशों के नुमाइंदे समझौतों पर दस्तख़त करते हैं.

    लेकिन ये समझौते आख़िर कितने कारगर साबित होते हैं और क्या इससे जलवायु परिवर्तन से निपटने में वाकई मदद मिल रही है. कवर स्टोरी में इसी की चर्चा.

  14. ग़ाज़ियाबाद के कौशांबी स्थित रेडिसन ब्लू होटल के मालिक का शव घर में मिला

    गाज़ियाबाद के कौशांबी स्थित रैडिसन ब्लू होटल के मालिक अमित जैन शनिवार को अपने घर में मृत पाए गए. वे दिल्ली के कॉमनवेल्थ गेम्स विलेज में रहते थे.

    पुलिस के मुताबिक अमित जैन की उम्र 40 साल थी और वह अपने परिवार के साथ रहते थे. शनिवार को उनके परिवार ने ही उन्हें फांसी पर लटका पाया था.

    पुलिस ने कहा कि उन्हें दोपहर करीब 12.25 बजे इसकी सूचना मिली.

    पुलिस जांच में सामने आया है कि अमित जैन नोएडा स्थित अपने नए घर से सुबह का नाश्ता कर कॉमन वेल्थ गेम्स विलेज पहुंचे थे. उनका परिवार जल्द ही अपने नए घर में शिफ़्ट होने वाला था.

    दिल्ली पुलिस ने एक बयान में कहा, ''अपने भाई करण को गाज़ियाबाद स्थित उनके ऑफिस ड्रॉप करने के बाद वे सीधे कॉमनवेल्थ गेम्स विलेज आए. वे कार में अकेले ही थे, लेकिन जब उनके बेटे और ड्राइवर कुछ सामान लेने घर पहुंचे तो उन्होंने जैन को फांसी पर लटका देखा. उन्हें सीधे पटपड़गंज स्थित मैक्स अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.''

    दिल्ली पुलिस का कहना है कि फिलहाल किसी तरह के षड्यंत्र का कोई आरोप सामने नहीं आया है.

    पुलिस इस मामले की विस्तृत जांच कर रही है.

  15. गुजरात के एक गांव के लोग सरकार से क्यों हैं नाराज़

    गुजरात में दिसंबर में विधानसभा चुनाव होने हैं. सभी पार्टियां लुभावने वादे कर रही हैं.

    चुनाव आते हैं चुनाव जाते हैं पर ये वादे कितने पूरे होते हैं?

    इसी की हकीकत जानने बीबीसी संवाददाता रॉक्सी गागड़ेकर छारा गुजरात के एक छोटे से गांव बोकड़मल पहुंचे.देखिए ये रिपोर्ट.

  16. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक का यूक्रेन दौरा, 50 मिलियन पाउंड की रक्षा सहायता देने का एलान

    रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच शनिवार को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक यूक्रेन पहुंचे. यहां उनकी मुलाक़ात यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की से हुई.

    प्रधानमंत्री बनने के बाद ऋषि सुनक की ये पहली यूक्रेन यात्रा है.

    ऋषि सुनक ने यूक्रेन को 50 मिलिन पाउंड की रक्षा सहायता पहुंचाने का वादा किया है. सहायता पैकेज का उद्देश्य रूसी हवाई हमलों का मुक़ाबला करना है.

    पैकेज में 125 एंटी-एयरक्राफ्ट गन और ऐसे तकनीक शामिल हैं, जो दर्जनों रडार और एंटी-ड्रोन इलेक्ट्रॉनिक युद्ध क्षमता सहित ईरान द्वारा आपूर्ति किए गए घातक ड्रोन का मुक़ाबला करने के लिए है.

    सुनक ने अपनी घोषणा में यूक्रेन के सशस्त्र बलों के लिए प्रशिक्षण की पेशकश को बढ़ाने, विशेष सहायता प्रदान करने के लिए विशेषज्ञ सेना चिकित्सक और इंजीनियरों को भेजने की बात कही है.

    सुनक ने कहा कि कीएव में होना बहुत ही सुखद है और यूके यूक्रेन के पक्ष में खड़ा रहेगा.

    दोनों नेताओं के बीच हुई बैठक के बाद ज़ेलेंस्की ने कहा, "युद्ध के पहले दिन से ही यूक्रेन और ब्रिटेन सबसे मज़बूत सहयोगी रहे हैं."

  17. नमस्कार, बीबीसी हिंदी के लाइव पेज में आपका स्वागत है. अभिवादन स्वीकार कीजिए.

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