यूक्रेन को अब करोड़ों डॉलर की मिसाइलें देगा यह देश

यूक्रेन के एयर डिफेंस को मज़बूत करने के लिए नीदरलैंड्स ने मदद की घोषणा की है.

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मोहम्मद शाहिद, अभिनव गोयल, दिनेश उप्रेती and कीर्ति दुबे

  1. गोवा के पास नौसेना का लड़ाकू विमान क्रैश, तकनीकी ख़राबी को बताया जा रहा वजह

    फ़ाइल फोटो

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    नौसेना का एक लड़ाकू विमान मिग 29के नियमित उड़ान के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया.

    हादसे के वक्त पायलट विमान से सुरक्षित बाहर आ गया. नौसेना ने बताया समंदर के ऊपर दुर्घटनाग्रस्त विमान के पायलट को बाद में बचान अभियान के दौरान सुरक्षित बचा लिया गया. ये विमान उड़ान के बाद अपने बेस पर लौट रहा था. शुरुआती जानकारी के मुताबिक हादसे की वजह तकनीकी ख़राबी बताया जा रहा है. नौसेना ने बोर्ड ऑफ़ इन्क्वायरी के आदेश दे दिए हैं.

  2. सौरव गांगुली बीजेपी में शामिल नहीं हुए इसलिए फिर BCCI के बॉस नहीं- टीएमसी

    सौरव गांगुली

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    भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. 18 अक्टूबर को बीसीसीआई की सालाना आम बैठक में रोजर बिन्नी को नया अध्यक्ष चुनने की चर्चा है.

    लेकिन इस चुनाव से पहले मामले पर राजनीति गरमा गई है. तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी सौरव गांगुली को ‘बेइज़्ज़त करने की कोशिश कर रही है.’क्योंकि वह बीजेपी में शामिल नहीं हुए. इसलिए उन्हें दोबारा अध्यक्ष पद नहीं दिया जा रहा.

    तृणमूल कांग्रेस के सांसद शांतनु सेन ने कहा, “गृह मंत्री अमित शाह डिनर पर सौरव गांगुली के घर आए थे. वो चाहते थे कि गांगुली बीजेपी से जुड़ें. बीजेपी में शामिल होने के लिए सौरव गांगुली से कई बार कहा गया था, क्योंकि वो बीजेपी में शामिल नहीं हुए थे और चूंकि वो ममता बनर्जी के राज्य से संबंध रखते हैं, इसलिए शायद उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ी.’’

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    बीजेपी के सांसद दिलीप घोष ने कहा, “टीएमसी के लोग सवाल उठा रहे हैं और ये लोग सिर्फ़ राजनीति करते हैं. बंगाल एक समय खेल में सबसे आगे था.आज बंगाल खेल में कहां है. क्रिकेट, फ़ुटबॉल... जहाँ सौरव जैसा क्रिकेटर हमें मिला वो क्रिकेट कहां है आज. कितने क्रिकेटर राष्ट्रीय टीम में है आज. जिन लोगों ने कभी सौरव के लिए आवाज़ नहीं उठाई, वो आज उनके लिए आँसू बहा रहे हैं. उनका कार्यकाल पूरा हो गया. उसमें इतनी राजनीति की क्या ज़रूरत है.”

    टीएमसी का कहना है कि ये "राजनीतिक प्रतिशोध" का उदाहरण है कि गृह मंत्री अमित शाह के बेटे जय शाह बीसीसीआई के सचिव के रूप में अपना दूसरा कार्यकाल शुरू करेंगे , लेकिन गांगुली इसके अध्यक्ष के रूप में ऐसा नहीं कर सकते.

    शांतनु सेन और दिलीप घोष
  3. दिल्ली महिला आयोग की प्रमुख स्वाति मालीवाल को मिली रेप की धमकी

    स्वाति मालीवाल

    दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा है उन्हें रेप की धमकी मिल रही है और वह दिल्ली पुलिस को इसकी शिकायत कर रही हैं.

    दरअसल, स्वाति मालीवाल ने बीते दिनों रिएलिटी शो बिगबॉस सीज़न 16 में निर्देशक साजिद ख़ान को प्रतिभागी बनाए जाने के खिलाफ़ सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर को चिट्ठी लिखी थी.

    अपनी चिट्ठी में उन्होंने साजिद ख़ान को शो से हटाए जाने की मांग की थी, मालीवाल का कहना है कि इस चिट्ठी लिखने के कारण ही उन्हें धमकियां मिल रही हैं.

    उन्होंने ट्वीट किया, “ जब से साजिद ख़ान को बिग बॉस से बाहर करने के लिए आईबी मंत्री को चिट्ठी लिखी है, तबसे मुझे इंस्टाग्राम पर रेप की धमकी दी जा रही है. ज़ाहिर है ये हमारा काम रोकना चाहते हैं. दिल्ली पुलिस को शिकायत दे रही हूं, एफ़आईआर दर्ज करें और जाँच करें, जो लोग भी इनके पीछे है उनको अरेस्ट करें.”

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    साजिद ख़ान पर साल 2018 में #Metoo मूवमेंट के तहत गंभीर आरोप लगे थे. उनके ख़िलाफ़ कई अभिनेत्रियों और मॉडल्स ने अपनी आवाज़ उठाई थी, जिसके चलते उन्हें अपनी फ़िल्म हाउसफुल 4 से अपना नाम हटाना पड़ा था.

    बीते तीन साल से किसी भी प्रोजेक्ट के साथ साजिद ख़ान का नाम नहीं जुड़ा, लेकिन हाल में बिग बॉस के घर में साजिद ख़ान को देख कई लोगों ने इस पर आपत्ति जताते हुए शो पर सवाल उठाए हैं.

  4. केरल में 'धन-दौलत' के लिए दी गयी दो महिलाओं की 'बलि': प्रेस रिव्यू

  5. पाकिस्तान के स्वात में सड़कों पर उतरे हज़ारों लोग, कहा- ये 2010 नहीं है...

    पाकिस्तान

    पाकिस्तान के ख़ैबर पख़्तूनख़्वा के कई इलाकों में हज़ारों लोगों ने प्रदर्शन किया. तकरीबन 40 घंटों के बाद ये विरोध प्रदर्शन ख़त्म हुए.

    स्वात में एक वैन ड्राइवर को गोली मारे जाने को लेकर ये विरोध प्रदर्शन किए जा रहे थे लेकिन प्रशासन और प्रदर्शनाकरियों के बीच हुए समझौते के बाद अब शव का अंतिम संस्कार किया जा चुका है और प्रदर्शन वापस ले लिए गए हैं.

    सोमवार की सुबह स्वात के चारबाग तहसील इलाके में एक स्कूल वैन पर हमला किया गया जिसमें वैन ड्राइवर की मौत हो गई और दो बच्चे भी घायल हो गए. इस घटना के बाद यहां लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और लोग सड़कों पर उतर आए. इसके बाद प्रदर्शनकारियों के समर्थन में निजी स्कूलों के शिक्षक, छात्र भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हो गए.

    प्रदर्शनकारी ड्राइवर के पार्थिव शरीर को लेकर सड़क पर बैठ गए और कथित अभियुक्तों की तुरंत गिरफ़्तारी की मांग कर रहे थे.

    प्रदर्शनकारी ना सिर्फ़ इस हत्या बल्कि आतंकवाद की बढ़ती घटनाओं का भी विरोध कर रहे थे. बीबीसी उर्दू संवाददाता उमर दाराज़ नांगियाना से बात करते हुए कहा, “ यह साल 2010 नहीं है, जब हम आपको देखते ही भाग जाया करते थे, हम साफ़ कर देना चाहते हैं कि हम अपना शहर, अपना देश और अपनी धरती नहीं छोड़ेंगे.”

    पाकिस्तान

    दरअसल, साल 2010 में स्वात घाटी में बढ़ते चरमपंथ के कारण यहां सेना ने कार्रवाई तेज़ कर दी थी और आम लोगों को ये इलाका छोड़ने को कहा गया था.

    पश्तून प्रोटेक्शन मूवमेंट के मुखिया मंजूर पश्तीन ने बीबीसी से कहा, “पिछले 20 साल से हम क्रूरता और ज़ुल्म झेल है, पहले हम चरमपंथ के कारण असुरक्षित थे और अब सुरक्षा के नाम पर हम पर ज़ुल्म हो रहा है.”

    उन्होंने कहा, "हमें बहुत खेद है कि बच्चे मारे गए. हम अपनी ज़मीन पर आतंकवाद को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं कर सकते."

  6. महारानी की याद में आयोजित कार्यक्रम में शामिल इमाम के ख़िलाफ़ बांग्लादेशियों का प्रदर्शन

    चार्ल्स के साथ इमाम महमूद

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    लंदन में बांग्लादेशी लोगों की सबसे बड़ी मस्जिद के धर्मावलंबियों के एक समूह ने महारानी एलिज़ाबेथ द्वितीय की याद में आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लेने वाले एक जाने-माने इमाम के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है.

    पूर्वी लंदन की मस्जिद के इमाम शेख़ मोहम्मद महमूद ने हाल ही में रीजेंट पार्क मस्जिद में महारानी एलिज़ाबेथ द्वितीय की स्मृति में आयोजित सभा में अतिथि वक्ता थे.

    इस कार्यक्रम में बच्चों ने ब्रिटेन का राष्ट्रगान 'गॉड सेव द किंग' गाया था. ब्रिटेन की राष्ट्रीय मीडिया ने इसे बड़े पैमाने पर रिपोर्ट किया था. लेकिन पिछले कुछ दिनों से इस आयोजन को लेकर सोशल मीडिया पर इमाम महमूद के ख़िलाफ़ अभियान चल रहा है.

    Change.org वेबसाइट पर 1,000 से अधिक लोग उन्हें हटाने की मांग करने वाली एक याचिका पर पहले ही हस्ताक्षर कर चुके हैं.

    याचिका में कहा गया है कि "आप किसी ऐसे व्यक्ति से क्या उम्मीद करते हैं जो औपनिवेशिक मेडल स्वीकार करता है और आपके बच्चों से 'गॉड सेव द किंग' गाने को कहता है, अपने बच्चों को इन इमामों के पास क्यों भेजें?"

    इमाम शेख़ मोहम्मद महमूद को ब्रिटेन का मानद पदक "ऑर्डर ऑफ ब्रिटिश एम्पायर" (ओबीई) मिला है.

    विरोध प्रदर्शन में क्या हुआ?

    पिछले शनिवार को पूर्वी लंदन की मस्जिद में मग़रिब की नमाज़ के बाद नमाजियों के एक समूह ने इमाम महमूद को हटाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया.

    इस विरोध प्रदर्शन के वीडियो कई व्हाट्सएप ग्रुप और फ़ेसबुक पर शेयर किए गए हैं.

    एक वीडियो में दिखाया गया है कि कई नाराज़ लोग मस्जिद के मुख्य हॉल के सामने कर रहे थे, जबकि मस्जिद की प्रबंध समिति से जुड़े लोग उन्हें शांत करने की कोशिश कर रहे थे.

    बीबीसी को पता चला है कि इमाम महमूद को हटाने की मांग को लेकर विरोध कर रहे नमाजियों ने उस दिन मस्जिद के अधिकारियों के सामने धरना भी दिया था. विरोध प्रदर्शन की तस्वीरें और वीडियो उसी दिन सोशल मीडिया पर साझा की गईं. कुछ व्हाट्सएप ग्रुपों में अब बांग्लादेशी मुसलमानों के बीच तीखी नोकझोंक भी हो रही है.

    'अल्लाह के घर का दुरुपयोग'

    इमाम महमूद पर आरोप है कि उन्होंने "न केवल अल्लाह के घर का दुरुपयोग किया, बल्कि बच्चों को गुमराह भी किया. हमारे माता-पिता की पीढ़ी ने अपने बच्चों को इस्लाम सिखाने और उन्हें 'पश्चिमी सभ्यता' से बचाने के लिए मस्जिदें बनाईं, लेकिन ये इमाम मुस्लिम बच्चों को वेस्टर्न स्टाइल में ढालना चाहते हैं."

    हालांकि कई लोगों ने इमाम महमूद के भूमिका की तारीफ़ करते हुए सोशल मीडिया पर उनके पक्ष में बात भी की है. चेंज डॉट ओआरजी पर एक और याचिका भी दाखिल की गई है जिसमें कहा गया है कि इमाम महमूद के बारे में बहुत सारी फ़र्जी ख़बरें और झूठा प्रचार किया जा रहा है.

    जिस कार्यक्रम को लेकर यह हंगामा किया जा रहा है, वह ईस्ट लंदन मस्जिद में नहीं, बल्कि रीजेंट पार्क मस्जिद में आयोजित किया गया था. वहीं समारोह के अंत में राष्ट्रगान गाया गया और यह ऐसे किसी भी राष्ट्रीय अवसर पर किया जाता है. अर्जी में यह भी कहा गया है, "यह गलत था या सही, इसे समझाने के लिए इस्लामिक विद्वानों पर छोड़ दिया जाना चाहिए."

    इमाम महमूद

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    क्या कह रहे हैं इमाम शेख़ मोहम्मद महमूद?

    बीबीसी बांग्ला ने इस घटना के बारे में पता लगाने के लिए इमाम शेख़ मोहम्मद महमूद से संपर्क किया.

    उन्होंने पूर्वी लंदन की मस्जिद में उनके ख़िलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.

    हालांकि, उन्होंने कहा कि उन्होंने इस कार्यक्रम में आमंत्रित अतिथि के रूप में भाषण दिया था और यह कार्यक्रम रीजेंट पार्क मस्जिद में आयोजित किया गया था.

    इस कार्यक्रम को बीबीसी सहित ब्रिटिश राष्ट्रीय मीडिया ने कवर किया था. इमाम महमूद ब्रिटेन में मुस्लिम समुदाय में एक जाना-माना नाम हैं.

    मिस्र में जन्मे शेख महमूद 1986 में अपने परिवार के साथ लंदन आए थे, तब वह सिर्फ़ छह सप्ताह के थे. उन्होंने यूनिवर्सिटी कॉलेज, लंदन में जीव विज्ञान का अध्ययन किया. बाद में उन्होंने इस्लामी धर्मशास्त्र में उच्च शिक्षा प्राप्त की.

    2017 में जब लंदन की फिन्सबरी मस्जिद पर चरमपंथी हमला हुआ था तब वहाँ के इमाम थे. जब भीड़ उस दिन हमला करने वाले गोरे शख्स डैरेन ओसबोर्न को मारने गई, तो इमाम ने उन्हें रोक दिया था. इस घटना के चलते ब्रिटिश मीडिया में उनकी खूब तारीफ़ हुई थी. इमाम महमूद को उनके विभिन्न परोपकारी कार्यों के लिए ऑर्डर ऑफ द ब्रिटिश एम्पायर (ओबीई) से सम्मानित किया गया था.

  7. COVER STORY: यूक्रेन पर जारी है रूस की बमबारी

  8. आईसीसी ने भ्रष्टाचार के दोषी क्रिकेटर पर लगाया 14 साल का बैन

    क्रिकेट बॉल

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    क्रिकेटर मेहर छायाकार पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद यानी आईसीसी ने 14 साल का प्रतिबंध लगाया है. उन्हें आईसीसी के भ्रष्टाचार-रोधी ट्राइब्यूनल ने आईसीसी और कनाडा क्रिकेट के सात नियमों के उल्लंघन का दोषी पाया है. जिसके बाद उन्हें 14 साल के लिए सभी क्रिकेट फॉर्मेट में खेलने से बैन कर दिया गया है.

    संयुक्त अरब अमीरात के खिलाड़ी छायाकार ने अप्रैल 2019 में ज़िम्बाब्वे बनाम यूएई सीरीज और 2019 में कनाडा में जीटी20 मैच में नियमों का उल्लंघन किया था.

    आईसीसी के इंटिग्रिटी यूनिट के महाप्रबंधक एलेक्स मार्शल ने बताया, "हमने पहली बार मेहर को 2018 में अजमान में एक क्रिकेट टूर्नामेंट आयोजित करने में शामिल पाया था. क्रिकेट में लागातार भ्रष्टाचार फैलाने की उनकी संलिप्तता के कारण उन पर एक लंबा प्रतिबंध लगा है."

  9. यूक्रेन को जब तक ज़रूरत है तब तक मदद करेंगे- जी7

    यूक्रेन

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    दुनिया के अमीर देशों के समूह जी7 के नेताओं ने कहा है कि वह ‘यूक्रेन का साथ तब तक देंगे तब तक यूक्रेन को साथ की ज़रूरत है’. इन नेताओं ने यूक्रेन पर रूस की ओर से किए गए हालिया मिसाइल हमले के बाद ये बात कही है.

    आपातकालीन वर्चुअल बैठक में जी7 ने कहा कि यूक्रेन को सेना और मानवीय सहायता दी जाती रहेगी.

    नेटो ने भी कहा है कि वह यूक्रेन के साथ जब तक ज़रूरत होती तब तक वह खड़ा रहेगा.

    सोमवार को यूक्रेन की राजधानी कीएव में हुए एक के बाद एक मिसाइल हमलों में 19 लोगों की मौत हुई और कई लोग घायल हो गए.

    मंगलवार को भी ये हमले जारी रहे और इसलिए आम लोगों को बंकरों और ऐसी जगहों पर रहने की सलाह दी गई जो हवाई हमलों से बचाने में सक्षम हों.

    रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि ये यूक्रेन के उस हमले पर जवाबी कार्रवाई है जिसमें उसने रूस को क्राइमिया से जोड़ने वाले एक महत्वपूर्ण पुल में आग लगा दी थी.

    रूस की ओर से युद्ध तेज़ करने पर पश्चिमी देशों के समूह जी7 ने तुरंत अपनी प्रतिक्रिया दी और यूक्रेन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई.

    अपने बयान में जी7 ने कहा-“हम यूक्रेन को वित्तीय, मानवीय, सैन्य, राजनयिक और कानूनी सहायता देना जारी रखेंगे और जब तक इसकी ज़रूरत होगी तब तक यूक्रेन के साथ मजबूती के साथ खड़े रहेंगे. ”

  10. वसीम अकरम ने भुवनेश्वर और उमरान के बारे में कही अहम बात

    वसीम अकरम

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    पाकिस्तान के पूर्व कप्तान वसीम अकरम ने ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप को लेकर अहम बयान दिया है. उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में हालात एशिया के मुक़ाबले एकदम उलट होंगे.

    1992 के वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया में 18 विकेट चटकाने वाले पूर्व तेज़ गेंदबाज़ ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया के विकेट हमेशा से तेज़ गेंदबाज़ों के मददगार रहे हैं, इसलिए किस टीम में कितने असरदार तेज़ गेंदबाज़ हैं, उन पर जीत का दारोमदार रहेगा. हालांकि, वसीम अकरम ने माना है कि टी20 फॉर्मेट गेंदबाज़ों के लिए नहीं हैं, लेकिन ऑस्ट्रेलिया में 16 अक्टूबर से शुरू हो रहा टूर्नामेंट में तेज गेंदबाजों का बोलबाला रह सकता है.

    दुबई में एक कार्यक्रम में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, "यह टूर्नामेंट ऑस्ट्रेलिया में है. ऑस्ट्रेलियाई शायद अच्छा खेलेंगे, उनके पास अच्छा गेंदबाजी आक्रमण भी है, वे उन पिचों को अच्छी तरह जानते हैं. भारत के पास भुवनेश्वर कुमार हैं, वह नई गेंद से अच्छे हैं, लेकिन अगर गेंद रफ़्तार के साथ स्विंग नहीं कर रही है, तो वह शायद वहां संघर्ष करेंगे, लेकिन वह बहुत अच्छे गेंदबाज हैं, इसमें कोई शक नहीं, दोनों तरह स्विंग करते हैं और यॉर्कर भी उनके पास है."

    उन्होंने उमरान मलिक की तारीफ़ में कहा, "आप कश्मीर के उस लड़के को देखिए, उमरान मलिक, उनके पास रफ़्तार है. भारत को उनके साथ बने रहने की ज़रूरत है, क्योंकि उसके पास गति है. अगर मैं भारतीय थिंक-टैंक में होता, तो मैं उसे (उमरान मलिक को) हर समय टीम में चुनता."

    सेमीफ़ाइनल में पहुँचने वाली टीमों के नाम बताए

    अकरम ने कहा कि पूरी-पूरी संभावना है कि मेजबान ऑस्ट्रेलिया सेमीफ़ाइनल में जगह बनाए. इसके अलावा उन्होंने सेमीफ़ाइनल में पहुंचने वाली बाकी तीन टीमों की भी भविष्यवाणी की.

    वसीम अकरम ने कहा, "भारत का बल्लेबाजी क्रम अच्छा है, लेकिन उन्होंने अभी भी बुमराह के रिप्लेसमेंट के बारे में नहीं बताया है. पाकिस्तान, का मध्यक्रम संघर्ष कर रहा है. लेकिन मध्य क्रम सफल होता है, तो पाकिस्तान मजबूत टीम है. उसकी सलामी जोड़ी दुनिया की सबसे अच्छी जोड़ी में से एक है. इसलिए अगर वे मध्यक्रम को नियंत्रित कर सकते हैं तो उनके पास मौका है. गेंदबाज़ी की बात करें तो पाकिस्तान के पास उम्दा गेंदबाज़ी आक्रमण है. इसलिए सेमीफाइनल के लिए, मैं ऑस्ट्रेलिया, भारत और पाकिस्तान को देखता हूं, लेकिन दक्षिण अफ्रीका की टीम छुपारुस्तम हो सकती है."

  11. नमस्कार, बीबीसी हिंदी के लाइव पेज में आपका स्वागत है.

    बीबीसी हिंदी के इस लाइव पेज में आपको दिनभर ताज़ा और अहम ख़बरें मिलेंगी.

    ये लाइव पेज 24 घंटे उपलब्ध रहेगा. 11 अक्टूबर के अपडेट्स के लिए आप यहांक्लिककर सकते हैं.

    शुरुआत आज की कुछ बड़ी ख़बरों से-

    • अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी आईएमएफ़ ने भारत का जीडीपी ग्रोथ रेट अनुमान घटाकर 6.8 फ़ीसदी किया.
    • शिव सेना के शिंदे गुट को मिला नया चुनाव चिन्ह, गुट ने चुनाव आयोग को सौंपे थे तीन विकल्प.
    • रोजर बिन्नी हो सकते हैं भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के अगले अध्यक्ष, लेंगे सौरभ गांगुली की जगह 18 अक्टूबर को बीसीसीआई की सालाना आम बैठक में निर्विरोध चुने जा सकते हैं बिन्नी, जय शाह बने रहेंगे सचिव.