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प्रधानमंत्री के रूप में लिज़ ट्रस के छह हफ़्ते ऐसे बीते

लिज़ ट्रस ने घोषणा की कि वे प्रधानमंत्री का पद छोड़ रही हैं, क्योंकि वे उस जनादेश को पूरा नहीं कर सकीं जिसके लिए उन्हें प्रधानमंत्री के रूप में चुना गया था.

लाइव कवरेज

  1. चीन की सेना को ट्रेनिंग देने के लिए पूर्व मिलिट्री पायलटों की भर्ती के दावों की जांच कराएगा ऑस्ट्रेलिया

    ऑस्ट्रेलिया के रक्षा मंत्री ने कहा है कि उनकी सेना इस मामले की जाँच कर रही है कि उनके पूर्व सैनिकों ने चीन की मिलिट्री को प्रशिक्षण दिया है या नहीं.

    इससे पहले ब्रिटेन भी कह चुका है कि वो अपने पायलटों को चीनी सेना में प्रशिक्षण देने से रोकने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर क़ानूनी कार्रवाई कर सकता है.

    ऐसी ख़बरें सामने आईं जिसमें दावा किया गया कि दक्षिण अफ़्रीका का एक फ़्लाइट स्कूल, चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) को प्रशिक्षित करने के लिए दक्षिण ब्रिटेन, दक्षिण अफ़्रीका सहित कई अन्य देशों के पूर्व सैनिकों को भर्ती कर रहा है.

    इस स्कूल का नाम टेस्ट फ़्लाइंग एकेडमी ऑफ़ साउथ अफ़्रीका (टीएफ़एएसए) है.

    बीबीसी की ख़बर के अनुसार ब्रिटेन के 30 पूर्व सैन्य पायलट चीन की पीएलए को प्रशिक्षित करने गए हैं.

    ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय के अनुसार रॉयल एयर फ़ोर्स के पूर्व पायलटों को भर्ती करने के लिए सालाना 2 करोड़ रुपए से भी अधिक के वेतन का प्रस्ताव दिया गया.

    फ़ाइनेंशियल टाइम्स की ख़बर के अनुसार एक अधिकारी ने बताया कि न सिर्फ़ पूर्व बल्कि कुछ मौजूदा सैनिकों को भी भर्ती के लिए ऑफ़र दिया गया है.

    इस ख़बर के आने के बाद ब्रिटिश सरकार ने कहा है कि वो चीन में पीपल्स लिबरेशन आर्मी के जवानों को ट्रेनिंग देने के लिए सेवारत और पूर्व ब्रिटिश सैन्य पायलटों की भर्ती की कोशिशों को रोकने के लिए निर्णायक क़दम उठा रही है.

    अब ऑस्ट्रेलिया के रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्ल्स ने भी कहा है कि उन्होंने अपने मंत्रालय से इन दावों की जाँच करने के लिए कहा है कि ऑस्ट्रेलियाई वायुसेना के पायलट को भी दक्षिण अफ़्रीकी फ़्लाइट स्कूल ने चीन में काम करने के लिए भर्ती किया था.

    मार्ल्स ने एक बयान में कहा, "मैं ये सुनकर बहुत हैरान और परेशान हूँ कि ऐसे भी कुछ जवान थे जिन्हें दूसरे देश मोटी रकम का लालच देकर अपने लिए काम करवा रहे थे. मैंने विभाग से इन दावों की जाँच करने और इस मामले में स्पष्ट सुझावों के साथ मेरे पास आने को कहा है."

    न्यूज़ीलैंड की डिफ़ेंस फ़ोर्स ने फ़ाइनेंशियल टाइम्सको बताया है कि उनके चार पूर्व पायलटों को टीएफ़एएसए ने भर्ती किया है लेकिन कोई सेवारत सैनिक इसमें शामिल नहीं है.

  2. भारत को लेकर ब्रिटिश मंत्री के बयान का इस्तीफ़े से कोई संबंध है?

    ब्रिटेन की गृह मंत्री सुएला ब्रेवरमैन ने बुधवार को अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया. भारतीय मूल की सुएला ब्रेवरमैन ने सितंबर महीने में ही ये पद संभाला था.

    उन्होंने अपने इस्तीफ़े का कारण नई सरकार के कामकाज़ के तरीक़ों को बताया और कहा है कि ये सरकार जिस दिशा में जा रही है उसे लेकर वो चिंतित हैं.

    प्रवासियों पर उदार नीति की आलोचक रहीं ब्रेवरमैन ने ये भी कहा है कि नई सरकार मतदाताओं से किए वादे भी पूरे नहीं कर रही, जैसे प्रवासियों की संख्या कम करना और अवैध प्रवास पर रोक लगाना.

    हालाँकि, माना ये जा रहा है कि ब्रेवरमैन के ऊपर प्रवासियों के लिए उदार नीति अपनाने का दबाव था, जिसकी वजह से उन्होंने इस्तीफ़ा दिया. हाल ही में भारतीय प्रवासियों को लेकर दिए उनके बयान से भी ख़ूब विवाद हुआ था.

    इस्तीफ़े में क्या-क्या लिखा?

    ब्रेवरमैन ने अपने ट्विटर हैंडल पर इस्तीफ़ा पोस्ट किया है. इसमें उन्होंने लिखा, "मैंने ग़लती की. मैं इसकी ज़िम्मेदारी स्वीकार करती हूँ."

    ब्रेवरमैन ने कहा, "मैंने अपने निजी ई-मेल से एक भरोसेमंद संसदीय सहयोगी को सरकारी दस्तावेज भेजा...जैसा कि आप जानते हैं, दस्तावेज आव्रजन के बारे में मंत्रिस्तरीय बयान था, जिसे छपना था."

    उन्होंने कहा, "फिर भी मेरा जाना सही है. जैसे ही मुझे अपनी ग़लती का अहसास हुआ, मैंने तुरंत कैबिनेट सचिव को सूचित किया."

    ब्रेवरमैन ने कहा, "हम एक कठिन समय से गुज़र रहे हैं... मुझे इस सरकार की दिशा के बारे में चिंता है."

    ब्रेवरमैन ने कहा, "न केवल हमने अपने मतदाताओं से किए गए वादों को तोड़ा है बल्कि मैं घोषणापत्र से जुड़ी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने की इस सरकार की प्रतिबद्धता को लेकर भी चिंतित हूँ, जैसे कि कुल प्रवासियों की संख्या कम करना और अवैध प्रवास, विशेष रूप से ख़तरनाक छोटी नावों से ब्रिटेन आने वालों को रोकना."

    भारत के प्रवासियों पर क्या कहा था?

    सुएला ख़ुद भारतीय मूल की हैं, लेकिन इसी महीने 'द स्पेक्टेटर' नामक मैगज़ीन को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा था, "मुझे भारत के साथ खुली सीमा की नीति को लेकर चिंताएं हैं क्योंकि मुझे लगता है कि लोगों ने जब ब्रेग्ज़िट को चुना था, तब इसलिए वोट नहीं किया था."

    उसी इंटरव्यू में सुएला ने कहा था कि ब्रिटेन में वीज़ा समाप्त होने के बाद सबसे ज़्यादा भारतीय प्रवासी ही रहते हैं.

    इसके बाद ऐसी रिपोर्ट्स भी आईं कि ब्रेवरमैन के बयान से भारत और ब्रिटेन के बीच होने वाला मुक्त व्यापार समझौता होने से पहले ही 'समाप्त होने की कगार' पर आ गया है. पहले इस समझौते को 24 अक्टूबर यानी दीपावली तक होना था लेकिन अब ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय की ओर कहा गया है कि समझौते पर चर्चा जारी है लेकिन दिवाली तक की डेडलाइन तय नहीं है.

    ब्रेवरमैन की जगह बोरिस जॉनसन सरकार में परिवहन मंत्री रहे ग्रैंट शैप्स को नया गृह मंत्री बनाया गया है. ग्रैंट शैप्स हाल ही में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री को चुनने की प्रक्रिया में पीएम लिज़ ट्रस के प्रतिद्वंद्वी ऋषि सुनक के समर्थन में थे.

  3. इंडोनेशिया: जकार्ता में इस्लामिक सेंटर की ग्रैंड मस्जिद में लगी आग, गुंबद गिरा

    इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में बुधवार को सबसे बड़ी मस्जिद का गुंबद भीषण आग लगने के कारण गिर गया.

    जकार्ता की मीडिया में छपी ख़बरों के अनुसार ये हादसा उत्तरी जकार्ता के जामी मस्जिद में बुधवार दोपहर स्थानीय समयानुसार करीब 3 बजे हुआ. मस्जिद में मरम्मत का काम चल रहा था.

    जकार्ता ग्लोब की ख़बर के अनुसार, ये मस्जिद इस्लामिक स्टडीज़ और डेवलेपमेंट से जुड़े थिंक टैंक जकार्ता इस्लामिक सेंटर के परिसर में बनी हुई है.

    सोशल मीडिया पर इस शेयर हो रहे इस हादसे के वीडियो में गुंबद के गिरते ही चारों ओर धुएं का गुबार दिखने लगता हैं. आग बुझाने के लिए दमकल की 10 गाड़ियों को मौके पर पहुंचना पड़ा.

    इंडोनेशिया न्यूज़ नेट की ख़बर के अनुसार तकरीबन 20 साल पहले अक्टूबर 2002 में इस मस्जिद की मरम्मत के समय भी आग लगी थी. उस समय आग बुझाने में पांच घंटे लग गए थे.

    पुलिस के अनुसार, इस हादसे में किसी को चोट नहीं लगी है.

    हादसे का कारण पता लगाया जा रहा है और पुलिस ने कहा है कि मस्जिद की मरम्मत कर रहे कॉन्ट्रैक्टर कंपनी के चार मजदूरों से पूछताछ की जाएगी.

  4. नमस्कार, बीबीसी हिंदी के लाइव पेज में आपका स्वागत है.

    बीबीसी हिंदी के इस लाइव पेज में आपको दिनभर ताज़ा और अहम ख़बरें मिलेंगी.

    ये लाइव पेज 24 घंटे उपलब्ध रहेगा. 19 अक्टूबर के अपडेट्स के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं.

    शुरुआत आज की कुछ बड़ी ख़बरों से:

    • इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता के इस्लामिक सेंट की ग्रैंड मस्जिद में मरम्मत का काम चल रहा था, इसी दौरान आग लग गई
    • यूक्रेन स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीयों से तत्काल यूक्रेन छोड़ने के लिए कहा है
    • कांग्रेस प्रमुख का चुनाव हारने के बाद शशि थरूर ने पार्टी के भीतर असहमति रखने वाले समूह जी-23 से असहज करने वाले सवाल पूछे हैं
    • यूएन प्रमुख एंटोनियो गुटेरस ने भारत में मानवाधिकारों पर ध्यान देने के लिए कहा है