राजस्थान: नए मुख्यमंत्री के सवाल पर कांग्रेस में जमकर बवाल
सचिन पायलट के समर्थक विधायक उन्हें मुख्यमंत्री बनाने की मांग कर रहे हैं लेकिन अशोक गहलोत के समर्थक इसके लिए तैयार नहीं हैं.
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ब्रजेश मिश्र and चंदन शर्मा
ईरान से कर्नाटक तक: हिजाब या महिलाओं की पसंद का है मामला ?
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इमेज कैप्शन, 22 वर्षीय महसा अमीनी की तेहरान के एक अस्पताल में शुक्रवार को मौत हो गई
ईरान में महसा अमीनी की मौत के बाद पिछले नौ दिनों से विरोध प्रदर्शन जारी है. ये कहा जाए कि पूरा ईरान सड़कों पर है तो ग़लत नहीं होगा. 80 से ज़्यादा शहरों से विरोध प्रदर्शन की ख़बरें आ रहीं हैं.
इस दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़पों में कम से कम 35 लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों सामाजिक कार्यकर्ता और राजनीतिक विरोधी गिरफ़्तार कर लिए गए हैं.
एक अमेरिकी संस्था के मुताबिक़ सोमवार से अब तक क़रीब 11 पत्रकारों को भी हिरासत में लिया गया है.
देश के कई इलाक़ों में इंटरनेट सेवाएं या तो धीमी कर दी गईं हैं या पूरी तरह बंद हैं.
22 साल की महसा अमीनी की शुक्रवार (16 सितंबर) को मौत हो गई. उससे पहले वो तीन दिनों तक तेहरान के एक अस्पताल में कोमा में थीं.
जेडीयू, अकाली दल और शिवसेना ने लोकतंत्र बचाने के लिए बीजेपी का साथ छोड़ा: तेजस्वी यादव
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राष्ट्रीय जनता दल के नेता और बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने रविवार को कहा कि जनता दल यूनाइटेड, शिरोमणि अकाली और शिवसेना ने बीजेपी की अगुवाई वाले एनडीए का साथ संविधान और लोकतंत्र को बचाने के लिए छोड़ा.
पूर्व उपप्रधानमंत्री देवी लाल की जयंती मनाने के लिए बुलाई गई इनलोद (इंडियन नेशनल लोक दल) की रैली में तेजस्वी यादव ने बीजेपी पर झूठे दावे करने का आरोप लगाया.
उन्होंने कहा कि बीजेपी का मतलब 'बड़का झूठा पार्टी' होता है.
उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के पुर्णिया में अपनी हालिया रैली में शहर के एयरपोर्ट के बारे में कहा जबकि वहां कोई एयरपोर्ट है ही नहीं.
हरियाणा के फतेहाबाद शहर में आयोजित इस रैली में मंच पर बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू नेता नीतीश कुमार, शिरोमणि अकाली दल के सुखबीर सिंह बादल और शिवसेना के सांसद अरविंद सावंत भी मौजूद थे.
तेजस्वी ने अपने संबोधन में इस ओर ध्यान दिलाया कि ये सभी लोग एनडीए का हिस्सा था. लेकिन संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए उन्होंने सत्तारूढ़ गठबंधन का साथ छोड़ दिया.
तेजस्वी यादव बोले, "एनडीए अब कहा हैं?"
बांग्लादेश की पहली सरकार ने बंदूकों के साए के बीच शपथ ली थी- विवेचना
वीडियो कैप्शन, बांग्लादेश की पहली सरकार ने बंदूकों के साए के बीच शपथ ली थी- विवेचना
17 अप्रैल 1971 को बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने कड़ी सुरक्षा के बीच शपथ ली थी.
उसके एक दिन बाद पाकिस्तानी उप उच्चायोग के 65 बंगाली कर्मचारियों ने डिफेक्ट कर नई सरकार के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त की थी. पूरी कहानी बता रहे हैं रेहान फ़ज़ल विवेचना में.
अंकिता भंडारी की मौत का मामला: नाराज़ लोगों ने बद्रीनाथ-ऋषिकेश राजमार्ग किया जाम
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उत्तराखंड के श्रीनगर में अंकिता भंडारी की हत्या से नाराज़ लोगों
ने रविवार को बद्रीनाथ-ऋषिकेश राजमार्ग जाम कर दिया है.
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, नाराज़ लोगों की मांग
है कि अंकिता के शव की पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए और अपराधियों को मौत
की सज़ा दी जाए.
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ख़बर के अनुसार, प्रशासन जाम खुलवाने की कोशिशें कर रहा है. वहीं अंकिता के दाह संस्कार के पहले श्रीनगर में रविवार को दुकानें पूरी तरह बंद हैं.
इससे पहले, अंकिता के परिजनों ने पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट की मांग करते हुए शव का दाह संस्कार कराने से मना कर दिया. हालांकि प्रशासन अंकिता के परिजनों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं.
अंकिता भंडारी के भाई अजय सिंह भंडारी ने बताया, ‘‘हमने प्रोविज़नल रिपोर्ट देखी है, जिसमें बताया गया है कि उन्हें पीटने के बाद नदी में फेंक दिया गया. हालांकि हम अंतिम रिपोर्ट की प्रतीक्षा कर रहे हैं.’’
सोनिया गांधी से नीतीश-लालू की मुलाक़ात विपक्षी एकता के लिए कितनी अहम?
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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राजद नेता लालू प्रसाद यादव रविवार (25 सितंबर) को दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाक़ात करेंगे. ख़बरों के मुताबिक़ ये मुलाक़ात रविवार शाम को होगी.
इससे पहले 2015 में नीतीश और सोनिया के बीच मुलाक़ात हुई थी. उसी समय बिहार में महागठबंधन का पहला प्रयोग शुरू हुआ था.
जेडीयू ने सोनिया गांधी से मुलाक़ात को 2024 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए को एक शिष्टाचार मुलाक़ात बताया है. वहीं लालू प्रसाद यादव ने बयान दिया है कि तीनों नेता विपक्षी एकता को बढ़ाने के लिए जल्द ही मिलने वाले हैं.
नीतीश कुमार और सोनिया गांधी के बीच ये मुलाक़ात ऐसे वक़्त पर हो रही है जब कांग्रेस की राजनीति में एक बड़ा बदलाव दिख रहा है. संभावना यह भी है कि जल्दी ही कांग्रेस को गांधी परिवार के बाहर से कोई अध्यक्ष मिल सकता है.
बेंगलुरु में एयरफोर्स के 6 अफ़सरों पर लगा साथी कैडेट की 'हत्या करने' का आरोप
इमेज कैप्शन, 27 साल के अंकित झा को एयर फोर्स टेक्निकल काॅलेज यानी एएफटीसी के एक कमरे में फांसी से लटकते पाया गया
कर्नाटक के बेंगलुरु में भारतीय वायुसेना के छह अफ़सरों पर अपने साथी कैडेट की हत्या का आरोप लगा है. पुलिस के एक अधिकारी
ने बताया है कि इन अफसरों के खिलाफ़ ‘कोर्ट ऑफ़ इन्क्वायरी’ की प्रक्रिया शुरू की गई
है.
समाचार एजेंसी पीटीआई
ने पुलिस के हवाले से बताया है कि 27 साल के अंकित झा को एयर फोर्स टेक्निकल काॅलेज
यानी एएफटीसी के एक कमरे में फांसी से लटकते पाया गया.
पुलिस को संदेह है
कि यह मौत चार से पांच दिन पहले हुई होगी. अंकित झा एयरफोर्स के एक ट्रेनिंग कैडेट
थे.
अंकित झा के भाई
अमन झा की शिक़ायत पर पुलिस ने छह अफसरों के खि़लाफ़ बेंगलुरू के गंगामाना गुडी पुलिस
स्टेशन में शनिवार को मामला दर्ज किया गया है.
शिक़ायत में सुबूतों
के साथ छेड़छाड़ करने का भी आरोप लगाया गया है.
हालांकि अभी तक जिन
लोगों पर हत्या में शामिल होने के आरोप लगाए गए हैं, उन्हें गिरफ़्तार नहीं किया
गया है. वैसे भारतीय वायुसेना ने जांच में सहयोग करने का भरोसा दिया है.
एक सीनियर पुलिस
अफसर ने बताया कि इस मौत की वजह अभी तक पता नहीं चल सकी है और जांच अभी भी जारी है.
उनके अनुसार, जांच आगे बढ़ाने के लिए फ़िलहाल पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट का इंतज़ार किया जा रहा
है.
झूलन गोस्वामी: नज़र आख़िरी अंतरराष्ट्रीय मैच पर
वीडियो कैप्शन, भारत की तेज़ गेंदबाज़ झूलन गोस्वामी ले रही हैं संन्यास
उत्तर कोरिया ने समंदर में दागी बैलिस्टिक मिसाइल: दक्षिण कोरिया
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दक्षिण कोरिया के मिलिट्री अधिकारियों का कहना है कि उत्तर कोरिया ने पूर्वी तट के पास संदिग्ध बैलिस्टिक मिसाइल दागी हैं. इसे जून महीने के बाद उत्तर कोरिया का पहला परीक्षण बताया जा रहा है.
एक अमेरिकी युद्धपोत के युद्धाभ्यास के लिए दक्षिण कोरिया पहुंचने के बाद उत्तर कोरिया के मिसाइल टेस्ट की ये ख़बर आई है.
दूसरी तरफ़, आने वाले दिनों में अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस की दक्षिण कोरिया यात्रा का कार्यक्रम है.
दक्षिण कोरिया ने कहा है कि ये मिसाइल टेस्ट उकसावे की कार्रवाई है.
उत्तर कोरिया के बैलिस्टिक और परमाणु हथियारों के परीक्षण करने पर संयुक्त राष्ट्र ने पाबंदी लगा रखी है.
दक्षिण कोरिया की मिलिट्री ने बताया कि स्थानीय समयानुसार सुबह के सात बजे से ठीक पहले एक शॉर्ट रेंज की मिसाइल दागी गई है.
साउथ कोरिया के मिलिट्री की ओर से जारी बयान में कहा गया है, "हमारी सेना पूरी तरह से तैयार है और अमेरिका के साथ क़रीबी सहयोग कर रहे हैं. हम निगरानी भी मजबूत कर रहे हैं."
जापान के कोस्ट गार्ड ने भी इस टेस्ट की पुष्टि की है. जापान के रक्षा मंत्री ने कहा कि उत्तर कोरिया की मिसाइल जापान के एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक ज़ोन के बाहर समुद्र में गिरी है.
हार नहीं मानने वालों के लिए सुनीता मल्हान मिसाल हैं
वीडियो कैप्शन, हार नहीं मानने वालों के लिए सुनीता मल्हान मिसाल हैं
हरियाणा के रोहतक की रहने वाली सुनीता मल्हान 21 साल की थीं जब एक हादसे ने उनके दोनों हाथ छीन लिए.
उस हादसे के बाद उनकी शादी टूट गई. लेकिन सुनीता ने हालात के सामने हार न मानने का फैसला किया.
यूक्रेन के राष्ट्रपति ने क्यों कहा- इसराइल की इस नाकामी पर हैरान हूं
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इमेज कैप्शन, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की
यूक्रेन
के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने शनिवार को कहा कि रूस के हमलों से बचने के
लिए एंटी मिसाइल सिस्टम न दे पाने की इसराइल की नाकामी पर वो ‘हैरान’ हैं.
समाचार
एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, फरवरी में युद्ध शुरू होने के बाद से ही ज़ेलेंस्की हथियारों
की मांग कर रहे हैं.
उन्होंने गज़ा में फलस्तीनी चरमपंथियों के रॉकेट इंटरसेप्ट
करने में इस्तेमाल होने वाले इसराइल के इरोम डोम सिस्टम का ज़िक्र किया है.
उन्होंने कहा, "मुझे नहीं पता कि इसराइल को
क्या हुआ. सच कहूं तो मैं बिल्कुल हैरान हूं क्योंकि मुझे समझ नहीं आ रहा कि
उन्होंने हमें एयर डिफ़ेंस सिस्टम क्यों नहीं दिया."
ज़ेलेंस्की ने एक फ्रांसीसी पत्रकार को दिए इंटरव्यू के
दौरान यह कहा. उनके कार्यालय ने शनिवार को इस इंटरव्यू की रिकॉर्डिंग
जारी की.
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ज़ेलेंस्की के शब्द इस बार काफ़ी कड़े थे. इसके पहले उन्होंने मार्च में हथियार भेजने की इसराइल की अनिच्छा पर नाराज़गी जताई थी.
उस समय इसराइल बिल्कुल गैर-प्रतिबद्ध था और कहा था कि जितना हो सकेगा वो यूक्रेन की मदद करेगा.
इसराइल ने यूक्रेन पर हमले को लेकर रूस की आलोचना की थी. लेकिन इस बात से भी सावधान रहना चाहता है कि रूस के साथ संबंध तनावपूर्ण न हों. क्योंकि रूस सीरिया में दखल रखता है जहां इसराइली सेनाएं लगातार ईरान समर्थित मिलिशिया पर हमले करता रहा है.
ज़ेलेंस्की ने कहा, "मैं सीरिया और रूस के मामले में उनकी मुश्किल समझ सकता हूं. और उन पर कोई इल्ज़ाम नहीं लगा रहा."
उन्होने कहा, "मैं सिर्फ़ तथ्य रख रहा हूं. इसराइली नेतृत्व से मेरी बातचीत से यूक्रेन को कोई मदद नहीं मिली."
भारत-पाकिस्तान क्या चीन से सबक लेकर एक साथ आ पाएंगे?
वीडियो कैप्शन, भारत-पाकिस्तान क्या चीन से सबक लेकर एक साथ आ पाएंगे?
भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव से हर कोई वाकिफ है, इन दोनों पड़ोसी मुल्कों के बीच व्यापार भी रुका हुआ है.
दोनों ही देशों की जनता महंगाई से परेशान है लेकिन फिर भी सीमापार से होने वाला व्यापार का रास्ता नहीं खुल रहा. वहीं भारत की चीन के साथ भी तनातनी रहती है लेकिन इन दोनों देशों के बीच व्यापार का रास्ता कभी बंद नहीं हुआ.
ऐसे में क्या भारत और पाकिस्तान चीन से सबक लेकर आपसी रिश्तों को सुधार सकते हैं. इसी मुद्दे पर अपनी ख़ास टिप्पणी कर रहे हैं पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार वुसअतुल्लाह ख़ान.
रॉबर्ट वाड्रा की माफी पर कोर्ट ने दी वॉर्निंग, जानें पूरा मामला क्या है
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दिल्ली के राउज़ एवेन्यू कॉम्प्लेक्स स्थित सीबीआई कोर्ट ने कारोबारी रॉबर्ट वाड्रा के बिना शर्त मांगी गई माफी को स्वीकार कर लिया है.
समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, रॉबर्ट वाड्रा ने ये माफी अदालत द्वारा विदेश जाने के लिए दी गई इजाजत की शर्तों के उल्लंघन करने पर मांगी थी.
हालांकि स्पेशल सीबीआई जज नीलोफर आबिदा परवीन ने शनिवार को दिए अपने आदेश में रॉबर्ट वाड्रा को भविष्य के लिए सावधान रहने की भी वॉर्निंग दी है.
दरअसल, इस मामले में रॉबर्ट वाड्रा को 12 अगस्त, 2022 कगो दुबई के रास्ते ब्रिटेन, इटली और स्पेन जाने की इजाजत दी गई थी.
रॉबर्ट वाड्रा की ओर से ये कहा गया कि मेडिकल वजहों से उन्हें चार दिन दुबई में रुकना पड़ा था.
उन्हें विदेश यात्रा की शर्तों के उल्लंघन के लिए कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था हालांकि अब कोर्ट ने उस नोटिस का निपटारा कर दिया है.
मनमोहन सिंह एक असाधारण व्यक्ति, लेकिन उस दौरान भारत ठप हो गया था: नारायण मूर्ति
वीडियो कैप्शन, "डॉ. मनमोहन सिंह एक असाधारण व्यक्ति, लेकिन उस दौरान भारत ठप हो गया था" - नारायण मूर्ति
आईटी कंपनी इंफोसिस के सह-संस्थापक नारायण मूर्ति ने मनमोहन सिंह पर अपने विचार रखे.
आईआईएम अहमदाबाद के एक कार्यक्रम में वो युवाओं से बातचीत कर रहे थे.
उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार के दौरान भारत तेज़ी से फैसले नहीं ले रहा था.
जर्मन चांसलर के सऊदी अरब दौरे की वजह क्या है?
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इमेज कैप्शन, जर्मनी के चांसलर ओलाफ़ शॉल्त्स और सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान
सऊदी अरब के दौरे पर पहुंचे जर्मनी के चांसलर ओलाफ़
शॉल्त्स ने शनिवार को क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से मुलाक़ात की.
समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार, यूक्रेन पर रूस के हमले
की वजह से प्रभावित हुई सप्लाई को ठीक करने के लिए जर्मनी के चांसलर खाड़ी देशों
के साथ नई एनर्जी पार्टनरशिप के लिए इच्छुक हैं.
सऊदी अरब की इसमें ख़ास भूमिका है क्योंकि इस क्षेत्र
में वो तेल का बड़ा निर्यातक है और इसलिए जर्मनी के चांसलर क्राउन प्रिंस के साथ रिश्ते
मज़बूत करना चाहते हैं.
सरकार के सूत्रों के मुताबिक, जर्मनी नई तकनीकों को
बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रहा है, जैसे नवीकरणीय ऊर्जा का इस्तेमाल कर ग्रीन
हाइड्रोजन बनाना, जिसे जर्मनी खाड़ी देशों से भारी मात्रा में आयात कर सके.
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जर्मन चांसलर के दौरे पर सवाल भी उठे
चांसलर ओलाफ़ शॉल्त्स ने कहा कि उन्होंने क्राउन प्रिंस से बातचीत के दौरान यूक्रेन का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा, "मैंने यह स्पष्ट तौर पर कहा है कि अपनी संप्रभुता और अखंडता बचाने में यूक्रेन की मदद करना महत्वपूर्ण है और हम वो जारी रखेंगे."
जर्मन चांसलर की क्राउन प्रिंस से मुलाक़ात पर सवाल भी उठे हैं क्योंकि जर्मनी जमाल खाशोज्जी की हत्या के मामले में मुखर रहा है. जमाल खाशोज्जी की हत्या साल 2018 में इस्तांबुल में हुई थी. इस हत्या के मामले में क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान पर भी गंभीर आरोप लगे.
हालांकि जर्मन चांसलर ने अपने दौर से पहले कहा कि खाशोज्जी की हत्या के मामले में जर्मनी का रुख अब भी वही रहेगा, उसमें कोई बदलाव नहीं आएगा.
सऊदी अरब के बाद ओलाफ़ शॉल्त्स संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के लिए रवाना हुए. यहां वो यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन ज़ायेद अल नाहयान से मुलाक़ात करेंगे.
ब्रिटेन का लेस्टर ऐसा तो नहीं था फिर हिन्दू-मुसलमान कैसे हुआ?
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कई दशकों से ब्रिटेन के लेस्टर की पहचान एक शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण शहर की थी लेकिन हाल के दिनों में हिंदू-मुस्लिम तनाव के बाद इस शहर के सौहार्द पर सवाल उठने लगे हैं.
1951 की जनगणना के मुताबिक़ दक्षिण एशिया से संबंध रखने वाले सिर्फ़ 624 लोग यहाँ रहते थे. अब 70 सालों के बाद इस शहर में ब्रिटिश साउथ एशियन सबसे अधिक जनसंख्या वाले समुदायों में से एक हैं.
जंग के बाद भारतीय उप महाद्वीप से मुख्य तौर पर दो मौक़ों पर लोगों ने यहां का रुख किया और ये जनगणना से पहले हुआ.
सबसे पहला मौक़ा था 1947 में, जब भारत विभाजन के बाद पाकिस्तान बना. धार्मिक हिंसा के बीच 10 से 12 करोड़ लोग विस्थापित हुए. इसके अलावा 1948 में ब्रिटिश नेशनल एक्ट के तहत कॉमनवेल्थ नागरिकों को ब्रिटेन में कहीं भी जा कर बसने का अधिकार था.
संयुक्त राष्ट्र में भारत और ब्राज़ील की इस मांग के समर्थन में आया रूस
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इमेज कैप्शन, रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोफ़
रूस
ने भारत और ब्राज़ील को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य बनाने की
मांग का समर्थन किया है. रूस का कहना है कि दोनों देश ‘योग्य उम्मीदवार’ हैं.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, यूएनजीए की 77वीं बैठक
में रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोफ़ ने भारत की मांग का समर्थन किया.
यूएनजीए में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के भाषण से
पहले रूसी विदेश मंत्री ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा
परिषद को समकालीन वास्तविकताओं से जोड़ना होगा.
उन्होंने कहा, ‘‘रूस
चाहता है कि यूएनएससी
को अधिक लोकतांत्रिक बनाया जाए ख़ासकर इसमें अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिकी
देशों का प्रतिनिधित्व बढ़ाया जाना चाहिए.’’
‘‘हम देख सकते हैं कि भारत और ब्राज़ील, ये देश अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहद
महत्वपूर्ण हैं और काउंसिल के स्थायी सदस्य बनने के लिए योग्य उम्मीदवार हैं. ’’
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लंबे समय से उठ रही है मांग
भारत उन देशों में से एक है जो लंबे समय से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधारों की मांग उठाते रहे हैं.
वर्तमान में यूएनएससी में पांच स्थायी और 10 अस्थायी सदस्य हैं, जिनका चुनाव संयुक्त राष्ट्र की आम सभा हर दो साल में करती है.
पांच स्थायी सदस्यों में रूस, ब्रिटेन, चीन, फ्रांस और अमेरिका शामिल हैं और ये देश किसी भी रेजोल्यूशन पर वीटो का इस्तेमाल कर सकते हैं.
यूएनएससी में स्थायी सदस्यों की संख्या बढ़ाने की मांग लंबे समय से चल रही है ताकि समकालीन वैश्विक वास्तविकता को दर्शाया जा सके.
रूसी विदेश मंत्री ने कहा, ‘’भारत और ब्राज़ील का नाम लेने की वजह यह है कि इन देशों ने लंबे समय से स्थायी सदस्यता की उम्मीदवारी को आधिकारिक तौर पर आगे बढ़ाया है.’’
सुरक्षा परिषद में भारत की अस्थायी सदस्य दिसंबर में ख़त्म होगी. इसी महीने में भारत संयुक्त राष्ट्र संघ के अध्यक्ष के तौर पर भी काम करेगा.
जयशंकर की यूएन में खरी-खरी पर रूस ने भारत के लिए कही अहम बात
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संयुक्त राष्ट्र महासभा में शनिवार को भारत की ओर से विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रूस-यूक्रेन युद्ध से लेकर वैश्विक अर्थव्यवस्था और भारत को संयुक्त राष्ट्र में बड़ी ज़िम्मेदारी चाहने पर अपनी बात रखी.
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपने भाषण की शुरुआत में भारत की आज़ादी के 75 वर्ष पूरे होने का ज़िक्र किया. इसके बाद उन्होंने अपने 16 मिनट के बेहद कसे हुए भाषण में भारत की कूटनीति को लेकर कई बड़े संकेत दिए.
उन्होंने इशारों-इशारों में भारत की सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता की पुरानी मांग को भी उठाया लेकिन दिलचस्प बात यह भी रही कि रूस के विदेश मंत्री ने भी संयुक्त राष्ट्र में भारत को सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य बनाने की अपील कर दी.
हालांकि, जयशंकर ने रूस-यूक्रेन युद्ध के दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर का ज़िक्र करते हुए कहा कि इससे तेल, खाद्य और उर्वरक की उपलब्धता पर असर होगा और इसकी क़ीमतें बढ़ेंगी.
ब्रेकिंग न्यूज़, 'मन की बात' में पीएम मोदी का एलान, चंडीगढ़ एयरपोर्ट का नाम अब शहीद भगत सिंह एयरपोर्ट होगा
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में रविवार को ये एलान किया कि चंडीगढ़ एयरपोर्ट का नाम अब शहीद भगत सिंह एयरपोर्ट होगा.
उन्होंने कहा, "28 सितंबर को अमृत महोत्सव का एक विशेष दिन आ रहा है. इस दिन हम भारत मां के वीर सपूत भगत सिंह जी का जन्मदिन मनाएंगे. भगत सिंह जी की जयंती के ठीक पहले उन्हें श्रद्धांजलि स्वरूप एक महत्वपूर्ण निर्णय किया है. यह तय किया है कि चंडीगढ़ एयरपोर्ट का नाम अब शहीद भगत सिंह जी के नाम पर रखा जाएगा."
"शहीदों के स्मारक, उनके नाम पर स्थानों और संस्थानों के नाम हमें कर्तव्य के लिए प्रेरणा देते हैं. अभी कुछ दिन पहले ही देश ने कर्तव्यपथ पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मूर्ति की स्थापना के जरिए भी ऐसा ही एक प्रयास किया है और अब शहीद भगत सिंह के नाम से चंडीगढ़ एयरपोर्ट का नाम इस दिशा में एक और कदम है."
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अंकिता भंडारी मर्डर केस: उनके वॉट्सऐप चैट में क्या मिला
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उत्तराखंड के अंकिता भंडारी मर्डर केस में शनिवार को एक नहर से पुलिस ने छह दिन बाद शव बरामद कर लिया.
19 साल की अंकिता लक्ष्मण झूला इलाक़े में एक रिसॉर्ट की रिसेप्शनिस्ट थीं और बीते छह दिनों से लापता थीं. इस मामले में शुक्रवार को पुलिस ने रिसॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य को गिरफ़्तार कर लिया था वो राज्य के पूर्व मंत्री विनोद आर्य के बेटे हैं.
पुलकित के अलावा इस मामले में रिसॉर्ट के मैनेजर सौरभ भास्कर और एक अन्य व्यक्ति को गिरफ़्तार किया गया है.
द इंडियन एक्सप्रेसअख़बार से बातचीत में उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार ने कहा है कि पुलिस को ऐसे सुबूत मिले हैं जो बताते हैं कि अभियुक्त अंकिता पर रिसॉर्ट में आने वाले कुछ मेहमानों को 'स्पेशल सर्विस' देने का दबाव डाल रहे थे, जिसका विरोध करने पर उनकी हत्या कर दी गई.
अंकिता भंडारी की मौत का मामला: परिवार ने शव का अंतिम संस्कार करने से किया इनकार
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इमेज कैप्शन, अंकिता भंडारी का शव चिल्ला कनाल से बरामद किया गया
अंकिता भंडारी की मौत के मामले में रविवार को उस वक़्त एक नया मोड़ आया जब उनके घरवालों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया.
अंकिता के घरवालों की मांग है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की जानकारी उन्हें भी दी जाए.
समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, प्रशान अंकिता के परिजनों को मनाने की कोशिश कर रहा है.
अंकिता भंडारी के भाई अजय सिंह भंडारी ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "हम उसकी अंत्येष्टि नहीं करेंगे जब तक कि हमें पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट नहीं दिया जाएगा. हमने शुरुआती रिपोर्ट में देखा है कि उसे मारा-पीटा गया था और नदी में फेंक दिया गया था. लेकिन हम अंतिम रिपोर्ट का इंतज़ार कर रहे हैं."
अंकिता की मौत की परिस्थितियों की जांच के लिए गठित की गई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने रविवार को बताया कि उनके व्हॉट्सऐप चैट की भी जांच की जा रही है.