अमेरिका में सिख परिवार की हत्या के मामले में पुलिस ने क्या बताया

अमेरिका में क़ैलिफ़ोर्निया में अपहरण के बाद मारे गए सिख परिवार के मामले में संदिग्ध के बारे में जानकारी सामने आई है. पुलिस के मुताबिक संदिग्ध परिवार के ट्रक कारोबार में साथ काम कर चुका था.

लाइव कवरेज

ब्रजेश मिश्र and चंदन शर्मा

  1. फ़ुटबॉल : वो 15 हादसे जब बड़ी संख्या में मारे गए लोग

    मिस्रल में 2015 में हुई हिंसा के बाद गमज़दा प्रशंसक

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    इमेज कैप्शन, मिस्र में 2015 में हुई हिंसा के बाद गमज़दा प्रशंसक

    इंडोनेशिया की पुलिस के मुताबिक़ ईस्ट जावा में एक फ़ुटबॉल मैच के दौरान मची भगदड़ में कम से कम 174 लोग मारे गए हैं.

    ये पहला मौका नहीं है जब किसी फ़ुटबॉल मैदान में भगदड़ हुई है या कोई बड़ा हादसा हुआ है.

    एक नज़र हाल के दशकों के बड़े फ़ुटबॉल हादसों पर

    कैमरून, जनवरी 2022

    कैमरून ने इस साल 'अफ़्रीका कप ऑफ़ नेशंस' की मेज़बानी की थी. अंतिम-16 मुक़ाबले में कैमरून और कोमोरोज़ की टीमें आमने-सामने थीं.

  2. पाकिस्तान: ऑडियो लीक मामले में इमरान ख़ान के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई का फ़ैसला, शहजाद मलिक, बीबीसी संवाददाता, इस्लामाबाद

    इमरान खान

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    ऑडियो लीक मामले में पाकिस्तान के संघीय मंत्रिमंडल ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का फैसला किया है.

    शहबाज़ शरीफ़ हुकूमत के इस निर्णय के बाद, पूर्व प्रधानमंत्री और तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के अध्यक्ष इमरान खान और दो पूर्व केंद्रीय मंत्रियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

    इमरान खान के प्रधानमंत्रित्व काल में उनके प्रमुख सचिव रहे आज़म ख़ान का नाम भी इस सूची में शामिल है. एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बीबीसी को इस ख़बर की पुष्टि की कि संघीय जांच एजेंसी को जांच का आदेश दिया गया है.

    गौरतलब है कि हाल ही में सामने आए ऑडियो लीक मामले में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान, तत्कालीन प्रधान सचिव आजम खान और संघीय विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी को एक राजनयिक पोस्ट के बारे में बात करते हुए सुना गया था.

    कल एक निजी टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में इमरान खान ने बातचीत की पुष्टि करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास की सिक्योर लाइन पर हुई बातचीत को हैक कर लिया गया, जो चिंता का विषय है.

  3. अमिताभ बच्चन और दिलीप कुमार जब पहली और आख़िरी बार एक साथ पर्दे पर आए

    अमिताभ बच्चन और दिलीप कुमार

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    पुसिल वर्दी की गरिमा और सीमाएँ समझाता एक बाप और जेल में बेक़सूर बेटे के कटाक्ष के पीछा छिपा कड़वापन, ये बताने के लिए काफ़ी है कि दोनों के बीच किस क़दर दूरियाँ हैं.

    जब एक अक्टूबर 1982 को निर्देशक रमेश सिप्पी की फ़िल्म शक्ति रिलीज़ हुई और इसमें पुलिस अधिकारी के रोल में दिलीप कुमार और उनके बेटे के रूप में अमिताभ बच्चन को लोगों ने देखा तो ये किसी तहलके से कम नहीं था.

    ये वो दौर था जब ज़ंजीर, शोले और दीवार जैसी दमदार फ़िल्मों के बाद सुपरस्टार के तौर पर अमिताभ बच्चन का जलवा था. दिलीप कुमार अपने करियर की दूसरी पारी में नए दमदार किरदारों की तलाश में थे. ऐसे में दिलीप कुमार और अमिताभ बच्चन का आमने सामने होना, अपने आप में एक ख़बर थी.

  4. कांग्रेस अध्यक्ष पद के उम्मीदवार शशि थरूर ने क्यों कहा- वे खड़गे से बहस करने को तैयार

    शशि थरूर

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    कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के दो उम्मीदवारों में से एक शशि थरूर ने कहा है कि वे दूसरे उम्मीदवार मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ सार्वजनिक बहस करने को तैयार हैं.

    समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए इंटरव्यू में शशि थरूर ने कहा कि यदि ऐसा होता है तो इससे पार्टी में लोगों की रुचि बढ़ सकती है, ठीक वैसे ही जैसे हाल में ब्रिटेन के कंज़रवेटिव पार्टी के नेता के चुनाव से हुआ था.

    उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी के सदस्यों के दिल में नेहरू-गांधी परिवार के प्रति हमेशा एक ख़ास जगह बनी रहेगी.

    कांग्रेस की मौजूदा चुनौतियों को दूर करने के बारे में शशि थरूर ने कहा कि ऐसा प्रभावी नेतृत्व और संगठनात्मक बदलाव लाकर किया जा सकता है.

    थरूर ने कहा, "विभिन्न संगठनों में उच्चतम स्तर पर नेतृत्व करने का मेरा साबित किया हुआ भरोसेमंद ट्रैक रिकाॅर्ड रहा है. मैंने यूनाइटेड नेशन्स में अंडर सेक्रेटरी जनरल के रूप में लोक सूचना विभाग के प्रमुख का ज़िम्मा संभाला."

    "कम्युनिकेशंस यूएन का सबसे बड़ा विभाग है और उसे मैं संभालता था, जिसमें दुनिया भर में फैले 77 कार्यालयों में 800 लोग काम करते थे."

  5. नितिन गडकरी ने किससे कहा, "इतनी महंगी कार मैं भी नहीं ख़रीद सकता"

    वीडियो कैप्शन, नितिन गडकरी ने किससे कहा, "इतनी महंगी कार मैं भी नहीं खरीद सकता"

    मर्सिडीज़ बेंज़ ने भारत में अपनी पहली असेंबल हुई इलेक्ट्रिक कार लॉन्च की है. इस मौक़े पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहे.

    उन्होंने मर्सिडीज़ बेंज़ इंडिया के एमडी और सीईओ मार्टिन श्वेंक से उनकी महंगी कारों को लेकर अपील की.

    उन्होंने कहा, "मेरी आपसे विनती है. आप अपने प्रोडक्शन की संख्या बढ़ाइए, ऐसे में आपके लिए क़ीमत कम कर पाना संभव हो सकेगा. हमारे जैसे लोग... हम लोग मिडिल क्लास लोग हैं, यहां तक कि मैं भी आपकी कार नहीं ख़रीद सकता हूं. तो अगर आपके प्रोडक्शन की संख्या बढ़ जाएगी तो आपकी कारों की क़ीमत भी कम हो जाएगी."

  6. सचिन पायलट पर बोले अशोक गहलोत, बताया कि विधायक क्यों हुए थे नाराज़

    अशोक गहलोत

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    राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सचिन पायलट पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि नए मुख्यमंत्री के नाम की वजह से विधायक नाराज हो गए.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, बीते सप्ताह अशोक गहलोत के कांग्रेस अध्यक्ष पद के उम्मीदवार बनने की चर्चा के बीच जब राजस्थान में मुख्यमंत्री पद के लिए नया चेहरे पर चर्चा शुरू हुई तो गहलोत के करीबी विधायकों ने इस्तीफ़ा दे दिया.

    बाद में गहलोत ने घोषणा की कि वो कांग्रेस अध्यक्ष पद के उम्मीदवार नहीं होंगे. उन्होंने राज्य में आए सियासी भूचाल की नैतिक जिम्मेदारी भी खुद ही ली.

    उन्होंने कहा, "अमूमन ऐसा होता है कि जब कोई नया मुख्यमंत्री बनने वाला होता है तो 80-90 प्रतिशत विधायक पाला बदल लेते हैं. मैं इसे ग़लत नहीं मानता हूं. लेकिन राजस्थान में ऐसा नहीं हुआ. मुख्यमंत्री पद के लिए नया नाम सुनकर विधायक विरोध पर उतर आए."

    राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत

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    राज्य में मुख्यमंत्री बदलने को लेकर उनसे सवाल किया गया तो गहलोत ने कहा कि यह पार्टी हाईकमान का फ़ैसला होगा.

    उन्होंने कहा, "मैं अपना काम कर रहा हूं और अगर कोई फ़ैसला लिया जाना है तो वो पार्टी हाईकमान का काम है."

    अशोक गहलोत ने कहा, "मेरा उद्देश्य अगले साल होने वाले चुनाव में राजस्थान में कांग्रेस को फिर से सत्ता में लाना है. राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी के उत्थान के लिए यह ज़रूरी है."

    गहलोत ने 2020 में बग़ावत करने वाले विधायकों पर बीजेपी से मिलीभगत के आरोप भी लगाए हैं. उन्होंने कहा कि उस समय कुछ विधायकों ने अमित शाह और धर्मेंद्र प्रधान से भी मुलाक़ात की थी.

  7. कानपुर में ट्रैक्टर ट्रॉली पलटने से 26 की मौत, मरने वालों में 14 महिलाएं

    वीडियो कैप्शन, कानपुर में ट्रैक्टर ट्रॉली पलटने से 26 लोगों की मौत, मरने वालों में 14 महिलाएं

    उत्तर प्रदेश के कानपुर में ट्रैक्टर ट्रॉली के पलटने से हुए एक हादसे में 26 लोगों की मौत हो गई है जबकि कई घायल हैं.

    ये दुर्घटना घाटमपुर इलाक़े में हुई जब श्रद्धालुओं को लेकर आ रही एक ट्रैक्टर ट्रॉली एक गांव के पास पलट कर सड़क किनारे बने एक गड्ढ़े में गिर गई जिसमें पानी भरा हुआ था.

    कानपुर के जिला मजिस्ट्रेट विशाख जी अय्यर ने संवाददाताओं को बताया है कि हादसे में अब तक कुल 26 लोगों की मौत हुई है.

    उन्होंने बताया, "मरने वालों में 14 महिलाएं हैं और बाकी बच्चे हैं. चश्मदीदों के अनुसार ट्रैक्टर ट्रॉली पलटी और सड़क के किनारे ऐसी जगह गिरी जहां पानी भरा हुआ था."

    प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर दुख जताया है.

  8. ब्रेकिंग न्यूज़, बिहार: कृषि मंत्री सुधाकर सिंह ने नीतीश कुमार को सौंपा इस्तीफ़ा

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    बिहार सरकार में कृषि मंत्री सुधाकर सिंह ने इस्तीफ़ा दे दिया है.

    राष्ट्रीय जनता दल की बिहार इकाई के अध्यक्ष और सुधाकर सिंह के पिता जगदानंद सिंह ने इसकी पुष्टि की है.

    उन्होंने बताया कि सुधाकर सिंह ने अपना इस्तीफ़ा नीतीश कुमार को सौंप दिया है.

    महागठबंधन की सरकार में आरजेडी कोटे से मंत्री बने सुधाकर सिंह ने भ्रष्टाचार को लेकर अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था.

    जगदानंद सिंह ने कहा, "किसानों के साथ हो रहे अन्याय पर किसी को उनके साथ खड़ा होना था. कृषि मंत्री ने ये जिम्मा लिया."

  9. नौकरी छोड़कर मशरूम की खेती करने वाली अंजना गामित की कहानी

    वीडियो कैप्शन, नौकरी छोड़कर मशरूम की खेती करने वाली अंजना गामित की कहानी

    गुजरात की अंजना गामित से मिलिए. वैसे तो अंजना इंजीनियर हैं लेकिन अब पेशे से किसान हैं. उन्होंने इंजीनियरिंग की नौकरी करने के बजाय मशरूम की खेती को चुना है, फ़िलहाल वो अपनी मशरूम की खेती से अच्छा-ख़ासा कमा रही हैं.

    अंजना तापी ज़िले के व्यारा तालुका की नानी चिखली गांव की रहने वाली हैं. साल 2015 में उन्होंने अपने घर के पार्किंग एरिया में मशरूम की खेती की शुरुआत की थी. देखिए उनकी कहानी.

  10. चीन का दावा, ऑकस समझौते पर अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया की ये कोशिश नाकाम कर दी

    वीडियो कैप्शन, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और अमेरिका की एक डिफ़ेंस डील से फ्रांस हुआ नाराज़, बढ़ा आपसी तनाव

    चीन ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र की परमाणु एजेंसी आईएईए की बैठक के दौरान उसने ऑकस परमाणु पनडुब्बी समझौते को वैध करार देने की अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया की कोशिश नाकाम कर दी है.

    चीन के सरकारी टेलीविज़न चैनल सीजीटीएन की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया ने इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (आईएईए) के 'सेफ़गार्ड रिजॉल्यूशन' में संशोधन के प्रस्ताव रखे थे.

    चीन का दावा है कि ये प्रस्ताव परमाणु अप्रसार संधि के संदर्भ में ऑकस समझौते को वैध करार देने के इरादे से लाए गए थे जिसे चीन के विरोध के बाद वापस ले लिया गया.

    वियना स्थित इस यूएन एजेंसी में चीन के स्थाई प्रतिनिधि वांग कुन ने कहा, "ऑकस देश जो भी तरीके अपना लें, वे परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) का स्वरूप नहीं बदल सकते हैं."

    साल 2021 के सितंबर में अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया ने ऑकस समझौते की घोषणा की थी जिसके तहत ब्रिटेन और अमेरिका ऑस्ट्रेलिया को परमाणु पनडुब्बी हासिल करने में मदद करेंगे.

  11. किंग कोबरा सामने आ जाए तो क्या करें?

    वीडियो कैप्शन, किंग कोबरा सामने आ जाए तो क्या करें?

    बहुत से लोगों को किंग कोबरा को देखकर सिहरन हो जाती है. लेकिन आंध्र प्रदेश में अनाकापल्ली के ईस्टर्न घाट्स वाइल्डलाइफ़ सोसायटी के लोग, लोगों से कहते हैं कि अगर उन्हें किंग कोबरा दिखे तो वे उन्हें कॉल करें.

    पूर्वी घाट वाइल्ड लाइफ़ सोसायटी का काम फ़ोन आने के बाद सिर्फ़ किंग कोबरा के रेस्क्यू तक ही सीमित नहीं है. वे किंग कोबरा के अंडों को प्रीज़र्व करने की भी ज़िम्मेदारी निभाते हैं.

  12. गुजरात में अरविंद केजरीवाल पर फेंकी गई प्लास्टिक की बोतल

    दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल

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    दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर शनिवार रात राजकोट शहर में एक कार्यक्रम के दौरान प्लास्टिक की बोतल फेंकी गई. हालांकि इसमें वो बाल-बाल बचे और बोतल उन्हें लगे बिना सिर के ऊपर से निकल गई.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, "आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल नवरात्रि के एक कार्यक्रम में गए थे. उनकी ओर पीछे से प्लास्टिक की बोतल फेंकी गई. उस वक़्त वो डांडिया के प्रतिभागियों से मिल रहे थे."

    दिल्ली के मुख्यमंत्री इस कार्यक्रम में सुरक्षा अधिकारियों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ थे.

    आप के मीडिया कोऑर्डिनेटर सुकनराज ने कहा, "बोतल कुछ दूरी से फेंकी गई थी जो केजरीवाल के सिर के ऊपर से गुजर गई. लेकिन यह स्पष्ट तौर पर नहीं कहा जा सकता है वो केजरीवाल पर ही फेंकी गई थी.इसलिए पुलिस बुलाने की ज़रूरत नहीं पड़ी."

    केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान दो दिनों के गुजरात दौरे पर हैं. गुजरात में इस साल के अंत में चुनाव होने वाले हैं.

  13. भारतीय तट रक्षा: कमर्शियल पायलट कैसे बनें?

    वीडियो कैप्शन, भारतीय तट रक्षा: भारतीय तटरक्षक में कमर्शियल पायलट कैसे बनें?

    अगर आप भारतीय तटरक्षक सेवा में कमर्शियल पायलट बनना चाहती हैं तो ये वीडियो ख़ासतौर पर आपके लिए है.

    इस वीडियो में आपको पता चलेगा कि कमर्शियल पायलट लाइसेंस के लिए अप्लाई कैसे करना है?

    अप्लाई करने के लिए क्या शैक्षणिक योग्यताएं होनी चाहिए और आपको किन-किन परीक्षाओं को पास करना होता है?

  14. हॉलीवुड अभिनेता के 'चेहरे' के कॉपीराइट का मामला क्या है?

    अभिनेता ब्रूस विलिस
    इमेज कैप्शन, अभिनेता ब्रूस विलिस

    अभिनेता ब्रूस विलिस के मैनेजर ने उन रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया है जिनमें दावा किया जा रहा है कि उन्होंने अपने चेहरे के इस्तेमाल के अधिकार बेच दिए हैं.

    दरअसल, बीते सप्ताह ऐसी ख़बरें आई थीं कि अभिनेता ने अपना चेहरा इस्तेमाल करने के अधिकार डीपकेक नाम की एक कंपनी को बेच दिए हैं. ये अपने आप में इस तरह की पहली और अनोखी डील होती.

    हालांकि अभिनेता के प्रवक्ता ने बीबीसी को बताया कि कंपनी के साथ उनका कोई ‘समझौता या पार्टनरशिप’ नहीं है.

    डीपकेक कंपनी के एक प्रतिनिधि ने कहा कि सिर्फ़ विलिस के पास ही उनके चेहरे के इस्तेमाल के अधिकार हैं.

    विलिस ने इस साल मार्च में एक बीमारी का पता चलने के बाद एक्टिंग से रिटायरमेंट की घोषणा की थी. उन्हें अफ़ेज़िया है. यह ऐसा डिसऑर्डर है जिसका असर बोलने पर पड़ता है.

    अभिनेता ब्रूस विलिस

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    डीपफ़ेक बेहद वास्तविक लगने वाले वीडियो बनाने के लिए एक आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग टेक्नोलॉजी है जो अक्सर नेताओं और सेलेब्रिटीज़ के वीडियो बनाती है. ये तकनीक उन अभिनेताओं के लिए बेहद क्रांतिकारी हो सकती है जो अब एक्टिंग नहीं करते.

    कई मीडिया संस्थानों ने यह ख़बर दी कि ब्रूस विलिस पहले हॉलीवुड अभिनेता होंगे जो अपने चेहरे के इस्तेमाल के अधिकार बेचेंगे.

    हालांकि ये दावे ग़लत साबित हुए.

    सच ये है कि विलिस ने बीते साल रूसी टेलीकॉम कंपनी मेगाफोन के लिए एक विज्ञापन किया था जिसमें डीपफ़ेक का इस्तेमाल किया गया था. इसमें जो तकनीक इस्तेमाल की गई थी वो डीपकेक ने बनाई थी.

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    डीपकेक ने बीबीसी को बताया कि उस विज्ञापन के लिए कंपनी ने विलिस की टीम के साथ बेहद करीबी से काम किया.

    कंपनी ने यह भी कहा कि "यह बिल्कुल सच है कि उन्होंने अपना डिजिटल जुड़वां बनाने के लिए अनुमति और सामान उपलब्ध कराया था."

    हालांकि अभिनेता के मैनेजर का कहना है कि ब्रूस विलिस और डीपकेक कंपनी के बीच कोई भी करार या पार्टनरशिप नहीं रही.

  15. PFI पर बैन या मदरसों के सर्वे पर चुप क्यों है मुसलमानों की ये संस्था?

    जमीयत उलेमा हिंद

    इमेज स्रोत, PAWAN SHAH/BBC

    इमेज कैप्शन, लखनऊ एक मदरसे में पढ़ते छात्र

    देश के सबसे पुराने मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद और बीजेपी के बीच बढ़ती नजदीकियां चर्चा का विषय बनती जा रही हैं.

    'द हिंदू'ने अपने एक विश्लेषण में कहा है कि जमीयत उलेमा-ए-हिंद बगैर कोई शोर किए चुपचाप बीजेपी के साथ रिश्ते अच्छे करने में लगा है.

    अख़बार ने लिखा है कि जमीयत-उलेमा-ए-हिंद बग़ैर किसी औपचारिक एलान या चुनाव में खुलेआम समर्थन का प्रदर्शन किए बगैर बीजेपी को समर्थन देता आ रहा है. चाहे वह पीएफआई पर बैन का मामला हो या यूपी में गैर सरकारी मदरसों के सर्वेक्षण का. हालांकि ज्यादातर मामलों में इसने बीजेपी का चुपचाप समर्थन किया है.

    'द हिंदू' में छपे विश्लेषण में कहा गया है कि जब देश में पीएफआई की दफ्तरों और इमारतों पर छापे पड़ रहे थे और इसके सैकड़ों नेताओं की गिरफ्तारी हो रही थी तो जमीयत ने चुप्पी साध ली. जमीयत के एक नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, ''ऐसा लग रहा था जैसे मुगलकाल के आखिरी वक्त में मोहम्मद शाह रंगीला चुप्पी साध लेते थे.''

  16. शशि थरूर 'एलीट क्लास' से, खड़गे ही जीतेंगे कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव: अशोक गहलोत

    अशोक गहलोत

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    राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रविवार को कहा कि वरिष्ठ पार्टी नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के पास कांग्रेस को मजबूत करने के लिए ज़रूरी अनुभव है और अध्यक्ष पद के लिए हो रहे चुनाव में स्पष्ट जीत हासिल करेंगे.

    समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, अशोक गहलोत ने ये भी कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रतिद्वंद्वी शशि थरूर 'एलीट क्लास' से ताल्लुक रखते हैं.

    जयपुर स्थित सचिवालय में महात्मा गांधी को श्रद्धा सुमन अर्पित करने के बाद पत्रकारों से उन्होंने कहा, "खड़गे के पास लंबा राजनीतिक अनुभव है. उनका दिल साफ़ है. वे दलित समुदाय से आते हैं और उनके चुनाव लड़ने का हर तरफ़ स्वागत हो रहा है."

    कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए हो रहे चुनाव में मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रस्तावकों में एक अशोक गहलोत भी शामिल हैं. हालांकि उन्होंने कहा कि शशि थरूर भी एक अच्छे व्यक्ति हैं और उनके विचार अच्छे हैं लेकिन वे 'एलीट क्लास' से आते हैं.

    अशोक गहलोत ने कहा, "थरूर का अलग क्लास है. वे एलीट क्लास से आते हैं लेकिन पार्टी को बूथ, ब्लॉक और ज़िला स्तर पर मजबूत करने के लिए जिस तरह के अनुभव की ज़रूरत है, वो खड़गे के पास है और उनकी तुलना शशि थरूर से नहीं की जा सकती है." उन्होंने कहा, "इसलिए ये कुदरती बात है कि खड़गे के लिए ये चुनाव एकतरफ़ा होगा."

  17. इंडोनेशिया के फ़ुटबॉल स्टेडियम में हादसे के बाद राष्ट्रपति ने दिया ये आदेश

    इंडोनेशिया

    इमेज स्रोत, REUTERS TV

    इंडोनेशिया में शनिवार को एक फ़ुटबॉल मैच के दौरान भड़की हिंसा और भगदड़ में करीब 129 लोग मारे गए हैं और बड़ी संख्या में लोग घायल हैं. इसे दुनिया में हुए अब तक के सबसे बड़े स्टेडियम हादसों में से एक बताया जा रहा है.

    हिंसा तब भड़की जब मैच हारने वाली टीम के प्रशंसक भड़क उठे और मैदान पर आ गए.

    ईस्ट जावा प्रांत में अरेमा एफ़सी और पर्सेबाया सुरबाया के बीच मैच चल रहा था. अरेमा एफ़सी को हारता देख उसके प्रशंसक मैदान में घुसने लगे.

    अनियंत्रित भीड़ को काबू करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे गए. इस अफरा-तफरी में स्टेडियम में भगदड़ मच गई.

  18. पीएफ़आई बैन और राष्ट्रवाद पर क्या बोले केरल के राज्यपाल?

    केरल के राज्यपाल आरिफ़ मोहम्मद ख़ान

    केरल के राज्यपाल आरिफ़ मोहम्मद ख़ान ने गांधी जयंती के मौके पर कहा कि भारत का इतिहास ऐसा नहीं है कि हमने कभी किसी को दबाने की कोशिश की हो.

    अहमदाबाद में आज का राष्ट्रवाद और महात्मा गांधी के राष्ट्रवाद के मुद्दे पर पूछे गए एक सवाल पर उन्होंने कहा, "अगर आप दुनिया में शांति स्थापित करने में भूमिका निभाना चाहते हैं तो पहले आप को खुद मजबूत होना होगा. उस एकता को बढ़ाने के लिए राष्ट्रवाद बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है."

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    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

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    पॉपुलर फ़्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) पर प्रतिबंध और आरएसएस पर प्रतिबंध लगाने की पीएफआई की मांग को लेकर एक सवाल पर उन्होंने कहा, ‘‘भारत के विभाजन को लेकर भी सवाल होते हैं. लेकिन हम वो भूल गए. हम भूलना नहीं चाहते लेकिन हम भूल गए. क्योंकि हम अपने निर्माण में लगना चाहते हैं. लेकिन आपका पड़ोसी आपको भूलने नहीं देता."

    "कश्मीर में रोज़ आतंकवादी आते हैं और कहते हैं अनफिनिश्ड एजेंडा ऑफ़ पार्टीशन. तो ये आज का नहीं है. ये बहुत पुरानी बीमारी है. आप को अपनी ताक़त इतनी पैदा करनी है कि बीमारियों से लड़ सकें, किसी को नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं, अपनी सुरक्षा के लिए.’’

  19. यूक्रेन युद्ध: रूस ने किस डर से इस शहर से वापस बुलाई सेना?

    यूक्रेन रूस युद्ध

    इमेज स्रोत, Reuters

    यूक्रेन की सेना से कड़ी टक्कर मिलने के बाद रूस ने पूर्वी शहर लाइमन से अपने सैनिकों को वापस बुला लिया है.

    रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि हज़ारों सैनिकों को घेरे जाने के डर की वजह से उन्हें वापस बुला लिया गया.

    लाइमन शहर पर फिर से कब्ज़ा करना यूक्रेन के लिए बड़ा सामरिक महत्व है.

    इस कस्बे को रूस ने संसाधनों का केंद्र बना रखा था और अब ये इलाका दोनेत्स्क और लुहांस्क में घुसने के लिए यूक्रेनी सैनिकों का रास्ता बन सकता है.

    ऑनलाइन शेयर किए जा रहे एक वीडियो में दिखा कि शहर पर कब्ज़ा करने के बाद यूक्रेनी सैनिक झंडा लहराते हुए खुशियां मना रहे हैं.

    यूक्रेन युद्ध

    ‘ज़मीन पर अवैध कब्ज़ा’

    राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘भले ही वहां हमारा झंडा फहरा रहा हो, लेकिन जंग अब भी जारी है.’’ हालांकि उन्होंने युद्ध से संबंधित ज़्यादा जानकारी नहीं दी.

    लाइमन दोनेत्स्क में है, जो उन चार क्षेत्रों में से एक है जिन्हें रूस ने अपने साथ मिलाने की घोषणा की है. यूक्रेन और उसके सहयोगी पश्चिमी देशों ने इसे ‘ज़मीन पर अवैध कब्ज़ा’ बताते हुए खारिज कर दिया.

    यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय के सलाहकार ने बीबीसी को बताया कि जिस तरह उनकी सेनाएं लड़ रही हैं और लाइमन जैसे इलाके को वापस पाना, कहीं न कहीं उनकी कामयाबी दिखाता है.

    उन्होंने कहा कि रूस के जो सैनिक सामने आए उन्हें सरेंडर करने का मौका भी दिया गया है.

  20. प्रशांत किशोर ने पटना से शुरू की ‘जनसुराज पदयात्रा’, क्या है उनका लक्ष्य?

      • Author, विष्णु नारायण
      • पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए
    प्रशांत किशोर

    इमेज स्रोत, Team Prashant Kishore

    चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर आज (2 अक्टूबर) से अपनी पदयात्रा की शुरुआत करने जा रहे हैं. इस यात्रा की शुरुआत वो बिहार के पश्चिमी चंपारण में स्थित ‘भितिहरवा आश्रम’ से करने वाले हैं.

    भितिहरवा आश्रम को लोग गांधी आश्रम के नाम से भी जानते हैं.

    प्रशांत किशोर ने इसे जनसुराज पदयात्रा का नाम दिया है.

    इस पदयात्रा के माध्यम से प्रशांत ने बिहार के अलग-अलग शहरों और कस्बों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा है. पदयात्रा की अनुमानित दूरी उन्होंने 3500 किलोमीटर बताई है.

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    उन्होंने यह कहा कि इस यात्रा के दौरान वे पटना और दिल्ली नहीं आने-जाने वाले.

    हालांकि इस यात्रा की शुरुआत से पहले ही वो सूबे के अलग-अलग ज़िलों का दौरा कर रहे थे और लोगों से मिल भी रहे थे.

    प्रशांत किशोर का कहना है कि वो बिहार जैसे ग़रीब और पिछड़े राज्य में व्यवस्था परिवर्तन के लिए संकल्पित हैं और बिहार में इस बदलाव की ज़रूरत है क्योंकि राज्य में चारों तरफ़ ग़रीबी, अशिक्षा, भ्रष्टाचार और बेरोज़गारी से लोगों का बुरा हाल है.

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    बिहार की इस हालत के लिए वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव पर हमलावर रहे हैं. हालांकि हालिया सत्ता परिवर्तन के बाद उन्होंने सीएम नीतीश कुमार से मुलाक़ात की. वो सीएम नीतीश कुमार को पितातुल्य कहते रहे हैं.

    दलों से भी जुड़े रहे हैं प्रशांत किशोर

    प्रशांत किशोर ने साल 2014 के आम चुनाव में भाजपा और नरेंद्र मोदी के साथ काम करने के बाद साल 2015 के विधानसभा चुनाव में बिहार में जद (यू) और नीतीश कुमार के लिए भी काम कर चुके हैं.

    इतना ही नहीं उन्होंने जद (यू) की सदस्यता भी ले ले थी, और उन्हें पार्टी में अहम जिम्मेदारियां भी दी गई थीं. हालांकि बाद में उन्होंने पार्टी से इस्तीफ़ा दे दिया.

    देश के दूसरे हिस्सों में भी जारी हैं यात्राएं

    साल 2024 के चुनाव के मद्देनज़र कई दल अपनी शक्ति बढ़ाने और संगठन को मजबूत करने के लिए यात्राएं शुरू कर चुके हैं.

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के माध्यम से कन्याकुमारी से कश्मीर तक की यात्रा शुरू कर चुके हैं.

    वहीं उत्तर प्रदेश में मुख्य विपक्षी दल के नेता भी ‘समाजवादी यात्रा’ कर रहे हैं.

    ऐसे में प्रशांत किशोर की यात्रा को भी साल 2024 के आम चुनाव से पहले खुद को मजबूत करने और जनता के सामने खुद को तौलने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है.