प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को
नोटिस भेजकर 3 नवंबर की सुबह पूछताछ के लिए बुलाया
है.
मुख्यमंत्री कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बीबीसी से इसकी पुष्टि की है.
उनसे रांची के ईडी दफ़्तर में पूछताछ की जाएगी.
इससे पहले ईडी ने झारखंड पुलिस से अपने कार्यालय की सुरक्षा के लिए
अतिरिक्त पुलिस फ़ोर्स की मांग की थी.
इससे संबंधित चिट्ठियां पुलिस मुख्यालय और
CRPF की स्थानीय यूनिट को भी भेजे जाने की खबरें हैं.
हालांकि ईडी ने अभी तक इस
बारे में कोई आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति या बयान जारी नहीं किया है.
ईडी ने पुलिस
सुरक्षा की मांग किए जाने संबंधी अपने कथित पत्र को लेकर भी मीडिया को कोई जानकारी
नहीं दी है.
इसके बावजूद स्थानीय मीडिया और इससे जुड़े व्हाट्सएप ग्रुप एवं सोशल
मीडिया पर इसकी चर्चा मंगलवार आधी रात से ही शुरू हो गई थी.
बीजेपी नेताओं से जुड़े कुछ ट्विटर हैंडल पर भी इशारों- इशारों में ऐसे पोस्ट किए गए जिससे यह बात फैलने लगी कि कुछ बड़ा होने वाला है.
स्थानीय अख़बार प्रभात खबर ने सूत्रों के हवाले से आज यह ख़बर भी छापी है.
इसमें लिखा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को खनन मामले में समन किया गया है.
अख़बार लिखता है, “मुख्यमंत्री को पूछताछ के लिए समन करने का मुख्य कारण उनके विशेष प्रतिनिधि पंकज मिश्रा के अवैध खनन में शामिल होने, 42 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति अर्जित करने के साथ कई अन्य मामले हैं.”
पंकज मिश्रा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विधायक प्रतिनिधि रहे हैं. ईडी की ओर से गिरफ़्तार किए जाने के बाद वे इन दिनों न्यायिक हिरासत में हैं.
तबीयत ख़राब होने के कारण रांची के राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान में उनका इलाज चल रहा है.
खनन सचिव रहीं वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल भी पहले से ही न्यायिक हिरासत में हैं.
उन्हें भी ईडी ने गिरफ़्तार किया था.
ईडी अधिकारियों ने इससे पहले मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार अभिषेक प्रसाद उर्फ़ पिंटू से भी पूछताछ की थी.
बहरहाल, इस ताज़ा घटनाक्रम से झारखंड की सियासत में फिर सरगर्मी बढ़ गई है.