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पाकिस्तान को अमेरिकी सलाह पर बोला चीन- असलियत में कुछ करके दिखाएं

चीन ने मंगलवार को पाकिस्तान के संबंध में अमेरिकी सेक्रेटरी एंटनी ब्लिंकन के एक बयान पर तीख़ी प्रतिक्रिया दी है.

लाइव कवरेज

ब्रजेश मिश्र and प्रेरणा .

  1. अंकिता भंडारी मर्डर केस- वो सवाल जिनके जवाब मिलने बाकी हैं

    उत्तराखंड के अंकिता भंडारी हत्याकांड में लगातार नई बातें सामने आ रही हैं और साथ ही पुलिस की जाँच को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं.

    हालाँकि 24 सितंबर को जब अंकिता का शव मिला था, तब राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा था कि सभी अभियुक्तों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की गई है. उन्होंने ये भी कहा था कि रिज़ॉर्ट सरकारी वन भूमि पर है उसके ध्वस्तीकरण (ढहाने) की कार्रवाई भी चल रही है.

    लेकिन रिज़ॉर्ट पर बुलडोज़र चलाए जाने को लेकर अंकिता के परिवार ने ही सवाल उठाए थे. परिवार वालों का कहना था कि अंकिता जिस कमरे में रहती थी, वहाँ से कई सबूत मिल सकते थे, लेकिन उसे ढहा दिया गया.

    बुलडोज़र किसने चलवाया?

    हालाँकि, मुख्यमंत्री धामी ने अपनी प्रेस कॉन्फ़्रेंस में रिज़ॉर्ट को ढहाने की कार्रवाई की बात की थी, लेकिन अभी तक ज़िला प्रशासन को ठीक-ठीक पता ही नहीं है कि ये कार्रवाई की किसने?

    कांग्रेस नेता और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने आरोप लगाया, "अंकिता हत्याकांड मामले में पुलिस प्रशासन की शुरू से लापरवाही दिख रही है. अंकिता का शव खोजने में देरी की गई, कहीं ये साक्ष्य मिटाने की कोशिश तो नहीं. रिज़ॉर्ट पर भी बुलडोज़र तुरंत चलवा दिया गया जबकि वहां से कई सबूत जुटाए जा सकते थे."

  2. ब्रेकिंग न्यूज़, राजस्थान में जारी राजनीतिक संकट के बीच सचिन पायलट दिल्ली पहुंचे

    राजस्थान में जारी राजनीतिक संकट के बीच वरिष्ठ पार्टी नेता और राज्य के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट दिल्ली पहुंच गए हैं. हालांकि दिल्ली में उनके कार्यक्रम के बारे में अभी कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है.

    सचिन पायलट की दिल्ली यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व राज्य के राजनीतिक संकट से जूझ रहा है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को मल्लिकार्जुन खड़गे और अजय माकन अपनी रिपोर्ट सौंपने वाले हैं. पार्टी नेतृत्व ने दोनों नेताओं को पर्यवेक्षक बनाकर जयपुर भेजा था.

    इस बीच सचिन पायलट ने उन सभी मीडिया रिपोर्ट्स को ख़ारिज किया है, जिसमें ये दावे किए जा रहे थे कि राजस्थान के ताज़ा राजनीतिक घटनाक्रम पर कांग्रेस आलाकमान से उनकी बात हुई है.

    इससे पहले समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट में ये कहा गया था कि सचिन पायलट ने कांग्रेस हाईकमान से कहा है कि अगर अशोक गहलोत पार्टी अध्यक्ष के पद का चुनाव लड़ने का निर्णय लेते हैं तो वह राजस्थान के मुख्यमंत्री नहीं रह सकते और विधायकों को एकजुट रखने की जिम्मेदारी उनकी है.

    ख़ुद सचिन पायलट ने इस ख़बर का खंडन करते हुए कहा कि ये समाचार पूरी तरह से ग़लत है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ राजस्थान में जारी राजनीतिक उठापटक के बीच पूर्व डिप्टी सीएम पायलट दिल्ली पहुंच गए हैं.

    पायलट के नज़दीकी सूत्रों ने पीटीआई को बताया है कि वे अपने निजी काम के लिए दिल्ली गए हैं. उनकी दिल्ली रवानगी का संबंध राजस्थान के ताज़ा राजनीतिक हालात से नहीं है.

  3. केबीसी के पहले करोड़पति हर्षवर्धन नवाथे कहां हैं और क्या कर रहे हैं

    साल 2000 अभिनेता अमिताभ बच्चन के लिए बेहद ख़ास साल था.

    ये वो साल था जब अमिताभ बच्चन पहली बार छोटे पर्दे का शो 'कौन बनेगा करोड़पति' होस्ट कर रहे थे.

    इस शो ने ना केवल अमिताभ बच्चन को छोटे पर्दे का बड़ा स्टार बना दिया बल्कि कुछ आम लोगों को 'करोड़पति' बना कर उनकी क़िस्मत भी बदल दी.

    इस कड़ी में सबसे पहले 1 करोड़ जीतने वाले थे हर्षवर्धन नवाथे जिन्होंने साल 2000 में ये इनामी राशि जीती थी. उस वाकये को अब पूरे 22 साल हो गए हैं.

  4. ब्रेकिंग न्यूज़, सुप्रीम कोर्ट ने ईडब्ल्यूएस कोटे पर अपना फ़ैसला सुरक्षित रखा

    सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को संविधान के 103वें संशोधन की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है.

    संविधान के इस संशोधन के तहत सरकार ने कॉलेज में दाखिले और सरकारी नौकरियों में आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग के लोगों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित की है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ मुख्य न्यायाधीश यूयू ललित की अध्यक्षता वाली पांच-न्यायाधीशों की संविधान पीठ बीते कुछ दिनों से इस कानूनी सवाल पर सुनवाई कर रही थी कि क्या ईडब्ल्यूएस कोटे के तहत मिलने वाला आरक्षण संविधान के मूल ढांचे का उल्लंघन है?

    अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता जहां सरकार का पक्ष रख रहे थे. तो वहीं शिक्षाविद मोहन गोपाल और दूसरे अन्य वरिष्ठ अधिवक्ता ईडब्ल्यूएस कोटे के विरुद्ध बहस कर रहे थे.

    शिक्षाविद् मोहन गोपाल ने इस मामले में 13 सितंबर को बेंच के समक्ष सबसे पहले दलीलें पेश की थीं. अपनी दलील में ईडब्ल्यूएस कोटा संशोधन का विरोध करते हुए गोपाल ने इसे पिछले दरवाजे से आरक्षण की अवधारणा को नष्ट करने का प्रयास बताया.

    रवि वर्मा कुमार, पी विल्सन, मीनाक्षी अरोड़ा, संजय पारिख, के एस चौहान और अधिवक्ता शादान फरासत सहित वरिष्ठ वकीलों ने भी आरक्षण की आलोचना करते हुए कहा कि इसमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के गरीबों को भी शामिल नहीं किया गया है.

    वहीं संशोधन का बचाव करते हुए अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि ये ईडब्ल्यूएस कोटा सामान्य वर्ग के ग़रीब परिवारों के लिए ज़रूरी है.

    शीर्ष अदालत ने इस मामले में दायर की गईं कम से कम 40 याचिकाओं पर सुनवाई की. इनमें 2019 में 'जनहित अभियान' द्वारा दायर की गई प्रमुख याचिका सहित अधिकांश याचिकाओं ने संविधान संशोधन (103 वां) अधिनियम 2019 की वैधता को चुनौती दी है.

  5. नौकरी छोड़कर मशरूम की खेती करने वाली अंजना गामित की कहानी

    गुजरात की अंजना गामित से मिलिए. वैसे तो अंजना इंजीनियर हैं लेकिन अब पेशे से किसान हैं.

    उन्होंने इंजीनियरिंग की नौकरी करने के बजाय मशरूम की खेती को चुना है, फ़िलहाल वो अपनी मशरूम की खेती से अच्छा-ख़ासा कमा रही हैं.

    अंजना तापी ज़िले के व्यारा तालुका की नानी चिखली गांव की रहने वाली हैं. साल 2015 में उन्होंने अपने घर के पार्किंग एरिया में मशरूम की खेती की शुरुआत की थी. देखिए उनकी कहानी.

  6. मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा बोले- 'लव जिहाद रोकने के लिए गरबा पंडालों में पहचान पत्र की हो जांच'

    मध्य प्रदेश सरकार ने गरबा आयोजकों को डांस पंडालों में प्रवेश की अनुमति देने से पहले लोगों के पहचान पत्रों की जांच करने का आदेश दिया है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ मध्यप्रदेश के एक मंत्री ने ये दावा किया था कि ऐसे आयोजन 'लव जिहाद' का एक जरिया बन गए हैं.

    जिसके बाद मध्यप्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने मंगलवार को कहा, ''मां दुर्गा की आराधना का पर्व नवरात्रि हमारी आस्था का केंद्र है. ऐसे पावन अवसर पर शांति और सौहार्द का वातावरण बना रहे, इसलिए आयोजनकर्ताओं को गरबा आयोजनों में पहचान पत्र देखकर ही प्रवेश देने के निर्देश दिए गए हैं.''

    बीते 8 सितंबर को संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर ने सुझाव दिया था कि "लव जिहाद" को रोकने के लिए नवरात्रि उत्सव के दौरान राज्य में गरबा नृत्य स्थलों में प्रवेश की अनुमति आईडी कार्ड की जांच के बाद ही दी जानी चाहिए.

    पारंपरिक तौर पर गरबा नृत्य कार्यक्रम का आयोजन नौ दिवसीय नवरात्रि उत्सव के आख़िरी दिन किया जाता है.

  7. इन पुरुषों से पूछिए कि पीरियड्स में कितना दर्द होता है?

    अगर पुरुष भी पीरियड्स के दर्द को महसूस कर सकते.

    इस वीडियो में दिख रहे ये लोग सिम्युलेटर की मदद से उस दर्द को महसूस करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि भारत में पीरियड्स से जुड़ी भ्रांतियों को तोड़ा जा सके.

  8. सऊदी अरब की किस मदद के लिए ब्रिटेन ने क्राउन प्रिंस को शुक्रिया कहा

    ब्रिटेन की प्रधानमंत्री लिज़ ट्रस ने यूक्रेन में रूस समर्थक बलों द्वारा हिरासत में लिए गए पांच ब्रिटिश नागरिकों की रिहाई में मदद के लिए सऊदी अरब को शुक्रिया कहा है.

    सत्ता संभालने के बाद सऊदी क्राउन प्रिंस को लिज़ ट्रस का ये पहला फ़ोन कॉल था. समाचार एजेंसी प्रेस एसोसिएशन की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच रक्षा और ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में रणनीतिक भागीदारी को लेकर भी चर्चा हुई.

    प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री लिज़ ट्रस ने क्राउन प्रिंस को सऊदी अरब के घरेलू सुधार कार्यक्रमों में हो रही प्रगति पर ब्रिटेन के सकारात्मक रुख से अवगत कराया.

    जून में लिज़ ट्रस जब विदेश मंत्री थीं तो उन्होंने सऊदी अरब के साथ ब्रिटेन के संबंधों की पुरजोर वकालत की थी. लिज़ ट्रस ने तब ये कहा था कि ये दुनिया 'पर्फेक्ट' जगह नहीं है.

    लिज़ ट्रस ने ये बात ब्रिटेन और खाड़ी के छह देशों के बीच एक व्यापार समझौता वार्ता की शुरुआत के मौके पर कही थी. सऊदी अरब और खाड़ी के दूसरे देशों के साथ बेहतर संबंध बनाने की कोशिशों पर मानवाधिकार पर उनके रिकॉर्ड की वजह से सवाल उठते रहे हैं.

    डाउनिंग स्ट्रीट के प्रवक्ता ने बताया कि लिज़ ट्रस के साथ फोन पर हुई बातचीत में सऊदी क्राउन प्रिंस ने क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय के निधन पर अपनी संवेदना भी प्रकट की.

  9. सैनिक साज़ो-सामान के आयात पर लग रही रोक का भारतीय सेना पर कितना असर?

    इसी साल फ़रवरी महीने में रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर आयोजित एक वेबिनार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रक्षा प्रणालियों में अनोखेपन और विशिष्टता के महत्व की बात करते हुए कहा था कि रक्षा क्षेत्र में अनोखापन और चौंकाने वाले तत्व तभी आ सकते हैं, जब उपकरण को आपके अपने देश में विकसित किया गया हो.

    इसी वेबिनार में प्रधानमंत्री ने इस बात पर खे़द व्यक्त किया था कि हथियार ख़रीद की प्रक्रिया इतनी लंबी होती है कि हथियारों के आते-आते बहुत ज़्यादा समय बीत जाता है और वे पुराने पड़ जाते हैं.

    इन मुद्दों से निपटने के लिए मोदी ने 'आत्मनिर्भर भारत' और 'मेक इन इंडिया' को समाधान बताते हुए कहा था कि रक्षा बजट का लगभग 70 फ़ीसदी हिस्सा केवल स्वदेशी उद्योग के लिए रखा गया है.

  10. शिंजो आबे की राजकीय अंत्येष्टि पर प्रधानमंत्री मोदी ने दी अंतिम श्रद्धांजलि

    जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे के राजकीय अंत्येष्टि में शामिल होने टोक्यो पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी.

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने अपने ट्विटर हैंडल पर प्रधानमंत्री की तस्वीर और वीडियो शेयर की हैं.

    अपने ट्वीट में बागची ने लिखा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टोक्यो के निप्पॉन बुडोकन में राजकीय अंत्येष्टि के दौरान जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंज़ो आबे को श्रद्धांजलि दी.भारत-जापान साझेदारी को आगे बढ़ाने में उनके अपार योगदान के लिए एक महान दूरदर्शी नेता को श्रद्धांजलि."

    आबे की अंत्येष्टि में प्रधानमंत्री मोदी के अलावा दुनिया भर के नेता शामिल हुए. इनमें मुख्य रूप से अमेरिका की उप-राष्ट्रपति कमला हैरिस, सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली सीन लूंग और उनकी पत्नी हो चिंग, तीन पूर्व ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री टोनी एबॉट, जॉन हॉवर्ड और मैल्कम टर्नबुल के साथ वर्तमान ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज आदि मौजूद रहे.

    जापान के दक्षिणी शहरी नारा में एक बंदूकधारी ने एक चुनावी कैंपेन के दौरान आबे को गोली मार दी थी. बीते 8 जुलाई की इस घटना ने पूरे जापान को सदमे में डाल दिया था.

  11. पीएम मोदी गए शिंज़ो आबे की जिस अंत्येष्टि में, उस पर जापान में हंगामा क्यों

    एक सप्ताह पहले, दुनिया भर से नामी-गिरामी हस्तियाँ ब्रिटेन की क्वीन एलिज़ाबेथ द्वितीय की राजकीय अंत्येष्टि के लिए लंदन में जुटे थे. उनमें से बहुत सारे अब जापान की राजधानी टोक्यो पहुँचे हैं. लगभग सौ देशों के प्रतिनिधि वहाँ मौजूद हैं.

    मगर ऐसा लगता है कि जापान के लोग इससे बहुत उत्साहित नहीं हैं - इसपर हो रहे भारी ख़र्च की वजह से. ऐसा अनुमान है कि शिंज़ो आबे के अंतिम संस्कार के आयोजन पर 1 .65 अरब येन या 1.14 करोड़ डॉलर यानी लगभग 80 करोड़ रुपये का ख़र्च बैठेगा.

    पिछले कुछ हफ़्तों से जापान में इस राजकीय अंत्येष्टि को लेकर विरोध लगातार बढ़ता जा रहा था. ताज़ा सर्वेक्षणों के मुताबिक़ देश की आधी से ज़्यादा आबादी इसे ग़लत मान रही है.

    इस सप्ताह, एक व्यक्ति ने टोक्यो में प्रधानमंत्री कार्यालय के बाहर ख़ुद को आग लगा ली. और सोमवार को, लगभग 10,000 प्रदर्शनकारियों ने अंत्येष्टि समारोह को रद्द करने की माँग करते हुए टोक्यो में जुलूस निकाला.

  12. भगवंत मान ने पंजाब विधानसभा में पेश किया विश्वास मत प्रस्ताव

    पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को राज्य विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव पेश किया.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ सदन के स्पीकर कुल्तार सिंह संधवा ने सदन में जैसे ही विश्वास मत प्रस्ताव संबंधित घोषणा की.

    इसके बाद बीजेपी के दो विधायक अश्विनी शर्मा और जंगी लाल महाजन सदन से बाहर चले गए.

    वहीं कांग्रेस के विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया. विपक्ष ने मांग की कि अविश्वास प्रस्ताव लाया जाए. जिसके बाद स्पीकर ने अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए मार्शलों को कांग्रेस विधायकों को सदन से बाहर निकालने का आदेश दिया.

    कुलतार सिंह संधवा ने कांग्रेस के सभी विधायकों को निलंबित कर दिया.

    कांग्रेस के सभी विधायक 'पंजाब सरकार मुर्दाबाद' और 'अध्यक्ष साहिब मुर्दाबाद' के नारे लगाते हुए निकले.

    समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि जब राज्यपाल ने विश्वास प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी तो पंजाब सरकार यह प्रस्ताव क्यों ला रही है. उन्होंने विश्वास प्रस्ताव को असंवैधानिक बताया.

    क्या है मामला?

    दरअसल, आम आदमी पार्टी ने दावा किया था कि 'ऑपरेशन लोटस' के जरिए बीजेपी पंजाब में विधायकों को खरीदने की कोशिश कर रही है.

    ऐसे में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के पक्ष में विश्वास मत पारित करने के लिए सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी ने 22 सितंबर को विधानसभा में बैठक बुलाई थी, लेकिन कुछ विपक्षी नेताओं द्वारा आपत्ति जताए जाने के बाद पंजाब के राज्यपाल ने विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र को दी गई मंजूरी को रद्द कर दिया.

    राजभवन और आप सरकार के बीच विधानसभा सत्र बुलाने को लेकर खींचतान जारी रही. आख़िरकार रविवार को पंजाब के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने 27 सितंबर को सदन बुलाने की मंजूरी दे दी, लेकिन सरकार ने ये नहीं बताया कि कार्यवाही के पहले दिन ही विश्वास प्रस्ताव पेश किया जाएगा.

  13. रूस: स्कूल में गोलीबारी, 11 बच्चों समेत 15 की मौत

    रूस के इज़ेवस्क शहर के एक स्कूल में एक बंदूकधारी ने हमला किया, जिसमें 15 लोगों की मौत हो गई है.

    पुलिस के मुताबिक़ मरने वालों में 11 बच्चे हैं. ये रूस में हाल के सालों की सबसे भयानक गोलीबारी की घटनाओं में से एक है.

    स्थानीय प्रशासन ने 29 सितंबर तक शोक की घोषणा की है.

    बीबीसी संवाददाता सर्गेई गोर्याशको ने इस घटना के बारे में और ज़्यादा जानकारी दी.

  14. ब्रेकिंग न्यूज़, पीएफ़आई पर कार्रवाई, दिल्ली के जामिया इलाक़े में धारा 144 लागू, शाहीन बाग़ में सुरक्षा बढ़ाई गई

    पापुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया (पीएफ़आई) पर हो रही कार्रवाई के तहत दिल्ली में करीब 30 लोगों को हिरासत में लिया गया है.

    मंगलवार को जांच एजेंसियों ने दिल्ली समेत आठ राज्यों में पीएफआई के ठिकानों पर छापे मारी की और करीब 100 लोगों को हिरासत में लिया है.

    दिल्ली के शाहीन बाग़ इलाके में बड़ी संख्या में सुरक्षाबल तैनात किए गए हैं. यहां से भी कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है.

    जामिया इलाके में प्रशासन ने धारा 144 लगा दी है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक दिल्ली में 30, असम में 25, गुजरात में 10, मध्य प्रदेश में 21 लोगों को हिरासत में लिया गया है.

    एजेंसी का अभी तक का सबसे बड़ा ऑपरेशन

    इसके पहले गुरुवार को एनआईए और ईडी ने 15 राज्यों में 93 जगहों पर छापेमारी की थी.

    इनमें तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, असम, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गोवा, पश्चिम बंगाल, बिहार और मणिपुर राज्य शामिल हैं.

    इस दौरान 100 से अधिक लोगों को गिरफ़्तार किया गया था.

    एनआईए के अधिकारियों के मुताबिक़, ये एजेंसी का अभी तक का सबसे बड़ा ऑपरेशन है.

    क्या है पीएफ़आई?

    पीएफ़आई ख़ुद को एक ग़ैर सरकारी सामाजिक संगठन बताता है जिसका घोषित मक़सद देश में ग़रीबों और पिछड़े लोगों के उत्थान के लिए काम करना और उत्पीड़न और शोषण का विरोध करना है.

    अपने गठन के बाद से ही ये संगठन विवादों में घिरा रहा है.

    फ़िलहाल पीएफ़आई देश के 20 से अधिक राज्यों में सक्रिय है और लाखों लोग इससे जुड़े हैं. लेकिन इसका मज़बूत आधार दक्षिणी भारत में है. केरल और कर्नाटक में इस संगठन की मज़बूत मौजूदगी है.

  15. यूपी में दलित स्कूली छात्र की मौत, शिक्षक पर पिटाई का आरोप

    अंग्रेज़ी अख़बारइंडियन एक्सप्रेस में छपी रिपोर्टके मुताबिक़ उत्तर प्रदेश के औरेया ज़िले में एक 15 साल के दलित लड़के सोमवार को मौत हो गई. दो सप्ताह पहले शिक्षक ने इस लड़के की पिटाई की थी.

    शिक्षक के ख़िलाफ़ आईपीसी की धारा 308 (गैर इरादतन हत्या की कोशिश) और 504 (भड़काने के इरादे से जानबूझकर किया गया अपमान) और एससी-एसटी एक्ट के तहत ममाला दर्ज किया गया है. शिक्षक अब तक लापता है.

    लड़के की मौत के कारण औरैया में सोमवार शाम से हिंसक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं. पुलिस के मुताबिक़ जब लड़के का शव परिवार को पोस्टमार्टम के बाद सौंपा गया तो स्कूल के सामने प्रदर्शनकारी जमा हो गए और जमकर नारेबाज़ी की. गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर भी फेंके.

    इसके बाद मौका-ए-वारदात पर पुलिस बल तैनात किया गया.

  16. गौतम अडानी ने कहा- ऊर्जा के क्षेत्र में एक दशक में 100 अरब डॉलर का निवेश करेंगे

    अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने कहा है कि वो आने वाले एक दशक में 100 अरब डॉलर का निवेश एनर्जी ट्रांजीशन स्पेस में करेंगे.

    अडानी ने सिंगापुर में फोर्ब्स ग्लोबल सीईओ कॉन्फ्रेंस में ये बात कही.

    उन्होंने कहा, "हम सोलर एनर्जी के मामले में दुनिया में सबसे आगे हैं और हम आगे विस्तार करना चाहते हैं. अडानी समूह अतिरिक्त 45 गीगावॉट हाइब्रिड पावर जनरेट कर अपने अक्षय ऊर्जा पोर्टफ़ोलियो को बढ़ाने की तैयारी में है."

    गौतम अडानी ने कहा कि भारत एक दिन ऊर्जा का शुद्ध निर्यातक बन सकता है और इसकी वजह ग्रीन हाइड्रोजन है.

    उन्होंने कहा, "अडानी ग्रुप ग्रीन हाइड्रोजन आधारित वैल्यू चेन में 70 अरब डॉलर निवेश करेगा."

  17. क्या यूरोप में हो रहा है दक्षिणपंथ का उभार

    धुर दक्षिणपंथी नेता जॉर्जिया मेलोनी, इटली की पहली महिला प्रधानमंत्री बनने जा रही हैं.

    मेलोनी इटली में दूसरे विश्व युद्ध के बाद अब तक की सबसे धुर दक्षिणपंथी सरकार बनाने की तैयारी कर रही हैं.

    उनकी पार्टी का नाम है ब्रदर्स ऑफ इटली, जो दो दूसरी राइट विंग पार्टियों के साथ गठबंधन सरकार बनाएगी.

  18. अभिनेत्री आशा पारेख को दादा साहब फाल्के पुरस्कार

    दादा साहब फाल्के अवॉर्ड के लिए इस साल जानी-मानी अभिनेत्री आशा पारेख को चुना गया है.

    आशा पारेख अब फिल्मों में काम नहीं करती हैं. फ़िल्मों में उन्होंने बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट काम करना शुरू किया था.

    हिंदी सिनेमा में वो 1952 से 1995 के बीच सक्रिय रहीं. करीब 79 साल की आशा पारेख ने शादी नहीं की.

    साल 1992 में भारत सरकार मे पद्मश्री पुरस्कार से नवाजा था.

    क्या है ये पुरस्कार

    दादा साहब फ़ाल्के पुरस्कार भारत में सिनेमा का सबसे बड़ा पुरस्कार माना जाता है.

    हर साल ये पुरस्कार राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार समारोह में दिया जाता है. यह पुरस्कार भारतीय सिनेमा में अभूतपूर्व योगदान के लिए दिया जाता है.

    इस अवॉर्ड में स्वर्ण कमल मेडल, शॉल और दस लाख रुपये दिए जाते हैं.

    पहला दादा साहब फाल्के पुरस्कार अभिनेत्री देविका रानी को दिया गया था. उन्हें भारतीय सिनेमा की पहली महिला कहा जाता है.

  19. सचिन पायलट की 2020 की 'बग़ावत' क्या उन पर पड़ रही भारी?

  20. पूर्व रूसी पीएम: ज़रूरत पड़ने पर रूस के पास परमाणु हथियार इस्तेमाल करने का अधिकार

    रूस के पूर्व प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति रह चुके डिमित्री मेदवेदेव ने कहा है कि अगर ज़रूरी हुआ तो रूस के पास परमाणु हथियार इस्तेमाल करने अधिकार होगा.

    मेदवेदेव इस समय रूसी सिक्योरिटी काउंसिल के डिप्टी चेयरमैन हैं.

    इससे पहले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने देश में आंशिक लामबंदी का एलान किया था. अब ख़बरें है कि रूस में बड़ी संख्या में लोगों को फौज में शामिल करवाया जा रहा.

    रूस के तल्ख़ तेवरों के बीच मेदवेदेव का ताज़ा बयान पश्चिम के लिए नया सिरदर्द बन सकता है.

    मेदवेदेव ने अपने बयान में कहा, "अगर हमें सीमाओं से धकेला गया तो हम परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करेंगे. और ये कोई कोरी धमकी नहीं है."

    उन्होंने कहा कि रूस के पास बिना किसी सलाह के अपने ऊपर हुए हमले का माकूल जवाब देने का अधिकार है.

    रूस और यूक्रेन के बीच इस वर्ष फरवरी से युद्ध छिड़ा हुआ है. अब पूर्वी यूक्रेन के वो इलाक़े जिन पर रूस ने कब्ज़ा कर लिया है वहाँ वो जनमत संग्रह करवा रहा है.

    अपने सियासी करियर के शुरू में लिबरल माने जाने वाले मेदवेदेव लगातार आक्रामक होते जा रहे हैं.

    मेदवेदेव साल 2008 से 2012 तक रूस के राष्ट्रपति रहे हैं. उसके बाद वे कई वर्षों तक रूस के प्रधानमंत्री भी रहे.