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यूक्रेन: पावर प्लांट पर रूस का हमला, नागरिकों से बिजली बचाने की अपील
सरकार ने बिजली बचाने के लिए लोगों से ज़्यादा बिजली खपत करने वाले उपकरणों का उपयोग न करने और ग़ैर-ज़रूरी रोशनी की सुविधा को बंद करने का आग्रह किया है.
लाइव कवरेज
ब्रजेश मिश्र and चंदन शर्मा
यूक्रेन: पावर प्लांट पर रूस का हमला, कीएव के लोगों से बिजली बचाने की अपील
यूक्रेन की राजधानी कीएव के पास स्थित एक पावर प्लांट पर रूस ने मिसाइल से हमला किया है. इसके बाद कीएव के लोगों से शाम के समय बिजली की ख़पत कम करने की अपील की गई है.
हालांकि अधिकारियों ने पहले कहा था कि रूस के इस हमले के बाद बिजली की आपूर्ति बहाल कर दी गई है.
लेकिन यूक्रेन में बिजली की आपूर्ति करने वाली सरकारी संस्था 'यूक्रेनर्जो' ने अब भी स्थानीय समय के अनुसार शाम 5 बजे से 11 बजे तक बिजली की ख़पत कम रखने की अपील की है.
यह अपील केवल राजधानी कीएव तक सीमित नहीं है.
यूक्रेन के राष्ट्रपति कार्यालय के उप प्रमुख काइरिलो तिमोशेंको ने कहा है कि ज़ाइटॉमिर, चर्कासी और चेर्निहाइव के लोगों को भी बिजली बचानी चाहिए.
उन्होंने टेलीग्राम पर कहा, "यदि इस सलाह को नज़रअंदाज़ किया जाता है, तो हमें समस्या होगी और मोमबत्तियों का सहारा लेना पड़ेगा."
यूक्रेनर्जो ने बिजली बचाने के लिए लोगों से ज़्यादा बिजली खपत करने वाले उपकरणों का उपयोग न करने और ग़ैर-ज़रूरी रोशनी की सुविधा को बंद करने का आग्रह किया है.
बंगाल क्रिकेट संघ का चुनाव फिर लड़ूंगा: सौरव गांगुली
बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) के निवर्तमान अध्यक्ष सौरव गांगुली ने सीएबी (बंगाल क्रिकेट संघ) के चुनावों में एक बार फिर उतरने का एलान किया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार भारत के पूर्व कप्तान गांगुली ने शनिवार को यह एलान किया.
उन्होंने कोलकाता में कहा, ''हां, मैं सीएबी का चुनाव लड़ूंगा. मेरी योजना 22 अक्टूबर को नामांकन दाख़िल करने की योजना है. मैं 5 साल से सीएबी में हूं और लोढ़ा समिति के नियमों के तहत मैं 4 साल और यहां रह सकता हूं.''
गांगुली ने कहा है कि वे 20 अक्टूबर को अपने पैनल को अंतिम रूप देंगे.
सौरव गांगुली 2015 से 2019 के बीच 4 सालों तक सीएबी अध्यक्ष रह चुके हैं. वे 2019 से अब तक बीसीसीआई के अध्यक्ष हैं. लेकिन बीसीसीआई के अध्यक्ष पद के चुनाव में अब उन्हें मौक़ा न मिलने की ख़बरें आ चुकी हैं.
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शशि थरूर ने कहा- जीत चाहे खड़गे साहब की हो या मेरी, जीत कांग्रेस की हो
कांग्रेस अध्यक्ष पद के उम्मीदवार शशि थरूर ने इस चुनाव पर कहा है कि इस बात से कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता कि खड़गे साहब जीतें या मेरी जीत हो, लेकिन कांग्रेस की जीत होनी चाहिए.
अपना प्रचार करने शनिवार को गुवाहाटी पहुंचे थरूर ने कहा, ''कांग्रेस समावेशी भारत की पार्टी है. हम एकमात्र पार्टी हैं जो चाहते हैं कि हर धर्म, लिंग, भाषा, क्षेत्र के लोग हमारे साथ रहें. यदि आप भारत के नागरिक हैं, तो आप हमारे हैं और हम आपके लिए हैं.''
थरूर ने कहा, ''एक ऐसी पार्टी जो भारत को हिंदू राष्ट्र मानती है या जो केवल एक तबक़े की पार्टी है, उसके विपरीत हम देश के हित में सबके लिए काम करेंगे.''
मिस्त्री का बयान- खड़गे विवाद पर विचार करेंगे
इससे पहले, इस चुनाव के एक अन्य उम्मीदवार मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रचार कार्यक्रम से पैदा हुए विवाद पर पार्टी के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण के प्रमुख मधुसूदन मिस्त्री ने भी बयान दिया है.
यह विवाद जयपुर में शुक्रवार को तब पैदा हुआ जब राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत खुलकर सामने आ गए. हालांकि नियम यह है कि सांविधानिक पद पर बैठे पार्टी के कार्यकर्ता ऐसा नहीं कर सकते.
इस विवाद के बारे में मिस्त्री ने कहा है कि वे इस मामले को देखेंगे कि इस पर क्या किया जा सकता है.
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ओडिशा: नवीन पटनायक का ठेके पर भर्ती ख़त्म करने और 57,000 नौकरियाँ नियमित करने का एलान
ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने ठेके पर नियुक्ति पर रोक लगाने का एलान किया है. उन्होंने पहले से ठेके पर काम कर रहे ऐसे क़रीब 57 हज़ार लोगों की नौकरियों को स्थाई करने का भी एलान किया है.
यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार राज्य के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा है, ''ठेके पर काम करने वाले सभी कर्मचारी नियमित किए जाएंगे. इसे लागू करने वाली अधिसूचना सोमवार को जारी कर दी जाएगी.''
नवीन पटनायक ने कहा, ''आज मुझे यह एलान करते ख़ुशी हो रही है कि राज्य कैबिनेट ने ठेके पर भर्ती करने की व्यवस्था स्थायी तौर पर ख़त्म करने का फ़ैसला लिया है. आज भी कई राज्यों में कोई भी नियमित भर्ती नहीं होती और वे अभी भी ठेके पर भर्ती कर रहे हैं. लेकिन ओडिशा में ठेके पर भर्ती करने का दौर ख़त्म हो गया है.''
उन्होंने कहा, ''मैं इस पल का इंतज़ार कर रहा था. अधिसूचना जारी होने पर 57 हज़ार से अधिक कर्मचारी लाभान्वित होंगे. इससे सरकार का हर साल 1,300 करोड़ रुपए अधिक ख़र्च होगा. यह निर्णय दिवाली के ठीक पहले लिया गया है.''
सरकार के इस फ़ैसले से राज्य के ठेके पर काम कर रहे लोगों में ख़ुशी का माहौल है.
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ललन सिंह ने पीएम मोदी को बताया 'डुप्लीकेट', भाजपा ने कहा- शर्मनाक है ऐसी भाषा
जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन (ललन सिंह) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'डुप्लीकेट' क़रार दिया है.
ललन सिंह के ताज़ा बयान पर पक्ष-विपक्ष के नेताओं की ओर से कई बयान आए हैं. इससे पहले ललन सिंह शुक्रवार को पटना में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे.
उन्होंने कहा था, "2014 के चुनाव में इस देश के आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी पूरे देश में घूमकर कह रहे थे कि 'हम अति-पिछड़ा हैं.' बताइए गुजरात में अति-पिछड़ा है क्या?"
उनके अनुसार, "गुजरात में अति-पिछड़ा नहीं है, पिछड़ा वर्ग है. ये (नरेंद्र मोदी) पिछड़ा वर्ग में भी नहीं थे. वो भी जब ये गुजरात के मुख्यमंत्री बने, तब इन्होंने अपने समाज को पिछड़ा वर्ग में शामिल कर लिया. ये तो 'डुप्लीकेट' हैं, 'ओरिजिनल' कहां हैं?"
"और ये डुप्लीकेट पूरे देश में घूम-घूमकर कह रहे हैं कि अति-पिछड़ा हैं. ये हैं नहीं, लेकिन कहते हैं. वोट के लिए कुछ भी कहते हैं."
ललन सिंह ने कहा, "कोई आदमी जब 10 साल देश का पीएम रहेगा, तो देश की जनता को हिसाब-किताब देगा न!"
उनके अनुसार, "5 साल बाद जब चुनाव आता है, तो सत्ता में रहने वाला इंसान जनता की अदालत में जब वोट मांगने जाता है, तो बताता है कि उन्होने 5 साल में क्या किया. कभी आपने सुना कि नरेंद्र मोदी जनता के बीच जाकर कहे हों कि उन्होंने क्या-क्या किया? लेकिन नहीं, काम की कोई चर्चा नहीं होगी."
उन्होंने कहा, "देश में महंगाई और बेरोज़गारी बढ़ रही है. जो रोज़गार है, उसे भी ख़त्म किया जा रहा है. मोदी जी के शासन में जितने रोज़गार ख़त्म हुए हैं, उतने तो आज़ादी के बाद अभी तक ख़त्म नहीं हुए थे."
बीजेपी ने बयान को बताया शर्मनाक
ललन सिंह के बयान पर बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि पीएम मोदी के बारे में ऐसी भाषा का प्रयोग करना शर्मनाक है.
उन्होंने कहा कि वे नीतीश कुमार जी से पूछेंगे कि उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष की यही शालीनता है?
रविशंकर प्रसाद के अनुसार, ''आज तक आज़ाद भारत के इतिहास में किसी ने पीएम के बारे में ऐसी बात नहीं की. ये देश के ग़रीबों और पिछड़ों का अपमान है."
उन्होंने कहा, "आज मुझे ललन बाबू से एक ही सवाल पूछना है कि हमारे पीएम पर उनकी इतनी आपत्ति है तो 2019 लोकसभा चुनाव किसके बलबूते पर जीते थे? नीतीश बाबू के बलबूते पर जीते थे या नरेंद्र मोदी जी के नाम पर जीते थे?
ललन सिंह का माफ़ी मांगने से इनकार
बीजेपी की आलोचना और माफ़ी मांगने की मांग करने के बाद ललन सिंह ने माफ़ी मांगने से इनकार कर दिया है.
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार ललन सिंह ने कहा, ''माफ़ी किसलिए? मैंने कौन सा ग़लत शब्द इस्तेमाल किया?''
"किस डिक्शनरी में 'बहुरूपी', 'ढोंगी' अससंसदीय भाषा है? मैंने कोई असंसदीय शब्द का इस्तेमाल नहीं किया. आप वैसे इंसान को क्या कहेंगे, जो तरह-तरह के रूप लेकर ग़लत तथ्य पेश कर लोगों को गुमराह करता हो?"
ब्रेकिंग न्यूज़, अमूल के बाद मदर डेयरी ने भी बढ़ाई फुल क्रीम मिल्क की क़ीमत, गाय के दूध के दाम भी बढ़े
अमूल के बाद मदर डेयरी ने भी फुल क्रीम मिल्क की कीमत में दो रुपये की वृद्धि का एलान कर दिया है.
कंपनी के प्रवक्ता ने बताया है कि ये वृद्धि दिल्ली एनसीआर में लागू होगी.
उन्होंने कहा, "हम केवल फुल क्रीम मिल्क और गाय के दूध की कीमत दो रुपये प्रति लीटर की दर से बढ़ा रहे हैं. इन दोनों वैरिएंट्स की कीमत में वृद्धि 16 अक्टूबर, 2022 से लागू होगी."
इससे पहले अमूल ने अमूल गोल्ड (फुल क्रीम) और अमूल के भैंस के दूध की कीमतें बढ़ाने का एलान किया था.
गुजरात कॉपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक ने बताया है कि ये क़ीमत गुजरात छोड़कर सभी राज्यों में प्रभावी होगी.
पाकिस्तान में तीन महीने से अग़वा है एक हिंदू लड़की, थाने के चक्कर लगा रहा परिवार
"तीसरा महीना होने को है, मेरी बेटी का कुछ अता-पता नहीं. किस हाल में होगी कुछ पता नहीं. उसकी याद मुझे न रात को सोने देती है, न ही दिन को सुकून आता है. हर समय अपनी ग़रीबी को कोसती हूं. कोसती हूं कि न ग़रीब होती और न मेरी बेटी काम करने जाती और न ही उसका अपहरण होता."
यह कहना है पाकिस्तान के सिंध प्रांत के एक बड़े शहर की रहने वाली महिला का जिनकी कम उम्र की बेटी को कई हफ़्ते पहले एक औद्योगिक क्षेत्र से अग़वा कर लिया गया था.
अपहरण का केस 17 सितंबर को दर्ज हुआ. इस मुक़दमे के अनुसार अग़वा की यह वारदात 12 सितंबर को हुई लेकिन अपहृत की मां का दावा है कि पुलिस ने देर से केस दर्ज किया.
इस मुक़दमे के अनुसार यह केस एडिशनल सेशन जज के आदेश पर दर्ज किया गया है.
तुर्की में कोयला खदान दुर्घटना, मरने वालों की संख्या बढ़कर 41 हुई
तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन ने कहा है कि देश के उत्तरी इलाके में हुई कोयला खदान दुर्घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 41 हो गई है.
राहत और बचाव दल ने दुर्घटना स्थल से अंतिम शव को निकाल लिया है
राष्ट्रपति अर्दोआन ने ब्लैक सी के तट पर बसे अमासरा शहर में घटनास्थल का दौरा किया.
उनके साथ सरकार के अहम मंत्री और अधिकारी भी मौजूद थे.
शुक्रवार को हुई इस दुर्घटना को लेकर उन्होंने वादा किया है कि वे इसकी गहराई से जांच कराएंगे.
माना जा रहा है कि कोयला खदान में मिथेन गैस का विस्फोट हो गया था.
घटना के बाद 11 लोगों की ही जान बचाई जा सकी है.
घायलों का इलाज किया जा रहा है.
यहां 66 साल से हिंदू से बौद्ध बन रहे हैं लोग
आज के दिन ही 66 साल पहले भीमराव अंबेडकर ने बौद्ध धर्म स्वीकार किया था.
बीबीसी संवाददाता फ़ैसल मोहम्मद अली इस साल दीक्षा के समारोह में नागपुर में शामिल हुए. देखिए ये रिपोर्ट.
जीएन साईबाबा के समर्थन में छात्रों का विरोध प्रदर्शन, पांच स्टूडेंट एक्टिविस्ट हिरासत में: आइसा
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने शनिवार को ये दावा किया कि दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर जीएन साईबाबा की रिहाई की मांग को लेकर आर्ट्स फैकल्टी के पास 'शांतिपूर्ण' तरीके से प्रदर्शन कर रहे पांच छात्र कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया.
आइसा का कहना है कि हिरासत में लिए गए छात्रों को बुरारी पुलिस स्टेशन ले जाया गया है.
हालांकि दिल्ली पुलिस की ओर से अभी तक इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.
जीएन साईबाबा की रिहाई पर बॉम्बे हाई कोर्ट के फ़ैसले पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा शनिवार को लगाई गई रोक के थोड़ी देर बाद इस प्रदर्शन का आइसा ने आयोजन किया था.
एक स्टूडेंट एक्टिविस्ट ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, "दिल्ली पुलिस ने आर्ट्स फैकल्टी से छात्रों को हिरासत में ले लिया. पुलिस ने हमारे शांतिपूर्ण प्रदर्शन में बाधा डाली."
बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने शुक्रवार को उन्हें जेल से रिहा करने का आदेश दिया था.
लेकिन महाराष्ट्र सरकार की अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने नागपुर बेंच के फैसले पर रोक लगा दी.
52 वर्षीय साईबाबा इस समय नागपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं.
बाग़पत के गांव में दाऊद त्यागी की हत्या क्यों हुई?
सितंबर, 2022 को रात के दस सवा दस बजे यूपी के बाग़पत ज़िले के विनयपुर गांव के दाऊद अली त्यागी अपने घर के बाहर आराम से चारपाई पर लेटे फ़ोन पर बात कर रहे थे.
मोहल्ले के ही नईम त्यागी और अकरम उनके पास ही बैठे बातें कर रहे थे. अचानक 6-7 बाइक रुकी. हथियारबंद युवा उतरे और बिना कुछ कहे हमला शुरू कर दिया.
अगले एक-डेढ़ मिनट में उन पर फरसों, डंडों और साइकिल की चेनों से अनगिनत वार हुए. फ़ोन के साथ कान से लगा हाथ टूट गया. चारपाई ख़ून से लाल हो गई.
चश्मदीदों के मुताबिक, 'हमलावर फ़ायरिंग करते हुए और जय श्री राम का नारा लगाते फ़रार हो गए.'
पीछे दरवाजे से ये दृश्य देख रही दाऊद की बेटी लुबना चीखते हुए पिता के पास दौड़ी. बुरी तरह ज़ख्मी दाऊद के मुंह से एक शब्द ना निकला. परिजन उन्हें लेकर अस्पताल गए जहां अगले दिन उन्होंने दम तोड़ दिया.
कश्मीरी पंडित पूरन कृष्ण भट्ट की हत्या की जिम्मेदारी किस चरमपंथी संगठन ने ली, पुलिस ने बताया
जम्मू और कश्मीर में शनिवार को 'टारगेट किलिंग' की एक और घटना घटी, जब दक्षिणी कश्मीर के शोपियां में कश्मीरी पंडित पूरन कृष्ण भट्ट को चरमपंथियों ने कई गोलियां मार दीं. गोली लगने के बाद अस्पताल में उनकी मौत हो गई.
कश्मीर फ्रीडम फाइटर्स (केएफएफ) ने इस हमले की ज़िम्मेदारी लेने का दावा किया है.
समाचार एजेंसी एएनआई ने राज्य पुलिस के हवाले से बताया है कि शोपियां के चौदारी गुंड में पूरन कृष्ण भट्ट पर शनिवार को चरमपंथियों ने हमला कर दिया. वे सुबह काम करने अपने घर से बागान जा रहे थे.
राज्य के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट करके इस घटना की निंदा की है. उन्होंने लिखा, "मैं लोगों को विश्वास दिलाता हूं कि अपराधियों और आतंकवादियों को सहायता देने और उकसाने वालों को कड़ी से कड़ी सज़ा दी जाएगी."
क्या कहना है पुलिस और प्रशासन का
शोपियां के डीएम सचिन कुमार वैश्य ने कहा है, ''पीड़ित परिवार ने शव को जम्मू लाने की मांग की है. उनकी मांग पूरा करते हुए शव को जम्मू भेजा जा रहा है. उनका अंतिम संस्कार भी वहीं किया जाएगा. जांच में जैसा पता चलेगा, वैसी कार्रवाई की जाएगी.''
जम्मू और कश्मीर के डीआईजी सुजीत कुमार का इस घटना पर बयान आया है.
एएनआई के अनुसार उन्होंने कहा, ''कश्मीरी पंडित पूरन जी को मारा गया है. इस मामले की जांच जारी है. कश्मीर फ्रीडम फाइटर्स (केएफएफ) ने इस घटना की ज़िम्मेदारी ली है. हम अभी कुछ नहीं कह सकते.''
डीआईजी सुजीत कुमार के अनुसार, ''हमारा एक गार्ड यहां मौजूद था. पूरन जी स्कूटर से कहीं गए थे और जब लौट रहे थे तब वे अकेले नहीं थे. गार्ड के रहते यदि यह घटना घटी है, तो बात केवल गार्ड तक नहीं बल्कि इलाक़े के हर ज़िम्मेदार अधिकारी तक जाएगी.''
उन्होंने बताया, ''चश्मदीदों के मुताबिक़, आतंकी मोटरबाइक पर नहीं थे, लेकिन हो सकता है कि उन्होंने अपने साथी को कहीं लगा रखा हो. मामले की जांच चल रही है.''
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र रैना ने कहा, ''पाकिस्तान और चरमपंथियों की साज़िश को विफल कर दिया जाएगा. एक कश्मीरी पंडित को निशाना बनाने की साज़िश करने वालों को इसका ख़ामियाज़ा भुगतना पड़ेगा. साज़िश करने वाले आतंकवादी धूल में मिला दिए जाएंगे.''
राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री और बीजेपी नेता कविंदर गुप्ता ने इस घटना पर कहा, ''एक ख़ास समुदाय को पहले भी निशाना बनाया जा चुका है. निश्चित तौर पर चिंता तो होती है जब शांति प्रक्रिया इस तरह रूकती है. वे चरमपंथी कश्मीरी पंडितों को पुनर्वासित करने के सरकार के प्रयास को ठप करने की कोशिश कर रही है. उम्मीद है कि सुरक्षा बल कोई समाधान तलाशेंगे.''
उधर जम्मू में घाटी के प्रवासी कश्मीरी पंडित कर्मचारियों ने घटना के विरोध में विरोध-प्रदर्शन किया है.
शाहरुख़ खान और भारत में काम करने को लेकर ये बोलीं माहिरा ख़ान
पाकिस्तानी एक्ट्रेस माहिरा ख़ान को पसंद करने वाले भारत में भी कम नहीं हैं. उनकी आने वाली फ़िल्म मौला जट्ट में उनके लुक की काफी चर्चा है.
ये पहला मौक़ा भी है, जब वो किसी पंजाबी फ़िल्म में काम कर रही हैं.
बीबीसी संवाददाता वंदना ने माहिरा ख़ान ने उनकी अप-कमिंग फ़िल्म मौला जट्ट, भारत में उनके काम करने के अनुभव और भारत से जुड़ी उनकी यादों के बारे में विस्तार से बात की.
बुमराह का करियर टी-20 विश्व कप से कहीं ज़्यादा अहम: रोहित शर्मा
भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा ने शनिवार को कहा है कि तेज़ गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह को आगे काफ़ी क्रिकेट खेलनी है ओर उनका करियर आईसीसी टी-20 विश्वकप 2022 से कहीं ज़्यादा अहम है.
रोहित शर्मा का ताज़ा बयान सीनियर चयनकर्ताओं द्वारा शुक्रवार को विश्वकप के लिए जसप्रीत बुमराह की जगह मोहम्मद शमी का चुनाव करने के बाद आया है. बुमराह पीठ में लगी चोट की वजह से कम से कम 6 हफ़्ते के लिए टीम से बाहर हो गए हैं.
कप्तान रोहित शर्मा ने ईएसपीएनक्रिकइन्फ़ो से बात करते हुए बताया, ''हमने उनकी चोट को लेकर कई सारे जानकारों से बात की, लेकिन हमें अच्छी प्रतिक्रिया नहीं मिली. यह विश्वकप महत्वपूर्ण है, लेकिन उनका करियर कहीं ज़्यादा अहम है. वे केवल 27—28 साल के हैं. उन्हें अभी बहुत क्रिकेट खेलना है.''
समाचार एजेंसी एएनआई ने उनके हवाले से बताया, ''इसलिए हम कोई रिस्क नहीं ले सकते. हमने जिन जानकारों से भी बात की, सबकी एक जैसी राय थी. उन्हें आगे अभी काफ़ी क्रिकेट खेलनी है और टीम को जीत दिलाने में मदद करनी है. इसमें कोई शक़ नहीं है कि उनकी कमी खलेगी.''
बुमराह की जगह टीम में शामिल किए गए मोहम्मद शमी ने साल भर पहले हुए टी20 विश्वकप से अब तक कोई टी20 मैच नहीं खेला है.
कोविड से उबरने के बाद वे बेंगलुरु के नेशनल क्रिकेट एकेडमी में प्रशिक्षण ले रहे हैं. इस वजह से वे हाल में हुए घरेलू इंटरनेशनल मैचों से भी दूर रहे. वे आख़िरी बार इंटरनेशनल क्रिकेट में जुलाई में इंग्लैंड दौरे पर खेले थे.
COVER STORY: भारत से लेकर ईरान तक हिजाब पर विवाद
हिजाब का मुद्दा कई दिनों से सुर्ख़ियों में है. भारत से लेकर ईरान तक इसे लेकर विवाद हुआ है.
ईरान में जहां हिजाब के विरोध में बड़े पैमाने पर प्रदर्शनों का दौर जारी है, वहीं भारत में भी इसके बारे में कोर्ट से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चा हो रही है.
हिजाब विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई और दो जजों ने इस पर अपनी अलग-अलग राय दी.
इस वजह से अब ये मामला बड़ी बेंच के पास जाएगा. तब तक कर्नाटक हाईकोर्ट के फ़ैसला के अनुरूप शिक्षण संस्थाओं में हिजाब पर बैन जारी रहेगा.
नेहरू के लाए अनुच्छेद 370 को मोदी सरकार ने ख़त्म कर दिया: अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि नरेंद्र मोदी ने संविधान के उस अनुच्छेद 370 को ख़त्म कर दिया जिसे पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू लेकर आए थे.
अमित शाह ने शनिवार को हिमाचल प्रदेश के सिरमौर में आयोजित एक सार्वजनिक रैली में हिस्सा लिया. इस दौरान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी मौजूद रहे.
रैली में उन्होंने कहा, "क्या आपने कभी सोचा था कि अनुच्छेद 370 एक रोज़ खत्म किया जाएगा. लेकिन मोदी जी ने ये कर दिखाया. अगर आप कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं से अनुच्छेद 37 के बारे में पूछते तो वे चुप हो जाते थे क्योंकि उसे नेहरू ने लागू किया था."
अगस्त, 2019 में बीजेपी के नेतृत्व वाली मोदी सरकार ने कश्मीर के विशेष राज्य का स्टेटस खत्म कर दिया था और जम्मू और कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया.
अमित शाह ने सिरमौर में 12 नवंबर 2022 को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी के कैंपेन और चुनावी गीत "हिमाचल की पुकार फिर भाजपा की सरकार" को भी लॉन्च किया.
हाटी जनजातीय समुदाय का मुद्दा
अमित शाह ने मोदी सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए बताया कि हाटी समुदाय को आदिवासी का स्टेटस दे दिया गया है जबकि इस फ़ैसले को लेने में हुई देरी के लिए उन्होंने कांग्रेस की आलोचना भी की.
सिरमौर के सतौन में हाटी आभार रैली को संबोधित करते हुए गृह मंत्री ने कहा, "कांग्रेसी लोगों को आग लगाए बगैर चैन नहीं आता है,अब हाटी समुदाय को आदिवासी का स्टेटस दे दिया तो दलित लोगों को और अनुसूचित भाई-बहनों को उकसाने के लिए कहेंगे कि आपका अधिकार चला जाएगा. लेकिन डरने की जरूरत नहीं है, मैंने अपनी पेन से लिखकर सभी दलित समाज को सुरक्षित किया है."
"यहां पर एक ओर भाई जनजातीय है और दूसरी ओर जनजातीय नहीं है ये किस प्रकार का न्याय है और 55 साल से ये अन्याय चल रहा है, कोई सरकारों ने नहीं सुनीं लेकिन मोदी जी की दृष्टि पड़ गई और आप सभी को जनजातीय का दर्जा दिया गया."
"कांग्रेस आग लगाने का काम करती है और मोदी जी विकास करने का काम करते हैं. प्रधानमंत्री मोदी जी ने एक निर्णय करके यहां के हाटी समुदाय को 55 वर्ष के संघर्ष को एक झटके में समाप्त कर दिया. मोदी जी आपकी तकलीफ समझते हैं, क्योंकि सालों तक यहां संगठन का काम किया है."
"यहां पर एक ओर भाई जनजातीय है और दूसरी ओर जनजातीय नहीं है ये किस प्रकार का न्याय है और 55 साल से ये अन्याय चल रहा है, कोई सरकारों ने नहीं सुनीं लेकिन मोदी जी की दृष्टि पड़ गई और आप सभी को जनजातीय का दर्जा दिया गया."