एनसीपी नेता जीतेंद्र आव्हाड ने छेड़छाड़ के आरोपों पर अपनी सफ़ाई देते हुए अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार किया है.
उन्होने कहा, "354 के तहत मामला मुझे अस्वीकार्य है. मैंने जीवन में कभी ऐसा नहीं किया."
"मेरी बेटी को उसके दोस्तों ने कहा कि तुम्हारे पिताजी ने किसी से छेड़छाड़ की है. मैंने ऐसी राजनीति कभी नहीं देखी. अगर ऐसा है तो मैं इसमें नहीं रहना चाहता."
अपने ख़िलाफ़ छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज होने के बाद आव्हाड ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ये बातें कही.
शिकायत दर्ज होने के बाद उन्होंने कहा कि था वो अपनी विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफ़ा देने वाले हैं.
उन्होंने एक ट्वीट किया, "पुलिस ने 72 घंटे में मेरे ख़िलाफ़ 2 झूठे मुकदमे दर्ज किए और वह भी 354 के. मैं इस पुलिस अत्याचार के खिलाफ लड़ूंगा. मैं अपने विधायक पद से इस्तीफा देने का फैसला कर रहा हूं."
हालांकि इसके बाद उनकी पत्नी रूता सामंत ने जानकारी दी कि जीतेंद्र इस्तीफ़ा नहीं देंगे.
सामंत ने ट्वीट किया, "जिस महिला ने यह शिकायत दर्ज कराई है, उसका एक मकसद है. रीदा राशिद के ख़िलाफ़ कई मामले दर्ज किए गए हैं और वह ज़मानत पर हैं. उन्होंने एनसीपी और आव्हाड के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक बातें की हैं."
सामंत ने लिखा, "अगर किसी को एक तरफ धकेलना अपराध है, तो बाजार में, ट्रेनों में, रेलवे पुलों पर, भीड़ में हर दिन सैकड़ों लोगों के साथ छेड़छाड़ हो रहे हैं."
रीडा राशिद ने आरोप लगाया है कि एक पुल के उद्घाटन समारोह में पहुंचे आव्हाड ने भीड़ में उनके साथ छेड़छाड़ की.
उन्होेंने ट्विटर पर लिखा, "एनसीपी विधायक जितेंद्र अवध ने मुझे सबके सामने अपमानित किया.उसने मेरा हाथ पकड़ा और मुझे धक्का दिया और कहा कि तुम यहाँ क्या कर रहे हो."
राशिद ने कहा कि पुलिस को महिलाओं का सार्वजनिक रूप से अपमान करने पर उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई करनी चाहिए.
महाविकास अघाड़ी के नेताओं द्वारा मामला दर्ज कराए जाने की निंदा की गई है.
एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले ने आव्हाड के ख़िलाफ़ कार्रवाई की निंदा की है.उन्होंने कहा कि मुद्दों पर कार्रवाई बदले की भावना से की जा रही है.