मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बीजेपी सांसद परवेश वर्मा के हालिया
बयान से बीजेपी नाराज़ है और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा इस मामले में सख़्ती बरत
रहे हैं.
लोकसभा सांसद परवेश वर्मा पर हाल ही
में एक सभा के दौरान एक समुदाय के आर्थिक बहिष्कार के लिए लोगों को उकसाने का आरोप
है.
इंडियन एक्सप्रेस की एक ख़बर के
मुताबिक, विश्व हिंदू परिषद की स्थानीय शाखा की ओर से आयोजित ‘विराट हिंदू सभा’ में उन्होंने
कहा था कि ‘‘इस समुदाय का संपूर्ण बहिष्कार करें.’’
द हिंदू की
ख़बर के मुताबिक, परवेश वर्मा के बयान से जेपी नड्डा
नाख़ुश हैं और उन्होंने उनके भाषण की बिना-एडिट हुई क्लिप तलब की है.
परवेश वर्मा का बयान ऐसे समय पर आया है, जब बीजेपी और आरएसएस लगातार मुसलमान और पिछड़े समुदाय के लोगों से मिलकर जनाधार बढ़ाने
की कोशिश में हैं, तो ऐसे बयान पार्टी का काफ़ी नुकसान कर सकते हैं.
हालांकि परवेश वर्मा ने अपने भाषण में
किसी समुदाय का नाम नहीं लिया था लेकिन पार्टी का मानना है कि ‘इससे पार्टी के ख़िलाफ़ ग़लत संदेश’ गया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद में बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में पार्टी नेताओं से कहा था कि पसमांदा मुसलमानों समेत दूसरे पिछड़े समुदायों को पार्टी से जोड़ना जरूरी है. यही नहीं, बीजेपी के अल्पसंख्यक मोर्चों की ओर से ‘स्नेह यात्राएं’ निकल रही हैं ताकि पिछड़े समुदायों को जोड़ा जा सके.
चुनावी माहौल में हो सकता है नुक़सान
अखबार ने सूत्रों के हवाले से लिखा कि दिल्ली बीजेपी, परवेश वर्मा के बयान से नाख़ुश है क्योंकि राज्यों के चुनाव के साथ दिल्ली में भी नगर निगम के चुनाव होने हैं, ऐसे में इस तरह के बयान ध्रुवीकरण को बढ़ावा देंगे.
हिमाचल प्रदेश और गुजरात के विधानसभा चुनावों को देखते हुए बीजेपी सांसद का यह बयान पार्टी के वोट बैंक पर असर डाल सकता है.
अखबार से पार्टी के एक नेता ने कहा, ‘‘पार्टी के भीतर इस बयान को लेकर काफ़ी चर्चा और नाराजगी है. चुनावी माहौल में यह गलत संदेश देने वाला है. इसके बाद यह चर्चा भी हुई है कि ऐसे बयानों की कोई जरूरत नहीं है. दिल्ली के एमसीडी चुनावों में पार्टी काम गिनाकर वोट मांगेगी न कि कोई और तरीका अपनाएगी.’’
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, फिलहाल परवेश वर्मा ने इस बात से इनकार किया है कि उनसे पार्टी कोई जवाब मांगा है.
परवेश वर्मा से पहले नूपुर शर्मा ने पैगंबर मोहम्मद पर टिप्पणी करके विवाद खड़ा कर दिया था. इसके विरोध में देशभर में प्रदर्शन हुए और हत्याएं भी हुईं.
नूपुर शर्मा के बयान के बाद मची हलचल से भी बीजेपी को काफ़ी नुकसान हुआ है.