चीन और रूस ने यूएन महासभा में इन्हें निशाने पर लिया
संयुक्त राष्ट्र आम सभा (UNGA) की बैठक में शनिवार को यूक्रेन में चल रहे युद्ध रोकने पर ज़ोर दिया गया.
हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन यूक्रेन को नए सहायता पैकेज और फंड की घोषणा की.
वहीं चीन और रूस ने अपने भाषण में अमेरिका का ज़िक्र किया.
चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने अमेरिका की ओर इशारा करते हुए कहा कि ‘संरक्षणवाद को सिर्फ बढ़ावा दिया जा रहा है. साथ ही यह उम्मीद भी जताई कि अमेरिका चीन के साथ बड़े व्यापारिक रिश्ते को तोड़ेगा नहीं.
वांग यी ने अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन से यूएनजीए की बैठक से अलग से मुलाक़ात की.
इस बैठक में चीन का मुख्य फोकस ताइवान मुद्दे पर था.
वहीं, चीनी विदेश मंत्री ने बताया कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने हाल के दिनों में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से कहा है कि यूक्रेन में चल रहे युद्ध से वो ख़ुश नहीं हैं.
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुतिन से कहा था कि यह समय युद्ध का नहीं है. पीएम मोदी के इस बयान की काफ़ी सराहना हुई और दुनिया के शीर्ष नेताओं ने इस बात का समर्थन भी किया कि यूक्रेन में युद्ध बंद होना चाहिए.
यूएनजीए की बैठक में वांग यी ने कहा, ‘‘चीन यूक्रेन संकट के शांतिपूर्ण समाधान के लिए सारे प्रयासों का समर्थन करता है. पहली प्राथमिकता शांति के लिए वार्ता करवानी है. सभी पक्षों की जो सुरक्षा चिंताएं हैं उनका मौलिक समाधान होना चाहिए.’’
यूक्रेन का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘’राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सभी देशों की क्षेत्रीय संप्रभुता को बरकरार रखने के लिए समान, व्यापक और सतत सुरक्षा के फॉर्मूले को अपनाने पर ज़ोर दिया है.’’
रूस के विदेश मंत्री ने क्या कहा?
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोफ़ यूएनजीए की बैठक में और बाद में मीडिया से बातचीत में कहा कि यूक्रेन में चल रहे युद्ध को रोकने के लिए बातचीत की शुरुआत रूस नहीं करेगा.
उन्होंने कहा कि ‘‘पश्चिमी देशों में रूसोफ़ोबिया बेहद अजीब तरह से फैला है और यह विचित्र स्थिति है.‘’
यह बयान तब ऐसे वक़्त में आया है जब रूस ने नए सिरे से यूक्रेन पर हमले की तैयारी की है और कई शहरों पर हमले तेज़ कर दिए हैं. इसके साथ ही जिन शहरों में रूस का कब्ज़ा है वहां जनमत संग्रह कराया जा रहा है कि क्या वो रूस के साथ रहना चाहते हैं.
यूएनजीए में अपने भाषण में लावरोफ़ ने अमेरिका को निशाने पर लिया. उन्होंने कहा कि पश्चिमी देश हर तरह से रूस को तोड़ना चाहते हैं और उसे विश्व के नक्शे से हटा देना चाहते हैं.
रूसी विदेश मंत्री ने कहा,‘‘संयुक्त राष्ट्र का गठन मानवता को स्वर्ग में ले जाने के लिए नहीं हुआ था, इसका गठन इंसानियत को नर्क में जाने से बचाने के लिए हुआ था.’’